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तुरकौलिया कांड का मास्टरमाइंड गाजियाबाद से ऑपरेट कर रहा था फर्जी स्प्रिट नेटवर्क

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी जिले के तुरकौलिया शराब कांड में एसआईटी ने जहरीली स्प्रिट की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी सतीश चंद्र चौधरी को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। वह गाजियाबाद में फर्जी स्प्रिट कंपनी संचालित कर अवैध तरीके से आपूर्ति करता था।पुलिस के अनुसार, सतीश ने ही 31 मार्च को 85 बाल्टी स्प्रिट सप्लाई की थी, जिसे शराब धंधेबाजों में बांटा गया। इस जहरीले पदार्थ के सेवन से तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। कई बीमारों की आंख की रोशनी भी चली गई थी। गाजियाबाद में फर्जी नाम से चलाता था सिंडिकेट एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार सतीश चंद्र चौधरी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित सुक्रौली गांव का निवासी है। वह गाजियाबाद में एसएस नाम से स्प्रिट बनाने और सप्लाई करने वाली फर्जी कंपनी चलाता था। पूछताछ में सतीश ने स्वीकार किया है कि उसने बीते 31 मार्च को कोटवा थाना क्षेत्र के सोवईया गांव निवासी लवकुश यादव को 85 बाल्टी जहरीली स्प्रिट उपलब्ध कराई थी। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सतीश से स्प्रिट लेने के बाद लवकुश यादव ने इसे खलीफा यादव व कन्हैया यादव को बेचा। इसके बाद इन दोनों ने स्प्रिट की सप्लाई आगे नागा यादव, संजीत यादव, रुपेश यादव और जिम्बू बैंठा समेत अन्य शराब धंधेबाजों को की। इसी जहरीली स्प्रिट से बनी शराब के सेवन से रघुनाथपुर और तुरकौलिया में कोहराम मच गया। 10 की मौत, दो दर्जन बीमार, कइयों की गई आंखों की रोशनी इस कांड में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में चंदू कुमार, प्रमोद यादव, सम्पत साह, लड्डू साह, परीक्षण मांझी, योद्धा मांझी, आलियास मियां, हरिलाल भगत, लालकिशोर राय और विनोद साह शामिल हैं। करीब दो दर्जन से अधिक लोग बीमार हुए हैं, जिनमें से लौहा ठाकुर, राहुल पासवान, टुनटुन यादव, राजेश्वर राय, राहुल साह, रमेश यादव, श्यामाकांत साहनी, अशोक यादव और नीरज कुमार का इलाज चल रहा है। कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। वित्तीय लेनदेन के मिले अहम सुराग एसपी ने बताया कि सतीश चंद्र चौधरी से पूछताछ में वित्तीय लेनदेन के महत्वपूर्ण डिटेल मिले हैं। इस आधार पर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया गया है। मुख्य आरोपी सतीश को रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, एसआईटी की दो टीमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही हैं ताकि इस काले धंधे से जुड़े हर व्यक्ति को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

Sand Mining Update: बिहार में नीलामी रुकी, अब आसान होगी पर्यावरणीय क्लियरेंस प्रक्रिया

पटना. बिहार में बालू घाटों की नीलामी में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए सरकार ने अब तेज़ी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भू-तत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पर्यावरणीय मंजूरी की जटिल प्रक्रियाओं को आसान और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि नीलामी में हो रही देरी खत्म हो सके। राज्य में कुल 463 पीले बालू घाट चिन्हित हैं, लेकिन अब तक केवल 360 घाटों की ही नीलामी पूरी हो पाई है। शेष घाट पर्यावरणीय स्वीकृतियों में उलझे हुए हैं। सीटीई-सीटीओ प्रक्रिया आसान करने का निर्देश खासकर स्थापना की सहमति (CTE) और संचालन की सहमति (CTO) की लंबी प्रक्रिया नीलामी में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। मंत्री ने इस स्थिति पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी अनुमतियां तय समय सीमा के भीतर दी जाएं, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र लिखकर मंजूरी प्रक्रिया को सरल और तेज करने का आग्रह भी किया है। निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार  सरकार का मानना है कि अगर पर्यावरणीय अनुमति की प्रक्रिया सुगम होती है, तो बचे हुए घाटों की नीलामी जल्द पूरी हो जाएगी। सरकार के इस कदम से न सिर्फ राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है, बल्कि निर्माण कार्यों—खासकर सड़क, पुल और भवन निर्माण को भी नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, बालू की उपलब्धता बढ़ने से बाजार में कीमतों पर भी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

बिहार में नई सरकार गठन की तैयारी, 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की संभावना

पटना बिहार के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। कहा जा रहा है कि बिहार इन्हीं 48 घंटों में एक बड़े सियासी बदलाव का गवाह बनेगा। अब यह तय हो चुका है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही होंगे। यह पहला मौका होगा जब बिहार में बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री होगा। हालांकि, बिहार के नए सीएम कौन होंगे यह अभी साफ नहीं है लेकिन नए सीएम को लेकर लोगों की जिज्ञासा काफी बढ़ी हुई है। जिज्ञासा इस बात को लेकर भी है कि आखिर बिहार के नए मुख्यमंत्री शपथ कहां लेंगे। ऐसी खबरें हैं कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को पटना में स्थित लोकभवन में संभावित है। सोमवार को लोकभवन में तैयारियों जैसा माहौल भी नजर आया। डीएम भी लोकभवन पहुंचे थे। यह भी कहा जा रहा है कि डीएम एसएम त्यागराजन ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की है और इस मुलाकात में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर चर्चा हुई है। बताया जा रहा है कि 15 को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा कुछ वरिष्ठ मंत्रियों का ही शपथ ग्रहण होगा। इधर पटना के ही बापू सभागार को भी खाली रखा गया है। कुछ दिनों पहले तक शपथ ग्रहण स्थल के तौर पर गांधी मैदान का भी जिक्र किया जा रहा था। हालांकि, नए मुख्यमंत्री कहां शपथ लेंगे इसे लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है। नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर एनडीए विधायक दल की बैठक में लगेगी। इस बैठक से पहले सियसी गलियारे में हलचल तेज है। पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पहुंचे। पार्टी के वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव और संजय झा ने भी सीएम नीतीश से मुलाकात की है। संजय झा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है। नई सरकार का गठन आराम से हो जाएगा। कहीं कोई समस्या नहीं है और सभी चीजें चल रही हैं। सीएम नीतीश कुमार खुद भी सभी चीजों को मॉनिटर कर रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया जा रहा है कि संजय झा के आवास पर भी जदयू के कई नेता पहुंचे। बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का गठन होगा। कैबिनेट सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, बैठक सुबह 11 बजे होगी जिसके बाद राज्य के सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।

झारखंड में एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा पेपर लीक, 159 उम्मीदवार गिरफ्तार

 रांची  झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 159 उम्मीदवारों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें अन्य 5 और लोगों की गिरफ्तारी हुई है जो गैंग के सदस्य बताए जा रहे हैं. प्रशासन के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तामार पुलिस थाना क्षेत्र के रारगांव में परीक्षार्थी इकट्ठा हुए हैं और परीक्षा से पहले उन्हें संभावित परीक्षा प्रश्नों को याद कराया जा रहा है. इसी सूचना के बाद देर शाम छापेमारी की गई. इस कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों ने उत्तर कुंजी सहित प्रश्न पत्रों के चार सेट बरामद किए।  शुरुआती जांच में पता चला कि बरामद किए गए कुछ प्रश्न वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं. परीक्षा के 120 प्रश्नों में से एक खुरथा भाषा का प्रश्न लीक होने की पुष्टि हुई, जबकि एक प्रश्नपत्र आंशिक रूप से मेल खाता पाया गया. हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी तक पूरे प्रश्नपत्र के लीक होने की पुष्टि करने वाला कोई पुख्ता सबूत नहीं है।  अधिकारियों ने दी जानकारी  आईएएस अधिकारी प्रशांत कुमार, रांची के उपायुक्त और रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये जानकारी साझा की है. जांचकर्ताओं ने कथित मुख्य साजिशकर्ता की पहचान अतुल वत्स के रूप में की है, जिसका संबंध एक धोखाधड़ी गिरोह से बताया जा रहा है और उस पर पहले भी इसी तरह के परीक्षा धोखाधड़ी मामलों में आरोप लग चुके हैं. पुलिस ने बताया कि गिरोह ने कथित तौर पर उम्मीदवारों के साथ लगभग 15 लाख रुपये के सौदा किया था. आरोपियों ने इस अभियान के तहत उम्मीदवारों से एडमिट कार्ड और अन्य डॉक्यूमेंट भी कथित तौर पर एकत्र किए थे।  10 से 15 लाख में होता था सौदा  जांच के दौरान ये बात सामने आई है कि आरोपी उम्मीदवारों को गैंग एजेंट की ओर से 10 से 15 लाख रुपये हर अभ्यर्थी से परीक्षा प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उस स्थान पर लेकर आया था।  होगी कड़ी कार्रवाई  झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि गिरफ्तार किए गए सभी 159 उम्मीदवारों को भविष्य में आयोग की परीक्षाओं में बैठने से रोक दिया जाएगा. पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए प्रयास जारी रखे हुए है और मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। 

रांची के तमाड़ में संदिग्ध गतिविधि का खुलासा, निर्माणाधीन भवन से भारी संख्या में युवक पकड़े गए

 तमाड़ झारखंड के विभिन्न जिलों में रविवार को आयोजित उत्पाद सिपाही की परीक्षा के बीच रांची के तमाड़ से एक संदिग्ध और बड़ी घटना सामने आई है. तमाड़ पुलिस ने रड़गांव स्थित एक निर्माणाधीन भवन में छापेमारी कर करीब 150-160 युवकों को हिरासत में लिया है. यह स्थान नेशनल हाईवे से करीब एक किलोमीटर दूर गांव के बाहरी सुनसान इलाके में स्थित है, जहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से पुलिस को संगठित गड़बड़ी का संदेह हुआ. थाना परिसर सील, वरीय अधिकारी कर रहे पूछताछ हिरासत में लिए गए सभी युवकों को तमाड़ थाना लाया गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन थाना परिसर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया है और वरीय पुलिस अधिकारी खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं. पुलिस की टेक्निकल टीम हिरासत में लिए गए युवकों के मोबाइल फोन और उनके पास से मिले दस्तावेजों की जांच कर रही है. दस्तावेज और वाहन जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं. इनमें अभ्यर्थियों के नामों की लंबी सूची, उनके मोबाइल नंबर और पहचान पत्रों (जैसे आधार कार्ड) की छायाप्रतियां शामिल हैं. इसके अलावा, वहां आने-जाने के लिए इस्तेमाल किए गए कई वाहनों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है. नकल गिरोह या अवैध सेटिंग की आशंका प्रारंभिक जांच के अनुसार, हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक उत्पाद सिपाही की परीक्षा देने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से रांची पहुंचे थे. पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या इन युवकों को परीक्षा में नकल कराने या किसी विशेष ‘सेटिंग’ के उद्देश्य से यहां जुटाया गया था. पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इसके पीछे किसी संगठित नकल गिरोह का हाथ है या मामला कुछ और है.

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की कवायद: रांची में शिक्षक-छात्र उपस्थिति पर कड़ा रुख

रांची विद्यालयों की भूमि एवं भवनों पर हो रहे अतिक्रमण को गंभीर मुद्दा मानते हुए रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया है कि संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्याप्त पुलिस बल की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाहरणालय सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विद्यालय परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता में शामिल है और सभी अंचल अधिकारी इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करें। बैठक के दौरान राज्य स्तर से प्राप्त जिले की रैंकिंग की समीक्षा करते हुए शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। शिक्षक उपस्थिति पर सख्ती समीक्षा में पाया गया कि केवल 76 प्रतिशत शिक्षक ही ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी शिक्षक प्रतिदिन अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज करें, अन्यथा वेतन निर्गत नहीं किया जाएगा। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। छात्र उपस्थिति में सुधार के निर्देश विद्यालयों द्वारा केवल 54 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति ई-विद्या वाहिनी में दर्ज की जा रही है। उपायुक्त ने इसे गंभीर मानते हुए सभी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया। अनुपालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों का वेतन स्थगित किया जाएगा। आधार पंजीकरण पर जोर सभी छात्रों का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जन्म प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता को देखते हुए प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया। नए सत्र में नामांकन प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने तथा आधारभूत संरचना की कमी का आकलन कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि डीएमएफटी फंड से आवश्यक कार्य कराए जा सकें। FLN एवं इनोवेशन चैलेंज प्राथमिक विद्यालयों में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिला इनोवेशन चैलेंज के लिए विद्यालयों को तैयार करने पर जोर दिया गया। किसी भी विद्यालय में गैस की कमी न हो, इसके लिए जिला शिक्षा अधीक्षक को जिला आपूर्ति पदाधिकारी के साथ समन्वय कर नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गैस उठाव और एजेंसी रिपोर्ट का मिलान करने को कहा गया। लक्षित असाक्षर व्यक्तियों का आनलाइन नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता और रैंकिंग सुधारने के लिए अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

BRABU हॉस्टल बना तस्करी का अड्डा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के हॉस्टल में रहकर कारतूसों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 200 जिंदा कारतूसों के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ दबोचा है। पकड़े गए तस्करों की पहचान सिवान के अभिषेक तिवारी और सीतामढ़ी के अनमोल कुमार के रूप में हुई है। यूनिवर्सिटी पीजी हॉस्टल में था डेरा पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है वह बेहद डराने वाला है। गिरफ्तार दोनों तस्कर यूनिवर्सिटी परिसर स्थित 'पीजी थर्ड' हॉस्टल के कमरा नंबर 54 और 55 में अवैध रूप से रह रहे थे। ये तस्कर विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। कार्रवाई के दौरान दोनों अपनी बुलेट बाइक से कारतूसों की बड़ी खेप लेकर वापस पीजी थर्ड हॉस्टल ही जा रहे थे, तभी काजी मोहम्मदपुर थानेदार नवलेश कुमार ने टीम के साथ कलमबाग-खबरा रोड पर घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। विश्वविद्यालय में तनाव हॉस्टल से कारतूसों की बरामदगी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में माहौल काफी तनावपूर्ण है। कुलपति (VC) के कुछ फैसलों के खिलाफ छात्र पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठे हैं। हाल ही में कुलपति आवास पर बम फेंकने की घटना भी हुई थी, जिसकी जांच अभी चल ही रही है। ऐसे में हॉस्टल से 200 गोलियों का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। थानेदार नवलेश कुमार ने बताया कि दोनों के पास से 200 गोलियां बरामद की गई हैं। फिलहाल पुलिस के बयान पर काजी मोहम्मदपुर थाने में एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस अब इन तस्करों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कारतूसों की यह खेप किसे सप्लाई की जानी थी। क्या इन गोलियों का इस्तेमाल विश्वविद्यालय में चल रहे विरोध प्रदर्शन या कुलपति आवास पर हुए हमले से जुड़ा है, पुलिस इस बिंदु पर भी गंभीरता से जांच कर रही है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के आम छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बाहरी लोग इतनी आसानी से हॉस्टल के कमरों में अवैध रूप से कैसे रह रहे थे और प्रशासन को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?

सम्राट चौधरी समेत कई नामों पर चर्चा, जल्द तय होगा बिहार का अगला CM

 पटना बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए नेता के चयन की कवायद तेज हो गई है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में जल्द ही नेता का चुनाव किया जाएगा। भाजपा संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल का नेता चुनने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। हालांकि, भाजपा विधायक दल की बैठक की तारीख अभी तक सामने नहीं आई है। लिस्ट में कई नामों की चर्चा है पर सबसे अधिक दावेदारी सम्राट चौधरी के नाम की हो रही है। यह भी चर्चा है कि भाजपा चौंकाने वाले फैसले करने में माहिर है। पप्पू यादव ने दावा किया है कि जिन नामों की चर्चा हो गई है उन्हें भाजपा सीएम नहीं बनाएगी। नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। पूरे बिहार समेत केंद्र की सिसायत में हर सचेत, सक्रिए और राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले व्यक्ति की जुबान पर एक ही सवाल है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस सवाल का जवाब देने की कवायद तेज हो गई है। जल्द ही बिहार भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम का चेहरा फाइनल कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बैठक के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। भाजपा संंसदीय बोर्ड ने उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी है। इससे पहले शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अमित शाह के आवास पर जाकर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे की मीटिंग हुई। माना जा रहा है कि बिहार में सीएम फेस नई सरकार से स्वरूप पर मंथन हुआ। रविवार को दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने 1 अणे मार्ग जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास पर शुक्रवार शाम से ही के दिल्ली से लौटने के बाद से ही हलचल जारी है। कई मंत्रियों ने पहुंचकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नई सरकार के गठन की समीक्षा की जा रही है। सीएम कौन बनेगा यह भाजपा को तय करना है हालांकि, इसमें नीतीश कुमार की भावना का पूरा खयाल रखा जाएगा। नीतीश कैबिनेट में मंत्री श्रवण कुमार, मदन सहनी भी सीएम आवास पर पहुंचे। शनिवार को भी सम्राट चौधरी सीएम से मिलने गए थे। सीएम ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को भी बुलाया था। इतना तो तय हो गया है कि अगले सीएम भाजपा से ही होंगे। सम्राट चौधरी के साथ विजय कुमार सिन्हा, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी, रमा निषाद, श्रेयसी सिंह, संजीव चौरसिया, जनक राम जैसे नेताओं का नाम चर्चा में है।

शादी के नाम पर ठगी: बक्सर पुलिस ने नकली दुल्हन गैंग का किया भंडाफोड़

बक्सर बिहार के बक्सर जिले से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। यहाँ शादी के नाम पर भोले-भले लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। बक्सर पुलिस ने इस 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के कुल आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। नकली शादी और फिर गहनों की लूट यह गिरोह काफी योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया करता था। गिरोह के सदस्य पहले ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिनकी शादी नहीं हो रही होती थी। फिर उन्हें शादी का झांसा देकर एक महिला को 'दुल्हन' के रूप में पेश किया जाता था। शादी संपन्न होने के कुछ ही समय बाद गिरोह के अन्य सदस्य 'नकली पुलिसकर्मी' या दुल्हन के परिजन बनकर पहुँच जाते थे और लड़के वालों को डरा-धमकाकर गहने और पैसे लूट लेते थे। दो बच्चों की मां बनी थी 'दुल्हन' बक्सर एसपी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वह महिला भी शामिल है जिसे दुल्हन बनाकर पेश किया गया था। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस महिला को कुंवारी बताकर शादी करवाई गई, वह पहले से ही शादीशुदा है और दो बच्चों की मां है। यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि बक्सर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी सक्रिय था। कैश, गहने और ऑटो बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 38,500 रुपये नकद, सोने की बाली, चांदी की पायल, मोबाइल फोन और वह ऑटो बरामद किया है जिसका इस्तेमाल ये लोग वारदात को अंजाम देने के लिए करते थे। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि ये लोग योजना के तहत घटना को अंजाम देते थे ताकि पीड़ित पक्ष लोक-लाज के डर से पुलिस के पास न जाए। फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और पूर्व में की गई ठगी की वारदातों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शादी-विवाह जैसे मामलों में पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

बिरसा स्टेडियम में छऊ, मोहीनीअट्टम और झूमर गीतों से सजी सांस्कृतिक शाम

सरायकेला  झारखंड के सरायकेला जिले के बिरसा स्टेडियम में सरकार के कलासंस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में  चैत्र पर्व  सह छऊ महोत्सव 2026 का रंगारंग आगाज हो गया. कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य के साथ साथ दुसरे राज्यों से आए क्लासिकल नृत्यकार द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया वहीं इंडियन आयडल फेम प्रियांशु दत्ता द्वारा सुरों की महफिल सजाई गई. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि सिंहभूम सांसद जोबा मांझी के द्वारा  किया गया. समारोह को संबोधित करते हुए सांसद मांझी ने कहा कि छऊ हमारी संस्कृति है इसका विकास हम सबों का दायित्व है. छऊ के कारण सरायकेला की पहचान विदेशों तक है साथ ही देश के प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्मश्री छऊ कलाकारों को मिले हैं यह सरायकेला के लिए गौरव की बात है. राज्य सरकार उससे राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया है आने वाले दिनों में कला के साथ कलाकार का विकास होगा. कार्यक्रम का उद्घाटन दीप जलाकर किया गया. कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, आदित्यपुर महा पौर संजय सरदार, डीसी नीतीश कुमार सिंह, एसपी मुकेश लुनायत का मोमेंटो और अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया. मंगलाचारण के साथ शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम कार्यक्रम के पहले दिन छऊ कलाकारों द्वारा मंगलाचरण के साथ शुरुआत किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुरुआत सरायकेला शैली छऊ राधा कृष्ण नृत्य से किया गया. इसके बाद माटीर मोनीषो नृत्य प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम में मानभुम शैली, खरसावां शैली नृत्य ने भी समां बांधा. पहले दिन ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता में दूसरे स्थान में रहने वाली टीम द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया. केरल की शास्त्रिय संगीत मोहीनीअट्टम कलाकार मोमीता ने किया नृत्य प्रस्तुत पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आई मोहीनीअट्टमम कलाकार मोमिता पाल एंड टीम ने मोहिनीअट्टम नृत्य प्रस्तुत किया. जिला के छऊ नृत्य के साथ मोहिनीअट्टम नृत्य को भी दर्शकों ने खूब सराहा. मोहिनीअट्टम नृत्य केरल की शास्त्रीय नृत्य है साथ ही पुरे देश में काफी लोकप्रिय है. इसके अलावा, दूसरे राज्यों से आए कलाकारों द्वारा भी नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी. झुमर सम्राट संतोष महतो ने प्रस्तुत किया झुमर गीत खरसावां के झुमर स्रम्राट संतोष महतो ने झुमर गीत प्रश्तुत कर समा बांधा. उन्होंने अपनी टीम के साथ कुडमाली, ओडिया, नागपुरी गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लुटी. उन्होंने अपने गीत और संगीत से उपस्थित श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया.