samacharsecretary.com

पंजाब में खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, हवा हुई जहरीली, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI गंभीर

पंजाब में फिर धधके खेत, गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI खराब पंजाब में खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, हवा हुई जहरीली, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI गंभीर पंजाब में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले, हवा की गुणवत्ता हुई खराब, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI खतरनाक स्तर पर अमृतसर  पंजाब सरकार के दावों के विपरीत सूबे में एक बार फिर से खेत धधकने लगे हैं। इस सीजन में अब तक गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज हो चुके हैं। अगली फसल के लिए खेतों को तैयार करने के लिए किसान अवशेष जला रहे हैं जिससे सूबे में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार को मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 202 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा। वहीं पटियाला, बठिंडा व अमृतसर का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया। बठिंडा का एक्यूआई 155, अमृतसर का 135 और पटियाला का एक्यूआई 106 दर्ज हुआ।  पीपीसीबी के अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न विभागों के कर्मचारी व अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों को लगातार फसल अवशेष जलाने के नुकसान बता रहे हैं। सख्ती बरतते हुए कार्रवाई भी की जा रही है। अब निगरानी को और सख्त किया जाएगा। खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के मामलों की सेटेलाइट के जरिये 1 अप्रैल से निगरानी शुरू की गई है, जो 30 मई तक चलेगी। सोमवार को इससे संबंधित 14 मामले दर्ज हुए।  एसबीएस नगर में ही आठ, मुक्तसर में छह, फिरोजपुर व कपूरथला में पांच-पांच, बरनाला, गुरदासपुर व पटियाला में तीन-तीन, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, होशियारपुर, मानसा, संगरूर और मालेरकोटला में एक-एक और जालंधर व लुधियाना में दो-दो मामले सामने आए हैं। साल 2025 में इस समय अवधि के दौरान 87 और 2024 में 49 मामले आए थे। यहां गौरतलब है कि पंजाब में तकरीबन 34 लाख हेक्टेयर रकबे पर गेहूं की बुवाई की गई है और इससे करीब 205 लाख टन भूसा निकलता है। चार मामलों में 20 हजार रुपये जुर्माना पंजाब में खेतों में आग लगाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए पीपीसीबी एक्शन में आ गया है। पीपीसीबी ने अब तक चार मामलों में 20 हजार रुपये का जुर्माना किया है, जबकि एक मामले में सेक्शन 223 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। तीन मामलों में रेड एंट्री की गई हैं। रेड एंट्री का मतलब है कि संबंधित किसान अपनी जमीन न तो बेच पाएंगे और न ही गिरवी रख पाएंगे। बीते दो साल में हाॅट स्पाॅट रहे जिले  जिला            2024       2025 अमृतसर        1015       1102 गुरदासपुर       1335        856 लुधियाना        841         640 फिरोजपुर        919         743 मोगा             788         863 बठिंडा           651         651 तरनतारन        589         700 कपूरथला       514          529   

सुखजिंदर रंधावा का आरोप: पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए भाजपा जिम्मेदार

पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए  भाजपा जिम्मेदार', सुखजिंदर रंधावा का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला सुखजिंदर रंधावा का आरोप: पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए  भाजपा  जिम्मेदार सुखजिंदर रंधावा ने केंद्र और राज्य सरकार पर किया हमला, कहा- पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए  भाजपा जिम्मेदार चंडीगढ़  पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गैंग्सटरों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की भाजपा  को दोषी ठहराया है। रंधावा ने कहा कि पंजाब की स्थिति इतनी अच्छी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में जितने भी मेन गैंग्सटर हैं, उनमें से तकरीबन भाजपा शासित राज्यों से हैं। वहीं से वह पंजाब में वारदातें अंजाम देते हैं। पंजाब पुलिस को वह चैलेंज देते हैं कि वह पता लगा लें इन सभी गैंग्सटरों के फोन पंजाब में 24X7 चलते हैं। रंधावा ने कहा कि पंजाब की स्थिति संतोषजनक नहीं है और राज्य में सक्रिय अधिकांश बड़े गैंगस्टर भाजपा शासित राज्यों से संचालित हो रहे हैं, जहां से वे पंजाब में अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने पंजाब पुलिस को चुनौती दी कि वे जांच कर साबित करें कि इन गैंगस्टरों के मोबाइल फोन 24 घंटे पंजाब में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन पर काबू पाने में फेल साबित हो रही है। सावरमती जेल में बंद लारेंस बिश्नोई को लेकर कोर्ट से आदेश निकलवा दिया जाता है कि इस जेल के बाहर उसे कोई इंटेरोगेट नहीं कर सकता है। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि बिश्नोई से कोई और राज्य या राज्य की पुलिस पूछताछ ही नहीं सकती है। उन्होंने पंजाब कैबिनेट मंत्री रहे लालजीत सिंह भुल्लर के दबाव में आकर आत्महत्या करने वाले अधिकारी रंधावा के मामले में देश के गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह ने कहा था कि कांग्रेस सांसद लिखकर दें तो वह इस केस की जांच सीबीआइ को सौंप देंगे, लेकिन लिखने के बावजूद उन्होंने भी कोई एक्शन नहीं लिया।

पंजाब में भीषण गर्मी, तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा, फरीदकोट रहा सबसे गर्म, हीट वेव के लिए यलो अलर्ट

पंजाब में गर्मी का सितम, पारा 42 डिग्री पार, दो दिन के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट; फरीदकोट रहा सबसे गर्म पंजाब में भीषण गर्मी, तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा, फरीदकोट रहा सबसे गर्म, हीट वेव के लिए यलो अलर्ट पंजाब में गर्मी ने बढ़ाई मुश्किलें, पारा 42 डिग्री पार, दो दिन के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट जारी, फरीदकोट सबसे गर्म फरीदकोट लुधियाना। पंजाब में बुधवार को कई जिलों में दिनभर लू चली। अप्रैल में ही मई की गर्मी का अहसास हुआ। फरीदकोट व बठिंडा पंजाब में सबसे गर्म रहे। फरीदकोट में अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बठिंडा में 42.8 डिग्री रहा। दोनों जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। सीजन में पहली बार किसी जिले में अधिकतम तापमान इतना ऊपर आया। वहीं लुधियाना में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री, पटियाला में 40.4, रूपनगर में 40.1 डिग्री रहा। इन जिलों में भी तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार वीरवार को मौसम गर्म रहेगा। लू से राहत रहेगी, लेकिन 24 व 25 को कई जिलों में लू चलेगी। 26 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में मौसम बदलेगा। 28 अप्रैल तक पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। कुछ जिलों में सामान्य से मध्यम वर्षा भी हो सकती है। इसके बाद पंजाब में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जिसके असर से मौसम के मिजाज बिगड़ेंगे। विभाग ने 26 अप्रैल से तीन दिनों के लिए पंजाब में यलो अलट जारी किया है। इस दौरान पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश पड़ने की संभावना है। पंजाब में 42.9 डिग्री के तापमान के साथ फरीदकोट सबसे गर्म रहा। अमृतसर का अधिकतम पारा 39.0 डिग्री, लुधियाना का 40.0 डिग्री, पटियाला का 40.4 डिग्री, पठानकोट का 38.2 डिग्री, बठिंडा का 41.0 डिग्री, फाजिल्का का 39.5 डिग्री, होशियारपुर का 37.8 डिग्री और रूपनगर का 40.1 डिग्री दर्ज किया गया।

बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल

बेअदबी कानून पर कानूनी विवाद: हाईकोर्ट में चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर उठे सवाल बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल बेअदबी कानून में उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर सवाल, हाईकोर्ट में चुनौती दायर चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है। इस कानून को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जालंधर निवासी सिमरनजीत सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर इसे असांविधानिक घोषित करने और रद्द करने की मांग की है।  याचिका में कहा गया है कि यह कानून संविधान की मूल भावना और स्थापित आपराधिक न्याय प्रणाली के विपरीत है। खासतौर पर इसके दंडात्मक प्रावधानों और प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि अधिनियम समवर्ती सूची के विषयों को प्रभावित करता है और मौजूदा आपराधिक कानूनों, विशेषकर भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों से टकराव पैदा करता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में संविधान के अनुच्छेद 254(2) के तहत राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होती है, जबकि इस अधिनियम को केवल राज्यपाल की सहमति से लागू कर दिया गया। इसे गंभीर संवैधानिक त्रुटि बताया गया है। धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप अधिनियम पर धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप भी लगाया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, इसमें केवल एक धार्मिक ग्रंथ को विशेष सुरक्षा देते हुए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जबकि अन्य धर्मों के ग्रंथों को शामिल नहीं किया गया, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। सबसे ज्यादा विवाद अधिनियम की धारा 5(3) को लेकर सामने आया है, जिसमें बेअदबी की साजिश जैसे अपराध के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। याचिका में इसे अनुपातहीन और मनमाना बताया गया है, क्योंकि इस तरह के अपराध में प्रत्यक्ष हिंसा शामिल नहीं होती। इसके अलावा बेअदबी की परिभाषा को अत्यधिक व्यापक बताते हुए कहा गया है कि इसमें शब्दों, संकेतों और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को शामिल किया गया है, जिससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। याचिका में अधिनियम के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। दलील दी गई है कि यदि बाद में यह कानून असांविधानिक करार दिया जाता है, तो इसके तहत शुरू हुई आपराधिक कार्यवाहियां नागरिकों को अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकती हैं। फिलहाल याचिका हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल हो चुकी है और जल्द ही इसके सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है।    

हाईकोर्ट का कड़ा कदम: चंडीगढ़ के जज को आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने पर किया सस्पेंड

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में तैनात एक जज को उनकी कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में सस्पेंड कर दिया है। जज को न सिर्फ सस्पेंड किया गया है, बल्कि उन्हें तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर कर हरियाणा भी भेज दिया है। सस्पेंशन के दौरान वह हरियाणा के उसी जिले में रहेंगे। चीफ जस्टिस की ओर से जारी इस आर्डर में कहा गया कि उन्हें पता लगा है कि कुछ दिनों से एक जज की आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही है। इसलिए हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जज को ही निलंबित कर दिया। खास बात यह है कि यह वही जज हैं, जिनकी आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे डेढ़ करोड़ की रंगदारी मांगी जा रही थी। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत भी दी थी, पुलिस ने रोहतक के एक वकील मोहित वर्मा को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज की। इससे पहले जज ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ समय पहले उनका मोबाइल खो गया था, जिसमें उनके परिवार की तस्वीरें, वीडियो और स्क्रीन रिकार्डिंग थीं। जज का कहना था कि आरोपित ने उनकी वीडियो एडिट या मैनिपुलेट कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की है। आरोप था कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी जानकारी के अनुसार 18 फरवरी 2026 को जज को एक अज्ञात नंबर से काल और वाट्सएप पर एक वीडियो मिला। जज का आरोप है कि क्लिप में उनकी आपत्तिजनक वीडियो थी। उनका आरोप था कि उस वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी और रोहतक के वकील मोहित वर्मा को 11 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस को उससे दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे।

Crop Diversity पर जोर: पंजाब में स्थापित होगा बासमती राइस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में बासमती चावल के लिए एक हाई लेवल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य क्रॉप डायवर्सिटी को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को कम करना है। मुख्यमंत्री नीदरलैंड दौरे पर गए हैं, जहां उन्होंने कृषि और उद्योग क्षेत्र की एडवांस टेक्नोलॉजी को करीब से देखा और समझा। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने देशहित में लंबे समय तक अपनी उपजाऊ जमीन और जल संसाधनों का अधिक उपयोग किया है, लेकिन अब गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलना समय की मांग है। इस दिशा में क्रॉप डायवर्सिटी को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है और इसमें नीदरलैंड महत्वपूर्ण सहयोगी साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने रॉटरडैम में LT Foods की फैसिलिटी का दौरा किया, जहां उन्हें कंपनी के ग्लोबल प्रेजेंस और किसानों के साथ उसके मजबूत संबंधों के बारे में पता चला। उन्होंने सस्टेनेबल फार्मिंग पर जोर देते हुए कहा कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक उत्पादन के लिए कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाना और बासमती चावल को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देना आवश्यक है। कंपनी ने पंजाब में बासमती के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के बीच रिसर्च और सहयोग को मजबूत करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब कम लाभकारी हो गई है, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र बासमती चावल का उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आल्समीयर स्थित विश्व के सबसे बड़े फूल बाजार का दौरा कर डच मॉडल को पंजाब में अपनाने की इच्छा भी जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीदरलैंड सरकार के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के साथ बैठक में तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंजाब ऑटोमेशन, एआई, ड्रोन और डेटा आधारित क्रॉप मैनेजमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार है। ग्रीनहाउस खेती को भी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए उपयुक्त बताते हुए उन्होंने इसके विस्तार पर जोर दिया। मुख्यमंत्री मान ने डच कंपनियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित किया और राज्य की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 तथा फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल जैसी पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। अंत में, भगवंत सिंह मान ने तकनीक आधारित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

Ludhiana Bomb Threat: स्कूलों को मिला धमकी भरा ईमेल, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

लुधियाना. लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। इससे पहले भी मिल चुकी है धमकी इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था। गत दिवस वीरवार की सुबह सबसे पहली मेल शेरपुर स्थित सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल में आई। स्कूल की आधिकारिक मेल पर मेल आई कि 23 से चौबीस तारीख के बीच में स्कूल के अंदर ब्लास्ट होगा। इसके अलावा उसने मेल में बाकी के तीन स्कूलों के नाम भी दिए है और रेलवे ट्रैक के बारे में भी जानकारी दी है कि जहां धमाका करने की धमकी दी है। स्कूल प्रशासन ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद स्कूल में आनन फानन में छुट्टी कर दी गई और बच्चों के परिवार वालों को सूचना भेज दी कि वह जल्द से जल्द बच्चों को ले जाए। स्कूल में भगदड़ मच गई कि आखिर ऐसा क्या हुआ है कि स्कूल की तरफ से एक दम से छुट्टी कर दी गई। इसी दौरान पुलिस की टीम भी वहां आ गई तो लोगों को पता चला कि स्कूल में बम रखे जाने की धमकी है। बम स्कवायड की टीमों के साथ साथ पुलिस टीम पहुंची। स्कूल का कोना कोना छान मारा गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके अलावा पुलिस की टीमें बाकी के तीन स्कूलों में भी चेकिंग करने में लगी है और सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल और उसके आस-पास का एरिया भी जांचा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी के बाद चेकिंग की गई थी। मगर कुछ नहीं मिला है। बाकी चेक किया जा रहा है कि मेल कहां से आई थी और मेल भेजने वाला कौन है।

ड्रग्स के खिलाफ पंजाब का मेगा एक्शन: 41,850 केस दर्ज, 60,000 अरेस्ट, करोड़ों की हेरोइन बरामद

चंडीगढ़ पंजाब में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत राज्य सरकार ने नशा तस्करों और गैंगस्टरों पर कड़ा शिकंजा कसा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस अभियान के 414 दिन पूरे हो चुके हैं, जिसमें पुलिस ने करीब 59,631 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। वहीं, ‘गैंगस्टर विरोधी अभियान’ के तहत 22,389 अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी पुलिस की कार्रवाई में अब तक 2569 किलोग्राम हेरोइन, 4599 किलोग्राम कोकीन सहित बड़ी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। हाल ही में एक दिन में ही 79 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे ड्रग मनी और हेरोइन बरामद की गई। गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत एक ही दिन में 564 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 245 गिरफ्तारियां हुईं। सरकार का दावा है कि अब तक 22,000 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हेल्पलाइन से बढ़ी जनता की भागीदारी सरकार ने जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी जारी किया है, जहां लोग गुप्त रूप से सूचना साझा कर रहे हैं। जनता के सहयोग से सफलता अधिकारियों के अनुसार, गांव रक्षा समितियों (VDC) और आम जनता के सहयोग से इस अभियान में सफलता दर 80 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। इस दौरान हजारों युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों से जोड़कर पुनर्वास भी किया गया है। हाई-टेक पुलिसिंग और सख्त नीति सरकार ने पंजाब पुलिस को आधुनिक हथियारों, तकनीक और संसाधनों से लैस किया है। साथ ही पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त कर पूरी स्वतंत्रता दी गई है, ताकि वह बिना किसी दबाव के कार्रवाई कर सके। सरकार का दावा है कि इस सख्त अभियान से पंजाब में नशा और अपराध नेटवर्क को बड़ी चोट पहुंची है और राज्य में सुरक्षित भविष्य की नई उम्मीद जगी है।

प्रॉपर्टी टैक्स की भराई के लिए आखिरी तारीख 31 मई, न चूके!

चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चंडीगढ़ ने शहर के लोगों और प्रॉपर्टी मालिकों से अपील की है कि वे तय समय में टैक्स जमा करके प्रॉपर्टी टैक्स छूट स्कीम का पूरा फायदा उठाएं। कॉर्पोरेशन कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि टैक्स 2026-27 के लिए असेसमेंट ईयर 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो गया है। जो प्रॉपर्टी मालिक तय समय में अपना टैक्स जमा करते हैं, वे इस खास छूट का फायदा उठा सकते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स में मिलेगी छूट रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के मालिकों को 20% और कमर्शियल प्रॉपर्टी के मालिकों को 10% की छूट दी जा रही है। यह छूट 1 अप्रैल, 2026 से 31 मई, 2026 तक टैक्स जमा करने पर लागू होगी, जबकि चेक और डिमांड ड्राफ्ट से पेमेंट सिर्फ 26 मई, 2026 तक ही स्वीकार किए जाएंगे। कहां जाता है टैक्स का पैसा कमिश्नर ने कहा कि टैक्स जल्दी जमा करने से जहां लोगों को ज्यादा से ज्यादा छूट मिलती है, वहीं नगर निगम के फाइनेंशियल रिसोर्स भी मजबूत होते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स निगम के रेवेन्यू का एक बड़ा सोर्स है, जिसका इस्तेमाल शहर में सफाई, सड़क की देखभाल, पानी की सप्लाई और शहरी विकास के कामों जैसी बेसिक सर्विस देने में किया जाता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि टैक्स जमा करने से पहले ऑफिशियल ई-संपर्क पोर्टल पर अपना अभी का बकाया चेक कर लें और यह पक्का कर लें कि छूट पाने के लिए तय समय के अंदर सभी बकाया चुका दिए गए हैं। 

सरकार का बड़ा तोहफा! अब Group-D स्टाफ को मिलेगा गेहूं खरीदने के लिए Interest-Free Loan

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने ग्रुप-डी के कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने क्लास-4 कर्मचारियों को घरेलू उपयोग के लिए गेहूं खरीदने के लिए बिना ब्याज ऋण देने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला कर्मचारियों के कल्याण के लिए लिया है। यही कारण है कि सरकार ने इन कर्मचारियों को घरेलू उपयोग के लिए गेहूं खरीदने हेतु बिना ब्याज ऋण देने की मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि भगवंत मान सरकार ने पात्र ग्रुप-डी कर्मचारियों को विशेष रूप से गेहूं खरीद के लिए न्यूनतम 10,340 रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करने का फैसला किया है। इस राशि की गणना प्रति परिवार औसतन चार क्विंटल गेहूं की खपत को आधार मानकर की गई है। चीमा ने बताया कि कर्मचारी 29 मई 2026 तक सरकारी खजाने से यह ऋण राशि निकाल सकेंगे। इस कल्याणकारी योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 15 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। वहीं, ऋण की वसूली को लेकर वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों पर किसी प्रकार का वित्तीय दबाव न पड़े, इसके लिए ऋण की राशि आठ मासिक किस्तों में वसूल की जाएगी। किस्तों की कटौती जून माह के वेतन से (जो जुलाई में भुगतान किया जाएगा) शुरू होगी और चालू वित्त वर्ष के अंदर पूरी वसूली सुनिश्चित की जाएगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले वर्ष से ₹160 अधिक है। पंजाब की मंडियों में वर्तमान बाजार भाव MSP के आसपास ही चल रहा है, औसतन ₹2,585 प्रति क्विंटल के करीब है। कुछ मंडियों में भाव ₹2,500 से ₹2,590 प्रति क्विंटल तक बताए जा रहे हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हमारी सरकार कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और सहायता के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।