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बिहार की सियासत में भूचाल! राजद बोला— भाजपा और नीतीश के बीच टूट चुका है भरोसा

पटना  बिहार की सियासत में इन दिनों 'विधायकों की टूट' और 'कुर्सी के खेल' को लेकर घमासान मचा हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दावों और प्रति-दावों का दौर जारी है। जहां एनडीए (NDA) खेमा राजद के 25 विधायकों के टूटने की बात कह रहा है, वहीं राजद ने हुंकार भरी है कि सत्ता पक्ष के 65 विधायक उनके संपर्क में हैं। नीतीश कुमार को हटाने का 'प्लान' राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। राजद का आरोप है कि भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपने ही सहयोगी दलों को कमजोर कर रही है। इसी कड़ी में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' (RLM) में मचे घमासान को सीएम की कुर्सी हथियाने के खेल से जोड़कर देखा जा रहा है।   कुशवाहा की पार्टी में कलह की वजह आरएलएम में विवाद तब गहराया जब उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बना दिया गया। इससे पार्टी के विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। विधायकों की नाराजगी उस समय सार्वजनिक हो गई जब वे कुशवाहा द्वारा आयोजित 'लिट्टी भोज' से नदारद रहे और उनकी भाजपा नेता नितिन नवीन से मुलाकात की तस्वीरें वायरल हुईं। बीजेपी और आरएलएम का पलटवार इन आरोपों पर भाजपा ने इसे आरएलएम का आंतरिक मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया है। वहीं, आरएलएम प्रवक्ता ने दावा किया कि तीनों विधायक पार्टी के प्रति समर्पित हैं और व्यक्तिगत कारणों से भोज में शामिल नहीं हो सके थे। फिलहाल, बिहार की राजनीति में मचे इस उथल-पुथल ने आगामी चुनावों से पहले नए समीकरणों की आहट दे दी है।  

जमुई रेल दुर्घटना: मालगाड़ी डिरेल, कई रूटों पर ट्रेनों का आवागमन ठप

जमुई बिहार के जमुई जिले में एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर जाने से हावड़ा–पटना–दिल्ली रेल मार्ग पर सेवाएं बाधित हो गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटना 27 दिसंबर की रात करीब 11:25 बजे हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना शनिवार रात 11 बजकर 20 मिनट पर पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत लाहाबन और सिमुलतला रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। इसके कारण करीब 24 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन में मचा हड़कंप रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आसनसोल, मधुपुर और झाझा से दुर्घटना राहत ट्रेनें मौके पर भेजी गई हैं। रेल यातायात बहाल करने का काम जारी है। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। 

बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती, नए साल में दो नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत

पटना बिहार में नए साल के आगाज के साथ ही राज्य को दो नए अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मिलने जा रहे हैं, जिससे बिहार में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वैशाली जिले के महुआ में निर्मित मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और भोजपुर जिले के आरा में स्थापित वीर कुंवर सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का संचालन जनवरी, 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। दोनों संस्थानों में 500- 500 बेड की सुविधा होगी। 100-100 यूजी छात्रों को मिलेगा नामांकन इन दोनों के निर्माण में क्रमश: 500 करोड़ और 543 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन मेडिकल कॉलेजों में प्रत्येक में 100-100 यूजी छात्रों को नामांकन दिया जाएगा। छात्रों के लिए आधुनिक छात्रावास भवन और डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। दोनों संस्थान नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) के मानकों के अनुरूप संचालित होंगे। मेडिकल कॉलेजों में जनरल मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी, आईसीयू जैसी प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही मरीजों को इंडोर- आउटडोर इलाज, जांच, दवा वितरण, ऑप्टोसी ब्लॉक, डेमो रूम और म्यूजियम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। 10 वर्ष पहले केवल 6 राजकीय मेडिकल कॉलेज थे उल्लेखनीय है कि 10 वर्ष पहले बिहार में केवल 6 राजकीय मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन बीते एक दशक में यह संख्या बढ़कर 11 जिलों में 13 मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच गई है। वर्तमान में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, मधेपुरा, बेतिया, नालंदा, छपरा, पूर्णिया और समस्तीपुर समेत कई जिलों में मेडिकल कॉलेज सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आने वाले पांच वर्षों में शेष जिलों में भी एक-एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। सीवान और बेगूसराय में निर्माण कार्य लगभग 45 से 50 प्रतिशत, जबकि बक्सर, मधुबनी सहित अन्य जिलों में 60 से 80 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है।  

RLM में टूट के आसार? उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा झटका दे सकते हैं तीन विधायक

पटना बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सबसे छोटे घटक राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में अंतर्कलह के संकेत मिल रहे हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि चार विधायकों में से एक को छोड़कर शेष सभी ने पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से दूरी बना ली है। उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा? पार्टी के एक नेता ने बताया कि दल में असंतोष इस सप्ताह की शुरुआत में उस समय खुलकर सामने आया, जब कुशवाहा द्वारा आयोजित ‘लिट्टी पार्टी' में उनकी पत्नी और सासाराम से विधायक स्नेहलता को छोड़कर कोई भी विधायक शामिल नहीं हुआ। इसी दिन रालोमो के विधायक माधव आनंद, आलोक कुमार सिंह और रामेश्वर महतो ने शहर के दौरे पर आए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से ‘शिष्टाचार मुलाकात' की। इस मुलाकात के बाद मीडिया के एक वर्ग में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि कुशवाहा की पार्टी में विद्रोह हो सकता है। उल्लेखनीय है कि राज्य विधानमंडल का सदस्य न होने के बावजूद कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। जब पत्रकारों ने हालिया घटनाक्रम को लेकर उपेंद्र कुशवाहा से सवाल किए तो उन्होंने झुंझलाते हुए कहा, “लगता है आपके पास पूछने के लिए कोई ढंग का सवाल नहीं है।” रालोमो के विधानसभा में नेता तथा पार्टी के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा, “फिलहाल हम पूरी तरह पार्टी में हैं। कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें सुलझा लिया जाएगा।” 'पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष' हालांकि, कुशवाहा के एक करीबी सहयोगी ने कहा, “हमारे नेता को यह समझना चाहिए कि उन्होंने अपने बेटे को मंत्रिमंडल में भेजकर बड़ी भूल की है, जो अभी राजनीति में नौसिखिया है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया है और भाजपा तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) जैसे सहयोगियों के बीच भी गलत संदेश गया है।” उन्होंने कहा, “हर बार संकट से बच निकलने वाले कुशवाहा एक के बाद एक आत्मघाती फैसले लेने के बावजूद राजनीतिक रूप से जीवित रहे हैं। इस प्रक्रिया में उन्होंने अविश्वसनीय होने की छवि बना ली है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हकीकत स्वीकार करने के बजाय वह खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।” यह टिप्पणी रालोमो प्रमुख के सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया बयानों की ओर इशारा करती है, जिनमें उन्होंने अपने बेटे को समर्थन देने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था, “अतीत में मैंने जिन लोगों को सांसद और विधायक बनाने में मदद की, उन्हीं ने मुझे धोखा दिया। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए मुझे जो जरूरी लगा, वह करना पड़ा।” उल्लेखनीय है कि कुशवाहा पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव में काराकाट सीट से राजग उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वह भाजपा के समर्थन से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। भाजपा उन्हें एक बड़े अन्य पिछड़ा वर्ग समूह कोइरी समुदाय में समर्थन बढ़ाने के उद्देश्य से आगे बढ़ाती रही है।

शीतलहर से कांपा बिहार, मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया

पटना बिहार में ठंड का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। शीतलहर के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक घने कोहरे को लेकर Orange Alert जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे जनजीवन और यातायात पर असर पड़ने की आशंका है। 10 डिग्री से नीचे लुढ़का पारा, औरंगाबाद-सबौर सबसे ठंडा IMD Bihar के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। Aurangabad और Bhagalpur ke Sabour बिहार के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 7.4°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा तापमान का हाल इस प्रकार रहा—     Gaya: 7.6°C     Bhagalpur & Sheikhpura: 8.9°C     Valmiki Nagar (West Champaran) & Dehri: 9.0°C     Jehanabad: 9.3°C     Saharsa: 9.5°C लगातार गिरते तापमान ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है।  इन जिलों में घना कोहरा हो की  चेतवानी मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राज्य के कई जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की संभावना है। IMD ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट फॉर डेनसे फोग Orange Alert for Dense Fog जारी किया है, वे हैं—पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है। IMD Patna के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दृश्यता काफी घट गई थी। Low Visibility के चलते सड़क दुर्घटनाओं, ट्रेन लेट होने और फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित होने की संभावना रहती है। लोगों को खासतौर पर सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे तक सतर्क रहने को कहा है। IMD ने जारी की चेतावनी मौसम विभाग ने शनिवार के लिए कोल्ड डे भी जारी किया है। ऐसे में दिन के समय भी ठंड का असर बना रह सकता है और धूप बेहद कमजोर रहने की संभावना है। 28 दिसंबर को मौसम का पूर्वानुमान आने वाले कल (28 दिसंबर 2025) को बिहार के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में घने से अत्यधिक घने कोहरे की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। इसके अलावा, कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है, जहां दिन में भी धूप कमजोर रहेगी और ठंडक बरकरार रहेगी।  जानिए कोल्ड डे का मतलब जब किसी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शीतलहर की श्रेणी में पहुंच जाए और साथ ही अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चला जाए, तो उसे कोल्ड डे कहा जाता है। इस स्थिति में पूरे दिन ठंड बनी रहती है और सूरज की गर्माहट का असर बहुत कम होता है।  

नए साल की शुरुआत में ठिठुरन बढ़ाएगा मौसम, बिहार के सभी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

पटना  बिहार में ठंड का असर लगातार तेज होता जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के लगभग सभी जिलों में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप बना हुआ है। इसे देखते हुए 31 दिसंबर से 1 जनवरी 2026 तक के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिहार मौसम विभाग ने ठंड व कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक अधिकतर जिले इस चेतावनी के दायरे में हैं। घने कुहासे के कारण सुबह और रात के समय Visibility बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।    मौसम विभाग का अनुमान है कि नए साल की शुरुआत भी ठंड और घने कोहरे के बीच होगी। ऐसे में खासतौर पर सुबह और देर रात अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।  बुजुर्गों और बच्चों के लिए खास चेतावनी मौसम विभाग और डॉक्टरों के अनुसार ठंड और कोहरे का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि—     सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचें     गर्म कपड़े पहनें     वाहन चलाते समय Fog Light का इस्तेमाल करें     बहुत जरूरी होने पर ही लंबी यात्रा करें     मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखें।  

पटना साहिब में गुरु गोविंद सिंह के 359वें प्रकाश पर्व में शामिल हुए CM नीतीश, लिया आशीर्वाद

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish) शनिवार को दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व (Guru Gobind Singh Jayanti 2025) पर तख्त श्रीहरिमंदिर जी परिसर, पटना साहिब में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।   राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री ने तख्त श्रीहरिमंदिर जी, पटना साहिब में मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आये जत्थेदारों, श्री हरिमंदिर जी प्रबंधक कमिटी के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री को तलवार, अंगवस्त्र, सरोपा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा बाल लीला मैणी संगत जाकर वहां भी मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।   इस अवसर पर जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, विधायक रत्नेश कुशवाहा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना प्रमण्डल के आयुक्त अनिमेष परासर, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारीगण, गुरूद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्यगण, सिख संगत, सेवादार एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। 

मद्य निषेध विभाग में तबादलों की लिस्ट जारी, बिहार में 6 अधिकारियों की नई तैनाती

पटना बिहार में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया। करीब आधा दर्जन अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इस संबंध में विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर जानकारी दी गई है। कई अधिकारियों को वर्त्तमान पदस्थापन से स्थानांतरित कर नए स्थानों पर पदस्थापित किया गया है। यह आदेश अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। किन अधिकारियों का हुआ तबादला? जारी अधिसूचना के अनुसार, अमृता कुमारी को आयुक्त उत्पाद के सचिव के साथ सहायक आयुक्त मद्यनिषेध का दायित्व सौंपा गया है। वहीं आदित्य कुमार को दानापुर का मद्यनिषेध अधीक्षक तो दीपक कुमार मिश्र को किशनगंज का मद्यनिषेध अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त मनोज कुमार राय को औरंगाबाद का मद्यनिषेध अधीक्षक, मनोज कुमार को सहरसा का मद्यनिषेध सहायक आयुक्त, अशोक कुमार को सुपौल का मद्यनिषेध अधीक्षक नियुक्त किया गया है।  

बिहार में जमीन बंटवारे की प्रक्रिया हुई सरल, एक ही आवेदन से परिवार की पूरी जमीन का दाखिल-खारिज

पटना अब एक ही आवेदन से पूरे परिवार की जमीन का दाखिल-खारिज हो जाएगा। पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल, आसान और विवाद मुक्त बनाने के लए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार भूमि पोर्टल पर यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसकी सुविधा राज्य के लोगों को रविवार यानी 27 दिसंबर मिलने लगेगी। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पहले पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल-खारिज कराना पड़ता था। इससे लोगों को अनावश्यक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे।   विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कम समय में नई व्यवस्था विकसित की है। इसे अब बिहार भूमि पेार्टल की दाखिल-खारिज सेवा के तहत लागू कर दिया गया है। इससे आम रैयतों को काफी सहूलियत होगी। अगर आवेदन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003456215 पर कॉल कर जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह नई सुविधा बिहार भूमि पोर्टल पर उपलब्ध दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत लागू की जा रही है। नागरिक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे और अपनी जमीन से जुड़ी जमाबंदी की स्थिति को आसानी से देख सकेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी।सरकार ने विशेष रूप से उन लोगों से अपील की है, जिन्होंने अब तक मौखिक बंटवारा करके अपनी जमीन पर कब्जा बना रखा है। ऐसे मामलों में अक्सर भविष्य में पारिवारिक विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। मौखिक बंटवारा कानूनी दस्तावेज़ों में दर्ज नहीं होने के कारण सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में भी परेशानी आती है। नई व्यवस्था के तहत मौखिक बंटवारे को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर कागजी रूप दिया जा सकता है, जिससे विवादों की संभावना कम होगी। साथ ही नई ऑनलाइन व्यवस्था से दलालों की भूमिका पर भी रोक लगेगी। पहले जानकारी के अभाव में कई लोग बिचौलियों के चक्कर में फंस जाते थे, जिससे उन्हें अतिरिक्त पैसे देने पड़ते थे।  

सोना-चांदी से भरे तहखाने का दावा, राबड़ी आवास पर JDU की कड़ी नजर

पटना  राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली करने की चर्चा पर सियासत गर्म है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने दावा किया है कि राबड़ी आवास में तहखाना है। जेडीयू प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को कहा कि राबड़ी आवास में तहखाना होने की आशंका है, उसमें सोना-चांदी, रुपये और जमीन के कागज भरे हुए हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से इस पर नजर रखने की मांग की। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को आरोप लगाया कि राबड़ी देवी का पूरा परिवार पटना में नहीं है। तेजस्वी यादव भी विदेश घूम रहे हैं, तो राबड़ी आवास से किसकी अनुमति से पेड़-पौधे ले जाए गए। इसकी जांच होनी चाहिए कि वे पौधे लालू परिवार की निजी संपत्ति थे, या फिर उद्यान विभाग ने उपलब्ध कराए थे। उन्होंने भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों से राबड़ी आवास में मौजूद सरकारी संपत्तियों की सूची अपडेट करने की मांग की। साथ ही कहा कि अगर तहखाने में भी सामान हो सकता है। उन्होंने कहा कि लालू परिवार द्वारा आवास खाली करते समय पंखा, रेगुलेटर, टोंटी, पाइप आदि सरकारी सामानों की निगरानी होनी चाहिए। अगर कुछ हो तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। दरअसल, पिछले महीने बिहार में नई सरकार के गठन के बाद भवन निर्माण विभाग ने बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के लिए पटना के 39, हार्डिंग रोड वाला बंगला कर्णांकित कर दिया था। पूर्व सीएम राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली कर अब नए बंगले में शिफ्ट करना होगा। 10 सर्कुलर रोड आवास में लालू परिवार बीते लगभग 20 सालों से रह रहा है। इस पर खूब राजनीति भी हुई। इस बीच, बीते गुरुवार रात को राबड़ी आवास से गाड़ी में पौधे और कुछ सामान लेकर जाने का वीडियो सामने आया। इसके बाद भाजपा और जदयू ने लालू परिवार पर रात के अंधेरे में राबड़ी आवास खाली करने का आरोप लगाया है। वहीं, आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सरकार लालू परिवार की जासूसी करवा रही है।