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Punjab Women Police: महिला पुलिसकर्मी पंजाब में बड़े अभियानों का नेतृत्व कर रही हैं, ऑपरेशन प्रहार से गैंगस्टर तक

चंडीगढ़   गैंगस्टर-विरोधी महत्वपूर्ण मुहिमों की निगरानी से लेकर समुदाय-केंद्रित पहलों का नेतृत्व करने तक, पंजाब पुलिस की महिला अधिकारी न केवल आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर रही हैं बल्कि पुलिस के भीतर नेतृत्व की नयी परिभाषा गढ़ रही हैं। नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति ने पंजाब पुलिस को देश की सबसे प्रगतिशील कानून प्रवर्तन एजेंसियों में से एक बना दिया है। अधिकारियों ने बताया कि महिला अधिकारी वर्तमान में 'गैंगस्ट्रां ते वार' और 'ऑपरेशन प्रहार' जैसे प्रमुख अभियानों की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि ये अधिकारी न केवल राज्य को अपराध से बचा रही हैं बल्कि युवा महिलाओं की एक नई पीढ़ी को कानून प्रवर्तन में करियर बनाने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। वर्तमान में पुलिस के विशेष महानिदेशक (एसडीजीपी) से लेकर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) तक विभिन्न पदों पर 79 महिला अधिकारी तैनात हैं। पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक पंजाब पुलिस में चार एसडीजीपी, एक अपर डीजीपी (पुलिस महानिदेशक), दो पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), दो उप आईजी, 18 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/सहायक आईजी, 23 पुलिस अधीक्षक (एसपी), एक सहायक एसपी तथा 28 उप एसपी शामिल हैं। इन 79 अधिकारियों में से पांच अधिकारी फील्ड ड्यूटी पर तैनात हैं, जिसके तहत उन्हें 'गैंगस्ट्रां ते वार' सहित विभिन्न अभियानों की निगरानी और उनमें भागीदारी करनी होती है। बयान में कहा गया है कि ये अधिकारी अपराध से निपटने के लिए लगन से काम करते हैं, वहीं उनके परिवार और टीम के सदस्य उनके योगदान पर गर्व करते हैं। मजबूत शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यताओं के साथ पुलिस में शामिल होने वाली महिला अधिकारियों ने परिचालन और प्रशासनिक भूमिकाओं में सक्षम नेताओं के रूप में खुद को जल्दी ही स्थापित कर लिया है। फरीदकोट की एसएसपी प्रज्ञा जैन ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक पुलिसिंग की पहचान योग्यता और समन्वय से होती है, न कि लैंगिक पहचान से। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि महिला अधिकारी हर स्तर पर अपना योगदान दे रही हैं। फरीदकोट रेंज की पुलिस महानिरीक्षक, नीलम्बरी जगदाले ने इस बात पर जोर दिया कि 'गैंगस्ट्रां ते वार' अभियान आपराधिक तंत्र को जड़ से खत्म करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के दृढ़ संकल्प के साथ पुलिस की टीम राज्य भर में माफियाओं, उनके सहयोगियों, उनके रिश्तेदारों, असामाजिक तत्वों, मादक पदार्थों के तस्करों और संगठित आपराधिक समूहों के खिलाफ लगातार लक्षित और कड़ी कार्रवाई कर रही हैं।

पंजाब में कल किसानों का रेल रोको आंदोलन, गेहूं खरीद में देरी के खिलाफ तीन घंटे तक ट्रेनें रोकी जाएंगी

चंडीगढ़  केंद्र की एजेंसियों द्वारा पंजाब में गेहूं की खरीद ठप होने के विरोध में आजाद किसान मोर्चा (एकेएम ) ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है।  मोर्चे के वरिष्ठ नेताओं सुख गिल मोगा, सतनाम सिंह हरिके, जसबीर सिंह आहलूवालिया, परमजीत सिंह जब्बोवाल और नछत्तर सिंह ने कहा कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पूरे पंजाब में रेलों का चक्का जाम किया जाएगा। नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़ी विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। इस दौरान राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से रेल यातायात रोककर सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाई जाएगी। सुख गिल मोगा ने कहा कि गेहूं की खरीद में हो रही देरी के कारण किसानों को मंडियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों की लापरवाही के चलते अनाज मंडियों में पड़ा है, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की कि गेहूं की खरीद तुरंत शुरू की जाए, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोर्चे ने किसानों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं, ताकि मंडियों में पड़ी गेहूं की फसल को खराब होने से बचाया जा सके और सरकारों को सबक सिखाया जा सके। इस मौके पर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें बीकेयू, पंजाब किसान यूनियन, बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान मजदूर यूनियन समेत कई जत्थेबंदियों के नेता शामिल थे।

लहरागागा के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में ओपीडी और आईपीडी सेवाओं की शुरुआत

लहरागागा  पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल द्वारा लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के पंजाब सरकार के ऐतिहासिक फैसले की दिशा में पहला कदम उठाते हुए, यहां के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं सहित ओपीडी और आईपीडी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। लहरागागा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि ये मेडिकल सेवाएं जनहित ट्रस्ट के यूनिट आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च द्वारा प्रदान की जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस संस्था को किसी भी रूप में निजी हाथों में नहीं दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है, और इसी उद्देश्य से इसे जनहित ट्रस्ट को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के प्रयासों से बंद पड़े बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में पुनः शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन अब सरकार इस क्षेत्र में विशेष ध्यान दे रही है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अगले साल से मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की कक्षाएं शुरू होंगी, साथ ही एमडी और एमएस की पढ़ाई भी शुरू की जाएगी। इससे क्षेत्र के योग्य छात्रों को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले आपातकालीन सेवाओं की कमी के कारण मरीजों को संगरूर या पटियाला जाना पड़ता था, जिससे कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण जान का नुकसान हो जाता था। अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर औरo आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होंगी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश और सीटों का वितरण राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किया जाएगा। सभी श्रेणियों के लिए फीस भी सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही ली जाएगी। इस मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों की क्षमता और कम से कम 440 बेड होंगे।  

पंजाब में बम धमाके की साजिश को नाकाम किया, विदेशी कनेक्शन वाले आरोपी से 4 ग्रेनेड बरामद, चंडीगढ़ हमले से लिंक

अमृतसर  पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब को देहलाने की बड़ी साजिश नाकाम कर दी है। काउंटर इंटेलिजेंस विंग और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए अभियान में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई अमृतसर और मोहाली में आपसी समन्वय के साथ की गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चार हैंड ग्रेनेड, दो विदेशी निर्मित पिस्तौल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं। इस बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी विदेश में बैठे संचालकों के संपर्क में था और उसे लगातार निर्देश मिल रहे थे। पुलिस का मानना है कि इस मॉड्यूल के तार हाल ही में चंडीगढ़ में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी गहन जांच जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। हथियारों और ग्रेनेड की बड़ी बरामदगी पंजाब DGP गौरव यादव ने अपने X हैडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरोपी के कब्जे से चार हैंड ग्रेनेड, दो विदेशी निर्मित पिस्तौल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। यह बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे संभावित बड़े आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों का संकेत मिलता है। FIR दर्ज, पूरे नेटवर्क की जांच जारी इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने, उन्हें ट्रैक करने और गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच में जुटी हुई है। पंजाब पुलिस ने कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संगठित अपराध तथा आतंकवादी गतिविधियों को समाप्त करना उनकी प्राथमिकता है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस कार्रवाई से बड़ी घटना टली पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्रवाई से एक बड़ी घटना को टाला जा सका है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आतंकी या संगठित आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। छापेमारी अभी भी जारी पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने, उनके ठिकानों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।  

कनाडा में पंजाबी लेडी रेडियो होस्ट को मिली सजा, ₹83 करोड़ की ड्रग्स के साथ गिरफ्तार, गिरोह से जुड़े राज का खुलासा

अमृतसर कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाबी रेडियो होस्ट सुखविंदर कौर संघा (47) को नशा तस्करी के मामले में साढ़े पांच साल की सजा सुनाई है। संघा को 108 किलोग्राम मेथामफेटामाइन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसकी बाजार कीमत करीब 83 करोड़ रुपए आंकी गई। मूल रूप से पंजाब के जालंधर जिले के नकोदर से संबंध रखने वाली संघा कनाडा के प्रिंस जॉर्ज में जन्मी थीं और पिछले एक दशक में पंजाबी मीडिया जगत में एक चर्चित चेहरा बन चुकी थीं। सीमा पर रोकने पर भागने की कोशिश अक्टूबर 2021 में संघा फ्लोरिडा नंबर प्लेट वाली एक रेंटल कार में अमेरिका से कनाडा में प्रवेश कर रही थीं। सरे स्थित सीमा चौकी पर जब कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने उन्हें सेकेंडरी जांच के लिए रोका, तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय कार तेज गति से भगा ली। इस घटना के बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस ने पीछा कर किया गिरफ्तार संघा की कार का पीछा करते हुए पुलिस ने उन्हें सरे की 16वीं एवेन्यू पर पकड़ लिया। जब कार की तलाशी ली गई, तो उसमें चार डफल बैग बरामद हुए, जिनमें 108 किलोग्राम मेथामफेटामाइन भरी हुई थी। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया और यह मामला बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना गया। कोर्ट में बचाव के दावे खारिज अदालत में सुनवाई के दौरान संघा ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह अपनी मौसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाशिंगटन गई थीं और वहां उन्हें धमकाकर इस काम के लिए मजबूर किया गया। हालांकि जस्टिस जॉन गिब-कार्सले ने उनके इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य उनके बयान से मेल नहीं खाते। मोबाइल मैसेज बने अहम सबूत जांच के दौरान संघा के मोबाइल फोन से मिले टेक्स्ट मैसेज इस मामले में निर्णायक साबित हुए। इन मैसेज से स्पष्ट हुआ कि वह तस्करी में अपनी मर्जी से शामिल थीं और गिरोह की एक भरोसेमंद सदस्य के रूप में काम कर रही थीं। कोर्ट ने यह भी माना कि वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रह चुकी थीं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी न्यू वेस्टमिंस्टर की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नशीले पदार्थों का कारोबार समाज के लिए बेहद खतरनाक है और इसके गंभीर परिणाम होते हैं। जज ने उम्मीद जताई कि संघा जेल में बिताए समय का उपयोग आत्मचिंतन के लिए करेंगी। यह मामला ब्रिटिश कोलंबिया के पंजाबी समुदाय के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि संघा अपने शो में अक्सर अपराध के खिलाफ आवाज उठाती थीं।

Amritpal Singh Case: पंजाब सरकार पहुंची हाईकोर्ट, सांसद के खिलाफ दाखिल की याचिका

चंडीगढ़. खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह पर लगा NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) जल्द ही खत्म होने वाला है। यह मुद्दा राजनीति गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पंजाब सरकार ने अमृतपाल पर लगे एन.एस.ए. के हटने से पहले ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। अमृतपाल पर लगा NSA अभी हटा भी नहीं है कि पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की अपनी में दलील दी है कि अमृतपाल पर लगे एन.एस.ए. के हटने के बाद भी उसे डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए। पंजाब सरकार ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उक्त याचिका दायर की है। पंजाब सरकार का कहना है कि अमृतपाल पंजाब के लिए खतरा साबित हो सकता है इसलिए उसे असम में ही रहने देना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखा पत्र पंजाब सरकार ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में भी सरकार ने पंजाब में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर अमृतपाल को NSA हटने के बाद भी डिब्रूगढ़ जेल में रखने की अपील की है। बता दें कि अमृतपाल पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 22 अप्रैल को खत्म होने जा रहा है। इससे पहले ही पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट और केंद्रीय गृह मंत्रालय में अमृतपाल को जेल में रखने की अपील कर दी है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में इस बारे में क्या फैसला लिया जाता है। गौरतलब है कि जब से अमृतपाल सिंह ने खडूर साहिब से सांसद के तौर पर शपथ ली है तब से NSA के कारण वह एक बार भी संसद की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाया।

बटाला में ₹176.91 करोड़ के प्रोजेक्टों का उद्घाटन, CM बोले- हमारी पार्टी लोगों के लिए कर रही काम

बटाला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार को बटाला पहुंचे। इस दौरान भगवंत मान ने 176.91 करोड़ के विकास कार्यों की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नगर निगम बटाला के अधीन 95.72 करोड़ की लागत के विकास कार्यों की शुरुआत की। इसके अलावा, उन्होंने पंजाब मंडी बोर्ड के अधीन 16.10 करोड़ की लागत के विकास कार्यों की भी शुरुआत की। वहीं मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधीन 65.09 करोड़ की राशि से बनने वाली सड़कों का नींव पत्थर रखा। विपक्ष पर साधा निशाना इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आने से पहले अकाली दल और कांग्रेस के लोग 5-5 साल बारी-बारी राज करते थे। एक बार जीत जाते थे, उसके बाद अपने घरों को अंदर से लॉक कर लेते थे, बाहर नहीं निकलते थे। हमारी पार्टी ने लोगों के लिए ही किया काम उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुखबीर बादल जीतने के बाद अपने घरों में ही रहते थे। घर से ही आदेश जारी किए जाते थे कि केवल जानकारों और रिश्तेदारों के ही काम होने चाहिए। लोगों से उनका कोई मतलब नहीं रहता था। हमारी पार्टी ने लोगों के लिए ही काम किया है। रणजीत बावा ने पेश किया रंगारंग कार्यक्रम मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री लाल चंद पहुंचे। वहीं, पंजाबी गायक रणजीत बावा ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किया। इस दौरान, बटाला विधायक एवं आप के एक्टिंग प्रधान अमनशेर सिंह शैरी कलसी ने कहा कि पंजाब के लोगों के लिए मान सरकार ने जो काम किया वो कोई सरकार नहीं कर पाई। विपक्ष ने लोगों को बहकाया- सीएम सीएम ने कहा कि विपक्ष ने लोगों को बहकाया कि महिलाओं को 1 हजार नहीं मिलेगा। लेकिन, मान सरकार ने वो वायदा भी पूरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान किए सारे वायदों को पूरा किया है।  

Amarnath Yatra Registration Rush: जालंधर में श्रद्धालुओं की भीड़, बैंक के बाहर लंबी लाइनें

जालंधर. बाबा बर्फानी के भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।  दरअसल, श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण शुरू होते ही जालंधर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में बैंक पहुंच रहे हैं। अली मोहल्ला स्थित J&K बैंक के बाहर सुबह से ही रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए लंबी कतारें लग गईं। मीडिया से बातचीत करते हुए एक श्रद्धालु ने बताया कि सुबह 7 बजे से लाइन में लगी हैं और इस बार वह तीसरी बार अमरनाथ यात्रा पर जा रही हैं। लंबी कतारों से उन्हें कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि यात्रा के लिए यह छोटी सी बात है। वहीं अन्य श्रद्धालु ने बताया कि वह पहली बार यात्रा पर जा रहे हैं, लेकिन बैंक का सिस्टम ढीला होने के कारण उन्हें रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो रही है। उधर, बैंक के ब्रांच मैनेजर संजय कुमार के अनुसार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक की जा रही है। पहले दिन करीब 100 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया था। साथ ही उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए समय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक बार में 20 लोगों को ही बैंक के अंदर जाने दिया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए पानी की भी व्यवस्था की गई है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि अगले एक-दो दिनों तक भीड़ ज्यादा रहेगी, इसलिए सुरक्षा बढ़ाने और व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Border Security Upgrade: भारत-पाक सीमा पर स्मार्ट फेंसिंग शुरू, 24 घंटे निगरानी से घुसपैठ पर लगेगी लगाम

गुरदासपुर. भारत और पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर (स्मार्ट फेंसिंग) एंटी-कट एंटी-रेस्ट कंटीली तारें तेजी से लगाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य सीमा पार से होने वाली देश विरोधी गतिविधियों पर रोकना है। इस कंटीली तार को काटना मुश्किल है और इसमें जंग लगना भी मुश्किल है। इसकी ऊंचाई 12 फीट की गई है। इस तार में से कोई मोटी वस्तु आर पार नहीं जा सकती है। केंद्र सरकार की ओर से पंजाब की सीमाओं को पूरी तरह से सुरक्षित करने के उद्देश्य से पिछले समय से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्मार्ट फेंसिग कंटीली तार लगाई जा रही है। बीएसएफ के सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में इस स्मार्ट फेंसिंग पर पीटीजैड कैमरे, सीसीटीवी कैमरे, ग्राउंड सेंसिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे। गांव रोसे, चंदू वडाला आदि गांवों के किसान जागीर सिंह, कुलबीर सिंह, गुरबख्श सिंह व बलविंदर सिंह ने कहा कि पिछले दिनों कंटीली तारें अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब 150 गज करीब चले जाने से उनकी सैकड़ों एकड़ जमीन तार से बाहर आ गई है। इससे समय की बचत हो रही है। वहीं, फसल कटाई के समय उन्हें बड़े पैमाने पर मजदूरों के लिए गेट पास बनाने पड़ते थे। अब कंटीली तार के आगे जमीन का एरिया कम होने से कम मजदूर लेने पड़ते हैं। इसके अलावा उन्हें जंगली जानवरों से भी राहत मिली है। गांव रोसे के सरपंच बोले- एक्वायर जमीन का मुआवजा दें गांव रोसे के सरपंच व बार्डर एरिया संघर्ष कमेटी के नेता प्रभशरण सिंह रोसे ने कहा कि उनकी जमीन पर कंटीली तार लगाने के लिए 44 x 44 फीट और आइबी के लिए 12 फीट जमीन दो बार एक्वायर की गई, लेकिन उनकी जमीन का एक भी पैसा मुआवजे के तौर पर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि किसानों ने इस बारे में कोर्ट में केस किया है। उन्होंने कहा कि आइबी के लिए केंद्र सरकार ने जो जमीन एक्वायर की थी, उसका पैसा पंजाब सरकार को जारी कर दिया गया, लेकिन किसानों को एक्वायर की गई जमीन का मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने मांग की है कि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार उन्हें मुआवजा दें।

मथुरा नाव हादसा: पंकज मल्होत्रा का शव बरामद, मृतकों की संख्या 16, जलालाबाद में दुख का माहौल

जलालाबाद  मथुरा नाव हादसे में लापता चल रहे पंकज मल्होत्रा का शव बरामद कर लिया गया है। उनका शव हादसे वाली जगह से करीब ढाई किलोमीटर आगे देवराहा बाबा घाट और पानीगांव पुल के नीचे यमुना नदी में मिला।   प्रशासन और गोताखोरों की टीम पिछले सात दिनों से लगातार यमुना में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। आज सुबह तलाशी अभियान के दौरान पंकज मल्होत्रा का शव पानी में उतराता हुआ दिखाई दिया जिसके बाद उसे बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। जलालाबाद के अग्रवाल कॉलोनी, गली नंबर एक के रहने वाले पंकज मल्होत्रा अपने मौसा-मौसी के साथ मथुरा गए थे। हादसे में उनके मौसा-मौसी की भी मौत हो चुकी है। पंकज का परिवार हादसे के बाद से मथुरा में अपने बेटे की तलाश में जुटे हुए थे। 10 अप्रैल को यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई थी। हादसे के बाद कई लोग नदी में डूब गए थे। तब से प्रशासन, पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। सातवें दिन अंतिम लापता व्यक्ति का शव मिलने के बाद सर्च अभियान समाप्त कर दिया गया है।