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झारखंड शिक्षा विभाग की बड़ी बैठक, हजारीबाग में बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन और खेलकूद से जोड़ने पर जोर

  हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले के सभी 1800 से अधिक सरकारी स्कूल (कक्षा एक से 12वीं) में इस महीने अप्रैल से निर्धारित समय पर नए सत्र 2026-27 की पढ़ाई शुरू हो गई है. विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूली विद्यार्थियों को मिल रही तमाम सुविधाएं और अन्य विषयों को लेकर डीईओ प्रवीण रंजन और डीएसई आकाश कुमार दोनों ने बुधवार यानी 8 मार्च को जिले भर के प्रभारी शिक्षकों को संबोधित किया. जिला स्कूल सभागार में माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक जुटे थे. इसमें शिक्षकों को कई टास्क दिए गए हैं. डीईओ ने क्या कहा? डीईओ ने कहा टीचर नियमित समय पर स्कूल पहुंचेंगे. छुट्टी होने के बाद स्कूलों का बेहतर रखरखाव कर अपने-अपने घर लौटेंगे. एक-एक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए शिक्षक जवाबदेह हैं. बीआरसी सिलवार में गुरु गोष्ठी आयोजित हुई इससे पहले मंगलवार यानी सात अप्रैल को दोनों शिक्षा अधिकारी सदर प्रखंड के बीआरसी सिलवार में प्रारंभिक स्तर के शिक्षकों की आयोजित गुरू गोष्ठी को संबोधित किया. यहां डीएसई आकाश कुमार ने कहा सभी स्कूलों में मध्यान भोजन योजना नियमित रूप से जारी रहेगा. इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पर स्कूल के शिक्षक (सचिव) दोषी होंगे. उन्होंने कहा स्कूलों को मिलने वाली ग्रांट राशि समय सीमा पर खर्च करना है. बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन से जोड़ना है. शिक्षा के साथ-साथ रूचि अनुसार विद्यार्थियों को खेलों के लिए प्रेरित करना है. वहीं, सरकार की ओर से लागू तमाम लाभकारी योजनाओं की जानकारी बच्चे और अभिभावक तक पहुंचाना है. अधिकारियों को जिम्मेदारी का एहसास कराया डीएसई ने बीआरपी-सीआरपी सहित शिक्षण व्यवस्था से जुड़े प्रखंड एवं जिला स्तर के पदाधिकारी को उनके जिम्मेदारी और जवाबदेही का एहसास कराया है. मौके पर बीईईओ राकेश कुमार, बीपीओ रश्मि सिंह, सीआरपी अजय नारायण दास, मुकेश कुमार सहित शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद थे.

सख्त चेतावनी, काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं और मंत्री ने दिए जीरो टॉलरेंस के निर्देश

 रांची झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बुधवार को रांची स्थित नेपाल हाउस में विभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया. मंत्री ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और कार्यालयीन अनुशासन का बारीकी से जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से लंबित फाइलों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने पाया कि कई फाइलें बिना किसी ठोस कारण के लंबित पड़ी हैं, जिससे आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जनता के कामों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सख्त लहजे में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनता को मिलने वाली मूलभूत सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने को कहा. समयबद्ध उपस्थिति और शिकायतों के समाधान पर जोर मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें. इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि शिकायतों को नजरअंदाज करना या अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी. गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश आगामी गर्मी को देखते हुए मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हर हाल में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए. खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत युद्धस्तर पर की जाए और जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दो टूक शब्दों में कहा कि काम में ढिलाई, जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति और लापरवाही अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय होगी. ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करने का निर्देश उन्होंने विभाग को जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने का निर्देश दिया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि जनता की सेवा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसमें किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जो भी इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहेगा, उसके लिए विभाग में कोई जगह नहीं होगी.

तपती गर्मी के बीच बिहार में झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने इन 19 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

 पटना    बिहार में पिछले दिनों से पड़ रही तपती गर्मी के बाद एक बार फिर मौसम सुहावना हो गया है. आज सुबह से ही बिहार के कई जिलों में मौसम बदल गया है. कुछ जिलों में झमाझम बारिश तो कुछ जिलों में दिनभर बादल छाए हुए हैं. इस बीच मौसम विभाग ने 9 अप्रैल तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है. 9 अप्रैल को इन जिलों में येलो अलर्ट जारी मौस विभाग के मुताबिक, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई जिले में येलो अलर्ट है. इन जिलों में तेज बारिश, ठनका गिरने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई है. गयाजी और नालंदा में अलर्ट जारी मौसम विभाग ने गयाजी और नालंदा जिले में अगले एक से तीन घंटे में बारिश की चेतावनी जारी की है. इस दौरान तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. इसके साथ ही ठनका गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है. मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है. खासकर किसानों से बिगड़े मौसम में खेतों में नहीं रहने की अपील की है. मौसम में अचानक बदलाव की वजह बिहार में बदलते मौसम को लेकर मौसम वैज्ञानिकों की ओर से बताया गया कि कई कारणों से मौसम पर प्रभाव पड़ रहा है. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं आ रही हैं. इन दोनों सिस्टम की वजह से नमी बढ़ गई है. इसके अलावा एक चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से भी बादल बन रहे, बारिश की स्थिति बन रही और ठनका गिरने की भी संभावना जताई गई. 24 घंटे में कैसा रहा मौसम? बीते 24 घंटों में बिहार के मौसम ने लोगों को बुरी तरह उलझा कर रखा. मंगलवार को जहां तीखी धूप ने पसीने छुड़ा दिए और कैमूर जैसे जिलों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया, जबकि रात होते-होते ठंडी हवाओं और बादलों ने दस्तक दे दी. पटना में भी गर्मी ने बेहाल किया. लेकिन अब दक्षिण बिहार के जिलों जैसे गया, औरंगाबाद और रोहतास में भी तेज हवाओं का असर दिखने की संभावना है, जिससे गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है.

नई सरकार की तैयारी, 15 अप्रैल को बिहार को मिल सकता है नया मुख्यमंत्री और दिल्ली में भाजपा की अहम बैठक

 पटना    बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होता दिख रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही पद छोड़ सकते हैं और राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इसे लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है और दिल्ली से लेकर पटना तक बैठकों का दौर जारी है. मंत्री विजय चौधरी के मुताबिक, नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दोपहर 3:20 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली रवाना होंगे. 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद 12 अप्रैल को उनके पटना लौटने की संभावना है. 14 अप्रैल को इस्तीफा, 15 को नई सरकार? सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को नीतीश कैबिनेट की आखिरी बैठक हो सकती है. इसके अगले दिन यानी 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है. इसके बाद 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है. नए CM के नाम पर सस्पेंस बरकरार बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. हालांकि मंत्री विजय चौधरी ने संकेत दिए हैं कि वही नाम आगे बढ़ेगा, जिसकी चर्चा मीडिया में चल रही है. फिलहाल सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम बताया जा रहा है. लेकिन, बीजेपी कई राज्यों में सीएम को लेकर चौंकाते आई है. दिल्ली में BJP की अहम बैठक 10 अप्रैल को दिल्ली में बिहार भाजपा की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है. इस बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाई जाएगी. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की भी संभावना है. NDA विधायकों की बैठक होगी निर्णायक नीतीश कुमार के पटना लौटने के बाद एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुलाई जा सकती है. इस बैठक में वे अपने इस्तीफे की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं. इसके बाद एनडीए के सभी घटक दल अपने-अपने विधायक दल की बैठक कर नेता का चयन करेंगे. फिर संयुक्त बैठक में एनडीए के नेता का ऐलान होगा, जो राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. इस्तीफे से पहले बड़े फैसलों की तैयारी चर्चा है कि इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं. यह बैठक मौजूदा सरकार की आखिरी बैठक मानी जा रही है. नीतीश कुमार पहले ही 30 मार्च को विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे चुके हैं. करीब 20 साल तक सदन में रहने के बाद उन्होंने बेहद कम शब्दों में अपना इस्तीफा सौंपा था.

हज यात्रियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी,निजी स्तर पर कुर्बानी और खाना बनाने पर रोक, ‘नुसुक मसार’ पोर्टल हुआ अनिवार्य

रांची   मुकद्दस हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों के लिए इस बार सफर की राह काफी अलग और हाइटेक नजर आएगी. 20-21 अप्रैल से विधिवत शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मदरसा फैजुल उलूम से हज यात्रा पर जाने वाले आजमीन ए हज की उड़ान 20-21 को होगी. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, विशेषकर ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव को देखते हुए भारत सरकार ने “हज यात्रा 2026” को पूरी तरह डिजिटल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने का निर्णय लिया है. इस बार पूरी व्यवस्था को सेंट्रलाइज्ड कर दिया गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर पल-पल की नजर रखी जा सके. हज कमेटी ने सभी को निर्देश दिया है कि वे अपने स्मार्ट बैंड को हमेशा चार्ज रखें और यात्रा के दौरान इसे अनिवार्य रूप से पहनें. एआइ बैंड: यात्रियों के लिए बनेगा सुरक्षा कवच इस बार हज यात्रियों को पारंपरिक सुविधाओं के साथ-साथ अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से लैस “स्मार्ट बैंड” दिया जाएगा. यह डिवाइस प्रत्येक यात्री के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी. इस बैंड में एक विशेष ‘इमरजेंसी बटन’ दिया गया है. यदि कोई यात्री भीड़ में खो जाता है या अचानक उसकी तबीयत खराब होती है, तो इस बटन को दबाते ही कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा. इससे रिस्पॉन्स टीम बेहद कम समय में जायरीन तक पहुंच सकेगी. लोकेशन और हेल्थ मॉनिटरिंग की सुविधा यह स्मार्ट बैंड यात्रियों की रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक करेगा. हज के दौरान भारी भीड़ में अक्सर लोग अपने समूह से बिछड़ जाते हैं, जिसे अब इस तकनीक की मदद से तुरंत ढूंढा जा सकेगा. साथ ही यह डिवाइस यात्रियों के ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और ऑक्सीजन लेवल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की भी निगरानी करेगा. तबीयत बिगड़ने की स्थिति में मेडिकल टीम को पहले ही सूचना मिल जाएगी, जिससे समय रहते उपचार शुरू किया जा सके. निजी स्तर पर कुर्बानी और खाना बनाने पर रोक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव कुर्बानी को लेकर किया गया है. अब कोई भी हाजी निजी स्तर पर बाजार से जानवर खरीदकर कुर्बानी नहीं दे सकेगा. सऊदी अरब सरकार ने ‘फोटो वाली ठगी’ और गंदगी को रोकने के लिए ‘नुसुक मसार पोर्टल’ अनिवार्य कर दिया है. अब केवल आधिकारिक ‘अदाही प्रोजेक्ट’ के माध्यम से ही ऑनलाइन बुकिंग होगी. इसके अलावा, कैंपों में आग लगने के खतरे को देखते हुए खुद खाना बनाने पर पाबंदी लगा दी गई है. यात्रियों को अपने साथ कम से कम 3000 सऊदी रियाल रखना अनिवार्य होगा, जो उनके भोजन और अन्य निजी खर्चों के लिए तय किया गया है. किस्त जमा करने की डेडलाइन समाप्त हज मास्टर ट्रेनर हाजी युसूफ के अनुसार, तीसरी और अंतिम किस्त (17,290 रुपये) जमा करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2026 थी, जो अब समाप्त हो चुकी है. हज यात्रा का कुल खर्च लगभग 3.52 लाख रुपये निर्धारित है. जिन यात्रियों ने समय पर भुगतान पूरा कर लिया है, उन्हीं का फ्लाइट कन्फर्मेशन बहाल रहेगा. एम्बारकेशन प्वाइंट पर 24 घंटे पूर्व रिपोर्टिंग अनिवार्य झारखंड राज्य हज समिति ने हज 2026 के चयनित जायरीनों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. हज कमेटी ऑफ इंडिया के सर्कुलर नंबर 34 के आलोक में जारी इन निर्देशों के अनुसार, इस बार यात्रियों को अपना मूल पासपोर्ट किसी कार्यालय में जमा करने के बजाय स्वयं अपने पास सुरक्षित रखना होगा. एम्बारकेशन प्वाइंट (प्रस्थान स्थल) पर रिपोर्टिंग के समय मूल पासपोर्ट प्रस्तुत करने पर ही यात्रा दस्तावेज जारी किए जाएंगे. पासपोर्ट की वैधता 31 दिसंबर 2026 तक होनी चाहिए और उसमें कम से कम दो खाली पेज होने अनिवार्य हैं. स्मार्ट वॉच और हज किट के लिए नियम तय सभी हज यात्रियों को एम्बारकेशन प्वाइंट से ही ‘हज किट’ प्रदान की जाएगी, जिसमें आईडी कार्ड, वीजा और एआई तकनीक से लैस स्मार्ट वॉच शामिल होगी. कवर हेड अपनी टीम के सभी सदस्यों की किट प्राप्त कर सकता है. यदि कोई अन्य व्यक्ति किट लेने जाता है, तो उसे अपना मूल आधार कार्ड और हस्ताक्षरित प्राधिकरण पत्र (अनेक्सचर-1) दिखाना होगा. यात्रियों को अपनी फ्लाइट बुकिंग की पुष्टि ‘हज सुविधा ऐप’ या पोर्टल के माध्यम से करनी होगी और उसकी रसीद सुरक्षित रखनी होगी. हज सुविधा ऐप इंस्टॉल करना अनिवार्य कार्यपालक पदाधिकारी आफताब अहमद ने बताया कि सभी यात्रियों के लिए मोबाइल में ‘हज सुविधा ऐप’ इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया गया है. जिला खादिमुल हुज्जाज और ट्रेनर्स को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिलों के यात्रियों को यह ऐप डाउनलोड कराएं और इसकी सूची राज्य समिति को उपलब्ध कराएं. प्रस्थान स्थल पर यात्रियों को कम से कम 24 घंटे पहले रिपोर्ट करना होगा, जबकि सीधे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को 6 घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य होगा. आधिकारिक ‘नुसुक मसार’ पोर्टल के माध्यम से ही अदाई प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना होगा. यात्रियों को चेक लिस्ट के अनुसार मूल पासपोर्ट, स्वास्थ्य कार्ड, टीकाकरण प्रमाण पत्र, भुगतान रसीद और हस्ताक्षरित फ्लाइट कन्फर्मेशन रसीद अपने साथ रखनी होगी. किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर यात्री तुरंत राज्य हज समिति से संपर्क कर सकते हैं.

नीतीश सरकार की नई सौगात: जीविका समूह की महिलाओं को सस्ता बीमा लाभ

पटना. मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों के लिए बड़ी योजना शुरू की है। 15 अप्रैल से 31 मई तक राज्यभर में ‘बीमा सुरक्षा उत्सव’ अभियान चलाया जाएगा, जिसके जरिए लाखों महिलाओं को जीवन बीमा से जोड़ा जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य करीब एक करोड़ जीविका दीदियों को बीमा सुरक्षा देना है। फिलहाल राज्य में लगभग 72 लाख दीदियां पहले से बीमित हैं, लेकिन अब इस दायरे को और बढ़ाने की तैयारी है। दो योजनाएं, कम खर्च में बड़ा कवर दीदियों को दो सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा-Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana और Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana। पहली योजना में 436 रुपये सालाना प्रीमियम है, जबकि दूसरी में महज 20 रुपये में बीमा कवर मिलता है। दुर्घटना या मृत्यु पर 4 लाख तक की मदद इन दोनों योजनाओं को मिलाकर बीमित दीदी के परिवार को अधिकतम 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। प्राकृतिक मृत्यु पर 2 लाख और दुर्घटना में मृत्यु पर अतिरिक्त 2 लाख रुपये का प्रावधान है। बैंक खाते से खुद कटेगा प्रीमियम बीमा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अंशदान सीधे बैंक खाते से काटा जाएगा। आवेदन करते ही प्रीमियम स्वतः जमा हो जाएगा, जिससे दीदियों को अलग से भुगतान की झंझट नहीं होगी। एक साल के लिए मिलेगा बीमा कवर यह बीमा 1 जून से लागू होगा और एक साल तक मान्य रहेगा। हालांकि अभियान 31 मई तक चलेगा, लेकिन इसके बाद भी इच्छुक दीदियां योजना से जुड़ सकती हैं। परिवार तक बढ़ेगी सुरक्षा की पहुंच अभियान के दौरान जीविका दीदियों को अपने पति का भी बीमा कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे पूरे परिवार को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके। अब तक हजारों परिवारों को मिला सहारा पिछले वर्षों में इस योजना से करीब 10 हजार परिवारों को आर्थिक मदद मिल चुकी है। सरकार अब इसे और व्यापक बनाकर ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। सियासी विदाई से पहले बड़ा संदेश मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश माना जा रहा है। यह पहल न सिर्फ महिलाओं को सशक्त करेगी, बल्कि उनके परिवारों को भी आर्थिक सुरक्षा देगी।

चार दिनों के बाद मानगो वासियों को मिली पानी की किल्लत से राहत, क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत शुरू

 जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में एमजीएम अस्पताल के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान उत्पन्न विवाद आखिरकार प्रशासन की सक्रियता से सुलझ गया. क्षतिग्रस्त जल कनेक्शनों की मरम्मत शुरू होने के बाद चार दिनों से पानी की समस्या झेल रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है. लापरवाही से टूटी पाइपलाइन, बढ़ा विवाद मानगो के शंकोसाई रोड नंबर 1 में पाइपलाइन बिछाने के दौरान दर्जनों घरों के पुराने जल कनेक्शन क्षतिग्रस्त हो गए थे. स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद संवेदक और अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं किया और काम जारी रखा था, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया था. विरोध के बाद पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह देर रात मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया था. इस दौरान संवेदक के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई. विवाद बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया था. प्रशासन की पहल से शुरू हुई मरम्मत उपायुक्त के निर्देश पर बुधवार सुबह नगर निगम के अभियंता जलालुद्दीन प्लंबरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत शुरू कराई. साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकरों के जरिए जलापूर्ति भी सुनिश्चित की गई. निगरानी में चल रहा काम, लोगों को मिली राहत वर्तमान में वार्ड पार्षद जितेंद्र साहू और रवि गोराई की देखरेख में मरम्मत कार्य जारी है. प्रशासन और पुलिस की निगरानी में काम सुचारू रूप से चल रहा है. विकास सिंह ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर आम जनता को परेशानी में डालने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी किसी भी मनमानी से सख्ती से निपटा जाएगा. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की निगरानी में काम सुचारू रूप से चल रहा है.

बिहार की रेल लाइफलाइन को मिली नई रफ्तार, मोकामा पुल और फ्लाईओवर से खत्म होगी ट्रेनों की लेटलतीफी

 पटना बिहार में उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाली लाइफलाइन यानी मोकामा के गंगा पुल बनकर तैयार है. दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह तैयार है और वर्तमान में इसे पटना-झाझा मेन रेल लाइन से जोड़ने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. इस पुल के शुरू होते ही न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि बरौनी और बेगूसराय की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा. फिनिशिंग स्टेज में प्रोजेक्ट, जल्द होगा ट्रायल दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल पर सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और ट्रैक बिछाने का काम अंतिम चरण में है. अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि जून तक इसे पूरी तरह चालू किया जा सके. राजेंद्र सेतु काफी पुराना हो चुका है, जिसके कारण इस पर ट्रेनों की गति धीमी रहती है. नया पुल अत्याधुनिक तकनीक से बनाया गया है, जो तेज रफ्तार और भारी ट्रेनों का भार आसानी से सह सकेगा. इससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और सफर का समय कम होगा. फ्लाईओवर से नहीं रुकेगी ट्रेनें नए पुल की खासियत यह है कि इसके दोनों छोर पर रेल ओवर रेल (ROR) फ्लाईओवर बनाए गए हैं. इससे मेन लाइन की ट्रेनें बिना रुके गुजर सकेंगी और उत्तर बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनें सीधे फ्लाईओवर के जरिए पुल पर चढ़ेंगी. इससे जाम और देरी की समस्या खत्म होगी. यह पुल भविष्य में वंदे भारत और अमृत भारत जैसी तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए भी पूरी तरह सक्षम होगा. इसके साथ ही पटना में पाटलिपुत्र कोच कॉम्पलेक्स का निर्माण भी जारी है, जहां अगले दो वर्षों में इन ट्रेनों की मेंटेनेंस की सुविधा उपलब्ध होगी. पटना जंक्शन का होगा विस्तार रेलवे की नजर भविष्य के ट्रैफिक दबाव पर है. पटना जंक्शन के विस्तार के लिए हार्डिंग पार्क की जमीन पर फेज-टू का काम शुरू हो चुका है, जहां मेमू ट्रेनों के लिए अलग प्लेटफॉर्म और लिफ्ट जैसी सुविधाएं होंगी. साथ ही, डीडीयू से झाझा के बीच 400 किमी लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना को भी मंजूरी मिल गई है. बख्तियारपुर से किउल खंड के बीच अतिरिक्त लाइनें बिछने से ट्रेनों की लेटलतीफी बीते दौर की बात हो जाएगी और बिहार का रेल नेटवर्क देश के सबसे आधुनिक नेटवर्क में शुमार होगा.

डबल अटैक से सतर्क रहें: बिहार के कई जिलों में तूफान, बारिश और ओलों की चेतावनी

पटना. बिहार में आज मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसमें 12 जिलों को ऑरेंज और 26 जिलों को यलो अलर्ट में रखा गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक, भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी संभावना है। हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। यलो अलर्ट वाले जिलों में मौसम अपेक्षाकृत हल्का रहेगा, लेकिन गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों पर जाने से बचने को कहा गया है। कई जिलों में बारिश शुरू, जमुई में तेज बरसात राज्य के कई हिस्सों में सुबह से ही मौसम बदला हुआ है। गोपालगंज, बेगूसराय, रक्सौल, सासाराम, लखीसराय, खगड़िया और पश्चिम चंपारण के बगहा व मंझौलिया में हल्की बारिश दर्ज की गई है, जबकि जमुई में तेज बारिश हुई है। पटना में दिनभर बदलता रहेगा मौसम का मिजाज राजधानी पटना में सुबह बूंदाबांदी के बाद दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। बीच-बीच में बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। अगले 1-2 दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने के संकेत हैं। तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली राहत बारिश और बादलों की वजह से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। पटना में आज अधिकतम तापमान करीब 32°C और न्यूनतम 24°C रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हवा, नमी और यूवी इंडेक्स का असर पश्चिमी दिशा से 7.9 से 15 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। आर्द्रता करीब 55% है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि यूवी इंडेक्स 6.3 होने के कारण धूप में निकलते समय सावधानी जरूरी है। हवा की गुणवत्ता भी बनी चिंता पटना का AQI 135-144 के बीच दर्ज किया गया है, जो मध्यम से खराब श्रेणी में आता है। PM 2.5 का स्तर अधिक होने से सांस के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले 7 दिनों में बढ़ेगी गर्मी की वापसी हालांकि फिलहाल राहत है, लेकिन अगले कुछ दिनों में तापमान फिर बढ़ने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 36°C से 41°C तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग की अपील मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और जरूरी होने पर ही बाहर निकलें।

पटना समेत इन 5 जिलों की बदलेगी तस्वीर, बियाडा ने आवंटित की जमीन और 700 से अधिक प्रस्ताव तैयार

पटना बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई फैसले ले रही है. इसके साथ ही इंवेस्टर्स के लिए कई योजनाएं भी ला रही है. इसी का असर अब बिहार में कहीं ना कहीं दिखना शुरू होने वाला है. आने वाले दिनों में बिहार में नई-नई फैक्ट्रियां लगाई जा सकतीं हैं. इसके लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपए इंवेस्ट करने की प्लानिंग की गई है. इन 5 जिलों के लिए मेगा प्लान तैयार जानकारी के मुताबिक, बिहार के 5 जिलों पटना (बिहटा), गया, पूर्णिया, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर में 15 नई फैक्ट्रियां लगाई जायेंगी. इन फैक्ट्रियों को लगाने के लिए करीब 64 एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा. खास बात यह है कि बियाडा की तरफ से जमीन आवंटित भी कर दिया गया है, जिससे अगले कुछ सालों में इन जिलों की तस्वीर ही बदल जाने की संभावना जताई जा रही है. कौन-कौन सी लगाई जाएगी फैक्ट्री? बताया जा रहा है कि पांच जिलों में फूड प्रोसेसिंग, रबर, कपड़े, प्लास्टिक, आईटी सेक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी समेत कई इंडस्ट्रियल यूनिट लगाए जा सकते हैं. जिन कंपनियों की ओर से बिहार में इंवेस्ट किया जाएगा, उनमें एचआर फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड, निरानी शुगर्स लिमिटेड और संजीवनी मीडिया एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड है. इतने फैक्ट्रियों को लगाने का प्रस्ताव जानकारी के मुताबिक, बिहार में एक साल में लगभग 747 फैक्ट्रियां लगने का प्रस्ताव मिला है. इनमें से 317 फैक्ट्रियों के लिए 404 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. बिहार में फैक्ट्रियों के लगने से राज्य सरकार का लक्ष्य पूरा हो सकेगा. बिहार सरकार ने राज्य में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया था. बिहार में मिल सकेगा रोजगार ऐसे में बिहार में फैक्ट्रियों के लगने से लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध हो सकता है. इसके साथ ही बिहार से पलायन पर भी कहीं ना कहीं रोक लग सकेगी. उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने जानकारी दी कि राज्य में टेक्सटाइल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई अन्य कंपनियां लगाई जा रही है. बिहार एक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में डेवलप हो रहा है.