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सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में नया खुलासा, जांच में जीवनजोत पर लगे आरोप गलत निकले

चंडीगढ़. मशहूर दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। दरअसल, हत्याकांड में साजिश में शामिल एक आरोपी पुलिस जांच में बेगुनाह पाया गया है। पंजाब पुलिस की SIT ने मानसा कोर्ट में बताया कि जांच में आरोपी जीवनजोत को बेगुनाह पाया गया है। मुसेवाला के पिता बलकौर सिंह  के वकील सतिंदर पाल मित्तल ने बताया कि, शुक्रवार को कोर्ट में पुलिस ने अपनी बात रखते हुए कहा कि, आरोपी जीवनजोत सितंबर में बेगुनाह पाया गया था। बता दें, मूसेवाला हत्या वाले दिन सोशल मीडिया पर शेयर की गई पोस्ट ''आज शाम मानसा में एक बहुत बड़ा तूफान आने वाला है'' को लेकर 4 आरोपियों नवजोत सिंह उर्फ ज्योति पंढेर, कंवरपाल सिंह ग्रेवाल, अवतार सिंह और जीवनजोत को नामजद किया गया था। पुलिस ने कोर्ट  में बताया कि, आरोपी जीवनजोत की फेसबुक प्रोफाइल और अन्य सोशल मीडिया की साइबर जांच करवाई थी। इस जांच के दौरान कुछ भी सबूत न मिलने पर जीवनजोत के खिलाफ कोई अपराध साबित नहीं हुआ है। वहीं 3 अन्यों की जांच चल रही है। इन चारों पर आईपीसी के सेक्शन 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। मिली जानकारी के अनुसार कोर्ट में अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 मई को होगी। आपको बता दें कि, 29 मई 2022 को मानसा के जवाहर के गांव में गाड़ी में बैठे सिद्धू मूसेवाला की ताबड़तोड़ फायरिंग करके बेरहमी से हत्या कर दी थी।  इस हत्याकांड में पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस, गोल्डी बराड़ सहित 34 लोगों को नामजद किया था। वहीं उक्त आरोपी जगजीवन को मानसा पुलिस ने अप्रैल 2025 में दिल्ली एयरपोर्ट पर काबू किया था, जो उस समय विदेश भागने की फिराक में था।

ग्राहक को मिला इंसाफ, पार्सल खोने पर DTDC एक्सप्रेस पर लगा जुर्माना

जालंधर. पार्सल गुम होने के मामले में उपभोक्ता को आखिरकार न्याय मिल ही गया। उपभोक्ता फोरम में दायर एक केस में फैसला उपभोक्ता के पक्ष में सुनाया, जिसके बाद डी.टी.डी.सी. एक्सप्रैस कंपनी को उपभोक्ता को कुल 28,915 रुपए का भुगतान करना पड़ा। यह राशि कंपनी ने ड्राफ्ट के माध्यम से अदा की है। प्रीत नगर, सोढल रोड निवासी रजत शर्मा ने बताया कि 22 अक्तूबर 2022 को उन्हें एक पार्सल डिलीवर किया जाना था। लेकिन निर्धारित तिथि पर पार्सल उन्हें प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उपभोक्ता का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही के चलते उनका पार्सल रास्ते में ही गुम हो गया। कंपनी अपनी जिम्मेदारी निभाने में रही असफल  रजत शर्मा ने कई बार डी.टी.डी.सी. एक्सप्रैस के अधिकारियों से संपर्क कर पार्सल की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हर बार टालमटोल का सामना करना पड़ा। लगातार निराशा हाथ लगने के बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की। फोरम में सुनवाई के दौरान उपभोक्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट हुआ कि कंपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है। फोरम ने इसे सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को उपभोक्ता को मुआवजा देने का आदेश दिया। कंपनी ने ड्राफ्ट के जरिए किया भुगतान फोरम के आदेश के बाद कंपनी ने उपभोक्ता को 28,915 का ड्राफ्ट भेजकर भुगतान कर दिया। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और सही मंच का सहारा लें, तो उन्हें न्याय अवश्य मिल सकता है। साथ ही, यह फैसला कुरियर कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपनी सेवाओं में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बनाए रखें, अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

पंजाब DGP ने संभाली जांच की कमान, अमृतसर धमाके में ISI एंगल पर शक

अमृतसर. पंजाब में हाल ही में हुए धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी के चलते पंजाब के डीजीपी गौरव यादव आज अमृतसर पहुंचे। शुरुआती जांच में इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है, जिससे प्रदेश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ISI का हो सकता है हाथः DGP डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि रात करीब 10:50 बजे धमाके की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। प्रारंभिक जांच के आधार पर डीजीपी ने संदेह जताया कि इस घटना के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय प्रॉक्सी वॉर का सामना कर रहा है और ऐसी घटनाओं के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी संगठन द्वारा आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी नहीं ली गई है। CCTV फुटेज से कुछ मिले अहम सुराग  उन्होंने जानकारी दी कि जांच के लिए मल्टीपल टीमें काम कर रही हैं, जिनमें ह्यूमन इंटेलिजेंस, टेक्निकल इंटेलिजेंस और फॉरेंसिक टीमें शामिल हैं। शुरुआती तौर पर यह लो-इंटेंसिटी ब्लास्ट प्रतीत होता है और मौके से कुछ शार्पनल भी बरामद हुए हैं, जिससे IED के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। डीजीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से कुछ अहम सुराग मिले हैं, लेकिन जांच प्रभावित न हो, इसलिए उन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। इसके अलावा मोबाइल फोन डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों की भी गहन जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जालंधर में हुई घटना से इसका सीधा संबंध अभी तक सामने नहीं आया है।

पंजाब में धमाकों पर सियासत तेज, CM मान ने भाजपा को ठहराया माहौल बिगाड़ने का जिम्मेदार

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में हाल ही में हुए बम धमाकों को लेकर विपक्ष पर हमला बोल दिया है। श्री आनंदपुर साहिब से शुकराना यात्रा शुरू करने के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये धमाके भाजपा की चुनावी तैयारी का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव से पहले लोगों में डर और तनाव का माहौल बनाकर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भाजपा नेताओं ने खुद कहा था कि अब पंजाब की बारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का तरीका यही रहा है कि जहां चुनाव आते हैं, वहां पहले लोगों को आपस में लड़ाया जाता है और फिर डर का माहौल बनाकर वोट हासिल करने की कोशिश की जाती है। छोटे-मोटे धमाकों से पंजाब डरने वाला नहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोग समझदार हैं और छोटे-मोटे धमाकों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले भी कठिन और काले दौर देख चुका है, लेकिन यहां के लोगों ने हमेशा शांति और भाईचारे को बनाए रखा है। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब एक शांतिप्रिय प्रदेश है और यहां नफरत की राजनीति सफल नहीं होगी। बेदअदबी पर सख्त हुई सरकार मुख्यमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि इस कानून से भाजपा परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले बेअदबी की घटनाओं के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जाती थी, ताकि दो समुदायों के बीच तनाव पैदा हो सके। लेकिन अब नए कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान होने के कारण ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी। उन्होंने मोहाली में हुई बेअदबी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ नए कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल पश्चिम बंगाल के चुनावों पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वहां चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ममता बेनर्जी की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि भाजपा ने 100 से अधिक सीटों में गड़बड़ी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग को किसी राजनीतिक दल की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए, बल्कि स्थिति को स्पष्ट करते हुए लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा की ओर से भी इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। बीजेपी पर लगाए आरोप वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, 'भाजपा एक सांप्रदायिक पार्टी है. बंगाल चुनाव अब खत्म हो चुके हैं और अब वे कह रहे हैं कि पंजाब की बारी है. ये धमाके भाजपा की साजिश हैं. मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि इस तरह की हरकतें बंद करे. जहां-जहां भाजपा चुनाव लड़ना चाहती है, वहां इस तरह की घटनाएं होने लगती हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'क्या भाजपा ऐसे धमाकों के जरिए वोट लेना चाहती है? पंजाब में जो हो रहा है, वह भाजपा की तैयारी का हिस्सा है। शिरोमणि अकाली दल ने सीएम के बयान को बताया राष्ट्र विरोधी शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में धमाकों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. शिरोमणि अकाली दल ने सीएम के बयान को “राष्ट्रविरोधी” करार दिया है. अकाली दल की ओर से कहा गया कि बिना किसी जांच के मुख्यमंत्री इस तरह का आरोप कैसे लगा सकते हैं. पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या सीएम मान अपने इस बयान के जरिए राष्ट्रविरोधी तत्वों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं? अकाली दल ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के पास किसी तरह की खुफिया या पुख्ता जानकारी है तो उसे सार्वजनिक करें और एजेंसियों के सामने रखें. पार्टी नेताओं ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में राजनीतिक आरोप लगाने से पंजाब का माहौल खराब हो सकता है. साथ ही अकाली दल ने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। बता दें कि जालंधर के बीएसएफ चौक पर बीएसएफ मुख्यालय पर भीड़भाड़ वाले इलाके में खड़ी एक स्कूटर में ब्लास्ट हुआ था. चश्मदीदों ने बताया कि ब्लास्ट के कुछ ही देर बाद स्कूटर में आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के कुछ घंटों बाद, मंगलवार देर रात अमृतसर के खासा इलाके में बीएसएफ ठिकानों के पास स्थित एक आर्मी कैंप के बाहर दूसरा धमाका हुआ. शुरुआती शक के आधार पर माना जा रहा है कि मोटरसाइकिल पर सवार किसी हमलावर ने कथित तौर पर उस जगह पर ग्रेनेड फेंका था. यह इलाका अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

नहीं रहे गीतकार चन्न गोराया वाला, पंजाबी इंडस्ट्री में शोक की लहर

जालंधर. मशहूर गीतकार चन्न गोराया वाला का निधन हो गया। उनके अचानक निधन से कला और साहित्य जगत में गहरा दुख पाया जा रहा है। चन्न गोराया वाला ने अपने गीत लिखने के शुरुआती दिनों में सबसे पहले सतगुरु रविदास महाराज जी की महिमा को अपनी कलम के जरिए प्रकट किया। उनके द्वारा लिखे धार्मिक और भावनात्मक गीत आज भी घर-घर और गुरु घरों में श्रद्धा से सुने जाते हैं और लोगों के दिलों में बसते हैं। पंजाब के मशहूर गायकों और लेखकों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। मशहूर सिंगर कंठ कलेर, फिरोज खान, रणजीत राणा, गीतकार महिंदर संधू, रत्तू रंधावा, गायक नीलम जस्सल, दलजीत हंस, हरमेश रसीला, रमेश नुस्सीवाल, जॉनी महे, रमेश महे, बलदेव राही और लेखक मदन बांगड़ समेत कई हस्तियों ने कहा कि चन्न गोराया वाला का जाना पंजाबी संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका अंतिम संस्कार आज गोराया के श्मशान घाट, तहसील फिल्लौर, जालंधर जिले में किया जाएगा।

सोहाना एयरपोर्ट रोड पर बेअदबी का मामला, आक्रोशित संगत ने किया चक्का जाम

मोहाली. मोहाली के सोहाना एयरपोर्ट रोड पर बीती रात किसी ने गुटका साहिब की बेअदबी कर उनके अंगों को सड़क किनारे बिखेर दिया। गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना से एक किलोमीटर दूर एयरपोर्ट रोड के किनारे गुरुद्वारा माता सुंदरी जी के आसपास सड़क किनारे गुटका साहिब के अंग संगत ने इक्टठा किए है। इससे रात को संगत में रोष फैल गया। उन्होंने 200 फिट सड़क को जाम कर बंद कर दिया। इसी बीच मौके पर डीएसपी हरसिमरन सिंह बल पुलिस अधिकारियों सहित पहुंचे। भाजपा नेता संजीव वशिष्ठ को जब इस घटना बारे पता चला तो वे भी मौके पर पहुंचे।उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसा कभी नहीं हुआ, किसी शरारती तत्वों की ओर से लोगों की भावनाओं को भड़काया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस घटना की पुलिस को बारीकी से जांच करनी चाहिए जिससे मुख्य आरोपी को पकड़ कर कड़ी सजा दी जा सके। मटौर के गुरजीत ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11 बजे गुरुद्वारा साहिब के एक सेवादार को इस घटना बारे पता चला। उसके बाद संगत ने पहले सड़क जाम की और उसके बाद सड़क किनारे गुटका साहिब के अंगों को खोजा। उन्होंने बताया कि गुटका साहिब के कई अंग सड़क किनारे संगत ने खोज कर रूमाला साहिब में जमा किए। वहां खड़े लोगों ने आशंका जताई की किसी ने गुरुद्वारा सिंह शहीदां से गुटका साहिब को उठा कर यहां लाकर बेअदबी की। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर संगत को समझाया। डीएसपी ने संगत को इस घटना के आरोपी को पकड़ने का भरोसा जताया।

डंपिंग ग्राउंड से निकलेगी ऊर्जा, चंडीगढ़ में 200 टन कचरे से हर दिन बनेगी बायोगैस

चंडीगढ़. डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में स्थापित होने वाले सेग्रीगेटिड ऑर्गेनिक म्यूनिसिपल साॅलिड वेस्ट (एसओएमएसडब्ल्यू) पर आधारित कंप्रैस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट में प्रतिदिन 200 टन गीला कचरा प्रोसेस होगा। 200 टन कचरे के प्रोसेस होने के बाद आईओसीएल आठ टन सीबीजी उत्पन्न करेगी। यानी रोजाना आठ हजार किलोग्राम कंप्रैस्ड बायोगैस तैयार होगी। सीबीजी का रेट सीएनजी के बराबर ही रहेगा। मंगलवार को चंडीगढ़ में सीएनजी 91 रुपये प्रति किलोग्राम रही। इस हिसाब से प्रतिदिन करीब 7.28 लाख रुपये की सीबीजी प्लांट से आईओसीएल बेच सकेगी। प्रति माह करीब सवा दो करोड़ रुपये की सीबीजी बनेगी। आईओसीएल ने पूरे प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसका आपरेशन माॅडल इस डीपीआर में शामिल है। इस डीपीआर पर केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ भी चर्चा होनी है। इसमें नगर निगम के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। केंद्र सरकार ने इस मामले में कुछ सवाल किए थे जिसके बाद प्रोजेक्ट की समीक्षा होगी। आईओसीएल सीबीजी बेच खर्च करेगी पूरा कचरा प्रोसेस करने के बाद सीबीजी उत्पन्न होगी। इसे बेचकर आईओसीएल अपना खर्च पूरा करेगी। आईओसीएल डंपिंग ग्राउंड में ही रोड साइड सीबीजी के लिए रिटेल आउटलेट स्थापित करेगी। जो वाहन भरवा सकेंगे। नगर निगम के वाहन भी सीबीजी पर ही चलेंगे। खासकर कचरा एकत्र करने वाले वाहन सीबीजी पर आधारित होंगे। आइओसीएल यह प्लांट अपने खर्च पर लगा रही है। इस पर अनुमानित 125 करोड़ रुपये खर्च आएगा। निगम को अपना पैसा खर्च नहीं करना होगा। सीबीजी बेचकर आइओसीएल अपना खर्च पूरा करेगी। 33 प्रतिशत एरिया ग्रीन कवर डंपिंग साइट पर कुल 45 एकड़ जमीन है। अभी तक इसपर केवल कचरे के पहाड़ थे। लेकिन प्रस्तावित नई डंपिंग साइट एकदम अलग होगी। यह चारों तरफ हरियाली से घिरी होगी। 45 में से 14 एकड़ ग्रीन एरिया होगा। यह ग्रीन एरिया डड्डूमाजरा आबादी एरिया की तरफ होगा। प्लांट पटियाला की राव से सटकर लगेगा। डंपिंग साइट एरिया     कुल एरिया: 45 एकड़     कुल ग्रीन एरिया: 14 एकड़     कचरा डालने के लिए अभी इस्तेमाल: 08 एकड़     कचरा डालने के लिए प्रस्तावित: 08 एकड़     गीला कचरा सीबीजी प्लांट: 10 एकड़     भविष्य में प्लांट विस्तार: 05 एकड़ प्रोजेक्ट टाइमलाइन     एक्टिविटी लक्ष्य पूरा करने की तिथि     एमओयू साइन 20 नवंबर 2025     जमीन चिन्हांकन 19 जनवरी 2026     कन्सेसनेयर एग्रीमेंट साइन 30 जून 2026     प्री प्रोजेक्ट एक्टविटी एंड डिटेल्ड इंजीनियरिंग और मंजूरी 31 जनवरी 2027     निर्माण कार्य शुरू 01 अप्रैल 2027     प्लांट चालू करने की पूर्व प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2028     प्लांट चालू होगा 31 दिसंबर 2028

अब यूनिफॉर्म में दिखेंगे एस्टेट ऑफिस कर्मचारी, चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला

चंडीगढ़. यू.टी. चंडीगढ़ के एस्टेट ऑफिस ने कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। कार्यालय की ओर से जारी ऑफिस ऑर्डर में स्पष्ट किया गया है कि ग्रुप ‘सी’ और पूर्व ग्रुप ‘डी’ श्रेणी के कर्मचारियों को अब नियमित रूप से निर्धारित यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य होगा। आदेश के मुताबिक 4 मई 2026 से यह नियम प्रभावी कर दिया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के दिशा-निर्देशों के तहत पहले ही ड्रेस अलाउंस देने की व्यवस्था लागू की जा चुकी है। यह अलाउंस ड्राइवर, रेस्टोरर, दफ्तरी, प्रोसेस सर्वर, चपरासी और सफाई कर्मचारियों को दिया जा रहा है, बशर्ते वे नियमित रूप से यूनिफॉर्म पहनने का पालन करें। इसके लिए कर्मचारियों से लिखित आश्वासन भी लिया गया था कि वे ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म का पालन करेंगे। हालांकि एस्टेट ऑफिस के संज्ञान में यह बात आई है कि संबंधित श्रेणियों के कई कर्मचारी नियमित रूप से यूनिफॉर्म नहीं पहन रहे हैं। इसे आदेशों का उल्लंघन माना गया है। इसी के चलते प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए दोबारा निर्देश जारी किए हैं ताकि व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सके। लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई ऑफिस ऑर्डर में साफ कहा गया है कि चाहे कर्मचारी नियमित हों या आउटसोर्स आधार पर कार्यरत, सभी को निर्धारित यूनिफॉर्म पहननी होगी। यूनिफॉर्म के रूप में काली पैंट और आसमानी रंग की शर्ट तय की गई है। प्रशासन का मानना है कि यूनिफॉर्म से न केवल कार्यालय की पहचान मजबूत होती है, बल्कि अनुशासन और कार्य संस्कृति में भी सुधार आता है। आदेश में यह भी चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। यूनिफॉर्म से आम जनता को कर्मचारियों की पहचान करने में आसानी होगी और सेवाओं में भी सुधार आएगा। एस्टेट ऑफिस के इस फैसले को लेकर कर्मचारियों में भी चर्चा का माहौल है। जहां कुछ कर्मचारी इसे अनुशासन के लिहाज से जरूरी मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे अतिरिक्त सख्ती के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जालंधर-अमृतसर धमाकों के पीछे खालिस्तानी-ISI नेटवर्क, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी

 जालंधर/अमृतसर पंजाब में एक बार फिर सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंता सामने आ रही है। पाकिस्तान समर्थित खुफिया एजेंसी, खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। हाल के घटनाक्रम और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से साफ है कि राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें सुनियोजित तरीके से की जा रही हैं। बीते महीनों में कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। अप्रैल 2026 में पटियाला-राजपुरा रेल ट्रैक पर कम तीव्रता का आईईडी विस्फोट हुआ जिसे बड़े हमले की साजिश के तौर पर देखा गया।  चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ जिससे राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मच गई। जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस से पहले सिरहिंद रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया जबकि नवंबर 2025 में मोगा के सीआईए कार्यालय पर ग्रेनेड फेंका गया था।  मार्च 2025 में अमृतसर के खंदवाला इलाके में धार्मिक स्थल के बाहर विस्फोट की घटना भी सामने आई जिसकी जांच एनआईए ने की थी। इन घटनाओं के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने कई बड़ी कामयाबियां भी हासिल की हैं। अप्रैल 2026 में तरनतारन से भारी मात्रा में आरडीएक्स और आधुनिक हथियार बरामद कर एक बड़े हमले को टाल दिया गया। जनवरी 2026 में होशियारपुर में बीकेआई से जुड़े मॉड्यूल से ढाई किलो आरडीएक्स, पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। गुरदासपुर, नवांशहर और अमृतसर में भी हथियारों की बरामदगी ने संकेत दिया कि आतंकी नेटवर्क सक्रिय हैं। सीसीटीवी गैंग की गिरफ्तारी पंजाब और देश के अन्य इलाकों में बीते कुछ समय से ऐसी गतिविधियां नोटिस की जा रही है जिससे खुफिया एजेंसियों के काम खड़े हो गए हैं. बीते कुछ समय में देश के अलग-अलग इलाकों में सीसीटीवी गैंग की गिरफ्तारी भी इसी से जुड़ी घटना मानी जा रही है. ये गैंग हाईवे टोल प्लाजा और अन्य इलाकों संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी इंस्टॉल कर उसका एक्सेस पाकिस्तान में बैठे आकाओं को देते थे. इन सभी गतिविधियों के पीछे आतंकी लांडा और रिंदा का हाथ माना जा रहा है।  आतंकी लखबीर सिंह लांडा आतंकी घोषित बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह लांडा को भारत सरकार ने यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है. कनाडा में बैठे लांडा पर मोहाली इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर RPG हमले का मास्टरमाइंड होने, पाकिस्तान से IED और हथियारों की तस्करी, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली के आरोप हैं. वह हरदीप सिंह निज्जर और गुरपतवंत सिंह पन्नून जैसे आतंकियों से जुड़ा था. एनआईए ने उस पर इनाम रखा है. लांडा पंजाब के तरन तारन का रहने वाला है और कनाडा के एडमंटन में छिपा बैठा ISI के इशारे पर मॉड्यूल चला रहा है।  हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा गैंग फिर सक्रिय दूसरी ओर, पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के गैंग को फिर सक्रिय करने की कोशिशें सामने आई हैं. महाराष्ट्र के नांदेड़ पुलिस ने रिंदा के पिता चरण सिंह संधू और भाई नवजोत सिंह संधू को एक्सटॉर्शन के मामले में गिरफ्तार किया है. पुलिस को शक है कि रिंदा अभी भी अपने परिवार के जरिए नांदेड़ और आसपास के इलाकों में धमकियां देकर वसूली करवा रहा है. रिंदा पर 2021 में पंजाब पुलिस पर हमले समेत कई मामलों में 10 लाख का इनाम है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या रिंदा ISI के साथ मिलकर अपना पुराना गैंग भारत में फिर से खड़ा कर रहा है।  इधर, लखनऊ में यूपी एटीएस की एक बड़ी कामयाबी भी इसी सिलसिले में देखी गई. संदिग्ध आतंकी तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान और समीर खान की कस्टडी रिमांड खत्म होने वाली है. एटीएस ने नोएडा से दोनों को पिस्टल, रकम और अन्य सुराग मिलने की बात कही है. दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स (ISI से जुड़े मेजर हामिद, इकबाल आदि) के इशारे पर ग्रेनेड अटैक और टारगेट किलिंग की तैयारी कर रहे थे. सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को रैडिकलाइज करने की साजिश भी सामने आई।  अंतरराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी बड़ी चुनौती बन चुकी है। अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में कई बार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार गिराए जाने के मामले सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि इन गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और विदेशों में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी शामिल हैं। इनमें रंजीत नीटा और लखबीर लंडा जैसे नाम प्रमुख हैं। इस पूरे परिदृश्य में गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ नई चुनौती बनकर उभरा है। वर्ष 2025 में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 400 से अधिक गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया जिससे स्पष्ट हुआ कि संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच तालमेल बढ़ रहा है। यही नेटवर्क स्थानीय स्तर पर हमलों को अंजाम देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में भूमिका निभा रहा है।   भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड हमला और पुलिस थानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं दर्शाती हैं कि आतंकी संगठनों का मकसद पंजाब के शांत माहौल को बिगाड़ना और डर फैलाना है। हालांकि पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता से कई साजिशें नाकाम हुई हैं।इसके बावजूद सीमा पार से मिल रहे समर्थन और स्थानीय नेटवर्क के कारण चुनौती बनी हुई है। पंजाब फिलहाल संवेदनशील दौर से गुजर रहा है जहां सुरक्षा तंत्र लगातार सतर्क है। 

पंजाब में भगवंत मान की शुकराना यात्रा का आगाज: गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून पर जताएंगे आभार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 6 मई से 9 मई 2026 तक चार दिवसीय ‘शुकराना यात्रा’ पर निकल रहे हैं। यह यात्रा ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ के पारित होने के बाद प्रदेश की संगत के प्रति आभार प्रकट करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री इस दौरान राज्य के प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होंगे और जगह-जगह लोगों से संवाद भी करेंगे। यात्रा की शुरुआत 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब से होगी। यहां अरदास के बाद मुख्यमंत्री अमृतसर के लिए रवाना होंगे, जहां वे श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकेंगे। पहले दिन का कार्यक्रम धार्मिक आस्था के केंद्रों के इर्द-गिर्द केंद्रित रखा गया है, ताकि यात्रा की शुरुआत श्रद्धा और धन्यवाद के भाव के साथ हो सके। दूसरे दिन 7 मई को मुख्यमंत्री तलवंडी साबो पहुंचेंगे, जहां तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होंगे। इसके बाद उनका काफिला फरीदकोट पहुंचेगा। स्थानीय विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के अनुसार, फरीदकोट में भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया जाएगा और वे यहां संगत से संवाद करेंगे। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री दर्शन करेंगे। इसके बाद वे पटियाला पहुंचेंगे। पटियाला में 8 और 9 मई को गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में कार्यक्रम तय किया गया है। यहां भी मुख्यमंत्री अरदास करेंगे और लोगों से मुलाकात करेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय स्तर पर स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। चार दिवसीय इस यात्रा का समापन 9 मई को फतेहगढ़ साहिब में होगा। ऐतिहासिक महत्व के इस स्थल पर मुख्यमंत्री अंतिम अरदास कर यात्रा का समापन करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों और कस्बों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और ट्रैफिक को लेकर भी एडवाइजरी जारी की जा सकती है। सरकार का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के साथ सीधे संवाद का भी माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री विभिन्न स्थानों पर रुककर संगत की समस्याएं सुन सकते हैं और सरकार की योजनाओं की जानकारी भी साझा करेंगे।