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मोहाली में BJP की नशा मुक्त पंजाब यात्रा का स्वागत, दो स्थानों पर सभाएं

मोहाली पंजाब में भाजपा द्वारा निकाली जा रही नशा मुक्त पंजाब यात्रा आज मोहाली पहुंचेगी। यहां यात्रा के दो प्रमुख पड़ाव होंगे। पहला कार्यक्रम फेज-11 में पेट्रोल पंप के पीछे होगा, जहां जनसभा को संबोधित किया जाएगा।  यात्रा का उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। आयोजकों ने कार्यक्रमों में लोगों से शामिल होने की अपील की है। पुलिस की तरफ से भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यात्रा को लेकर बीजेपी की तरफ से उचित इंतजाम किए गए हैं। भव्य पंडाल लगाए गए हैं। भाजपा सांसद सतनाम सिंह संधू समेत कई हस्तियों के कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। बीजेपी प्रधान केवल सिंह ढिल्लों भी हाजिरी लगा सकते हैं। मोहाली बीजेपी के नेता संजीव वशिष्ट बताते हैं कि इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। यात्रा राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से नशे के खिलाफ सोशल संदेश देने की कोशिश की जाएगी। 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुई यात्रा यात्रा 19 सितंबर को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होने के बाद शुरू हुई। जालंधर में संपन्न होने से पहले यह पंजाब के कई विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यात्रा का रूट समराला, पायल, खन्ना, अमलोह, फतेहगढ़ साहिब, बस्सी पठाना, डेराबस्सी, एसएएस नगर, खरड़, चमकौर साहिब, रोपड़, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, चब्बेवाल, होशियारपुर, शाम चौरासी, दसूहा, मुकेरियां, उड़मुड़, आदमपुर, बलाचौर, नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा से होकर तय किया गया है।

SIR के बाद चंडीगढ़ की अंतिम वोटर लिस्ट आज होगी जारी, 56 हजार नामों पर नजर

चंडीगढ़  विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी मंगलवार को प्रेस वार्ता करेंगी।दोपहर 1:15 बजे सेक्टर-18 स्थित निर्वाचन विभाग के नगर योजना भवन के सी-विंग के भूतल पर होने वाली प्रेस वार्ता में SIR की पूरी प्रक्रिया, अब तक हुए सत्यापन और मतदाता सूची में हुए बदलाव की जानकारी दी जाएगी। चंडीगढ़ में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट सामने आई है। पुनरीक्षण से पहले शहर में 5,16,427 मतदाता दर्ज थे, जबकि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब यह संख्या करीब 4,60,109 रह गई है। हालांकि, अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को जारी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। किस वार्ड में कितने नाम घटे, आज मिल सकती है जानकारी प्रेस वार्ता में सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि SIR के दौरान किस वार्ड में कितने नाम हटे, कितने नाम बरकरार रहे और कितने नए मतदाता जोड़े गए। डुप्लीकेट, मृत और दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नामों के सत्यापन के साथ दावे और आपत्तियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी सामने आ सकती है। निगम चुनाव से पहले अहम सूची दिसंबर में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची महत्वपूर्ण होगी। चंडीगढ़ में 35 वार्डों में चुनाव होना है। ऐसे में वार्डवार मतदाता संख्या में हुए बदलाव से चुनावी समीकरण पर असर पड़ना स्वाभाविक है। 2024 के लोकसभा चुनाव में शहर में 6,59,696 मतदाता थे। इसके मुकाबले मौजूदा आंकड़ा करीब दो लाख कम है। मंगलवार को जारी होने वाली अंतिम सूची से ही यह साफ होगा कि वास्तविक कटौती कितनी हुई है। 3,521 पंजीकृत मतदाताओं की मृत्यु : विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान ये भी सामने आया कि 3,521 पंजीकृत मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 43,878 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं. इसके अलावा 12,886 मतदाता ऐसे मिले, जो सत्यापन के दौरान अनुपस्थित पाए गए और उनके एन्यूमरेशन फॉर्म निर्वाचन विभाग को प्राप्त नहीं हुए।  मतदाता सूची को सटीक बनाना लक्ष्य : निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में केवल पात्र और सत्यापित मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल हों। 

24 सितंबर को खुलेगा DIG भुल्लर रिश्वत कांड का राज, शिकायतकर्ता पहली बार कोर्ट में आएंगे

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े आठ लाख रुपये रिश्वतकांड का पूरा सच अब 24 सितंबर को सामने आएगा। शिकायतकर्ता मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता पहली बार चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में गवाही देने पहुंचेंगे। अदालत ने बत्ता को समन जारी किया है। रिश्वत मामले में आरोप तय होने के बाद अब शिकायतकर्ता की गवाही मुकदमे की अहम कड़ी मानी जा रही है। सीबीआई के अनुसार, बत्ता ने शिकायत दी थी कि एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे आठ लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। हाईकोर्ट और विशेष सीबीआई अदालत से पहले लग चुका है झटका भुल्लर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 10 अगस्त के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इससे पहले 10 अप्रैल को भी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। तब अदालत ने उन्हें यह छूट दी थी कि यदि दो महीने के भीतर ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो वे दोबारा हाईकोर्ट जा सकते हैं। वहीं, जनवरी में चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने भी भुल्लर को जमानत देने से साफ मना कर दिया था। रोपड़ रेंज में तैनाती और पांच लाख रुपये की रिश्वत का आरोप यह विवाद पिछले साल अक्टूबर में सामने आई एक शिकायत से जुड़ा है। उस समय भुल्लर रोपड़ रेंज के डीआईजी के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने सरहिंद पुलिस थाने में दर्ज एक एफआईआर के सिलसिले में अनुकूल व्यवहार और राहत देने के बदले एक निजी बिचौलिए के जरिए घूस की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एफआईआर दर्ज कर पिछले साल 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में जाल बिछाया। इस कार्रवाई के दौरान एक सह-आरोपी को रिश्वत की तय रकम में से पांच लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इसके बाद सीबीआई ने भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया, जिसके चलते उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था।

जालंधर में 4 साल के बच्चे के अपहरण का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

जालंधर. कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने चार वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले को सुलझाते हुए बच्चा चोरी और चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े गिरोह के मुख्य आरोपित रजत रत्तू उर्फ रोकी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपित ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर चार वर्षीय बच्चे को चाइल्ड ट्रैफिकिंग के उद्देश्य से अगवा किया था। उसने यह बच्चा एक लाख रुपए में बेचना था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद एक्टिवा भी बरामद कर ली है। दूसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देश पर डीसीपी सिटी आदित्य एस. वारियर, एडीसीपी जोन-2 माधवी शर्मा और एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया की निगरानी में थाना बस्ती बावा खेल पुलिस ने कार्रवाई की। एसआइ गुरदीप चंद, थाना प्रभारी बस्ती बावा खेल, और एएसआइ सुखदेव चंद, चौकी इंचार्ज लेदर कांप्लेक्स, की टीम ने मामले की जांच शुरू की।

VVIP के चलते चंडीगढ़ में ट्रैफिक जाम, स्कूलों के बाहर परेशानी

चंडीगढ़. शहर में यदि कोई व्यक्ति सड़क पर गाड़ी खड़ी कर दे तो ट्रैफिक पुलिस तत्काल उसका चालान कर देती है और यही नहीं उसकी गाड़ी को उठाकर ले जाती है। यह रूल्स सिर्फ आम नागरिकों पर लागू होते नजर आते हैं। बात नेताओं और वीवीआईपी की आ जाती है तो पुलिस बेबस दिखती है। इसका उदाहरण सोमवार को सेक्टर-26 के स्ट्रॉबेरी फील्ड स्कूल और सेंट कबीर स्कूल के बाहर देखने को मिला। स्कूलों के बाहर मेन सड़क पर दो या तीन लेन में अफसर और नेताओं की गाड़ियां खड़ी थी, जिसकी वजह से जाम में फंसकर लोग परेशान हो रहे थे। ट्रैफिक लाइट पड़ी बंद शहर में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी आमतौर पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की होती है, लेकिन बुधवार दोपहर सेक्टर-19/27 की ट्रैफिक लाइट खराब होने के बाद एक ऑटो चालक ने ट्रैफिक लाइट बंद होने और मौके पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने के कारण चौराहे के आसपास सड़कों पर लंबा जाम लग गया। जाम में फंसे सैकड़ों वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सवारी छोड़कर लौट रहे थे, जाम देखकर रोक दिया ऑटो सेक्टर-19/27 के पास ट्रैफिक लाइट खराब होने के कारण चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। मौके पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आया। जाम लगातार बढ़ता जा रहा था और वाहन चालक परेशान हो रहे थे। अलग-अलग दिशाओं से आ रहे वाहनों को बढ़ाकर यातायात को व्यवस्थित करने का प्रयास शुरू किया।

मानसा में बम धमकी से हड़कंप, कोर्ट और 4 स्कूल निशाने पर

मानसा. कोर्ट कांप्लेक्स के अलावा चार सरकारी स्कूलों को बंब उड़ाने की मिली धमकी के बाद पुलिस प्रशासन अर्ल्ट हो गया है और कोर्ट कांप्लेक्स के अलावा स्कूलों में पुलिस बल तैनात करते जांच शुरू कर दी गई है। अदालत में जाने वाले हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है और पुरी जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। पुलिस ने मिले धमकी भरे पत्र को कब्जे में लेने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले के तीन गांवों खीवा, हीरो कलां और अतला के स्कूलों और मानसा शहर के गर्ल्स स्कूल के बाहर भी पुलिस तैनात कर दी गई है। इन सभी स्कूलों को खाली करवा दिया गया है। पुलिस द्वारा स्कूलों और कोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। थाना सिटी-2 की इंचार्ज बेअंत कौर ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच और सर्च कर रही है। पुलिस द्वारा स्कूलों और कोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आने वाले हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है। 4 स्कूलों और कोर्ट को उड़ाने की धमकी एक वायरल पत्र में लिखा है कि 21 तारीख को खीवा, हीरो कलां और अतला के स्कूलों को बम से उड़ाया जाएगा। इसके साथ ही मानसा कोर्ट और गर्ल्स स्कूल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। पत्र में धमकी भरे शब्दों के साथ लिखा है कि यह काम करके दिखाया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

पंजाब में बढ़ा स्वाइन फ्लू का प्रकोप, 347 मरीज मिले

चंडीगढ़. पंजाब में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) यानी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, एक जनवरी से अब तक प्रदेश में कैटेगरी-सी के 1,926 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें 347 मरीजों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। स्वाइन फ्लू से लुधियाना और जालंधर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। जिलेवार आंकड़ों में लुधियाना सबसे आगे है। यहां कैटेगरी-सी के 746 संदिग्ध मामले मिले हैं, जबकि 95 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। संदिग्ध मामलों में मोहाली 135 और जालंधर 115 मामलों के साथ अगले स्थान पर हैं। पटियाला में 110, बठिंडा में 89 और होशियारपुर में 80 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

पंजाब में पराली जलाने के 15 केस, अमृतसर सबसे आगे

पटियाला. पंजाब में खरीफ सीजन 2026 के तहत धान की कटाई के साथ ही खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर सैटेलाइट से पैनी नजर रखी जा रही है। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर (PRSC) द्वारा 15 सितंबर से शुरू की गई विशेष सैटेलाइट मॉनिटरिंग के बाद शुरुआती आंकड़े जारी किए हैं। शुरुआती 6 दिनों में राज्य में आग लगने के 15 मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि पिछले दो वर्षों (2024 और 2025) की तुलना में इस बार 15 से 20 सितंबर के शुरुआती छह दिनों के दौरान पराली जलाने के मामलों में काफी गिरावट देखने को मिली है। जारी सैटेलाइट डेटा के अनुसार, 15 सितंबर से पराली जलाने के मामलों की रिकॉर्डिंग शुरू कर दी गई। पहले दिन दो मामले सामने आए, जबकि 16 सितंबर को तीन मामले दर्ज किए गए। 17 सितंबर को खेतों में आग लगाने का कोई मामला नहीं मिला। वहीं, 18 और 19 सितंबर को एक-एक मामला सामने आया। अब 20 सितंबर को कुल 8 मामले सामने आए हैं। जिलावार कुल पराली जलाने के मामले (15 से 20 सितंबर 2026)

सर्दियों से पहले चंडीगढ़ की सड़कें होंगी चकाचक, काम शुरू

चंडीगढ़. शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि बारिश में बदहाल हुई सड़काें की हालत अब सुधरने लगी है। नगर निगम ने शहर के कई हिस्सों में सड़क निर्माण और री-कारपेटिंग का काम तेज कर दिया है। सर्दियों से पहले सड़कों को चकाचक करने का टारगेट है। सेक्टर-9 में भी सड़क निर्माण का काम शुरू हो चुका है। यहां सड़क को केवल ऊपर से नई लेयर डालकर तैयार नहीं किया जा रहा, बल्कि कई जगह पुरानी सड़क की परतों को हटाकर सड़क को काफी नीचे तक खोदा जा रहा है। सेक्टर-9 में सड़क की ऊंचाई वर्षों से लगातार बिटुमन की लेयर चढ़ाए जाने के कारण आसपास के घरों की सतह से भी ऊपर हो गई थी। इसका असर बरसात के दौरान देखने को मिला। कई जगह घरों से निकलने वाला बरसाती पानी सड़क की ऊंचाई अधिक होने के कारण आसानी से बाहर नहीं निकल पा रहा था। अब निगम ने पुरानी लेयर को हटाकर सड़क का लेवल नीचे करने के बाद नई सड़क बनाने का काम शुरू किया है। 400 किलोमीटर सड़कें दुरुस्त करने का लक्ष्य नगर निगम ने सर्दियों की शुरुआत से पहले करीब 400 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अलग-अलग हिस्सों के टेंडर जारी कर ठेकेदारों को काम सौंपा जा चुका है। इंजीनियरिंग विभाग की टीमें मौके पर जाकर काम की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। अधिकारियों का फोकस काम की गुणवत्ता के साथ निर्माण की रफ्तार बढ़ाने पर है, ताकि निर्धारित समय में अधिक से अधिक सड़कों को दुरुस्त किया जा सके। डेढ़ साल से बदहाल थीं शहर की सड़कें चंडीगढ़ की सड़कें पिछले करीब एक से डेढ़ साल से लगातार सवालों के घेरे में रही हैं। शहर की कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर सड़क की खराब हालत के कारण हादसे भी हुए। नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में पहचान रखने वाले चंडीगढ़ की सड़कों की बदहाली शहरवासियों के लिए बड़ा मुद्दा बन गई थी। अब बारिश के लंबे दौर के बाद जिस तरह से सड़क निर्माण का काम दोबारा शुरू हुआ है, उससे शहरवासियों को सड़कों की हालत सुधरने की उम्मीद जगी है। निगम की ओर से काम में तेजी लाई गई तो आने वाले महीनों में शहर की सड़कों की तस्वीर बदल सकती है।

पंजाब SIR पर केबीएस सिद्धू ने उठाए सवाल, 2002 की मैपिंग को बताया गैर-कानूनी

चंडीगढ़. पंजाब में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर पूर्व विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू ने कहा है कि किसी मतदाता के नाम को उसके माता-पिता की 2002-03 की मतदाता सूची में दर्ज नाम से मैप करना कानून में निर्धारित शर्त नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी कृत्रिम शर्त को पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जिसके कारण मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में 13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से 20 लाख से अधिक मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में रखकर बाहर किया गया है। उन्होंने ऐसे लोगों से नया फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की है। "एसआईआर" में 12.8 लाख मतदाता लापता पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा 4 अगस्त 2026 को जारी किए गए उत्सवपूर्ण प्रेस नोट में, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के घर-घर जनगणना चरण के समापन के उपलक्ष्य में, एक ऐसा वाक्य छिपा है जिस पर जनता का ध्यान कहीं अधिक जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सुश्री अनिंदिता मित्रा, आईएएस ने कहा कि मसौदा मतदाता सूची में शामिल 93.40% मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूचियों या पिछली एसआईआर की सूचियों से सफलतापूर्वक कर लिया गया है। इसके बाद का गणित स्पष्ट है: लगभग 6.60% – 1,93,94,408 एकत्रित जनगणना प्रपत्रों के आधार पर, लगभग 12.8 लाख पंजाबी मतदाता – वर्तमान में मिलान से बाहर हैं। इस समूह को नोटिस 13 अगस्त 2026 से भेजे जाने शुरू होंगे, "ईसीआई के निर्देशों के अनुपालन में।" 2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं वाले राज्य के लिए 12.8 लाख कोई मामूली संख्या नहीं है। यह कई विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं की कुल संख्या से भी कहीं अधिक है। प्रत्येक प्रभावित नागरिक और वास्तव में पंजाब की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रत्येक जागरूक पर्यवेक्षक का यह प्रश्न पूछने का पूरा अधिकार है: आगे क्या होगा और इसका क्या समाधान है? समाधान पर चर्चा करने से पहले, प्रेस विज्ञप्ति में उल्लिखित श्रेणियों के अनुसार, पंजाब के 2.14 करोड़ मतदाताओं को जिन विशिष्ट वर्गों में विभाजित किया गया है, उन्हें स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक है। ये शब्द एक दूसरे के पर्यायवाची नहीं हैं, और इन्हें आपस में मिलाना समस्या की गंभीरता को गलत समझने का सबसे पक्का तरीका है।