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CM के OSD मामले में CBI की जांच तेज, तबादलों और भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड तलब

 चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने पंजाब सरकार से विभिन्न विभागों की फाइलें तलब की हैं। इनमें अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों, सरकारी नीतियों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, भर्तियों और हथियार लाइसेंस से जुड़े मामले शामिल हैं। सीबीआइ ने पांच आरोपितों को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया है, जबकि घुम्मन अभी तक एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं।पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआइ ने पांच अक्टूबर को राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अन्य आरोपितों में नितिन गोहल, जितिन गोहल, डा रोमी महाजन, बीर देविंदर और खन्ना के कारोबारी आरएस नागरा शामिल हैं। इसके बाद एजेंसी ने कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी। सीबीआइ ने 12 अक्टूबर को पंजाब सरकार को पत्र लिखकर विभिन्न विभागों से संबंधित रिकार्ड मांगा था। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कई विभागों ने जानकारी उपलब्ध करा दी है, जबकि कुछ विभाग अभी रिकॉर्ड जुटा रहे हैं। तबादलों से लेकर सरकारी परियोजनाओं तक जांच सीबीआइ ने वर्ष 2024 की खाद्यान्न श्रम एवं ढुलाई नीतियों और वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 की तबादला नीतियों से संबंधित फाइलें मांगी हैं। इसके अलावा सरकार की ओर से अधिकारियों के तबादलों और तैनातियों से जुड़े फैसलों का रिकॉर्ड भी तलब किया गया है। एजेंसी वेरका की ओर से एसएपी साफ्टवेयर के उपयोग के लिए खरीदे गए लाइसेंस, एसएपी के साथ हुए समझौते की शर्तों और पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग में वितरकों को बदलने से जुड़े फैसलों की भी जांच कर रही है।पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के न्यू खन्ना सिटी एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में हाईटेक डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के कार्य से संबंधित रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके अलावा ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) से आरकेएम हाउसिंग लिमिटेड से जुड़ी फाइलें और चंडीगढ़ ग्रुप आफ कालेजेज को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की ओर से दी गई मंजूरी का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में है। जीरकपुर स्थित एस्कान प्रिमेरा ग्रुप हाउसिंग परियोजना की फाइलें भी मांगी गई हैं। भर्तियों, नियुक्तियों और हथियार लाइसेंस पर नजर सीबीआइ ने पंजाब लोक सेवा आयोग के माध्यम से सहायक नगर योजनाकारों की भर्ती से संबंधित रिकॉर्ड और पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कुछ मामलों की फाइलें भी तलब की हैं। जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में घुम्मन की ओएसडी के रूप में नियुक्ति से संबंधित फाइल भी मांगी है। इसके साथ ही जितिन कुमार गोहल उर्फ राजा को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रोडक्शन मैनेजर के रूप में नियुक्त करने से संबंधित रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। एजेंसी ने पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह काकू अहलूवालिया और मुख्यमंत्री के एक अन्य ओएसडी डा रोमी राजा महाजन सहित कुछ लोगों के हथियार लाइसेंस आवेदनों से जुड़ी फाइलें भी मांगी हैं। ईडी की जांच में आए अधिकारियों से भी हो सकती है पूछताछ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सरकारी नीतियों और फैसलों को कथित तौर पर प्रभावित करने या उनमें हेरफेर करने के आरोपों की पड़ताल की गई थी। सीबीआइ अब इस मामले में कुछ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपितों के बीच कथित बातचीत और चैट के आधार पर कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। घुम्मन को पिछले सप्ताह दो बार समन भेजे जाने के बावजूद वह एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए। सीबीआइ ने उनके परिसर पर नोटिस चस्पा करने के साथ ई-मेल के जरिये भी नोटिस भेजे थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले कह चुके हैं कि उचित माध्यम से समन मिलने पर उनके ओएसडी जांच में शामिल होने के लिए तैयार हैं। सीबीआइ की प्राथमिकी को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिकी पर रोक लगाने या जांच रोकने से इन्कार करते हुए सोमवार को एजेंसी को कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बाद ईडी ने भी सीबीआइ की प्राथमिकी के आधार पर घुम्मन और उनके सहयोगियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया। सीबीआइ को चार दिसंबर तक हाई कोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपनी है।

सचिन पायलट-परगट सिंह की जोड़ी संभालेगी पंजाब में चुनावी कमान, मानसा से अभियान शुरू

 चंडीगढ़  पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस अब जमीन पर सक्रिय होने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट और नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर राजनीतिक माहौल, संगठन की स्थिति और जनता के मुद्दों का जायजा लेंगे। 16 से 20 अक्टूबर तक प्रस्तावित इस दौरे को कांग्रेस की चुनावी रणनीति की शुरुआती कड़ी माना जा रहा है। दोनों नेता जमीनी स्तर से फीडबैक जुटाकर पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट देंगे। इसके बाद राहुल गांधी के पंजाब दौरे की रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, सचिन पायलट 16 अक्टूबर को दिल्ली से चंडीगढ़ पहुंचेंगे और वहां से मानसा के लिए रवाना होंगे। हालांकि, फिलहाल उनके शुरुआती दो दिनों का कार्यक्रम ही तय हुआ है। अगले तीन दिनों का कार्यक्रम फीडबैक और दौरे की परिस्थितियों के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा। परगट सिंह भी उनके साथ विभिन्न जिलों में पहुंचकर संगठनात्मक तैयारियों और स्थानीय मुद्दों की जानकारी लेंगे। पायलट अपने दौरे की शुरुआत मानसा से करेंगे, जहां वह एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के खिलाफ लगाए गए धरने में शामिल होंगे। उसके बाद वह अलग-अलग जगहों पर जाकर गैंगस्टर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे। पार्टी हाईकमान ने पायलट को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पंजाब में यदि कोई भी नेता गुटबाजी को बढ़ावा देता है, तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाए। वहीं, वड़िंग गुट को शांत रखने के उद्देश्य से पायलट ने अपने पंजाब दौरे से ठीक एक दिन पहले राजा वड़िंग को फाइटर बताकर उनकी सराहना की। प्रधान पद से हटाए जाने के बाद राजा वड़िंग सचिन पायलट से खफा चल रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के सार्वजनिक मंच से यह साफ कर दिया था कि वह सिर्फ राहुल गांधी को ही अपना नेता मानते हैं। वड़िंग गुट के नेता भी मुखर होकर उनके साथ खड़े हैं। हाईकमान को शक है कि कहीं पायलट के दौरे के दौरान वड़िंग गुट के नेता भी वैसा ही रुख न अपना लें, जैसा भूपेश बघेल के दौरे के समय चन्नी गुट के नेताओं ने अपनाया था। इसलिए, राहुल गांधी के दौरे से पहले पायलट ग्राउंड टेस्ट करेंगे। नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा को मानसा में गोली मारे जाने की घटना के बाद नशे का मुद्दा फिर चर्चा के केंद्र में है। इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध तेज हुआ है। 15 अक्टूबर को पंजाब बंद के आह्वान का असर भी देखने को मिला। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के मानसा दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों और उन परिवारों से मुलाकात की संभावना है, जिन्होंने नशे के कारण अपने बच्चों को खोया है। कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता की नाराजगी, सरकार के खिलाफ उठ रहे सवालों और स्थानीय स्तर पर पार्टी की भूमिका का आकलन कर सकती है। गुटबाजी के बाद अब चुनावी तैयारी पर जोर पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से चल रही गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर खींचतान के बाद अब पार्टी चुनावी तैयारियों को गति देने की कोशिश में है। परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकता संगठन को एकजुट करना और चुनाव से पहले उसकी जमीनी स्थिति मजबूत करना है। पायलट और परगट सिंह के बठिंडा, मानसा, मोगा, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर और तरनतारन समेत विभिन्न जिलों में जाने की संभावना है। इन दौरों में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत के साथ जनता के प्रमुख मुद्दों का आकलन किया जाएगा। राहुल गांधी के दौरे से पहले होगा होमवर्क कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने से पहले जमीनी स्थिति समझना चाहता है। पायलट और परगट सिंह का फीडबैक इसी दिशा में अहम माना जा रहा है। इसके आधार पर पार्टी की प्राथमिकताएं, संगठनात्मक कमजोरियां और चुनावी रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पांच दिन के इस प्रस्तावित अभियान से कांग्रेस को कितना ठोस फीडबैक मिलता है और पार्टी उसे चुनावी रणनीति में किस तरह बदलती है। राहुल गांधी के संभावित पंजाब दौरे से पहले यह कवायद कांग्रेस के लिए अपनी तैयारियों को परखने का महत्वपूर्ण मौका होगा। पंजाब दौरे से पहले सचिन पायलट ने वड़िंग के बारे में ये अहम बातें कहीं     फाइटर और ऊर्जावान युवा नेता: सचिन पायलट ने राजा वड़िंग की राजनीतिक क्षमता और कार्यशैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने वड़िंग को एक सच्चा फाइटर, ऊर्जावान व मेहनती युवा नेता बताया। पायलट के अनुसार, वड़िंग के काम में कभी उत्साह और ऊर्जा की कमी नहीं दिखती। वह हमेशा जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से जुड़े रहते हैं और किसी भी कठिन परिस्थिति से पीछे नहीं हटते। पायलट ने कहा कि वड़िंग में संघर्ष करने की अद्भुत क्षमता है।     20 साल पुराना व्यक्तिगत व राजनीतिक संबंध: सचिन पायलट ने वड़िंग के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वह उन्हें पिछले 20 वर्षों से जानते हैं। जब दोनों ने यूथ कांग्रेस के दौर से राजनीति की शुरुआत की थी, तभी से वे एक-दूसरे के काम करने के तरीके से भली-भांति परिचित हैं। पायलट ने स्पष्ट किया कि वड़िंग के साथ उनका संबंध महज हालिया राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि दशकों पुराना है। इसी वजह से वह वड़िंग की क्षमताओं, निष्ठा और सांगठनिक कौशल को बहुत करीब से पहचानते हैं।     चुनौतीपूर्ण समय में संगठन को संभाला: पायलट ने उस कठिन समय को याद किया जब पंजाब में कांग्रेस राजनीतिक संकट से गुजर रही थी और पार्टी के पास केवल 15-16 विधायक ही रह गए थे। उसी दौर में राजा वड़िंग ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाली थी। उस चुनौतीपूर्ण समय में वड़िंग ने लगातार 4 साल से अधिक समय तक बिना थके मेहनत की। उन्होंने राज्य के कोने-कोने में जाकर कार्यकर्ताओं को दोबारा एकजुट किया और संगठन में नई जान फूंकने का काम किया।     आगामी पंजाब चुनावों में बेहद अहम भूमिका: प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बावजूद सचिन पायलट ने साफ किया कि राजा वड़िंग की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने … Read more

झोटा मर्डर के बाद एक्शन में पंजाब सरकार, नशे पर लगाम लगाने के लिए CM मान की बैठक

जालंधर मुख्यमंत्री भगवंत मान आज फिल्लौर में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान की समीक्षा करेंगे जिसमें सभी जिलों के एसएसपी, डीसी, डीएसपी व एसडीएम हिस्सा लेंगे। बैठक में मेडिकल नशों के दुरुपयोग पर सख्ती करने को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं, वहीं नशों तस्करों के नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी।आम आदमी पार्टी पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने बताया कि कुछ दिन पहले सीएम मान ने फिल्लौर में सभी एसएचओ के साथ भी बैठक की थी और अब वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यह हाई लेवल बैठक बुलाई गई है।  बैठक में अब तक की परफॉर्मेंस की समीक्षा करने के साथ-साथ आगे की रणनीति और एक्शन प्लान पर विस्तार से चर्चा होगी जिसके तहत ही नशे के खिलाफ मुहिम को और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशों की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों को पूरी गंभीरता से काम करना होगा।  CM की मीटिंग को लेकर AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने एक वीडियो भी जारी किया। इसमें कहा गया कि आने वाले एक हफ्ते में पंजाब में नशे के खिलाफ एक बड़ा बदलाव दिखने वाला है। पन्नू ने साफ किया कि सरकार नशे को लेकर कड़ा और बड़ा फैसला ले सकती है। विरोधी पार्टियां कांग्रेस, भाजपा, अकाली दल सहित वारिस पंजाब दे के नेता लगातार सरकार को नशे के मुद्दे पर घेर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि 2025 से चल रही पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम का अभी तक ग्राउंड पर कोई असर देखने को नहीं मिला है। झोटा मर्डर के बाद सरकार के मंत्री भी नशे को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं। सरकार के खिलाफ खड़ी हो रही लहर के चलते अब CM ने सीधे कमान संभाली है। पन्नू ने कहा कि मेडिकल नशों के गलत इस्तेमाल पर कहा कि कुछ नशों नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एडीपीएस) एक्ट के दायरे में आते हैं, जबकि कुछ नशे नहीं। ऐसे नशों को संबंधित कानूनी दायरे में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार की भूमिका भी अहम है।  हालांकि पन्नू ने कहा कि मेडिकल नशों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए खास निगरानी की भी जरूरत है। पंजाब सरकार इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। शुक्रवार को प्रस्तावित बैठक के बाद इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मामले में एसआईटी से जुड़े सवाल पर पन्नू ने कहा कि फिलहाल पुलिस और एडीजीपी के निर्देशों के मुताबिक मामले में कार्रवाई की जा रही है। 1 मार्च 2025 को शुरू हुआ था युद्ध नशे विरुद्ध पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम 1 मार्च 2025 को CM भगवंत मान के निर्देश पर शुरू हुई थी। यह नशा तस्करी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस वाला तलाशी अभियान है। 15 अक्टूबर 2026 तक इस मुहिम के लगभग 592 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके तहत पंजाब के सभी 23 जिलों के पुलिस प्रमुख नशे की सूचना पर रेड करते हैं। वे इसे अपने इंस्टाग्राम और एक्स हैंडल पर प्रमोट करते हैं और नशे के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाइयों, जिनमें तस्करों की गिरफ्तारी व घर गिराने की कार्रवाई शामिल है, को दिखाते हैं। सरकार का दावा- बड़ी मात्रा में नशा पकड़ा सरकार और पुलिस के दावों के अनुसार, अक्टूबर 2026 तक 85 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। अक्टूबर 2026 तक करीब 64 हजार FIR दर्ज की जा चुकी हैं। अब तक की मुहिम में लगभग 4,200 किलो हेरोइन और 980 किलो अफीम बरामद की गई है। इसके अलावा भुक्की, गांजा, ICE, लाखों नशीली गोलियां और कैप्सूल तथा 20 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है। नशे की कमाई से बने मकानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई भी हुई है। जानें, कैसे नशे के मुद्दे पर घिरती गई AAP सरकार     BJP की पंजाब भर में रैली ने माहौल बनाया: BJP पंजाब ने 'नशा मुक्त पंजाब' स्लोगन के तहत 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से एक यात्रा शुरू की। करीब 13 दिनों तक चली इस यात्रा ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया और लगभग 4,000 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान बीजेपी नेताओं ने नशा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हर विधानसभा क्षेत्र में AAP सरकार को घेरा।     31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशा मिटाने का वादा: 30 सितंबर को गृह मंत्री ने जालंधर के परागपुर में इस यात्रा का समापन किया और 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशा मिटाने का वादा किया। इससे पंजाब में नशे को लेकर लोगों की आवाज उठने लगी। मानसा में मारे गए परविंदर झोटा के पिता ने भी सबसे पहले केंद्र सरकार और अमित शाह से ही आरोपियों पर कार्रवाई की अपील की।     कांग्रेस ने विधानसभा में उठाए सवाल: विधानसभा सत्र में कांग्रेस ने नशे के मुद्दे पर कई बार CM को घेरा। CM भगवंत मान की स्पीच के दौरान जुबान लड़खड़ाने और शराब पीकर आने के आरोप लगाए। विधानसभा में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ और एल्कोमीटर से सभी के टेस्ट करवाने का दबाव बनाया गया।     सभी विधायकों पर गूंगे होने का आरोप लगाया: जालंधर कैंट के कांग्रेस विधायक और प्रदेश प्रधान परगट सिंह ने सभी विधायकों पर गूंगे होने का आरोप लगाया। पंजाब पुलिस का एक कर्मचारी अमृतसर में चिट्टे के साथ पकड़ा गया। बठिंडा में पंजाब पुलिस की एक कांस्टेबल भी चिट्टे के साथ पकड़ी गई। कांग्रेस और बीजेपी ने लगातार सोशल मीडिया पर नशा लेते और सड़कों पर जॉम्बी बने युवकों के वीडियो शेयर किए।     मोहनजीत, गुलजार और अब परविंदर झोटा, 3 मामले: 29 सितंबर को संगरूर में CM को काला झंडा दिखाने वाले मोहनजीत ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया। इस मामले को पूरे विपक्ष ने AAP सरकार के खिलाफ मुद्दा बनाया। मोहनजीत ने भी नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी।     गुलजार सिंह को CM से नहीं मिलने दिया गया: संगरूर के दिड़बा में बेटे के नशा करने और इलाके में बिक रहे नशे की शिकायत लेकर गए गुलजार सिंह को CM से नहीं मिलने दिया गया। इससे परेशान होकर उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। … Read more

पंजाब में BRP का बड़ा संगठनात्मक बदलाव, नवजोत कौर सिद्धू की जगह ग्रेवाल को जिम्मेदारी

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी (बीआरपी) ने संगठन में बदलाव करते हुए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Siddu) को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। पार्टी ने यह फैसला उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया है। डॉ नवजोत कौर सिद्धू पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। पार्टी ने कहा है कि उनका स्वास्थ्य और व्यक्तिगत कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं मुख्यालय प्रभारी मनोज चौबे की ओर से जारी बयान में नवजोत कौर सिद्धू के योगदान, अनुभव और मार्गदर्शन की सराहना की गई। पार्टी ने कहा कि संगठन के साथ उनका जुड़ाव महत्वपूर्ण बना रहेगा। सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल को पंजाब की जिम्मेदारी संगठनात्मक फेरबदल के तहत बीआरपी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल (भुकड़ी कलां) को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी के अनुसार, इस नियुक्ति का उद्देश्य राज्य में संगठन को मजबूत करना और राजनीतिक गतिविधियों को गति देना है। सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी बीआरपी ने पंजाब में जमीनी स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की बात कही है। पार्टी का दावा है कि वह राज्य में एक विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है। पार्टी ने दोहराया कि वह पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही संगठन को मजबूत करने, निर्णायक नेतृत्व देने और राज्य के भविष्य व जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प जताया है।  

एयर इंडिया एक्सप्रेस की वापसी, चंडीगढ़ से UAE के लिए फिर मिलेंगी सीधी उड़ानें

चंडीगढ़ शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (चंडीगढ़) से खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। आगामी विंटर शेड्यूल के तहत एयर इंडिया एक्सप्रेस लगभग 3 साल के लंबे अंतराल के बाद चंडीगढ़ से शारजाह और आबू धाबी के लिए अपनी सीधी हवाई सेवाएं दोबारा शुरू करने जा रही है। दोनों ही अंतरराष्ट्रीय रूटों के लिए एयरलाइन ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर मिला स्लॉट, 26 अक्टूबर तक अंतिम स्थिति होगी साफएयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, शारजाह रूट के लिए चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर संचालन स्लॉट मंजूर हो चुका है।  हालांकि, शारजाह एयरपोर्ट पर स्लॉट आवंटन से जुड़ी कुछ अंतिम औपचारिकताएं अभी प्रक्रियाधीन हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों का मानना है कि 26 अक्टूबर तक दोनों तरफ की सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। योजना के तहत शारजाह की उड़ान सप्ताह में चार दिन—सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित की जाएगी। फ्लाइट शेड्यूल और अनुमानित किराया (3 मुख्य बिंदु) चंडीगढ़–शारजाह रूट (सप्ताह में 4 दिन): प्रस्थान व आगमन: निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, चंडीगढ़ से यह फ्लाइट दोपहर 1:50 बजे रवाना होगी और शारजाह के स्थानीय समयानुसार शाम 4:50 बजे पहुंचेगी। वापसी: वापसी में फ्लाइट शाम 5:50 बजे शारजाह से उड़ान भरकर रात 11:05 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। किराया: फ्लेक्सी फेयर प्रणाली के आधार पर इस रूट का शुरुआती किराया लगभग ₹23,169 निर्धारित किया गया है। चंडीगढ़–आबू धाबी रूट: प्रस्थान व आगमन: चंडीगढ़ से यह उड़ान सुबह 11:59 बजे रवाना होकर आबू धाबी के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 3:00 बजे पहुंचेगी। वापसी: वापसी में यह फ्लाइट आबू धाबी से सुबह 4:30 बजे उड़ान भरकर सुबह 9:40 बजे चंडीगढ़ लैंड करेगी। किराया: इस रूट पर फ्लेक्सी फेयर के तहत एक तरफ का किराया करीब ₹21,150 रखा गया है। सीधी कनेक्टिविटी से यात्रियों को सहूलियत: इन दोनों प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सेवाओं की बहाली से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के यात्रियों को दिल्ली जाए बिना सीधे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचने की सुविधा मिलेगी। क्यों बंद की गई थीं ये उड़ानें? अक्टूबर 2023 में बंद हुई थी शारजाह सेवा: एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कम यात्री भार (लो पैसेंजर लोड) का हवाला देते हुए अक्टूबर 2023 में चंडीगढ़-शारजाह उड़ान को स्थगित कर दिया था। उस समय एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा आग्रह के बावजूद इसे बहाल नहीं किया गया था। पश्चिम एशिया तनाव के चलते रुकी थी आबू धाबी उड़ान: खाड़ी क्षेत्र में उपजे युद्ध जैसे हालात और सुरक्षा चिंताओं के कारण 28 मार्च से चंडीगढ़-आबू धाबी सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। अब स्थिति सामान्य होने पर एयरलाइन ने इसे अपने विंटर शेड्यूल में फिर से शामिल किया है।

झोटा मर्डर केस में बढ़ा विवाद, परिवार की मांगों पर CM मान ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग

मानसा मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के चौथे दिन भी परिवार और लोगों का धरना जारी है। परिवार सीएम भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे, सीबीआई जांच समेत 5 मांगों पर अड़ा हुआ है। प्रशासन कई बार परिवार से बातचीत कर चुका है, लेकिन अभी कोई निर्णय नहीं हुआ।  पिता भीम सिंह का कहना है कि मांगें पूरी होने के बाद ही बेटे की डेडबॉडी लेंगे। अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम भी नहीं हुआ है। शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा हुआ है। गुरुवार में हत्या के विरोध में पंजाब बंद रहा। प्राइवेट स्कूल-कॉलेज के साथ बाजार बंद रहे। किसान संगठनों ने नेशनल हाईवे जाम किए। पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया। लुधियाना में प्रदर्शन के दौरान CM मान का होर्डिंग उतारने पोल पर चढ़े युवक की करंट लगने से मौत हो गई। उधर, मामला बढ़ता देख सीएम मान ने आज हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। वहीं, मानसा लक्ष्मी नारायण मंदिर में शहर के लोगों और सीनियर पुलिस अधिकारियों की भी मीटिंग तय है। झोटा की 13 अक्टूबर को नशा बेचने का विरोध करने पर मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस अश्विनी कुमार के साथ उसकी पत्नी नीलम रानी और मदद करने वाले को गिरफ्तार कर चुकी है। उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि अश्विनी ने वारदात के बाद अपना मोबाइल फोन फेंक दिया था। अश्विनी ने आखिरी कॉल अपने चाचा को की थी, जबकि अपने बेटे को चार कॉल की थीं। ड्रग इंस्पेक्टर से देर रात तक पूछताछ इस मामले में आरोपी मेडिकल संचालक अश्विनी कुमार के लाइसेंस रिन्यूअल को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर नरेश की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और मानसा के डिप्टी कमिश्नर ने मामले से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया है। वहीं, ड्रग इंस्पेक्टर से देर रात तक पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि मेडिकल संचालक के खिलाफ मामले दर्ज होने और शिकायतें मिलने के बावजूद उसके मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बार-बार कैसे रिन्यू होता रहा। विभागीय अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि लाइसेंस रिन्यूअल के दौरान संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। मामले में अब तक क्या-क्या हुआ…     मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या: 13 अक्टूबर मानसा में मेडिकल स्टोर पर नशे की बिक्री को लेकर परविंदर सिंह झोटा और दुकान मालिक अश्विनी कुमार के बीच विवाद हुआ। झोटा फेसबुक पर लाइव थे। इसी दौरान अश्विनी ने उन पर गोलियां चला दीं। झोटा की मौत हो गई और उनके चार साथी घायल हुए।     मुख्य आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार: 14 अक्टूबर को पुलिस ने आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। मामले में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति को भी आरोपी की फरारी में मदद करने के आरोप में पकड़ा।     मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़, घर का हिस्सा गिराया: 14 अक्टूबर को हत्या के विरोध में लोगों ने आरोपी के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसके घर का एक हिस्सा अवैध निर्माण का हवाला देकर गिराया।     परिवार ने अंतिम संस्कार रोका, रखीं मांगें: झोटा के पिता भीम सिंह ने इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही। परिवार ने सीबीआई जांच, पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमॉर्टम और मुख्यमंत्री भगवंत मान व डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे समेत 5 मांगें रखीं।     पंजाब बंद, बाजार-हाईव बंद किए: 15 अक्टूबर को पंजाब बंद रखा गया। कई जगह बाजार बंद रहे और धरने हुए। किसान संगठनों, विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया। स्कूल, बाजार और हाईवे बंद किए गए। झोटा के पिता ने बंद को सफल बनाने के लिए लोगों का धन्यवाद किया और अगले दिन से दुकानें खोलने की अपील की।     पत्नी भी नामजद, थाना प्रभारी सस्पेंड: मानसा के SSP वैभव चौधरी ने बताया कि आरोपी की पत्नी नीलम रानी की भी भूमिका सामने आने के बाद उसे भी मामले में नामजद कर गिरफ्तार किया गया। थाना सिटी-2 की प्रभारी बेअंत कौर को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं DSP हरजिंदर सिंह गिल के खिलाफ जांच के लिए DGP ऑफिस को सिफारिश की गई है।     हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सीबीआई जांच की मांग: हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका में पुलिस की भूमिका के साथ मेडिकल स्टोर के ड्रग लाइसेंस और आरोपी के हथियार लाइसेंस की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई। मामले दर्ज होने के बाद लाइसेंस जारी किया अश्विनी के खिलाफ पांच मामले दर्ज होने के बावजूद जिला प्रशासन ने 21 अगस्त 2024 को उसका हथियार लाइसेंस जारी किया था। खास बात यह है कि लाइसेंस की सिफारिश करते समय पुलिस रिकॉर्ड में इन मामलों का उल्लेख भी किया गया था। अश्विनी कुमार के खिलाफ वर्ष 2013 से 2026 तक कुल 6 एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से दो मामलों में उसे अदालत से बरी किया जा चुका है, जबकि तीन मामले धारा 188 के तहत दर्ज होने की बात कही गई है। छठा मामला 14 अक्टूबर 2026 को झोटा हत्याकांड के संबंध में दर्ज किया गया। जानकारी के अनुसार, अश्विनी के पास 7.62 एमएम की पिस्टल और 12 बोर की गन थी। लाइसेंस की वैधता 21 अगस्त 2024 से 20 अगस्त 2029 तक थी। उसे एक बार में 50 कारतूस खरीदने और सालभर में अधिकतम 100 कारतूस खरीदने की अनुमति भी दी गई थी।

भगवंत मान की फ्रांस यात्रा पर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिलने के मामले में आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। पंजाब सरकार ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। पंजाब सरकार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद मंजूरी नहीं दी गई। विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन के सामने केवल ‘डिनाइड’ यानी अस्वीकृत लिखा दिखाई दिया। आवेदन खारिज करने का कोई कारण नहीं बताया गया और न ही अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। अब विस्तार से पढ़िए याचिका में क्या कहा गया 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था प्रतिनिधिमंडल पंजाब सरकार की याचिका के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव को 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था। प्रतिनिधिमंडल को पेरिस में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार मेले एसआईएएल पेरिस-2026 में शामिल होना था। यह प्रदर्शनी 17 से 21 अक्टूबर तक आयोजित होनी है। यात्रा का उद्देश्य पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में व्यापार की संभावनाएं तलाशना और राज्य के उत्पादों को विदेशी खरीदारों तक पहुंचाने के अवसर बढ़ाना था। सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं याचिका में पंजाब सरकार ने बताया कि यात्रा की मंजूरी के लिए 3 सितंबर और 8 सितंबर को पत्र भेजे गए थे। इसके बाद 9 सितंबर को ऑनलाइन आवेदन भी किया गया। सरकार के मुताबिक, फ्रांस में भारतीय मिशन से बातचीत, प्रशासनिक मंजूरी और कैडर क्लीयरेंस जैसी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। सरकार ने यह भी बताया कि यात्रा का खर्च मार्कफेड की ओर से उठाया जाना था। मार्कफेड का पेरिस में आयोजित प्रदर्शनी में एपीडा के इंडिया पवेलियन के तहत स्टॉल भी था। अब हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का जवाब महत्वपूर्ण होगा। अदालत यह देखेगी कि यात्रा की मंजूरी नहीं देने के मामले में केंद्र का क्या पक्ष है। मार्कफेड को मेले में मिला था स्टॉल याचिका में बताया गया है कि पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) को इस प्रदर्शनी में स्टॉल आवंटित किया गया है। यह स्टॉल कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के इंडिया पवेलियन में दिया गया है। एपीडा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है। सितंबर में ही शुरू कर दी थी मंजूरी की प्रक्रिया पंजाब सरकार की याचिका के मुताबिक, विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी लेने के लिए 3 और 8 सितंबर को पत्र भेजे गए थे। इसके अलावा 9 सितंबर को ऑनलाइन आवेदन भी जमा कराया गया था। सरकार का कहना है कि यात्रा से करीब पांच सप्ताह पहले ही मंजूरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। याचिका में यह भी कहा गया है कि फ्रांस स्थित भारतीय मिशन से सलाह-मशविरा करने के बाद प्रशासनिक मंजूरी और कैडर क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद विदेश मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन को अस्वीकृत दिखा दिया गया। कारण नहीं बताने पर फैसले को दी चुनौती पंजाब सरकार ने आरोप लगाया है कि विदेश मंत्रालय ने मंजूरी नहीं देने का कोई कारण नहीं बताया। सरकार को अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया। इसी आधार पर राज्य सरकार ने इस फैसले को मनमाना बताते हुए संबंधित आदेश रद्द करने और फ्रांस यात्रा के लिए उचित राहत देने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल को 15 अक्टूबर को फ्रांस के लिए रवाना होना था। यात्रा की तारीख नजदीक होने के कारण पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को शुक्रवार सुबह तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।  

संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला

 चंडीगढ़  मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।इससे पहले 15 जून को गुरुग्राम की अदालत भी अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी। निचली अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।हालांकि, जमानत याचिका खारिज किए जाने के पीछे अदालत ने क्या आधार माना है, यह विस्तृत आदेश सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गुरुग्राम में दर्ज प्राथमिकी से शुरू हुई जांच मामले की शुरुआत हरियाणा के गुरुग्राम में 18 मार्च को दर्ज प्राथमिकी से हुई थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में जांच शुरू की। संजीव अरोड़ा का आरोप है कि इसी प्राथमिकी के आधार पर उनके खिलाफ ईडी ने कार्रवाई की है। मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद से उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ती गईं। नौ मई से ईडी की हिरासत में हैं अरोड़ा संजीव अरोड़ा नौ मई से ईडी की हिरासत में हैं। उन्होंने मामले में जमानत हासिल करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। पहले गुरुग्राम की अदालत से उनकी याचिका खारिज हुई और अब हाईकोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली है। ऐसे में फिलहाल उनकी जमानत की उम्मीदों को झटका लगा है। विस्तृत आदेश सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अदालत ने जमानत देने से इनकार करते समय किन तथ्यों, कानूनी प्रावधानों और दलीलों को आधार बनाया।

पंजाब में 2027 में 32 सरकारी छुट्टियां, साल में 237 दिन खुलेंगे दफ्तर

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने वर्ष 2027 के लिए सरकारी छुट्टियों की अधिसूचना जारी कर दी है। कैलेंडर के अनुसार, राज्य में 32 गजेटेंड छुट्टियां घोषित की गई हैं। इनमें से दो छुट्टियां रविवार को पड़ रही हैं।  सितंबर महीने में सबसे ज्यादा छुटि्टयां इस बार जनवरी महीने में दो छुट्टियां हैं। 15 जनवरी को गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व है, जबकि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की छुट्टी रहेगी। वहीं, 20 फरवरी को श्री गुरु रविदास जयंती मनाई जाएगी। इस दिन भी छुट्टी रहेगी। मार्च में चार और अप्रैल महीने में पांच छुट्टियां रहेंगी। सितंबर में सात और अक्टूबर में पांच छुट्टियां रहेंगी। ये छुट्टियां शनिवार और रविवार के अलावा हैं। सबसे ज्यादा छुट्टियां मार्च और अप्रैल महीने में रहेंगी। कैलेंडर के मुताबिक, साल में 237 दिन कामकाज होगा। राजपत्रित अवकाश 2027 अवकाश साप्ताहिक छुट्टी के दिन पड़ने पर उसके बदले दूसरा अवकाश नहीं मिलता (ज्ञापन अनुच्छेद 3.2)। राजपत्रित अवकाश 2027 तारीख    अवकाश 26 जनवरीमंगलवार    गणतंत्र दिवसमाघ 6, शक 1948 10 मार्चबुधवार    ईद-उल-फ़ित्रफाल्गुन 19, शक 1948 चाँद दिखने पर तारीख बदल सकती है 23 मार्चमंगलवार    होलीचैत्र 2, शक 1949 पंचांग अनुसार: 22 मार्च 26 मार्चशुक्रवार    गुड फ़्राइडेचैत्र 5, शक 1949 15 अप्रैलगुरुवार    राम नवमीचैत्र 25, शक 1949 राम नवमी 19 अप्रैलसोमवार    महावीर जयंतीचैत्र 29, शक 1949 17 मईसोमवार    ईद-उल-ज़ुहा (बकरीद)वैशाख 27, शक 1949 चाँद दिखने पर तारीख बदल सकती है 20 मईगुरुवार    बुद्ध पूर्णिमावैशाख 30, शक 1949 बुद्ध पूर्णिमा 16 जूनबुधवार    मुहर्रमज्येष्ठ 26, शक 1949 चाँद दिखने पर तारीख बदल सकती है 15 अगस्तरविवार    स्वतंत्रता दिवसश्रावण 24, शक 1949सप्ताहांत 15 अगस्तरविवार    मिलाद-उन-नबी या ईद-ए-मिलाद (पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन)श्रावण 24, शक 1949सप्ताहांत चाँद दिखने पर तारीख बदल सकती है 25 अगस्तबुधवार    जन्माष्टमी (वैष्णव)भाद्र 3, शक 1949 जन्माष्टमी 2 अक्टूबरशनिवार    महात्मा गांधी जयंतीआश्विन 10, शक 1949सप्ताहांत 9 अक्टूबरशनिवार    दशहरा (विजयादशमी)आश्विन 17, शक 1949सप्ताहांत दशहरा 29 अक्टूबरशुक्रवार    दीवाली (दीपावली)कार्तिक 7, शक 1949 दीवाली 14 नवंबररविवार    गुरु नानक जयंतीकार्तिक 23, शक 1949सप्ताहांत 25 दिसंबरशनिवार    क्रिसमसपौष 4, शक 1949सप्ताहांत लंबे वीकेंड 2027 पाँच दिन के कार्य-सप्ताह वाले कार्यालय के लिए राजपत्रित अवकाशों से बनने वाली तीन या अधिक दिनों की छुट्टियाँ। कुछ के लिए एक दिन की छुट्टी लेनी होगी।     23 जनवरी – 26 जनवरी · 4 दिन · गणतंत्र दिवस25 जनवरी (सोमवार) को छुट्टी लें     20 मार्च – 23 मार्च · 4 दिन · होली22 मार्च (सोमवार) को छुट्टी लें     26 मार्च – 28 मार्च · 3 दिन · गुड फ़्राइडे     15 अप्रैल – 19 अप्रैल · 5 दिन · राम नवमी, महावीर जयंती16 अप्रैल (शुक्रवार) को छुट्टी लें     17 अप्रैल – 19 अप्रैल · 3 दिन · महावीर जयंती     15 मई – 17 मई · 3 दिन · ईद-उल-ज़ुहा (बकरीद)     20 मई – 23 मई · 4 दिन · बुद्ध पूर्णिमा21 मई (शुक्रवार) को छुट्टी लें     29 अक्टूबर – 31 अक्टूबर · 3 दिन · दीवाली (दीपावली) प्रतिबंधित अवकाश 2027 हर कर्मचारी इनमें से कोई दो ले सकता है। प्रतिबंधित अवकाश 2027 तारीख    अवकाश 1 जनवरीशुक्रवार    नव वर्ष दिवसपौष 11, शक 1948 14 जनवरीगुरुवार    मकर संक्रांति / माघ बिहूपौष 24, शक 1948 पंचांग अनुसार: 15 जनवरी 15 जनवरीशुक्रवार    पोंगल, गुरु गोबिंद सिंह जयंतीपौष 25, शक 1948 पोंगल 11 फ़रवरीगुरुवार    श्री पंचमी, बसंत पंचमीमाघ 22, शक 1948 वसन्त पञ्चमी 19 फ़रवरीशुक्रवार    शिवाजी जयंतीमाघ 30, शक 1948 20 फ़रवरीशनिवार    गुरु रविदास जयंतीफाल्गुन 1, शक 1948सप्ताहांत 2 मार्चमंगलवार    स्वामी दयानंद सरस्वती जयंतीफाल्गुन 11, शक 1948 5 मार्चशुक्रवार    जमात-उल-विदाफाल्गुन 14, शक 1948 6 मार्चशनिवार    महाशिवरात्रिफाल्गुन 15, शक 1948सप्ताहांत महा शिवरात्रि 22 मार्चसोमवार    होलिका दहन, डोलयात्राचैत्र 1, शक 1949 पंचांग अनुसार: 21 मार्च 28 मार्चरविवार    ईस्टर संडेचैत्र 7, शक 1949सप्ताहांत 7 अप्रैलबुधवार    चैत्र शुक्लादि / गुड़ी पड़वा / उगादि / चेटी चंड / पहला नवरात्रचैत्र 17, शक 1949 चैत्र नवरात्रि 14 अप्रैलबुधवार    वैसाखी / विशु / मेषादि (तमिल नववर्ष)चैत्र 24, शक 1949 मेष संक्रान्ति 15 अप्रैलगुरुवार    वैशाखादि (बंगाल) / बोहाग बिहू (असम)चैत्र 25, शक 1949 9 मईरविवार    गुरु रवींद्रनाथ टैगोर जयंतीवैशाख 19, शक 1949सप्ताहांत 5 जुलाईसोमवार    रथ यात्राआषाढ़ 14, शक 1949 जगन्नाथ रथयात्रा 15 अगस्तरविवार    पारसी नववर्ष / नवरोज़श्रावण 24, शक 1949सप्ताहांत 17 अगस्तमंगलवार    रक्षा बंधनश्रावण 26, शक 1949 रक्षा बन्धन 4 सितंबरशनिवार    गणेश चतुर्थी / विनायक चतुर्थीभाद्र 13, शक 1949सप्ताहांत गणेश चतुर्थी 12 सितंबररविवार    ओणम या तिरु ओणमभाद्र 21, शक 1949सप्ताहांत ओणम 6 अक्टूबरबुधवार    दशहरा (सप्तमी)आश्विन 14, शक 1949 7 अक्टूबरगुरुवार    दशहरा (महाअष्टमी)आश्विन 15, शक 1949 दुर्गा अष्टमी 8 अक्टूबरशुक्रवार    दशहरा (महानवमी)आश्विन 16, शक 1949 महा नवमी 15 अक्टूबरशुक्रवार    महर्षि वाल्मीकि जयंतीआश्विन 23, शक 1949 18 अक्टूबरसोमवार    करक चतुर्थी (करवा चौथ)आश्विन 26, शक 1949 करवा चौथ 28 अक्टूबरगुरुवार    नरक चतुर्दशीकार्तिक 6, शक 1949 नरक चतुर्दशी 30 अक्टूबरशनिवार    गोवर्धन पूजाकार्तिक 8, शक 1949सप्ताहांत गोवर्धन पूजा 31 अक्टूबररविवार    भाई दूजकार्तिक 9, शक 1949सप्ताहांत भैया दूज 4 नवंबरगुरुवार    प्रतिहार षष्ठी या सूर्य षष्ठी (छठ पूजा)कार्तिक 13, शक 1949 छठ पूजा 24 नवंबरबुधवार    गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवसअग्रहायण 3, शक 1949 12 दिसंबररविवार    हज़रत अली जयंतीअग्रहायण 21, शक 1949सप्ताहांत 24 दिसंबरशुक्रवार    क्रिसमस की पूर्व संध्यापौष 3, शक 1949

पंजाब में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण से बदलेगा चुनावी गणित? 13.60 लाख मतदाताओं की कटौती

चंडीगढ़  पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सूबे में एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या 2.14 करोड़ से घटकर 2.01 करोड़ रह गई है। एसआईआर से पहले राज्य में 2,14,61,043 मतदाता पंजीकृत थे, जबकि अब जारी अंतिम सूची में 2,01,00,727 मतदाता दर्ज हैं। कुल 13,60,316 मतदाता कम हुए हैं, जबकि 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में 20,66,608 नाम हटाए गए थे। दावे-आपत्तियों के निपटारे के बाद 7,06,292 मतदाता बढ़े। एसआईआर की स्थिति देखें तो पंजाब में अधिकतर दिग्गजों के हलकों में जितने नए वोट जुड़े हैं, उससे ज्यादा कट गए हैं। वोटों का यही गणित आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर नए सियासी समीकरण बनाएगा। लगभग सभी हलकों में मतदाताओं की संख्या घटी है। राजनीतिक मामलों के जानकार परमजीत सिंह कहते हैं कि यह देखना होगा कि किस हलके में कितने वोट कम हुए हैं और कितने बढ़े हैं, यानी दोनों के बीच अंतर कितना है। इससे राजनीतिक समीकरण बदलेंगे। वोट घटने से पारंपरिक जीत-हार के अंतर और जातिगत समीकरणों पर सीधा असर पड़ेगा। इससे आगामी चुनावों में मुकाबला रोचक और अप्रत्याशित होने की उम्मीद है। कहां कितने वोटर  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान: धूरी हलके में एसआईआर से पहले 1,66,143 पंजीकृत मतदाता थे। अब 1,57,073 मतदाता हैं। 9,070 वोट कम हुए और 3,052 वोट बढ़े। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा: दिड़बा हलके में पहले 1,82,695 मतदाता थे। अब 1,83,640 मतदाता हैं। 945 मतदाता बढ़े। मंत्री अमन अरोड़ा: सुनाम हलके में एसआईआर से पहले 1,95,780 मतदाता थे। अब 1,89,779 मतदाता हैं। 6,001 मतदाता कम हुए और 1,148 बढ़े। मंत्री हरजोत बैंस: आनंदपुर साहिब हलके में पहले 1,91,727 मतदाता थे। एसआईआर के बाद 1,80,471 मतदाता हैं। 11,256 वोट कटे और 1,715 वोट जुड़े। मंत्री डॉ. बलजीत कौर: मलोट हलके में एसआईआर से पहले 1,94,875 मतदाता थे। अब इनकी संख्या 1,67,963 है। 26,912 वोट कटे और 2,564 वोट बढ़े। मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ: जंडियाला हलके में एसआईआर से पहले 1,79,560 पंजीकृत मतदाता थे। अब 1,74,635 मतदाता हैं। 4,925 मतदाता घटे और 7,189 बढ़े। मंत्री लालचंद कटारूचक: भोआ हलके में पहले 1,94,845 मतदाता थे। अब 1,83,841 मतदाता हैं। 11,004 वोट कटे और 6,219 वोट जुड़े। मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद: खन्ना हलके में पहले 1,74,061 मतदाता थे। अब 1,61,347 मतदाता हैं। 12,714 वोट कटे और 4,514 वोट बढ़े। मंत्री बरिंदर गोयल: लहरा हलके में पहले 1,74,451 मतदाता थे। अब 1,73,265 मतदाता हैं। 1,186 वोट कटे और 4,435 मतदाता बढ़े। मंत्री डॉ. रवजोत सिंह: शाम चौरासी हलके में एसआईआर से पहले 1,74,770 पंजीकृत मतदाता थे। अब 1,67,179 मतदाता हैं। 7,591 वोट कटे और 5,858 मतदाता बढ़े। मंत्री डॉ. बलबीर सिंह: पटियाला ग्रामीण हलके में पहले 2,20,255 मतदाता थे। अब 2,06,147 मतदाता हैं। 14,108 वोट कटे और 7,676 वोट बढ़े। मंत्री मोहिंदर भगत: जालंधर पश्चिम हलके में पहले 1,71,462 मतदाता थे। अब 1,63,415 मतदाता हैं। 8,047 वोट घटे और 9,698 वोट बढ़े। मंत्री संजीव अरोड़ा: लुधियाना पश्चिम हलके में पहले 1,74,437 मतदाता थे। अब 1,45,610 मतदाता हैं। 28,827 वोट कटे और 4,144 वोट बढ़े। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष परगट सिंह: जालंधर कैंट में एसआईआर से पहले 1,89,711 मतदाता थे। अब 1,76,638 मतदाता हैं। 13,073 वोट कटे और 8,595 वोट बढ़े। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल: जलालाबाद हलके में पहले 2,13,903 मतदाता थे। अब 2,11,189 मतदाता हैं। 2,714 वोट घटे और 5,592 वोट बढ़े। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों: बरनाला हलके में पहले 1,80,088 मतदाता थे। अब 1,63,329 मतदाता हैं। 16,759 वोट कटे और 3,498 मतदाता बढ़े। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा: कादियां हलके में एसआईआर से पहले 1,82,130 मतदाता थे। अब 1,79,762 मतदाता हैं। 2,368 मतदाता घटे और 10,190 बढ़े।