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विरासत और तकनीक का संगम: अंग्रेजों के जमाने की शिमला रेल कार हुई अपग्रेड

कालका/पंचकूला. वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल कालका शिमला रेल मार्ग पर चलने वाली रेल मोटर कार का सफर और सुहाना और सुरक्षित होने जा रहा हैं। इंग्लैंड से 1927 में आई रेल कार में लगने वाले वैक्यूम ब्रेक सिस्टम को रेलवे ने कहा बाय-बाय कह दिया है। अब एयर ब्रेक सिस्टम का प्रयोग किया है। इसके ट्रायल भी सफल हो गए हैं। बस अब इस रेल कार को चलाने के लिए रेल मंत्रालय की ओर से हरी झंडी का इंतजार हैं। पुराना ब्रेक सिस्टम आपात स्थिति में ज्यादा प्रभावी नहीं माना जाता था। रेलवे को नए प्रयोग की आवश्यता महसूस हुई। लंबे परीक्षण के बाद रेल कार में एयर ब्रेक सिस्टम को लगाया गया है, जोकि आपात स्थिति में ज्यादा प्रभारी होगी। इससे सैलानियों का सफर ज्यादा सुहाना होगा और सुरक्षित होगा। कालका-शिमला रेल मार्ग पर टाॅय ट्रेन की शुरुआत वर्ष 1903 में हुई थी और उस वक्त स्टीम इंजन इस ट्रेक पर चलते थे। टाॅय ट्रेन से शिमला तक पहुंचने में करीब साढ़े पांच घंटों का समय लगता है। अंग्रेजों ने इस मार्ग पर रेल सेवा को ज्यादा आरामदायक बनाने और समय की बचत के लिए वर्ष 1927 में रेल कार सेवा का प्रारंभ की थी। समय के साथ नैरो गेज पटरी पर रेल कार सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने लगी,जिससे रेल कार ने कम ही समय में देश और विदेशों में अपनी खास पहचान बनाई,जिसके चलते सैलानियों में रेल मोटर कार का जादू सिर चढ़कर बोलने लगा। रेल कार-टाॅय ट्रेन में अंतर टाॅय ट्रेन में छह डब्बे होते हैं। वर्तमान में रोजाना छह टाॅय ट्रेन कालका से शिमला जा रही है और उतनी ही वापस आ रही है। टाॅय ट्रेन शिमला तक जाने में 5.30 घंटे का समय लेती है। रेल कार में एक ही डिब्बा होता हैं। यानी ट्रेन ड्राइवर और यात्री एक साथ बैठते हैं। इसमें 12 व्यक्ति बैठ सकते हैं। ऑन डिमांड चलने वाली रेल कार चार घंटे में शिमला का सफर तय करती हैं। डेढ़ घंटे का समय बचता है। चार रेल मोटर कार वर्ष 1927 में शुरू हुई रेल कार सेवा अपनी तरह की एक खास सेवा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षो से यह रेलवे विभाग के लिए मानो मुसीबत भी बनी हुई है। रेल कार की रिपेयर के लिए पार्ट उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। तकनीकी खामियों के चलते रेल कार कार को ट्रैक पर चलाए रखना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है। रेलवे विभाग के पास फिलहाल चार रेल मोटर कार है, जिसमें दो की हालत ज्यादा ठीक नहीं मानी जा सकती है, जिससे रेल कार को रेगुलर चलाने की बजाय आन डिमांड ही चलाया जा रहा है।

मोहाली में अकाली नेता पर बड़ा आरोप, नाबालिग से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश में गिरफ्तारी

मोहाली शिरोमणि अकाली दल के हलका दाखा प्रभारी जसकरनजीत सिंह देओल को नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, मारपीट और धमकियां देने के आरोप में मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना मटौर में पाॅक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।  पीड़िता के पिता निवासी लुधियाना की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के अनुसार आरोपी वर्ष 2023 से उनकी पत्नी और बेटियों के संपर्क में था। बाद में वह महिला और दोनों बेटियों को अपने साथ मोहाली ले गया। उस समय पीड़िता देहरादून के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती थी। आरोप है कि अक्तूबर 2024 में आरोपी उसे स्कूल से मोहाली के एक होटल में ले गया और उसके साथ जबरदस्ती व अश्लील हरकतें करने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी उसे और उसकी मां को घर से निकालने तथा कनाडा के गैंगस्टरों से मरवाने की धमकियां देता था शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी लगातार पीड़िता के साथ मारपीट करता था। हाल ही में उसने दोबारा छेड़छाड़ और पिटाई की। इसके बाद डरी-सहमी बच्ची को उसके पिता के पास भेजा गया। पुलिस ने पीड़िता के बयान के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की। 

संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर, निकाय चुनाव के लिए पंजाब में 75 हजार जवान तैनात

चंडीगढ़. पंजाब में नगर निगम, नगर कौंसिल को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। राज्य चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए इस बार 75 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की है। चुनाव को लेकर प्रदेश भर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और कई स्थानों पर तनावपूर्ण घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जानकारी के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया के दौरान करीब 35 हजार पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाया जाएगा। ये कर्मचारी मतदान केंद्रों, संवेदनशील इलाकों, नामांकन केंद्रों और मतगणना स्थलों पर सुरक्षा संभालेंगे। इसके अलावा करीब 35,500 कर्मचारी सीधे चुनाव ड्यूटी में लगाए जाएंगे, जो मतदान दलों की आवाजाही, बूथ प्रबंधन और चुनावी सामग्री की निगरानी करेंगे। राज्य स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है। राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम निकाय चुनाव इस बार निकाय चुनाव को राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सेमिफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और शिअद ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। कई शहरों में टिकट वितरण को लेकर दलों के भीतर असंतोष भी सामने आया है, जिससे निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है और मुकाबला रोचक बन गया है। राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न निकायों में 10,809 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें नगर निगमों में 2,154, नगर कौंसिलों में 7,334 और नगर पंचायतों में 1,321 उम्मीदवार शामिल हैं। सबसे अधिक मुकाबला नगर कौंसिल क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां कई वार्डों में सीधी टक्कर बन चुकी है। हाल के दिनों में कुछ जिलों से नामांकन के दौरान तनाव और विरोध की घटनाएं भी सामने आई हैं। फिरोजपुर के मुदकी में विपक्षी दलों ने उम्मीदवारों को धमकाने और नामांकन से रोकने के आरोप लगाए हैं, जबकि देरा बाबा नानक में कांग्रेसी नेता के घर पर फायरिंग के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया। संवेदनशील बूथों की अलग सूची तैयार  इन घटनाओं को देखते हुए आयोग ने जिला प्रशासन को संवेदनशील बूथों की अलग सूची तैयार करने और अतिरिक्त फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ फ्लैग मार्च, नाकेबंदी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त भी कराई जाएगी, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। 19 में को नामांकन वापस लिए जाएंगे।

वोट कटवाने का आरोप लगाकर AAP ने BJP को घेरा, पंजाब में लड़ाई लड़ने का किया ऐलान

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कांग ने पंजाब में एसआईआर को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसको लेकर बीजेपी पर भी हमला बोला है। X पर पोस्ट करते हुए सांसद ने कहा मेरे प्यारे पंजाबियों, अब समय आ गया है कि हम सब जागें। 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार  एसआईआर के नाम पर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की तैयारी कर रही है। यह प्रक्रिया बिना किसी ठोस कारण के हमारे लोकतंत्र की जड़ों को हिला रही है।   हर वैध वोटर के लिए लड़ेंगे लड़ाई  बिहार में हाल ही में एसआईआर के दौरान 65 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। वहीं, बंगाल में 91 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए जो कुल वोटर के करीब 12% थे। उन्होंने कहा इसके बाद बीजेपी मुस्कराते हुए चली गई। अब वही मशीनरी पंजाब को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा हम पंजाब में बिहार और बंगाल जैसा नहीं होने देंगे। हम हर एक वैध वोटर को लेकर लड़ाई लड़ेंगे।     बता दें कि पंजाब में 25 जून से मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का काम शुरू हो जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गई है। एसआईआर से पहले इसी संदर्भ पंजाब में चल रहे प्री मैपिंग का काम भी 83.69 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बीएलओ एन्युमरेशन फॉर्म लेकर घर-घर तक जाएंगे। इसके लिए 24453 बीएलओ, 2476 सुपरवाइजर, 117 ईआरओ और 234 एईआरओ का सरकारी अमला भी तैयार है। एसआईआर की प्रक्रिया – एसआईआर के तहत पंजाब में 25 जून से 24 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के एन्युमरेशन फॉर्म भरवाएंगे। – प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाता एसआईआर के लिए दिए गए हैं। – बीएलओ को प्रशिक्षण देने और अन्य तैयारियों संबंधी काम 15 से 24 जून तक किया जाएगा। – सूबे के सभी मतदाताओं को एसआईआर के तहत संबंधित फॉर्म भरना होगा। – एसआईआर के तहत 1 जनवरी 2003 की मतदाता सूची से साल 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया जाएगा। – पोलिंग स्टेशनों की रेशनलाइजेशन का काम 24 जुलाई को होगा और मतदाता सूची का मसौदा 31 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा। – मतदाता सूचियों संबंधी आपत्तियां और दावे 31 जुलाई से 30 अगस्त तक पेश जा सकते हैं। निपटारा 31 जुलाई से 28 सितंबर तक होगा। – अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 01 अक्तूबर को होगा।  

दसूहा रोड पर मिला ड्रोननुमा ऑब्जेक्ट, इलाके में दहशत; जांच में जुटी एजेंसियां

 होशियारपुर होशियारपुर-दसूहा रोड स्थित गांव सतौर के बाहरी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब खेतों में छोटे हवाई जहाज के आकार की एक संदिग्ध वस्तु पड़ी हुई दिखाई दी। दूर से यह वस्तु ड्रोन जैसी प्रतीत हो रही थी, जिसके चलते इलाके के लोगों में चिंता का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार खेतों की ओर गए कुछ ग्रामीणों ने इस वस्तु को देखा और तुरंत इसकी सूचना गांव की सरपंच कुलदीप कौर तथा समिति सदस्य परमजीत सिंह को दी। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया, जिसके उपरांत पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आया कि यह हवाई जहाज के आकार का एक गर्म हवा वाला गुब्बारा था, जिस पर पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का संक्षिप्त नाम “पीआईए” लिखा हुआ था। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह गुब्बारा कहां से आया और क्या इसके जरिए कोई अन्य सामग्री भी इलाके में गिराई गई है। इस संबंध में पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है।

विदेश में चमका पंजाब का नाम, UK में कुलविंदर सिंह मेयर तो प्रीत कौर बनीं हेल्थ मिनिस्टर

जालंधर. देश-विदेश में पंजाबी खूब नाम कमा रहे हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि मूल रूप से जालंधर के 2 सिखों ने UK की राजनीति में अपनी छाप छोड़ी है। जानकारी के अनुसार कुलविंदर सिंह जोहल (56) इंग्लैंड के लीसेस्टर के पहले पगड़ीधारी सिख मेयर बने हैं। वह फिल्लौर के गांव से संबंधित है। इसके साथ ही प्रीत कौर गिल जो कि जालंधर के जमशेर गांव संबंधित है को जूनियर स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है। UK में सिख समदाय से संबंधित व्यक्तियों को मिली इस जिम्मेदारी के बाद वहां बसे पंजाब लोगों में खुशी का माहौल है। बता दें कि कुलविंदर सिंह जोहल महज 6 वर्ष की उम्र में परिवार के साथ यू.के. आ गए थे। यहां करीब 25 साल तक उन्होंने एक फैक्ट्री में काम किया। मेयर चुने जाने पर उन्होंने साथी पार्षदों का आभाज जताया। वहीं प्रीत कौर गिल काफी समय से राजनीति में सक्रिय थी और 2017 में वह UK के इतिहास में पहली महिला ब्रिटिश सिख सांसद बनी थीं। वहीं अब उन्हें जूनियर स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है।

पंजाबियों के खिलाफ गतिविधियों पर सख्ती, Australia में सक्रिय संगठन प्रतिबंधित

चंडीगढ़. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने देश में रहने वाले पंजाबियों सहित सभी भारतीयों को बड़ी राहत प्रदान की है। इसके अलावा देश में रहने वाले अप्रवासियों और अन्य समुदायों के लोगों को भी राहत दी है। जानकारी के अनुसार गृह मंत्री टोनी बर्क ने देश में पंजाबियों सहित भारतीयों को डराने वाले संगठन को हमेशा के लिए बैन कर दिया है। यह न्यू नाजी संगठन देश में रह रहे गैर-श्वेत लोगों के प्रति देशवासियों में नफरत फैलाता था और नस्लीय टिप्पणियां करता था। इतना ही नहीं भारतीयों सहित सभी गैर-श्वेत समुदाय के लोगों को डराता-धमकाता भी था। इसके चलते सरकार ने इस संगठन को बैन कर दिया। साथ ही इस संगठन से जुड़ने वाले, इसका प्रचार करने वाले और इसे फंडिंग देने वाले को 15 साल की जेल हो सकती है। क्या है न्यू नाजी संगठन न्यू नाजी संगठन 2020 में बना था। यह एक ऐसा संगठन है जो एडॉल्फ हिटलर की नाज़ी विचारधारा से प्रेरित है। इस संगठन का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया सिर्फ श्वेत लोगों के लिए है और भारतियों सहित सभी गैर-श्वेत लोगों का देश पर कोई अधिकार नहीं है। इस संगठन का लक्ष्य था कि सभी अप्रवासियों और गैर-श्वेत समुदाय के लोगों को देश से बाहर निकाला जाए। देशवासियों में फैलाता था नफरत संगठन सोशल मीडिया और रैलियों द्वारा नफरत भरी अपनी विचारधारा का प्रचार करता था। इसके अलावा देश में रहने वाले भारतीयों सहित सभी गैर-श्वेत समुदायों को डराता-धमकाता था। उक्त संगठन देश में हिंसक माहौल बनाने की कोशिशों में जुटा था इसलिए सरकार ने एक्शन लेते हुए इस नफरत फैलाने वाले संगठन को हमेशा के लिए बैन कर दिया। पंजाबी समुदाय को किया टारगेट इस संगठन में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे पंजाबी समुदाय को भी कई बार टारगेट किया है। मई 2023 में संगठन ने अप्रवासियों के खिलाफ एक रैली निकाली थी। इसका मुख्य निशाना पंजाबियों सहित सभी भारतीय लोग थे। इस दौरान इनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई थी। फिर 2024 में ऑस्ट्रेलिया डे के मौके पर संगठन के सदस्यों ने काले कपड़े पहन नॉर्थ सिडनी रेलवे स्टेशन पर हंगामा किया था। इस दौरान पंजाबियों सहित वहां आने-जाने वाले सभी गैर-श्वेत लोगों को डराया और धमकियां भी दी थीं। साथ ही पंजाबियों की पगड़ी को लेकर भी संगठन द्वारा नस्लीय टिप्पणियां की गई थीं। इस दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरात में भी लिया था। इसके बाद अगस्त 2025 में संगठन ने कई रैलियां निकालीं जिसमें भारतीय और पंजाबियों की बढ़ती आबादी का डाटा दिखाकर लोगों में और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाई गई। 31 अगस्त, 2025 को मेलबर्न के कैंप सॉवरेन्टी में भी संगठन द्वारा अप्रवासियों का विरोध करते उन पर हिंसक हमला किया गया। इस दौरान इस संगठन के सदस्यों ने लाठियों और डंडों से लोगों पर खासकर महिलाओं पर हमला किया था। हिंसा में महिला सहित 4 घायल हो गए थे। इस हिंसा के बाद पुलिस ने न्यू नाजी के नेता थॉमस सेवेल को गिरफ्तार भी कर लिया था। क्यों लगा बैन कैंप सॉवरेन्टी हिंसा के बाद और देश में बिगड़ रहे माहौल को देखते हुए सरकार ने देश में कई नफरत-विरोधी कानून पारित किए। इन कानूनों के तहत गृह मंत्री टोनी बर्क ने इस संगठन को देश विरोधी और नफरत फैलाने वाला घोषित कर हमेशा के लिए बैन कर दिया।

नगर निगम चुनाव की तैयारियां तेज, पंजाब सरकार ने 23 IAS और PCS अधिकारियों को सौंपी कमान

चंडीगढ़/जालंधर. पंजाब के स्टेट इलेक्शन कमीशन ने राज्य में 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों (कुल 105) के आम चुनावों की घोषणा कर दी है। वोटिंग 26 मई को होगी। इन चुनावों को आज़ाद, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए कमीशन ने 23 ज़िलों में IAS/सीनियर PCS अधिकारियों को जनरल ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया है। नियुक्त किए गए जनरल ऑब्ज़र्वर की डिटेल्स इस तरह हैं। जानकारी के मुताबिक, परमदीप सिंह PCS को अमृतसर, परनीत शेरगिल IAS को बरनाला, हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ IAS को बठिंडा, सुखप्रीत सिंह सिद्धू PCS को जनरल ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया गया है। फिरोजपुर, रुबिंदरजीत सिंह बराड़ IAS फरीदकोट, ऋषभ बंसल PCS फाजिल्का और हरगुनजीत कौर IAS फतेहगढ़ साहिब को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। इसी तरह, राकेश कुमार पोपली PCS गुरदासपुर, हरजोत कौर PCS होशियारपुर, परमवीर सिंह IAS जालंधर, कानू थिंड PCS कपूरथला और सेनू दुग्गल IAS कपूरथला), बलदीप कौर (IAS, लुधियाना), मिस नयन (PCS, मोगा), अमित सरीन (PCS, मानसा), प्रमोद सिंगला (PCS, मलेरकोटला), अमरबीर सिंह (PCS, श्री मुक्तसर साहिब), अपनीत रयात (IAS, पटियाला) और ऋषि पाल सिंह (IAS, पटियाला), अमरिंदर सिंह टिवाना (PCS, पठानकोट), जगजीत सिंह (PCS, रूपनगर), अमनदीप कौर (IAS, एस. बी. एस. नगर), अभिजीत कपलिश (IAS, मोहाली), कमल कुमार गर्ग (IAS, संगरूर), विकास हीरा (P. C. S, तरनतारन).

बच्चे की दर्दनाक घटना के बाद अलर्ट मोड में पंजाब, खुले बोरवेल पर सख्त आदेश

होशियारपुर (घुम्मन). यहां के चक समाना गांव में एक बच्चे के बोरवेल में गिरने की घटना के बाद, डिप्टी कमिश्नर ने शनिवार को संबंधित विभागों को जिले भर में खुले बोरवेल की तुरंत पहचान करने और उन्हें ठीक से ढकने और कैपिंग करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए। सर्वे अगले सात दिनों में पूरा हो जाएगा। आदेशों के अनुसार, खुले और छोड़े गए बोरवेल इंसानी जीवन, खासकर बच्चों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने सभी सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM), तहसीलदार, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO), म्युनिसिपल काउंसिल, नगर कमेटियों और नगर पंचायतों को ग्रामीण और शहरी इलाकों सहित अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे सभी बोरवेल की तुरंत पहचान करने का निर्देश दिया। संबंधित एजेंसियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश देते हुए, डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि संबंधित विभाग और एजेंसियां ​​यह सुनिश्चित करें कि निर्देशों को पूरी सतर्कता के साथ लागू किया जाए। इसी तरह, शहरी इलाकों में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और काउंसिल को अपनी सीमा के अंदर ऐसे बोरवेल का सर्वे करने का निर्देश दिया गया है। कोई भी व्यक्ति, एजेंसी या डिपार्टमेंट जो इस ऑर्डर को मानने में लापरवाही करेगा, उस पर डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 और दूसरे लागू कानूनों, ऑर्डर के तहत सज़ा हो सकती है।

गोलियों की गूंज से कांपा जालंधर, पूर्व सैनिक के घर के बाहर फायरिंग से मचा हड़कंप

जालंधर.  जालंधर के पॉश इलाके में गोलियों की खबर सामने आई है। छोटी बारादरी इलाके में देर रात उस समय दहशत का माहौल बन गया जब मोटरसाइकिल सवार एक युवक ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जानकारी के मुताबिक, यह घटना छोटी बारादरी पार्ट-1 में स्थित मकान नंबर 325 के बाहर हुई। उक्त घर पूर्व सैनिक और ज्वैलर गुरदयाल सिंह कांडा का घर है। पीड़ित गुरदयाल सिंह खाना खाने के बाद अपने घर के बाहर टहल रहे थे। इसी बीच एक अज्ञात युवक मोटरसाइकिल पर आया और अचानक उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर ने करीब 5 राउंड गोलियां चलाईं और घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया। गोलियों की आवाज सुनकर इलाके के लोग डर गए। राहत की बात यह है कि इस फायरिंग में किसी के घायल होने या जान जाने की कोई खबर नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचकर इलाके को घेर लिया। सीनियर पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और घर के बाहर गोलियों के निशानों की जांच की। पुलिस हमलावर की पहचान के लिए इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज चेक कर रही है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि इस फायरिंग के पीछे हमलावर का मकसद क्या था। पुलिस हर एंगल से मामले की अच्छी तरह जांच कर रही है।