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यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे का बड़ा कदम, स्टेशनों पर अग्नि सुरक्षा इंतजामों का होगा ऑडिट

 मेदिनीनगर (पलामू) यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्व मध्य रेलवे के 800 सहित देश के 7500 रेलवे स्टेशनों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें डालटनगंज रेलवे स्टेशन भी शामिल है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र भेजा है। इस ऑडिट का उद्देश्य स्टेशनों पर मौजूद अग्नि सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच करना है, ताकि कमियों की पहचान कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें और यात्रियों व रेलवे संपत्तियों को आगजनी जैसी घटनाओं से बचाया जा सके। रेलवे का मानना है कि बढ़ती यात्री संख्या और स्टेशनों पर बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों के बीच अग्नि सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी दिशा में रेलवे एक प्रभावी पॉलिसी तैयार करने की योजना पर भी काम कर रहा है, जो ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर लागू की जाएगी। सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की होगी विस्तृत जांच ऑडिट के दौरान स्टेशन भवनों की संरचना, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, एसी व वेंटिलेशन सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की उपलब्धता, पंपिंग व्यवस्था और स्प्रिंकलर सिस्टम सहित सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। टीम यह भी सुनिश्चित करेगी कि स्टेशनों पर फायर सेफ्टी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। कमियां मिलने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। स्टेशनों पर मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण जारी रेलवे लगातार स्टेशनों पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने के साथ-साथ मॉक ड्रिल और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस ऑडिट के बाद देशभर के स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी, जिससे यात्री अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। संयुक्त टीम करेगी ऑडिट ऑडिट की जिम्मेदारी सिविल, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल और सुरक्षा विभागों की संयुक्त टीमों को सौंपी गई है। इसके अलावा विशेषज्ञ एजेंसियों और राज्य अग्निशमन विभाग की भी सहायता ली जाएगी, ताकि तकनीकी खामियों की सटीक पहचान की जा सके  

सरकार की तैयारी पूरी: 30–35 लाख सीएफटी बालू स्टॉक से निर्माण कार्य जारी रहेंगे

पटना बिहार की प्रमुख नदियों से बालू खनन पर सोमवार, 15 जून से रोक लग जाएगी। राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा जारी पर्यावरण स्वीकृति की शर्तों के अनुसार मानसून अवधि में नदियों से बालू का खनन 15 जून से 15 अक्टूबर तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान किसी भी बालू घाट से वैध खनन की अनुमति नहीं होगी। खनन बंदी के बावजूद निर्माण कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ने पहले से तैयारी कर ली है। जिलों में लगभग 30 से 35 लाख क्यूबिक फीट (सीएफटी) बालू का बफर स्टाक सुरक्षित रखा गया है। इसी स्टाक से निर्माण कार्यों के लिए बालू की आपूर्ति की जाएगी, ताकि बाजार में कृत्रिम संकट या कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। सरकार ने मानसून अवधि में अवैध खनन और बालू के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। खान एवं भूतत्व विभाग ने 11 जून को सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। संबंधित थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान नदी में बढ़े जल स्तर और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष यह प्रतिबंध लागू किया जाता है। सरकार का उद्देश्य एक ओर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है, वहीं दूसरी ओर निर्माण गतिविधियों के लिए बालू की उपलब्धता भी सुनिश्चित करना है। बालू लदा ट्रैक्टर चालक सहित गिरफ्तार गया के मैगरा थाने की पुलिस ने शनिवार देर रात गुड्डी फील्ड इलाके में छापेमारी कर बालू लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया। कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस को क्षेत्र में अवैध रूप से बालू ढुलाई की सूचना मिली थी इसी आधार पर विशेष अभियान चलाया गया। गुड्डी फील्ड के समीप एक ट्रैक्टर को रोककर जांच की गई, जिसमें बालू लदा पाया गया। चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चालक राजकेश्वर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।

लू के चलते बड़ा फैसला: पटना में 6 से 8वीं तक की कक्षाएं अब सुबह 10:30 बजे तक ही चलेंगी

पटना राजधानी पटना समेत बिहार के कई जिलों में भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। सूरज की तपिश ने अब बच्चों की पढ़ाई में भी खलल डाल दी है। पटना में 5वीं कक्षा तक के स्कूल बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पटना डीएम की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, पटना में 5वीं तक के स्कूल 20 जून तक बंद रहेंगे। इसके अलावा छठी क्लास से लेकर आठवीं क्लास तक के क्लास की टाइमिंग को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। पटना डीएम की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, 6 से 8 तक की क्लासें अब सुबह साढ़े दस बजे तक ही चलेंगी। पटना डीएम का आदेश सभी निजी और सरकार स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा। पटना में सूरज के प्रकोप और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह एहतियातन कदम उठाया गया है। बता दें कि तेज गर्मी की वजह से स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को स्कूल से लौटते वक्त गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। आदेश में क्या कहा गया पटना जिला प्रशासन की तरफ से साफ किया गया है कि अगर किसी स्कूल ने इन आदेशों का उल्लंघन किया तो स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम पटना में लू के प्रकोप को देखते हुए उठाया गयाा है। डीएम की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है, 'जिले में रह रहे अधिक तापमान, विशेष रूप से दोपहर के समय पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। मैं त्यागराजन एस.एम., जिला दण्डाधिकारी, पटना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा – 163 के तहत जिले के सभी निजी / सरकारी विद्यालयों (प्री-स्कूल सहित) में क्लास 5 तक के कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियों पर दिनांक 20.06.2026 तक पूर्णरूपेण और क्लास 6 से 8 तक के कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियों पर सुबह 10:30 बजे के बाद प्रतिबंध लगाता हूं। विद्यालय प्रबंधन को निदेश दिया जाता है कि वे उल्लिखित आदेश के अनुरूप शैक्षणिक गतिविधियों को पुनर्निर्धारित करेंगे।' बता दें कि राजधानी पटना में भीषण गर्मी पड़ रही है। पटना में 15 जून को तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया और आने वाले दिनों में यानी 17 और 18 जून को यहां अधिकतम तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने का पूर्वानुमान जताया गया है।

रेलवे का बड़ा सुरक्षा अभियान, 7500 स्टेशनों पर फायर सेफ्टी जांच; नई पॉलिसी भी होगी तैयार

मेदिनी नगर/पलामू. यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्व मध्य रेलवे के 800 सहित देश के 7500 रेलवे स्टेशनों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें डालटनगंज रेलवे स्टेशन भी शामिल है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र भेजा है। इस ऑडिट का उद्देश्य स्टेशनों पर मौजूद अग्नि सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच करना है, ताकि कमियों की पहचान कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें और यात्रियों व रेलवे संपत्तियों को आगजनी जैसी घटनाओं से बचाया जा सके। रेलवे का मानना है कि बढ़ती यात्री संख्या और स्टेशनों पर बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों के बीच अग्नि सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी दिशा में रेलवे एक प्रभावी पॉलिसी तैयार करने की योजना पर भी काम कर रहा है, जो ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर लागू की जाएगी। सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की होगी विस्तृत जांच ऑडिट के दौरान स्टेशन भवनों की संरचना, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, एसी व वेंटिलेशन सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की उपलब्धता, पंपिंग व्यवस्था और स्प्रिंकलर सिस्टम सहित सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। टीम यह भी सुनिश्चित करेगी कि स्टेशनों पर फायर सेफ्टी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। कमियां मिलने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। स्टेशनों पर मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण जारी रेलवे लगातार स्टेशनों पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने के साथ-साथ मॉक ड्रिल और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस ऑडिट के बाद देशभर के स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी, जिससे यात्री अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। संयुक्त टीम करेगी ऑडिट ऑडिट की जिम्मेदारी सिविल, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल और सुरक्षा विभागों की संयुक्त टीमों को सौंपी गई है। इसके अलावा विशेषज्ञ एजेंसियों और राज्य अग्निशमन विभाग की भी सहायता ली जाएगी, ताकि तकनीकी खामियों की सटीक पहचान की जा सके।

सीवान में विकास की बड़ी सौगात, 44 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

पटना बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार 16 जून को सम्राट चौधरी सीवान पहुंचेंगे. सीवान में जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात देंगे. मुख्यमंत्री अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान 415 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 44 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उत्साह और हलचल तेज हो गई है. पहली बार सीवान दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 16 जून को पचरुखी प्रखंड के पपौर पंचायत पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला सीवान दौरा होगा, जिसे लेकर जिले में विशेष तैयारियां की जा रही हैं. प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं. 415 करोड़ की 44 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री 178.38 करोड़ रुपये की 18 नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जबकि 236.80 करोड़ रुपये की 26 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इस प्रकार कुल 415.18 करोड़ रुपये की 44 योजनाओं की सौगात सीवान को मिलने जा रही है. जनसभा से पहले 20 विभागों के स्टॉल का करेंगे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण करेंगे. इन स्टॉलों के माध्यम से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी. इन विभागों की योजनाओं पर रहेगी मुख्यमंत्री की नजर मुख्यमंत्री जिन विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे उनमें जीविका, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, परिवहन विभाग, समाज कल्याण विभाग, उद्योग केंद्र, खेल विभाग, वन विभाग, सहकारिता विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग सहित कुल 20 विभाग शामिल हैं. ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ सहयोग शिविर में भी होंगे शामिल पपौर पंचायत में आयोजित विशेष सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे. इस शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है. यहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही लोगों की शिकायतों और समस्याओं का निपटारा करेंगे. जनसभा को करेंगे संबोधित, विकास योजनाओं का बताएंगे रोडमैप सहयोग शिविर के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान वे राज्य सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और विकास के रोडमैप को जनता के सामने रखेंगे. पपौर पंचायत बना वीवीआईपी जोन, लगातार पहुंच रहे बड़े अधिकारी मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पचरुखी के पपौर पंचायत में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पटना से लेकर जिला स्तर तक के वरिष्ठ अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं. राजनीतिक दलों के नेता भी तैयारियों का जायजा लेने पहुंच रहे हैं. क्या है ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान? राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान शुरू किया गया है. इसके अंतर्गत हर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित कर आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि 415 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास जिले के बुनियादी ढांचे, रोजगार, ग्रामीण विकास और जनसेवाओं को नई गति देगा. मुख्यमंत्री का यह दौरा सीवान के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

महिला प्रशिक्षुओं की सेहत पर असर, BSAP ने 16 किलोमीटर दौड़ अस्थायी रूप से बंद की

रोहतास. बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस 2 (BSAP 2) में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षु सिपाहियों की दौड़ गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। वहीं 16 किलो मीटर दौड़ के दौरान रविवार को बीमार हुई महिला सिपाही निशा कुमारी को उपचार के बाद बीसैप के अधिकारियों के अनुरोध पर बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया गया है। फिलहाल उनका इलाज बीएचयू में चल रहा है। डीजी ने मौसम को देखते हुए द‍िया आदेश बीसैप दो के अधिकारियों के अनुसार इस घटना और पांच दिन पूर्व दौड़ के दौरान बेहोश हुए एक प्रशिक्षु सिपाही की इलाज के क्रम में मौत की घटना के बाद महानिदेशक प्रशिक्षण ने आदेश दिया है।  प्रशिक्षुओं की सत्रांत परीक्षा में शामिल 16 किलोमीटर की दौड़ परीक्षा पर रोक लगा दी है। यह रोक गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप से प्रशिक्षुओं को आए दिन बीमार होने के बाद ली गई है। प्रशिक्षण की अन्य सभी गतिविधियां पूर्ववत जारी रहेगी। जानकारी के अनुसार तबीयत खराब होने के बाद निशा कुमारी को नारायण मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें उपचार किया गया। एक सिपाही को क‍िया गया रेफर  इसके अलावा अस्पताल में मरीज का सीटी स्कैन समेत अन्य आवश्यक जांचें की गईं। डॉक्टरों के मुताबिक मरीज को बार-बार बेहोशी आ रही थी और उन्होंने पेट में तेज दर्द की शिकायत भी की थी। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार उन्हें बेहतर इलाज के लिए बनारस रेफर कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षु महिला सिपाही निशा कुमारी को पहले से ही छाती में गांठ की शिकायत थी। पूर्व से स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही यह घोषणा कर दी गई थी कि जिन अभ्यर्थियों को इस प्रकार की कोई भी स्वास्थ्य संबंधी या गंभीर समस्याएं हैं, उन्हें प्रशिक्षण में शामिल नहीं किया जाएगा। मह‍िला स‍िपाही की तबीयत में सुधार  इस संबंध में डीएसपी रवि भूषण ने बताया कि मौसम की तल्‍खी को देखते हुए 16 किलोमीटर की दौड़ को तत्‍काल प्रभाव से स्‍थगित करने का आदेश आया है। मौसम अनुकूल होने के बाद इस पर पुनर्विचार कर दौड़ आयोजित की जाएगी। अन्य प्रशिक्षण एवं परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। जहां तक प्रशिक्षु महिला सिपाही निशा कुमारी का प्रश्न है, वह अभी बनारस में उपचाराधीन हैं। उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

झारखंड में पर्यावरण संरक्षण की पहल, स्कूलों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की तैयारी

दुमका पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से दुमका जिले में “एक पेड़ मां के नाम 3.0” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की तैयारी की गई है. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश पर 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले के सरकारी, गैर सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कुल 1 लाख 57 हजार 625 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पर्यावरण जागरूकता के लिए पौधरोपण अभियान जिला शिक्षा पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है. विद्यालय परिसर में उपलब्ध भूमि के अनुसार पौधरोपण किया जाएगा. जिन विद्यालयों में पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां विद्यार्थियों को अपने घर, सार्वजनिक स्थलों, सड़क किनारे अथवा अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. पौधों के संरक्षण पर भी जोर अभियान के तहत सिर्फ पौधरोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है. विद्यालयों को पौधों की नियमित देखभाल, निगरानी और उनके जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही वृक्षारोपण से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन निर्धारित समय पर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है. स्कूलों में पौधरोपण का लक्ष्य तय जिले के प्राथमिक विद्यालयों को प्रति विद्यालय 50 पौधे, मध्य विद्यालयों को 75 पौधे और उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को 100 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है. जिले के कुल 2558 विद्यालयों में यह अभियान चलाया जाएगा. प्रखंडवार लक्ष्य की बात करें तो दुमका में 21,900, जामा में 16,500, जरमुंडी में 18,725, रानीश्वर में 18,375 तथा शिकारीपाड़ा में 17,425 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है. अभियान में सबकी भागीदारी जरूरी शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों, विद्यालय प्रधानों, सीआरपी-बीआरपी और स्थानीय समुदाय से अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है. विभाग का मानना है कि जनसहभागिता के माध्यम से यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा.

बिहार के मधुबनी में छापेमारी से हड़कंप, एनआईए की संदिग्ध पर जांच तेज

पटना  बिहार के मधुबनी जिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की रेड से हड़कंप मच गया है। एनआईए की टीम ने मस्जिद से एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया है। एनआईए ने भौआड़ा के गोवा पोखर मोहल्ला स्थित मस्जिद के मौलाना इजहार को हिरासत में लिया है। केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई से हलचल है। स्थानीय लोगों के बीच मौलाना इजहार को हिरासत में लिए जाने की चर्चा जोरों पर है। एनआईए की यह कार्रवाई जारी है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे अभियान को गोपनीय रख रही है, स्थानीय पुलिस भी कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है। इज़हार के पंडौल स्थित सरिसव पाही घर पर सुबह 3:45 बजे पहुंचे थी पुलिस। परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी गई है। मौलाना इजहार को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि उसके आतंकी संगठन से जुड़े होने का शक है। एनआईए की रेड के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। हिरासत में लिए गए मौलाना इजहार से गहनता से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अभी तक जांच एजेंसी की तरफ से इस रेड को लेकर कुछ भी नहीं कहा गया है। यह भी कहा जा रहा है कि इस जांच में एनआईए के अलावा एटीएस और स्थानीय पुलिस की टीम भी शामिल है। हालांकि, यह रेड किस संबंध में की गई है? मौलाना इजहार का कनेक्शन क्या है? मौलाना इजहार से जांच टीम को क्या पता चला है? अभी इसके बारे में पुख्ता या आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

झारखंड में माले का ऐलान, राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ

 रांची  झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा-माले की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक के समापन पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाकपा-माले के विधायक महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे। दीपांकर भट्टाचार्य ने भरोसा जताया कि महागठबंधन के प्रत्याशी झामुमो (JMM) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा इस चुनाव में शानदार जीत दर्ज करेंगे। वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप पार्टी की बैठक में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर गंभीर सवाल उठाए गए। दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र और आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया:         इस अभियान के बहाने गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यक समुदायों और प्रवासी मजदूरों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।         अकेले बगोदर विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम गायब किए जाने की पुख्ता सूचना मिली है। नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए भाकपा-माले ने पूरे राज्य में “वोट बचाओ अभियान” चलाने का निर्णय लिया है। पेपर लीक मामले पर NTA को भंग करने की मांग देशभर में छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि NEET, CUET, CBSE और SSC जैसी प्रमुख परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण छात्र-युवा आंदोलन तेज हो रहा है भाकपा-माले ने मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग किया जाए। देश में एक पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन बैठक में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दों पर भी रणनीति तैयार की गई। देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी के खिलाफ पार्टी 16 जुलाई से अगस्त तक एक बड़ा देशव्यापी अभियान शुरू करेगी। साथ ही, फासीवाद, बुलडोजर राजनीति और निजीकरण के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की। मौके पर राज्य सचिव मनोज भक्त, पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो, विधायक अरूप चटर्जी और विधायक चंद्रदेव महतो सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।  

कोचिंग विवाद में रौशन आनंद को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी बेल

पटना बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद में जेल में बंद ज्ञान बिन्दु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को अदालत से नियमित जमानत मिल गई है। पटना के अतिरिक्त जिला जज (ADJ 33) की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद बेल दे दिया है। रौशन आनंद को खान सर के खान ग्लोबल स्टडीज पर हमले के मामले में गिरफ्तार कर बेउर जेल भेजा गया था, जहां से अब वह पूरे 12 दिनों के बाद बाहर आ रहे हैं। रौशन आनंद ने दावा किया था कि खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। रौशन आनंद जेल से निकलने के बाद भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे, जिनकी नेपाल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। रौशन आनंद सर के वकील ने अदालत के सामने कल अपना पक्ष रखते हुए बेहद दमदार दलीलें पेश की थीं। वकील ने कोर्ट को बताया कि इस पूरे विवाद और हमले के मामले में रौशन आनंद सर को साजिश के तहत घसीटा गया है, जबकि घटना से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा, "रौशन सर देश के प्रतिष्ठित शिक्षक हैं जो हजारों गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, उन्हें इस तरह जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है। खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। वकील की इन दलीलों और पुलिस डायरी की समीक्षा करने के बाद जज ने रौशन सर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध मौत से पसरा मातम एक तरफ जहाँ रौशन आनंद सर को कानूनी तौर पर इतनी बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि कल ही रौशन आनंद सर के सगे भाई प्रिंस की पड़ोसी देश नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रिंस यादव की मौत के पीछे ब्रेन हेमरेज को कारण बताया जा रहा है। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद से ही रौशन आनंद सर का पूरा परिवार और उनके चाहने वाले गहरे सदमे और शोक में डूबे हुए हैं। भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल से लाया जा रहा है और आज ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि प्रिंस की मौत की खबर सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खान सर ने प्रिंय के दोस्त का वीडियो भी दिखाया है, जिसमें वह कह रहा है कि प्रिंस की तबीयत पहले से खराब रहती थी। उसकी मौत सामान्य रूप से बीमारी से हुई है और किसी ने उसे कुछ नहीं किया है।