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किसानों पर प्रयोग से बचें: CM मान बोले—पहले खुद जांचें, फिर खेतों में लागू करें

लुधियाना. लुधियाना में आयोजित किसान मेले के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि वैज्ञानिकों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि किसान को प्रयोगशाला न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नई किस्म या तकनीक को किसानों तक पहुंचाने से पहले उसका पूरी तरह परीक्षण किया जाना चाहिए। यह बात उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान बार-बार यह शिकायत करते हैं कि उनकी खेती पर सीधे प्रयोग किए जाते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि पहले खुद परीक्षण करें और परिणाम सामने आने के बाद ही किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करें। अब जिम्मेदारी होगी तय मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ किसानों ने विश्वविद्यालय से बीज लेकर बोए, लेकिन उनकी फसल में कीट लग गया और पूरी फसल खराब हो गई। जब किसान शिकायत लेकर पहुंचे तो जवाब मिला कि विश्वविद्यालय की फसल भी प्रभावित हुई है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बहाने अब नहीं चलेंगे और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेती के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और अब आधुनिक तकनीक के साथ खेती को जोड़ने की जरूरत है। सरकार खेती को उन्नत बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे खेती के काम आसान होंगे और उत्पादन में सुधार आएगा। कृषि विश्वविद्यालय का ढांचा मजबूत किया जाएगा – मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का ढांचा और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक धन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने विश्वविद्यालय को किसानों के लिए ज्ञान का केंद्र बताते हुए कहा कि यहां से नई किस्म के बीज, खेती के तरीके और दवाइयों की जानकारी मिलती है, जिसका लाभ अब किसान घर बैठे भी ले सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब का किसान नई तकनीक को अपनाकर एक बार फिर देश में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

Holiday Alert! पंजाब में कल से तीन दिन तक बंद रहेंगे स्कूल और सरकारी दफ्तर

जालंधर. पंजाब में मार्च महीने में त्योहारों और ऐतिहासिक दिवसों के चलते कुछ सार्वजनिक छुट्टियों का एलान किया गया है. हाल ही में होली की छुट्टी के बाद अब 23 मार्च और 31 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा. इस दौरान सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और दूसरे सार्वजनिक संस्थानों में छुट्टी रहेगी. हालांकि इस साल 23 मार्च को रविवार के दिन पड़ रहा है, लेकिन भारतीय इतिहास में यह दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक है, जिसे पूरे देश खासकर पंजाब में महत्त्वपूर्ण माना जाता है. 23 मार्च को मनाया जाता है शहीदी दिवस 23 मार्च को भारत के तीन महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. 1931 में इसी दिन ब्रिटिश हुकूमत ने इन वीर सेनानियों को फांसी दी थी. उनकी शहादत को याद करने और नई पीढ़ी को उनके बलिदान से प्रेरित करने के लिए यह अवकाश दिया गया है. इस मौके पर पंजाब के कई हिस्सों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाती हैं, विशेष रूप से हुसैनीवाला, फिरोजपुर और शहीद भगत सिंह नगर में विशेष कार्यक्रम होते हैं. 31 मार्च को ईद-उल-फितर का पर्व 31 मार्च को पंजाब सरकार ने ईद-उल-फितर के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. रमजान के पवित्र महीने के समापन पर मनाया जाने वाला यह त्योहार मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन लोग मस्जिदों में विशेष नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाइयां देते हैं. पंजाब में मल्टी-कल्चरल समाज होने के कारण सभी समुदाय इस त्योहार की खुशियों में शामिल होते हैं. मार्च के इन अवकाशों से जहां सरकारी और निजी कर्मचारियों को राहत मिलेगी, वहीं स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी आराम का अवसर मिलेगा. इससे पहले भी मार्च में होली के अवसर पर अवकाश था, जिससे लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ त्योहार का आनंद उठा सके. अब 23 मार्च और 31 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश मिलने से पंजाब के लोगों को और भी राहत मिलेगी.

ठगी का हाईटेक जाल: फगवाड़ा में फर्जी कॉल सेंटर से क्रिप्टो-हवाला के जरिए करोड़ों की धोखाधड़ी

फगवाड़ा. देश और विदेश में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की जा रही ठगी ने आम लोगों की नींद उड़ा दी हैं। इसी कड़ी में पंजाब में औघोगिक नगरी और प्रदेश के दोआबा इलाके का गेटवे स्वीकारे जाते फगवाड़ा का नाम बीते कुछ समय से खासी सुर्खियों में हैं क्योंकि कुछ समय पहले जिला कपूरथला की साइबर क्राईम विभाग की पुलिस टीम और थाना सिटी फगवाड़ा की पुलिस द्वारा यहां के घनी आबादी वाले पलाही रोड इलाके में एक विला में चलाए जा रहे एक ऐसे फर्जी कॉल सैंटर का पर्दाफाश किया है। जिसके तार क्रिपटो करंसी से लेकर हवाला कारोबार और अब डिजीटल अरेस्ट के मामलों से भी जोड़ा जा रहा है? सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में आए दिन चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। चर्चा यह भी है कि फगवाड़ा के इस फर्जी कॉल सैंटर से विदेशों में रह रहे मासूम लोगों को भांति प्रकार के तरीके अपना कथित तौर पर डिजीटल अरेस्ट का डरावा देकर मोटी रकमें वसूल की जाती रही हैं? अभी उक्त सारे मामले की पुलिस जांच का दौर जारी बताया जा रहा है। कैसे कार्य करते हैं यह फर्जी कॉल सैंटर? संगठित गिरोहों द्वारा संचालित फर्जी कॉल सेंटर्स से शातिर ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे भारी रकम ऐंठ लेते हैं। यह ठगी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल चुकी है और करोड़ों रुपये की अवैध कमाई का जरिया बन चुकी है। साइबर अपराधियों का यह नेटवर्क बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता है। ठग पहले सोशल मीडिया, डेटा लीक या अन्य माध्यमों से लोगों की निजी जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद वे फोन कॉल या वीडियो कॉल के जरिए संपर्क करते हैं और पीड़ित को बताते हैं कि उनका आधार कार्ड, सिम कार्ड या बैंक खाता किसी गंभीर अपराध जैसे मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स तस्करी में इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद वे “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर पीड़ित को मानसिक रूप से दबाव में ले आते हैं। विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई भी कानूनी प्रक्रिया भारत में अस्तित्व में नहीं है। यह पूरी तरह से ठगों द्वारा गढ़ी गई एक काल्पनिक अवधारणा है, जिसका उद्देश्य लोगों को भयभीत कर उनसे तुरंत पैसे वसूलना है। असल में, भारत में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत, पुलिस द्वारा भौतिक रूप से की जाती है ना कि फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से। ठगों का तरीका बेहद चालाकी भरा होता है। वे पीड़ित को कहते हैं कि वह “जांच के दायरे में” हैं और उसे घर में ही रहकर किसी से संपर्क नहीं करना चाहिए। कई मामलों में वीडियो कॉल पर नकली पुलिस स्टेशन या वर्दीधारी व्यक्ति दिखाकर भरोसा पैदा किया जाता है। इसके बाद “वेरिफिकेशन फीस” या “केस सेटलमेंट” के नाम पर बैंक ट्रांसफर, यूपीआई या गिफ्ट कार्ड के जरिए पैसे मांगे जाते हैं। डर और शर्म के कारण कई लोग बिना किसी से सलाह लिए पैसे भेज देते हैं। हाल ही में सामने आए मामलों में बुजुर्गों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया गया है। रिटायर्ड कर्मचारियों, गृहिणियों और छात्रों तक को इस जाल में फंसाया जा रहा है। कई पीड़ितों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा दी, जबकि कुछ मामलों में लोग मानसिक तनाव का भी शिकार हुए हैं। कैसे पहचानें और बचें इस ठगी से साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठगी से बचने के लिए सबसे पहले जागरूकता जरूरी हैं। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर फोन पर गिरफ्तारी की बात करता है, तो यह स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी का संकेत हैं। कोई भी वैध एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए गिरफ्तारी या पूछताछ नहीं करती। अनजान नंबर से आने वाली संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें। “डिजिटल अरेस्ट” या “ऑनलाइन जांच” जैसे शब्दों से सावधान रहें। किसी भी स्थिति में ओटीपी, बैंक डिटेल, आधार नंबर या पासवर्ड साझा न करें। घबराहट में तुरंत पैसे ट्रांसफर करने से बचें। ऐसे मामलों में परिवार के सदस्यों या विश्वसनीय व्यक्ति से तुरंत सलाह लें। यदि कोई ब्लैकमेल या धमकी दे तो क्या करें अगर किसी व्यक्ति को इस प्रकार की धमकी मिलती है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले कॉल काटें और संबंधित नंबर को ब्लॉक करें। इसके बाद तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर तत्काल सहायता ली जा सकती है। इसके अलावा, आधिकारिक वेबसाइट https://cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है। पीड़ित को चाहिए कि वह सभी सबूत जैसे कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज, बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल सुरक्षित रखें, ताकि जांच एजेंसियों को कार्रवाई करने में आसानी हो। सरकार और पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक आम नागरिक सतर्क नहीं होंगे, तब तक इस तरह के अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाना मुश्किल है। अंततः, यह समझना बेहद आवश्यक है कि “डिजिटल अरेस्ट” केवल एक झूठा डर हैं। कानून की आड़ में ठगी करने वाले इन गिरोहों से बचने का एकमात्र उपाय है। सतर्कता, जागरूकता और सही समय पर सही कदम उठाना।

स्क्रैप से बनेगा स्टील, युवाओं को मिलेगा रोजगार: CM मान का बड़ा ऐलान

लुधियाना. पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में स्टील उद्योग के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही है। टाटा ने हाईटेक वैली में देश का पहला ग्रीन स्टील प्लांट तैयार कर लिया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आज पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा करीब 3,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा। करीब 115 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 0.75 मिलियन टन (लगभग 7 लाख 50 हजार टन) रखी गई है। स्क्रैप से बनेगा स्टील इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस तकनीक है, जिसके माध्यम से स्क्रैप यानी पुराने लोहे को गलाकर नया स्टील तैयार किया जाएगा। यह तकनीक पारंपरिक स्टील उत्पादन की तुलना में काफी कम कार्बन उत्सर्जन करती है, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव न्यूनतम रहेगा। यह प्लांट भारत में ग्रीन स्टील उत्पादन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यहां तैयार होने वाला स्टील मुख्य रूप से टाटा टिस्कॉन (रिबार) के रूप में उपयोग किया जाएगा, जो निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कंपनी का दावा है कि इस प्रक्रिया में प्रदूषण लगभग शून्य के बराबर होगा और ऊर्जा की खपत को भी कम से कम रखने के लिए ग्रीन पावर का उपयोग किया जाएगा। 2500 नए रोजगार के अवसर  इस परियोजना के साथ-साथ लुधियाना में औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। टाटा स्टील द्वारा यहां एक और बड़े स्टील प्लांट की आधारशिला भी रखी गई है, जिसकी लागत लगभग 3200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस नए प्रोजेक्ट के जरिए करीब 2,500 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पंजाब के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि टाटा स्टील का यह ग्रीन प्लांट न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्रैप आधारित स्टील उत्पादन भविष्य की जरूरत है, क्योंकि इससे प्राकृतिक संसाधनों की बचत के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आती है। टाटा स्टील का यह कदम देश में टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और अन्य कंपनियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। लुधियाना में स्थापित यह ग्रीन स्टील प्लांट न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल को दर्शाता है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सौगात: ईद के मौके पर पंजाब में खुलेगा नया मेडिकल कॉलेज

चंडीगढ़. मलेरकोटला में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जमीन खरीद ली गई है। आज उसकी सारी कागजी कार्रवाई शुरू हो जाएगी।कल ईद के मुबारक मौके पर मलेरकोटला को नया मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जमीन के कागजात सौंप दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य से संबंधित सरकार की करगुजारियों को मीडिया के सामने रखते हुए ये जानकारी सांझा की है। सीएम ने बताया कि लहरागागा में जैन मेडिकल समुदाय की ओर से मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है जबकि संगरूर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज की भी सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं इन पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पंजाब का पहला पंजाब इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर भी शुरू किया जा चुका है जो मोहाली में सफलतापूर्वक चल रहा है। कैंसर की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदम सीएम मान कहा कि सरकार ने पहले से ही आठ केंद्रों पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध करवाई हुई थी और अब पेट स्कैन की सुविधा भी उपलब्ध करवा दी गई है । यही नहीं 200 ऐसे लैब के साथ भी समझौता किया हुआ है जो सीटी स्कैन करवाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर पर नकेल कसने के लिए पहले से ही स्क्रीनिंग करने का काम स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर से लेकर 9 मार्च तक 9294 ब्रेस्ट से संबंधित स्क्रीनिंग की गई जिसमें से आठ मामले संभावित कैंसर की नजर आए हैं जिनका इलाज शुरू किया जा चुका है। मेडिकल कॉलेजों में दिल के रोगों का इलाज इसी तरह दिल के रोगों के लिए भी 29000 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और पंजाब के पटियाला ,अमृतसर और फरीदकोट स्थित मेडिकल कॉलेज में दिल के रोगों संबंधी इलाज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा चुकी है। जबकि पहले यह सिर्फ सीएमसी और सेक्टर 32 के मेडिकल कॉलेज में ही सुविधा उपलब्ध थी। हार्ट अटैक होने पर मरीजों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंच कर उसे बचाना ही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

भगवंत मान सरकार की पहल, मेडिकल शिक्षा में विस्तार और दूसरे संस्थान की घोषणा: डॉ. बलबीर सिंह

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज कपूरथला में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की। यह इस महीने घोषित किया जाने वाला दूसरा ऐसा संस्थान है, इससे पहले होशियारपुर में शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का ऐलान किया गया था। श्री गुरु नानक देव जी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के रूप में यह नई सुविधा कपूरथला के मौजूदा जिला अस्पताल परिसर में स्थापित की जाएगी। आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “टेंडरिंग प्रक्रिया सहित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और कार्यकारी एजेंसियों को काम के आदेश जारी कर दिए गए हैं। निर्माण कार्य 25 मार्च, 2026 से शुरू कर दिया जाएगा और मार्च 2028 तक 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।” उन्होंने आगे बताया, “275 करोड़ रुपये की कुल लागत से स्थापित किए जाने वाले इस प्रोजेक्ट में 300 बिस्तरों वाला अस्पताल और एक मेडिकल कॉलेज शामिल होगा, जिसमें हर साल एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी। इससे न केवल राज्य की मेडिकल शिक्षा क्षमता बढ़ेगी बल्कि पंजाब के विद्यार्थियों को महंगी मेडिकल पढ़ाई के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” इस पहल के सकारात्मक प्रभावों के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा, “एक बार शुरू होने के बाद यह संस्थान न सिर्फ 100 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि करेगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों को अत्याधुनिक सेकेंडरी और टर्शियरी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करेगा। यह संस्थान रोजगार का एक बड़ा स्रोत बनेगा, जिससे 1000 से अधिक लोगों को सीधे तौर पर लाभ होगा और कई लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।” स्वास्थ्य क्षेत्र में अन्य उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए सुल्तानपुर लोधी के सरकारी अस्पताल को शहरी केंद्र के रूप में अपग्रेड किया जाएगा और बेगोवाल के सरकारी अस्पताल को ग्रामीण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। दोनों को कपूरथला के नए मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाएगा।” लगभग 5 लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में बनने वाले इस प्रोजेक्ट में छह बड़े ऑपरेशन थिएटर, 500 क्षमता वाला ऑडिटोरियम, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं, एक केंद्रीय प्रयोगशाला, एक ब्लड बैंक और कौशल प्रयोगशालाओं व संग्रहालयों से सुसज्जित आधुनिक शैक्षणिक विभाग शामिल होंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल, पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के चेयरमैन गुरशरण सिंह छीना और पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक अमित तलवार भी उपस्थित थे।

भारत-पाक बॉर्डर पर नाकाम तस्करी: BSF ने गुरदासपुर में 3 आरोपियों को दबोचा, भारी मात्रा में हेरोइन जब्त

गुरदासपुर. भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीएसएफ के सेक्टर गुरदासपुर के अंतर्गत आने वाली 113 बटालियन के जवानों ने पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भेजी गई हेरोइन की बड़ी खेप को लेने आए तीन तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, बीएसएफ की 113 बटालियन की बीओपी बसंतर के क्षेत्र में ड्रोन की गतिविधि देखे जाने के बाद सतर्क हुए जवानों ने अपनी पैनी निगाह बनाए रखी। इसी दौरान भारतीय क्षेत्र में भेजी गई करीब 7 किलोग्राम हेरोइन को लेने पहुंचे तीन भारतीय तस्करों को बीएसएफ ने मौके पर दबोच लिया। बीएसएफ ने गिरफ्तार किए गए तस्करों और जब्त की गई हेरोइन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एनसीबी को सौंप दिया है।

पंजाब में बारिश से बदला मौसम, विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

चंडीगढ़. शहर में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। वीरवार सुबह से लगातार हुई बारिश के चलते ट्राईसिटी में ठंडक बढ़ गई और लोगों को मार्च के महीने में एक बार फिर हल्की सर्दी का अहसास हुआ। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण शहर के अधिकतम तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वीरवार को अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री और न्यूनतम 14.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। खास बात यह रही कि दिन और रात के तापमान में केवल 6 डिग्री का अंतर रहा, जो सामान्य से कम है। पिछले 24 घंटों में शहर में 4.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए चंडीगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि आज भी शहर में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद हल्की गिरावट के बाद फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम में अचानक आए बदलाव के चलते सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने और ठंडी चीजों से परहेज करने की सलाह दी गई है। अगले तीन दिन: धीरे-धीरे साफ होगा मौसम – शुक्रवार : बारिश और तेज हवाएं, तापमान 21 °डिग्री /14°डिग्री शनिवार : मौसम साफ रहने की संभावना, तापमान 23°डिग्री/13°डिग्री रविवार : आंशिक बादल, तापमान 25°डिग्री/14°डिग्री

फ्लाइट से पहले चेक करें अपडेट! रनवे रिपेयर के चलते पंजाब के चार एयरपोर्ट रहेंगे बंद

चंडीगढ़. हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अहम जानकारी सामने आई है। अगर आप आने वाले महीनों में हवाई यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। देश के 4 बड़े एयरपोर्ट-  पंजाब के आदमपुर एयर बेस, जोधपुर, श्रीनगर और पुणे पर रनवे की मरम्मत के कारण उड़ानें कुछ समय के लिए प्रभावित रहेंगी। इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) ने इन एयरपोर्ट पर चरणबद्ध तरीके से रनवे रीकार्पेटिंग की योजना बनाई है। सबसे लंबे समय तक बंद रहेगा आदमपुर एयरपोर्ट पंजाब के यात्रियों के लिए चिंता की बात यह है कि जालंधर के पास आदमपुर एयर बेस पर उड़ानें साल के आखिर तक करीब 8 महीने तक बंद रहने की संभावना है। इन 4 एयरपोर्ट में यह सबसे लंबे समय तक बंद रहने वाला एयरपोर्ट होगा। अन्य एयरपोर्ट का शेड्यूल जोधपुर एयरपोर्ट में 29 मार्च से 27 अप्रैल तक फ्लाइट पूरी तरह बंद रहेंगी। वहीं इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने 28 मार्च के बाद की बुकिंग पहले ही बंद कर दी हैं। इसके साथ ही श्रीनगर एयरपोर्ट परअगस्त से अक्टूबर के बीच तक हर वीकेंड पर फ्लाइट्स प्रभावित रहेंगी। इसके बाद 16 अक्टूबर से 5 नवंबर तक एयरपोर्ट पूरी तरह बंद रहेगा। पुणे एयरपोर्ट पर भी रनवे रेनोवेशन का प्लान है, लेकिन तारीखों का ऑफिशियल अनाउंसमेंट होना बाकी है। क्यों लिया गया यह फैसला? ये एयरपोर्ट सिर्फ सिविल फ्लाइट्स के लिए ही इस्तेमाल नहीं होते, बल्कि मिलिट्री के नजरिए से भी बहुत जरूरी हैं। डिफेंस फ्लाइट्स और फाइटर जेट्स की सेफ्टी पक्का करने के लिए रनवे को हाई टेक्निकल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से मेंटेन करना जरूरी है। सरकार ने फ्लाइट्स में कटौती और रीरूटिंग को देखते हुए पहले ही 'NOTAMs' जारी कर दिए हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी परेशानी से बचने के लिए एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट्स का स्टेटस चेक कर लें।

AAP का बरनाला में दबदबा कायम: ब्लॉक समिति की कमान नए नेतृत्व के हाथ

चंडीगढ़ बरनाला ब्लॉक समिति में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की जीत के साथ जगदेव सिंह मान चेयरमैन और हरमेल सिंह उप चेयरमैन बने। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों और सांसद गुरमीत मीत हेयर के नेतृत्व में विकास को गति देने की तैयारी। बरनाला की राजनीति में नई हलचल पंजाब के बरनाला जिले की राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों और गुरमीत सिंह मीत हेयर की अगुवाई में ब्लॉक समिति बरनाला के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए नेतृत्व अपने हाथ में लिया, जिससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों में नई ऊर्जा आई है। जगदेव मान और हरमेल सिंह को बड़ी जिम्मेदारी ब्लॉक समिति के इस चुनाव में जगदेव सिंह मान को चेयरमैन और हरमेल सिंह को उप चेयरमैन चुना गया। दोनों नेताओं की नियुक्ति को क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे संगठन की मजबूती का संकेत बताया। सम्मान समारोह में दिखी एकजुटता चुनाव के बाद पंंचायत समिति कार्यालय में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां हलका इंचार्ज हरिंदर सिंह धालीवाल ने सभी निर्वाचित सदस्यों और पदाधिकारियों को सिरोपाओ देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला के चेयरमैन राम तीरथ मन्ना भी मौजूद रहे और उन्होंने सभी उम्मीदवारों, सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों को जीत की बधाई दी। विकास को मिलेगी नई रफ्तार नए नेतृत्व ने भरोसा जताया कि वे बिना किसी भेदभाव के गांवों के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के सहयोग से बरनाला जिले में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने और जनहित योजनाओं को तेजी से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संगठन और नेतृत्व पर जताया विश्वास इस मौके पर नेताओं ने पार्टी हाईकमान और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में विकास की नई मिसाल कायम की जाएगी। स्थानीय स्तर पर यह बदलाव न केवल प्रशासनिक कार्यों को गति देगा, बल्कि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भी प्रयास करेगा।