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बार-बार जमानत याचिका पर हाईकोर्ट की फटकार, प्रक्रिया का दुरुपयोग मानकर ठोका जुर्माना

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बिना किसी नए और ठोस आधार के दूसरी बार अग्रिम जमानत मांगने वाले एक आरोपित की याचिका खारिज करते हुए उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि परिस्थितियों में किसी वास्तविक बदलाव के बिना लगातार याचिकाएं दायर करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इससे न्याय व्यवस्था पर अनावश्यक बोझ पड़ता है। जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने घनश्याम जायसवाल द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश सुनाया। याचिकाकर्ता ने सोहाना थाना, जिला एसएएस नगर (मोहाली) में दर्ज धोखाधड़ी एवं अन्य धाराओं के मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी। इससे पहले भी उसकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट 23 अप्रैल 2026 को खारिज कर चुका था। ठोस जानकारी नहीं कर पाए पेश सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि पहली याचिका खारिज होने के बाद ऐसी कौन-सी नई परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, जिनके आधार पर दूसरी अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य मानी जा सके। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से कोई ऐसा ठोस बदलाव अदालत के समक्ष नहीं रखा जा सका। हाई कोर्ट ने अपने पूर्व के फैसलों और डिवीजन बेंच के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि केवल औपचारिक या महत्वहीन बदलावों के आधार पर दूसरी या लगातार अग्रिम जमानत याचिका दायर नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि सह-आरोपी की गिरफ्तारी, किसी अन्य आरोपी को जमानत मिलना, नए दस्तावेज पेश करना या बीमारी जैसे कारण स्वत बदली हुई परिस्थितियां नहीं माने जा सकते। न्यायिक प्रक्रिया का हुआ दुरुपयोग अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी आरोपी ने पहले जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान राहत न मिलने की आशंका के कारण उसे वापस ले लिया हो, तो बाद में उसी आधार पर दोबारा राहत मांगने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ता ने बिना किसी वास्तविक परिवर्तन के दूसरी याचिका दायर कर न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। इन टिप्पणियों के साथ हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन लायर्स फैमिली वेलफेयर फंड, चंडीगढ़ में जमा कराई जाए।

कनाडा से पंजाबियों को राहत! नए रिफ्यूजी नियम लागू, अवैध एंट्री के बाद भी मिलेगा असाइलम का मौका

जालंधर कनाडा में रह रहे पंजाबियों को कनाडा सरकार ने वीजा नियमों में राहत दी है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) ने बिल C-12 के तहत 6 नए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के अनुसार अब कनाडा पहुंचने के 14 दिन के अंदर शरणार्थी का दावा किया जा सकता हैं।  IRCC के अनुसार, ये बदलाव सिस्टम में बढ़ रहे आवेदनों के बोझ को कम करने, प्रशासनिक देरी को समाप्त करने और इमिग्रेशन व्यवस्था सही करने के लिए किए गए हैं। इससे केवल जरूरतमंदों को समय पर सुरक्षा मिल सकेगी। इन बदलावों से जो लोग तय समय-सीमा के कारण अयोग्य माने जाएंगे, उनके लिए भी प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट (PRRA) का सुरक्षा विकल्प बरकरार रहेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी को भी ऐसे स्थान पर न भेजा जाए, जहां उसे जान का जोखिम हो। पहले रिफ्यूजी वीजा के लिए अप्लाई करने की सीमा एक साल थी। इससे इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) के पास पेंडिंग मामलों का अंबार लग गया था। इससे वास्तविक जरूरतमंदों को भी सुनवाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कनाडा इमिग्रेशन के 6 प्रमुख बदलाव…     शरणार्थी दावे के लिए एक साल का नियम: अब कोई भी व्यक्ति कनाडा में आने के एक साल के भीतर ही शरण (Asylum claim) के लिए दावा कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति कनाडा में आने के एक साल बाद दावा करता है, तो उसके मामले को इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) के पास नहीं भेजा जाएगा और वह अयोग्य माना जाएगा।     अवैध रूप से सीमा पार करने वालों के लिए 14 दिन की समय-सीमा: यदि कोई व्यक्ति अमेरिका से कनाडा की सीमा को आधिकारिक चेकपोस्ट से अलग किसी अन्य रास्ते से पार करता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर शरण का दावा करना अनिवार्य है। 14 दिनों के बाद किए गए दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।     आवेदन प्रक्रिया का आधुनिकीकरण: शरणार्थी प्रणाली को तेज और आसान बनाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार केवल उन्हीं आवेदनों को स्वीकार करेगी, जो पूरी तरह से दस्तावेजों के साथ तैयार होंगे, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।     डेटा साझा करने का अधिकार: अब इमिग्रेशन विभाग (IRCC) के पास यह कानूनी अधिकार है कि वह शरणार्थियों से संबंधित जानकारी अन्य सरकारी विभागों (प्रांतीय और संघीय) के साथ साझा कर सके। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं में बेहतर तालमेल बिठाना और सुरक्षा को पुख्ता करना है।     इमिग्रेशन दस्तावेजों में किया जा सकता बदलाव: जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार के पास अब वीजा, वर्क परमिट या स्टडी परमिट जैसे दस्तावेजों को रद्द करने, निलंबित करने या बदलने की व्यापक शक्तियां हैं। ऐसा कोई भी निर्णय लेने से पहले सरकार को संसद में इसकी जानकारी देनी होगी।     देश निकाले से पहले जोखिम का मूल्यांकन होगा: जो लोग नए नियमों के कारण शरण के लिए अयोग्य पाए जाते हैं, उनके लिए भी एक सुरक्षा विकल्प मौजूद है। इसे प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट कहते हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी को भी ऐसे देश में वापस न भेजा जाए, जहां उसे जान का खतरा या उत्पीड़न का डर हो। आपराधिक मामले में छूट नहीं मिलेगी रिफ्यूजी के लिए वे लोग अप्लाई करते हैं जो कनाडा के नियम पूरे न करने पर (पूरा टैक्स न देने, पेपर क्लीयर न करने के कारण) अपना पीआर अप्लाई नहीं कर पाते। रिफ्यूजी के तहत बिना पीआर के भी रह सकते हैं। हालांकि, आपराधिक मामले में छूट नहीं मिलेगी।

नहर टूटने से गुरदासपुर में हाहाकार, कई घर जलमग्न; बाढ़ जैसे बने हालात

गुरदासपुर. पंजाब सरकार की ओर से नहरों को मजबूत करने और सिंचाई व्यवस्था बेहतर बनाने के किए जा रहे दावों के बीच गुरदासपुर जिले के सठियाली हेड वर्क्स के पास अपर बारी दोआब नहर में बड़ा कटाव हो गया। नहर में करीब 40 फीट से अधिक चौड़ा कट लगने के कारण पानी आसपास के घरों, खेतों और रिहायशी इलाकों में फैल गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार नहर रात के समय टूटी। नहर विश्राम गृह में रहने वाले प्रवासी मजदूरों ने बताया कि रात करीब 3 बजे अचानक उनके कमरों में पानी भरना शुरू हो गया। इसके बाद पता चला कि नहर टूट चुकी है। तेज बहाव के साथ पानी श्री हरगोबिंदपुर-गुरदासपुर मार्ग को पार करता हुआ आसपास के घरों और खेतों में जा घुसा। नहर टूटने से किसानों की हाल ही में लगाई गई धान की फसल पूरी तरह पानी की चपेट में आ गई है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और प्रभावित परिवारों के लिए हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रभावित निवासी तरसेम सिंह, सुरजीत सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि घरों में पानी घुसने से खाने के लिए रखी गेहूं, घरेलू सामान और अन्य कीमती वस्तुएं खराब हो गई हैं। प्रभावित लोगों और किसानों ने पंजाब सरकार से की मांग  उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन अभी करना संभव नहीं है, लेकिन यह लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। इस संबंध में मौके पर मौजूद नहरी विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने तुरंत कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, एक निजी ठेकेदार की भारी पोकलेन मशीनों की मदद से नहर के कटाव को बंद करने का काम जारी है। हालांकि नहर में पानी का बहाव लगातार जारी रहने के कारण मरम्मत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले लगाई गई धान की फसल पानी में डूब गई है और इसके बचने की संभावना बेहद कम है। किसानों ने चिंता जताई कि उनके पास दोबारा धान लगाने न तो पौध उपलब्ध है और न ही नुकसान की भरपाई का कोई भरोसा दिया गया है। प्रभावित लोगों और किसानों ने पंजाब सरकार तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तुरंत सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए और नहर की मजबूती के लिए स्थायी प्रबंध किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

भीषण गर्मी से पंजाब बेहाल, पारा 42.5 डिग्री पार; थर्मल प्लांट बंद होने से बिजली संकट गहराया

चंडीगढ़  पंजाब में पारा 42.5 डिग्री पहुंच गया। हालांकि देर शाम कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ने गर्मी से राहत दिलाई। पंजाब में तापमान 1.5 डिग्री की वृद्धि के साथ सामान्य से 2.1 डिग्री ऊपर हो गया है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।  मौसम विभाग ने अगले तीन दिन के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान पंजाब में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 25 जून से पंजाब में मौसम शुष्क बन जाएगा। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे कम 22.8 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। पंजाब में 42.5 डिग्री के साथ बठिंडा सबसे ज्यादा तपा। अमृतसर का अधिकतम पारा 38.3 डिग्री, लुधियाना का 39.8 डिग्री, पटियाला का 40.6 डिग्री, पठानकोट का 39.9 डिग्री, बठिंडा का 42.5 डिग्री, फिरोजपुर का 39.0 डिग्री, फाजिल्का का 40.6 डिग्री, होशियारपुर का 37.1 डिग्री, एसबीएस नगर का 37.3 डिग्री और रूपनगर का 39.1 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 27.1 डिग्री, लुधियाना का 29.0 डिग्री, पटियाला का 28.0 डिग्री, पठानकोट का 26.8 डिग्री, बठिंडा का 28.0 डिग्री, फाजिल्का का 26.1 डिग्री, फिरोजपुर का 27.0 डिग्री, होशियारपुर का 24.2 डिग्री दर्ज किया गया। बिजली संकट गहराया  भीषण गर्मी और धान सीजन के मध्य सूबे में बिजली संकट गहरा गया है। 920 मेगावाट की क्षमता वाले लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट की सभी चार यूनिट बंद हो गई हैं। इसके अलावा गोइंदवाल थर्मल का 270 मेगावाट की दो नंबर यूनिट और रोपड़ थर्मल प्लांट की 210 मेगावाट की क्षमता की 4 नंबर यूनिट भी बॉयलर ट्यूब में लीकेज के चलते बंद है।  सरकारी क्षेत्र के सभी तीन थर्मल प्लांटों के छह यूनिट बंद पड़ने से कुल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन बंद पड़ गया है। वहीं रविवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 15568 मेगावाट दर्ज की गई। लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट की तीन यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं, वहीं चौथी यूनिट भारी मात्रा में राख जमा होने के कारण ठप पड़ गई है। प्लांट के पूरी तरह से बंद होने का मुख्य कारण मुलाजिमों की हड़ताल को माना जा रहा है। थर्मल प्लांट के करीब 1800 ठेका मुलाजिम इस समय हड़ताल पर हैं। मुलाजिम मांग कर रहे हैं कि उन्हें ठेकेदारों के अधीन रखने के बजाय सीधे तौर पर पावरकाॅम के ठेके पर लिया जाए। ठेका मुलाजिमों का यह आंदोलन हालांकि 9 जून से चल रहा है लेकिन 16 जून से सभी मुलाजिम मुकम्मल हड़ताल पर चले गए हैं। इसके मद्देनजर प्लांट प्रबंधन ने जमा हुई राख को तुरंत साफ करने और बिजली उत्पादन दोबारा बहाल करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की मांग की है। प्लांट में करीब 500 रेगुलर मुलाजिम हैं जिनमें से करीब आधे केवल दफ्तरी कामों में लगे हुए हैं। इस कारण फील्ड के काम के लिए स्टाफ की बड़ी कमी आ रही है।  अघोषित कट भी लगने की संभावना  रविवार को पावरकाॅम के पास केवल 4143 मेगावाट बिजली की ही उपलब्धता रही। इसमें से प्रमुख तौर पर प्राइवेट क्षेत्र के तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल प्लांटों से 3023 मेगावाट, सरकारी क्षेत्र के थर्मलों से मात्र 609 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 369 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई। पावरकाॅम अधिकारियों के मुताबिक गर्मी के इस पीक सीजन में पावरकाॅम को सस्ती बिजली अपने थर्मल प्लांटों से मिलनी थी लेकिन तकनीकी खराबी के चलते छह यूनिट बंद होने से अब बाहर से महंगे दामों में बिजली खरीदनी पड़ रही है। अधिकारियों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर 10 रुपये प्रति यूनिट तक के दामों पर बाहर से बिजली खरीदी जा रही है। बिजली की मांग को 16000 मेगावाट से कम रखने के लिए अघोषित कट भी लगाए जा सकते हैं।  

सुरक्षा को प्राथमिकता: विकास मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने का फैसला, पैदल और साइकिल चालकों को फायदा

चंडीगढ़. शहर के दक्षिणी सेक्टरों में अंधेरे में डूबी साइकिल ट्रैकों को रोशन करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने करीब 1.95 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट परियोजना शुरू करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा बढ़ाना तथा झपटमारी और लूटपाट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना है। परियोजना के तहत विकास मार्ग पर सेक्टर 39/56, 55/40, 54/41, 53/42, 52/43, 51/44, 50/45, 49/46 और 48/47 के बीच स्थित साइकिल ट्रैकों पर प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इन इलाकों में लंबे समय से पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई थीं। हाल के वर्षों में इन अंधेरे मार्गों पर कई झपटमारी और लूट के प्रयास सामने आए हैं। मार्च में सेक्टर-56 के पास एक व्यक्ति से सामान छीने जाने की घटना हुई थी, जबकि पिछले वर्ष सेक्टर-39 के निकट साइकिल ट्रैक पर एक राहगीर को खिलौना पिस्तौल दिखाकर लूटने का प्रयास किया गया था। शहर में 200 किलोमीटर से अधिक लंबा साइकिल ट्रैक नेटवर्क है, लेकिन दक्षिणी सेक्टरों में कई ट्रैक सुनसान क्षेत्रों, खाली प्लिटों और घने पेड़ों वाले इलाकों से होकर गुजरते हैं, जहां शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। पुलिस रिकॉर्ड भी बताते हैं कि अपराधी ऐसे कम रोशनी वाले और कम आवाजाही वाले क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि नई स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से दृश्यता बढ़ेगी, सुरक्षा मजबूत होगी और रात के समय साइकिल ट्रैकों का उपयोग अधिक सुरक्षित बन सकेगा।

राहुल गांधी का पंजाब कांग्रेस को कड़ा संदेश! गुटबाजी छोड़ने की नसीहत, 5 दिग्गज नेताओं संग बैठक

 चंडीगढ़ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले  पंजाब कांग्रेस के पांच नेताओं के साथ अहम बैठक की।  इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को समाप्त करना था। राहुल ने वरिष्ठ नेताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और विजय इंदर सिंगला समेत अन्य नेता शामिल थे। बाजवा ने बताया कि राहुल गांधी ने सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। संगठनात्मक बदलाव का फैसला राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया है। पंजाब की जनता कांग्रेस को एक और अवसर देने के लिए तैयार है।  उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन का हवाला दिया। कांग्रेस ने तब 14 में से 8 संसदीय सीटें जीती थीं, जिनमें सात पंजाब की थीं। बाजवा के अनुसार, एकजुट होकर कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में 70 से 80 सीटें जीत सकती है। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां  पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बताया कि यह बैठक 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए थी। सभी नेताओं ने इसमें अपनी राय रखी। वड़िंग ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान नितिन नबीन के पंजाब दौरे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा का पंजाब में जबरदस्ती करने का सपना पूरा नहीं होगा। पंजाब के लोग ऐसी किसी भी जबरदस्ती को बर्दाश्त नहीं करेंगे। संगठनात्मक बदलाव पर मंथन  पार्टी में प्रधान पद में बदलाव को लेकर भी चर्चा चल रही है। सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर विचार हो रहा है। पार्टी आलाकमान इन दोनों नामों पर गहन मंथन कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करना पार्टी आलाकमान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पार्टी ने गुटबाजी पर सख्त रुख अपनाया है। राहुल ने पहले भी पंजाब दौरे के दौरान चेतावनी दी थी कि जो नेता काम नहीं करेगा, उसे घर बैठा दिया जाएगा। नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें  बैठक से पहले पर्यवेक्षकों ने भी नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें की थीं। इन बैठकों में सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और जिला प्रधान शामिल थे। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले समय मांगा था। उन्होंने बैठक के दौरान अपनी बात विस्तार से रखी। ये बैठकें नेताओं की व्यक्तिगत राय जानने के लिए महत्वपूर्ण थीं।  

कैशियर मर्डर केस में बड़ा खुलासा, सूटकेस से शूटरों तक पहुंची पुलिस; 500 CCTV फुटेज खंगाले

चंडीगढ़.  सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में एक साधारण सा सिल्वर रंग सूटकेस पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ। हत्या के बाद फरार हुए शूटरों की तलाश में जुटी चंडीगढ़ पुलिस को विभिन्न स्थानों से मिली सीसीटीवी फुटेज में आरोपित बार-बार एक ही सूटकेस के साथ नजर आए। इसी सूटकेस ने पुलिस को उनकी गतिविधियों का पीछा करने और अंततः उनकी पहचान तक पहुंचने में मदद की। जांच के दौरान पता चला कि हत्या के बाद आरोपित चंडीगढ़ से दिल्ली भाग गए थे। दिल्ली के पहाड़गंज में एक होटल में ठहरने के बाद आरोपित ट्रेन के जरिए जम्मू पहुंच गए। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज, यात्रा रिकाॅर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही थी। इस दौरान हर अहम फुटेज में आरोपितों के हाथ में सिल्वर रंग का एक सूटकेस नजर आ रहा था। इसी सूटकेस के जरिए पुलिस को उनकी लोकेशन का पता चलता रहा। इससे उनकी पहचान करने में भी आसानी होती रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ी और जम्मू-कश्मीर में आरोपितों की मौजूदगी का पता चला। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू पुलिस के साथ मिलकर उनके ठिकानों पर दबिश दी और तीनों आरोपितों आर्यन, सन्नी मेहरा और अमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को आरोपितों तक पहुंचने में पांच दिन लग गए, लेकिन पुलिस ने इस केस में बड़ी कामयाबी हासिल की। एनकाउंटर में पुलिस ने पैर में मारी गोली चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू से आर्यन और सन्नी का ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और फिर इन्हें चंडीगढ़ लाया गया। चंडीगढ़ पहुंचते ही धनास के पास क्राइम ब्रांच की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। इस दौरान दोनों शूटरों ने भागने की कोशिश की। उन्होंने एक पिस्टल उठाकर पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी हमले में पुलिस ने भी फायरिंग कर दी। इस दौरान दोनों के पैर में गोली लग गई। इसके बाद उन्हें पीजीआई में भर्ती किया गया था। पीजीआई में उनका इलाज चला जिसके बाद उन्हें सेक्टर-16 के अस्पताल में भेज दिया गया। पुलिस इस मामले में तीसरे आरोपित अमित को भी पकड़ चुकी है, जोकि फिलहाल जम्मू पुलिस के पास सात दिन के रिमांड पर है। दिनदहाड़े की थी कैशियर की हत्या 13 जून को गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के इशारे पर दो शूटर सेक्टर-11 की मार्केट पहुंचे। यहां वह अलग-अलग केमिस्ट की दुकानों पर रेकी करते रहे। फिर अचानक एससीओ नंबर-14 के श्री कुमार केमिस्ट में मास्क पहनकर पहुंचे। तभी उन्होंने कैशियर जानकी दास पर दो सेकेंड में 13 राउंड फायर कर दिए। उनकी मौके पर मौत हो गई थी। इसके बाद शूटर दुकान से भागे और उनका एक साथी बाइक पर उनका इंतजार कर रहा था। तीनों बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए थे। चंडीगढ़ में ही 100 से ज्यादा कैमर जांचे वारदात को अंजाम देकर आरोपित कजहेड़ी पहुंचे थे। जहां उन्होंने कपड़े बदले और फिर वह बस से दिल्ली पहुंच गए। वहां एक होटल में रुकने के बाद आरोपित ट्रेन पकड़कर जम्मू के लिए रवाना हो गए थे। चंडीगढ़ पुलिस के पास आरोपितों को पकड़ने का एक ही जरिया था, सीसीटीवी कैमरे। पुलिस ने चंडीगढ़ से दिल्ली और जम्मू तक रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। चंडीगढ़ में ही पुलिस ने 100 से ज्यादा कैमरों की जांच की। इस दौरान आरोपित चंडीगढ़ में 12 सीसीटीवी कैमरों में नजर आए। चंडीगढ़ से जम्मू तक हर फुटेज में उनके हाथ में सूटकेस नजर आ रहा था।

पंजाब की महिलाओं को बड़ी सौगात! 1 जुलाई से खातों में ट्रांसफर होगी ‘सत्कार राशि’

फतेहगढ़ साहिब महिला आर्थिक सशक्तिकरण की ओर ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और पहली जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की माओं-बहनों को 4500 रुपये मिलेंगे, जबकि बाकी सभी श्रेणियों की महिलाओं को 3000 रुपये दिए जाएंगे। सीएम बोले पंजाब में रहेगी आप सरकार फतेहगढ़ साहिब हलके के गांव चनारथल कलां में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल महिलाओं के सम्मान, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए 'आप' सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक पंजाब में 'आप' सरकार रहेगी, यह सहायता बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। किन महिलाओं के खातों में आएगी राशि फतेहगढ़ साहिब में 'लोक मिलनी' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 9 दिन बाद पहली जुलाई को 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर उनके खातों में वित्तीय सहायता जमा होने के नोटिफिकेशन प्राप्त होंगे। जनरल श्रेणी से संबंधित महिलाओं को 1,000 प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 प्रति माह मिलेंगे। यह पैसा बिना किसी मध्यस्थ के सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसके लिए ₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।" एक साथ आएगी तीन महीने की किस्त चनार्थल कलां गांव में 'लोक मिलनी' (जन-संवाद) कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लाभार्थियों को पहली किस्त के तौर पर तीन महीने का भुगतान मिलेगा. इसका मतलब है कि 1 जुलाई को अनुसूचित जाति की महिलाओं के बैंक खातों में 4,500 रुपये और सामान्य श्रेणी की महिलाओं के खातों में 3,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि 1 जुलाई को महिला लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर सूचना मिलेगी कि उनके खातों में आर्थिक सहायता जमा कर दी गई है. उन्होंने बताया कि 'मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत तीन महीने की आर्थिक सहायता एक साथ दी जाएगी. पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए 9300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।  कुछ खास श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है. जिनमें केंद्र सरकार या देश के किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की नियमित या सेवानिवृत्त कर्मचारी, विधायक (MLA) या सांसद (MP) या किसी मौजूदा मंत्री, सांसद या विधायक की पत्नी शामिल हैं. प्रति महिला 1,000 रुपये की मासिक सहायता 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) का एक प्रमुख वादा था।  CM मान ने विपक्ष पर भी बोला हमला मान ने आगे कहा कि उनकी सरकार चल रही SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान किसी भी असली मतदाता का नाम सूची से नहीं हटने देगी. उन्होंने कहा, "मैं लोगों को सावधान करना चाहता हूं कि BJP, SIR प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल करके वैध वोट हटवाने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले दूसरे राज्यों में हुआ है. हालांकि, हम पूरी तरह सतर्क हैं और भगवा पार्टी के बुरे मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे. पंजाब के हर असली वोटर की सुरक्षा की जाएगी।  विरोधी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे कभी आम लोगों से नहीं मिलते थे. उन्होंने कहा, "वे अपने आलीशान घरों से तभी बाहर निकलते थे, जब तापमान की जांच कर लेते थे. दूसरी ओर मैं लोगों के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहता हूं. जनसेवा मेरे लिए कभी-कभार करने वाला काम नहीं है, यह मेरी ज़िम्मेदारी है।  महिलाएं सम्मान की हकदार मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह निश्चित रूप से उन्हें सम्मान, स्वाभिमान और आत्म-विश्वास देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन की स्रोत हैं। माताओं-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद करते हैं। घरेलू दर्जे को सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना बहुत जरूरी है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो परिवार खुशहाल होते हैं और समाज आगे बढ़ता है। एसआईआर पर भी दी प्रतिक्रिया एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत चुनाव आयोग द्वारा चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पंजाब सरकार किसी भी असली वोट को काटने नहीं देगी। मैं लोगों को सचेत करना चाहता हूं कि भाजपा वैध वोटों को काटने के लिए एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले अन्य राज्यों में हुआ है। हालांकि, हम पूरी तरह से सतर्क हैं और भगवा पार्टी के नापाक इरादों को सफल नहीं होने देंगे। पंजाब के हर असली मतदाता की रक्षा की जाएगी।

नितिन नबीन का पंजाब दौरा आज खत्म, लुधियाना में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ करेंगे अहम बैठक

लुधियाना  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पंजाब दाैरे का आज अंतिम दिन है। नबीन आज लुधियाना में कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इससे पहले नबीन ने सब सर्किल कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।नबीन ने कहा कि पंजाब की जनता ने अब तक कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी सभी को अवसर दिया है अब भाजपा को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा वर्ष 2047 तक भारत के साथ-साथ पंजाब को भी विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा चुका है और पंजाब के खोए गौरव और प्रतिष्ठा को वापस लाया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार गुरुओं और सिख मर्यादाओं का अपमान कर रही है। नबीन ने कहा कि यह सरकार पंजाब के लिए अभिशाप बन चुकी है और अब इसे बदलने का समय आ गया है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के बाद राज्य में डबल इंजन की सरकार बनेगी जो विकास की नई गाथा लिखेगी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में पंजाब बसता है और पंजाब के लोगों का भरोसा भी मोदी पर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और हर घर तक पहुंच बनाने का मंत्र दिया। साथ ही उन्होंने मौजूदा सरकार की नाकामियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। नबीन ने कहा कि वर्ष 1984 में पार्टी के केवल दो सांसद थे जबकि आज 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा की सरकार है। इसी तरह पंजाब में भी बदलाव तय है और जनता अब परिवर्तन के मूड में है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में महाराजा रणजीत सिंह जैसे सुशासन का मॉडल लागू करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से पंजाब को 1.87 लाख करोड़ रुपये मिले लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हुआ। राज्य पर चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज चढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हर पैसे का हिसाब लिया जाएगा क्योंकि यह जनता का धन है। लुधियाना पहुंचने पर जालंधर बाईपास चौक में उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने पार्टी के जिला कार्यालय का उद्घाटन किया और उद्योगपतियों से संवाद कर पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने का भरोसा दिलाया।

जेल के भीतर मोबाइल फोन बरामद, फरीदकोट में 5 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज

फरीदकोट. केंद्रीय जेल फरीदकोट में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने के लिए की गई अचानक तलाशी के दौरान 6 मोबाइल फोन बरामद होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में थाना सिटी पुलिस ने 2 हवालातियों और 3 बंदियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सहायक सुपरिटेंडेंट भिवमतेज सिंगला द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया कि डिप्टी सुपरिटेंडेंट (सिक्योरिटी) रवि कुमार की निगरानी में जेल के विभिन्न ब्लॉकों और बैरकों की अचानक तलाशी ली गई। इस दौरान हवालाती गगनदीप सिंह निवासी कोटकपूरा, हवालाती धर्मपाल निवासी जिला श्री मुक्तसर साहिब, बंदी हरमनप्रीत सिंह निवासी जिला फाजिल्का तथा बंदी मनप्रीत सिंह निवासी जिला मोगा के कब्जे से 2 टच स्क्रीन और 3 कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए गए। सहायक सुपरिटेंडेंट प्रभदयाल सिंह द्वारा इसी दौरान दी गई सूचना के आधार पर की गई एक अन्य अचानक तलाशी के दौरान सिक्योरिटी जोन के ब्लॉक-बी की बैरक नंबर 6 में बंदी नवजोत सिंह निवासी जिला बरनाला के कब्जे से एक टच स्क्रीन मोबाइल फोन बरामद हुआ। दोनों मामलों में जेल प्रशासन द्वारा थाना सिटी फरीदकोट को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस ने जेल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर लिए। मामलों की जांच सहायक थानेदार गुरपाल सिंह, इन्वेस्टिगेशन विंग फरीदकोट द्वारा की जा रही है।