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पेंशन बकाया मामले में सख्ती, पंजाब हाईकोर्ट ने DEO और बैंक अधिकारियों की सैलरी रोकी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट में एक अनोखा मामला सामने आया है. जगदीश राज अरोड़ा नाम के व्यक्ति ने अपनी दिवंगत पत्नी सुदर्शन कुमारी की पेंशन के बकाया भुगतान के लिए वर्ष 2023 में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुदर्शन कुमारी गुरदासपुर-द्वितीय में ब्लाक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं. याचिकाकर्ता के मुताबिक उनकी पत्नी की पेंशन का बकाया करीब वर्ष 2007 से लंबित है. करीब डेढ़ दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ. इस दौरान अरोड़ा सरकारी कार्यालयों और बैंक के चक्कर लगाते रहे. मामले में संबंधित विभाग और बैंक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, लेकिन बकाया राशि का समाधान नहीं हो सका. विभाग और बैंक देते रहे अलग-अलग दलील सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह स्पष्ट हुआ कि याचिकाकर्ता के पेंशन बकाये के अधिकार को लेकर कोई विवाद नहीं है. गुरदासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से बताया गया कि अकाउंटेंट जनरल, पंजाब के कार्यालय ने 24 सितंबर 2012 को जिला कोषाधिकारी को पत्र भेजा था. विभाग के अनुसार बैंक ऑफ इंडिया ने इस निर्देश को लागू नहीं किया. दूसरी ओर बैंक की ओर से दलील दी गई कि जिला कोषाधिकारी की ओर से आवश्यक अनुपालन नहीं किए जाने के कारण बकाया पेंशन जारी नहीं हो सकी. इस तरह भुगतान की जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा. हाई कोर्ट ने अधिकारियों के वेतन पर लगाई रोक मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी ने सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि 80 वर्षीय याचिकाकर्ता अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में हैं और इसके बावजूद उन्हें अपने जायज हक के लिए लंबे समय तक भटकना पड़ा. कोर्ट ने पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के सचिवों को निर्देश दिया कि गुरदासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कोषाधिकारी अदालत की पूर्व अनुमति के बिना अपना वेतन नहीं निकाल सकेंगे. इसके साथ ही बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक को भी निर्देश दिया गया कि संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक और शाखा प्रबंधक कोर्ट की अनुमति के बिना अपना वेतन नहीं निकाल सकेंगे. हाई कोर्ट ने यह कदम तब तक प्रभावी रखने का निर्देश दिया है, जब तक पेंशन के बकाये से जुड़ा मामला प्रभावी तरीके से हल नहीं हो जाता.

‘Gen Z Against Drugs’ के समर्थन में इंद्रेश महाराज, युवाओं से की नशे से दूर रहने की अपील

चंडीगढ़. प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य इंद्रेश उपाध्याय महाराज जी ने वीडियो संदेश के माध्यम से नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘Gen Z Against Drugs’ अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने चंडीगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के युवाओं और नागरिकों से अपील की कि वे आज सेक्टर-17 प्लाजा, चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें। अपने संदेश में पूज्य महाराज जी ने कहा कि युवा शक्ति ही देश का वर्तमान और भविष्य है। युवाओं को नशे जैसी बुराई से बचाना केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जब युवा जागरूक और एकजुट होंगे, तभी नशे के खिलाफ चल रही इस लड़ाई को निर्णायक बनाया जा सकेगा। उन्होंने अभिभावकों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों से भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

जमीन विवाद में स्पेशल DGP के रिश्तेदारों पर कार्रवाई, भाभी-भतीजा बने आरोपी

चंडीगढ़. पंजाब के स्पेशल डीजीपी रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की भाभी अमरीन राय और भतीजा आकाशदीप अब अपराध की दुनिया में कदम रख चुके हैं। अमरीन राय को चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया तो आकाशदीप की मोहाली में पांच करोड़ रंगदारी के लिए कारोबारी के घर फायरिंग केस में गिरफ्तारी हुई है। एक रसूखदार परिवार की बहू और उसके बेटे को अपराध की दुनिया में पहुंचाने के पीछे का कारण जमीन की लड़ाई और गैंगस्टर्स से कनेक्शन सामने आया है। अमरीन ने जमीन विवाद की वजह से चिन्नी की हत्या के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल को सुपारी दी थी। यहां तक कि वह अपने ससुर त्रिलोक सिंह राय को भी मरवाना चाहती थी। ससुर की हत्या के लिए भी सुपारी देने की कोशिश की थी। पुलिस को दिए अमरीन के कबूलनामे और चिन्नी की हत्या करने वाले शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान के बयान में भी इसका जिक्र है। शूटर राजन ने पुलिस को बताया कि अमरीन ने लक्की पटियाल से कहा था कि या तो चिन्नी को मरवा दे या फिर उसके ससुर को। अमरीन का अपने ससुर के साथ जमीन-जायदाद को लेकर विवाद चल रहा था। अमरीन ने भी पुलिस को बताया कि उसके ससुर कहते थे कि प्राॅपर्टी उन्होंने बनाई है और जब तक जिंदा हैं, किसी को नहीं देंगे। वर्ष 2024 में ससुर ने जीरकपुर में रमाडा होटल के पास डेढ़ एकड़ जमीन 34-35 करोड़ रुपये में बेची थी। दोनों बेटों को नौ-नौ करोड़ रुपये दिए गए। अमरीन ने अपने पति के हिस्से के नौ करोड़ रुपये से मुल्लांपुर में साढ़े आठ एकड़ जमीन खरीदी गई थी। उसको यह जमीन चिन्नी ने दिलवाई थी। बाद में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर दोनों में विवाद हो गया। उसे इतना पता लग चुका था कि चिन्नी ने उसे मुल्लांपुर वाली जमीन मार्केट रेट से कहीं महंगे दाम पर बेची थी। चिन्नी ने उसके साथ पहले ही बड़ा धोखा कर दिया था। उधर, चिन्नी ने अमरीन के ससुर त्रिलोक सिंह से संपर्क किया और उन्हें बातों में फंसा लिया। अमरीन के ससुर ने उस पर यह जमीन वापस चिन्नी को ही बेचने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। अब अमरीन को डर था कि यह जमीन उसके हाथ से निकल जाएगी। अमरीन ने चिन्नी और अपने ससुर दोनों को रास्ते से हटाने के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क किया। हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाणा ने इंटरनेट मीडिया के जरिए राजन उर्फ पीयूष पहलवान से बात की। उसी ने डब्बा काॅल के जरिए स्पीकर ऑन कर लक्की पटियाल की अमरीन से बात करवाई। इस तरह राजन ने लक्की और अमरीन के बीच हुई बातचीत सुन ली थी। 18 मार्च को लक्की पटियाल ने राजन और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह को भेजकर सेक्टर-9 की जिम के बाहर चिन्नी की हत्या करवा दी। वारदात के अगले दिन पंजाब पुलिस ने दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था। आकाशदीप लाॅरेंस गैंग के शूटर मॉड्यूल में पकड़ा गया अमरीन राय जेल में बंद है और अब उनका बेटा आकाशदीप भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह लाॅरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर मॉड्यूल में पकड़ा गया है। उसने अपने तीन साथियों सहित मोहाली में पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के बाद कारोबारी के घर फायरिंग की। पुलिस ने उनके कब्जे से पांच पिस्तौल और 12 कारतूस बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चिन्नी हत्याकांड और मोहाली में सक्रिय लाॅरेंस गैंग के रंगदारी नेटवर्क के बीच संभावित कनेक्शन की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मॉड्यूल की सबसे अहम कड़ी चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल तक पहुंची है। पुलिस के मुताबिक, लाॅरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बलौंगी निवासी रविंदर सिंह उर्फ काली जेल में बंद होने के बावजूद इस नेटवर्क के लगातार संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि काली जेल में बैठकर पूरे गैंग को ऑपरेट करता था। मोहाली पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। इसके बाद उससे नेटवर्क के संचालन, शूटरों को निर्देश देने और जेल से बाहर बैठे सदस्यों के साथ संपर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी। विदेश में बैठे कुलवीर सिद्धू से कनेक्शन जांच में विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित कुलवीर सिंह सिद्धू के संपर्क में थे। उससे पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में कुलवीर सिद्धू का नाम सामने आने की बात कही जाती रही है।

अमृतसर में नहर का पानी घरों तक पहुंचा, पाइपलाइन कार्य में अनदेखी पर उठे सवाल

अमृतसर. अमृतसर-तरनतारन रोड स्थित अपर दोआब नहर से जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन डालने का काम शनिवार तड़के आसपास के इलाकों के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया। पाइप लाइन डालने के दौरान नहर का पानी कोट मित्त सिंह और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में दाखिल हो गया। अचानक पानी आने से लोगों में अफरातफरी मच गई। घटना के बाद इलाके के लोगों में रोष पाया जा रहा है। संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर पानी को नियंत्रित करने और निकासी के प्रयासों में जुट गए। जानकारी के अनुसार, जलापूर्ति के लिए एलएंडटी कंपनी की ओर से अपर दोआब नहर के नीचे पाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान नहर का पानी आसपास के क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा। कुछ ही समय में पानी कोट मित्त सिंह और नजदीकी इलाकों में दाखिल हो गया। पानी के बहाव को नियंत्रित करने की कोशिश पानी को रिहायशी इलाके की तरफ जाने से रोकने के लिए आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की ओर से बोरियां और अन्य सामान डालकर पानी के रास्ते को बंद करने की कोशिश की जा रही है, ताकि पानी का बहाव रिहायशी क्षेत्र की तरफ न बढ़े। लोग अपने स्तर पर पानी को रोकने के लिए रास्ता बंद करने में जुटे हुए हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पाइप टूटने के बाद पानी सड़क के नीचे से जिस तरफ जा रहा था, उसे रोकना प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए तत्काल चुनौती बना हुआ है। इसी के चलते आसपास के लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर बोरियों और दूसरे सामान की मदद से पानी को रोकने का प्रयास शुरू किया। आवाजाही बंद होने से लोगों को परेशानी हालात को देखते हुए फिलहाल तारांवाला पुल से तरनतारन रोड की तरफ जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया है। इससे इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक निज्जर मौके पर पहुंचे मौके पर विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर के अलावा संबंधित अधिकारी भी मौजूद हैं। फिलहाल सभी का ध्यान पानी के बहाव को रिहायशी इलाके की तरफ जाने से रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने पर है। प्रशासन की ओर से मौके पर स्थिति को संभालने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ मिलकर पानी को रोकने के लिए बोरियां और अन्य सामान लगा रहे हैं। फिलहाल रास्ता बंद है और स्थिति सामान्य होने के बाद ही यहां से आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है।

नशे के खिलाफ चंडीगढ़ में बड़ी कार्रवाई, केमिस्ट शॉप्स से कैप्सूल-सिरप जब्त

चंडीगढ़. चंडीगढ़ प्रशासन के औषधि नियंत्रण विंग ने शहर की तीन केमिस्ट शॉप्स पर छापेमारी कर प्रेगाबालिन, ट्रामाडोल और कोडीन युक्त दवाएं जब्त की हैं। तीनों दुकानों से 1748 कैप्सूल और 38 बोतल कफ सिरप बरामद हुए हैं। जब्त दवाओं की कुल अनुमानित कीमत करीब 66 हजार रुपये है। संबंधित फर्मों के पास जब्त दवा की खरीद और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड भी नहीं मिले। कार्रवाई मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुरूप नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए की गई। जांच के दौरान छह में से पांच केमिस्ट शॉप्स पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और इसके तहत बनाए गए नियमों के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। कार्रवाई के बाद संबंधित फर्मों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। ड्रग्स कंट्रोलर की ओर से इन फर्मों को शो-कॉज नोटिस जारी किए जा रहे हैं। छापेमारी आगे भी जारी रहेगी नोटिस के जवाब और जांच के आधार पर लागू कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शहर में दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने और ड्रग कंट्रोल से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की जांच और छापेमारी आगे भी जारी रहेगी। दवाओं के संभावित दुरुपयोग पर रोक लगाना अभियान का उद्देश्य मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की बिक्री में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ नशे के लिए दवाओं के संभावित दुरुपयोग पर रोक लगाना है।

पंजाब में AAP का चुनावी अभियान तेज, CM मान ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

लुधियाना. पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी ने लुधियाना से अपना चुनावी कैंपेन लॉन्च किया। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। सीएम ने कहा कि हमने जितनी गारंटी लोगों को दी उससे ज्यादा काम किया। उन्होंने कहा कि हमने सड़क सुरक्षा योजना के तहत सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) से हर साल 2700 लोगों की जान बचाई। इसकी तारीफ तो खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की। CM मान ने आगे कहा कि भाजपा-अकाली सरकारों के दौरान पंजाब में नशे की समस्या बढ़ी, अब वही लोग नशा विरोधी यात्रा निकाल रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी नशा खत्म करने के नाम पर लोगों से वोट मांगे थे, लेकिन पंजाब से नशा खत्म नहीं हुआ। सीएम भगवंत मान ने कहा कि 1 अक्तूबर को फिर से अगले 3 महीने की टूं-टूं होगी। महिलाओं को पैसे दिए जाएंगे। सभी विरोधियों ने भी फार्म भरे है लेकिन कह कुछ नहीं सकते। कभी विरोधियों ने नहीं खुलकर बताया कि उनका रोड मेप चुनाव में क्या है। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। सिसोदिया बोले- भगवंत मान पर रब का हाथ इससे पहले पंजाब के AAP प्रभारी मनीष सिसोदिया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने ईडी-सीबीआई भेजकर खूब कोशिश की कि इनका काम रुक जाए, लेकिन भगवंत मान पर रब का हाथ है। कोई उनका कुछ बिगाड़ नहीं सका। वहीं, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि 2.68 लाख बूथ सदस्य सरकार के काम घर-घर पहुंचाएंगे और लोगों के मुद्दे सरकार तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो काम आप सरकार ने किए वो पिछली किसी सरकार ने नहीं किए। 25,332 बूथों तक पहुंचेगा संगठन AAP के मुताबिक पंजाब में 25,332 बूथ हैं और कैंपेन में 2,68,553 बूथ कमेटी सदस्य शामिल होंगे। कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार के साढ़े चार साल के काम, योजनाओं और चुनावी गारंटियों की जानकारी देंगे। इसके साथ ही पार्टी का सदस्यता कैंपेन भी चलाया जाएगा। पार्टी ने कैंपेन को करीब एक महीने तक चलाने की बात कही है। 20 सितंबर से धूरी से घर-घर जाएंगे CM मान चुनावी कैंपेन के अगले चरण में मुख्यमंत्री भगवंत मान 20 सितंबर को धूरी में कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाएंगे। इसके बाद बूथ कमेटियों के जरिए पूरे पंजाब में कैंपेन चलाया जाएगा। पार्टी का फोकस सरकार के काम और योजनाओं को सीधे मतदाताओं तक पहुंचाने पर रहेगा।

पंजाब कांग्रेस में हलचल तेज, सचिन पायलट की रिपोर्ट पर टिकी नेताओं की नजर

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन की स्थिति और नेताओं के बीच समन्वय को लेकर इसी सप्ताह कांग्रेस हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंप सकते हैं। पायलट के पंजाब दौरे के बाद अब कांग्रेस में आगे के अभियान की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है। माना जा रहा है कि पायलट की रिपोर्ट के आधार पर पंजाब कांग्रेस के लिए आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। सचिन पायलट की ओर से अभी तक पंजाब के सभी लगभग नेताओं से मीटिंग की जा चुकी है पायलट ने नया पदभार संभालने के बाद से ही पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। गेम चेंजर हो सकते हैं सचिन पायलट? कांग्रेस ने भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का महासचिव बनाकर एक समझदारी भरा कदम उठाया है। इससे कांग्रेस नेतृत्व की राज्य स्तरीय पार्टी इकाई में व्याप्त फूट को दूर करने की गंभीरता का संकेत मिलता है, जो आगामी विधानसभा चुनावों में उसकी संभावनाओं को कमजोर कर सकती है। 49 वर्षीय पायलट को राहुल गांधी का पूरा भरोसा प्राप्त है , राष्ट्रीय स्तर पर उनकी अच्छी प्रतिष्ठा है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पंजाब में पार्टी के सभी गुटों ने उनका स्वागत किया है।

नशे के खिलाफ पंजाब की नई पहल, ‘एंटी-ड्रग कोर्स’ में बच्चों को दी जा रही ट्रेनिंग

चंडीगढ़. पंजाब के स्कूलों में विद्यार्थियों को अब नशे से दूर रहने की नसीहत सिर्फ भाषणों के जरिए नहीं दी जा रही। उन्हें उन लोगों की असली कहानी दिखाई जा रही है, जिन्होंने नशे की शुरुआत की, धीरे-धीरे उसकी लत में फंसे और फिर उससे बाहर निकलने के लिए संघर्ष किया। इन कहानियों से विद्यार्थियों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि नशा किसी एक दिन में जिंदगी नहीं बदलता, बल्कि छोटी शुरुआत से धीरे-धीरे व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले सकता है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि लत लगने के बाद उससे बाहर निकलना केवल इच्छाशक्ति का मामला नहीं होता, बल्कि इसके लिए उपचार और विशेषज्ञ मदद की जरूरत पड़ सकती है। शिक्षा विभाग ने इसी सोच के साथ कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 14 सप्ताह का विशेष नशा विरोधी पाठ्यक्रम तैयार किया है। राज्य के करीब 3600 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के 7.5 लाख से अधिक विद्यार्थी इसके दायरे में आएंगे। जे-पाल से जुड़े सहयोगी संस्थानों के साथ तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को वास्तविक अनुभवों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।

लुधियाना में सियासी हलचल, CM मान के काफिले पर टमाटर फेंकने की कोशिश; BJP नेता हिरासत में

 लुधियाना पंजाब के लुधियाना में शनिवार दोपहर करीब दो बजे के करीब बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. वे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले पर टमाटर और अंडे फेंकने की कोशिश कर रहे थे. उन्हें पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी यानी पीएयू के गेट से हिरासत में लेकर वहां से ले जाया गया. बताया जा रहा है कि बिट्टू काफिले के ज्यादा करीब नहीं पहुंच पाए थे, लेकिन वे पीएयू गेट तक जरूर पहुंच गए थे।  आम आदमी पार्टी ने आज लुधियाना में एक बड़ा कार्यक्रम रखा था. इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान, मनीष सिसोदिया और पार्टी के कई दूसरे नेताओं को शामिल होना था. सभी नेता कार्यक्रम के लिए लुधियाना पहुंच रहे थे. मुख्यमंत्री का काफिला पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के बाहर से गुजरना था।  इसी रास्ते पर रवनीत बिट्टू हाथ में टमाटर लेकर पहुंच गए. पुलिस ने उन्हें पहले ही आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद जब मुख्यमंत्री का काफिला वहां से निकला, तो बिट्टू ने भगवंत मान की गाड़ी पर टमाटर फेंकने की कोशिश की. पुलिस मौके पर मौजूद थी और उसने बिट्टू को हिरासत में ले लिया।  इस पूरे मामले की जड़ कल की घटना बताई जा रही है. कल बटाला के पास रवनीत बिट्टू के काफिले पर आम आदमी पार्टी के वर्करों ने अंडे और टमाटर फेंके थे. उसी घटना के विरोध में बिट्टू आज लुधियाना पहुंचे थे. उनका मकसद था कि वे भी भगवंत मान के काफिले पर टमाटर फेंककर इसका जवाब दें।  सीएम भगवंत मान के आने से मीडिया से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सीएम मान पर जमकर निशाना साधा। हाथों में अंडे-टमाटर और शराब की बॉटल लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भगवंत मान को अपनी शराब का मजा लेना चाहिए। उन्हें पंजाब की जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को सौंप देनी चाहिए। बता दें, पश्चिम बंगाल के बाद पंजाब में भी अंडा वाली राजनीति जोर पकड़ रही है। शुक्रवार को भाजपा नेता के काफिले के ऊपर अंडे फेंके गए थे। भाजपा नेता बोले- हमला कर सकता था लेकिन नहीं किया पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंजाब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरह वह भी सीएम मान के काफिले पर हमला कर सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा, "मैं भी इसी तरह से हमला कर सकता था। लेकिन भाजपा की राजनीति कभी भी इतना नीचे नहीं गिर सकती।" बिट्टू ने इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आने पर कहा कि अगर उनके ऊपर इस प्रदर्शन के लिए एफआईआर दर्ज होती है, तो फिर उन आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के ऊपर एफआईआर होनी चाहिए, जिन्होंने उनके काफिले पर हमला किया था। बता दें, भाजपा की तरफ से आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री बिट्टू के काफिले के ऊपर अंडे और टमाटर फेंके हैं। भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा का विरोध कर रही आप- पूर्व केंद्रीय मंत्री बिट्टू पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नशामुक्त पंजाब यात्रा की शुरुआत कर रही है लेकिन आप उसका विरोध कर रही है। पंजाब आप के नेता काले झंड़े दिखा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों को तुरंत रोका जाना चाहिए। अगर सत्ताधारी पार्टी भाजपा के कार्यक्रमों में रुकावट पैदा करती है,तो उसे भी ऐसे ही नतीजों का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीति सिंह बिट्टू को लुधियाना पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। यानी दो दिन में दो बार राजनीतिक टकराव सामने आया. पहले बटाला के पास बिट्टू के काफिले पर अंडे और टमाटर फेंके गए और अब लुधियाना में बिट्टू खुद टमाटर लेकर मुख्यमंत्री के काफिले के रास्ते पर पहुंच गए. घटना ने बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच की खींचतान को सामने ला दिया।  पूरे मामले में बिट्टू के हाथ में टमाटर होने और काफिले पर फेंकने की कोशिश की बात सामने आई है. हालांकि वे काफिले के करीब नहीं पहुंच सके, क्योंकि पुलिस ने उन्हें रोक लिया था. पुलिस उन्हें पीएयू से अपने साथ ले गई. फिलहाल यह जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। 

चंडीगढ़ में पार्किंग शुल्क बदलेगा, सेक्टर-17 की 20 पेड पार्किंग के नए रेट तय

चंडीगढ़. सेक्टर-17 की पार्किंग व्यवस्था अब निजी हाथों में जाने की तैयारी है। नगर निगम ने सेक्टर-17 की सभी 20 पेड पार्किंग को एक साथ निजी एजेंसी को ठेके पर देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग भी शामिल है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए 22 सितंबर को नगर निगम हाउस की बैठक में रखा जाएगा। ठेकेदार को पार्किंग के संचालन के साथ कर्मचारियों की तैनाती, रखरखाव और निर्धारित शुल्क की वसूली की जिम्मेदारी संभालनी होगी। निगम का मानना है कि एक एजेंसी के माध्यम से सभी पार्किंग संचालित होने से व्यवस्था की निगरानी आसान होगी और राजस्व में भी सुधार हो सकता है। ठेका मिलने के बाद 50 से अधिक चारपहिया वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग में 30 दिन के भीतर स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था शुरू करनी होगी। इसके तहत बूम बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, पीओएस मशीन, डिजिटल भुगतान, ई-टिकट और वेब आधारित डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। निगम अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ही संशोधित पार्किंग शुल्क लागू किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में टू व्हीलर के लिए आठ घंटे तक 10 रुपये और उसके बाद 15 रुपये, जबकि चारपहिया वाहन के लिए आठ घंटे तक 20 रुपये और उसके बाद 30 रुपये शुल्क रखा गया है। मिनी बस और टैक्सी के लिए 40 रुपये तथा टूरिस्ट बस के लिए 75 रुपये तक शुल्क प्रस्तावित है। ई-वाहनों को मार्च 2027 तक मुफ्त पार्किंग इलेक्ट्रिक वाहनों को 31 मार्च 2027 तक मुफ्त पार्किंग देने का प्रावधान प्रस्ताव में रखा गया है। टैक्सी, कैब और आटो समेत वैध पीली नंबर प्लेट वाले वाहनों को यात्रियों को उतारने या बैठाने के लिए 10 मिनट तक शुल्क नहीं देना होगा। दोपहिया डिलीवरी वाहनों को भी 10 मिनट तक शुल्क से राहत मिलेगी। पार्किंग का संचालन सुबह आठ से रात दस बजे तक प्रस्तावित है। पुराने विवादों के बीच निगम की नई कवायद शहर में पहले पार्किंग ठेकों को लेकर निगम और ठेकेदारों के बीच विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में 20 पार्किंग को एक एजेंसी को देने के प्रस्ताव पर निगम हाउस में राजस्व, ठेकेदार की जवाबदेही, शुल्क वसूली और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा होने की संभावना है। निगम यदि सेक्टर-17 में इस मॉडल को लागू करता है तो भविष्य में अन्य सेक्टरों की पेड पार्किंग को भी इसी तर्ज पर निजी एजेंसी को देने का रास्ता खुल सकता है।