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लालू-नीतीश विवाद पर सम्राट चौधरी का बयान, पुराने मामलों का किया जिक्र

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि उनकी पाठशाला है। उन्हें सलाह है कि बपौती वाली सोच से से बाहर निकलिए। सत्ता किसी की बपौती नहीं है। मुख्यमंत्री का पद 14 करोड़ बिहारियों का आशीर्वाद है और इसीलिए आज मैं यहां बैठा हूं। नीतीश कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी जी, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और जितनराम मांझी का आशीर्वाद प्राप्त है तब यहां बैठा हूं। किसी गलतफहमी में नहीं रहिए। इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा था कि सम्राट चौधरी लालू यादव की पाठशाला से निकले हैं। वे ऑरिजनल भाजपाई नहीं हैं इसलिए बीजेपी और आरएसएस के लोगों की नजर में खटक रहे हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि 1994 में समता पार्टी का गठन हुआ। नीतीश कुमार जी का मुख्यमंत्री बनना था। मेरे पिताजी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं। मैं उसमें 1995 में सदस्य बना और लालू यादव जी ने मुझे जेल में डाल दिया। सिर्फ मुझे नहीं बल्कि मेरे परिवार के 22 लोगों को जबरदस्ती सलाखों के पीछे भेज दिया। मैं आधिकारिक रूप से कह रहा हूं कि मिलर स्कूल के मैदान में लाल यादव जी ने इसके लिए माफी मांगी थी कि गलती हो गई। नीतीश कुमार ने लालू जी को सीएम बनाया सम्राट चौधरी ने अपने ऊपर मुकदमा के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार नहीं होते तो लालू यादव कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाते। लालू जी को नीतीश कुमार जी ने ही मुख्यमंत्री बनाया। यह जानकारी इन लोगों को होना चाहिए। मेरी राजनीति में लालू यादव जी का अत्याचार नहीं होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता। कोई गलतफहमी में नहीं रहे उन्होंने कहा कि भाजपा के बारे में कोई बात नहीं करे। पार्टी ने मुझे विपक्ष का नेता बनाया, फिर पार्टी का अध्यक्ष बनाया, दो-दो बार डिप्टी सीएम बनाया और आज मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया। किसी गलतफहमी में ना रहें, पूरी पार्टी एक है। हमारे दल में कोई किसी के विरोध में नहीं है। पूरा एनडीए एक साथ मिलकर बिहार के विकास के लिए काम कर रहा है। आप काफी पीछे छूट गए… अपनी उम्र पर उठे विवाद को लेकर सम्राट चौधरी ने कहा कि 1995 में अगर मैं नाबालिग होता तो जेल नहीं भेजा जाता। मुझे बाल सुधार में रखा जाता। कानूनी मामलों में लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई हुई और कोर्ट ने जो आदेश दिया उसी के अनुकूल काम कर रहा हूं। अपनी पढ़ाई को लेकर मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि डिग्री में आप काफी पीछे छूट गए। मेरी डिग्री पर जब तक यूजीसी ने मान्यता नहीं दे दी तब तक एफिडेविट भी नहीं किया। लोग मेरे एफिडेविट बोलने पर भी आलोचना करते हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि बिहार में सामान्य बोलचाल में इसे हाफिडिफीट ही कहा जाता है।

बीसीसीएल एरिया में तीसरी बार भू-धंसान, कई घर जमीन में समाए

 धनबाद  झारखंड के धनबाद जिला के बीसीसीएल के गोविंदपुर एरिया संख्या-तीन के सोनारडीह  टंडाबाड़ी बस्ती में  रात को एक बार फिर तीसरी बार भू-धंसान हुआ. इस बार जोरदार आवाज के साथ जमीन करीब 15 फीट तक धंस गई और 20 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. कई घरों के भीतर 15 से 20 फीट तक गोफ बन गए. भू धंसान के कारण अब पूरा टंडाबाड़ी बस्ती ही प्रभावित हो गई है. अंधेरे और धुएं के बीच मची भगदड़ अंधेरे और धुएं बीच अफरा-तफरी मची गई सभी लोग अपना जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. क्षेत्र में तबाही का मंजर, देखने को मिला. एक घर में खड़ी मोटरसाइकिल और कैलाश हाड़ी की कार जमीन में समा गई. लोगों ने बोकारो राजगंज मुख्य मार्ग NH 32 सड़क को घंटों जाम कर दिया. घायलों का कराया जा रहा है इलाज बाघमारा की पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया के घर समेत कई घर जमीन में समा गए. कई लोग अपने घरों में फंस गए. कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को निकाला गया, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. ये लोग पहुंचे घटनास्थल पर सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, बीसीसीएल एरिया 3 के जीएम विमला विजय कुमार, सेफ्टी जीएम संजय सिंह ,बाघमारा एसडपीओ पुरुषोत्तम कुमार सिंह, बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू घटनास्थल पर पहुंचे.  घटनास्थल पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया बेघर हुए प्रभावित लोगों से मिले. देर रात ओर अंधेरा होने के कारण राहत कार्य नहीं हो पाया. पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं ज्ञात हो कि 31 मार्च की शाम 6.30 बजे टंडाबाड़ी बस्ती में तीन घर जमींदोज हो गए थे. पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, 22 अप्रैल को हुई भू-धंसान में कई घर में दरार आई और घर क्षतिग्रस्त हो गए थे. लेकिन इस बार टंडाबाड़ी बस्ती में  भूधसान काफी भयावाह हुआ है  चारों तरफ तबाही का मंजर है.

सरायकेला-खरसावां मैट्रिक रिजल्ट: 95.36% के साथ लड़कियों ने मारी बाजी

रांची झारखंड अधिविध परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक का परीक्षाफल प्रकाशित कर दिया गया है. जिला का परीक्षा परिणाम 95.36 प्रतिशत रहा है. परीणाम में लड़कियों ने बाजी मारते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है. जिला में जहां लड़कियां 95.96 प्रतिशत सफलता हासिल किया है, वहीं लड़कों ने 94.70 प्रतिशत सफलता हासिल किया है. जिला में कुल मैट्रिक की परीक्षा में 11652 परिक्षार्थी शामिल हुए थे,  जिसमें से 11112 बच्चे पास हुए हैं बाकि 530 परीक्षार्थी मार्जिनल हुए हैं. परीक्षा में कुल लड़कियां 6095 शामिल हुई थी जिसमें से 3476 प्रथम श्रेणी, 2151 द्वितिय श्रेणी व 222 तृतिय श्रेणी में पास हुई है. वहीं लड़कों में 5557 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें से प्रथम श्रेणी में 2810 परीक्षार्थी पास हुए. द्वितिय श्रेणी में 2192 और तृतिय श्रेणी में 261 परीक्षार्थी पास हुए हैं. दो वर्षो में बेहतर रहा जिला का परीक्षा परिणाम, दस स्थान उपर लगाया छलांग सरायकेला खरसावां जिला में विगत दो वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष परीक्षा फल बेहतर रहा है. विगत दो वर्षो के आकड़ो को देखे तो जिला में मैट्रिक का परीक्षा फल 2025 में 85.03 प्रतिशत था. वहीं वर्ष 2024 में 89.6 प्रतिशत रिजल्ट रहा था जबकि इस वर्ष दस प्रतिशत अधिक रिजल्ट 95.36 प्रतिशत हुआ है और पूरे राज्य में सरायकेला खरसावां जिला का स्थान 12 वें स्थान में रहा है. रिजल्ट पर संतोष जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष के खराब रिजल्ट से सबक लेते हुए बेहतर करने का प्रयास किया गया और रिजल्ट में यह दिखा आगे और बेहतर करने का प्रयास रहेगा. जैक बोर्ड की परीक्षा में सरस्वती शिशु मंदिर का रहा शतप्रतिशत परिणाम सरायकेला के सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय का जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम रहा है. परीक्षा में शामिल विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं ने सफलता हासिल किया है. जानकारी देते हुए विद्यालय के प्राचार्य पार्थ सारथी आचार्य ने बताया कि जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में विद्यालय के 113 छात्र छात्राएं शामिल हुईं थी, जिनमें सभी ने सफलता हासिल किया है. उन्होंने बताया कि विद्यालय के 22 छात्र छात्राएं परीक्षा में 90 से 100 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किया है, 67 छात्र छात्राओं ने 80 से 90 प्रतिशत में अपना जगह बनाया है,वहीं बाकी के सभी छात्र छात्राएं 60 से 70 प्रतिशत अंक को सूची में शामिल हैं. प्राचार्य ने सभी छात्र छात्राओं को उनकी सफलता पर अपनी शुभकामनाएं दी है. अरुण कुमार महतो बने स्कूल टॉपर विद्यालय के दसवीं के छात्र अरुण कुमार महतो 95.20% अंक प्राप्त कर स्कूल टॉपर बनने में सफलता पाई है. वहीं 94.80 % अंक के साथ अनिमा मुंडरी द्वितीय स्थान पर रही. तृतीय स्थान पर रुद्र कुमार सिंह 94.20%, चतुर्थ स्थान पर शिवम कुमार महतो 94%, पांचवे स्थान पर सुशील सोय 93.80%,छठवें स्थान पर अभिजीत महतो 93.60%, सातवें स्थान पर पृथ्वीराज रविदास 93.40%, आठवें स्थान पर ऋतु प्रामाणिक 93.20%, नौवें स्थान पर रंजीत महतो 93% और 92.40% अंक के साथ ऋषिकेश कुमार और कुलदीप कामिल विद्यालय के टॉप टेन में दसवें स्थान पर रहे हैं. बीते चार वर्षो का रिजल्ट प्रतिशत     वर्ष 2023: कुल 97.04 प्रतिशत     वर्ष 2024:कुल 95.35 प्रतिशत     वर्ष 2025:कुल 85.03 प्रतिशत     वर्ष 2026:कुल 95.36 प्रतिशत जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने मैट्रिक परीक्षा परिणाम पर संतोष जताते हुए कहा कि बीते दो वर्षों की तुलना में इस वर्ष जिले का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में जिले को 12वां स्थान प्राप्त हुआ है. आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करते हुए परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे.

रांची में OMCs का दावा: राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति नियंत्रण में

रांची झारखंड में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इसकी आपूर्ति पूरी तरह से नियंत्रण में है। इस बात की जानकारी गुरुवार को पीआईबी रांची और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसीज़) की ओर से एक प्रेस वार्ता में दी गई। पेट्रोलियम कंपनियों के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रदीप पॉल और पत्र सूचना कार्यालय के कार्यालय प्रमुख राजेश सिन्हा ने बताया कि राज्य भर में पेट्रोलियम उत्पादों निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में उपलब्ध सुदृढ़ बुनियादी ढांचे, सतत निगरानी व्यवस्था और प्रभावी समन्वय तंत्र के माध्यम से पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है। पेट्रोल और डीजल का 12 दिनों का स्टॉक उपलब्ध राज्य में वर्तमान में कुल 2084 रिटेल आउटलेट (ओएमसी: 1981 एवं निजी: 103) तथा 5 सप्लाई लोकेशन-डिपो संचालित हैं। औसतन प्रतिदिन 1750 KL पेट्रोल (MS) एवं 3450 KL डीजल (HSD) उपलब्ध करवाया जा रहा है। वर्तमान में पेट्रोल का 12 दिन तथा डीजल का 12 दिन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्यरत हैं तथा बिक्री पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। जनवरी–मार्च 2026 की सामान्य खपत के अनुरूप नोज़ल सेल हो रही है, जो मांग की स्थिरता को दर्शाती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराहट में खरीदारी से बचें। एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह स्थिर, 67.5 लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा एलपीजी आपूर्ति की बात करें तो राज्य में 591 वितरकों और 5 बॉटलिंग प्लांट के माध्यम से लगभग 67.5 लाख उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। औसतन प्रतिदिन 80 हजार रिफिल की डिलीवरी की जा रही है। जबकि लगभग 5.0 दिन का बैकलॉग निर्धारित बुकिंग सूची के अनुसार पूरा किया जा रहा है। आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्तमान में व्यावसायिक एलपीजी 70 प्रतिशत आवंटन स्तर बनाए रखा गया है। अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, रक्षा, रेलवे, सरकारी प्रतिष्ठान, होटल- रेस्टोरेंट, औद्योगिक कैंटीन और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है। 5 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यम से एलपीजी सेवाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए 95 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यम से की जा रही है जो कि दो माह पहले सिर्फ 70 प्रतिशत थी। 90 प्रतिशत मामलों में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है जो कि दो माह पहले सिर्फ 40 प्रतिशत थी। राज्य में 41 हज़ार पीएनजी कनेक्शन पीएनजी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य में लगभग 41 हजार पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं। पिछले एक माह में लगभग 4000 नए कनेक्शन जोड़े गए हैं। सरकार की ओर से त्वरित अनुमतियां, पाइपलाइन बिछाने के लिए फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस एवं स्थानीय प्राधिकरणों के साथ समन्वय के माध्यम से नेटवर्क विस्तार को गति दी जा रही है। इससे शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता में कमी आएगी।  

बिहार विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट, सम्राट सरकार बहुमत के करीब

पटना बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का पहला टेस्ट है. बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को विधानसभा में बहुमत साबित करना है. इसके लिए विधायक बिहार विधानसभा पहुंचने लगे हैं. जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने दावा किया है कि सम्राट सरकार को बहुमत हासिल है औरा सदन में केवल औपचारिकता पूरी होनी है. श्याम रजक का दावा आधारहीन भी नहीं. बिहार विधानसभा का नंबर गेम सम्राट सरकार के पक्ष में है. 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 201 विधायकों का संख्याबल है, जो बहुमत के लिए जरूरी 122 के आंकड़े से कहीं ज्यादा है. पार्टियों के हिसाब से देखें तो बीजेपी के 88, जेडीयू के 85, इन दो प्रमुख दलों के ही 173 विधायक हैं. चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के चार विधायक हैं. एनडीए के पास बिहार विधानसभा में 202 विधायकों का संख्याबल था. नितिन नवीन बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद अब राज्यसभा जा चुके हैं. नितिन नवीन ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. विपक्ष की बात करें, तो बिहार विधानसभा में विपक्षी दलों के 41 विधायक हैं, जिनमें 35 विधायक महागठबंधन के हैं. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) 25 विधायकों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. कांग्रेस के छह, भाकपा माले के दो, माकपा और आईईपी के एक-एक विधायक हैं. असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस -ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पांच और मायावती की बहुजन समाज पार्टी के भी एक विधायक हैं. महज औपचारिकता माने जा रहे इस विश्वासमत के लिए सत्तापक्ष के साथ ही विपक्ष ने भी व्हिप जारी किया है. गौरतलब है कि बिहार विधानसभा में सरकार की ओर से सीएम सम्राट चौधरी एक लाइन का विश्वास प्रस्ताव पेश किया है.

Atal Pension Yojana में बिहारी महिलाओं का जलवा: 46 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन

पटना. अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में निम्न आय-वर्ग के लोगों की अभिरुचि इस कदर है कि इसकी अवधि वित्तीय वर्ष 2030-2031 तक बढ़ाई जा चुकी है। बिहार ने इस योजना को सिर-आंखों पर लिया और अब तक 80 लाख लोग इसमें पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकृत लोगों में 46 लाख से अधिक महिलाएं हैं। इस संख्या के साथ एपीवाई में बिहार देश में दूसरे स्थान पर है। इससे आगे एकमात्र उत्तर प्रदेश है, जिसकी जनसंख्या बिहार से लगभग दोगुनी अधिक है। एपीवाई से निम्न आय-वर्ग और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था में निश्चित आय का उपाय किया गया है। सरकार मानती है कि इसके जरिये एक पेंशन आधारित समाज बनाया जा सकता है, जो कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होगा। विकसित भारत की तर्ज पर बिहार भी विकास की अवधारणा रखता है और उसके लिए एपीवाई जैसे छोटे-छोटे प्रयासों को बेहद कारगर माना जा रहा है। बहरहाल बिहार में एपीवाई के अंतर्गत हुए पंजीकरण में महिलाओं की संख्या 58 प्रतिशत के लगभग है। इससे स्पष्ट है कि राज्य में महिला सशक्तीकरण की पहल नियोजित तरीके से आगे बढ़ रही है। उल्लेखनीय है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, जैसे कि किसान, सब्जी विक्रेता, ऑटो चालक और छोटे व्यवसायी इस योजना के मुख्य ग्राहक हैं। अगले पांच वर्षों के लिए अवधि-विस्तार के बाद इसमें और पंजीकरण की आशा है। पेंशन लाभ 2035 से प्राप्त होने की आशा है। पेंशन और आश्रित के लिए प्रविधान एपीवाई की शुरुआत नौ मई, 2015 को हुई थी। इसके अंतर्गत 60 वर्ष की आयु के बाद एक से पांच हजार रुपये न्यूनतम पेंशन की गारंटी है। पेंशन की यह राशि लाभार्थी द्वारा किए गए निवेश की मात्रा पर निर्भर करती है। मृत्यु या गंभीर बीमारी की स्थिति में समय पूर्व निकासी हो सकती है। एक अक्टूबर, 2022 से आयकर-दाताओं को इस योजना से बाहर कर दिया गया। इसके अलावा पंजीकृत व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात पति/पत्नी को भी पेंशन का प्रविधान है। दोनों की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी यानी नामिनी को जमा राशि वापस मिल जाती है। एपीवाई के अंतर्गत पंजीकरण एपीवाई (APY) के अंतर्गत पंजीकरण क्षेत्र               कुल संख्या     महिलाएं बिहार     79,69,799     46,06,393 भारत     8,71,74,743     4,25,13,682

झारखंड मैट्रिक रिजल्ट 2026: Gumla-Dumka ने मारी बाजी, 99.60% पर 4 टॉपर

रांची. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 95.27% रहा है। मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के स्कूलों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला है, वहीं सिमडेगा और रांची के विद्यार्थियों ने भी टॉप-3 में अपनी जगह बनाई है। टॉप-3 में 12 मेधावी, 4 परीक्षार्थियों ने किया स्टेट टॉप इस वर्ष मेरिट लिस्ट की सबसे खास बात यह रही कि पहले, दूसरे और तीसरे — तीनों स्थानों पर 4-4 विद्यार्थियों ने कब्जा जमाया है। 99.60% (498 अंक) हासिल कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चार परीक्षार्थी निम्नलिखित हैं: प्रियंशु कुमारी: इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल, हजारीबाग शिवांगी कुमारी: एस एस हाई स्कूल, बानो, सिमडेगा प्रेम कुमार साह: प्रेमचंद हाई स्कूल, मेसरा, रांची सन्नी कुमार वर्मा: सेंट अलॉयसियस हाई स्कूल, रांची हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका स्कूल का जलवा मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। टॉप-3 की सूची में शामिल कुल 12 विद्यार्थियों में से 5 छात्राएं अकेले इसी स्कूल से हैं। राज्य में द्वितीय स्थान (99.20%): दिव्यांशु उरांव (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला) खिलेश साह (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला) वैष्णवी श्री (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) जुलिता मिन्ज (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) राज्य में तृतीय स्थान (98.80%): महताब अंसारी (सेंट जॉन्स हाई स्कूल, नवाटांड़) प्रीत राज (सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, ओरमांझी) अमिषा कुमारी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) दीप्ति रानी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) जिलावार प्रदर्शन: गुमला ने चौंकाया जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो गुमला जिला 99.32% पास प्रतिशत के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद दुमका (99.02%) और पाकुड़ (98.56%) का स्थान रहा। राजधानी रांची का पास प्रतिशत 94.75% दर्ज किया गया है।

झारखंड बोर्ड 10वीं रिजल्ट घोषित, 95% पास, रिजल्ट चेक करने के लिए यहाँ क्लिक करें

रांची  झारखंड अकादमिक काउंसिल (JAC) ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शीर्ष स्थान के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। बोर्ड ने टॉप-3 की पूरी मेरिट लिस्ट जारी की है। चार-चार छात्रों ने संयुक्त रूप से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया है। चार छात्रों (2 लड़कियां और 2 लड़के) ने 500 में से 498 अंक यानी 99.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं अगर जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो गुमला जिला ने 99.32% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ पूरे प्रदेश में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। दुमका और पाकुड़ जिले शीर्ष तीन जिलों में शामिल रहे। वहीं, रांची, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा समेत विभिन्न जिलों के छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा के टॉपर्स लिस्ट में अपना दबदबा बनाया है। अधिक जानकारी के लिए छात्र अपना रोल नंबर और अन्य विवरण दर्ज करके आधिकारिक वेबसाइट jac.jharkhand.gov.in पर रिजल्ट देख सकते हैं। पिछले साल झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने पहले इंटरमीडिएट साइंस और कॉमर्स का परिणाम जारी किया था और उसके बाद आर्ट्स का। वहीं 12वीं से पहले जैक बोर्ड 10वीं का परिणाम जारी हुआ था। देखना होगा कि क्या इस बार भी जैक बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 12वीं से पहले घोषित होता है। रिजल्ट घोषित होने पर छात्र आधिकारिक पोर्टल के अलावा लाइव हिन्दुस्तान (livehindustan.com) पर भी अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं। प्रथम श्रेणी पाने वाले छात्रों की संख्या 2.26 लाख पार झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 2.26 लाख से अधिक हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष कुल 2.26 लाख से ज्यादा छात्र प्रथम श्रेणी में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों ने उच्च अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपनी मेहनत का फल पाया बल्कि राज्य के शैक्षणिक रिकॉर्ड को भी नई ऊंचाई दी है।  दक्षिण छोटानागपुर में लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ा  दक्षिण छोटानागपुर संभाग की लड़कियों ने परीक्षा परिणाम में लड़कों को काफी बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। संभाग में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.25% रहा, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.03% रहा। इस प्रकार लड़कियों ने लड़कों को 2.22 प्रतिशत के अंतर से पछाड़ दिया।   इस बार 4 लाख से अधिक छात्र पास  झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की कक्षा 10वीं की परीक्षा 2026 में अभूतपूर्व सफलता मिली है। इस वर्ष कुल 4,02,178 छात्र-छात्राएं मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता हासिल की है। इस शानदार परिणाम के साथ जेएसी 10वीं का पास प्रतिशत हाल के वर्षों में सबसे मजबूत रहा है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, चार लाख से अधिक छात्रों के उत्तीर्ण होने से यह परिणाम राज्य की शैक्षणिक प्रगति का प्रतीक बन गया है।  प्रियंशु कुमारी ने किया 10वीं टॉप झारखंड अकादमिक परिषद (JAC) ने वर्ष 2026 की जेएसी 10वीं (मैट्रिक) परीक्षा के लिए शीर्ष 3 छात्रों की पूरी मेरिट सूची जारी कर दी है। इस बार प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर कुल 12 छात्रों का कब्जा रहा है। चार-चार छात्रों ने प्रथम स्थान, चार-चार ने द्वितीय स्थान और चार-चार छात्रों ने तृतीय स्थान हासिल किया है। शीर्ष स्थान के लिए हुई कड़ी टक्कर इस वर्ष के नतीजों की खासियत रही। मेरिट लिस्ट में रांची, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा समेत अन्य जिलों के छात्रों ने अपना दबदबा बनाया है।  छात्र इस तरह डाउनलोड कर सकते हैं स्कोरकार्ड झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) बोर्ड की 10वीं कक्षा का रिजल्ट 2026 आज जारी कर दिया गया है। छात्र अब अपना रिजल्ट आसानी से ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं। JAC बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 चेक करने और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए छात्र इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा…     सबसे पहले JAC बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट    jacresults.com या jac.jharkhand.gov.in पर जाएं     होमपेज पर 'JAC Board 10th Result 2026' वाले लिंक पर क्लिक करें     इसके बाद अपना रोल नंबर और रोल कोड (एडमिट कार्ड के अनुसार) दर्ज करें     इसके बाद Submit बटन पर क्लिक करें     इसके बाद आपका JAC मैट्रिक रिजल्ट 2026 आपके सामने स्क्रीन पर होगा     इसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं, साथ ही प्रिंट भी निकाल सकते हैं छात्रों को ओरिजिनल मार्कशीट और सर्टिफिकेट कहां से मिलेगा?  झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। पास होने वाले छात्रों को बहुत जल्द ही मूल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट संबंधित स्कूलों से प्राप्त होंगे। JAC के अनुसार, छात्रों को रिजल्ट आने के तुरंत बाद ऑनलाइन अंक प्राप्त हो जाएंगे, लेकिन उनकी ओरिजिनल मार्कशीट और प्रमाण-पत्र स्कूल के माध्यम से दिए जाएंगे। छात्रों को अपनी मार्कशीट और सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए अपने संबंधित स्कूल से संपर्क करना होगा। बता दें कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा रिजल्ट जारी होने के कुछ दिनों बाद ही सभी छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीटें संबंधित स्कूलों को भेज दी जाती हैं, जहां से छात्र प्राप्त कर सकते हैं।

जेडीयू की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी, नीतीश ने शामिल किए 24 नेता, निशांत का नाम नहीं

नईदिल्ली / पटना  जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की है। इसमें उनके बेटे निशांत कुमार को जगह फिलहाल नहीं मिली है। जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 24 नेताओं को रखा गया है। राज्यसभा सांसद संजय झा जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने रहेंगे। वहीं, पार्टी के वरीय नेता एवं जहानाबाद से पूर्व सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। आलोक कुमार सुमन कोषाध्यक्ष होंगे। वहीं, 12 नेताओं को जेडीयू का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इसमें मनीष कुमार वर्मा, आफाक अहमद खान, श्याम रजक, अशोक चौधरी, रमेश सिंह कुशवाहा, राम सेवक सिंह, कहकशां परवीन, कपिल हरिशचंद्र पाटिल, राज सिंह मान, सुनील कुमार उर्फ इंजीनियर, हर्षवर्धन सिंह, मौलाना गुलाम रसूल और बलियावी का नाम शामिल है। राजीव रंजन सिंह जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने रहेंगे। वहीं, रविंद्र प्रसाद सिंह, विद्या सागर निषाद, दयानंद राय, संजय कुमार, मोहम्मद निसार, रूही तागुंग और निवेदिता कुमारी को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में निशांत का नाम नहीं नीतीश कुमार द्वारा बुधवार को जारी की गई जेडीयू के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में निशांत कुमार का नाम नहीं है। यह सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। नीतीश कुमार के बिहार का मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने के फैसले के बाद उनके बेटे निशांत ने राजनीति में कदम रखा था। बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में उनके डिप्टी सीएम बनने की चर्चा थी। हालांकि, जेडीयू से विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया। बताया गया कि निशांत कुमार अभी सरकार में शामिल होने को तैयार नहीं हैं। पिछले दिनों जब पत्रकारों ने उनसे डिप्टी सीएम नहीं बनने की वजह पूछी थी तो उन्होंने कहा था कि वह अभी संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। बिहार में यात्रा निकालकर लोगों से मिलेंगे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि निशांत कुमार को जेडीयू संगठन में कोई बड़ा पद मिल सकता है। अगले महीने बिहार यात्रा पर निकलेंगे निशांत निशांत ने बीते 8 मार्च को औपचारिक रूप से जेडीयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इससे पहले वह सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे थे। उन्हें लंबे समय से पार्टी में लाने की मांग कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही थी। जेडीयू ज्वॉइन करने के बाद से निशांत पार्टी में काफी सक्रिय हैं। बीते डेढ़ महीने में उन्होंने पार्टी के प्रवक्ताओं, वरीय नेताओं, युवा लीडर एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। आगामी 3 मई से वह बिहार यात्रा पर भी निकने वाले हैं। निशांत की यात्रा पश्चिम चंपारण जिले से शुरू होगी। इसका विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि यात्रा के जरिए निशांत सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं एवं जनता से सीधे संवाद करेंगे। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में निशांत का नाम नहीं होने की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि अभी वे पार्टी के क्रियाकलापों को बारीकी से सीख रहे हैं। अनुभव लेने के बाद ही वह कोई पद संभालेंगे।

युवाओं के लिए खुशखबरी: Bihar में इंटर्नशिप प्रोग्राम, 12वीं पास को भी मिलेगा ₹6000 तक स्टाइपेंड

शिवहर. जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने कौशल विकास योजनाओं में गति लाने के निर्देश दिए। मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जिला कौशल विकास समिति एवं जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र की समीक्षात्मक बैठक में जिलाधिकारी ने अलग-अलग दोनों विभागों के कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि कौशल विकास योजना के तहत बिहार सरकार ने इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि यह 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद युवाओं को इंटर्नशिप कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है। वित्तीय सहायता: युवाओं को इंटर्नशिप कार्यक्रम के दौरान तीन महीने से लेकर 12 महीने तक की अवधि के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को इंटर्नशिप के लिए चार हजार आईटीआई डिप्लोमा उत्तीर्ण उम्मीदवारों को पांच हजार व स्नातक एवं स्नातकोत्तर युवाओं को छह जार रुपये प्रति माह की इंटर्नशिप मिलेगी। जिलाधिकारी ने इसके विस्तृत स्तर का प्रचार प्रसार करने हेतु निर्देशित किया, ताकि अधिक से अधिक इच्छुक अभ्यर्थी इस योजना से लाभान्वित हो सकें। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि यह भारत सरकार की एक पहल है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में 12 महीने की व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करना है। 18 से 24 वर्ष के युवा जो पूर्णकालिक रोजगार में नहीं हैं, इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जिसमें नौ हजार प्रति माह स्टाइपेंड औरछह हजार की एकमुश्त सहायता मिलती है। 21 से 24 आयुवर्ग के 10वीं, 12 वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, या बीए, बीकॉम, बीएससी, बीसीए, बीबीए स्नातक पास, जिनकी परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम है वह इसके पात्र है। कुशल युवा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा लक्ष्य को इस वित्तीय वर्ष मैं शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने हेतु निर्देशित किया। जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र को निबंधन के लक्ष्य को सत प्रतिशत हासिल करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही रोस्टर बना कर सभी विद्यालयों में काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया गया।