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AAP सरकार का बड़ा दावा, किसानों के खेतों तक पहुंचाया गया रिकॉर्ड 21,000 क्यूसिक पानी

जालंधर  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  संत बाबा अवतार सिंह जी की 38वीं सालाना बरसी संबंधी आयोजित समागम के दौरान गांव सीचेवाल में माथा टेका। इस मौके पर एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर पंजाब का सपना देखते हुए भगवंत सिंह मान ने राज्यसभा सदस्य संत बलवीर सिंह सीचेवाल के साथ संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एक नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से खेल बुनियादी ढांचे, सिंचाई, भूजल रिचार्ज और लोक कल्याण संबंधी किए गए उपायों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने खेतों तक 21,000 क्यूसिक पानी पहुंचाया है, जो दो भाखड़ा नहरों के बराबर है। पर्यावरण अनुकूल उपायों से 21 लाख क्यूबिक मीटर पानी भूमिगत रिचार्ज करने में मदद मिली है, जिससे कई क्षेत्रों में पानी के स्तर में 2 से 4 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्व स्तरीय सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और खेल सुविधाओं के माध्यम से तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक जीवंत “रंगला पंजाब” के रंग अब पूरे राज्य में दिखने शुरू हो गए हैं। इस मौके पर भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहां नफरत और वैर के अलावा सब कुछ उग सकता है। पंजाब महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की पवित्र धरती है, जिन्होंने हमें आपसी प्यार और सहिष्णुता का रास्ता दिखाया है। लोगों के बीच सामाजिक ताने-बाने पहले से ही बहुत मजबूत हैं और इसे और मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।” उन्होंने कहा, “यह सही समय है कि पंजाबी एकजुट होकर फूट डालने वाली ताकतों को उचित जवाब दें जो राज्य की शांति, सद्भावना और भाईचारे की साझेदारी को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। जो लोग भाईचारे की सद्भावना को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं क्योंकि वे राज्य को फिर से अंधेरे में धकेलना चाहते हैं। ये ताकतें सांप्रदायिक झगड़ा पैदा करके सत्ता हासिल करना चाहती हैं, लेकिन उनकी संकीर्ण चालें सफल नहीं होंगी क्योंकि पंजाब के लोग हर मौके पर एकजुट रहते हैं।” लोगों को एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं। उनकी राजनीति समुदायों में विभाजन पैदा करने और फिर वोटों के लिए दोनों पक्षों को डराने पर केंद्रित है। लोगों को ऐसी राजनीति से सतर्क रहना चाहिए। ये लोग जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटकर नफरत फैलाते हैं, लेकिन ‘आप’ ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखती।” गुरबाणी की तुक “पवणु गुरू पानी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “महान गुरुओं ने हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया था। गुरु साहिब ने आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का सम्मान करने की शिक्षा दी थी, लेकिन बदकिस्मती से मनुष्य प्रकृति को सुरक्षित रखने में असफल रहा है। अब समय आ गया है कि गुरबाणी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाया जाए और पर्यावरण बचाने का संकल्प लेकर पंजाब की शान को बहाल किया जाए।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर सरकार का साथ देना चाहिए। मैं हमेशा धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं से मिलने के लिए उत्सुक रहता हूं क्योंकि उनका काम कभी भी सांसारिक या सरकारी पदों से संबंधित नहीं होता। वे धार्मिक स्थानों तक जाने वाली सड़कें बनाने, संगत के लिए शेड बनाने, श्रद्धालुओं के लिए लंगर का प्रबंध करने, नहरों और पानी की नालियों की सफाई करने, पर्यावरण की रक्षा करने और मानवता की निस्वार्थ सेवा करने की बात करते हैं। यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह जी सीचेवाल, ‘सीचेवाल मॉडल’ के माध्यम से बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।” पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “38 साल पहले, यह जगह रेत के टीबों से ढकी हुई थी जहां मूंगफली और छोटी फसलें उगती थी। बाबा जी के प्रयासों से, यह जगह अब हरे-भरे पर्यावरण में बदल गई है। यहां हजारों पेड़ और सैकड़ों किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। ये पेड़ पूरे फल और छांव प्रदान करते हैं और लोग नर्सरी से पौधे लेने यहां आते हैं।” उन्होंने कहा, “प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए सिर्फ कुछ समर्पित आत्माएं ही प्रयासरत हैं और पंजाब भाग्यशाली है कि संत बाबा बलवीर सिंह जी उनमें से एक हैं। जब भी बाबा जी संसद में बोलते हैं, कोई उन्हें नहीं रोकता क्योंकि हर कोई जानता है कि वे हमेशा समाज, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बोलते हैं। बहुत कम लोगों को ऐसी बहुमूल्य सेवा करने का मौका मिलता है और बाबा जी ने हमेशा मानवता, ईमानदारी से जीवन जीने, मिलजुलकर रहने और नेकी का संदेश फैलाया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल के वर्षों में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित कई घटनाएं हुई हैं। हर कुछ दिनों बाद सड़कों पर, कूड़े के ढेरों में या अपमानजनक स्थितियों में फटे या जले हुए अंगों की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आई हैं। यह बेहद दुखदाई था, लेकिन दुख और भी गहरा हो गया जब दोषियों को कोई ठोस कानून न होने और खामियों के कारण जमानत पर रिहा कर दिया गया।” उन्होंने आगे कहा, “इस मामले पर संपूर्ण संत समाज से सलाह-मशविरा करने, अमृतसर और चंडीगढ़ में मीटिंगें करने और वकीलों तथा सेवानिवृत्त जजों से चर्चा करने के बाद राज्य सरकार ने बिना किसी ढिलाई के ‘बेअदबी’ के खिलाफ एक सख्त कानून बनाया। वाहेगुरु ने मुझे जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का बल बख्शा, जिसमें ‘बेअदबी’ के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा के साथ-साथ 50 लाख रुपए का जुर्माना भी हो सकता है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर दोषी जुर्माना नहीं भर सकता, तो उनकी … Read more

पंजाब निकाय चुनाव का ऐलान, 13 जून को वोटिंग; चार निकायों में लागू हुई आचार संहिता

चंडीगढ़. पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने चार नगर निकायों के चुनाव के लिए आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत गुरदासपुर, दीनानगर, कादियां और शाम चौरासी में 13 जून को मतदान कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार शनिवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रपत्रों के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। नामांकन दाखिल करने का समय सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक निर्धारित किया गया है। उम्मीदवार तीन जून तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। 4 जून को होगी नामांकन की जांच चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार चार जून को दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद पांच जून तक उम्मीदवारों को अपना नामांकन वापस लेने का अवसर मिलेगा। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही चुनावी मुकाबले की तस्वीर भी स्पष्ट हो जाएगी। चुनाव आयोग ने बताया कि चारों निकायों में 13 जून को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू कर दी जाएगी। आयोग का लक्ष्य है कि उसी दिन मतगणना पूरी कर परिणाम घोषित कर दिए जाएं, ताकि चुनाव प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। चुनाव आयोग ने तैयारियां की पूरी राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि चुनाव को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और चुनाव कर्मियों की नियुक्ति सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इसके तहत सरकारी संसाधनों के उपयोग, नई घोषणाओं और चुनावी प्रचार से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से चुनावी नियमों का पालन करने की अपील की है। चार निकायों में होने वाले ये चुनाव स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है तथा राजनीतिक दलों ने भी अपने-अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

Chandigarh Parking Rule: 4 मार्केट में लागू होगा नया सिस्टम, ज्यादा देर पार्किंग पर ज्यादा देना होगा शुल्क

 चंडीगढ़  शहर की पेड पार्किंग व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे। सेक्टर-17, 35 और 22 मोबाइल मार्केट में पार्किंग रेट बढ़ेंगे। नगर निगम ने इसका ड्राफ्ट टेंडर दस्तावेज तैयार कर लिया है। इस टेंडर दस्तावेज की शुक्रवार को मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में आयोजित निगम अधिकारियों की बैठक में समीक्षा की गई। पेड पार्किंग साइट्स को चार ऑपरेशनल जोन में बांटकर आवंटित किया जाएगा। इसमें प्रमुख कामर्शियल और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में पहले स्मार्ट पार्किंग के लिए निर्धारित की गई पार्किंग फीस को लागू करने पर विचार किया गया। यह रेट घंटों के हिसाब से तय किए गए हैं। सेक्टर-17, सेक्टर-35 सी मार्केट और सेक्टर-22 बी मोबाइल मार्केट जैसी प्रमुख पार्किंग साइट्स के लिए संशोधित पार्किंग दरों पर भी चर्चा हुई ताकि सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। अभी मल्टीलेवल पार्किंग खाली रहती है।  वहीं, समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू करने संबंधी प्रस्तावों की जानकारी दी, जिसमें ई-टिकटिंग, सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मानिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सुविधा देने जैसे प्रविधान शामिल हैं। इससे पार्किंग व्यवस्था तो बेहतर होगी ही निगम का राजस्व भी बढ़ेगा। बैठक के अंत में मेयर और कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतिम नीति ढांचे में सभी जनहित और पब्लिक फ्रेंडली प्रावधान शामिल किए जाएं ताकि चंडीगढ़ में पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी नागरिक प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके। नए सिस्टम में क्या-क्या होगा, सब कुछ जानिए:-     टाइम के हिसाब से बढ़ते जाएंगे रेट: चंडीगढ़ में अभी एक घंटे और 12 घंटे के लिए पार्किंग का एक ही रेट है। लोग सुबह गाड़ी खड़ी कर चले जाते हैं और फिर शाम को ले जाते हैं। ऐसे में एक तरफ पार्किंग फुल रहती है और दूसरी तरफ निगम को भी रेवेन्यू का नुकसान होता है।     अब क्या सिस्टम बनेगा: निगम के प्लान के मुताबिक अब हर घंटे या 2 घंटे के हिसाब से पार्किंग की फीस में बढोतरी होती जाएगी। मान लीजिए कि पहले घंटे के लिए अगर पार्किंग की फीस 40 रुपए है तो दूसरे घंटे के लिए यह 60 रुपए हो सकती है। अगर किसी को पूरे 12 घंटे के लिए गाड़ी खड़ी करनी है तो उसका 100 से 200 रुपए रेट रखा जा सकता है।     टाइमिंग सुनिश्वित कैसे होगी: निगम सूत्रों के मुताबिक इसके लिए ई-टिकटिंग की व्यवस्था की जाएगी। पार्किंग में गाड़ी के एंटर करते ही ई-टिकट दिया जाएगा। गाड़ी पार्किंग में कब आई, वह इसका टाइम टिकट पर होगा। जब कोई गाड़ी वहां से बाहर निकालेगा तो एग्जिट वाली जगह पर टाइम देखकर रेट वसूला जाएगा।     निगम पहले इसे कहां लागू करेगा: निगम अफसरों के मुताबिक सेक्टर-17, सेक्टर-35, सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट सहित प्रमुख पार्किंग स्थलों के लिए इस पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है, क्योंकि यह पार्किंग अक्सर खाली रहती है।     नई व्यवस्था में और क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी: निगम अफसरों के मुताबिक इसमें ई-टिकटिंग के अलावा सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मॉनिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप्लीकेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल पार्किंग व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि निगम की कमाई भी बढ़ेगी।     बिना शुल्क किसी वाहन की एंट्री नहीं: किसी भी वाहन को बिना शुल्क पार्किंग स्थल में प्रवेश न दिया जाए। पार्किंग कर्मचारियों की ड्यूटी और कार्यप्रणाली पर भी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंदरजीत ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना जरूरी है। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी और नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। कर्मचारियों का रिकॉर्ड और फिजिकल जांच होगी नगर निगम ने पार्किंग स्थलों पर तैनात कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने और समय-समय पर उनकी फिजिकल जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तुरंत रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी भी दी गई है, ताकि पार्किंग स्थलों पर अवैध वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके। करीब 90 पार्किंग साइट्स चिन्हित बता दें कि, शहर में करीब 90 पार्किंग साइट्स चिन्हित हैं, जिनमें से लगभग 60 पेड पार्किंग साइट्स वर्तमान में संचालित हो रही हैं। इन पार्किंग स्थलों से नगर निगम को सालाना करीब 8 से 12 करोड़ रुपए तक का राजस्व प्राप्त होता रहा है। फिलहाल सभी जगह एक ही प्रकार की पर्ची कटती है, जिसमें वाहन पार्किंग के लिए समय की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इसी व्यवस्था के चलते पार्किंग संचालन में कई तरह की अनियमितताओं और भीड़भाड़ की समस्या भी सामने आती रही है। सफाई सेवाओं की सख्त माॅनिटरिंग होगी सफाई सेवाओं की सख्त माॅनिटरिंग और लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।यह निर्देश मेयर सौरभ जोशी ने अधिकारियों को दिए। बैठक में एमसी कमिश्नर अमित कुमार, जाइंट कमिश्नर, चीफ इंजीनियर समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। इसमें वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन, नए एमएसडब्ल्यू रूल्स-2026 के क्रियान्वयन और शहर के सभी सेक्टरों, गांवों और काॅलोनियों में सफाई मानकों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। मेयर ने सफाई कर्मचारियों और नगर निगम के अन्य कर्मचारियों के कल्याण एवं नौकरी सुरक्षा के मुद्दों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार, सुरक्षा उपकरणों की समय पर उपलब्धता, वेलफेयर सुविधाओं और लंबित मामलों के समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। वेंडिंग जोन हों व्यवस्थित स्ट्रीट वेंडरों के पुनर्वास और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेंडिंग जोन व्यवस्थित किए जाएं और वास्तविक वेंडरों की आजीविका सुरक्षित रखते हुए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में बी एंड आर, पब्लिक हेल्थ, हार्टिकल्चर और इलेक्ट्रिसिटी विभागों से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मेयर ने लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

चुपचाप मजबूत हुई BJP! पंजाब निकाय चुनाव में सीटों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी

चंडीगढ़  पंजाब शहरी निकाय चुनावों से निकली सबसे बड़ी तस्वीर यह है कि आम आदमी पार्टी 1000 सीटों के आंकड़े तक पहुंचने में असफल रही है, जबकि भाजपा कई नगर निगमों और नगर परिषदों में मेयर तथा चेयरमैन बनाने की स्थिति में पहुंच चुकी है. अगर पिछले एक दशक के स्थानीय निकाय चुनावों पर नजर डालें, तो पंजाब की राजनीति का बदलता हुआ स्वरूप साफ दिखाई देता है।  2015 स्थानीय निकाय चुनाव शिरोमणि अकाली दल : 1060 भाजपा : 360 कांग्रेस : 356 अन्य : 400+ उस दौर में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन बेहद मजबूत दिखाई देता था, लेकिन इसके बावजूद अगला विधानसभा चुनाव हार गया।  2021 स्थानीय निकाय चुनाव कांग्रेस : 1432 शिरोमणि अकाली दल : 284 भाजपा : 59 आम आदमी पार्टी : 69 निर्दलीय : 364 उस समय कांग्रेस का दबदबा साफ नजर आ रहा था, लेकिन वह भी अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर हो गई।  अब 2026 के नतीजों पर नजर डालिए: (1977 में से 1941 सीटों के परिणाम घोषित) आम आदमी पार्टी : 945 कांग्रेस : 380 शिरोमणि अकाली दल : 191 भाजपा : 169 बसपा : 7 निर्दलीय : 249 पिछले 11 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि पंजाब की सत्ताधारी पार्टी स्थानीय निकाय चुनावों में 1000 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाई. खास बात यह है कि यह स्थिति तब बनी जब चुनाव के दौरान विपक्ष ने लगातार गंभीर आरोप लगाए. विपक्षी दलों का आरोप था कि कई नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द किए गए. 63 वार्डों में AAP उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए क्योंकि विपक्षी उम्मीदवार नामांकन तक दाखिल नहीं कर पाए. कांग्रेस और अन्य दलों ने AAP विधायकों पर विपक्षी समर्थकों को डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए।  इसके अलावा पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग, बूथ कैप्चरिंग और विपक्षी उम्मीदवारों पर हमलों जैसी शिकायतें भी सामने आईं. इसके बावजूद AAP 1000 सीटों का मनोवैज्ञानिक आंकड़ा पार नहीं कर सकी. इसे भगवंत मान सरकार के खिलाफ बढ़ती जन नाराजगी और एंटी-इंकम्बेंसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. कांग्रेस अब भी स्पष्ट नेतृत्व और दिशा के संकट से जूझ रही है, जबकि अकाली दल अभी तक पूरी तरह राजनीतिक पुनरुत्थान नहीं कर पाया है।  इस राजनीतिक परिवर्तन के बीच भाजपा का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है. 2021 में भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ते हुए सिर्फ 59 वार्ड जीते थे. 2026 में भी बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ते हुए भाजपा 169 वार्ड जीत चुकी है यानी पांच वर्षों में 110 वार्डों की बढ़ोतरी. बिना सत्ता के समर्थन और बिना किसी गठबंधन के भी भाजपा ने अपेक्षाओं से बेहतर प्रदर्शन किया है. पंजाब की राजनीति में परिवर्तन की आहट साफ सुनाई देने लगी है और भाजपा का विस्तार लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। 

पंजाब में पुलिस सुरक्षा पर बड़ा हमला, होमगार्ड जवान को काटकर हथियार और कारतूस लूटे

तरनतारन. तरनतारन जिले के हरिके पत्तन क्षेत्र में शनिवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। जम्मू-कश्मीर-राजस्थान राष्ट्रीय मार्ग पर स्थापित नाके पर ड्यूटी दे रहे पंजाब होम गार्ड के जवान पर दो अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। हमलावर जवान को घायल करने के बाद उसकी सर्विस राइफल और कारतूस छीनकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और आरोपितों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पंजाब होम गार्ड के जवान सुखविंदर सिंह की अन्य कर्मियों के साथ हरिके पत्तन नाके पर ड्यूटी लगी हुई थी। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति नाके के पास पहुंचे। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक मोटरसाइकिल चला रहे व्यक्ति के पीछे बैठे हमलावर ने अचानक तेजधार हथियार से सुखविंदर सिंह पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक था कि जवान को संभलने का मौका नहीं मिला। अन्य कर्मियों ने पहुंचाया अस्पताल हमले में घायल होने के बाद आरोपितों ने जवान के कब्जे से उसकी सर्विस राइफल और कारतूस छीन लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद नाके पर मौजूद अन्य कर्मियों ने घायल जवान को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पहले उसे जीरा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे फरीदकोट रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही जिला तरनतारन और फिरोजपुर की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही हमलावरों के भागने के संभावित मार्गों पर नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने जांच की शुरू पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि वारदात पूर्व नियोजित थी या फिर हमलावर किसी अन्य आपराधिक उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

लोगों को बड़ी राहत! चंडीगढ़ में एक ही छत के नीचे होंगे सभी सरकारी काम

चंडीगढ़. प्रशासन ने नागरिक सेवाओं को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए यूटी में सिंगल विंडो सिस्टम-यूनिफाइड पोर्टल के प्रभावी तरीके से लागू और सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर चंडीगढ़ में लोगो के लिए सुविधाजनक और आधुनिक प्रणाली विकसित करने पर काम करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार कमेटी का गठन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद किया गया। बैठक में तमिलनाडु सरकार की “सिंपल गव” पहल और डी-रेगुलेशन मॉडल पर चर्चा की गई थी। कमेटी में डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डी. कार्तिकेयन, निदेशक आईटी अविकेश गुप्ता, निदेशक स्कूल शिक्षा नितिश सिंगला और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी विवेक वर्मा सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया है। कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू सिंगल विंडो सिस्टम की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी और चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। साथ ही विभिन्न सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया को सरल बनाने, प्रोसेस री-इंजीनियरिंग करने और अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने पर भी काम किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना और अधिकतर सेवाओं को एकीकृत पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इससे मंजूरियों और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक हितैषी बनाने में मदद मिलेगी। क्या है तमिलनाडु का मॉडल प्रशासन यदि तमिलनाडु की सिंपल गव और डी-रेगुलेशन नीति लागू करता है तो नागरिक सेवाओं और उद्योगों को बड़ा लाभ मिल सकता है। इस मॉडल के तहत सिंगल विंडो सिस्टम, आनलाइन मंजूरियां, सेल्फ-सर्टिफिकेशन और अनावश्यक नियमों में कमी से लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। भवन नक्शा, व्यापार लाइसेंस, एनओसी और विभिन्न प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सकती है। इससे भ्रष्टाचार और फाइलों में देरी कम होगी। उद्योगों और कारोबारियों को भी कम समय में मंजूरी मिलने से निवेश बढ़ने तथा “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में सुधार की संभावना है।

दिल्ली बैठक से निकले बड़े संकेत, अभी बरकरार रहेगा पंजाब कांग्रेस प्रधान

चंडीगढ़ पंजाब कांग्रेस के नेताओं में खींचतान का मुद्दा दिल्ली में उठा। पार्टी हाईकमान ने पंजाब अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व डिप्टी सीएम व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पार्टी प्रभारी भूपेश सिंह बघेल को दिल्ली बुलाया था।   राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के समक्ष हुई बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने की मांग उठी। एक नेता ने गिद्दड़बाहा निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार का जिक्र किया। यह इलाका अध्यक्ष वड़िंग का ही है।  हाईकमान ने विधानसभा चुनाव तक अध्यक्ष न बदलने का संकेत दिया। प्रभारी भूपेश बघेल ने बताया कि केसी वेणुगोपाल चार महीने पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने इस मसले पर बार-बार बात न करने को कहा। बाजवा का बैठक छोड़ना और एकजुटता का निर्देश नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। भूपेश बघेल ने बताया कि उन्हें अचानक काम पड़ गया था। उन्होंने सूचित करके जाने की बात कही। पार्टी ने सभी नेताओं को एकजुटता से आगे बढ़ने का निर्देश दिया है। कांग्रेस का लक्ष्य विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनाना है। 

चुनावी मुकाबले का अनोखा फैसला! पंजाब में कहीं सिक्का उछला, कहीं पर्ची ने तय की जीत

जालंधर. निकाय चुनावों में इस बार कई परिवारों ने राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई। कहीं पति-पत्नी और बेटे ने जीत का परचम लहराया तो कहीं सास ने चुनावी मैदान मार लिया। वहीं कुछ राजनीतिक परिवारों को हार का भी सामना करना पड़ा। पंजाब के अलग-अलग शहरों से निकले ये दिलचस्प नतीजे चर्चा का विषय बने रहे। दोराहा नगर कौंसिल चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सुदर्शन कुमार शर्मा ने लगातार सातवीं बार जीत दर्ज कर नया रिकॉर्ड कायम किया। खास बात यह रही कि उनके परिवार ने भी चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ रहीं उनकी पत्नी प्रिया शर्मा और पुत्र अनमोल शर्मा ने भी जीत हासिल की। तीनों की जीत के बाद दोराहा में पूरे परिवार की राजनीतिक पकड़ चर्चा में रही। मोहाली नगर निगम चुनाव में भी पति-पत्नी की जोड़ी ने जीत दर्ज की। वार्ड नंबर चार से हरविंदर सिंह और वार्ड नंबर तीन से उनकी पत्नी गुरमीत कौर विजयी रहीं। उधर, कोटकपूरा में भी एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जीत दर्ज कर सबका ध्यान खींचा। वार्ड नंबर 10 से आम आदमी पार्टी के स्वतंत्र जोशी विजयी रहे, जबकि वार्ड 11 से उनकी भाभी विजयप्रीत जोशी और वार्ड 16 से उनके बेटे एरन जोशी ने भी चुनाव जीत लिया। बठिंडा नगर निगम चुनाव में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संघवी की सास हरबंस कौर ने जीत हासिल कर राजनीतिक हलकों में चर्चा बटोरी। मानसा में टास व पर्ची से हुआ विजेता का फैसला मानसा की नगर पंचायत जोगा और बोहा मैदो उम्मीदवार टास व पर्ची डालने के बाद जीते। जोगा के वार्ड नंबर एक में दो उम्मीदवारों को 141-141 वोट मिले। इसके बादटास में सीपीआई की सुखजिंदर कौर विजेता बनीं। बोहा के वार्ड नंबर 10 में दो उम्मीदवारों को 256-256 वोट मिलने के बाद डब्बे में से पर्ची निकाली गई। इसमें अकाली दल के गुरमीत सिंह विजेता बने। उधर, बटाला में आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रधान शैरी कलसी के परिवार को झटका लगा। पार्टी टिकट पर चुनाव लड़ रहे उनके भाई अमृत कलसी और बहन उत्तमजीत कौर को कांग्रेस उम्मीदवारों के हाथों हार का सामना करना पड़ा। विनिंग नंबर है 65 मोहाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 34 से आम आदमी पार्टी के सुखदेव सिंह पटवारी 65 वोट से जीते। वे पिछले निगम चुनाव में भी 65 वोट से ही जीते थे।

पंजाब में फिर चला आम आदमी पार्टी का जादू, 8 में से 5 नगर निगमों पर किया कब्जा

चंडीगढ़  पंजाब के नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति की दिशा तय करने के संकेत दे दिए हैं. चुनाव नतीजों में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सबसे मजबूत दल के रूप में उभरकर सामने आई है, जबकि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) कुछ कम सफल रही हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों का असर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और राजनीतिक समीकरणों पर साफ दिखाई देगा।  नगर निगम, पंचायतों और परिषदों में AAP का दमदार प्रदर्शन शाम 8 बजे तक उपलब्ध नतीजों और रुझानों के अनुसार, AAP ने नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. आठ नगर निगमों में से पांच पर आम आदमी पार्टी ने कब्जा जमाया. पार्टी ने बरनाला, मोहाली, मोगा, बठिंडा और बटाला नगर निगमों में जीत हासिल की. वहीं कांग्रेस को कपूरथला नगर निगम में सफलता मिली. भाजपा ने अबोहर नगर निगम में जीत दर्ज की, जबकि पठानकोट नगर निगम में वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।  75 नगर परिषदों में से 40 पर पार्टी की जीत नगर परिषद चुनावों में भी AAP ने बढ़त बनाए रखी. राज्य की 75 नगर परिषदों में से 40 पर पार्टी ने जीत हासिल की. कांग्रेस 18 परिषदों तक सीमित रही, जबकि शिरोमणि अकाली दल को 10 परिषदों में जीत मिली. भाजपा के खाते में चार नगर परिषदें गईं, जबकि तीन परिषदों में निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।  11 नगर पंचायतों पर काबिज आम आदमी पार्टी नगर पंचायतों के नतीजों में भी आम आदमी पार्टी सबसे आगे रही. जिन 20 नगर पंचायतों में मतदान हुआ था, उनमें से 11 पर AAP ने जीत दर्ज की. कांग्रेस को पांच, शिरोमणि अकाली दल को दो और भाजपा को एक नगर पंचायत में सफलता मिली. एक सीट अन्य उम्मीदवारों के खाते में गई।  अगर सभी 104 निकायों के कुल प्रदर्शन को देखा जाए तो आम आदमी पार्टी ने 56 निकायों में जीत हासिल कर अपना दबदबा कायम रखा है. कांग्रेस 24 निकायों में जीत दर्ज करने में सफल रही, जबकि शिरोमणि अकाली दल के खाते में 12 निकाय गए. भाजपा ने 6 निकायों में जीत हासिल की. वहीं पठानकोट नगर निगम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।  वार्ड स्तर पर भी आम आदमी पार्टी का दबदबा वार्ड स्तर पर भी आम आदमी पार्टी का दबदबा देखने को मिला. राज्य के सभी 1,977 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इनमें आम आदमी पार्टी ने 958 वार्डों में जीत दर्ज कर सबसे बड़ा दल बनने में सफलता हासिल की. कांग्रेस 397 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर रही. शिरोमणि अकाली दल को 192 वार्डों में जीत मिली, जबकि भाजपा ने 172 वार्डों पर कब्जा जमाया. वहीं 251 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवारों ने 7 वार्डों में जीत दर्ज की. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनावों के ये नतीजे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं. आम आदमी पार्टी इन परिणामों को अपनी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर के रूप में पेश कर सकती है. वहीं कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के लिए यह परिणाम संगठन को मजबूत करने और नई रणनीति तैयार करने का अवसर भी माना जा रहा है. ऐसे में पंजाब की राजनीति में आने वाले महीनों में मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने के आसार हैं।  कहां किसने दर्ज की जीत नगर निगम -8 आम आदमी पार्टी – 5 (बरनाला, मोहाली, मोगा, भटिंडा, बटाला) कांग्रेस – 1 (कपूरथला जीते) बीजेपी – 1  (अबोहर) पठानकोट – बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत नहीं। नगर काउंसिल – 75 आम आदमी पार्टी – 40 कांग्रेस – 18 शिरोमणि अकाली दल – 10 बीजेपी – 4 अन्य – 3 नगर पंचायत – 21 (एक पर कानूनी कारणों से चुनाव नहीं) – 20 आम आदमी पार्टी – 11 कांग्रेस – 5 शिरोमणि अकाली दल – 2 बीजेपी -1 अन्य -1 ओवरऑल पंजाब कुल निकाय – 104 आम आदमी पार्टी – 56 कांग्रेस – 24 बीजेपी – 6 शिरोमणि अकाली दल – 12 कुल वॉर्ड – 1977 नतीजे -1977 आम आदमी पार्टी – 958 कांग्रेस – 397 बीजेपी – 172 अकाली दल – 192 निर्दलीय – 251 बीएसपी – 7

मान सरकार का बड़ा कदम! पंजाब में ग्रुप C-D भर्ती से खत्म हो सकता है ठेकेदारी सिस्टम

चंडीगढ़  पंजाब कैबिनेट की एक अहम बैठक दोपहर 12 बजे होगी। बैठक में ग्रुप सी और डी में ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने पर फैसला लिया जा सकता है। इस मीटिंग में ग्रुप-सी और डी में ठेकेदारी सिस्टम को खत्म करने के फैसले पर मुहर लग सकती है। इसके बाद सरकार अपने सभी विभागों में खुद ही भर्तियां करेगी। पंजाब की मौजूदा सरकार शुरू से ही ठेका मुलाजिमों को लेकर गंभीर रही है। 22 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शपथ ग्रहण करने के कुछ ही दिनों बाद ही ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के 35 हजार कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य सचिव को इस संबंध में मसौदा (ड्राफ्ट बिल) तैयार करने के निर्देश दिए थे। फिर 5 सितंबर 2022 को पंजाब कैबिनेट ने संविदा शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी कल्याणकारी नीति को औपचारिक मंजूरी दी। वहीं, 21 फरवरी 2023 को पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में 14,417 संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को तत्काल प्रभाव से नियमित करने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी प्रदान की गई। पंजाब सरकार ने अपने 4 वर्ष के कार्यकाल में कुल 65,264 युवाओं को पक्की सरकारी नौकरियां देने का दावा किया है। सरकार का दावा है कि उसके कार्यकाल के दौरान औसतन 45 युवाओं को प्रतिदिन सरकारी नौकरी मिली है। सरकारी नौकरियों के साथ-साथ औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देकर राज्य में करीब साढ़े 5 लाख निजी रोजगार के अवसर भी सृजित किए गए हैं।