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रेलवे परिचालन ठप: मालगाड़ी बेपटरी, यात्री परेशान

जमुई जमुई में हुए बड़े रेल हादसे का असर सोमवार को भी साफ तौर पर देखने को मिला। जसीडीह-झाझा रेलखंड पर पटरी दुरुस्त करने और डिरेल मालगाड़ी के डिब्बे हटाने का काम रविवार रात भर युद्ध स्तर पर चलता रहा, बावजूद इसके दूसरे दिन भी इस रूट पर रेल परिचालन शुरू नहीं हो सका। इसका सीधा असर जसीडीह जंक्शन से दिल्ली की ओर जाने वाली और किउल जंक्शन से हावड़ा की ओर जाने वाली ट्रेनों पर पड़ा। यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा, वहीं कई ट्रेनों के रद्द या डायवर्ट होने से उनकी यात्रा योजनाएं पूरी तरह बिगड़ गई। हावड़ा जाने वाली ट्रेनों को पटना के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है, जबकि दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को आसनसोल होकर भेजा जा रहा है। पटना-हावड़ा रेल रूट पर सोमवार को भी ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे के अनुसार सोमवार को कुल 17 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया, जबकि 13 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। डायवर्ट की गई प्रमुख ट्रेनों में धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस, पटना-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, हावड़ा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस, कोलकाता-गोरखपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस, जसीडीह-पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस, आसनसोल-मुंबई सीएसएमटी एक्सप्रेस, रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस, पटना-हटिया पाटलिपुत्र एक्सप्रेस और काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस शामिल हैं। कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया, जिससे स्थानीय यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। कई ट्रेनों को किया गया था डाइवर्ट रविवार को भी रेलवे ने सुरक्षा और परिचालन कारणों से कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया है। मुजफ्फरपुर से हावड़ा जाने वाली 13020 बाघ एक्सप्रेस को 16 स्टेशनों पर कैंसिल कर दिया गया था, जबकि इस ट्रेन को बरौनी से ही डायवर्ट किया गया। वहीं, हावड़ा से मुजफ्फरपुर आने वाली 13019 बाघ एक्सप्रेस को अंडाल से किऊल के बीच रद्द कर दिया गया। इसके कारण चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह में सवार होने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। खासकर जसीडीह स्टेशन पर उत्तर बिहार के बड़ी संख्या में यात्री पूरी रात फंसे रहे। इसके अलावा पटना-देवघर पैसेंजर (63210) को पूरी तरह कैंसिल कर दिया गया है। कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस (22348) को गया के रास्ते आसनसोल तक डायवर्ट किया गया। पंजाब मेल (13005) को बांका-किऊल के रास्ते पटना होकर चलाया जा रहा है। हावड़ा-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस (12351) को मधुपुर से डायवर्ट कर दिया गया है और जसीडीह से पटना साहिब तक इसे कैंसिल रखा गया है। साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287) को आसनसोल से डायवर्ट कर बदले हुए रूट से बख्तियारपुर होते हुए आरा तक चलाया जा रहा है। धनबाद-पटना एक्सप्रेस (13331) गया के रास्ते पटना पहुंची, जबकि मधुपुर से राजेंद्र नगर टर्मिनल तक इसे कैंसिल रखा गया। पटना-धनबाद एक्सप्रेस (913332), पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस (18622), टाटा–बक्सर एक्सप्रेस (18183) और अकालतख्त एक्सप्रेस को भी अलग-अलग रूट से डायवर्ट किया गया है। Train Accident: बिहार-झारखंड सीमा पर बड़ा ट्रेन हादसा, 8 डिब्बे हुए बेपटरी, तीन नदी में गिरे; रेल परिचालन ठप क्या है पूरा मामला यह हादसा शनिवार की रात करीब 11.25 बजे जसीडीह-झाझा रेलखंड पर टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल के समीप हुआ। आसनसोल की ओर से झाझा जा रही सीमेंट लदी अपलाइन मालगाड़ी पटरी में आई दरार की वजह से डिरेल हो गई। हादसे में मालगाड़ी के कुल 19 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए, जबकि 9 डिब्बे नीचे बरुआ नदी में जा गिरे। यह मालगाड़ी पश्चिम बंगाल से सीतामढ़ी जा रही थी। मालगाड़ी के गार्ड मुकेश कुमार पासवान और लोको पायलट कमलेश कुमार ने बताया कि जैसे ही ट्रेन पुल पर चढ़ी, पीछे से जोरदार आवाज आई और कुछ ही सेकेंड में डिब्बे एक के बाद एक डिरेल होने लगे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जानिए कैसे हुआ हादसा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेलवे ब्रिज के जिस हिस्से में ट्रैक का जोड़ है, वहीं पटरी में पहले से दरार थी। भारी सीमेंट लदी मालगाड़ी जब उस हिस्से से गुजरी तो पटरी उसका बोझ सहन नहीं कर सकी। अपलाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन की ओर मुड़ गई, जिससे दोनों ट्रैक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद डिब्बे ट्रैक और नदी में बिखर गए, जिन्हें हटाने में भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सोमवार शाम तक भी रेल लाइन प्रभावित रहने की संभावना है। हालांकि विभाग का दावा है कि मरम्मत और मालवा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है और जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर परिचालन बहाल करने की कोशिश जारी है।

बिना आवंटी के खाली सरकारी बंगले पर जेडीयू का सवाल, सरकार से सख्त निगरानी की अपील

पटना अभी हाल ही में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना स्थित अपने आवास को खाली किया था। पटना स्थित 10 सर्कुलर स्थित सरकारी बंगले को खाली करने के बाद इसपर विवाद भी लगातार हो रहा है। अब जनता दल (यूनाइटेड) ने सवाल उठाया है कि आखिर रात के वक्त आवास को किसके आदेश से खाली किया गया? JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने भवन निर्माण विभाग को लिखे खत में अनुरोध किया है कि वहां पहले से लगे पंखे, कोड टोंटी समेत इत्यादि अन्य सामानों की निगरानी करवाई जाए। JDU प्र्वक्ता की तरफ से जो चिट्ठी भवन निर्माण विभाग को लिखी गई है उसमें कहा गया है कि मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, राबड़ी देवी के आवास को उनके परिवार की अनुपस्थिति में खाली किया गया था। रात के वक्त लालू-राबड़ी की गैरहाजिरी में पिकअप वैन के जरिए आवास से गमले और पौधे बाहर ले जाए जा रहे थे। खत में आगे लिखा गया है कि भवन निर्माण विभाग यह स्पष्ट करे कि आवास परिसर में लगे गमले और पौधे उद्यान विभाग की संपत्ति हैं अथना निजी। यह भी लिखा गया है की गई है कि विभाग यह बताए कि राबड़ी देवी और उनके परिवार की अनुपस्थिति में पिकअप वैन को परिसर के अंदर जाने की अनुमति किसने दी थी। जदयू प्रवक्ता ने राबड़ी आवास में रखे कई सामानों का जिक्र भी अपने खत में करते हुए कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पंखा, एसी, बाथरूम फिटिंग, टोंटी, गीजर, शौचालय में लगा कमोड, खिड़की-दरवाजे के पर्दे सहित अन्य सभी सरकारी सामान पूरी तरह से सुरक्षित हों। नीरज कुमार ने एक्स पर यह खत और अपना वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होने कहा है कि भवन निर्माण मंत्री को हमने पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है कि साल 2006 से पटना में बड़ा भू-भाग, मकान रहने के बावजूद राबड़ी देवी का परिवार 10 सर्कुलर रोड में रहता है। ऐसी स्थिति में उनको कैबिनेट मंत्री का दर्ज प्राप्त है। तो भवन निर्माण विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री की पूरी जानकारी है लिहाजा यह सभी सामान विभाग के सुपुर्द किए जाएं। पंखा, एसी, फर्नीजर, इत्यादि सामग्रियां पूर्णत: सुरक्षित तथा अपने पुराने स्थान पर उपलब्ध हों यह राबड़ी देवी की जिम्मेदारी बनती है। भवन निर्माण विभाग से आग्रह है कि सम्पूर्ण प्रक्रिया की विधिवत निगरानी कराई जाए। बता दें कि बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर 2025 को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का नोटिस दिया था। इसके बाद पटना के हार्डिंग रोड स्थित 39 नंबर का नया सरकारी बंगला राबड़ी देवी के नाम आवंटित किया गया है। यह आवास उन्हें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के आधार पर केंद्रीय पूल से दिया गया है।  

राशन कार्ड अपडेट: बिहार में 57 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटने से हड़कंप

पटना  बिहार के राशन कार्डधारियों से जुड़ी बड़ी खबर है. केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग ने बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को बड़ा आदेश दिया है. इसके मुताबिक बिहार के 57 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारियों के नाम हटने वाले हैं. ये ऐसे राशन कार्डधारी हैं, जिनकी पात्रता संदिग्ध है. राशनकार्ड धारियों में 25 लाख का टर्नओवर वाले का भी नाम जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध राशनकार्ड धारियों में अच्छा खासा कारोबार करने वाले जीएसटी में रजिस्टर्ड और 25 लाख से अधिक ग्रॉस टर्न ओवर वाले बिजनेस मैन भी शामिल हैं. मीडियम और हैवी मोटर व्हीकल वाले भी हैं. आयकर जमा करने वाले और बड़ी जमीन का स्वामित्व रखने वाले काश्तकार लोगों की संख्या भी लगभग 60 हजार है. अब तक 36 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर सख्त एक्शन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय खाद्य विभाग के निर्देश के बाद बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 36 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर अभी तक सख्त एक्शन ले लिया है. इनमें अधिकतर के नाम हटा दिये गये हैं. बाकी रह गये करीब 20 लाख से अधिक राशनकार्ड धारियों की पात्रता का सत्यापन किया जा रहा है. जनवरी तक हो सकता है सत्यापन संभावना जताई जा रही है कि जनवरी तक इनका सत्यापन हो जायेगा. इस समय पूरे खाद्य विभाग का फोकस इसी से संबंधित अभियान पर लगा हुआ है. केंद्र से मिली लिस्ट में सबसे आश्चर्य जनक खुलासा हुआ है कि राशन कार्डों में 22 हजार से अधिक लोग ऐसे बताये गये हैं, जिनकी उम्र 100 साल से अधिक है. अधिक केस वाले 10 जिले दरभंगा मधुबनी मुजफ्फरपुर पटना पूर्वी चंपारण समस्तीपुर सारण सीतामढ़ी सीवान वैशाली कम केस वाले 10 जिले अरवल शेखपुरा शिवहर जहानाबाद लखीसराय कैमूर (भभुआ) मुंगेर बक्सर मधेपुरा किशनगंज

अद्भुत मामला झारखंड से: पुलिस स्टोर का 200 किलो गांजा चूहों ने निगल लिया

रांची  झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी थाने में पुलिस की कड़ी निगरानी में रखा गया करीब 200 किलो गांजा चूहों ने खा लिया. यह पुलिस ने कोर्ट को बताया है. यह मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज केस से जुड़ा है, जिसमें अदालत ने सबूतों की गंभीर खामियों और पुलिस की लापरवाही को देखते हुए आरोपी को बरी कर दिया. आरोपी इंद्रजीत राय (26 वर्ष) बिहार के वैशाली जिला के वीरपुर गांव का रहनेवाला है. पुलिस और अदालत में उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला 17 जनवरी 2022 का है. ओरमांझी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की बोलेरो रांची से रामगढ़ की ओर जा रही है, जिसमें भारी मात्रा में मादक पदार्थ लदा है. पुलिस टीम ने एनएच-20 पर बैरिकेडिंग की. गाड़ी रुकते ही उसमें सवार तीन लोग भागने लगे. पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि दो फरार हो गये. पकड़े गये व्यक्ति की पहचान इंद्रजीत राय उर्फ अनुरजीत राय के रूप में हुई. तलाशी में करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ गाड़ी की तलाशी में करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ. इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया. जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, लेकिन मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस की कहानी सवालों के घेरे में आ गयी. गवाहों के बयानों में समय, स्थान और घटनाक्रम को लेकर भारी विरोधाभास सामने आया. कोई यह स्पष्ट नहीं कर सका कि आरोपी को किसने पकड़ा, गाड़ी कहां रोकी गयी या तलाशी कितनी देर चली. मालखाना में सुरक्षित रखा गया जब्त गांजा चूहे खा गये सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब अदालत को बताया गया कि ओरमांझी थाना के मालखाना में सुरक्षित रखा गया जब्त गांजा चूहे खा गये. इस संबंध में वर्ष 2024 में पुलिस ने सनहा दर्ज किया. अदालत ने इस दावे को गंभीर लापरवाही मानते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाया. फैसले में अदालत ने कहा कि न तो आरोपी को वाहन से जोड़ने के ठोस सबूत पेश किये गये, न ही जब्ती और नमूनाकरण की प्रक्रिया पर भरोसा किया जा सकता है. वाहन के इंजन और चेसिस नंबर तक स्पष्ट नहीं थे, जिससे जांच की विश्वसनीयता कमजोर हो गयी. इसलिए अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया. मलखाने से गायब हुए गांजे की कीमत एक करोड़ आरपीएफ गांजा बरामदगी के बाद प्रति किलोग्राम 50 हजार रुपये की दर से मूल्यांकन करती है. इस तरह बरामद 200 किलो गांजा का मूल्य एक करोड़ रुपये हुआ. पुलिस के अनुसार यह चूहे खा गये. यह मामला न सिर्फ पुलिस की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि इतने बड़े पैमाने पर जब्त मादक पदार्थों की सुरक्षा और निगरानी आखिर कैसे की जाती है? अब यह जांच का विषय है कि क्या मालखाना में सचमुच चूहों का आतंक है या इसके पीछे कोई दूसरी कहानी है? घटनाक्रम 17 जनवरी 2022 : गांजा बरामदगी के लिए छापेमारी हुई. 17 जनवरी 2022 : ओरमांझी थाना में केस दर्ज होने की तिथि. 13 मार्च 2022 : केस में आरोपी इंद्रजीत राय पर चार्जशीट हुआ. 01 जून 2022 : केस में आरोपी पर चार्ज फ्रेम हुआ. 15 जून 2022 : केस में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया. 16 दिसंबर 2025 : केस में बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया. 19 दिसंबर 2025 : केस में आरोपी को बरी करने का फैसला आया.

अलेक्स की पढ़ाई का जुनून: 4 साल का बच्चा पेट्रोल पंप पर पढ़ता, वीडियो देख सरकार भी पसीज गई

रांची  झारखंड की राजधानी रांची में आजकल पेट्रोल पंप पर पढ़ते हुए बच्चे का वीडियो काफी वायरल हो रहा है. दरअसल, यह बच्चा एलेक्स मुंडा है, जिसकी मां उसी पेट्रोल पंप में काम करती है. एलेक्स ने बताया कि उसने अपने पिता को कभी देखा ही नहीं. उसकी मां पुनीता बताती हैं कि 4 साल पहले ही उनके पति की मौत हो गई थी. बच्चे ने तो अपने पिता को देखा भी नहीं है. पेट्रोल पंप की रोशनी में पढ़ाई करता है बच्चा पुनीता ने बताया कि वे खपड़े के घर में रहते हैं और पेट्रोल पंप की रोशनी में एलेक्स पढ़ाई करता है. घर में पढ़ने के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है. पढ़ाई का ऐसा जुनून है कि कहीं भी पढ़ लेता है. बड़ा होकर कलेक्टर बनना चाहता है. मुझे कभी इसे पढ़ने के लिए कहना नहीं पड़ता, जहां रोशनी मिलती है, वहीं किताब खोलकर बैठ जाता है. एक वीडियो ने रातों-रात कर दिया वायरल दरअसल, रांची के सुकुरहुत्तु चौधरी फ्यूल पेट्रोल पंप में पुनीता काम करती हैं और एलेक्स भी वहीं पेट्रोल पंप पर बैठकर पढ़ रहा था. इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसका वीडियो ट्विटर पर डाल दिया और सीएम को टैग कर दिया. इसके बाद सीएम ने संज्ञान लेते हुए रांची डीसी को निर्देश दिया कि इस बच्चे की तुरंत मदद की जाए. इसके बाद डीसी ने बच्चे को हर महीने सरकारी फंड से 4 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया है. सारे लोगों ने मोड़ लिया मुंह पुनीता बताती हैं कि उनके पास संपत्ति के नाम पर सिर्फ उनका 4 साल का बच्चा है, और कोई नहीं, सारे रिश्तेदारों ने मुंह मोड़ लिया. बस यह खपड़े का छोटा सा घर और बेटा ही उनके पास है. मैं इसे पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाना चाहती हूं. इसी वजह से पेट्रोल पंप में काम करती हूं, जिससे कुछ पैसे मिल जाते हैं. लगभग सारे पैसे इसकी पढ़ाई में ही खर्च हो जाते हैं. अब सरकार से जो मदद मिलेगी, उससे काफी सहारा मिलेगा. बड़ा होकर कलेक्टर बनूंगा एलेक्स ने बताया कि वह बड़ा होकर कलेक्टर बनना चाहता है, डीसी बनना है. जिस तरह डीसी साहब ने गरीब बच्चों की मदद की और मेरी मदद की, वैसे ही मैं भी सबकी मदद करूंगा. यूपीएससी की परीक्षा दूंगा और इसके लिए दिन-रात मेहनत करके पढ़ाई करूंगा, मम्मी का सहारा बनूंगा. पापा को तो नहीं देखा है, लेकिन मम्मी के लिए सब कुछ करना है और गरीबों के लिए भी.  

कांप उठा झारखंड: 6 जिलों में शीतलहर की दस्तक, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

रांची झारखंड के छह जिलों के लिए शीतलहर की चेतावनी जारी की गई और राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। यह जानकारी मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक बुलेटिन में दी गई। गुमला सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। आईएमडी के जारी बुलेटिन के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरदगा और गुमला के लिए शीतलहर की स्थिति को लेकर ‘येलो' अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में रविवार सुबह 8:30 बजे तक ठंड का प्रकोप जारी रहने का अनुमान है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, ‘‘झारखंड के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में चलने वाली उत्तर-पश्चिमी से पश्चिमी हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति उत्पन्न हो रही है।'' उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने का अनुमान नहीं है और उसके बाद अगले दो से तीन दिनों में इसमें दो-तीन डिग्री की वृद्धि होगी। आईएमडी के अधिकारी ने बताया कि राज्य के 12 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में खूंटी में 4.7 डिग्री सेल्सियस और लोहरदगा में 5.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि डाल्टनगंज में पारा गिरकर 5.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। इसमें कहा गया कि रांची में न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस, बोकारो में 8.5 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा।  

चौका थाना बना झारखंड का सर्वश्रेष्ठ, नेशनल लेवल पर टॉप-4 में दर्ज हुई उपलब्धि

रांची  झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाने को प्रदर्शन के आधार पर की गई रैंकिंग के अनुसार प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ और देश में चौथा स्थान दिया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय प्रतिवर्ष देश भर के थानों का सर्वेक्षण करता है और उनके प्रदर्शन के आधार पर थानों की रैंकिंग पर रिपोर्ट जारी करता है। पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि थानों का मूल्यांकन विभिन्न मापदंडों पर किया जाता है और उसी के अनुसार उन्हें रैंक दी जाती है। एसपी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी थानों की रैंकिंग 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार चौका थाना राज्य में पहले और देश में चौथे स्थान पर है। पुलिस थानों की रैंकिंग रिपोर्ट प्रतिवर्ष डीजीपी के सम्मेलन के दौरान जारी की जाती है और देश के शीर्ष दस पुलिस थानों का चयन करके उन्हें रैंकिंग दी जाती है। एसपी ने कहा कि स्वतंत्र एजेंसियां 'क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम' (सीसीटीएनएस) के डेटाबेस, अपराधों के आंकड़े, महिलाओं के खिलाफ अपराध, कमजोर वर्ग के खिलाफ अत्याचार, पुलिस थाने के बुनियादी ढांचे, नागरिकों की प्रतिक्रिया, स्वच्छता, आईटी संसाधन, फोरेंसिक, पुलिस संचार और डिजिटल रिकॉर्ड, सक्रिय पहल और आम आदमी के साथ पुलिसकर्मियों के आचरण सहित विभिन्न पहलुओं पर जमीनी निरीक्षण करती हैं। सर्वेक्षण के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रायपुर में आयोजित हाल ही में हुए डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन के दौरान पुलिस थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग जारी की है। मूल्यांकन में चौका पुलिस थाने ने सभी मापदंडों को पूरा किया है और उसे देश में चौथा और झारखंड में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के 18,000 से अधिक पुलिस थानों में चौका थाने की उपलब्धि सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस के अनुशासन और "सेवा ही लक्ष्य" के प्रति उसकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।  

पटना साहिब में गुरु गोविंद सिंह का 359वां प्रकाश पर्व, CM नीतीश कुमार ने की अरदास

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व पर तख्त श्रीहरिमंदिर जी परिसर, पटना साहिब में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री ने तख्त श्रीहरिमंदिर जी, पटना साहिब में मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आये जत्थेदारों, हरिमंदिर जी प्रबंधक कमिटी के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री को तलवार, अंगवस्त्र, सरोपा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा बाल लीला मैणी संगत जाकर वहां भी मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, विधायक रत्नेश कुशवाहा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना प्रमण्डल के आयुक्त अनिमेष परासर, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारीगण, गुरूद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्यगण, सिख संगत, सेवादार एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

बिहार भूमि पोर्टल पर बड़ा बदलाव: पारिवारिक जमीन का दाखिल-खारिज होगा एक साथ

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को कहा कि पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल, आसान और विवाद मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था आज से बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश सिन्हा ने आज आवासीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे अब एक ही आवेदन के माध्यम से परिवार के सभी हिस्सेदारों के नाम उनके हिस्से की भूमि पर जमाबंदी कायम हो सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व की व्यवस्था में पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल-खारिज कराना पड़ता था, जिससे लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि निर्देशों के आलोक में प्रधान सचिव सी. के. अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अल्प समय में नई व्यवस्था विकसित की, जिसे अब बिहार भूमि पोटर्ल की दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत लागू कर दिया गया है। इससे आम रैयतों को काफी सहूलियत मिलेगी। जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं उपमुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों की भूमि का विधिवत बंटवारा कर डिजिटल माध्यम से अपने हिस्से की जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं।उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों से आग्रह किया, जिनके यहां अब तक मौखिक बंटवारा के आधार पर जमीन पर कब्जा और उपयोग हो रहा है, वे इस नई सुविधा का लाभ उठाकर मौखिक बंटवारे को अपने सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि मौखिक बंटवारा आगे चलकर पारिवारिक भूमि विवाद का कारण बनता है और ऐसे मामलों में लोग कई सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उत्तराधिकार-सह-बंटवारा की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके अंतर्गत पूर्वज की मृत्यु के बाद उनकी भूमि का बंटवारा करते हुए सभी उत्तराधिकारियों के नाम उनके हिस्से की जमीन पर अलग-अलग जमाबंदी एक साथ की जा सकेगी। राजस्व महाअभियान के दौरान मिले 46 लाख से अधिक आवेदन विजय सिन्हा ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त-सितंबर में चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान 46 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। उनमें से 40 लाख से अधिक आवेदन बंटवारा एवं उत्तराधिकार नामांतरण से अधिक थे। इन आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड कर लिया जाएगा तथा जनवरी से मार्च के बीच पुन: पंचायतों में ही शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों को भूमि से संबंधित परेशानियों से निजात दिलाने के उद्देश्य से ही भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। इस संवाद के माध्यम आमलोगों की परेशानियों को जिलों में जाकर समझने और समय सीमा में लोगों की समस्या का समाधान करना सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह पहल भूमि प्रशासन को पारदर्शी, सरल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अरुण जेटली जयंती: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी विनम्र श्रद्धांजलि

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व.अरूण जेटली की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. अरूण जेटली के जन्मदिवस पर आयोजित राजकीय जयंती समारोह में यहां पी.सी कॉलोनी, कंकड़बाग स्थित सेक्टर-ए, पार्क संख्या-31 स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, सांसद रविशंकर प्रसाद, विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, पूर्व विधायक अरूण कुमार सिन्हा, बिहार राज्य नागरिक परिषद् के महासचिव अरविंद कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी स्व. अरूण जेटली की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा आरती-पूजन, बिहार गीत एवं देश भक्ति गीतों का गायन भी किया गया।