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झारखंड में भाजपा का हमला तेज, झामुमो-कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

रांची भारतीय जनता पार्टी के ‘गांव चलो अभियान’ के तहत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड के तुरूप गांव का दौरा किया. यहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पार्टी की नीतियों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि भाजपा केवल कार्यकर्ताओं की पार्टी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों से गरीब कल्याण की विभिन्न योजनाएं सफलतापूर्वक धरातल पर उतारी जा रही हैं. विपक्ष पर तीखा प्रहार विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रदेश अध्यक्ष साहू ने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनते, तो कांग्रेस आज देश को पाकिस्तान के हाथों बंधक बना देती. इसके साथ ही उन्होंने राज्य की झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर भी जोरदार हमला बोला. साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि झामुमो-कांग्रेस की सरकार में राज्य की महिलाओं, युवतियों के साथ-साथ आम लोगों में भारी असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है. राज्य में महिलाओं से जुड़ी घटनाएं आम हो गई हैं. कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी बदतर है कि घर से निकली कोई मां या बहन शाम को सुरक्षित घर लौटेगी या नहीं, इसे लेकर भी लोग हमेशा डरे  रहते हैं. हर चेहरे पर मुस्कान लाना कार्यकर्ताओं का लक्ष्य: साहू उन्होंने उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘गांव चलो अभियान’ को सफल बनाते हुए हर घर तक पहुंचें. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ग्रामीणों को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दें, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ मिल सके और उनके चेहरों पर मुस्कान लाई जा सके. इस मौके पर क्षेत्र के समुचित विकास और पार्टी की आगामी सांगठनिक कार्ययोजनाओं पर भी गहन मंथन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के जिलाध्यक्ष विनय महतो धीरज ने की, जबकि मंच का संचालन मंडल अध्यक्ष सुनील महतो ने किया. इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र महतो, जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, अजय महतो, रामनाथ महतो, रामेश्वर महतो, ज्योतिष महतो, गोवर्धन महतो, ब्रजेश कुमार, रामसाय मुंडा, संतोष महतो, मनीराम महतो, गोपाल महतो, सुप्रेश महतो, घनेनाथ महतो, रामेश्वर महतो, ज्योतिष महतो, दूर्गा महतो, बालकराम महतो सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे.

UCC से लेकर विपक्ष पर हमला, मंत्री दिलीप जायसवाल ने दिया बड़ा बयान

पटना बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने विभिन्न मुद्दों पर बयान देते हुए विकास योजनाओं, यूनिफॉर्म सिविल कोड और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बताया कि राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत एक बड़े रिंग रोड निर्माण की योजना बनाई जा रही है। पटना में बनेगी दिल्ली की तरह रिंग रोड बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बात करते हुए कहा, 'पटना में बन रही यह रिंग रोड लगभग 150 किलोमीटर लंबी होगी और इसके निर्माण पर करीब 15 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना की प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।' इन जिलों तक पहुंच हो जाएगी और भी आसान उन्होंने कहा कि पटना में रिंग रोड के बनने से जिले के आसपास के जिलों जैसे वैशाली, सारण, समस्तीपुर और अन्य क्षेत्रों में आवागमन काफी सुगम हो जाएगा। साथ ही, राजधानी में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना दिल्ली की तर्ज पर विकसित की जा रही है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुचारू बनाया जा सके। राजधानी पटना में सरकार रिंग रोड बनाने जा रही है। ये 150 किमी लंबी होगी और इसे बनाने में 15 हजार करोड़ का खर्च आएगा। UCC पर भी बोले दिलीप जायसवाल यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर मंत्री जायसवाल ने कहा कि यह कोई विवाद का विषय नहीं है, बल्कि इससे देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाल रहे हैं, लेकिन जनता अब इन बातों को समझ चुकी है। कांग्रेस सबसे बड़ी महिला विरोधी- बीजेपी इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने दशकों तक महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी से दूर रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अधिक अवसर दिए जाएं और उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए जायसवाल ने कहा कि वह बार-बार भ्रामक बयान देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है, जिसके कारण वह इस तरह के बयान दे रही हैं। साथ ही, उन्होंने मालदा को घुसपैठ का केंद्र बताते हुए कहा कि देश विरोधी गतिविधियों के लिए इस क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

नोएडा से मंगाई गई स्पिरिट से बनी जहरीली शराब, 10 लोगों की मौत के बाद बड़ा खुलासा

मोतिहारी/साहिबाबाद  बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस कांड के मुख्य आरोपी और शराब सप्लाई करने वाली कंपनी के मालिक सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद (गाजियाबाद) से गिरफ्तार किया गया। मोतिहारी पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली से सटे इस इलाके में छापेमारी कर उसे दबोचा। मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस सप्लायरों के नेटवर्क को खंगाल रही थी। सतीश चौधरी न केवल कंपनी का मालिक है, बल्कि वो बड़े पैमाने पर बिहार में शराब सप्लाई भी करता है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है। नोएडा से मंगाई गई थी स्पिरिट दरअसल, मोतिहारी में जिस स्पिरिट का इस्तेमाल कर जहरीली शराब बनाई गई थी, वह औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर नोएडा से मंगाई गई थी। इस स्पिरिट वाले जार पर 'सुपर पावर एडब्ल्यू-68 हाइड्रोलिक आयल' लिखा हुआ है। बिहार पुलिस और मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अब तक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस छापेमारी में अब तक ऐसे 26 लीटर वाले 50 से अधिक जार बरामद किए जाने की सूचना है। मोतिहारी में जहरीली शराब से 10 की मौत मोतिहारी जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से बीमार पड़े थे। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नामजद अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट वाली जार मंगाई थी। स्थानीय सप्लाई चेन में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्त सुनील साह की भी भूमिका मिली है। उनके बीच पैसे के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। जहरीली शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई एसआईटी ने जहरीली शराब बनाने वाली कंपनी के मालिक सह सप्लायर सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (साहिबाबाद) से गिरफ्तार किया। आरोपी 'एसएस केमिकल' नाम से बिना किसी रजिस्ट्रेशन के फर्जी कंपनी चला रहा था, जिसके जरिए जहरीली स्प्रिट का अवैध निर्माण और सप्लाई की जा रही थी।  गाजियाबाद से पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था आरोपी सतीश चौधरी। इसकी सप्लाई चेन बिहार समेत कई अन्य राज्यों में शराब माफियाओं तक फैली हुई है। तुरकौलिया थाना कांड संख्या 174/26 के तहत गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं, जिससे अन्य ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है।  इससे पहले पुलिस ने मुख्य सप्लायर लवकुश यादव को कोटवा के सबैया गांव से पकड़ा था, जिसकी निशानदेही पर इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सका। एक-एक सबूत जुटाने में जुटी है टीम मोतिहारी शराबकांड के बाद मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Prohibition and State Narcotics Control Bureau) ने गहन अनुसंधान के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें घटनास्थल से जब्त सारे साक्ष्यों के शृंखलाबद्ध अभिलेखीकरण (चेन ऑफ कस्टडी) सावधानी से तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ट्रायल के दौरान कोई परेशानी न हो। पुलिस को रजिस्टर अपडेट करने की हिदायत इसके साथ ही मालखाने के रजिस्टर में उसे अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है। इससे पहले बिहार पुलिस ने जहरीली शराब कांड को लेकर एसओपी भी जारी की थी। एसओपी (Standard Operating Procedure) में सभी जिलों को इस संबंध में आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) कराने और अपने-अपने जिलों के थानों, चौकीदारों और दफादारों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है। कहीं भी ऐसे संदिग्ध जार बरामद होने पर उसकी रासायनिक जांच कराने का निर्देश है।  

परीक्षा से पहले ही परीक्षा खत्म! पूर्णिया यूनिवर्सिटी की लापरवाही से हंगामा

पूर्णिया बिहार का पूर्णिया विश्वविद्यालय हाल में ही एक शोध छात्रा के साथ एक विभागाध्यक्ष की तस्वीर और वीडियो वायरल होने के बाद अब स्नातक प्रथम खण्ड की परीक्षा को लेकर सुर्खियों में है. पूर्णियां विश्वविद्यालय इस मामले में देश का संभवतः पहला विश्वविद्यालय होगा, जहां एक परीक्षा के लिए तीन अलग अलग एडमिट-कार्ड जारी किए गए हैं और उससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि निर्धारित तारीख से एक दिन पहले ही परीक्षा हो गई. परीक्षा से वंचित हजारों छात्र-छात्रों का परीक्षा केंद्र और विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश देखने को मिला है. हालांकि, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक इस लापरवाही का पूरा ठीकरा समर्थ पोर्टल पर फोड़ रहे हैं. एक ही परीक्षा का तीन-तीन कार्ड दरअसल, पूर्णिया विश्वविद्यालय स्नातक में प्रथम वर्ष की परीक्षा 30 मार्च से शुरू हुई है. जो 15 अप्रैल तक चलेगी. इसी बीच एक हैरानी की बात सामने आई कि परीक्षा शुरू होने से पहले तकनीकी त्रुटियों की वजह से दो बार परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड जारी किया गया. दूसरी बार वाले एडमिट कार्ड से 30 मार्च और 04 अप्रैल को परीक्षा भी सम्पन्न हुई. इसके बाद फिर विश्वविद्यालय ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए तीसरा एडमिट कार्ड जारी किया और परीक्षा तिथि में भी परिवर्तन किया. इस एडमिट कार्ड के अनुसार, 08 अप्रैल और 10 अप्रैल को होने वाली परीक्षा को विस्तारित करते हुए क्रमशः 09 और 11 अप्रैल कर दिया गया. 11 अप्रैल की सुबह की पाली की परीक्षा देने जब सैकड़ों परीक्षार्थी जिला मुख्यालय स्थित आर केके कॉलेज केंद्र पहुंचे तो उन्हें परीक्षा केंद्र में यह कहकर प्रवेश करने से रोक दिया कि इन विषयों की परीक्षा 10 अप्रैल को ही पूरी हो चुकी है. इसके बाद सैकड़ों परीक्षार्थी आक्रोशित हो गए और उन्होंने सहरसा-पूर्णिया मार्ग को जामकर नारेबाजी किया. परीक्षार्थी इमराना खातून ने बताया कि 08 तारीख से आ रहे हैं, फर्स्ट सिटींग में परीक्षा थी, कैंसल हो गया. फिर बोला कि 09 तारीख को होगा, वह भी कैंसल हो गया. फिर 11 तारीख बताया गया, लेकिन आज भी नही हो रहा है. हमलोगों को धक्का मारकर बाहर कर दिया गया. समर्थ पोर्टल की गड़बड़ी से हुई छात्रों को परेशानी परीक्षा नियंत्रक प्रो अमरकांत सिंह ने बताया कि समर्थ पोर्टल द्वारा पहली बार फॉर्म भराया गया. तकनीकी त्रुटियों की वजह से बच्चों को परेशानी हुई. उनकी परेशानियों को देखते हुए विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी लेता है. छुटे हुए बच्चों की परीक्षा फिर से ली जाएगी. आगे की परीक्षा स्थगित की जाती है. परीक्षा नियंत्रक प्रो अमरकांत सिंह कहते हैं कि भारत सरकार के समर्थ पोर्टल द्वारा पहली बार परीक्षा फॉर्म भराया गया है और तकनीकी त्रुटि के कारण विश्वविद्यालय के बच्चों को परेशानी हुई है. उनकी परेशानी को देखते हुए विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी लेता है. परीक्षार्थियों को कोई असुविधा नही हो, इसलिए उक्त विषय की परीक्षा फिर से ली जाएगी और आगे की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि समर्थ पोर्टल ने बताया है कि जो त्रुटि है, उसको दूर कर लिया गया है. छात्र नेता पीयूष पुजारा विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि ऐसा लगता है कि परीक्षा विभाग और विश्वविद्यालय खेल बनकर रह गया है उन्हें पता ही नही है कि उनका मैनेजमेंट क्या है और बार-बार एडमिट कार्ड निकलना पड़ता है. परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि इसकी नैतिक जिम्मेवारी परीक्षा विभाग लेती है और आगे की परीक्षा स्थगित की जाती है.इसका मतलब तो यह हुआ कि परीक्षा विभाग और पूर्णियां विश्वविद्यालय खेल बनकर रह गया है और उन्हें पता ही नही है कि उनका मैनेजमेंट क्या है ,बार-बार एडमिट कार्ड बदलना पड़ता है.  

गढ़वा-रामानुजगंज फोरलेन प्रोजेक्ट पर चर्चा, मेदिनीनगर जाम से राहत की योजना

पलामू पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली स्थित परिवहन भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर से मुलाकात की. इस उच्चस्तरीय बैठक में सांसद ने गढ़वा और पलामू जिलों के समग्र विकास, सड़कों की कनेक्टिविटी के विस्तार और निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों को जल्द पूर्ण करने पर विस्तृत चर्चा की गई. सांसद ने विशेष रूप से गढ़वा जिले की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कों को फोरलेन में तब्दील करने और नई बाईपास परियोजनाओं के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने का अनुरोध किया.​ सांसद विष्णु दयाल राम ने सचिव के समक्ष गढ़वा की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए निम्नलिखित प्रस्ताव रखें: ​गढ़वा-रामानुजगंज फोरलेन:- एनएच-343 पर गढ़वा फोरलेन बाईपास से लेकर रामानुजगंज (छत्तीसगढ़ सीमा) तक लगभग 48 किमी सड़क को फोरलेन बनाने की मांग. श्रीनगर-पडुका ब्रिज तक फोरलेन:- गढ़वा मझिआंव मोड़ से कांडी प्रखंड के श्रीनगर-पडुका पुल (बिहार सीमा) तक 40 किमी लंबी सड़क का फोरलेन निर्माण. शहर को जाम से मुक्ति:- प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर और गढ़वा के बीच यात्रा समय कम करने और शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए उत्तरी परिहार मार्ग निर्माण का प्रस्ताव. यह बाईपास सुआ, कौड़िया और रांकी होते हुए महुगांवा से जुड़ेगा, जिससे गढ़वा आने-जाने वाले वाहनों को शहर के जाम से राहत मिलेगी. प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना में शामिल सड़क परियोजना सांसद ने बताया कि एनएच-139 (छतरपुर बाईपास) से जपला और देवरी कला (हुसैनाबाद) होते हुए बिहार के देवीपुर को जोड़ने वाली परियोजना को पीएम गति शक्ति योजना में शामिल किया जा चुका है. इसमें सोन नदी पर एक बड़े पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो झारखंड और बिहार के बीच व्यापारिक और सामाजिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा.

गर्मी में यात्रियों को राहत, रेलवे ने चलाई नई स्पेशल ट्रेन सेवा

पटना   रेल यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से खास फैसला लिया गया है. गर्मी के मौसम में स्टेशनों पर उमड़ने वाली भीड़ की संभावना को देखते हुए बनारस और कोलकाता के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी. यह ट्रेन अप्रैल में तीन चक्कर लगाएगी, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी. स्पेशल ट्रेन की क्या होगी टाइमिंग? ट्रेन नंबर- 05048, 14, 21 और 28 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे बनारस से रवाना होगी. यह वाराणसी जंक्शन सहित प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी और दोपहर 3:10 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी. हावड़ा जैसे विभिन्न स्टेशनों से होते हुए, यह अगले दिन सुबह 6:15 बजे कोलकाता पहुंचेगी. इसके बाद वापसी में ट्रेन नंबर- 05047, 15, 22 और 29 अप्रैल को सुबह 8:25 बजे कोलकाता से रवाना होगी और रात 11:20 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी. यह अगले दिन सुबह 4:15 बजे बनारस पहुंचेगी. इन स्टेशनों पर होगा ट्रेन का स्टॉपेज जानकारी के मुताबिक, यह ट्रेन वाराणसी जंक्शन, औंड़िहार, गाजीपुर सिटी, बलिया, रेवती और सुरेमनपुर होते हुए दोपहर 3:10 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी. इसके बाद दिघवारा, सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्द्धमान, बैंडेल और नैहाटी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 6:15 बजे कोलकाता पहुंच जाएगी. ट्रेन में यात्रियों के लिए सुविधाएं यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में 20 एसी थर्ड इकोनॉमी कोच और दो जनरेटर-सह-सामान वैन होंगे. रेलवे प्रशासन यात्रियों को इस विशेष सेवा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है. इस तरह से रेल यात्रियों के लिए खास तोहफा माना जा रहा है. गर्मी के मौसम में लोग बिहार से बाहर छुट्टियां मनाने जाते हैं. इसकी वजह से ट्रेन में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है. इसी को देखते हुए स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया.

403 करोड़ की लागत से नई रेल फैक्ट्री का निर्माण, बिहार में बढ़ेगा औद्योगिक विकास

 रोहतास बिहार के रोहतास जिले के डालमियानगर में रेल वैगन मरम्मत कारखाने का निर्माण किया जाएगा. फैक्ट्री के निर्माण को लेकर भारतीय रेलवे के डीडीयू रेल मंडल और राइट्स की तरफ से आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. रेल फैक्ट्री के बनने से बिहार के युवाओं को बड़ा फायदा हो सकेगा. नई फैक्ट्री की क्या है अनुमानित लागत? जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना की लागत लगभग 403.20 करोड़ रुपए है. इसे 219 एकड़ की जमीन पर विकसित किया जाएगा. रेल बजट 2026-27 में इस परियोजना के लिए राशि आवंटित की गई थी. समय के अंदर ही इस परियोजना के पूरा होने की संभावना जताई जा रही है. डीडीयू रेल मंडल के डीआरएम की माने तो, रोजगार के लिए यह बड़ा केंद्र बन सकेगा. युवाओं के साथ व्यापारियों को फायदा रेल फैक्ट्री के लगने से युवाओं के लिए रोजगार तो उपलब्ध होगा ही लेकिन इसके साथ-साथ आस-पास के इलाकों में वेल्डिंग, स्पेयर पार्ट्स निर्माण, पेंटिंग जैसे छोटे-बड़े उद्योगों को स्थापित भी किया जाएगा. इससे जिले की इकोनॉमी भी मजबूत हो सकेगी. नई रेल फैक्ट्री को लेकर आस-पास के लोगों और व्यापारियों के बीच उत्साह का माहौल है. 1984 में ही बंद हुआ था कारखाना डालमियानगर देश के फेमस औद्योगिक केंद्र में से एक है. 1984 में ही यह बंद हो गया था. लेकिन 2007 में फिर इसे चालू करने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया. 2009 में शिलान्यास भी किया गया. लेकिन किसी ना किसी कारण से काम शुरू नहीं हो पाया. लेकिन अब कारखाने को स्थापित किए जाने के काम को तेज कर दिया गया है. पहलेजा रेलवे स्टेशन से कारखाना तक नया रेलवे फ्लाईओवर और ट्रैक बनाया जाएगा. इससे वैगनों को मरम्मत के लिए वर्कशॉप तक आसानी से लाया जा सकेगा.

पीएम को धमकी और आपत्तिजनक पोस्ट मामले में आरोपी गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद

 बक्सर बिहार के बक्सर जिले में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की वेबसाइट पर आपत्तिजनक पोस्ट करने और भारत के प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई जिले में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। साइबर थाना अध्यक्ष की टीम ने सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पादरी गांव से अमन कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इसकी पुष्टि पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने शनिवार को की। सीआईए वेबसाइट पर आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को सिमरी थाना अध्यक्ष को सूचना मिली थी कि अमन कुमार तिवारी ने सीआईए की वेबसाइट पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किया है, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर साइबर थाना टीम का गठन किया गया। छापेमारी में मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सामग्री टीम ने आरोपी के घर आशा पादरी गांव में छापेमारी की, जहां तलाशी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए। बरामद सामान में लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेनड्राइव और अन्य संदिग्ध सामग्री शामिल है। जांच में सामने आया कि आरोपी के मोबाइल में कई वीपीएन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऐप मिले हैं। लैपटॉप में टोर ब्राउज़र इंस्टॉल पाया गया, जिसका उपयोग डार्क वेब एक्सेस करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से निम्न सामान बरामद किए गए हैं, लैपटॉप 01, मोबाइल 02, पेनड्राइव 02, विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड 09, फर्जी पहचान पत्र 01। इस पूरे मामले की जांच पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के निर्देश पर की गई। पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम में अंचल निरीक्षक ब्रह्मपुर ओम प्रकाश कुमार, साइबर थाना के कई पुलिस अधिकारी, सिमरी थाना पुलिस और डीआईयू बक्सर के अधिकारी शामिल रहे।  

झुमरीतिलैया में खाद्य सुरक्षा जांच, लड्डू और खोवा के सैंपल फेल

कोडेरमा झारखंड के कोडेरमा जिले के जिले में मिलावटी खाने की चीजों की बिक्री रोकने और खाने की चीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कुछ सैंपल को जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, रांची भेजा भी जा रहा है. जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे राज्य स्तर पर भेजे गए कुछ सैंपल की जांच रिपोर्ट सामने आई है. इसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. खासकर जिले के मुख्य शहर झुमरीतिलैया में कुछ होटल संचालकों द्वारा खाने की चीजें खासकर मिठाई और खोवा की गुणवत्ता को लेकर तय मानक का पालन नहीं करने की पुष्टि हुई है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले भर से कुल 23 सैंपल जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला रांची भेजा था, जिसमें से 12 की रिपोर्ट आई है. इसमें चार सैंपल तय मानक पर फेल पाया गया है. विभागीय जानकारी के अनुसार जिन चार सैंपल में गुणवत्ता की कमी मिली है उसमें लड्डू का एक सैंपल, खोवा का दो सैंपल और घी के लड्डू का एक सैंपल शामिल है. लगाया गया जुर्मना सैंपल फेल होने के बाद कोडरमा स्टेशन के पास संचालित नंदिनी स्वीट्स पर दो हजार और लड्डू गोपाल पर दो-दो हजार का जुर्माना लगाया गया है. नंदिनी स्वीट्स का लड्डू का सैंपल तय मानक पर फेल मिला है, जबकि लड्डू गोपाल का लड्डू और खोवा का सैंपल फेल पाया गया है. साथ ही भविष्य में गलत पाए जाने पर ठोस कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. होटल रामेश्वरम के घी के लड्डू का सैंपल फेल नंदिनी, लड्डू गोपाल स्वीट्स के अलावा होटल रामेश्वरम की एक मिठाई का सैंपल भी तय मानक पर खरा नहीं उतरा है. विभागीय पदाधिकारी के अनुसार जिन चार सैंपल को फेल पाया गया है उसमें होटल रामेश्वरम से कलेक्ट किया गया घी का लड्डू का सैंपल भी शामिल है. लड्डू में घी की जगह रिफाइन के इस्तेमाल की बात सामने आई है. साथ ही अन्य कमी पाई गई है. ऐसे में तय प्रावधान के तहत इस मामले को अपर समाहर्ता कोर्ट में फाइल किया गया है. वहां से जुर्माना सहित अन्य कार्रवाई को लेकर आदेश होगा. कई जगहों पर मिल रहा अखाद्य रंग का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट न हो और लोगों को गुणवत्तापूर्ण सामान मिले इसके लिए विभाग लगातार जांच अभियान के साथ जागरूकता अभियान भी चला रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे वित्तीय वर्ष में जांच के दौरान होटलों, मिठाई दुकानों सहित अन्य जगहों पर गंदगी मिलने और अखाद्य रंग का इस्तेमाल पाए जाने पर करीब 50 हजार का जुर्माना वसूला गया है. कई ठेला वालों के द्वारा अखाद्य रंग का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने पर उसे खत्म भी कराया गया है.

JDU सांसद का दावा,नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी से हो सकता है

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सांसद रामप्रीत मंडल ने नई सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) का होगा, यह लगभग फाइनल हो चुका है। उन्होंने कहा कि जदयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जाने हैं, जिनमें से एक नीतीश के बेटे निशांत कुमार का नाम भी करीब-करीब फाइनल है। झंझारपुर से जदयू सांसद रामप्रीत मंडल ने शनिवार को एक चैनल से बातचीत में बिहार में नई एनडीए सरकार का यह फॉर्मूला बताया। उन्होंने कहा कि नया सीएम भाजपा से बनना तय है। अभी मुख्यमंत्री जदयू का है और भाजपा से दो डिप्टी सीएम हैं। इसी तरह, नई सरकार में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा, तो जदयू से दो डिप्टी सीएम होने हैं। हालांकि, नई सरकार को लेकर अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। नीतीश कुमार जल्द देंगे इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। वह राज्यसभा सांसद बन गए हैं। सत्ताधारी दलों के नेताओं का कहना है कि सीएम नीतीश के द्वारा एनडीए विधान मंडल की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सभी के सामने नीतीश अपने इस्तीफे का औपचारिक ऐलान करेंगे। फिर राज्यपाल के पास जाकर अपना त्यागपत्र दे देंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नए सीएम का चयन नीतीश के इस्तीफे के बाद होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में होगा। बताया जा रहा है कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का नाम उसी बैठक में घोषित किया जाएगा। नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को होने की संभावना है। नीतीश के राज्यसभा जाने पर निशांत का पॉलिटिकल डेब्यू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने एक महीने पहले ही राजनीति में कदम रखा था। इससे पहले वह सक्रिय राजनीति से दूर ही थे। नीतीश के राज्यसभा चुनाव में नामांकन के बाद निशांत ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद से वह पार्टी के क्रियाकलापों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। निशांत कुमार ने पार्टी के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं और उनसे फीडबैक लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी लगातार की जा रही है। भाजपा से सीएम रेस में ये नेता भाजपा से मुख्यमंत्री की रेस में सबसे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। उनके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मंत्री दिलीप जायसवाल, विधायक संजीव चौरिया, सांसद संजय जायसवाल, पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी समेत अन्य का नाम भी रेस में है। एक-दो दिन में इस पर स्थिति साफ होने की संभावना है।