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कांग्रेस में नई कमान के साथ बदले तेवर! परगट सिंह के अध्यक्ष बनते ही रंधावा बोले- ‘मैं भी जिम्मेदार’

चंडीगढ़. कांग्रेस प्रदेश प्रधान के रूप में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का विरोध करने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के वड़िंग के इस्तीफे के बाद सुर भी बदल गए हैं। परगट सिंह की नए प्रधान की नियुक्ति के बाद पार्टी में सियासी समीकरणों को लेकर पहली बार रंधावा ने खुलकर बात की है। रंधावा ने कहा कि भले ही अब राजा प्रधान नहीं हैं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मुश्किल दौर में उन्होंने पंजाब कांग्रेस के लिए जिस तरह काम किया, वह काबिले तारीफ है। रंधावा ने माना कि राजा वड़िंग के साथ मतभेद रहे हैं और कई बार व्यक्तिगत स्तर पर भी मतभेद हुए, लेकिन दोनों ने लंबे समय तक कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी के लिए काम किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस के अंदर पैदा हुए मतभेदों के लिए वह खुद को भी उतना ही जिम्मेदार मानते हैं जितना राजा वड़िंग को। पार्टी को पुराने मतभेद पीछे छोड़कर एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा रंधावा ने कहा कि कुछ लोगों ने कांग्रेस के अंदर भेदभाव और दूरी पैदा करने का काम किया। अब ऐसे लोगों को भी आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी को पुराने मतभेद पीछे छोड़कर एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। रंधावा ने कहा कि कांग्रेस को किसी एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द नहीं, बल्कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर लड़ना होगा। राजा वड़िंग ने पार्टी को जीत दिलाने के लिए काफी मेहनत की है और उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पंजाब के 3602 सरकारी स्कूलों को मिलेंगे नए संसाधन, सरकार ने जारी किए 80 करोड़ से ज्यादा

चंडीगढ़  पंजाब के सरकारी स्कूल अब एक जैसे तय रंगों में नजर आएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 3602 सरकारी स्कूलों में व्हाइटवाश, पेंट और कलर कोडिंग कराने के लिए 80 करोड़ 45 लाख 40 हजार रुपये की राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि विभाग ने केवल रंग-रोगन कराने तक ही निर्देश सीमित नहीं रखे हैं, बल्कि स्कूल की हर दीवार पर कौन सा रंग होगा, कितनी परतें लगेंगी और सामग्री की खरीद से लेकर भुगतान तक का हिसाब कैसे रखा जाएगा, यह भी तय कर दिया है। एक अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार यह राशि ईडीएस-53 ‘कन्वर्टिंग गवर्नमेंट स्कूल्स इनटू स्मार्ट स्कूल’ योजना के तहत दी जा रही है। इसके तहत 764 सीनियर सेकेंडरी, 411 हाई, 1895 मिडिल और 532 प्राइमरी स्कूलों में काम होगा। कुल 67.04 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में व्हाइटवाश और पेंट कराया जाएगा। विभाग ने प्रति वर्ग फुट 12 रुपये की दर से खर्च का अनुमान लगाया है। अमृतसर में सबसे ज्यादा स्कूल, लुधियाना में सबसे ज्यादा राशि जिलेवार देखें तो अमृतसर में 334 स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। यहां करीब 6.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लुधियाना के 261 स्कूलों के लिए सबसे अधिक 7.50 करोड़ रुपये का प्रावधान है। गुरदासपुर के 240 स्कूलों पर 5.89 करोड़, जालंधर के 231 स्कूलों पर 6.05 करोड़ और होशियारपुर के 236 स्कूलों पर 5.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पटियाला के 326 स्कूलों के लिए 4.88 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सिर्फ सफेदी नहीं, रंग भी सरकार ने तय किया विभाग ने स्कूलों के लिए रंगों की पूरी कोडिंग तय की है। कमरों के अंदर तीन फुट तक एनामेल पेंट ब्रॉन्ज मिस्ट और इसके ऊपर सेन ओट्स रंग कराया जाएगा। बरामदे, कोरिडोर और गलियारे में तीन फुट तक रैप्सोडी और ऊपर एग कस्टर्ड रंग होगा। दरवाजों और खिड़कियों पर गोल्डन ब्राउन पेंट के कम से कम दो कोट करने होंगे। बाहरी दीवारों पर वेदर प्रूफ पेंट लगाने के निर्देश हैं। पुरानी दरार और लीकेज पहले ठीक होगी विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेंटिंग से पहले दीवारों की दरारें भरने और लीकेज ठीक करने का काम होगा। पुराने रंग को रगड़कर साफ करने, पुट्टी और प्राइमर लगाने के बाद कम से कम दो कोट पेंट करने होंगे। आईएसआई मार्क वाली सामग्री खरीदना अनिवार्य किया गया है। एसएमसी प्रस्ताव के बिना काम नहीं काम शुरू करने से पहले जेई से संपर्क और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का प्रस्ताव जरूरी होगा। खरीदी गई सामग्री का स्टाक रजिस्टर, अकाउंट रजिस्टर, लेजर और कैशबुक अपडेट करनी होगी। विभाग ने साफ किया है कि जारी राशि का इस्तेमाल केवल व्हाइटवाश और पेंटिंग के लिए ही किया जाए। जिस स्कूल में पहले से यह काम हो चुका है, वहां की राशि मुख्यालय की मंजूरी के बाद दूसरे जरूरतमंद स्कूल को दी जा सकती है। निर्माण कार्य चल रहे स्कूलों में सिविल वर्क पूरा होने के बाद ही रंग-रोगन शुरू होगा।  

न्यू चंडीगढ़ में बनेगी फिल्म सिटी, 200 से 300 एकड़ भूमि पर होगा बड़ा प्रोजेक्ट

चंडीगढ़ पंजाब के कला, संस्कृति और सिनेमा जगत के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मनोरंजन उद्योग को एक नया आयाम देने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में आयोजित एक प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव के दौरान यह घोषणा की है कि जल्द ही न्यू चंडीगढ़ के पास 200 से 300 एकड़ के विशाल क्षेत्र में एक आधुनिक फिल्म सिटी का निर्माण किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के जरिए न केवल पंजाबी सिनेमा को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी, बल्कि देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को एक ही छत के नीचे शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक की तमाम विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिल सकेंगी। न्यू चंडीगढ़ में बनेगी हाई-टेक फिल्म सिटी, कई प्रोड्यूसर्स से हो चुकी है बात लुधियाना के सिनेपोलिस एमबीडी मॉल में आयोजित फिल्म महोत्सव के भव्य शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में इस महत्वकांक्षी परियोजना का खाका सबके सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फिल्म सिटी को बसाने को लेकर सरकार की कई नामी-गिरामी फिल्म प्रोड्यूसर्स और स्टूडियो के साथ गंभीर चर्चाएं हो चुकी हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब को फिल्म निर्माण का एक बड़ा हब बनाना है, ताकि मुंबई या दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योगों की तरह पंजाब में भी फिल्मों के निर्माण के लिए तमाम आधुनिक संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की आबोहवा, संस्कृति और भौगोलिक बनावट हमेशा से ही फिल्म निर्माताओं को अपनी ओर आकर्षित करती रही है। यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए देश भर के निर्देशक उत्सुक रहते हैं। इस नई फिल्म सिटी के बन जाने से फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए दूर-दराज भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे एक ही परिसर में अपनी फिल्मों से जुड़े सभी कार्य आसानी से पूरे कर सकेंगे। क्यों खास है पंजाब का लोकेशन? शूटिंग के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन भारतीय सिनेमा के इतिहास में पंजाब की भूमि का एक खास और सुनहरा स्थान रहा है। फिल्मों की शूटिंग के लिहाज से पंजाब के पास विविध प्रकार के लोकेशन्स मौजूद हैं, जिनका जिक्र मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में खास तौर पर किया:     सरसों के खेत और हरियाली: पंजाबी संस्कृति और बॉलीवुड के रोमांटिक दृश्यों की पहचान रहे सरसों के पीले खेत और लहलहाती फसलें हमेशा से निर्देशकों की पहली पसंद रहे हैं।     भाखड़ा बांध की झीलें: पानी के विशाल जलस्त्रोत और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर भाखड़ा बांध की झीलें किसी भी फिल्म के दृश्यों में चार चांद लगा देती हैं।     ऐतिहासिक और पारंपरिक घर: अबोहर, फाजिल्का और ग्रामीण इलाकों में मौजूद पुराने व पारंपरिक पंजाबी घर अपनी खास वास्तुकला के कारण पीरियड फिल्मों या ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित कहानियों के लिए एकदम उपयुक्त हैं।     कंडी क्षेत्र की वादियां: कंडी एरिया की प्राकृतिक हरियाली और पहाड़ी नज़ारे किसी भी एक्शन या थ्रिलर फिल्म की शूटिंग के लिए बेहतरीन माहौल प्रदान करते हैं। शूटिंग के साथ पोस्ट-प्रोडक्शन का काम भी होगा अब पंजाब में ही अभी तक की सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि पंजाब में फिल्मों की शूटिंग तो बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन एडिटिंग, साउंड डिजाइनिंग, वीएफएक्स (VFX), कलर ग्रेडिंग और डबिंग जैसे पोस्ट-प्रोडक्शन के काम के लिए यूनिट्स को वापस मुंबई या अन्य महानगरों का रुख करना पड़ता था। इस नई फिल्म सिटी के निर्माण के बाद यह सारी प्रक्रियाएं पंजाब के भीतर ही पूरी हो सकेंगी। इससे न केवल समय और लागत में भारी कमी आएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे। एडिटिंग स्टूडियोज, विजुअल इफेक्ट्स हब और साउंड रिकॉर्डिंग स्टेज के बन जाने से पंजाब का स्थानीय तकनीशियन वर्ग भी मजबूत होगा। फिल्म महोत्सव की सराहना और सिनेमा का बढ़ता दायरा इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय फिल्म महोत्सव के आयोजन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन आम जनता को सिनेमा की बेहतरीन कला से जोड़ने का एक अनूठा और सराहनीय प्रयास हैं। एक ही छत के नीचे हिंदी, पंजाबी, दक्षिण भारतीय (साउथ) और यहाँ तक कि अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों को देखने का मौका मिलना दर्शकों के लिए एक अनमोल अनुभव है। उन्होंने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह समाज का दर्पण होती हैं। सिनेमा के माध्यम से इंसानी जिंदगी के अनछुए पहलुओं को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इस तरह के आयोजनों से कला और संस्कृति के प्रति युवाओं का रुझान और अधिक बढ़ता है। एक पुराना दिलचस्प किस्सा: जब सीएम मान ने साझा की पुरानी यादें कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पुराने दिनों का एक मजेदार और दिलचस्प किस्सा भी साझा किया, जिसने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने याद करते हुए बताया कि जब वे एक कलाकार और कॉमेडियन के रूप में सक्रिय थे, तब वे गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने के लिए फीस (पैसे) लेकर जाते थे। हंसते हुए मुख्यमंत्री ने बरनाला के एक गांव का वाकया सुनाया जब वे हाल ही में वहां बतौर सीएम गए थे। उन्होंने बताया कि वहां के बुजुर्गों और ग्रामीणों ने उनका पूरा हिसाब-किताब लगा रखा था। ग्रामीणों ने उनसे कहा कि 1998 में वे एक टूर्नामेंट में कार्यक्रम करने के एवज में दो लाख रुपये लेकर आए थे, और आज यदि उस पर ब्याज जोड़ दिया जाए तो वह रकम काफी बड़ी बनती है। इस पर चुटकी लेते हुए सीएम मान ने कहा कि अब वे कलाकार की भूमिका में नहीं हैं, बल्कि जनता द्वारा सौंपी गई एक बड़ी और पवित्र जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं। दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा लुधियाना के इस भव्य आयोजन में राज्यभर से कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की। इस दौरान पर्यावरणविद् एवं राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल, कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, लुधियाना की मेयर इंदरजीत कौर, विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू, एडवोकेट परमवीर सिंह और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक समागम में कला जगत की कई … Read more

पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, परगट सिंह को मिली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद उनकी जगह जालंधर कैंट से विधायक और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान परगट सिंह लेंगे। नेतृत्व में यह बदलाव 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले और वडिंग के इस्तीफे के बाद हुआ है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद उनकी जगह जालंधर कैंट से विधायक और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान परगट सिंह लेंगे। नेतृत्व में यह बदलाव 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले और वडिंग के इस्तीफे के बाद हुआ है। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया है। वह अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की जगह लेंगे, जिन्होंने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी कर चुके परगट सिंह पंजाब पुलिस में एसपी भी रहे हैं और चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। कांग्रेस पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है और इसी बीच नेतृत्व में यह बदलाव में हुआ है। राजा वडिंग ने पद छोड़ने के बाद पंजाब के कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट पर अपनी विदाई के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया था। इसके कुछ ही घंटों बाद परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया। 62 वर्षीय परगट सिंह राजनीति में आने से पहले भारतीय हॉकी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। वह तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और दो ओलंपिक में भारतीय टीम की कप्तानी भी की। खेल के मैदान के बाद उन्होंने पंजाब पुलिस, हॉकी प्रशासन और राजनीति में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई हैं। पंजाब की सियासत में बड़ा फेरबदल इसके साथ ही करीब तीन महीने से प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा गुट की दोनों ही मांगें अब पूरी हो गई हैं। हाईकमान ने पहले बघेल को हटाकर सचिन पायलट को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी और अब प्रदेश प्रधान की जिम्मेदारी परगट सिंह को सौंप दी है। वे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट के करीबी माने जाते हैं। उन्हें एक गंभीर राजनीतिज्ञ भी माना जाता है। परगट की नियुक्ति के साथ ही कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 1 जुलाई को घोषित विभिन्न चुनाव संबंधी समितियों में कोई बदलाव नहीं होगा। परगट के लिए चुनौती पद्मश्री, अर्जुन पुरस्कार विजेता व पूर्व पुलिस अधिकारी परगट सिंह के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के विभिन्न धड़ों को एकजुट कर 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देना होगी। गुटबाजी के कारण ही वड़िंग को एक जुलाई को हाईकमान की ओर से उन्हें प्रदेश प्रधान बनाए रखने के बावजूद पद से इस्तीफा देना पड़ा है। कौन हैं परगट सिंह? परगट सिंह का जन्म जालंधर के मिठापुर गांव में हुआ था। यह गांव हॉकी खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है। परगट सिंह भारतीय हॉकी टीम में फुल-बैक यानी डिफेंडर की भूमिका निभाते थे। अपने दौर में उन्हें भारत के प्रमुख रक्षात्मक खिलाड़ियों में गिना जाता था। उन्होंने 1988 के सियोल, 1992 के बार्सिलोना और 1996 के अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। बार्सिलोना और अटलांटा ओलंपिक में वह भारतीय टीम के कप्तान थे। अटलांटा ओलंपिक 1996 के उद्घाटन समारोह में उन्हें भारत का ध्वजवाहक बनने का सम्मान भी मिला था। खेल में उनकी उपलब्धियाँ     1986 एशियाई खेल: सियोल में भारतीय हॉकी टीम के साथ कांस्य पदक।     1990 एशियाई खेल: बीजिंग में भारतीय टीम के साथ रजत पदक।     1989: खेल के क्षेत्र में योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार।     1998: पद्मश्री से सम्मानित। खिलाड़ी के रूप में करियर समाप्त होने के बाद परगट सिंह ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कोच के रूप में भी काम किया। इसके अलावा वह पंजाब में हॉकी प्रशासन से जुड़े रहे। 2017 में वह हॉकी पंजाब के महासचिव भी बने। 2012 में राजनीति में आए राजनीति में आने से पहले परगट सिंह पंजाब पुलिस में अधिकारी थे। उन्होंने पुलिस सेवा में रहते हुए पुलिस अधीक्षक यानी एसपी का पद हासिल किया। बाद में उन्होंने सरकारी सेवा छोड़कर चुनावी राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2012 में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर जालंधर कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जगबीर सिंह बराड़ को हराया और पहली बार विधायक बने थे। पाठकों की पसन्द हालांकि, अकाली दल में उनका राजनीतिक सफर ज्यादा लंबा नहीं चला। जुलाई 2016 में पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। इसके बाद उन्होंने अकाली दल छोड़ दिया। परगट सिंह ने उस समय अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर मतदाताओं के भरोसे को तोड़ने का आरोप लगाया था। नवजोत सिंह सिद्धू के साथ बनाया था मोर्चा अकाली दल छोड़ने के बाद परगट सिंह नवजोत सिंह सिद्धू और बैंस बंधुओं के साथ ‘आवाज-ए-पंजाब’ नाम के राजनीतिक मोर्चे से जुड़े। इस मोर्चे ने खुद को उन ताकतों के विरोध में खड़ा बताया था, जिन्हें उसके नेता पंजाब के हितों के लिए नुकसानदेह मानते थे। यह राजनीतिक मोर्चा ज्यादा समय तक सक्रिय नहीं रहा। इसके बाद परगट सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जालंधर कैंट सीट से फिर जीत हासिल की। इस तरह वह लगातार दूसरी बार इस सीट से विधायक बने, हालांकि इस बार पार्टी बदल चुकी थी। चन्नी सरकार में शिक्षा और खेल मंत्री रहे पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद परगट सिंह को कैबिनेट में जगह मिली। उन्होंने 26 सितंबर 2021 से 11 मार्च 2022 तक मंत्री के रूप में काम किया। चन्नी सरकार में उनके पास स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा मामले और प्रवासी भारतीय मामलों जैसे विभाग थे। इस जिम्मेदारी के दौरान परगट सिंह को शिक्षा और खेल से जुड़े मुद्दों पर काम करने का अवसर मिला। हॉकी खिलाड़ी और कोच के रूप में उनकी पृष्ठभूमि के कारण खेल विभाग की जिम्मेदारी उनके राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही। AAP … Read more

LPU हिंसा: पुलिस वाहन फूंकने वाले छात्रों पर कार्रवाई तेज, इन्फ्लुएंसर फरहत की गिरफ्तारी के लिए J&K में रेड

फगवाड़ा फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) हिंसा मामले में पुलिस की गाड़ियां जलाने वाले 2 छात्रों की पहचान हुई है। पुलिस इनकी गिरफ्तारी कर चुकी है। इन्हें जल्द ही बाय एयर मुंबई से जालंधर लाया जाएगा। उधर, पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माहौल बिगाड़ने और पुलिस की गाड़ियों पर हमला करवाने के पीछे इन्फ्लुएंसर्स मोहम्मद फरहत देव और जेम्स दहिया का मुख्य हाथ है। आरोपी फरहत को दबोचने के लिए पुलिस जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ गई है। वहीं मुंबई से गिरफ्तार आरोपियों को लेकर पुलिस का कहना है कि कृष्ण कुमार और छात्र भविष्य को अच्छी तरह पता था कि मौके पर पेट्रोल कौन लाया था। पुलिस ने अभी दोनों के फोटो जारी नहीं किए हैं। यह दावा किया जा रहा है कि बवाल के बाद इन्होंने जलती गाड़ियों की वीडियो शेयर कर लिखा था कि हमें इंसाफ मिल गया है। हिंसा के दौरान पुलिस की गाड़ियों को फूंकने का आरोप कृष्ण कुमार और छात्र भविष्य पर लगा है। मुंबई से गिरफ्तार आरोपी फगवाड़ा कोर्ट में होंगे पेश पुलिस दोनों आरोपियों को फ्लाइट के जरिए अभी जालंधर लेकर आ रही है। पुलिस इन दोनों को फगवाड़ा कोर्ट में पेश करके रिमांड हासिल करेगी। इनसे पूछताछ में ही साफ होगा कि गाड़ियों को आग लगाने के लिए पेट्रोल कौन लेकर आया था। वहीं, वहां मौजूद छात्रों को पथराव और गाड़ी जलाने के लिए किसने भड़काया था। गिरफ्तारी से पहले जेम्स की वीडियो, बोला- निस्वार्थ भाव से किया सब जेम्स दहिया ने गिरफ्तारी से पहले अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो पोस्ट कर कहा था कि जब वहां पर आगजनी हुई थी, तब वह पास में स्थित पंप से पेट्रोल डलवाकर जा रहा था। तभी पुलिस ने उसे रोककर कहा कि तू वीडियो बना रहा था। फिर मेरे को फोन देने के लिए कहा, लेकिन मैंने दिया नहीं। फिर मुझे छोड़ दिया गया। जेम्स ने कहा कि उसने जो भी किया है, वह सब निस्वार्थ भाव से किया है। पूछताछ में आरोपी ने माना कि जब पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, तभी जोश में पुलिस की गाड़ी पलटा दी थी। इन्फ्लुएंसर को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी पुलिस जम्मू-कश्मीर से साहिल और अंतरिक्ष को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में दोनों ने बताया कि इन्फ्लुएंसर फरहत के साथ उनका अटैच ग्रुप है। उसी ने तोड़-फोड़ के लिए उकसाया था। हम भी जोश में आ गए। इसके बाद उसके साथ मिलकर तोड़-फोड़ में साथ देने लग गए। फरहत की गिरफ्तारी के बाद कई खुलासे होने की संभावना है। अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ     छात्रा के साथ बाहर से आए एक प्लंबर ने रेप किया: 26 सितंबर 2026 की रात सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि LPU हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ बाहर से आए एक प्लंबर ने रेप किया है और प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस सूचना के बाद हजारों छात्र भड़क गए।     यूनिवर्सिटी के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचाया: छात्रों ने यूनिवर्सिटी के अंदरूनी हिस्सों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और परिसर में बने यूनि मॉल की दुकानों में तोड़फोड़ व लूटपाट की। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर स्थित नेशनल हाईवे-44 को 18 घंटे से अधिक समय तक जाम रखा, जिससे भारी यातायात बाधित हुआ।     पीड़िता की पहचान अस्पष्ट, अफवाहों का खंडन हुआ: सोशल मीडिया पर जिस छात्रा के हवाले से रेप की बात कही जा रही थी, उसने खुद वीडियो जारी कर अपने सुरक्षित होने और ऐसी कोई घटना न होने की बात स्पष्ट की, जिससे पुलिस के सामने मुख्य सवाल यह है कि वास्तव में पीड़िता कौन है?     पुलिस और SIT की कार्रवाई: पंजाब पुलिस ने तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा के सिलसिले में कुल 4 FIR दर्ज की हैं। एक 8 सदस्यीय SIT का गठन किया है। सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। साथ ही, भड़काऊ व फर्जी AI वीडियो फैलाने वाले लगभग 300 सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने के लिए साइबर क्राइम ने कार्रवाई की है।     यूनिवर्सिटी बंद की गई: हिंसा और तनाव के माहौल को देखते हुए यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने LPU कक्षाओं को 10 दिनों के लिए निलंबित कर दिया और मिड-सेमेस्टर की परीक्षाओं को स्थगित कर छात्रों को घर जाने की अनुमति दी।    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी सख्त: हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार और पुलिस से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है कि क्या घटना वास्तविक थी या महज अफवाह? अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को तय की गई है।     राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं: विपक्षी नेताओं ने घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और आरोप लगाया है कि इस प्रदर्शन की आड़ में बाहरी उपद्रवियों ने माहौल खराब करने की साजिश रची थी।

सचिन पायलट की रिपोर्ट से बदली पंजाब कांग्रेस की रणनीति, राजा वड़िंग की जगह नए अध्यक्ष की तैयारी

चंडीगढ़  पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने गुरुवार को बताया कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के नए प्रभारी महासचिव सचिन पायलट द्वारा पिछले तीन हफ्तों में जुटाए गए फीडबैक के आधार पर कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद छोड़ने के लिए कह दिया है। आपको बता दें कि 5 सितंबर को भूपेश बघेल की जगह पंजाब प्रभारी बने सचिन पायलट ने पंजाब के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के साथ बैठकें की। पंजाब से कांग्रेस के 7 लोकसभा सांसदों में से बहुसंख्यक और कई वरिष्ठ क्षेत्रीय नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग की थी। इसके बाद पार्टी आलाकमान ने एक ऐसे नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू कर दी है जो सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित कर सके तथा पंजाब के इकलौते दलित मुख्यमंत्री रहे चरणजीत सिंह चन्नी के साथ मिलकर काम कर सके। पंजाब के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि जैसे ही पार्टी ने भूपेश बघेल को हटाकर सचिन पायलट को कमान सौंपी कि वडिंग की स्थिति कमजोर हो गई थी। पिछले नतीजों से तय हो रही रणनीति पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 117 में से 92 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। उस समय सत्ता में मौजूद कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि सुखबीर सिंह बादल की शिरोमणि अकाली दल को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं। भूपेश बघेल के उलट सचिन पायलट ने संतुलन बनाए रखने के लिए चन्नी और वडिंग दोनों के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। सचिन पायलट ने एक इंटरव्यू में कहा था, "चन्नी के साथ मेरी सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वह चुनावों के लिए पार्टी के प्रयासों में अपना पूरा समर्थन देंगे।" नेताओं से फीडबैक लेने के बाद कांग्रेस आलाकमान को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सचिन पायलट ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की सिफारिश की। उनका स्टैंड भूपेश बघेल द्वारा दी गई रिपोर्ट के बिल्कुल विपरीत था, जिसमें उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को खारिज कर दिया था। पार्टी के बदलते रुख के बारे में पूछे जाने पर सचिन पायलट ने गुरुवार को कहा, "राजनीति में बदलाव के लिए कभी देर नहीं होती।" सिंगला का नाम सबसे आगे पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय इंदर सिंगला राजा वडिंग की जगह लेने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। पंजाब के एक सांसद ने कहा, "एक हिंदू चेहरा पंजाब कांग्रेस इकाई में अस्थायी शांति ला सकता है। वडिंग के हटने से चन्नी सहज महसूस करेंगे और जाट सिखों को भी इससे कोई आपत्ति नहीं होगी।" सिंगला की संभावित नियुक्ति से चुनाव से पहले गुटबाजी से जूझ रही पंजाब कांग्रेस में सुलह की उम्मीद जताई जा रही है। यदि सिंगला को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है तो जाट सिख समुदाय के प्रमुख चेहरों प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा को संगठन में अधिक जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं ताकि वे जट्ट सिख समुदाय के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत कर सकें।

पंजाब में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, BSF ने 2 पाकिस्तानियों को मार गिराया

तरनतारन. BSF ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, खेमकरण सेक्टर के गांव राजोके के पास 2 पाकिस्तानी नागरिक भारतीय बॉर्डर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान एक किसान ने बॉर्डर पर तैनात BSF को बॉर्डर पर कुछ हलचल होने की जानकारी दी। इसके बाद जवानों ने सतर्कता दिखाई और चिल्लाकर चेतावनी दी। चेतावनी के बावजूद भी लोग भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश करते रहे, जिस पर BSF ने कार्रवाई करते हुए दोनों लोगों पर फायरिंग की। घटना के बाद बॉर्डर इलाके में सुरक्षा एजेंसियां ​​सतर्क हो गई हैं। इस संबंध में BSF, खुफिया एजेंसियों और खालरा थाने की पुलिस ने मिलकर आगे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, BSF ने मृतकों की पहचान और उनके पास से बरामद सामान के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की है।

LPU हिंसा में पुलिस का शिकंजा, आगजनी और लूटपाट के आरोप में 9 गिरफ्तार

जालंधर. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा (LPU protest) में 28 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट और पुलिस वाहनों को आग लगाने के मामले में पंजाब पुलिस ने 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। डीआइजी नवीन सिंगला ने बताया कि, विशेष जांच टीम (SIT) ने अलग-अलग टीमों का गठन कर इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म, समाचार चैनलों की फुटेज, एलपीयू और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों से जांच की। इसी आधार पर हिंसा में शामिल आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों में 7 यूनिवर्सिटी के छात्र हैं जो कि दो बाहरी लोग हैं। इस पूरे मामले को लेकर दो FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR नंबर 163, 28 सितंबर को थाना सतनामपुरा, जिला कपूरथला में दर्ज हुई।

भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, तरनतारन में BSF ने 2 घुसपैठिए किए ढेर

तरनतारन  अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने आज शुक्रवार (02 अक्तूबर को) पाकिस्तान की तरफ से एक बड़ी घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। BSF के जवानों ने पंजाब के तरनतारन सेक्टर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो पाकिस्तानी नागरिकों को मार गिराया है। ये दोनों राजोके गांव के पास भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों पाकिस्तानी नागरिकों ने शुक्रवार की दोपहर 12 बजे के करीब इंटरनेशनल बॉर्डर पार करके भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश की। ऐसा करते हुए BSF के जवानों ने उन्हें देख लिया। इसके बाद उन्हें चेतावनी देते हुए रुकने के लिए कहा। लेकिन चेतावनी के बावजूद दोनों लोग भारतीय इलाके की तरफ बढ़ते रहे। इसके बाद BSF जवानों ने फायरिंग की, जिसमें दोनों घुसपैठिए मारे गए। मिली जानकारी के अनुसार ये घटना तरनतारन क्षेत्र के अंतर्गत आते राजोके की है। बीती रात सरहद पर पहरा दे रहे जवानों ने भारतीय सरहद में लगाई गई कंटीली तारों के पार हरकत होते हुए देखी। तकरीबन 3 संदिग्ध पाकिस्तानी रात का फायदा उठाकर भारतीय सीमा की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा के मद्देनजर मौजूदा जवानों ने थर्मल इमेजिंग और दूरबीनों से संदिग्धों की गतिविधी को ट्रैक किया। लेकिन वे भारतीय सीमा में आ चुके थे।  जवानों ने दी लौटने की चेतावनी मौजूदा जवानों ने संदिग्धों की लोकेशन कंफर्म कर उन्हें वापस लौटने की चेतावनी दी। लेकिन घुसपैठियों ने वापस लौटने की जगह छिपने का प्रयास किया। बार-बार चेतावनी के बाद बीएसएफ के जवानों को सुरक्षा को देखते हुए फायरिंग करनी पड़ी। दो संदिग्धों के ढेर होने की सूचना  जवानों की तरफ से की गई कार्रवाई के दौरान दो घुसपैठियों को मार गिराने में सफलता मिली है। अनुमान यही है कि ये घुसपैठिए तस्कर थे, जो भारतीय सीमा में खेप पहुंचाने के मकसद से पहुंचे थे। इनसे क्या रिकवरी हुई है, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।  घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। जल्द ही बीएसएफ के अधिकारी इसे लेकर जल्द जानकारी साझा करेंगे। 

पंजाब में ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ सीजन-4 का आगाज, शुरू हुए खेल मुकाबले

मोहाली. ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ सीजन-4 के तहत खेल मुकाबलों का आगाज शुक्रवार को सेक्टर-78 स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुआ। इस अवसर पर फेंसिंग मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गुंजन और रिद्धि के बीच मुकाबला हुआ। बास्केटबॉल समेत कई अन्य खेलों के मुकाबले भी शुरू हुए। काफी संख्या में खिलाड़ी पहुंचे हुए हैं। दर्शक भी उत्साह बढ़ा रहे हैं। उद्घाटन मौके पर मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह और डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा विशेष रूप से मौजूद रहे। विधायकों ने विभिन्न खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका परिचय लिया। विधायक कुलवंत सिंह ने कहा कि पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले चार वर्षों में खेलों को प्राथमिकता देते हुए खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के तहत विभिन्न खेलों के मुकाबले करवाए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल रहा है।