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नंगल झील पर 10 करोड़ से बनेगा ग्लास ब्रिज, छह महीने में तैयार होगा उत्तरी भारत का पहला ब्रिज

नंगल पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से नंगल झील (शिवालिक पार्क झील) पर 10 करोड़ रुपये से उत्तरी भारत का पहला ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा। इसे छह माह के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यह घोषणा मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नंगल दौरे के दौरान की।  नंगल को आधुनिक बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से सीएम ने 75 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें उत्तरी भारत का पहला ग्लास ब्रिज, कारगिल शहीद कैप्टन अमोल कालिया के नाम पर 23 करोड़ रुपये का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और शिक्षा बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर अपग्रेडेशन शामिल है। करोड़ों के विकास कार्यों को लोगों को समर्पित करने के बाद सीएम सियासी विरोधियों पर भी हमलावर दिखे। इस दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम मान ने पंजाब में नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा, अकालियों पर पीढ़ियों के नरसंहार का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशे के व्यापार को सरपरस्ती दी थी और उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का व्यापार फैला। सीएम ने कहा, ये मौकापरस्त नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपना रंग और पक्ष बदलते हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने जनता में अपना विश्वास खो दिया है। सीएम ने कहा, पूर्व उप मुख्यमंत्री बादल दावा करते हैं कि उन्होंने अपने शासन में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य जगहों पर जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और बेकसूरों को मारा गया, उनके बारे में चुप क्यों हैं? ये सारी घटनाएं उनके शासन के दौरान हुईं। मान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। राज्य के युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इन परियोजनाओं की मिली सौगात 23 करोड़ की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की नींव रखी गई। 540 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण मिलेगा। रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नीशियन और 3डी प्रिंटिंग कोर्स पढ़ाए जाएंगे। सिविल एविएशन, एयर होस्टेस प्रशिक्षण और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे कई नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। नंगल समेत 11 सरकारी आईटीआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपग्रेड किया गया। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नंगल के शिवालिक पार्क में झील पर 10 करोड़ रुपये से ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा । नंगल के स्कूल ऑफ एमिनेंस में 10 करोड़ रुपये की लागत से 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम बनेगा। चार प्रयोगशालाओं और 12 क्लासरूम वाला एक चार मंजिला अकादमिक ब्लॉक 8 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। सिस्टम बदलने को बनी थी पार्टी : सिसोदिया जनसभा को संबोधित करते हुए आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी का गठन सिर्फ सरकारें बदलने के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम बदलने के लिए किया गया था। जिस कारण पंजाब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तेजी से तरक्की कर रहा है। इस विकास से घबराए विपक्षी दलों ने हमें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की, लेकिन अदालत से बरी होकर हमने अपनी ईमानदारी साबित कर दी। अगर कांग्रेस, अकाली या भाजपा सत्ता में वापस आए तो वे इन जनकल्याण योजनाओं को खत्म कर देंगे।

चंडीगढ़ में पानी के बिल में 5% की बढ़ोतरी, सीवरेज सेस भी हुआ महंगा

चंडीगढ़ नया वित्त वर्ष बदलने के साथ ही आज से कई तरह के चार्ज भी बढ़ गए हैं। पहली अप्रैल से वाटर टैरिफ पांच प्रतिशत बढ़ गया है। सीवरेज सेस में भी बढ़ोतरी हो गई है यह बढ़कर ही पानी के बिल में जुड़ेगा। अभी तक 0-15 किलोलीटर (एक किलोलीटर में एक हजार लीटर) पानी पर प्रति केएल 3.47 रुपये खर्च आता है जो बढ़कर 3.64 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है। 60 केएल से अधिक पर 24.31 रुपये प्रति केएल खर्च बिल में जुड़कर आने लगेगा। कम पानी खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को मामूली अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। जैसे पहली 0-15 किलोलीटर की स्लैब में 15 पैसे की बढ़ोतरी से तीन से पांच रुपये ही अधिक चुकाने होंगे। निगम ने प्रापर्टी मालिकों को राहत देते घोषणा की है कि 31 मई तक प्रापर्टी टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। यह छूट रिहायशी संपत्तियों पर 20 प्रतिशत तक और कमर्शियल, इंडस्ट्रियल व अन्य संपत्तियों पर 10 प्रतिशत तक लागू होगी। 31 मई के बाद टैक्स जमा करने वालों पर 25 तक पेनल्टी और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जा सकता है। पिछले वर्ष निगम ने रिकार्ड प्रापर्टी टैक्स जमा किया था। प्रॉपर्टी खरीदना हुआ और महंगा शहर में कलेक्टर रेट में 10% से लेकर 22% तक की बढ़ोतरी की गई है। रिहायशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और कृषि भूमि सभी इसके दायरे में हैं। सेक्टर 1 से 12 में दरें अब ₹2.37 लाख प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई हैं। सेक्टर 14 से 37 के लिए ₹1.81 लाख प्रति वर्ग गज तय किया गया है। बाहरी सेक्टरों (38 और आगे) में यह ₹1.33 लाख प्रति वर्ग गज हो गया है। फ्लैट और मकानों के लिए भी अलग-अलग फ्लोर के हिसाब से नई दरें लागू हुई हैं। कॉर्नर प्रॉपर्टी पर 5% अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जबकि रिहायशी प्लॉट को नर्सिंग होम या अस्पताल में बदलने पर 25% से ज्यादा अतिरिक्त फीस लगेगी। पानी के बिल में भी बढ़ोतरी पानी की दरों में मामूली लेकिन असरदार इजाफा किया गया है। 0–15 किलोलीटर पानी अब ₹3.64 प्रति किलोलीटर मिलेगा। ज्यादा खपत पर अतिरिक्त चार्ज बढ़ेगा। हालांकि कम खपत वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर सीमित रहेगा, लेकिन कुल बिल में हल्की बढ़ोतरी तय है। साथ ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए अप्रैल से जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। कूड़ा उठाने का शुल्क बढ़ा नगर निगम ने घरों से कचरा उठाने की फीस में 5% तक की वृद्धि की है। छोटे घरों से लेकर बड़े कोठियों तक सभी श्रेणियों में चार्ज बढ़ा है। 2 मरला तक के घरों के लिए शुल्क ₹60 से अधिक हो गया है, जबकि बड़े घरों के लिए ₹425 तक पहुंच गया है। बिजली बिल में भी असर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए पहले स्लैब (0–100 यूनिट) में दर बढ़ाकर ₹2.95 प्रति यूनिट कर दी गई है। 100 यूनिट इस्तेमाल करने वालों को अब ₹15 ज्यादा देने होंगे। 200 यूनिट तक खपत करने वालों के बिल में भी हल्की बढ़ोतरी देखी जाएगी। शराब भी हुई महंगी, बिक्री के नए विकल्प नई एक्साइज पॉलिसी लागू होने के साथ शराब की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। ₹500 की बोतल अब करीब ₹510 में मिलेगी। ₹2000 की बोतल की कीमत ₹2040 तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि अब शहर में पेट्रोल पंप और किराना दुकानों पर भी शराब उपलब्ध होगी, जिससे इसकी पहुंच और आसान हो जाएगी। डोमेस्टिक कंज्य के लिए नई पानी की दरें खपत की सीमा (केएल में) नई दर (रुपये प्रति केएल) 01-15 3.64 16-30 7.30 31-60 12.16 60 से अधिक 24.31 अन्य कंज्यूमर के लिए नई पानी की दरें (1 अप्रैल से प्रभावी) कंज़्यूमर का प्रकार नई दर (रुपये प्रति केएल) कमर्शियल 36.47 इंस्टीट्यूशनल 30.39 टैक्सी स्टैंड 36.47

अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट समारोह की नई टाइमिंग, अब शाम 5:30 से 6 बजे तक

अटारी अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान अटारी सीमा पर होने वाली प्रसिद्ध रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नए निर्णय के अनुसार अब रिट्रीट सेरेमनी शाम 5:30 बजे से शुरू होकर 6:00 बजे तक चलेगी। इससे पहले रिट्रीट सेरेमनी 5 बजे शुरू होकर साढ़े 5 बजे खत्म हो रही थी। मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था। यह नया समय आज यानी 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है। हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पंजाब में गेहूं खरीद आज से, आढ़तियों की हड़ताल के बावजूद सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी

अमृतसर  पंजाब में आज से गेहूं की खरीद शुरू हो रही है लेकिन आढ़तियों की हड़ताल से सीजन पर संकट गहरा गया है। केंद्र ने राज्य को 122 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है जबकि पंजाब सरकार ने 132 लाख मीट्रिक टन खरीद की तैयारी की है।  खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आढ़तियों की कमीशन बढ़ाने का मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया था जिसके बाद 4.75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आढ़तियों से हड़ताल खत्म कर खरीद में शामिल होने की अपील की ताकि किसानों को परेशानी न हो। मंत्री ने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था भी की है ताकि खरीद प्रभावित न हो। उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर बॉर्डर जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है ताकि दूसरे राज्यों से गेहूं लाकर बेचने पर रोक लगाई जा सके। राज्य में 1897 खरीद केंद्र अधिसूचित किए गए हैं और 266 अस्थायी यार्ड बनाए गए हैं। एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय है और केंद्र से 30973 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा मिल चुकी है। वहीं आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि 2.50 प्रतिशत कमीशन मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी।  बता दें कि आरबीआई ने अप्रैल माह के लिए 20,973 करोड़ की सीसीएल जारी की है। दूसरे राज्यों से अनाज लाकर पंजाब में एमएसपी पर बेचने के मामले में विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आम तौर पर गेहूं के सीजन में ऐसा कम ही देखने को मिलता है। मुख्य समस्या धान के सीजन में आती है।

किसानों के लिए खुशखबरी, ₹2275 प्रति क्विंटल मिलेगा गेहूं का दाम, पंजाब में 1 अप्रैल से शुरू होगी खरीद

चंडीगढ़। पंजाब में गेहूं के सीजन को लेकर मान सरकार ने कमर कस ली है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि कल, यानी 1 अप्रैल से पूरे राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। सरकार ने इस सीजन के लिए सभी प्रबंध मुकम्मल होने का दावा किया है। मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि इस बार पंजाब में 34 लाख 90 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बुवाई हुई है। मंडियों में करीब 7 लाख से ज्यादा किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कुल 1,897 स्थायी मंडियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा कुछ अस्थायी मंडियां भी बनाई गई हैं ताकि किसानों को दूर न जाना पड़े। MSP में 150 की बढ़ोतरी, CCL लिमिट हुई प्राप्त इस बार केंद्र सरकार की ओर से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,275 प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 150 प्रति क्विंटल अधिक है। मंत्री ने जानकारी दी कि खरीद के भुगतान के लिए 30,773 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट प्राप्त हो चुकी है, जिससे किसानों को समय पर अदायगी सुनिश्चित की जाएगी। सीमावर्ती इलाकों में विशेष चौकसी दूसरे राज्यों से अवैध रूप से गेहूं लाकर पंजाब की मंडियों में खपाने की कोशिशों को रोकने के लिए अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष नाकेबंदी की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अवैध तरीके से बाहरी राज्य का गेहूं लाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब के किसानों के लिए आवंटित फंड का लाभ केवल यहीं के किसानों तक पहुंचाना है।  

गैस सिलेंडर डिलीवरी बना कमाई का जरिया, पंजाब में उपभोक्ताओं से ज्यादा वसूली

बरनाला. जिले में गैस सिलेंडर की कमी के कारण जहां आम जनता पहले से ही गंभीर मानसिक और आर्थिक परेशानी से गुजर रही है, वहीं अब गैस एजेंसियों द्वारा कस्टमर्स की जेब पर सीधी लूट के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। होम डिलीवरी और एजेंसी से ही सिलेंडर उठाने के दाम में अंतर का फायदा उठाकर भोले-भाले लोगों को लूटा जा रहा है, जिसके कारण शहरवासियों में भारी विरोध है। दामों में अंतर और एजेंसी की चालाकी आज अनाज मंडी बरनाला में हरजीत सिंह मान (टेंट हाउस), सोहन लाल, महा सिंह और बलविंदर सिंह समेत इकट्ठा हुए कस्टमर्स ने मीडिया से बात की और एजेंसियों की कथित मनमानी का पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि उनकी गैस की कॉपी 'पनसप गैस सर्विस' ने बनाई थी। जब वे सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचे और रसीद कटवाई, तो उन्हें एक सिलेंडर की रसीद दी गई जिसमें 934 रुपये की कटौती की गई थी। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि 934 रुपये वह रेट है जिसमें होम डिलीवरी भी शामिल है। नियमों के मुताबिक, अगर कोई कंज्यूमर खुद एजेंसी के गोदाम या ऑफिस में आकर सिलेंडर लेता है, तो उसे होम डिलीवरी चार्ज नहीं देना पड़ता और सिलेंडर का रेट 901 रुपये हो जाता है। विरोध करने पर रसीद बदली गई पीड़ित कंज्यूमर्स ने कहा कि जब उन्हें इस कीमत के अंतर के बारे में पता चला और उन्होंने एजेंसी स्टाफ से बात की, तो एजेंसी स्टाफ ने अपनी गलती छिपाने के लिए तुरंत 934 रुपये की रसीदें वापस ले लीं और उन्हें 901 रुपये की नई रसीदें दे दीं। कंज्यूमर्स ने सवाल उठाया कि अगर उन्हें पता नहीं होता, तो उनके साथ लूट हो जाती। उन्होंने डर जताया कि पता नहीं पहले कितने अनजान लोगों को 33 रुपये अतिरिक्त लेकर सिलेंडर बेचे गए होंगे। यह हजारों रुपये का घोटाला लगता है। मैसेज आए पर सिलेंडर नहीं मिला – लूट के अलावा, कंज्यूमर्स ने डिलीवरी सिस्टम पर भी बड़े सवाल उठाए हैं। कई लोगों ने कहा कि उनके मोबाइल फोन पर 'सिलेंडर डिलीवर होने' के मैसेज आए हैं, लेकिन असल में सिलेंडर उनके घर नहीं पहुंचा। यह डिजिटल फ्रॉड का बड़ा मामला है, जिससे कंज्यूमर्स सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं और एजेंसी कागजों में अपना कोटा पूरा दिखा रही है। कंज्यूमर्स ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि एक तरफ महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है और दूसरी तरफ ये गैस एजेंसियां ​​खुलेआम लूट कर रही हैं।  ये मांगे – फूड सप्लाई डिपार्टमेंट तुरंत इन एजेंसियों के रिकॉर्ड चेक करे।  एजेंसी के बाहर होम डिलीवरी और एजेंसी रेट में अंतर दिखाने वाला बोर्ड लगाया जाए। जिन लोगों को सिलेंडर नहीं मिले हैं लेकिन मैसेज आ गए हैं, उनकी तुरंत सुनवाई हो। अगर एडमिनिस्ट्रेशन ने जल्द ही इन एजेंसियों पर शिकंजा नहीं कसा तो शहरवासी बड़े लेवल पर संघर्ष करने को मजबूर होंगे। सिस्टम और एडमिनिस्ट्रेशन से सीधे सवाल: इसकी जिम्मेदारी किसकी है?: क्या फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट को इस लूट की जानकारी नहीं है? अगर कस्टमर्स ने विरोध नहीं किया होता, तो क्या 33 रुपये प्रति सिलेंडर की यह लूट जारी नहीं रहती? डिजिटल फ्रॉड: कस्टमर्स को सिलेंडर मिलने से पहले ही 'डिलीवर हो गया' का मैसेज कैसे आ रहा है? क्या एजेंसियां ​​कागजों में कोटा पूरा दिखाकर सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग कर रही हैं? ट्रांसपेरेंसी की कमी: एजेंसियों के बाहर होम डिलीवरी और वेयरहाउस रेट के बड़े बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए? क्या यह जानबूझकर लोगों को अंधेरे में रखने की कोशिश है? एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन कब लिया जाएगा?: क्या डिप्टी कमिश्नर बरनाला इन एजेंसियों के रिकॉर्ड की सरप्राइज चेक करेंगे ताकि गरीब जनता की लूट रुक सके?

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पर कोई दखल नहीं, आय सीमा को लेकर दिया सुझाव

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह सरकार का नीतिगत निर्णय है और ऐसे मामलों में न्यायालय आमतौर पर दखल नहीं देता।   हालांकि कोर्ट ने यह टिप्पणी जरूर की कि यदि योजना को उन लोगों तक सीमित किया जाता जो यात्रा का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं तो यह अधिक न्यायसंगत होता। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ के समक्ष आरटीआई कार्यकर्ता परविंदर सिंह किटना की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि योजना में आय का कोई मापदंड तय नहीं किया गया है जिससे आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी इसका लाभ उठा सकते हैं। साथ ही इसे करदाताओं के पैसे की बर्बादी बताया गया। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि 20 नवंबर 2023 को शुरू की गई यह योजना लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लागू की गई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया गया जिसमें हज सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की बात कही गई थी ताकि धन का उपयोग शिक्षा और सामाजिक विकास में हो सके। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप सीमित होता है। साथ ही याचिकाकर्ता को अपनी आपत्तियां और सुझाव राज्य सरकार के समक्ष रखने की स्वतंत्रता दी गई। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इन सुझावों पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाए। 

थाने में धमाके के बाद सनसनी, वायरल पोस्ट में खालिस्तानी संगठन का दावा

अमृतसर. बीते दिनों अमृतसर ग्रामीण के थाना भिंडीसैदां में हुए धमाके के मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार भिंडीसैदां पुलिस स्टेशन में हुए धमाके की एक देश विरोधी संगठन द्वारा ली गई है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। वायरल पोस्ट में खालिस्तान लिबरेशन आर्मी द्वारा इसकी जिम्मेदारी ली गई है पर इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वायरल पोस्ट में लिखा गया है कि अमृतसर खालिस्तान लिबरेशन आर्मी के हाई कमांड ने 30 मार्च 2026 को ऑपरेशन खालसा नया सवेरा के तहत अजनाला, अमृतसर के भिंडीसैदां पुलिस स्टेशन पर 2 ग्रेनेड हमले किए, जिससे तीन पुलिसवाले गंभीर रूप से घायल हो गए। इसकी जिम्मेदारी हम, KLA, स्वीकार करते हैं। ये हमले निर्दोष रणजीत सिंह (गुरदासपुर के गांव अधियां) के खून का बदला लेने के लिए किए गए हैं, साथ ही उन पीड़ित सिखों के लिए भी, जो झूठे मामलों में फंसाए गए और बाद में झूठे एनकाउंटर में मारे गए। ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी और इन्हें और तेज किया जाएगा। डीआईजी संदीप गोयल को चेतावनी! हम तुम्हारे पीछे आ रहे हैं। इसके साथ ही खालिस्तान जिंदाबाद भी लिखा गया।  

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने हटाई सेना के जवानों की डिसेबिलिटी पेंशन पर रोक

चंडीगढ़  भारतीय सेना के जवानों के हितों की रक्षा करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सशस्त्र बलों के सदस्यों को दी जाने वाली डिसेबिलिटी पेंशन (Disability Pension) को तकनीकी आधार पर नहीं रोका जा सकता। अदालत ने केंद्र सरकार और सैन्य अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया है कि सेवा के दौरान दिव्यांग हुए जवानों को उनका जायज हक तुरंत दिया जाए। यह फैसला उन हजारों पूर्व सैनिकों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है जो लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। 1. कोर्ट का कड़ा रुख: "सेवा की परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं कर सकते" हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सेना की ड्यूटी अत्यंत कठिन परिस्थितियों में होती है। यदि कोई जवान सेवा के दौरान किसी शारीरिक अक्षमता या बीमारी का शिकार होता है, तो यह माना जाना चाहिए कि वह 'Attributable to Military Service' (सैन्य सेवा के कारण) है। कोर्ट ने उन दलीलों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि जवान की बीमारी का ड्यूटी से सीधा संबंध नहीं है। 2. पेंशन रोकने के नियमों पर सवाल अदालत ने पाया कि कई मामलों में सैन्य अधिकारियों द्वारा पेंशन के दावों को यह कहकर खारिज कर दिया जाता है कि दिव्यांगता 'अग्रवेटेड' (Aggravated) नहीं है। हाई कोर्ट ने साफ किया कि अगर मेडिकल बोर्ड ने भर्ती के समय जवान को पूरी तरह फिट घोषित किया था, तो सेवा के दौरान पैदा हुई किसी भी अक्षमता के लिए विभाग ही जिम्मेदार है। 3. पूर्व सैनिकों को मिलेगी बड़ी राहत इस फैसले के बाद अब उन जवानों के लिए पेंशन का रास्ता साफ हो गया है जिन्हें 'डिस्चार्ज' के समय मेडिकल ग्राउंड पर अनफिट घोषित कर घर भेज दिया गया था। कोर्ट ने आदेश दिया है कि पिछले बकाया (Arrears) के साथ पेंशन का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। 4. सैन्य नियमों की व्याख्या में स्पष्टता हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कल्याणकारी नियमों की व्याख्या हमेशा लाभार्थी (जवान) के पक्ष में होनी चाहिए। प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए ऐसे मामलों में अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचना चाहिए।

स्कूलों में बदला मिड डे मील मेनू, अब शनिवार को परोसी जाएगी पौष्टिक माह की दाल

लुधियाना. पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से पी.एम. पोषण स्कीम के तहत स्कूलों में दिए जाने वाले दोपहर के भोजन (मिड-डे-मील) के लिए साप्ताहिक मेन्यू जारी आकर दिया है। यह नया मेन्यू 1 से 30 अप्रैल तक लागू रहेगा। सोसाइटी के जनरल मैनेजर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, स्कूल के विद्यार्थियों को कतार में बिठाकर मिड-डे-मील इंचार्ज की निगरानी में मेन्यू के अनुसार खाना खिलाना यकीनी बनाया जाए। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी स्कूल में मेन्यू का पालन नहीं किया जाता या नियमों की अनदेखी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल मुखी की होगी। इसके अलावा 'तिथि भोजन' के तहत गांव के सरपंच या दानी सज्जनों के सहयोग से विशेष अवसरों, त्यौहारों या जन्मदिन पर विद्यार्थियों को फल, मिठाई या विशेष भोजन देने के प्रयास करने के लिए भी कहा गया है। साप्ताहिक मेन्यू सोमवार : दाल और रोटी। मंगलवार : राजमाह-चावल और खीर। बुधवार : काले या सफेद चने (आलू के साथ) और पूरी या रोटी। गुरुवार : कढ़ी (आलू और प्याज के पकौड़ों के साथ) और चावल। शुक्रवार : मौसमी सब्जी, रोटी और मौसमी फल। शनिवार : साबुत माह की दाल और चावल। पी.टी.एम. के दौरान विद्यार्थियों को मिलेंगे आयुर्वेद के टिप्स पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से सरकारी स्कूलों के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार अब स्कूलों में पेरैंट्स-टीचर मीटिंग वाले दिन विद्यार्थियों और अध्यापकों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष लेक्चर आयोजित किए जाएंगे। पंजाब स्टेट फूड कमीशन के सुझाव पर आधारित इन निर्देशों में कहा गया है कि आयुर्वैदिक मैडीकल ऑफिसर अपने नजदीकी स्कूलों में जाकर बच्चों को आयुर्वेद के अनुसार खान-पान और रहन-सहन की जानकारी देंगे। स्कूल मुखियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आयुष डॉक्टरों या आयुर्वेद के माहिर व्यक्तियों के माध्यम से ऐसे लेक्चर करवाने के प्रयास करें।