samacharsecretary.com

वृंदावन त्रासदी का दर्द: 10 पंजाबी श्रद्धालुओं की मौत, CM ने परिवारों को बंधाया ढांढस

लुधियाना/वृंदावन. वृंदावन में नाव हादसे में लुधियाना और जगराओं के 10 लोगों की मौत हो गई। शव घर पहुंचने पर मातम छा गया। कई लोग अभी लापता हैं और बचाव अभियान जारी है। दूसरी ओर जगराओं में भी पांच लोगों- कविता बहल, चरणजीत, मधुर बहल, पिंकी बहल और ईशान कटारिया—के शव पहुंचने से इलाके में मातम पसरा हुआ है। यहां भारी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए हैं। गीता कॉलोनी में शोक की स्थिति बनी हुई है और परिवारों में विलाप जारी है। इस दौरान सीएम भगवंत मान भी विलाप करने के लिए चरणजीत बहल के निवास पर पहुंचे। दोपहर बाद होगा अंतिम संस्कार जानकारी के अनुसार, दुगरी फेस दो से दस लोग वृंदावन में मंदिर दर्शन के लिए गए थे। इस दौरान यमुना नदी में नाव पलटने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब उनके शव घर पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ अन्य के शव अभी आने बाकी बताए जा रहे हैं। दोपहर बाद मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसे में मीनू बंसल के बेटे निखिल बंसल ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसकी बहन डिंकी बंसल अभी तक लापता है और उसका नाम लापता लोगों की सूची में भी नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द तलाश करने की अपील की है। पंजाब से तकरीबन 130 लोग गए थे वृंदावन बताया जा रहा है कि दो बसों में करीब 130 लोग इस धार्मिक यात्रा पर गए थे। इनमें से 90 लोग जगराओं और बाकी अन्य शहरों के निवासी थे। हादसे में बचने वाले लोग वापस अपने घर लौट आए हैं और यात्रा को बीच में ही रोक दिया गया है। प्रशासन के अनुसार अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि पांच लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी है और सेना के जवान भी इसमें जुटे हुए हैं। पुलिस ने नाव चालक पप्पू निषाद को हिरासत में ले लिया है, जो हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का फतेहगढ़ साहिब दौरा, मथुरा घटना पर दुख व्यक्त कर सख्त कार्रवाई का किया वादा

फतेहगढ़ साहिब  पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आज शनिवार ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी की महान शहादत को नमन किया। राज्यपाल ने गुरुद्वारा साहिब के मुख्य दरबार में अरदास की और पूरे विश्व में शांति, भाईचारे तथा मानवता की भलाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब की पावन धरती न केवल पंजाब, बल्कि पूरे देश और विश्व के लिए प्रेरणा का केंद्र है। यहां की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े रहने तथा सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों और गुरुद्वारा प्रबंधन ने राज्यपाल को सिरोपाओ और श्री साहिब भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और सिख इतिहास की महान परंपराओं की सराहना की। मथुरा दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया मीडिया से बातचीत के दौरान राज्यपाल कटारिया ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में हाल ही में हुई घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और इससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सिख इतिहास के महान बलिदानियों को नमन किया उन्होंने कहा कि प्रशासन का कर्तव्य है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे। राज्यपाल ने लोगों से भी अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। राज्यपाल के इस दौरे को श्रद्धा और संवेदना के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां उन्होंने सिख इतिहास के महान बलिदानों को नमन किया, वहीं दूसरी ओर मथुरा की घटना पर दुख व्यक्त कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और न्याय का भरोसा दिलाया।

खेतों पर संकट के बादल: मौसम विभाग की चेतावनी, गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान संभव

चंडीगढ़. पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ली है। एक तरफ गेहूं की फसल पूरी तरह पक कर कटाई के लिए तैयार है, तो दूसरी तरफ भारी वर्षा और आंधी-तूफान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी सुनहरी फसल अब भीगने लगी है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका बन गई है। खेतीबाड़ी माहिर डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि इस समय बारिश किसानों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि गेहूं का दाना अब पूरी तरह पक चुका होता है और कटाई का समय भी आ गया है। ऐसे में बारिश से दाने की क्वालिटी और पैदावार दोनों पर असर पड़ता है। गेहूं की फसल को नुकसान खेतों में पानी भरने और अंकुरण की समस्या वर्षा के कारण खेतों में पानी भरने की समस्या भी सामने आती है। जहां पानी निकलने की सही सुविधा नहीं होती, वहां फसल लंबे समय तक भीगी रहती है। इससे गेहूं के दानों में अंकुरण हो सकता है, जिससे बाजार में कीमत काफी कम हो जाती है। डॉ. राकेश ने कहा कि लगातार नमी की वजह से अनाज का रंग फीका पड़ जाता है आर वजन भी कम हो जाता है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल कम दाम मिलते हैं, जिसका सीधा असर उनकी इनकम पर पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि मौसम साफ होने पर तुरंत कटाई शुरू कर देनी चाहिए। किसान मदन लाल व धर्म चन्द ने कहा कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है, लेकिन लगातार बारिश की वजह से फसल गिरने का खतरा बन गया है। बारिश की वजह से खेतों में बढ़ी नमी उनके मुताबिक, अगर फसल गिर गई तो कटाई मुश्किल होगी और अनाज भी खराब हो जाएगा, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसी तरह, किसान संगठन ने भी कहा कि बारिश की वजह से खेतों में नमी बढ़ रही है, जिससे बीज अंकुरित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बीज अंकुरित हुए तो उन्हें बाजार में सही दाम नहीं मिलेगा और सारी मेहनत बेकार हो सकती है।

80% तक मिलावट का दावा, चन्नी बोले—मिलावटखोरों पर लगे हत्या के प्रयास का मुकदमा

जालंधर. लोकसभा सदस्य एवं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने देश में नकली डेयरी उत्पादों की बिक्री पर चिंता जताई है। चन्नी ने नकली डेयरी उत्पादों से होने वाले जान-माल के नुकसान, इसकी जांच प्रक्रिया को आसान बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त सजा की भी मांग की है। उन्होंने कहा, दूध माफिया यूरिया, डिटर्जेंट पाउडर और अन्य जहरीले पदार्थों के इस्तेमाल से नकली दूध बना रहे हैं। इससे देशवासी भयानक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। चन्नी ने नकली दूध के कारण डेयरी फार्मिंग के लिए भी चिंता का समय है। उन्होंने कहा कि नकली दूध सस्ता होने के कारण असली दूध की कीमतों को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा कानून नरम और कम जुर्माने वाला होने के कारण डेयरी माफिया का इस पर असर नहीं होता। नकली डेयरी उत्पादों से किसी की जान तक जा सकती है, जिस कारण यह एक तरह से इरादा-ए-कत्ल (हत्या के प्रयास) जैसा संगीन अपराध है। इसलिए सजा और सख्त तथा जुर्माना और बड़ा होना चाहिए। सांसद चन्नी ने कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन और सहकारिता के लिए संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में सुझाव देते हुए कहा कि सरकार को डेयरियों और दूध के बूथों पर तुरंत चेकिंग करने वाली मशीनें लगानी चाहिए।

दुष्कर्म मामलों में कड़ा संदेश: नाबालिग पीड़िता होने पर बढ़ेगी दोषी की सजा—HC का बड़ा फैसला

चंडीगढ़. पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने बच्चों के साथ दुष्कर्म मामलों में सजा तय करने के लिए एक नया मानक प्रस्तुत किया है। कोर्ट ने कहा कि पीड़ित की उम्र जितनी कम होगी, अपराध की सजा उतनी अधिक होनी चाहिए। साथ ही, अपराधियों की संख्या बढ़ने पर सजा और कठोर होगी। मामला लुधियाना में चार साल सात महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है। आरोपित 28 वर्षीय सोनू सिंह ने बच्ची को उसके दादा की चाय की दुकान से बहला-फुसलाकर ले जाकर यह जघन्य अपराध किया था। ट्रायल कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। मामला हाई कोर्ट में मौत की सजा की पुष्टि और आरोपित की अपील के रूप में पहुंचा। जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने कहा कि भारत में पोक्सो मामलों में सजा तय करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं, जिससे फैसलों में असंगति आती है। इसी कमी को दूर करने के लिए कोर्ट ने मानक तैयार किया। इसके तहत सजा तय करने का आधार सहमति की कानूनी उम्र को माना जाएगा। जैसे-जैसे पीड़ित की उम्र इस आधार से कम होती जाएगी, सजा बढ़ती जाएगी। यदि अपराध में एक से अधिक आरोपित हों, तो सजा और कठोर होगी। कोर्ट ने पाया कि पीड़िता की उम्र पांच साल से कम थी और आरोपित अकेला था। इस आधार पर दुष्कर्म के लिए 25 साल के कठोर कारावास को कोर्ट ने उचित माना। हत्या के लिए आजीवन कारावास दिया गया, जिसमें कम से कम 50 साल तक बिना किसी रिमिशन के जेल में रहना अनिवार्य होगा। हाई कोर्ट ने सबूतों के आधार पर दोषसिद्धि बरकरार रखी लेकिन यह भी कहा कि हत्या पूर्वनियोजित नहीं थी, बल्कि दुष्कर्म के सुबूत मिटाने के लिए घबराहट में की गई थी। इसी आधार पर इसे “रेयरेस्ट आफ रेयर” की श्रेणी में न रखते हुए मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया।

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: 78% प्री-SIR का काम पूरा, डबल वोटर कार्ड पर सख्ती से होगी कार्रवाई

अमृतसर  पंजाब में फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में दैनिक ट्रिब्यून ने राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया जारी है। प्री-एसआईआर एक्सरसाइज के तहत अब तक करीब 78 प्रतिशत क्षेत्र को कवर किया जा चुका है। राज्य में कुल 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 521 मतदाता हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने मतदाता विवरण सही तरीके से अपडेट करें और बीएलओ (Booth Level Officer) के साथ सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति के पास दो वोटर कार्ड पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें एक साल तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मतदाता 2003 की मतदाता सूची के जरिए अपनी डिटेल्स को सत्यापित कर सकते हैं। इसके लिए Election Commission of India के आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर पुरानी वोटर लिस्ट देखी जा सकती है। अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची में नहीं मिलता है, तो वे अपने परिवार के सदस्यों जैसे माता-पिता या दादा-दादी की जानकारी के माध्यम से लिंकेज स्थापित कर सकते हैं, जो एसआईआर प्रक्रिया में मददगार साबित होगा।

कमल कौर भाभी की हत्या का आरोपी गिरफ्तार, UAE से डिपोर्ट कर पंजाब लाया गया अमृतपाल मेहरा

बठिंडा पिछले साल बठिंडा में हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमल कौर भाभी हत्याकांड मामले में वांटेड अमृतपाल मेहरो को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है।  बठिंडा में जून 2025 में इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी की सनसनीखेज हत्या मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) से डिपोर्ट (Deport) कर भारत लाया गया, जहां दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आईजीआई एयरपोर्ट) पर 10 अप्रैल 2026 की सुबह उसे गिरफ्तार किया गया। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग के तहत ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपित की लोकेशन को ट्रेस कर उसके खिलाफ एक्सट्राडिशन प्रक्रिया शुरू की गई थी। जानकारी के अनुसार, 11 जून 2025 को आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर कंचन कुमारी का अपहरण किया और उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को बठिंडा के आदेश अस्पताल के पास खड़ी कार में छोड़ दिया गया था। इस मामले में शामिल अन्य तीन आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। हत्या के बाद मुख्य आरोपित देश छोड़कर फरार हो गया था और कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसकी तलाश जारी रखी और आखिरकार उसे विदेश से गिरफ्तार कर भारत लाने में सफलता हासिल की। पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि संगठित अपराध और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। पुलिस का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जून में कार में मिला था शव सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी की बठिंडा में पिछले साल जून में हत्या कर दी गई थी। चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल की पार्किंग में खड़ी गाड़ी से उनका शव मिला था। कंचन कुमारी का इंस्टाग्राम पर कमल काैर भाभी नाम से अकाउंट था। कंचन कुमारी लक्ष्मण बस्ती, लुधियाना की रहने वाली थी। वह नाै जून को अपनी मां को कहकर निकली थी कि वह बठिंडा में प्रमोशनल इवेंट के लिए जा रही है।   तीन माह की रेकी के बाद की थी हत्या मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर की हत्या के लिए तीन माह से अमृतपाल महरों और उसके साथी रेकी कर रहे थे। कुछ दिन अमृतपाल अपने साथियों समेत कंचन के घर पास एक होटल में भी रुका रहा था। इतना ही नहीं अमृतपाल दो बार कंचन के घर भी गया था, लेकिन वो घर पर नहीं मिली थी।  जब ऐसे बात न बनी तो फिर अमृतपाल ने 8 जून को कंचन से संपर्क करके कहा कि उसे कार की प्रमोशन करने के लिए बठिंडा आना है। इसके बाद कंचन उर्फ कमल कौर 9 जून को लुधियाना से अपनी कार से बठिंडा पहुंची। जहां पर अमृतपाल महरों, जसप्रीत सिंह और निमरजीत सिंह तीनों कंचन को मिले और उसकी गाड़ी में बैठ गए। पहले तीनों आरोपियों ने भुच्चो के समीप एक गैरेज से कंचन की गाड़ी रात के साढ़े 12 बजे तक ठीक करवाई और फिर अपनी स्कॉर्पियो को एक पेट्रोल पंप पर खड़ा करके कंचन को साथ लेकर उसी की गाड़ी में चारों सवार हो गए। आरोपियों द्वारा किए खुलासे के अनुसार अमृतपाल महरों कंचन की गाड़ी चला रहा था। जसप्रीत और निमरतजीत कंचन के साथ कार की पिछली सीट पर बैठे थे।  आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अमृतपाल के कहने पर सबसे पहले उन्होंने कंचन के दोनों मोबाइल ले लिए और उससे पासवर्ड मांगा जब उसने पासवर्ड नहीं बताया तो अमृतपाल के कहने पर कंचन से दोनों ने मारपीट की। इसके बाद कमर कस्सी से दोनों ने एक सुनसान जगह पर गाड़ी में ही कंचन का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।   मां बोली-अब इंसाफ की उम्मीद कंचन कुमारी की मां ने कहा कि अब उनको इंसाफ की उम्मीद जग गई है। उन्होंने मांग की कि उनकी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने बताया कि उनकी तीन बेटियां थीं, एक की शादी हुई थी। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी मेरा बहुत ख्याल रखती थी।   

अमेरिका में पंजाबी मूल की केटामाइन क्वीन जसवीन संघा को 15 साल की जेल

चंडीगढ़  हॉलीवुड के बड़े स्टारों को ड्रग सप्लाई करने के आरोप में मोगा की रहने वाली पंजाबी मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल जेल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने जसवीन को केटामाइन ड्रग सप्लाई करने के आरोप में दोषी माना है। इसी केटामाइन ड्रग के ओवरडोज की वजह से 2023 में अमेरिकी-कनाडाई एक्टर मैथ्यू पेरी की मौत की मौत हो गई थी। अमेरिकी वकीलों ने जसवीन संघा को केटामाइन क्वीन का नाम दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने लॉस एंजिल्स की एक अदालत में जसवीन को अधीकतम सजा सुनाई। साथ ही, तीन साल की निगरानी में रिहाई का आदेश भी दिया। 42 वर्षीय संघा ने सितंबर 2025 में पांच फेडरल आरोपों को स्वीकार कर लिया था, जिनमें केटामाइन बांटना भी शामिल था। संघा ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने अक्तूबर 2023 में पेरी की ओवरडोज से हुई मौत से कुछ हफ्ते पहले, उनके पैसिफिक पैलिसेड्स स्थित घर पर उन्हें केटामाइन की दर्जनों शीशियां सप्लाई की थीं। वकीलों ने उन्हें एक बड़ी डीलर बताया, जो मनोरंजन जगत के अमीर ग्राहकों को निशाना बनाती थी। लंदन में भारतीय माता-पिता नीलम सिंह और बलजीत सिंह छोक्कर के घर जन्मी संघा एक संपन्न पंजाबी परिवार से आती हैं। उनके दादा-दादी ने पूर्वी लंदन में एक सफल फैशन रिटेल का कारोबार खड़ा किया था। अपनी मां की दूसरी शादी के बाद, यह परिवार कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके कैलाबसास में जाकर बस गया, जहां संघा बड़ी हुई। उसके पास अमेरिकी और यूके दोनों देशों की दोहरी नागरिकता है। सजा सुनाए जाने के दौरान, संघा ने अपने किए पर पछतावा जताया और अदालत से कहा कि उसके द्वारा उठाए गए कदम बहुत ही भयानक फैसले थे, जिन्होंने लोगों की जिंदगी तबाह कर दी। उनके वकील ने जसवीन को दी सजा को बहुत ज्यादा कठोर बताया।

पंजाब में 15 अप्रैल तक मौसम रहेगा सूखा, तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री कम, अप्रैल में 525% अधिक बारिश की संभावना

जालंधर  वीरवार को दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप भी खिली रही। हालांकि दो दिनों तक रुक रुक कर होती रही वर्षा का असर भी दिखाई दिया। कारण, तेज धूप होने के बावजूद ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं हुआ। मगर दिन ढलने के बाद ही कुछ हद तक ठंडक महसूस हुई क्योंकि हवाएं चलने का क्रम जारी रहा। जिसके चलते ही अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 33 डिग्री पार जा सकता है तापमान बुधवार को अधिकतम 19.1 और न्यूनतम 14.4 दर्ज हुआ था। इस हिसाब से देखें तो अधिकतम में लगभग सात डिग्री की बढ़ौतरी हुई है, वहीं न्यूनतम में एक डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। यही नहीं छह दिनों के भीतर तापमान 33 डिग्री व उससे पार तक भी जा सकता है। मौसम विशेषज्ञ डा. दलजीत सिंह का कहना है कि मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए पूर्वानुमान से क्लियर है कि आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और बढ़ती हुई गर्मी सताएगी भी। 15 से पश्चिमी विक्षोभ होगा एक्टिव उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बादल छाने, हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। ऊंचाई पर तेज गति से चल रही हवाएं (जेट स्ट्रीम) इन मौसम प्रणालियों को और सक्रिय कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे वहां मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। फाजिल्का में सबसे ज्यादा 56.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड पंजाब में 1 से 9 अप्रैल 2026 के बीच सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में औसतन 25.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य रूप से यह आंकड़ा 4.1 मिमी रहता है। इस प्रकार, राज्य में 525 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 56.8 मिमी बारिश फाजिल्का में और सबसे कम 4.4 मिमी होशियारपुर में दर्ज की गई। पांच दिनों में 8 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा मौसम विभाग चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। साथ ही, अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है, जिससे लोगों को फिर से गर्मी का एहसास होने लगेगा। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी मरीजों की संख्या 15 प्रतिशत के करीब बढ़ी अप्रैल माह में भी फरवरी जैसा मौसम। फरवरी में तापमान बढ़ने से गर्मी समय से पहले शुरू होने के साथ मार्च और उसके बाद अप्रैल में में वर्षा से मौसम में ठंडक । मौसम में उतार चढ़ाव के साथ ही शुरू हुआ वायरल मरीजों के लिए परेशानियां पैदा कर रहा है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में आने वाले मरीजों में बुखार, खांसी, जुकाम और गला खराब के मरीजों की संख्या में 15 प्रतिशत के करीब बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ ने CM मान को लिखा पत्र, किसान बीमा योजना लागू करने की मांग, 13 अप्रैल को विशेष सत्र

चंडीगढ़  भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक लेटर लिखा है। लेटर में किसानों के नुकसान की भरपाई के बारे में लिखा गया है। जाखड़ ने कहा है कि अगर सूबे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना होती तो किसानों के नुकसान की भरपाई हो जाएगी।  जाखड़ ने सीएम को लिखा है कि 13 अप्रैल को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने का प्रस्ताव लाए ताकि यह प्रदेश में लागू हो सके। जाखड़ ने लिखा है कि इससे किसानों को फायदा हो जाएगा। जाखड़ ने आगे लिखा कि 2023 और 2025 में पंजाब के किसानों को बाढ़ के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा। हर साल गड़ेमारी व मौसम के कारण फसलों को नुकसान होता है। ऐसे में फसल बीमा योजना बेहद जरूरी है। आपकी सरकार बीमा योजना ला रही थी वही ले आओ जाखड़ ने कहा कि आपने 26 मार्च 2023 को कहा था कि आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र की फसल बीमा योजना की जगह अपनी फसल बीमा योजना लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार केंद्र की बीमा योजना को लागू नहीं करना चाहती तो अपनी ही बीमा योजना ले आओ ताकि किसानों को इन आपदाओं से होने वाले नुकसान का मुआवजा मिल सके। तीन साल में किसानों को हजारों करोड़ का नुकसान सुनील जाखड़ ने कहा कि तीन साल में पंजाब के किसानों का हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो गया हे। अगर आप तीन साल पहले इस योजना को लागू कर देते तो किसानों को उनका मुआवजा मिल जाता और सरकार पर अनावश्यक वित्तीय बोझ भी नहीं आता। उन्होंने कहा कि अब भी देरी नहीं हुई है अगर आप किसानों के हितैषी हैं तो 13 अप्रैल को फसल बीमा योजना को लागू करने का प्रस्ताव पास करवाएं। कानून व्यवस्था पर उठाया सवाल जाखड़ ने अपने बयान में कहा है कि पंजाब में कानून व्यवस्था पहले ही खराब है। इंडस्ट्री पलायन कर चुकी है। अब खेतीबाड़ी पंजाब की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। अगर किसानों को भी इस तरह नुकसान होता रहा तो पंजाब और खतरनाक आर्थिक संकट में फंस जाएगा। इसलिए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को तुरंत लागू करे।