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गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय

मेक इन इंडिया के तहत भोपाल जिले में EMC 2.0 परियोजना की स्थापना की स्वीकृति निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 अनुमोदित नगरीय निकायों में "गीता भवन" स्थापना योजना स्वीकृत मुरैना जिले में कैलारस कारखाना को MSME विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स (EMC) 2.0 परियोजना अंतर्गत सामान्य सुविधाओं (CFC) के साथ विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन तथा विनिर्माण (ESDM) क्षेत्र के संवर्धन को बढ़ावा दिये जाने के लिए भोपाल की तहसील बैरसिया के ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना के लिए उपलब्ध 210.21 एकड़ भूमि पर परियोजना लागत 371 करोड़ 95 लाख रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति जारी की गयी है। इसमें से राशि 146 करोड़ 63 लाख रूपये केन्द्रांश एवं 225 करोड़ 32 लाख रूपये राज्यांश होगा। भारत सरकार की प्राथमिकता के अनुसार डिजिटल इंडिया एवं मेक इन इंडिया की अवधारणा को साकार करने में EMC 2.0 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (EMCs) योजना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। EMC 2.0 योजना, सामान्य सुविधा केंद्रों (सीएफसी) की स्थापना में भी सहयोगी होगी। उन्हें ऐसे क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में मौजूदा विनिर्माण इकाइयां स्थित हैं, जिनके अंतर्गत सामान्य तकनीकी बुनियादी ढांचे के उन्नयन और ईएमसी, औद्योगिक क्षेत्रों/पाकों/औद्योगिक गलियारों में इकाइयों के लिए सामान्य सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। EMC 2.0 परियोजना से इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा आधार तैयार होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) क्षेत्र में नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। निर्माण इकाइयों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। निर्माण इकाईयों द्वारा भुगतान किए जाने के फलस्वरूप करों के रूप में शासकीय राजस्व में वृद्धि होगी। उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में मदद मिलेगी, साथ ही नवाचार को गति और देश के आर्थिक विकास को उत्प्रेरकता प्राप्त होगी। 5 नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 1570 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम, मुरैना, बालाघाट, शहडोल और सागर में नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय और वैलनेस सेंटर खोलने के लिए 1570 पदों की स्वीकृति दी गई है। इनमें 715 नियमित पद एवं 855 पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जायेंगे। प्रदेश में संभाग स्तर पर एक आयुर्वेदिक मैडिकल कालेज की स्थापना होगी, जिससे आयुर्वेद उपचार एवं वैलनेस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय आयुष मिशन के फण्ड से नर्मदापुरम, मुरैना, बालाघाट, शहडोल और सागर में नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय शासकीय पद्धति से खोले जाने हैं। इनमें महाविद्यालय भवन, 100 बैड चिकित्सालय परिसर, 100 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास भवन, आवासीय भवन और फार्मेसी भवनों का निर्माण भारतीय चिकित्सा पद्धति के निर्धारित मापदण्ड अनुसार किया जाएगा। संबंधित जिले में शासकीय भूमि आबंटित की जा चुकी है। राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत प्रत्येक आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 70 करोड़ रूपये के मान से 350 करोड़ रूपये का 60:40 के अनुपात में प्रावधान किया गया है। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के अंतर्गत इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है। विभाग के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न संवर्गों के कुल 20 नवीन पदों का सृजन किया जाएगा। इनमें प्राध्यापक का 1, सहायक प्राध्यापक का 1, सीनियर रेसीडेंट के 2, जूनियर रेसीडेंट के 2, सीनियर नर्सिंग ऑफीसर के 2 और नर्सिंग ऑफीसर के 12 पद शामिल हैं। साथ ही 1 डायटीशियन को आउटसोर्स आधार पर निश्चित वेतनमान पर नियुक्त किया जायेगा। इस निर्णय से राज्य में हार्मोन संबंधी रोगों के निदान एवं उपचार में उच्च गुणवत्ता की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी तथा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण का विस्तार होगा। इंडोक्राइनोलॉजी के क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा भी मिलेगा। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में 12 माह के लिए शिष्यवृत्ति दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में मैस संचालन के लिये 10 माह के स्थान पर 12 माह के लिए शिष्यवृत्ति दिये जाने का निर्णय लिया गया है। यह शिष्यवृत्ति छात्रावासों में विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर दी जायेगी। वर्तमान में छात्र को 1650 रूपये प्रतिमाह और छात्राओं को 1700 रूपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति दी जाती है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार प्रचलित नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में परिवर्तन की आवश्यकता के दृष्टिगत नवीन अवकाश नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तैयार किया गया है। नवीन अवकाश नियम 2025 के नवीन प्रावधानों में महिला शासकीय सेवक सेरोगेट / कमीशनिंग मां को भी प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी। अवकाश विभागों के शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी। दत्तक संतान ग्रहण करने के लिये शासकीय सेवकों को कुल 15 दिवस के पितृत्व अवकाश की पात्रता होगी। इसके साथ ही संतान पालन अवकाश की पात्रता एकल पुरुष शासकीय सेवक को भी होगी। अर्धवेतन अवकाश को अवकाश खाता में अग्रिम रूप से जमा किया जायेगा। यह अवकाश 01 जनवरी को 10 दिवस एवं 01 जुलाई को पुनः 10 दिवस के मान से अवकाश लेखे में अंकित किया जायेगा। अर्जित अवकाश की एक बार प्राप्त करने की अधिकतम अवधि 120 दिन से बढ़ायी जाकर 180 दिवस की गयी है। दिव्यांग अथवा गंभीर अस्वस्थ शासकीय सेवक के अवकाश आवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुलभ बनाया गया है, अब परिवार के सदस्य भी आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। अवकाश स्वीकृत करने के अधिकारों का प्रत्यायोजन के संबंध में नियमों में भी प्रावधान किये गये है। नियम के प्रकाशन एवं अन्य अनुवर्ती कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 के प्रभावशील होने से राज्य के कोष पर … Read more

पूंजीगत व्यय में मध्यप्रदेश देश के प्रथम तीन राज्यों में शामिल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूंजीगत व्यय में मध्यप्रदेश देश के प्रथम तीन राज्यों में शामिल वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने किया 66 हजार 218 करोड़ रूपए का निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार जिलों के विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति पर जिलेवार पुस्तकें प्रकाशित की जाएंगी प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल 5 लाख हेक्टेयर बढ़ा प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और किसान सम्मेलन के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चालू वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में पूंजीगत व्यय में वृद्धि वाले प्रथम तीन राज्यों में मध्यप्रदेश ने अपना स्थान बनाया है। कैग के आंकड़ों के अनुसार देश के 16 राज्यों ने पिछले वर्ष की तुलना में पूंजीगत व्यय में वृद्धि दर्ज की है। गुजरात 65%, उत्तर प्रदेश 42% और मध्यप्रदेश की उपलब्धि 41% है। साल दर साल वृद्धि के साथ मध्यप्रदेश का यह सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की इस उपलब्धि के लिए मंत्रि-परिषद के सभी साथियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में भेंट कर उन्हें प्रदेश में जारी विकास कार्यों से अवगत कराया तथा उन्हें आगामी दिनों में भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और विशाल किसान सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री मोदी के दोनों कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है। फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और सोया उत्पादों के निर्यात बढ़ने से हुई 6% की वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश ने निर्यात में अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए अब तक का सबसे अधिक 66 हजार 218 करोड़ रुपए का निर्यात किया है। निर्यात में 6% की बढ़ोतरी हुई है, जो फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और सोया उत्पादों में निर्यात बढ़ने के फलस्वरुप हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात में मध्य प्रदेश की रैंकिंग 15 से 11 हो गई है। विकसित भारत रोजगार योजना से प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसमें निजी क्षेत्र में नौकरी पाने वाले युवाओं को 15 हजार रूपए सरकार की ओर से दिए जाएंगे। देश में 3 करोड़ 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस योजना से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर्ष का विषय है कि इस दीपावली पर देश को बड़ा तोहफा मिलने वाला है। नई जनरेशन के लिए जीएसटी रिफॉर्म लागू किए जाएंगे। इससे दैनिक उपयोग की चीजें सस्ती होंगी और टैक्स में भी कमी आएगी। स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों में हुए नवाचार को मंत्रि-परिषद ने सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम पर किए गए नवाचार के संबंध में मंत्री साथियों से फीडबैक प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सभी जिलों में एलईडी के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। साथ ही सभी जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में संबंधित जिले में विगत डेढ-पौने दो वर्षों में किए गए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति से जिले वालों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी जिलों की विकास गतिविधियों और योजनाओं की प्रगति पर सभी जिलों में पुस्तकें प्रकाशित की जाएं और उनका विधिवत उत्सव आयोजन कर विमोचन किया जाए। आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यूरिया का कुल भंडारण 15.60 लाख मेट्रिक टन है, जिसमें से 13.92 लाख मेट्रिक टन किसानों को वितरित किया गया है और 1.68 लाख मेट्रिक टन यूरिया शेष है। प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल लगभग 5 लाख हेक्टेयर बढ़ जाने के कारण यूरिया की मांग बढ़ी है। आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है। अलग-अलग थीम पर निकली श्रीमहाकाल की सवारियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष भगवान महाकाल की सवारियों में नवाचार करते हुए प्रत्येक सवारी एक अलग थीम पर निकाली गई। पहली सवारी जहां वैदिक उद्घोष के साथ निकली वहीं बाद की सवारियां लोक, संस्कृति, पर्यटन आदि पर केन्द्रित रही। सवारियों में प्रदेश के जनजातीय अंचलों के कलाकारों ने पूरे उत्साह से भाग लिया। राजसी सवारी के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसमें सम्पूर्ण नगर से जनभागीदारी के माध्यम से पुष्प एकत्रित किए गए। स्वदेशी को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक संदर्भ में देश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ता हम सबके लिये प्रेरणा स्त्रोत है। प्रदेश के रायसेन जिले के उमरिया गांव में गत दिनों बीईएमएल आधुनिक रेल कोच कारखाने का शिलान्यास प्रदेश के लिये एक बड़ी सौगात है और स्वदेशी अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी तरह धार जिले में पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को ‘फार्म-टू-फॉरेन’ की नई दिशा मिलेगी।  

MP कैबिनेट की बड़ी सौगात: भोपाल में 371.95 करोड़ से बनेगा EMCS, गीता भवन-वेलनेस सेंटर को हरी झंडी

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार अब इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में 371.95 करोड़ रुपये की लागत से भोपाल के बैरसिया क्षेत्र स्थित ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMCS 2.0) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह क्लस्टर 210.21 एकड़ भूमि पर स्थापित होगा और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि यह परियोजना भारत सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुरैना शुगर मिल होगी आधुनिक बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। भाजपा के संकल्प पत्र के अनुरूप प्रदेश में पांच आयुर्वेदिक महाविद्यालय और वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना और 20 नवीन पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली। यहां शुगर, थायरॉइड जैसी बीमारियों का बेहतर इलाज हो सकेगा। साथ ही एक डायटीशियन को आउटसोर्स आधार पर नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया। जनजातीय छात्रों को अब 12 माह छात्रवृत्ति आदिवासी छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले जनजातीय बालक-बालिकाओं को अब 12 माह की छात्रवृत्ति मिलेगी, जबकि पहले यह केवल 10 माह तक सीमित थी। सिविल सेवा कर्मचारियों के अवकाश नियमों को भारत सरकार के अनुरूप किया जाएगा। सेरोगेसी से बच्चे होने पर मातृत्व अवकाश देने की पात्रता भी स्वीकृत की गई। प्रत्येक निकाय में बनेंगे गीता भवन समाज में पठन-पाठन और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने “गीता भवन” योजना को मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों (2025-26 से 2029-30) तक प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन स्थापित किए जाएंगे। बैठक में मुरैना की बंद शुगर मिल को आधुनिक मिल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। यदि यह संभव नहीं होता तो वहां MSME उद्योगों की स्थापना की जाएगी। साथ ही मजदूरों को बकाया 54.81 करोड़ रुपये की राशि भी दी जाएगी।  

विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का जमीनी स्तर पर किया जाए अध्ययन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. जन अभियान परिषद् शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक समाज अनुकूल बनाने में सहयोग करे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का जमीनी स्तर पर किया जाए अध्ययन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन अभियान परिषद् से जुड़ी संस्थाएं नशामुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM की अध्यक्षता में हुई परिषद् के शासी निकाय की बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन अभियान परिषद् से जुड़ी संस्थाएं नशामुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ग्राम और वार्ड स्तर तक गतिविधियां संचालित करें और प्रभावित व्यक्तियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। जन अभियान परिषद् राज्य शासन द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता का भी जमीनी स्तर पर अध्ययन कर फीडबैक और सुझाव दे, इससे योजनाओं को अधिक समाज अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। परिषद् से जुड़ी संस्थाओं का कार्य थर्ड पार्टी आंकलन के समान हो। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने ये निर्देश मंत्रालय में मध्‍यप्रदेश जन अभियान परिषद् के शासी निकाय की 15वीं वार्षिक सामान्‍य बैठक में दिए। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का माध्यम बनेगा 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश' अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वदेशी को प्रोत्साहित करने के लिए लघु, कुटीर उद्योग तथा स्व-सहायता समूहों से मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। जनअभियान परिषद् से जुड़ी संस्थाएं इस दिशा में सहभागिता को प्रोत्साहित करने हुए गतिविधियां संचालित करें। बैठक में सर्पदंश से सुरक्षा और सर्परक्षा के लिए थाना स्तर पर संचालित की जाने वाली जागरूकता, प्रशिक्षण और अध्ययन गतिविधियों की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि परिषद्, स्वैच्छिकता और स्वावलंबन के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तित्व विकास, नागरिक एवं सामाजिक अनुशासन पर केन्द्रित गतिविधियां, सीएम सोशल इंटर्नशिप, युवा जन अभियान और पंख गतिविधियां संचालित करने जा रही है। "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान के अंतर्गत परिषद् के प्रशिक्षित नैटवर्क द्वारा गांव और वार्डों की महिलाओं को मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश' घर-घर विराजित और विसर्जित होंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ेगी। बैठक में जन अभियान परिषद् के उपाध्‍यक्ष मोहन नागर, परिषद् की शासी निकाय के सदस्‍य एवं अपर मुख्‍य सचिव नीरज मण्‍डलोई, अपर मुख्‍य सचिव संजय शुक्‍ला तथा परिषद् के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ उपस्थित थे।  

भोपाल में 25 स्कूल बने आधार कार्ड सेंटर, बच्चों को मिलेगा नया और अपडेशन दोनों का फायदा

भोपाल बच्चों के आधार कार्ड अपडेट कराने वाले अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। भोपाल के स्कूलों में आधार कार्ड सेंटर शुरू होने जा रहे हैं। इन सेंटर पर नए कार्ड से लेकर सुधार और अपडेट के लिए काम किया जाएगा। आधार कार्ड में कहीं छात्र का नाम गलत था तो कहीं माता पिता के नाम में खामी मिल रही हैं। विद्यार्थियों के स्कूल में दर्ज रेकॉर्ड और आधार कार्ड में इस तरह की गड़बड़ियां सबसे ज्यादा आ रही हैं। नतीजतन करीब 20 प्रतिशत विद्यार्थियों का रेकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाया। स्कूली बच्चों के आधार कार्ड में सुधार के लिए संकुल स्तर पर सेंटर बनेंगे। राजधानी में बीस से 25 सेंटर होंगे। यह केवल स्कूली बच्चों के लिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए विशेष व्यवस्था की है। स्कूली बच्चों के दस्तावेजों में सुधार के लिए सेंटर बनाने के लिए निर्देश दिए है। संकुलवार यह केन्द्र बनेंगे। आधार कार्ड में सुधार और अपडेशन कराने में आसानी है। अरविंद चौरगढ़े, संयुक्त संचालक सुधार करवाने में जुटे अभिभावक सुभाष नगर निवासी राकेश ने बताया कामकाज छोड़ कर बच्चों के दस्तावेजों का रिकॉर्ड सुधार करवा रहे हैं। नगर निगम और आधार कार्ड सेंटर के चक्कर काट रहे हैं। अभिभावक संगठन के पीके पांड्या ने बताया कि रिकॉर्ड सुधार करवाया जा रहा है ये बेहतर है। लेकिन इसके लिए सुविधा दी जाए। कई लोगों को दिक्कत आ रही है। सांदीपनी स्कूल रशीदिया के प्राचार्य केडी श्रीवास्तव ने बताया आधार कार्ड के लिए सेंटर बनाया गया था। आगे भी व्यवस्था रहेगी। कैंप में ये सुविधा बच्चों के फिंगर प्रिंट, आंखों की स्केनिंग और फोटो अपलोड किए जाएंगे। आज से सात साल के बच्चों का आधार कार्ड मुफ्त में अपग्रेड होगा। दो लाख बच्चों के रिकॉर्ड होने हैं दर्ज राजधानी में सरकारी और गैरसरकारी मिलाकर करीब 1500 स्कूल हैं। करीब डेढ़ से दो लाख बच्चों के रिकॉर्ड को डिजिटल कराया जा रहा है। इस रिकॉर्ड में आधार कार्ड से लेकर समग्र आइडी, अपार आइडी और जन्म प्रमाण पत्र शामिल हैं। माता पिता का ब्योरा भी इसमें शामिल किया जा रहा है। अधिकांश अभिभावक दस्तावेजों में छोटी-छोटी गलतियों में सुधार के लिए परेशान हैं। सबसे ज्यादा गलतियां आधार कार्ड में सामने आई हैं।

3 साल में 22,500 पुलिसकर्मी भर्ती होंगे, CM यादव की घोषणा पर तेज हुई प्रक्रिया

भोपाल  मध्य प्रदेश के पुलिस थानों में खाली पड़े हजारों पद जल्दी भर लिए जायेंगे, सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बीते 15 अगस्त को घोषणा करते हुए कहा कि अगले तीन साल में ये भर्तियाँ हो जायेंगी इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने भर्तियों के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की भी घोषणा की। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री डॉ मोहन यादव की घोषणा के बाद से प्रदेश के युवा उत्साहित हैं, विशेष रूप से उन युवाओं में बहुत उत्साह है जो लंबे समय से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे थे और खाकी वर्दी पहनने का सपना दिल में संजोये बैठे हैं, उनके सपने जल्दी ही हकीकत में बदलने वाले हैं। सीएम डॉ मोहन यादव ने 15 अगस्त को पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी जानकारी में आया है हमने  7500 पदों पर भर्ती की अनुमति दी है लेकिन अभी भी 20 हजार पद पुलिस विभाग में खाली है, उन्होंने कहा कि हम अगले तीन सालों में सभी खाली पदों को भर देंगे। सीएम ने की पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने की घोषणा  सीएम ने पुलिस के आला अधिकारियों की तरफ देखते हुए कहा कि पहले ये भर्तियाँ कर्मचारी चयन मंडल करता था  जिसमें कई तरह की परेशानियाँ आती थी इसलिए आप इसके लिए बोर्ड बनाइये मैं पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने की घोषणा करता हूँ, जिससे आप अपने हिसाब से भर्ती कर सकेंगे।  इससे पुलिस भर्ती में तेजी, पारदर्शिता और परफेक्शन आएगा। तीन वर्ष तक हर साल होगी 7500 पदों पर भर्ती  मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 के लिए पुलिस में स्वीकृत पदों की भर्ती मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से कर्मचारी चयन मंडल करेगा। वर्ष 2026 से ये भर्तियां पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा ही की जाएंगी। प्रतिवर्ष पुलिस के रिक्त 7500 पदों पर भर्ती की जाएगी और इस प्रकार आगामी 3 वर्ष में पुलिस विभाग के सभी रिक्त 22,500 पद भर दिए जाएंगे। वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अफसरों के लिए ये घोषणा   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस, जेल और नगर सेवा एवं सुरक्षा तीनों विभागों के शहीदों की विधवाओं और बच्चों के लिए स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों में विभिन्न प्राथमिकता श्रेणियां में एक अतिरिक्त सीट पर आरक्षण दिये जाने की घोषणा भी की है। वीवीआइपी ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों सहित उप पुलिस अधीक्षक और इससे उच्च अधिकारियों को भी पात्रता अनुसार निर्धारित विशेष भत्ता एवं जोखिम भत्ता दिये जाने का निर्णण भी लिया गया है।

आयुष मंत्री परमार ने विभाग को स्कॉच अवॉर्ड-2025 पर दी बधाई, टीमवर्क और नवाचार को सराहा

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने, आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवॉर्ड- 2025" (SKOCH Award-2025) मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। आयुष मंत्री  परमार ने कहा कि "स्कॉच अवॉर्ड- 2025" प्राप्त करना, प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। यह उपलब्धि टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है, जिससे नागरिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। प्रमुख सचिव आयुष  डी.पी. आहूजा ने भी इस उपलब्धि के लिए विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  आहूजा ने कहा कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।" विभागीय अधिकारियों की सतत् निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ, जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आयुष विभाग को यह सम्मान 'आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणामों के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियों (Presentations) और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता को और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" वितरण समारोह, 20 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली स्कॉच समिट के दौरान होगा। आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य हैं- प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महाविद्यालयों में OPD (आउट पेशेंट विभाग) में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों को आयुष सुविधा कवरेज में लाना और लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना। आयुष विभाग ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेजों के साथ अनुभव साझा करना, समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन, हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए हैं।  

भोपाल को जल्द मिलेगी मेट्रो की सौगात, सितंबर 2025 से कमर्शियल रन संभव

भोपाल   मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर माह में हरी झंडी दिखा सकते हैं। यात्रियों को लंबे इंतजार के बाद भोपाल में मेट्रो की सवारी का मौका मिलेगा। कारपोरेशन का सबसे ज्यादा फोकस इस समय एम्स से डीआरएम तक के स्टेशनों का काम पूरा करने में है। बचे हुए काम के लिए सितंबर 2025 की डेडलाइन तय की गई है। कमर्शियल रन को दो माह से भी कम समय बचा है, ऐसे में यहां टिकटिंग सिस्टम से लेकर यात्रियों के लिए इंफॉर्मेशन सिस्टम, इंटीरियर व बाहरी सौंदर्यीकरण के काम काफी बचे हुए हैं। स्टेशनों को पास के संस्थानों से जोडऩे का काम भी बाकी है। कमिश्नर का निरीक्षण कमर्शियल रन के लिए कमिश्रर मेट्रो रेल सेफ्टी की एनओसी जरूरी है। इसलिए सर्वे व मॉनिटरिंग जारी है। सुरक्षा संबंधी कामों को तय मानकों पर कसा जा रहा है। सोमवार को भी मेट्रो रेल एमडी चैतन्य एस कृष्णा ने मेट्रो के कामों का निरीक्षण कर संबंधितों से काम की स्थिति पर बैठक की। तुर्किए की कंपनी की जगह नया टेंडर जल्द मेट्रो रेल कारपोरेशन ने ऑटोमेटिक टिकट फेयर सिस्टम के लिए तुर्की की कंपनी को दिए काम का ठेका रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। टेंडर की शर्तों के अनुसार प्रक्रिया की जा रही है। अभी रद्द करने का लेटर जारी नहीं किया। अफसरों का कहना है कि नए सिरे से टेंडरिंग की जाएगी। कमर्शियल रन में इंदौर की तरह मैन्युअली टिकट सिस्टम से काम चलाया जाएगा। RDSO से मिली हरी झंडी, अब CMRS की तैयारी तेज शहरवासियों के लिए खुशी की खबर है। भोपाल मेट्रो संचालन पूर्व पहले पड़ाव को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है । अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), रेल मंत्रालय से मेट्रो को प्रमाणीकरण मिल गया है। अब मेट्रो प्रबंधन ने कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की तैयारियों में जुट गया है। भोपाल मेट्रो को आरडीएसओ से मिली हरी झंडी जानकारी के अनुसार आरडीएसओ के प्रमाणीकरण के बाद ही सीएमआरएस की टीम जांचने आती है। जिसके बाद भोपाल में मेट्रो का संचालन शुरू हो पाएगा। इसके मद्देनजर अब दस्तावेज तैयार किए जाएंगे और प्रोजेक्ट के बचे शेष कामों को टीम के आने से पहले पूरा किया जाएगा। प्रमाणीकरण मिलते ही सोमवार को मेट्रो प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने सुभाष नगर डिपो और एम्स स्टेशन से डीआरएम आफिस मेट्रो स्टेशन तक का निरीक्षण किया। अब सीएमआरएस की तैयारी तेज इस दौरान उन्होंने सीएमआरएस से जुड़ी महत्वपूर्ण साइट्स और कार्यों की स्थिति देखी। स्टेशन में एंट्री-एग्जिट, फुट ओवर ब्रिज, टिकट रूम, स्टेशन कंट्रोल रूम, पम्प रूम, लिफ्ट, एस्केलेटर, फायर एनओसी सहित आंतरिक और बाहरी सुंदरीकरण कार्यों की समीक्षा की गई। एमडी ने सुभाष नगर डिपो का भी मुआयना किया। यहां उन्होंने इन्स्पेक्शन बे लाइन, रिपेयर बे लाइन, टेस्ट ट्रैक, ट्रैक्शन सब-स्टेशन, एडमिन बिल्डिंग के कंट्रोल रूम, प्रमुख सिस्टम रूम्स, रैम्प एरिया, अनलोडिंग-बे और ट्रेनिंग बिल्डिंग जैसी प्रमुख सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही डिपो में ड्रेनेज व्यवस्था, पम्प रूम और फायर एनओसी की स्थिति की भी जानकारी ली। एमडी ने अधिकारियों और ठेकेदारों को दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान एमडी ने अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रायोरिटी कॉरिडोर के तहत ट्रेन परिचालन से जुड़े सभी शेष कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सीएमआरएस के लिए दस्तावेजीकरण और साइट तैयारियों को तेज गति से निपटाना होगा ताकि समय पर संचालन शुरू किया जा सके। भोपाल मेट्रो के इस कदम से उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले महीनों में राजधानी में मेट्रो परिचालन का सपना हकीकत में बदल सकेगा। इससे यातायात दबाव कम होगा और शहर को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की बड़ी सौगात मिलेगी।

अर्चना तिवारी की गुमशुदगी रहस्य में नया खुलासा, 13 दिन बाद सुराग हाथ लगा

इंदौर इंदौर से ट्रेन में सवार होकर रक्षा बंधन मनाने कटनी के लिए निकली 29 साल की अर्चना तिवारी का 13 दिनों के बाद भी कुछ पता नहीं चला है। हालांकि, अब पुलिस के हाथ एक सुराग लगा है जिसके बाद अर्चना की मिस्ट्री सुलझने की उम्मीद जागी है। जीआरपी ने ग्वालियर के एक कांस्टेबल राम तोमर को हिरासत में लिया है। पता चला है कि राम तोमर ने ही अर्चना तिवारी के लिए टिकट कराया था। तोमर से पूछताछ करके यह पता लगाया जा रहा है कि उसका अर्चना के साथ क्या संबंध है, उसने क्यों इंदौर से ग्वालियर तक का टिकट कराया था और क्या अर्चना का राज वह जानता है? इससे पहलेअर्चना के परिजनों ने मानव तस्करी की आशंका जताते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की थी। इंदौर हाई कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस के साथ ही सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से कटनी के लिए निकली थीं। अर्चना की आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर मिली थी, जिसके बाद उसके परिजनों ने रानी कमलापति जीआरपी थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से लेकर इटारसी और कटनी तक के क्षेत्रों में भी गहनता से जांच कर चुकी है और स्टेशन व आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी खंगाल चुकी है लेकिन अब तक अर्चना का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि आस-पास के सभी रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और ट्रैवल एजेंसियों को इसकी सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है, चाहे वह दुर्घटना हो, अपहरण या अन्य कोई वजह। लोढ़ा ने बताया कि अर्चना की आखिरी लोकेशन इटारसी रेलवे स्टेशन मिली है और वहीं उसका मोबाइल बंद हुआ है। उन्होंने कहा, "इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में उसे कुछ लोगों ने देखा भी है। उसके बाद वह कहां गई, क्या हुआ… हम पता लगाने में जुटे हुए हैं। हमें उम्मीद है कि हम जल्द पता लगा लेंगे।" पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान जहां जरूरत पड़ रही है, वहां संबंधित अन्य एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। इस बीच, अर्चना के परिजनों ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए इसे मानव तस्करी का मामला बताया है और इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। अर्चना के ताऊ बाबू प्रकाश तिवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'यह मानव तस्करी का मामला है लेकिन पुलिस इस नजरिए से जांच नहीं कर रही है।' 13 दिन की जांच के बाद पुलिस को सुराग मिला कि अर्चना का टिकट भंवरपुरा थाने में तैनात कांस्टेबल राम तोमर ने कटाया था। उसने इंदौर से ग्वालियर तक के लिए टिकट बुक की थी। दोनों के बीच में क्या रिश्ता है, यह अभी साफ नहीं हुआ है। परिवार के लोगों ने तोमर को पहचानने से इनकार किया है। जीआरपी तोमर से पूछताछ करके पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच में किस तरह का संबंध है और क्या वह जानता है कि अर्चना कहां है। वहीं सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान तोमर ने कहा है कि उसने टिकट जरूर कराया था लेकिन अर्चना ने किसी और टिकट पर यात्रा की थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व फोटोग्राफी दिवस की दी शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व फोटोग्राफी दिवस पर सभी फोटोग्राफरों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर प्रेस प्रकोष्ठ से जुड़े फोटोग्राफरों के साथ फोटो खिंचवाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फोटोग्राफी न केवल एक कला है, बल्कि यह जीवन के पलों को कैप्चर करने और उन्हें अमर बनाने का एक सर्व सुलभ साधन भी है। फोटोग्राफर हमारी सांस्कृतिक विविधता, प्रदेश की समृद्ध विरासत और सुंदरता को विश्व के सम्मुख प्रस्तुत करने का प्रभावी माध्यम हैं। हमारे फोटोग्राफर साथी अपनी विधा में वैश्विक स्तर पर आ रही अद्यतन तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर अपनी रुचि और व्यवसाय में अग्रसर हों। साथ ही फोटोस के माध्यम से समाज को अविस्मरणीय पलों व भावों को सदा के लिए सहेजने की धरोहर सौंपते रहें।