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₹6 हजार करोड़ के ड्रग केस में बढ़ी हलचल, SIT ने मजीठिया और जगदीश भोला को पूछताछ के लिए बुलाया

पटियाला करीब छह हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और बर्खास्त डीएसपी जगदीश सिंह भोला आज विशेष जांच टीम के सामने पेश होंगे।जगदीश सिंह भोला का नाम ड्रग्स मामले से पहले से जुड़ा है। मजीठिया के खिलाफ दिसंबर 2021 में पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें धारा 25, 27-ए और 29 लगाई गई थीं। पुलिस ने 2018 की एसटीएफ रिपोर्ट को एफआईआर का आधार बताया था। एफआईआर में 2004 से 2014 के बीच की गतिविधियों का उल्लेख था। पंजाब सरकार ने अदालत में कहा था कि बयानों और अन्य सामग्री के आधार पर मजीठिया की भूमिका की जांच हो रही है। मजीठिया को अगस्त 2022 में इस मामले में जमानत मिली थी।  इस मामले में बर्खास्त DSP जगदीश सिंह भोला को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी दोनों को एक साथ बैठाकर सवाल-जवाब कर सकती है। SIT की जांच में पुराने बयानों के साथ ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और मामले की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। भोला का नाम भी ड्रग रैकेट की जांच से जुड़ा रहा है। क्या है मामला… एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज की थी FIR 20 दिसंबर 2021 को पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिक्रम मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। इसमें धारा 25, 27-A और 29 लगाई गई थीं। FIR का आधार 2018 की STF रिपोर्ट को बताया गया था। पुलिस का आरोप था कि मजीठिया के कुछ ऐसे लोगों से संबंध थे, जिन पर ड्रग तस्करी से जुड़े होने के आरोप थे। मजीठिया की भूमिका की जांच FIR में गतिविधियों की अवधि 2004 से 2014 बताई गई थी। मामले में जगदीश सिंह भोला, जगजीत सिंह चहल, मनिंदर सिंह औलख उर्फ बिट्टू औलख और अन्य लोगों के बयानों का भी उल्लेख हुआ। पंजाब सरकार की ओर से अदालत में कहा गया था कि इन बयानों और अन्य सामग्री के आधार पर मजीठिया की भूमिका की जांच की जा रही है। अगस्त 2022 में मिली थी जमानत हालांकि मजीठिया ने इस केस में कानूनी लड़ाई लड़ी और 2022 के विधानसभा चुनाव में अमृतसर से चुनावी मैदान में उतरे थे। इसके बाद वह जेल गए। अगस्त 2022 में उन्हें जमानत मिल गई थी। मजीठिया इस केस पर पहले से ही सवाल उठाते आए हैं। पुलिस ने कोई रिकवरी नहीं की मजीठिया का कहना है कि यह एनडीपीएस का मामला है, जिसमें पुलिस ने कोई रिकवरी नहीं की है। हालांकि, पुलिस ने नशा तस्करी में पकड़े गए कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं।

कनाडा में इमिग्रेशन नियमों को लेकर नवंबर में तय होगी नई दिशा, जनसंख्या वृद्धि पर सरकार का फोकस

चंडीगढ़  कनाडा में पढ़ाई, नौकरी और स्थायी निवास (पीआर) का सपना देख रहे पंजाबियों की नजर अब नवंबर में आने वाली 2027-29 इमिग्रेशन लेवल्स प्लान पर है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने संकेत दिया है कि सरकार इमिग्रेशन व्यवस्था को नियंत्रण में लाने के बाद आबादी और इमिग्रेशन में नियंत्रित बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। हालांकि, अभी कोई नया बढ़ा हुआ लक्ष्य घोषित नहीं किया गया है। मुख्य विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी ने इमिग्रेशन संख्या बढ़ाने का विरोध किया है। मौजूदा 2026-28 योजना के तहत हर साल 3.80 लाख स्थायी निवासियों को लेने का लक्ष्य है। सरकार ने पहले पीआर संख्या को पांच लाख तक बढ़ाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसमें कटौती की गई। अस्थायी निवासियों के नए आगमन का लक्ष्य 2026 में 3.85 लाख और 2027-28 में 3.70 लाख है। इनमें अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी और अस्थायी विदेशी कर्मचारी शामिल हैं। 2027-29 की नई योजना नवंबर में संसद में पेश होने की उम्मीद है। इसी से स्पष्ट होगा कि सरकार मौजूदा स्तर बनाए रखती है, कटौती जारी रखती है या नियंत्रित बढ़ोतरी की राह अपनाती है। सरकार का लक्ष्य 2027 के अंत तक अस्थायी निवासियों की हिस्सेदारी आबादी में पांच फीसदी से नीचे लाना है। एक अक्तूबर 2026 को यह हिस्सेदारी करीब 6.7 फीसदी थी।  कंजर्वेटिव इमिग्रेशन घटाने के पक्ष में कंजर्वेटिव इमिग्रेशन आलोचक मिशेल रेम्पेल गार्नर ने संख्या बढ़ाने के किसी भी प्रयास का विरोध किया है। पार्टी आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार क्षमता पर दबाव का हवाला देकर इमिग्रेशन लक्ष्य कम करने की मांग कर रही है। 2027-28 में नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों के अस्थायी आगमन का लक्ष्य 1.50 लाख सालाना है। 2026-27 में 33 हजार तक अस्थायी कर्मचारियों को पीआर में बदलने की विशेष पहल भी है। ऐसे में कनाडा जाने वाले पंजाबी युवाओं के लिए कोर्स, रोजगार संभावनाओं, कौशल और भविष्य के इमिग्रेशन नियम महत्वपूर्ण होंगे। पहले से पीआर, नागरिकता या वैध वर्क परमिट रखने वालों पर नए लक्ष्य का सीधा असर नहीं पड़ेगा। 

मनाली से लौट रही बस फ्लाईओवर से नीचे गिरी, LPU के 2 छात्रों समेत 3 की गई जान

नवांशहर पंजाब के मजारी गांव में बंगा के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मनाली से लौट रही एख प्राइवेट बस बेकाबू होकर फ्लाईओवर से नीचे गिर गई।इस हादसे में 2 LPU के छात्रों और एक पर्यटक की मौत हो गई ,जबकि कईं यात्री घायल हैं। बस हादसा सुबह 5 बजे के आसपास हुआ। बस में LPU के कुछ छात्र और पर्यटक मौजूद थे। यें सभी यात्री मनाली से घूमकर अमृतसर वापिस लौट रहे थे। नींद की झपकी बनी हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फ्लाईओवर से उतरते समय ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते यह हादसा हो गया। बस की रफ्तार तेज होने के कारण बेकाबू हो गई और फ्लाईओवर से नीचे गिर गई।हादसा इतना भीषण था कि  बस के परखच्चे उड़ गए। कैसे हुआ हादसा? आशंका जताई जा रही है कि ड्राइवर को नींद आने के कारण यह हादसा हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में बस ड्राइवर और एलपीयू के एक छात्र सहित 3 लोगों की मौत की खबर है। तीसरे व्यक्ति की पहचान अभी नहीं हो पाई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार सुबह फ्लाईओवर से उतरते समय बस ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई। इससे तेज रफ्तार बस पर से उसका नियंत्रण खो गया। बस बेकाबू होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही बंगा पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया राहत टीमों ने बस में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं, एक छात्र के लापता होने की बात सामने आने के बाद उसकी तलाश भी की जा रही है। हादसे में 2 छात्रों और बस कंडक्टर की मौत हुई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि भी अभी नहीं की गई है। मामले की जांच कर रही पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों के साथ-साथ बस में सवार लोगों की जानकारी जुटा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस तेज रफ्तार में थी और ड्राइरवर का नियंत्रण छूटने के बाद वह रेलिंग तोड़कर नीचे जा गिरी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौके पर पहुंची राहत टीम घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के सटीक आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस ने की जांच शुरू हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को बस से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।मृतकों की अभी पहचान अभी जारी नहीं हो पाई है।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  

CM भगवंत मान के OSD पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI करेगी जांच, हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सीएम भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई को साैंप दी है। कोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को ईडी की ओर से भेजे गए पत्रों की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने वकील निखिल सराफ की ओर से दायर एक पीआईएल पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने सीबीआई को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।  सरकार से जुड़े करप्शन के मामले की जांच अब CBI करेगी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने CBI को 2 महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।इस मामले में ED ने पंजाब के DGP को पत्र भेजकर करप्शन के आरोपों को लेकर केस दर्ज करने को कहा था। जब पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो ED ने हाईकोर्ट का रुख किया।इसके बाद मामले में जनहित याचिका दायर की गई थी। अब हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है। भ्रष्टाचार के आरोपों पर ED ने DGP को क्यों लिखी चिट्ठी?     ईडी ने क्या कहा: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को कई पत्र भेजकर कथित भ्रष्टाचार और सरकारी कामकाज में दखल के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ईडी की जांच में ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव और दूसरे सरकारी कामों को प्रभावित करने के आरोप सामने आने की बात कही गई है। जुलाई और अगस्त 2026 में भेजे गए पत्रों को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी मामला पहुंचा।     किस पर आरोप हैं: ईडी की कार्रवाई में नितिन गोहल, रियल एस्टेट कारोबारी अजय सहगल, सुरेश कुमार बजाज और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। जांच में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण से जुड़े संपर्कों का भी उल्लेख किया गया है। ईडी का आरोप है कि कुछ लोग सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग-ट्रांसफर और दूसरे प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करने के लिए बिचौलिये की भूमिका निभा रहे थे।     ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर टेंडर तक: ईडी के मुताबिक जांच में मिले चैट और अन्य सामग्री में अधिकारियों की पोस्टिंग, तबादलों और सरकारी पदों पर नियुक्ति से जुड़ी बातचीत का उल्लेख है। मार्कफेड के टेंडर, अधिकारियों की पोस्टिंग, लाइसेंस और अन्य सरकारी मंजूरियों को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। ईडी ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के साथ-साथ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं के तहत अपराध बनने की बात कही है।     तलाशी में क्या मिला: ईडी ने मई 2026 में नितिन गोहल, अजय सहगल और अन्य से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के मुताबिक इस दौरान दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिली। करीब एक करोड़ रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया गया है। ईडी ने मोबाइल फोन से मिले वाट्सऐप चैट और कॉल रिकॉर्ड को भी जांच का हिस्सा बनाया है।     जमीन और रियल एस्टेट का एंगल: मामला एक बड़े चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से भी जुड़ा है। ईडी की कार्रवाई मूल रूप से करीब 348 करोड़ रुपए के सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान आगे बढ़ी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारियों के जरिए कुछ रियल एस्टेट संस्थाओं को जमीन के इस्तेमाल में बदलाव और दूसरी मंजूरियां दिलाने की कोशिश की गई।     डीजीपी ने क्या किया: ईडी के पत्र के बाद पंजाब पुलिस ने मामले को सीधे एफआईआर में बदलने के बजाय ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन से कानूनी राय मांगी। इसी बीच ईडी ने दोबारा पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। सितंबर में ईडी ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब पुलिस को उसकी ओर से कई संचार भेजे जा चुके हैं, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई।     मामला हाईकोर्ट पहुंचा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त 2026 में इस मामले पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और राज्य से सावधानीपूर्वक जवाब अपेक्षित है। ईडी को डीजीपी को भेजे गए अपने पत्र कोर्ट के सामने रखने को भी कहा गया। सितंबर में मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया।     सरकार और आरोपियों का पक्ष: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ईडी के आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया। नितिन गोहल ने भी ईडी के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि चैट तथा बातचीत को गलत संदर्भ में पेश किया गया।

होशियारपुर में खाद्य सुरक्षा पर बड़ी कार्रवाई, बिना लेबल ‘लेमन जीरा’ का मिश्रण जब्त

होशियारपुर. पांच रुपये में मिलने वाली ठंडी लेमन जीरा बच्चों और शहरवासियों के बीच काफी लोकप्रिय है, लेकिन अब इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कच्चे टोबे स्थित राजेश बेकरी में स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापामारी के दौरान लेमन जीरा तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला ऐसा मिश्रण मिला, जिस पर न कंपनी का नाम था और न ही उसके निर्माण और एक्सपायरी डेट अंकित थी। यह मिश्रण कैपाकोला की बोतलों में भरकर ग्राहकों को बेचा जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने मिश्रण का नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया है। अब जांच रिपोर्ट से पता चलेगा कि इसमें इस्तेमाल सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं। इसके साथ ही गंदगी से सनी ट्रे में पैटी-कुलचे, मियाद पार ब्रेड-पैटी और अन्य खाद्य सामग्री भी मिली। सबसे बड़ा सवाल पांच रुपये में बिक रही लेमन जीरा को लेकर उठा।

चंडीगढ़ का स्कूल बना ‘सुपर स्मार्ट’, PM SHRI दर्जे के बाद हाईटेक हुई पढ़ाई, बच्चों को मिल रही नई सुविधाएं

चंडीगढ़. शहर के धनास स्थित पीएम श्री गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक नई मिसाल पेश की है। पीएम श्री का दर्जा मिलने के बाद स्कूल में शिक्षा के साथ तकनीक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है। अब यहां विद्यार्थियों को पारंपरिक तरीके के साथ-साथ हाईटेक और मनोरंजक तरीके से पढ़ाया जा रहा है। स्कूल के मुख्य गेट से प्रवेश करते ही विद्यार्थियों और अभिभावकों का स्वागत वाटरफॉल से होता है। इसके अलावा स्कूल की दीवारों पर बनाए गए आकर्षक म्यूरल परिसर को नया और जीवंत रूप देते हैं। स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां पढ़ाई बोझिल न लगे और बच्चे गतिविधियों के जरिए विषयों को आसानी से समझ सकें। कॉपी-किताब के साथ स्मार्ट पैनल से पढ़ाई पीएम श्री स्कूल बनने के बाद यहां कक्षाओं में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है। विद्यार्थी अब स्मार्ट पैनल की मदद से विभिन्न विषयों को इंटरैक्टिव तरीके से समझ रहे हैं। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई होने के कारण विद्यार्थियों को कठिन विषयों को विजुअल और प्रैक्टिकल तरीके से समझने का अवसर मिल रहा है। इससे कक्षा में विद्यार्थियों की भागीदारी भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अटल टिंकरिंग लैब में प्रयोग से सीख रहे विद्यार्थी स्कूल में अटल टिंकरिंग लैब भी उपलब्ध है, जहां विद्यार्थी विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़े प्रयोग कर सकते हैं। लैब के माध्यम से बच्चों में समस्या समाधान, रचनात्मक सोच और नई चीजें बनाने की क्षमता विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। यहां विद्यार्थी केवल किताबों तक सीमित न रहकर प्रयोग और गतिविधियों के जरिए सीखने का अनुभव हासिल कर रहे हैं। आधुनिक सुविधाओं से बदला स्कूल का माहौल पीएम श्री योजना के तहत स्कूल में आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया गया है। परिसर को आकर्षक बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए सीखने का बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। धनास सेक्टर-14 वेस्ट स्थित यह स्कूल अब पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीक, नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षा को जोड़कर विद्यार्थियों को नया अनुभव दे रहा है।

पंजाब में त्योहारों से पहले बड़ी साजिश नाकाम, पाकिस्तान से आई AK-47 और ग्रेनेड की खेप पकड़ी

अमृतसर त्यौहारों से पहले पंजाब की अमन शांति को खराब करने की पाकिस्तान व विदेश में बैठी ताकतों की कोशिश को अमृतसर रूरल पुलिस ने नाकाम कर दिया है। अमृतसर देहाती पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ दिया है। पुलिस टीम ने इस कार्रवाई में हथियारों की खेप के साथ तस्कर को भी अरेस्ट किया है। डीजीपी पंजाब गौरव यादव की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार अमृतसर रूरल पुलिस ने AK 47 राइफल, उसकी मैगजीन, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और दो खतरनाक हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। AK-47 और हैंड ग्रेनेड का मिलने से सुरक्षा एजेंसियां स्तर्क हो गई हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान बब्बा पुत्र भोला सिंह निवासी चीमा खुर्द थाना सराए अमानत खां जिला तरनतारन के तौर पर हुई है। मामले की शुरुआती जांच में विदेशी ताकतों के लिंक सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया आरोपी विदेश में बैठे देश विरोधी ताकतों के संपर्क में था। पाकिस्तान से आयी खेप शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ है कि ये खेप पाकिस्तान से सरहद पार करवा भारत भेजी गई थी। इस रिकवरी के बाद अमृतसर के घरिंडा पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ असला एक्ट (आर्म्स एक्ट) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। लिंक खंगालने में जुटी पुलिस पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुट गई है। आरोपी के पूरे नेटवर्क की अगली और पिछली कड़ियों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह जानने में जुटी है कि यह हथियार किसे सप्लाई किए जाने थे और इसके पीछे क्या बड़ी वारदात अंजाम देने की योजना थी। डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि पंजाब की अमन शांति को बिगाड़ने का प्रयास करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।  

मैड संधू हत्याकांड में पुलिस को अहम सुराग, 27 CCTV फुटेज से सामने आया निहंग समूह से विवाद

अमृतसर. अमृतसर में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की शनिवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद से पूरे शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बीती रात 27 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए हैं, आशंका है कि आरोपित अमृतसर के देहात क्षेत्र कंबो इलाके में छिपे बैठे है। पुलिस द्वारा मृतक के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे है। जल्द गिरफ्तार होंगे आरोपित मैड संधू के हत्यारों की खोजबीन तेजी से हो रही है। पुलिस कमिश्नर हरमनबीर गिल ने बताया कि आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस हर पहलू से इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने शुरुआती जांच-पड़ताल में आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है और अब आरोपितों की तलाश के लिए अगला कदम बढ़ा दिया है। गोल्डी ढ़िल्लों ने ली हत्या की जिम्मेदारी खबर है कि मैड संधू की हत्या की जिम्मेदारी विदेश बैठे पटियाला के गैंग्स्टर गोल्डी ढिल्लों ने ली है। ऐसा कहा जा रहा है कि मैड संधू को काफी समय से जान से मारने की धमकियां आ रही थीं। वायरल पोस्ट से हुआ खुलासा वायरल पोस्ट में इस हत्याकांड की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों और जगतार तरनतारन ने ली है। गैंगस्टरों ने लिखा कि संधू नई जेनरेशन को खराब कर रहा था और जो भी इसका फेवर कर रहा है वह भी अपनी तैयारी कर रखें। जो भी इन्हें स्कूलों में चीफ गेस्ट बुला रहे हैं, उनको यह लास्ट वॉर्निंग है। इस तरह की हरकतें करने वाले पंजाब से बाहर रहें।

चंडीगढ़ निगम चुनाव से पहले सियासी घमासान, SIA ने दलबदलू नेताओं को दी दो टूक चेतावनी

चंडीगढ़. सेकेंड इनिंग्स एसोसिएशन (एसआइए) ने आगामी चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में राजनीतिक दलों से दलबदलू नेताओं को टिकट नहीं देने की अपील की है। एसआइए अध्यक्ष आरके गर्ग ने कहा कि जो पार्षद किसी एक राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव जीतकर जनता का विश्वास हासिल करते हैं, उनका केवल राजनीतिक सुविधा, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा या दोबारा टिकट मिलने की बेहतर संभावना के लिए दल बदलना गंभीर सवाल खड़े करता है। ईमानदारी और निरंतरता वाले उम्मीदवारों को चुनें गर्ग ने कहा कि जनता किसी उम्मीदवार को केवल व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि उसके राजनीतिक दल और विचारधारा के आधार पर भी अपना समर्थन देती है। ऐसे में चुनाव जीतने के बाद दल बदलना मतदाताओं के भरोसे और राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे नेताओं को टिकट देने से इनकार करने का साहस दिखाना चाहिए। यदि कोई दल चुनावी लाभ के लिए ऐसे नेता को टिकट देता है, जो बार-बार राजनीतिक पाला बदलता रहा है, तो अंतिम फैसला मतदाताओं को करना चाहिए। एसआइए का नारा है- “दलबदलुओं को टिकट नहीं, दलबदलुओं को वोट नहीं।” दलबदलुओं को वोट नहीं एसआइए ने मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान के समय उम्मीदवार के राजनीतिक इतिहास को भी ध्यान में रखें और ऐसे प्रत्याशियों को नकारें, जिनकी निष्ठा बार-बार बदलती रही है। जनता को ईमानदारी, प्रतिबद्धता, निरंतरता और जनसेवा के रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देनी चाहिए। गर्ग ने कहा कि चंडीगढ़ को ऐसे जनप्रतिनिधियों की जरूरत है, जो जनता के साथ मजबूती से खड़े रहें, न कि ऐसे नेताओं की जो अपने राजनीतिक अस्तित्व और व्यक्तिगत फायदे के लिए समय-समय पर पाला बदलते रहें।

परगट सिंह की बड़ी मुलाकात, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने से पहले अंबिका सोनी से की चर्चा

चंडीगढ़. पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) की कमान संभालने जा रहे नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने अपनी नई राजनीतिक पारी के आगाज से पहले पार्टी के वरिष्ठ दिग्गजों का मार्गदर्शन लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने रविवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की। परगट सिंह ने मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि अंबिका सोनी के साथ पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने को लेकर सार्थक बातचीत हुई और उनका मार्गदर्शन व आशीर्वाद लिया। दिल्ली में की मुलाकात अंबिका सोनी कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और लंबे समय तक पार्टी संगठन व केंद्र की राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह पंजाब से राज्यसभा सदस्य भी रह चुकी हैं और केंद्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। कांग्रेस की मौजूदा केंद्रीय समितियों में भी उनका नाम शामिल है। 2 अक्टूबर को संभाली थी कमान परगट सिंह को कांग्रेस हाईकमान ने दो अक्टूबर को अमरिंदर सिंह राजा वेडिंग के इस्तीफे के बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह पूर्व भारतीय हाकी कप्तान और ओलंपियन हैं। वह पंजाब सरकार में शिक्षा एवं खेल मंत्री भी रह चुके हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मिली इस जिम्मेदारी के साथ परगट के सामने पार्टी के विभिन्न गुटों को एकजुट करने और संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की बड़ी चुनौती है। वह पहले ही खुद को ‘टीम प्लेयर’ बताते हुए सर्वसम्मति से फैसले लेने की बात कह चुके हैं।