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किसानों के लिए खुशखबरी, ₹2275 प्रति क्विंटल मिलेगा गेहूं का दाम, पंजाब में 1 अप्रैल से शुरू होगी खरीद

चंडीगढ़। पंजाब में गेहूं के सीजन को लेकर मान सरकार ने कमर कस ली है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि कल, यानी 1 अप्रैल से पूरे राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। सरकार ने इस सीजन के लिए सभी प्रबंध मुकम्मल होने का दावा किया है। मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि इस बार पंजाब में 34 लाख 90 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बुवाई हुई है। मंडियों में करीब 7 लाख से ज्यादा किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कुल 1,897 स्थायी मंडियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा कुछ अस्थायी मंडियां भी बनाई गई हैं ताकि किसानों को दूर न जाना पड़े। MSP में 150 की बढ़ोतरी, CCL लिमिट हुई प्राप्त इस बार केंद्र सरकार की ओर से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,275 प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 150 प्रति क्विंटल अधिक है। मंत्री ने जानकारी दी कि खरीद के भुगतान के लिए 30,773 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट प्राप्त हो चुकी है, जिससे किसानों को समय पर अदायगी सुनिश्चित की जाएगी। सीमावर्ती इलाकों में विशेष चौकसी दूसरे राज्यों से अवैध रूप से गेहूं लाकर पंजाब की मंडियों में खपाने की कोशिशों को रोकने के लिए अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष नाकेबंदी की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अवैध तरीके से बाहरी राज्य का गेहूं लाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब के किसानों के लिए आवंटित फंड का लाभ केवल यहीं के किसानों तक पहुंचाना है।  

गैस सिलेंडर डिलीवरी बना कमाई का जरिया, पंजाब में उपभोक्ताओं से ज्यादा वसूली

बरनाला. जिले में गैस सिलेंडर की कमी के कारण जहां आम जनता पहले से ही गंभीर मानसिक और आर्थिक परेशानी से गुजर रही है, वहीं अब गैस एजेंसियों द्वारा कस्टमर्स की जेब पर सीधी लूट के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। होम डिलीवरी और एजेंसी से ही सिलेंडर उठाने के दाम में अंतर का फायदा उठाकर भोले-भाले लोगों को लूटा जा रहा है, जिसके कारण शहरवासियों में भारी विरोध है। दामों में अंतर और एजेंसी की चालाकी आज अनाज मंडी बरनाला में हरजीत सिंह मान (टेंट हाउस), सोहन लाल, महा सिंह और बलविंदर सिंह समेत इकट्ठा हुए कस्टमर्स ने मीडिया से बात की और एजेंसियों की कथित मनमानी का पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि उनकी गैस की कॉपी 'पनसप गैस सर्विस' ने बनाई थी। जब वे सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचे और रसीद कटवाई, तो उन्हें एक सिलेंडर की रसीद दी गई जिसमें 934 रुपये की कटौती की गई थी। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि 934 रुपये वह रेट है जिसमें होम डिलीवरी भी शामिल है। नियमों के मुताबिक, अगर कोई कंज्यूमर खुद एजेंसी के गोदाम या ऑफिस में आकर सिलेंडर लेता है, तो उसे होम डिलीवरी चार्ज नहीं देना पड़ता और सिलेंडर का रेट 901 रुपये हो जाता है। विरोध करने पर रसीद बदली गई पीड़ित कंज्यूमर्स ने कहा कि जब उन्हें इस कीमत के अंतर के बारे में पता चला और उन्होंने एजेंसी स्टाफ से बात की, तो एजेंसी स्टाफ ने अपनी गलती छिपाने के लिए तुरंत 934 रुपये की रसीदें वापस ले लीं और उन्हें 901 रुपये की नई रसीदें दे दीं। कंज्यूमर्स ने सवाल उठाया कि अगर उन्हें पता नहीं होता, तो उनके साथ लूट हो जाती। उन्होंने डर जताया कि पता नहीं पहले कितने अनजान लोगों को 33 रुपये अतिरिक्त लेकर सिलेंडर बेचे गए होंगे। यह हजारों रुपये का घोटाला लगता है। मैसेज आए पर सिलेंडर नहीं मिला – लूट के अलावा, कंज्यूमर्स ने डिलीवरी सिस्टम पर भी बड़े सवाल उठाए हैं। कई लोगों ने कहा कि उनके मोबाइल फोन पर 'सिलेंडर डिलीवर होने' के मैसेज आए हैं, लेकिन असल में सिलेंडर उनके घर नहीं पहुंचा। यह डिजिटल फ्रॉड का बड़ा मामला है, जिससे कंज्यूमर्स सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं और एजेंसी कागजों में अपना कोटा पूरा दिखा रही है। कंज्यूमर्स ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि एक तरफ महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है और दूसरी तरफ ये गैस एजेंसियां ​​खुलेआम लूट कर रही हैं।  ये मांगे – फूड सप्लाई डिपार्टमेंट तुरंत इन एजेंसियों के रिकॉर्ड चेक करे।  एजेंसी के बाहर होम डिलीवरी और एजेंसी रेट में अंतर दिखाने वाला बोर्ड लगाया जाए। जिन लोगों को सिलेंडर नहीं मिले हैं लेकिन मैसेज आ गए हैं, उनकी तुरंत सुनवाई हो। अगर एडमिनिस्ट्रेशन ने जल्द ही इन एजेंसियों पर शिकंजा नहीं कसा तो शहरवासी बड़े लेवल पर संघर्ष करने को मजबूर होंगे। सिस्टम और एडमिनिस्ट्रेशन से सीधे सवाल: इसकी जिम्मेदारी किसकी है?: क्या फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट को इस लूट की जानकारी नहीं है? अगर कस्टमर्स ने विरोध नहीं किया होता, तो क्या 33 रुपये प्रति सिलेंडर की यह लूट जारी नहीं रहती? डिजिटल फ्रॉड: कस्टमर्स को सिलेंडर मिलने से पहले ही 'डिलीवर हो गया' का मैसेज कैसे आ रहा है? क्या एजेंसियां ​​कागजों में कोटा पूरा दिखाकर सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग कर रही हैं? ट्रांसपेरेंसी की कमी: एजेंसियों के बाहर होम डिलीवरी और वेयरहाउस रेट के बड़े बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए? क्या यह जानबूझकर लोगों को अंधेरे में रखने की कोशिश है? एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन कब लिया जाएगा?: क्या डिप्टी कमिश्नर बरनाला इन एजेंसियों के रिकॉर्ड की सरप्राइज चेक करेंगे ताकि गरीब जनता की लूट रुक सके?

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पर कोई दखल नहीं, आय सीमा को लेकर दिया सुझाव

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह सरकार का नीतिगत निर्णय है और ऐसे मामलों में न्यायालय आमतौर पर दखल नहीं देता।   हालांकि कोर्ट ने यह टिप्पणी जरूर की कि यदि योजना को उन लोगों तक सीमित किया जाता जो यात्रा का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं तो यह अधिक न्यायसंगत होता। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ के समक्ष आरटीआई कार्यकर्ता परविंदर सिंह किटना की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि योजना में आय का कोई मापदंड तय नहीं किया गया है जिससे आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी इसका लाभ उठा सकते हैं। साथ ही इसे करदाताओं के पैसे की बर्बादी बताया गया। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि 20 नवंबर 2023 को शुरू की गई यह योजना लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लागू की गई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया गया जिसमें हज सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की बात कही गई थी ताकि धन का उपयोग शिक्षा और सामाजिक विकास में हो सके। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप सीमित होता है। साथ ही याचिकाकर्ता को अपनी आपत्तियां और सुझाव राज्य सरकार के समक्ष रखने की स्वतंत्रता दी गई। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इन सुझावों पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाए। 

थाने में धमाके के बाद सनसनी, वायरल पोस्ट में खालिस्तानी संगठन का दावा

अमृतसर. बीते दिनों अमृतसर ग्रामीण के थाना भिंडीसैदां में हुए धमाके के मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार भिंडीसैदां पुलिस स्टेशन में हुए धमाके की एक देश विरोधी संगठन द्वारा ली गई है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। वायरल पोस्ट में खालिस्तान लिबरेशन आर्मी द्वारा इसकी जिम्मेदारी ली गई है पर इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वायरल पोस्ट में लिखा गया है कि अमृतसर खालिस्तान लिबरेशन आर्मी के हाई कमांड ने 30 मार्च 2026 को ऑपरेशन खालसा नया सवेरा के तहत अजनाला, अमृतसर के भिंडीसैदां पुलिस स्टेशन पर 2 ग्रेनेड हमले किए, जिससे तीन पुलिसवाले गंभीर रूप से घायल हो गए। इसकी जिम्मेदारी हम, KLA, स्वीकार करते हैं। ये हमले निर्दोष रणजीत सिंह (गुरदासपुर के गांव अधियां) के खून का बदला लेने के लिए किए गए हैं, साथ ही उन पीड़ित सिखों के लिए भी, जो झूठे मामलों में फंसाए गए और बाद में झूठे एनकाउंटर में मारे गए। ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी और इन्हें और तेज किया जाएगा। डीआईजी संदीप गोयल को चेतावनी! हम तुम्हारे पीछे आ रहे हैं। इसके साथ ही खालिस्तान जिंदाबाद भी लिखा गया।  

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने हटाई सेना के जवानों की डिसेबिलिटी पेंशन पर रोक

चंडीगढ़  भारतीय सेना के जवानों के हितों की रक्षा करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सशस्त्र बलों के सदस्यों को दी जाने वाली डिसेबिलिटी पेंशन (Disability Pension) को तकनीकी आधार पर नहीं रोका जा सकता। अदालत ने केंद्र सरकार और सैन्य अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया है कि सेवा के दौरान दिव्यांग हुए जवानों को उनका जायज हक तुरंत दिया जाए। यह फैसला उन हजारों पूर्व सैनिकों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है जो लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। 1. कोर्ट का कड़ा रुख: "सेवा की परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं कर सकते" हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सेना की ड्यूटी अत्यंत कठिन परिस्थितियों में होती है। यदि कोई जवान सेवा के दौरान किसी शारीरिक अक्षमता या बीमारी का शिकार होता है, तो यह माना जाना चाहिए कि वह 'Attributable to Military Service' (सैन्य सेवा के कारण) है। कोर्ट ने उन दलीलों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि जवान की बीमारी का ड्यूटी से सीधा संबंध नहीं है। 2. पेंशन रोकने के नियमों पर सवाल अदालत ने पाया कि कई मामलों में सैन्य अधिकारियों द्वारा पेंशन के दावों को यह कहकर खारिज कर दिया जाता है कि दिव्यांगता 'अग्रवेटेड' (Aggravated) नहीं है। हाई कोर्ट ने साफ किया कि अगर मेडिकल बोर्ड ने भर्ती के समय जवान को पूरी तरह फिट घोषित किया था, तो सेवा के दौरान पैदा हुई किसी भी अक्षमता के लिए विभाग ही जिम्मेदार है। 3. पूर्व सैनिकों को मिलेगी बड़ी राहत इस फैसले के बाद अब उन जवानों के लिए पेंशन का रास्ता साफ हो गया है जिन्हें 'डिस्चार्ज' के समय मेडिकल ग्राउंड पर अनफिट घोषित कर घर भेज दिया गया था। कोर्ट ने आदेश दिया है कि पिछले बकाया (Arrears) के साथ पेंशन का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। 4. सैन्य नियमों की व्याख्या में स्पष्टता हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कल्याणकारी नियमों की व्याख्या हमेशा लाभार्थी (जवान) के पक्ष में होनी चाहिए। प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए ऐसे मामलों में अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचना चाहिए।

स्कूलों में बदला मिड डे मील मेनू, अब शनिवार को परोसी जाएगी पौष्टिक माह की दाल

लुधियाना. पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से पी.एम. पोषण स्कीम के तहत स्कूलों में दिए जाने वाले दोपहर के भोजन (मिड-डे-मील) के लिए साप्ताहिक मेन्यू जारी आकर दिया है। यह नया मेन्यू 1 से 30 अप्रैल तक लागू रहेगा। सोसाइटी के जनरल मैनेजर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, स्कूल के विद्यार्थियों को कतार में बिठाकर मिड-डे-मील इंचार्ज की निगरानी में मेन्यू के अनुसार खाना खिलाना यकीनी बनाया जाए। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी स्कूल में मेन्यू का पालन नहीं किया जाता या नियमों की अनदेखी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल मुखी की होगी। इसके अलावा 'तिथि भोजन' के तहत गांव के सरपंच या दानी सज्जनों के सहयोग से विशेष अवसरों, त्यौहारों या जन्मदिन पर विद्यार्थियों को फल, मिठाई या विशेष भोजन देने के प्रयास करने के लिए भी कहा गया है। साप्ताहिक मेन्यू सोमवार : दाल और रोटी। मंगलवार : राजमाह-चावल और खीर। बुधवार : काले या सफेद चने (आलू के साथ) और पूरी या रोटी। गुरुवार : कढ़ी (आलू और प्याज के पकौड़ों के साथ) और चावल। शुक्रवार : मौसमी सब्जी, रोटी और मौसमी फल। शनिवार : साबुत माह की दाल और चावल। पी.टी.एम. के दौरान विद्यार्थियों को मिलेंगे आयुर्वेद के टिप्स पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से सरकारी स्कूलों के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार अब स्कूलों में पेरैंट्स-टीचर मीटिंग वाले दिन विद्यार्थियों और अध्यापकों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष लेक्चर आयोजित किए जाएंगे। पंजाब स्टेट फूड कमीशन के सुझाव पर आधारित इन निर्देशों में कहा गया है कि आयुर्वैदिक मैडीकल ऑफिसर अपने नजदीकी स्कूलों में जाकर बच्चों को आयुर्वेद के अनुसार खान-पान और रहन-सहन की जानकारी देंगे। स्कूल मुखियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आयुष डॉक्टरों या आयुर्वेद के माहिर व्यक्तियों के माध्यम से ऐसे लेक्चर करवाने के प्रयास करें।

PACL घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई: 15,582 करोड़ की संपत्तियां लोढ़ा कमेटी को सौंपे गए

चंडीगढ  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्ल्स एग्रीटेक कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 15,582 करोड़ के अनुमानित बाजार मूल्य वाली 455 अचल संपत्तियों को जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन आफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य लाखों प्रभावित निवेशकों को उनकी राशि वापस दिलाना है। ईडी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में ही लगभग 26,324 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिससे इस मामले में कुल अटैचमेंट बढ़कर 27,030 करोड़ हो गई है। इनमें भारत के अलावा आस्ट्रेलिया सहित विदेशों में स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं। ये संपत्तियां एमएस पीएसीएल लिमिटेड, उससे जुड़ी कंपनियों और दिवंगत निर्मल सिंह भंगू के परिवार व सहयोगियों बरिंदर कौर, हरसतिंदर पाल सिंह हेयर, सुखविंदर कौर, गुरप्रताप सिंह और प्रेम कौर के नाम पर पाई गई हैं। सीबीआइ ने 19 फरवरी 2014 को पर्ल्स ग्रुप (पीएसीएल और पीजीएफ लिमिटेड) और उसके प्रमोटरों पर लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोप केस दर्ज किया था। सीबीआइ की चार्जशीट और पूरक चार्जशीट के अनुसार, दिवंगत निर्मल सिंह भंगू और उनके सहयोगियों के नियंत्रण में एक बड़े पैमाने पर अवैध कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई गई, जिसके जरिए देशभर से 68,000 करोड़ से अधिक की राशि जुटाई गई। इस स्कीम में निवेशकों से नकद और किस्तों में पैसा लेकर उन्हें भ्रामक दस्तावेज जैसे एग्रीमेंट, स्पेशल पावर आफ अटार्नी आदि पर हस्ताक्षर करवाए गए। कई मामलों में बिना जमीन के स्वामित्व के ही अलाटमेंट लेटर जारी किए गए, जिससे बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हुई। करीब 48,000 करोड़ की राशि अब भी निवेशकों को लौटाई जानी बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सेबी को जस्टिस आरएम लोढ़ा (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्देश दिया था, ताकि पीएसीएल की संपत्तियों को बेचकर निवेशकों को भुगतान किया जा सके। इसी मामले में ईडी ने 26 जुलाई 2016 मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अपराध से अर्जित धन को कई कंपनियों और सहयोगियों के जरिए घुमाकर भारत और विदेशों में संपत्तियां खरीदी गईं। इस मामले में कुछ आरोपितों के खिलाफ भगोड़ा की कार्यवाही शुरू की गई है। साथ ही, हरसतिंदर पाल सिंह हेयर को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बरिंदर कौर और प्रेम कौर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पर्ल ग्रुप घोटाले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के आदेश दिए थे। सरकार के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की पहचान करवाई गई और डिप्टी कमिश्नरों से रिपोर्ट मंगवाई गई। इसके आधार पर पंजाब में कंपनी की संपत्तियों की सूची भी तैयार की गई है, जो सुप्रीम कोर्ट और जस्टिस लोढ़ा कमेटी के निर्देशों के अनुरूप है।

संजीव अरोड़ा का बड़ा ऐलान: लुधियाना और जालंधर में गैस पाइपलाइनों का जाल बिछेगा

चंडीगढ़  राज्य में चालू वर्ष में 39 लाख पीएनजी गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में भरोसा दिलाया कि गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से इंडस्ट्री को गैस की किल्लत से पूरी तरह राहत मिलेगी। अरोड़ा ने बताया कि अब तक एक लाख 30 हजार कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं और शहरों की हर गली तक पाइपलाइन पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिहायशी क्षेत्रों में गैस की कोई कमी नहीं है और अब सरकार का फोकस औद्योगिक क्षेत्रों को कवर करने पर है। मंत्री ने कहा कि गैस पाइपलाइन दोराहा तक पहुंच चुकी है और जल्द ही लुधियाना की इंडस्ट्री को इससे जोड़ा जाएगा। इसके बाद जालंधर को भी नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन पहुंची है, वहां स्थिति बेहतर है और इंडस्ट्री को गैस की सप्लाई सुचारू बनी हुई है। अरोड़ा ने इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि कई फोकल प्वाइंट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार ने नई आपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति लागू की है। इसके तहत अब स्थानीय स्तर पर ही फैसले लिए जा सकेंगे और जरूरी कामों में देरी नहीं होगी। इंडस्ट्री से जुड़ी सेवाओं में देरी का एक बड़ा कारण पालिसी इंटरप्रिटेशन और विभिन्न स्तरों पर मंजूरी (अप्रूवल) की प्रक्रिया थी। इसे दूर करने के लिए फास्ट सर्विस सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत पहले 15 दिन में मिलने वाली सेवाओं को अब 10 दिन में पूरा किया जाएगा। अरोड़ा ने “फ्रीहोल्ड प्रापर्टी” का जिक्र करते हुए कहा कि फ्रीहोल्ड इंडस्ट्रियल प्लाट्स को अब प्राथमिकता के आधार पर तेज सेवाएं दी जाएंगी, ताकि उद्योगपतियों को कम समय में मंजूरी और सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही “डेलीगेशन आफ पावर्स” के तहत अधिकारियों को अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे उन्हें बार-बार उच्च स्तर पर अप्रूवल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने लीज होल्ड प्रापर्टी से जुड़े मुद्दों को भी स्वीकार किया और कहा कि इन मामलों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को चरणबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की बाधा न हो। नई व्यवस्था के तहत अब संबंधित चार्जेज बिजली बिलों के साथ ही वसूले जाएंगे, जिससे कलेक्शन सुनिश्चित होगा। यह राशि स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को ट्रांसफर की जाएगी, जो फोकल प्वाइंट्स में सड़कों, लाइटिंग और अन्य सुविधाओं पर खर्च तय करेगा। मंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य न केवल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, बल्कि फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं को दूर कर उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना भी है, जिससे पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिल सके।

मुल्लांपुर में आज PBKS और GT का मुकाबला: दोनों टीमों ने की प्रैक्टिस, स्टेडियम के गेट 3:30 बजे होंगे खोलें

मुल्लांपुर  पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच आज आईपीएल का अहम मुकाबला खेला जाएगा। ये मैच दोनों टीमों के लिए इस साल के आईपीएल में पहला मुकाबला है, इसलिए अहम हो जाता है। पंजाब किंग्स की कप्तानी जहां एक ओर श्रेयस अय्यर संभाल रहे हैं, वहीं गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल हैं। इस बीच आज का मैच कौन सी टीम जीतेगी, ये जानने की कोशिश करते हैं।  मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में शाम साढ़े सात बजे से होगा पंजाब और गुजरात का मैच आईपीएल में आज यानी मंगलवार को मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच मैच होगा। मैच का समय वही रहेगा, यानी शाम को साढ़े सात बजे से मैच शुरू हो जाएगा, इससे आधे घंटे पहले सात बजे टॉस होगा। वैसे तो गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच अब तक छह मुकाबले खेले गए हैं। इसमें से 3-3 मैच दोनों टीमों ने जीते हैं। यानी टक्कर बराबरी की है। लेकिन फिर भी माना जा रहा है कि गुजरात टाइटंस का पलड़ा हल्का सा भारी है। पंजाब किंग्स के पास श्रेयस अय्यर जैसा कप्तान तो है ही, साथ ही मार्कस स्टॉयनिस, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल जैसे मैचविनर भी हैं, जो अकेले के दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं। शुभमन गिल के अलावा गुजरात टाइटंस के भी पास जॉस बटलर, राशिद खान, मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी है, जो विरोधी टीम पर भारी पड़ सकते हैं।  गुजरात टाइटंस की सलामी जोड़ी का जवाब नहीं, स्पिनर और फिनिशर्स भी जबरदस्त अब बात करते हैं कि दोनों टीमों की मजबूती क्या है, जिसके आधार पर टीम जीत दर्ज कर सकती है। गुजरात टाइटंस की सलामी जोड़ी काफी मजबूत नजर आती है। कप्तान शुभमन गिल के साथ साई सुदर्शन पारी का आगाज करने के लिए मैदान पर आएंगे। साई ने पिछले साल के आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने का काम किया था। टीम के पास राशिद खान और साई ​किशोर के रूप में जबरदस्त स्पिन जोड़ी है, जो बीच के ओवर्स में ज्यादा रन नहीं बनाने देते। साथ ही आखिरी ओवर्स के लिए टीम के पास राहुल तेवतिया और शाहरुख खान जैसे खिलाड़ी भी हैं।  गुजरात टाइटंस अपने शीर्ष क्रम (शुभमन गिल, साई सुदर्शन, जोस बटलर) पर निर्भर होगी। राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज वाली एक बेहतरीन गेंदबाजी यूनिट है। अशोक शर्मा एक होनहार नए खिलाड़ी हैं जिन्हें मौका मिल सकता है, जबकि अरशद खान बाएं हाथ के गेंदबाज के तौर पर टीम को एक अलग विकल्प देते हैं। राशिद खान और वॉशिंगटन सुंदर के खेलने की संभावना को देखते हुए गुजरात टाइटंस आर साई किशोर के बजाय चौथे तेज गेंदबाज को मौका दे सकती है, क्योंकि न्यू चंडीगढ़ की पिच सीम बॉलिंग के लिए ज्यादा मददगार है। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस हेड 2 हेड पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच हेड-टू-हेड मुकाबला बराबरी का रहा है। पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस ने एक-दूसरे के खिलाफ छह मैच खेले हैं और दोनों ही टीमों ने तीन-तीन मैच जीते हैं। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस पिच रिपोर्ट पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पिच नंबर 4 पर खेला जाएगा। यह वही पिच है जिसका इस्तेमाल आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हुए मैच में किया गया था। तब पंजाब किंग्स ने प्रियांश आर्य के शतक की बदौलत 219 रन बनाए थे। जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स ने 201 रन बनाए थे। पंजाब किंग्स के हेड कोच रिकी पोंटिंग को एक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है। पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस की संभावित प्लेइंग 12 पंजाब किंग्स की संभावित 12: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), मार्कस स्टोइनिस, नेहल वढे़रा, शशांक सिंह, मार्को यानसेन, ज़ेवियर बार्टलेट/बेन ड्वार्शियस/अजमतुल्लाह उमरजई, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, विजयकुमार वैशाक। गुजरात टाइटंस की संभावित 12: शुभमन गिल (कप्तान), बीसाई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, मोहम्मद शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, जेसन होल्डर/कगिसो रबाडा, राशिद खान, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, आरसाई किशोर/अशोक शर्मा/अरशद खान। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच की डिटेल्स     मुकाबला: IPL 2026 का चौथा मैच, पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस     मैच की तारीख: 31 मार्च 2026 (मंगलवार)     टॉस का समय: शाम 7:00 बजे (भारतीय समयानुसार)     समय: शाम 7:30 बजे (भारतीय समयानुसार)     मैदान: महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर, न्यू चंडीगढ़।     लाइव प्रसारण: पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच भारत में टीवी पर Star Sports (स्टार स्पोर्ट्स) नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर LIVE उपलब्ध होगा।     लाइव स्ट्रीमिंग: पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच की भारत में लाइव स्ट्रीमिंग JioHotstar वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध होगी। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस से जुड़े प्रमुख आंकड़े     हो सकता है कि 2025 में पंजाब किंग्स के लिए श्रेयस अय्यर का प्रदर्शन शानदार रहा हो, लेकिन न्यू चंडीगढ़ में उनका रिकॉर्ड काफी खराब है। इस मैदान पर खेले गए पांच मैच में उन्होंने सिर्फ 27 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 100 रहा है और उनका सबसे बड़ा स्कोर 10 रन है।     IPL 2025 में, प्रभसिमरन सिंह ने पांच पारियों में बाएं हाथ के स्पिनर के खिलाफ तीन बार आउट हुए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 104 रहा।     पंजाब किंग्स के लेग-स्पिनर युजवेंद्र चहल के खिलाफ गुजरात टाइटंस (GT) के ओपनर्स का रिकॉर्ड बिल्कुल अलग-अलग है। युजवेंद्र चहल के खिलाफ शुभमन गिल सिर्फ 122 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं और तीन बार उनके हाथों आउट हो चुके हैं, जबकि साई सुदर्शन ने युजवेंद्र चहल के खिलाफ 17 गेंदों में 40 रन बनाए हैं और एक भी बार आउट नहीं हुए हैं। दोनों टीमों के अगले 3-3 मैच पंजाब किंग्स     03 अप्रैल: बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, चेन्नई में     06 अप्रैल: बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, कोलकाता में     11 अप्रैल: बनाम सनराइजर्स हैदराबाद, न्यू चंडीगढ़ में गुजरात टाइटंस     04 अप्रैल: बनाम राजस्थान रॉयल्स, अहमदाबाद में     08 अप्रैल: बनाम दिल्ली कैपिटल्स, नई दिल्ली में     12 अप्रैल: बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, लखनऊ में पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस का फुल स्क्वॉड पंजाब … Read more

हाई कोर्ट से मनजिंदर लालपुरा को राहत, 11 साल पुराने मारपीट मामले में रिहाई; आपसी समझौते से पलटा कोर्ट का निर्णय

चंडीगढ़  पंजाब के खडूर साहिब से AAP के MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा के हाईकोर्ट से बरी होने पर राजनीति शुरू हो गई है। BJP के पंजाब प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि लालपुरा को भले ही 'समझौते' के तहत बरी कर दिया हो लेकिन पीड़िता के साथ खुलेआम अन्याय और हमला हुआ था। अदालत ने वर्ष 2013 में दर्ज मारपीट और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाए गए दोषसिद्धि और सजा के फैसले को रद्द करते हुए लालपुरा सहित अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित पक्ष और आरोपियों के बीच आपसी समझौता हो चुका है। इसी समझौते को आधार बनाते हुए हाई कोर्ट ने पूरे मामले का पुनर्मूल्यांकन किया और पाया कि अब इस विवाद को आगे बढ़ाना न्याय के हित में नहीं होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब दोनों पक्ष विवाद को समाप्त करने पर सहमत हैं, तो ऐसे में सजा को बरकरार रखने का औचित्य नहीं रह जाता। बताया जाता है कि वर्ष 2013 में दर्ज इस मामले में आरोप था कि महिला के साथ मारपीट की गई और एससी-एसटी एक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के बाद मनजिंदर सिंह लालपुरा समेत अन्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने हाई कोर्ट का रुख किया था, जहां लंबे समय तक मामला विचाराधीन रहा। हाई कोर्ट ने अपने ताजा आदेश में कहा कि समझौते की परिस्थितियों और मामले के तथ्यों को देखते हुए ट्रायल कोर्ट का निर्णय टिकाऊ नहीं है। अदालत ने यह भी माना कि इस प्रकार के मामलों में, जहां पक्षकारों के बीच आपसी सहमति बन चुकी हो, वहां न्यायिक विवेक का प्रयोग करते हुए राहत दी जा सकती है। इस फैसले के बाद लालपुरा सहित अन्य आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही सभी की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 13 साल पुराने मामले में कल लालपुरा समेत सभी लोगों को बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने मारपीट और एससी-एसटी एक्ट मामले में तरनतारन कोर्ट के 4 साल की कैद की सजा को रद्द कर दिया। तरनतारन कोर्ट ने 10 सितंबर 2025 को यह सजा सुनाई थी। जिसके बाद लालपुरा को गिरफ्तार कर लिया गया था। वह अभी तरनतारन जेल में हैं। इस सजा के खिलाफ लालपुरा समेत 12 आरोपी हाईकोर्ट पहुंचे थे। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित पक्ष और दोषियों के बीच 4 फरवरी 2026 को आपसी समझौता हो चुका है। इसी समझौते को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने पर सहमत हैं, तो ऐसे में सजा को बरकरार रखने का औचित्य नहीं रह जाता। यह पूरा मामला 2013 का है। उस समय विधायक लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। उन पर शादी में आई युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। युवती ने टैक्सी ड्राइवरों पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था।