samacharsecretary.com

पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होते ही पंजाब में चेतावनी जारी, कई इलाकों में ओले गिरने की संभावना

लुधियाना. पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब में बुधवार से चार दिन तक आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि को लेकर ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इस दौरान दिन व रात के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। विभाग के अनुसार जून के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। दूसरे सप्ताह में गर्मी जोर पकड़ेगी। उधर मंगलवार को पंजाब में मौसम के तेवर गर्म रहे। जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। हालांकि, अभी भी केवल बठिंडा को छोड़कर सभी जिलों में दिन का तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच ही दर्ज किया जा रहा है। बठिंडा में दिन का तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सामान्य तिथि से लगभग तीन दिन की देरी के साथ मानसून चार जून को केरलम पहुंच सकता है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनी अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके केरलम पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण के राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। आमतौर पर मानसून एक जून को केरलम पहुंचता है। इधर, मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में मौसम का रुख बदल सकता है।

Amritsar Bomb Threat: धमकी भरे ई-मेल के बाद सुरक्षा कड़ी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

अमृतसर ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले अमृतसर में बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। नगर निगम, मेयर कार्यालय, जिला अदालत, रेलवे स्टेशन और रेलवे पटरियों को निशाना बनाने संबंधी एक धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ई-मेल में तीन से पांच जून के दौरान नगर निगम कार्यालयों, मेयर कार्यालयों और जिला अदालतों में विस्फोट की धमकी दी गई है, जबकि छह जून को रेलवे स्टेशनों और रेलवे पटरियों पर बम एवं हथगोला हमला करने की चेतावनी दी गई है। संदेश में लोगों को रेल यात्रा न करने की भी चेतावनी दी गई है।  संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई गई सुरक्षा धमकी मिलने के बाद अमृतसर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और रेलवे सुरक्षा बल ने जांच शुरू कर दी है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, सरकारी कार्यालय, न्यायालय परिसर और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नगर निगम मुख्यालय में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। मुख्य गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि पीछे का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है। बेसमेंट पार्किंग से मेयर कार्यालय की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर भी आवाजाही रोक दी गई है। निगम परिसर में आने वाले वाहनों और आगंतुकों की जांच की जा रही है। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर पहले से लागू सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किया गया है। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी ली जा रही है तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लिया गया है। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं और सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। धमकी बारे में ईमेल में खालिस्तानी नारे लिखे गए हैं। मेल में लिखा गया है। "ना पंजाब होगा, ना दिल्ली होगी ना हरियाणा होगा, केवल खालिस्तान होगा।"

विदेश में बिकेगी चंडीगढ़ की विरासत? ऐतिहासिक वस्तुओं की नीलामी रोकने की उठी मांग

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े फर्नीचर की विदेशों में हो रही नीलामी का मामला एक बार फिर गरमा गया है। हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन कमेटी (HIPC) के सदस्य एवं एडवोकेट अजय जग्गा ने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर अमेरिका में 4 जून को प्रस्तावित नीलामी को रुकवाने के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है। अजय जग्गा ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिका की प्रसिद्ध नीलामी संस्था राइट ऑक्शन हाउस (Wright Auction House) द्वारा चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के दौरान प्रसिद्ध वास्तुकार पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किए गए फर्नीचर की नीलामी की जा रही है। इनमें पंजाब यूनिवर्सिटी, सेंट्रल लाइब्रेरी, एमएलए फ्लैट्स और अन्य सरकारी संस्थानों से जुड़े फर्नीचर शामिल हैं। नीलामी सूची में डाइनिंग सेट, डाइनिंग चेयर, लाउंज चेयर, लो स्टूल और क्यूब स्टूल जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 68.80 लाख रुपये से 95.46 लाख रुपये के बीच आंकी गई है। सरकारी संस्थानों से जुड़े हैं फर्नीचर जग्गा ने कहा कि ये फर्नीचर केवल पुरानी वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि चंडीगढ़ की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की परिकल्पना के तहत विकसित किए गए चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। उन्होंने चिंता जताई कि विदेशी नीलामी घरों में बार-बार चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर का सामने आना इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। दूतावासों को सतर्क करने की मांग अजय जग्गा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों को ऐसे मामलों में सतर्क किया जाए। साथ ही विदेश मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच समन्वित तंत्र विकसित कर विदेशी नीलामियों की निगरानी की जाए और भारतीय विरासत से जुड़ी वस्तुओं की वापसी के प्रयास किए जाएं। पत्र में कहा गया है कि विदेशों में लगातार हो रही ऐसी नीलामियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भी, विरासत भी’ के विजन के विपरीत हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो चंडीगढ़ और भारत की अमूल्य विरासत दुनिया भर के निजी संग्रहों में बिखर जाएगी। जग्गा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 49 और नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व की ऐतिहासिक और कलात्मक वस्तुओं की रक्षा करना राज्य और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अमेरिका में होने वाली नीलामी पर तत्काल आपत्ति दर्ज कर चंडीगढ़ की विरासत को बचाने की अपील की है।

‘ऑपरेशन चेकमेट’ की बड़ी कार्रवाई, 28 पंजाबी गिरफ्तार; हजारों ट्रक ड्राइवरों के भविष्य पर संकट

चंडीगढ़  अमेरिकी लंबी दूरी के ट्रकिंग उद्योग का अहम हिस्सा माने जाने वाले हजारों पंजाबी ट्रक ड्राइवरों के सामने अनिश्चितता का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की जांच के दौरान अवैध या बिना वैध दस्तावेजों के पाए गए 17,000 ट्रक ड्राइवरों को अमेरिका ने डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, ईरान में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ईंधन बाजार भी प्रभावित हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। सोमवार को 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत गिरफ्तार किए गए 52 लोगों में 28 पंजाबी शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में 36 कमर्शियल ट्रक ड्राइवर हैं। यह अभियान इमिग्रेशन कानूनों को सख्ती से लागू करके सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और कमर्शियल वाहन चलाने वाले अवैध लोगों की पहचान के लिए चलाया गया है। कैलिफोर्निया में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर हुए बड़े संघीय और राज्य ऑडिट में पहचाने गए 17,000 अवैध अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों में पंजाबियों, विशेषकर सिख समुदाय, की एक बड़ी संख्या शामिल है। 'ऑपरेशन चेकमेट' और प्रशासन की सख्ती एरिजोना के युमा सेक्टर में अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन चेकमेट' के बारे में जानकारी देते हुए कार्यवाहक चीफ पेट्रोल एजेंट डस्टिन डब्ल्यू. कॉडल ने कहा, "यह अभियान अवैध रूप से रह रहे उन ड्राइवरों से सड़कों और समुदायों को सुरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं।" ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बाद, कैलिफोर्निया के अधिकारियों ने उन प्रवासियों के हजारों कमर्शियल लाइसेंस रद्द करने शुरू कर दिए हैं, जिनकी कानूनी स्थिति समाप्त हो चुकी है। इसका सबसे ज्यादा असर कैलिफोर्निया, टेक्सास और अन्य प्रमुख ट्रकिंग हब में बसे पंजाबी समुदाय पर पड़ा है। सिख ड्राइवरों में दहशत और आर्थिक चिंताएं दिसंबर 2025 में द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दो प्रमुख दुर्घटनाओं और ट्रंप प्रशासन की सख्ती ने समुदाय में भारी चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि लंबी दूरी की ट्रकिंग सिख प्रवासियों के लिए हमेशा से एक बड़ा सहारा रही है, लेकिन हालिया नीतियों ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। उत्तरी अमेरिका में पंजाबी ट्रकिंग संघों के एक प्रतिनिधि ने कहा कि जिन ड्राइवरों ने सालों से इस उद्योग में अपना योगदान दिया है, वे अब दहशत में हैं। लॉस एंजिल्स टाइम्स में उत्पीड़न की आशंकाओं के बीच पंजाबी ट्रक ड्राइवर सुमित सिंह के हवाले से कहा गया, "महज एक व्यक्ति की गलती के कारण पूरे समुदाय को सजा नहीं मिलनी चाहिए।" जनवरी 2026 में बेकर्सफील्ड में सिख ट्रक ड्राइवरों से मुलाकात के बाद अमेरिकी सीनेटर एडम शिफ ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा था, "मैं परिवारों की आय और नौकरियों के नुकसान को लेकर बेहद चिंतित हूं। भले ही लोग यहां कानूनी रूप से रह रहे हों और उनके पास वर्क परमिट हो, लेकिन उन्हें हिरासत में लिए जाने या डिपोर्ट किए जाने का खतरा बना हुआ है।" सिख कोलिशन के कार्यकारी निदेशक हरमन सिंह के अनुसार, अमेरिकी ट्रकिंग कार्यबल में पंजाबी सिखों की बड़ी हिस्सेदारी है और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ड्राइवरों की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में लगभग 1,50,000 सिख ट्रक ड्राइवर हैं, जो मुख्य रूप से पश्चिमी तट पर केंद्रित हैं। युद्ध और महंगाई की दोहरी मार इमिग्रेशन की सख्ती के साथ-साथ ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। अमेरिका में डीजल महंगा होने से स्वतंत्र रूप से काम कर रहे ट्रक ड्राइवरों के मुनाफे में भारी कमी आई है। इसके अलावा, जो पंजाबी ड्राइवर अमेरिका के साथ-साथ खाड़ी या मध्य पूर्व के मार्गों पर भी ट्रक चलाते थे, उनके लिए युद्ध की वजह से वे रास्ते भी बंद हो गए हैं। इस वजह से पंजाब में बैठे उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव और अधिक बढ़ गया है।

मोहाली नगर निगम चुनाव में कई प्रत्याशियों को बड़ा झटका, 75+ उम्मीदवारों की जमानत जब्त

मोहाली  मोहाली नगर निगम चुनाव के घोषित नतीजों ने जहां आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत देकर सत्ता की चाबी सौंपी है, वहीं राजनीतिक दलों और निर्दलीयों के लिए एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी सामने रखा है। चुनाव मैदान में उतरे 50 वार्डों के 75 से अधिक उम्मीदवार आवश्यक वोट हासिल न कर पाने के कारण अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। इस चुनाव में मतदाताओं ने छोटे व कमजोर उम्मीदवारों को पूरी तरह नकारते हुए मुख्य दावेदारों पर भरोसा जताया है, जिससे कई प्रत्याशियों का आंकड़ा दहाई तक भी नहीं पहुंच पाया। चुनाव परिणामों में सबसे हैरान करने वाला मामला वार्ड नंबर 14 से सामने आया, जहां निर्दलीय उम्मीदवार जस्मीत कौर को पूरे वार्ड से केवल एक ही वोट नसीब हुआ। मतदाताओं की इस बेरुखी का शिकार सिर्फ निर्दलीय ही नहीं, बल्कि मुख्यधारा की पार्टियों के प्रत्याशी भी बने। वार्ड नंबर 20 से निर्दलीय हरमनजोत सिंह और वार्ड नंबर 22 से रवनीत कौर को केवल 6-6 वोट मिले। वहीं, वार्ड 23 से किरण शर्मा को 8 और वार्ड 3 से कुलदीप कौर को सिर्फ 9 वोटों से संतोष करना पड़ा। बड़े दलों के उम्मीदवारों का भी रहा बुरा हाल राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार मुकाबला बहुकोणीय होने के बावजूद मतदाताओं ने अपना वोट चुनिंदा और मजबूत उम्मीदवारों के पक्ष में ही केंद्रित किया। इसी वजह से शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस जैसी पारंपरिक पार्टियों के कई उम्मीदवार अपनी जमानत गंवा बैठे। अकाली दल : वार्ड 18 से गुरदीप सिंह को 19, वार्ड 42 से अमित कुमार को 22 और वार्ड 27 से आत्मजीत कौर को 31 वोट ही मिल सके। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी : वार्ड 42 से कांग्रेस के जसदीप सिंह शेरगिल को 47 वोट मिले, जबकि वार्ड 13 से सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की जसबीर कौर को महज 41 वोटों पर सिमटना पड़ा। भाजपा : भाजपा के भी कई चेहरे पिछड़ गए; वार्ड 24 से करण गुप्ता को 62, वार्ड 16 से संदीप कुमार माधोक को 92 और वार्ड 18 से ऋतिका को 93 वोट मिले। सबसे कम वोट पाने वाले प्रमुख उम्मीदवार चुनाव में सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों की स्थिति इस प्रकार रही: वार्ड 14 : जस्मीत कौर, निर्दलीय – 1 वोट वार्ड 20 : हरमनजोत सिंह, निर्दलीय – 6 वोट वार्ड 22 : रवनीत कौर, निर्दलीय – 6 वोट वार्ड 23 : किरण शर्मा, निर्दलीय – 8 वोट वार्ड 3 : कुलदीप कौर, निर्दलीय – 9 वोट वार्ड 48 : रवि शर्मा, निर्दलीय – 12 वोट वार्ड 15 : सुखदर्शन सिंह, अकाली दल – 25 वोट वार्ड 28 : रजनी, अकाली दल – 28 वोट वार्ड 27 : आत्मजीत कौर, अकाली दल – 31 वोट वार्ड 49 : रीना, निर्दलीय – 32 वोट इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि मोहाली के मतदाताओं ने इस बार बंटे हुए जनादेश के बजाय मुख्य दावेदारों को चुनकर एकतरफा फैसला सुनाया है। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में खड़े हुए छोटे और निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी रेस से पूरी तरह बाहर हो गए।

क्या कांग्रेस में लौटेंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह? पंजाब की सियासत में नई चर्चा शुरू

चंडीगढ़. पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम एक बार फिर पंजाब की राजनीति केंद्र में आ गया है। BJP में रहते हुए कांग्रेस लीडरशिप, खासकर राहुल गांधी और सोनिया गांधी को लेकर हाल ही में किए गए पॉजिटिव कमेंट्स के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाड़िंग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2021 में कांग्रेस नहीं छोड़ी होती, तो 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की सरकार फिर से बन सकती थी। वड़िंग के इस बयान ने न सिर्फ कैप्टन के पॉलिटिकल रोल को फिर से चर्चा में ला दिया है, बल्कि पंजाब कांग्रेस के अंदर पॉलिटिकल संकेतों को लेकर भी नए कयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस इतनी ही अच्छी पार्टी थी, तो कैप्टन ने इसे 2 बार क्यों छोड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कैप्टन को सब कुछ दिया। वह 2 बार मुख्यमंत्री बने, 2 बार पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट रहे और सेंटर में मिनिस्टर भी बने। अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह आज कांग्रेस की तारीफ कर रहे हैं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि पार्टी छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि किसी पद से हटाए जाने का मतलब पार्टी छोड़ना नहीं है। कांग्रेस में कई बड़े नेताओं ने अपने पद छोड़े हैं, लेकिन पार्टी नहीं छोड़ी है। इसलिए कैप्टन को भी पार्टी में रहकर अपनी लड़ाई लड़नी चाहिए थी। उनके जाने से कांग्रेस की एकता टूट गई। अगर कैप्टन पार्टी में रहते तो पार्टी की इमेज और वोट बैंक दोनों मजबूत होते और हो सकता था कि कांग्रेस सत्ता में वापस आ जाती। असल में, 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाकर चरणजीत सिंह चन्नी को कमान सौंपी गई थी। इसके कुछ महीने बाद 2022 के चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस सिर्फ 18 सीटों पर सिमट गई। तब से यह चर्चा है कि कैप्टन के जाने से कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ है। पिछले कुछ दिनों में कैप्टन अमरिंदर सिंह की बातों ने पंजाब की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ की और कहा कि सोनिया गांधी के साथ काम करते हुए उन्हें कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। राहुल गांधी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं भेजीं और परिवार के दुख के समय भी उनसे संपर्क किया। कैप्टन के ये बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब पंजाब BJP में नई लीडरशिप को लेकर चर्चा हो रही है और केवल सिंह ढिल्लों को प्रेसिडेंट बनाया गया है। इस वजह से कैप्टन के कमेंट्स सिर्फ पर्सनल फीलिंग्स नहीं हैं, बल्कि एक बड़े पॉलिटिकल सिग्नल के तौर पर भी देखे जा रहे हैं।

पंजाब सरकार का बड़ा फेरबदल, 4 PCS अफसरों को मिली नई जिम्मेदारियां

गुरदासपुर. पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल करते हुए 4 PCS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। उक्त आदेश मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा के हस्ताक्षरों के तहत कार्मिक विभाग द्वारा जारी किए गए। अधिकारियों को तुरंत नए पदों पर कार्यभार संभालने के निर्देश जारी आदेशों के अनुसार, हरदीप सिंह (2014 बैच) को SDM गुरुहरसहाय नियुक्त किया गया है। वहीं अशोक कुमार (2020 बैच) को SDM गुरदासपुर लगाया गया है। इसके अलावा रमनदीप कौर (2026 बैच) को SDM बनूड़ नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद अंकिता कंसल को दिए गए अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया जाएगा। वहीं, रोबिनजीत कौर (2026 बैच), जो वर्तमान में सहायक आयुक्त (जनरल) तरनतारन के पद पर तैनात थीं, उन्हें तबादला कर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) गुरदासपुर नियुक्त किया गया है। पंजाब सरकार ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदों पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं।

भवन नियम तोड़ना पड़ा भारी! बादशाह का ‘सागो क्लब’ प्रशासन ने किया बंद

चंडीगढ़. शहर के सेक्टर-26 स्थित शोरूम नंबर 17 में चल रहे क्लब को सील किया गया है। मशहूर रैपर बादशाह से जुड़े चर्चित सागो क्लब पर मंगलवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। यूटी एस्टेट ऑफिस की बिल्डिंग ब्रांच और प्रवर्तन शाखा की टीम ने भवन नियमों के उल्लंघन के मामले में यह कार्रवाई की। क्लब संचालकों को कई बार नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर प्रशासन ने सीलिंग का फैसला लिया। प्रशासन के अनुसार क्लब परिसर में स्वीकृत भवन नक्शे और निर्माण नियमों से जुड़े कई उल्लंघन पाए गए थे। नोटिसों के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मंगलवार सुबह अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और क्लब को सील कर दिया। मालूम हो कि इस क्लब में सबसे ज्यादा युवा आते हैं और वीकेंड पर यहां पर खूब परियां होती हैं क्लब बंद होने से युवाओं को भी निराशा हुई है। यह वही क्लब है जो पहले भी एक बड़े विवाद के चलते सुर्खियों में रहा था। क्लब के बाहर हुए धमाकों की जिम्मेदारी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा द्वारा लिए जाने का दावा सामने आया था। इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी की मांग पूरी न होने पर धमाके कराने की बात कही गई थी। हालांकि उस मामले की जांच सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस द्वारा की गई थी। एक साल में करीब 10 क्लबों पर कार्रवाई शहर में पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 10 क्लबों और बारों को भवन नियमों के उल्लंघन के कारण सील किया जा चुका है। सबसे अधिक क्लब मध्य मार्ग और उसके आसपास के क्षेत्रों में संचालित हैं। इससे पहले एस्टेट ऑफिस ने सेक्टर-7 स्थित सांता क्लब और ब्लू एस्टेट क्लब के खिलाफ कार्रवाई की थी। ये दोनों क्लब युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं और सप्ताहांत पर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इससे पहले पिछले साल प्रशासन ने सेक्टर-7 स्थित एक लाउंज बार को भी सील किया था। अधिकारियों के अनुसार वहां भी भवन संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए गए थे, जो संपदा विभाग की नीतियों के विपरीत थे। हाईकोर्ट में हार चुके हैं क्लब संचालक सूत्रों के अनुसार कई क्लब संचालक इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचे थे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। प्रशासन का कहना है कि कई शोरूमों के पिछले हिस्सों और बरामदों में बिना मंजूरी के क्लब और बार संचालित किए जा रहे हैं। बावजूद इसके ऐसे प्रतिष्ठानों को आबकारी एवं कराधान विभाग से लाइसेंस भी जारी किए जाते रहे हैं। पूर्व सांसद के कार्यकाल में गठित एक समिति ने इन क्लबों को नियमित करने की सिफारिश भी की थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। प्रशासन का कहना है कि भवन नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि शहर के सभी क्लबोन की जांच की जा रही है अगले दिनों में और क्लबोन पर भी कार्रवाई होगी।

Kulhad Pizza Couple का नया वीडियो वायरल, गुरप्रीत कौर ने बयां की अपनी पीड़ा

जालंधर. जालंधर का चर्चित कुल्हड़ पिज्जा कपल एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में Gurpreet Kaur भावुक नजर आईं। वीडियो में उन्होंने ट्रोलर्स पर भड़कते हुए कहा कि एक घटना के बाद उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा है। वीडियो में रोते-बिलखते हुए गुरप्रीत कौर का कहना है कि वह लंबे समय तक चुप रहीं और उन्हें उम्मीद थी कि समय के साथ सब कुछ सामान्य हो जाएगा, लेकिन एक वीडियो के कारण लोगों ने उनके बारे में गलत धारणाएं बना लीं। बता दें कि गुरप्रीत ने हाल ही में अपने बेटे के साथ एक वीडियो साझा किया,  जिसमें वह उसे गुरबाणी और गुरसिखी से जुड़े शब्द सिखाती नजर आ रही थीं। गुरप्रीत का आरोप है कि बच्चे को भी ट्रोलर्स ने नहीं छोड़ा, यहां तक कि लड़कियां भी भद्दे Comments करने से पीछे नहीं हट रही।  गुरप्रीत ने कहा कि  बच्चे को लेकर की जा रही टिप्पणियों से उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा पहुंची है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

क्रिकेट प्रेमियों को बड़ा तोहफा! भारत vs अफगानिस्तान टेस्ट का पूरा मैच एक ही टिकट पर

चंडीगढ़/न्यू चंडीगढ़. भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 से 10 जून तक खेले जाने वाले ऐतिहासिक टेस्ट मैच के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) ने टिकटों की कीमतों की घोषणा कर दी है। यह मुकाबला न्यू चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह पीसीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर में खेला जाएगा। घोषित दरों के अनुसार दक्षिणी अपर टियर के सामान्य दर्शक टिकट की कीमत 250 रुपये रखी गई है। वहीं साउथ पवेलियन-ए के टिकट 2,000 रुपये और हरभजन सिंह पवेलियन-बी के टिकट 2,500 रुपये में उपलब्ध होंगे। कॉर्पोरेट बॉक्स के टिकट 4,000 रुपये से शुरू होंगे, जबकि प्रीमियम एसी लाउंज (लेवल-1) का टिकट 10,000 रुपये रखा गया है। इस श्रेणी के टिकट धारकों को मैच के दौरान भोजन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि एक बार खरीदा गया टिकट पूरे पांच दिनों के टेस्ट मैच के लिए मान्य रहेगा। दर्शकों को प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग टिकट खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। टिकटों की आंशिक ऑनलाइन बिक्री भी शुरू हो चुकी है। इस बीच अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। दोनों टीमों के मंगलवार से स्टेडियम में अभ्यास सत्र शुरू करने की संभावना है। क्रिकेट प्रशंसकों में इस मुकाबले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि मुल्लांपुर के इस विश्वस्तरीय स्टेडियम में पहली बार भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट क्रिकेट का रोमांच देखने को मिलेगा।