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आम आदमी पर फिर बढ़ा बोझ, MP में पेट्रोल-डीजल महंगा; भोपाल-इंदौर के ताजा भाव जारी

भोपाल  विश्व संकट और ईरान-अमेरिका के बीच युद्द के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई है। लेकिन, अब इसका असर  भारत में भी दिखना शुरू हो गया है। दरअसल, आज यानी 15 मई से देशभर में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। पेट्रोल पर 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इंदोर और भोपाल में पेट्रोल व डीजल 3-3 रूपए मंहगा हुआ है। इसके चलते आमजनजीवन को एक बार फिर मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है। इंदौर और भोपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एमपी के भोपाल और इंदौर में भी पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। यहां 3-3 रूपए की कीमत से पेट्रोल और डीजल मंहगा हुआ है। इंदौर में पेट्रोल की कीमत ₹106.58 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹109.58 प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, डीजल की कीमत ₹91.97 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹94.97 प्रति लीटर की गई है। भोपाल में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.82 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, डीजल की कीमत 91.87 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 94.98 रुपये हो गई है। क्यों बढ़ रहे हैं दाम? ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन में आई बाधा को माना जा रहा है। कच्चा तेल (Crude Oil) महंगा होने की वजह से घरेलू तेल कंपनियों ने इस बढ़े हुए बोझ को उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है। 15 मई से लागू हुए इन दामों ने आम जनता के घर का बजट बिगाड़ दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी का सफर तय करते हैं।

मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी की खिलाड़ी का FIE Women’s Épée World Cup 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन

भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी, भोपाल की प्रतिभाशाली खिलाड़ी खुशी दाभाडे का चयन प्रतिष्ठित FIE Women’s Épée World Cup के लिए भारतीय टीम में किया गया है। यह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता 22 से 24 मई 2026 तक फ्रांस में आयोजित होगी। पूरे देश से केवल चार खिलाड़ियों का चयन इस प्रतियोगिता के लिए किया गया है, जिनमें मध्यप्रदेश की खिलाड़ी खुशी दाभाडे का नाम शामिल होना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता को दर्शाती है, बल्कि मध्यप्रदेश में विकसित हो रही मजबूत खेल संस्कृति और उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का भी प्रमाण है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगा मध्यप्रदेश का दम खुशी दाभाडे ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण के दम पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी, भोपाल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही खुशी लगातार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करती रही हैं, जिसके आधार पर उनका चयन भारतीय टीम में किया गया है। अब वे फ्रांस में आयोजित इस प्रतिष्ठित विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। यह अवसर किसी भी खिलाड़ी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और खुशी के लिए यह उनके खेल कॅरियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। संघर्ष, समर्पण और मेहनत की प्रेरणादायक कहानी साधारण परिवार से आने वाली खुशी दाभाडे की सफलता हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी माता एक नर्स के रूप में कार्यरत हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने खुशी के सपनों को पूरा करने में हर संभव सहयोग दिया। कठिन परिस्थितियों के बीच भी खुशी ने अपने लक्ष्य से कभी ध्यान नहीं हटाया और लगातार मेहनत करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर तय किया। उनकी यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर प्रयास और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अकादमी की आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी, भोपाल में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, फिटनेस सपोर्ट और अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। खुशी दाभाडे की यह सफलता अकादमी की सुदृढ़ प्रशिक्षण प्रणाली और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। प्रदेश के लिए गौरव एवं युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा खुशी दाभाडे का भारतीय टीम में चयन मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। उनकी उपलब्धि प्रदेश के उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। यह सफलता बताती है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियां प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने खुशी दाभाडे को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। राज्य शासन द्वारा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।     

मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल फिल्म डेस्टिनेशन, CM मोहन यादव के विजन का दिखने लगा असर

भोपाल   मध्यप्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और समृद्ध सांस्कृतिक वैभव को अब वैश्विक मंच पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी विजन और नेतृत्व में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश तेजी से एक 'ग्लोबल फिल्मिंग हब' के रूप में स्थापित हो रहा है। इसी कड़ी में स्पेन के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस ‘कलर्स कम्युनिकेशन ग्रुप’ द्वारा निर्मित अंतर्राष्ट्रीय टेलीविजन सीरीज़ "रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड" की शूटिंग प्रदेश के विभिन्न पर्यटन अंचलों में हुई। इस गौरवशाली पहल से मध्यप्रदेश की अनूठी जीवन शैली और पर्यटन स्थलों का प्रदर्शन दुनिया के 80 से अधिक देशों में किया जाएगा, जिससे राज्य की पर्यटन संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई उड़ान मिलेगी। सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया की जनजातीय परंपरा का हुआ फिल्मांकन अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तहत छिंदवाड़ा जिले की नैसर्गिक सुंदरता और यहां की जीवंत जनजातीय संस्कृति ने स्पेनिश फिल्म क्रू को गहराई से प्रभावित किया है। टीम ने जिले के सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया क्षेत्र में प्रवास कर ग्रामीण जीवन, स्थानीय परंपराओं और पातालकोट की विशिष्ट जीवन शैली को कैमरे में कैद किया। विशेष रूप से पातालकोट में संपन्न जनजातीय विवाह की पारंपरिक रस्मों और प्राकृतिक सौंदर्य का फिल्मांकन किया गया है। स्पेनिश डायरेक्टर जुआन फ्रूटोस ने धूसावानी होमस्टे में मिले आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि यदि कोई वास्तविक भारत की जड़ों को जानना चाहता है, तो उसे मध्यप्रदेश के इन गांवों का अनुभव अवश्य लेना चाहिए। स्पेन में हुए एमओयू के मिल रहे सुखद परिणाम यह महत्वपूर्ण उपलब्धि इसी वर्ष जनवरी-2026 में स्पेन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेले 'FITUR मैड्रिड 2026' के दौरान हुए रणनीतिक समझौतों और एमओयू (MoU) का सुखद परिणाम है। पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. और अपर प्रबंध संचालक अभय अरविंद बेडेकर के मार्गदर्शन में प्रदेश को एक 'फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन' के रूप में वैश्विक पटल पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस सीरीज़ में न केवल ग्रामीण संस्कृति, बल्कि सांची स्तूप, भीमबेटका की गुफाएं, सतपुड़ा नेशनल पार्क और उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों को भी शामिल किया गया है, जो प्रदेश के बहुआयामी पर्यटन वैभव को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेंगी। मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल फिल्मिंग हब इस वैश्विक पहल से न केवल मध्यप्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, होमस्टे और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों को भी भारी प्रोत्साहन मिलेगा। कलेक्टर छिंदवाड़ा श्री हरेंद्र नारायन एवं जिला प्रशासन के समन्वय से संपन्न हुई यह शूटिंग राज्य को विश्व सिनेमा के मानचित्र पर एक जीवंत और सांस्कृतिक कैनवास के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में ऐसे अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शूटिंग के लिए आवश्यक अनुमति, लॉजिस्टिक सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था और ऑन-ग्राउंड समन्वय उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल राज्य को “फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बीते कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश ने फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बॉलीवुड फिल्मों, वेब सीरीज़ और अंतर्राष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स के लिए प्रदेश लगातार पसंदीदा लोकेशन बन रहा है। इससे न केवल राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग मजबूत हो रही है, बल्कि स्थानीय रोजगार, ग्रामीण पर्यटन और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। मध्यप्रदेश आज केवल “टाइगर स्टेट” नहीं, बल्कि विश्व सिनेमा के लिए प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और अनुभवों से भरा एक जीवंत कैनवास बन चुका है।

सारणी में 160 MVA पावर ट्रांसफार्मर हुआ ऊर्जीकृत, ऊर्जा मंत्री तोमर ने दी जानकारी

सारणी मे ऊर्जीकृत हुआ 160 एम वी ए का पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर 45 वर्षो तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने के बाद ट्रांसको का पावर ट्रांसफार्मर हुआ रिटायर भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था के इतिहास में एक भावुक और गौरवपूर्ण अध्याय उस समय जुड़ गया, जब एमपी ट्रांसको के बैतूल जिला स्थित सारणी 220 केवी सबस्टेशन में स्थापित 100 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगातार 45 वर्षों तक निर्बाध सेवाएं देने के बाद सम्मानपूर्वक रिटायर हुआ। मंत्री तोमर ने बताया कि उल्लेखनीय है कि सन 1978 मे निर्मित इस ट्रांसफार्मर की निर्धारित कार्य अवधि लगभग 25 वर्ष थी, किंतु मध्यप्रदेश विद्युत मंडल तथा बाद में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मचारियों की कुशल मेंटेनेंस, सटीक तकनीकी प्रबंधन और उत्कृष्ट कार्य दक्षता के कारण इसने लगभग दोगुनी अवधि तक विश्वसनीय सेवाएं दीं। इसके साथ ही पुराने 100 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर अब सारणी 220 केवी सबस्टेशन में 160 एमवीए क्षमता का अत्याधुनिक पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र की पारेषण क्षमता और विद्युत विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली पहुंचाने में रहा था अहम योगदान ऊर्जा मंत्री तोमर ने आगे जानकारी दी कि सारणी ताप विद्युत गृह से उत्पादित होने वाली बिजली को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक सुरक्षित एवं सतत रूप से पहुंचाने में इस ट्रांसफार्मर की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीते लगभग साढे चार दशकों में इस ट्रांसफार्मर ने न केवल प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती प्रदान की, बल्कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक, कृषि एवं सामाजिक विकास की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मौन आधार स्तंभ की तरह योगदान दिया। यह ट्रांसफार्मर प्रदेश की ऊर्जा अवसंरचना के विकास का साक्षी रहा है। बैतूल के साथ रेलवे ट्रैक्सन फीडर को मिलेगी विश्वसनीय बिजली एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि इस नये पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद 220 के वी सबस्टेशन सारणी की क्षमता बढकर 320 एम व्हीए की हो गई है। इससे विश्वसनीयता बढने के साथ तीन 132 के व्ही सबस्टेशनों को फायदा मिलेगा. इसके अलावा रेलवे ट्रैक्सन घोड़ाड़ोंगरी के दोनों फीडर को भी गुणवत्ता पूर्ण विश्वसनीय सप्लाई उपलब्ध रहेगी। बैतूल जिले की क्षमता में वृद्धि शांडिल्य ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से बैतूल जिले की कुल स्थापित क्षमता 740 एमवीए से बढ़कर 800 एमवीए हो गई। एमपी ट्रांसको बैतूल जिले में अपने 220/132 केव्ही के तीन एवं 132/33 के व्ही के छह सब स्टेशन के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है।  

CM डॉ. यादव ने किया दिल्ली मेट्रो में सफर, PM मोदी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट संदेश को अपनाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली मेट्रो में किया सफर प्रधानमंत्री मोदी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग के आह्वान पर किया अमल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को दिल्ली प्रवास के दौरान मेट्रो ट्रेन से सफर कर मितव्ययता का उदाहरण प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि देश में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, प्रदूषण और वर्तमान वैश्विक संकट के दृष्टिगत भविष्य के लिए ईंधन की बचत और वर्तमान में की जा रही खपत को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो के अधिक उपयोग की अपील की है। इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो में यात्रा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आम यात्रियों के बीच रहकर सफर किया और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मेट्रो सफर की सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ ही प्रशासनिक क्षेत्र में काफी चर्चा रही। इसे एक प्रतीकात्मक और प्रभावशाली संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आम नागरिकों को भी यह प्रेरणा मिलती है कि यदि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकते हैं, तो सभी इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।  कार्बन उत्सर्जन में कमी और प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी उपयोगी है मेट्रो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेट्रो सफर के संदर्भ में कहा कि मेट्रो जैसे आधुनिक परिवहन साधन समय की बचत के साथ पर्यावरण-संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बड़े शहरों में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बेहद आवश्यक है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि भारत तेजी से आधुनिक और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां परिवहन व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली मेट्रो की व्यवस्था, समयबद्धता और यात्री सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश के अन्य शहरों में भी इस तरह की व्यवस्थाओं का विस्तार होना चाहिए। मध्यप्रदेश में भोपाल और इंदौर के पश्चात अन्य बड़े नगरों में मेट्रो ट्रेन सुविधा का विस्तार इसी सुविचारित योजना का हिस्सा है। हमारा देश स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन मोबिलिटी और स्मार्ट सिटी मिशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

उद्योग विकास और कार्यों की प्रगति को लेकर मंत्री काश्यप व अध्यक्ष सिंह ने की बैठक

भोपाल  एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि लघु उद्योग निगम के क्रियाकलापों को मौजूदा बाजार और आनलाइन प्लेटफार्म के जरिए व्यापक स्वरूप देकर व्यवसाय बढ़ाना चाहिए।मंत्री  काश्यप और निगम के अध्यक्ष  सत्येंद्र भूषण सिंह गुरुवार को पंचानन भवन स्थित सभागार में निगम के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे ।बैठक में प्रबंध संचालक और एमएसएमई विभाग के सचिव  दिलीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे मंत्री  काश्यप ने संतोष व्यक्त किया कि विगत दस वर्षों से निगम घाटे में नहीं रहा है और हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को 8 करोड़ का लाभांश भी सौंपा है।उन्होंने प्रबंधकों सहित अन्य रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही भी समय सीमा में करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में बताया गया कि निगम ने अपने 8 एम्पोरियम,कोयला व्यवसाय,कच्चा माल,संपदा एवं निर्माण और टेस्टिंग लैब जैसी सभी गतिविधियों में लाभ अर्जित किया है।बैठक में निगम के कुल व्यवसाय और कार्य परिणाम पर भी विमर्श किया गया। बैठक में 36 औद्योगिक क्षेत्रों के नवीन कार्य और 17 केंदों के उन्नयन,20 जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के विकास कार्यों और गोविन्दपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बहुमंजिला इंडस्ट्री पार्क के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गईं ।इस दौरान 3 एमएसएमई सीडीपी क्लस्टर और 4 अपग्रेडेशन क्लस्टर कार्य को भी संतोषजनक पाया गया। प्रबंध संचालक ने बताया कि इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा कोल आबंटन 1 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 6 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।मंत्री  काश्यप ने कहा कि लक्ष्य की पूर्ति के लिए नवीन उद्योगों तक एप्रोच बढ़ाने के लिए कलेक्टर्स से कहा जाए और जिले के अधिकारियों को भी सक्रिय किया जाए।बैठक में बताया गया कि निगम की जबलपुर और इंदौर की टेस्ट लैब का आधुनिक उन्नयन करने के कार्य प्रारंभ किए गये हैं।निगम के अध्यक्ष  सिंह ने 8 एम्पोरियम की संख्या में और बढ़ोतरी करने पर ध्यान केंद्रित करने का कहा है ।निगम के मृगनयनी एंपोरियम विभिन्न प्लेटफार्म पर आन लाइन व्यवसाय भी कर रहे हैं।निगम ने स्वयं के शापिंग पोर्टल से भी 65 लाख का व्यवसाय किया है। बैठक में विगत 3 वर्षों में निगम को भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में गोल्ड और रजत पदक मिलने पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक में भारत सरकार की निगम द्वारा संचालित आर ए एम पी योजना में देश में मध्यप्रदेश के अग्रणी होने के साथ ही संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। बैठक में स्टार्टअप योजना की भी समीक्षा की गईं।  

प्रभावित नागरिकों की पूरी मदद के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पहुंचकर देवास हादसे के घायलों से की भेंट प्रभावित नागरिकों की पूरी मदद के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय और चोइथराम अस्पताल में भर्ती घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के घायल नागरिकों से भेंट कर उनके उपचार की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस हादसे से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे और घायलों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अन्य कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती घायलों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमलतास अस्पताल में इलाज करवा रहे घायल नागरिकों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज पूर्वान्ह में इस हादसे की जानकारी प्राप्त होते ही देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे। इंदौर में उपचार करवा रहे घायलों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिल्ली से ही दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने एवं घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिये।  

फिटनेस नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, इंदौर में 2 बसों की फिटनेस निरस्त

इंदौर शहर में लोक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी सड़क पर दौड़ रही खतरनाक बसों पर सख्ती करते हुए कार्रवाई की गई। परमिट शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 बसों को जब्त किया गया। वहीं दो बसों के फिटनेस निरस्त किए गए। जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा गुरुवार को तीन इमली चौराहा और राजकुमार ब्रिज के नीचे यात्री बसों की विशेष जांच अभियान चलाया गया। सुरक्षा उपकरणों की सूक्ष्म जांच और नियमों की अनदेखी जांच के दौरान बसों में सुरक्षा और परिवहन नियमों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की सूक्ष्मता से जांच की गई। अधिकारियों ने इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पैनिक बटन, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और प्रेशर हार्न की स्थिति देखी। साथ ही बसों की निर्धारित बैठक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने, ओवरलोडिंग और अधिक किराया वसूली की भी जांच की गई। बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और पीयूसी दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। खराब सुरक्षा उपकरण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच में 13 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई। इसमें कुछ बसों में फायर सेफ्टी उपकरण खराब पाए गए, कई बसों के इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले और मेडिकल किट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा कई बसें अवैध पार्किंग में खड़ी पाई गईं। संयुक्त कार्रवाई के दौरान एसडीएम ओमनारायण सिंह बड़कुल, एआरटीओ राजेश गुप्ता मौजूद रहे। भारी जुर्माना और बस स्टाफ को कड़ी समझाइश जांच के दौरान आठ बसों से 80 हजार जुर्माना वसूला गया। वहीं अन्य 3 बसों से डेढ़ लाख रुपये जुर्माना प्रस्तावित किया गया। अधिकारियों ने बस चालक-परिचालकों को समझाइश भी दी कि वे बसों में किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ परिवहन न करें और यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में बचाव संबंधी जानकारी दें।  

नरेंद्र मोदी पर शिवराज सिंह चौहान की अनोखी प्रस्तुति, किताब में दिखा ‘अपनापन’ का जिक्र

भोपाल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों पर एक किताब लिखी है। किताब का नाम ' अपनापन ' है। इसका लोकार्पण 26 मई को नई दिल्ली में है। शिवराज सिंह चौहान ने खुद इसकी जानकारी दी है। किताब की कहानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान के अनुभवों पर है। पीएम के साथ अनुभवों को किताब में लिखा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि तीन दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनेक भूमिकाओं और विभिन्न दायित्वों में कार्य करते हुए मुझे उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व, सेवा, संगठन, सुशासन और राष्ट्र समर्पण के अनेक दुष्टिकोणों से देखने समझने का अवसर मिला है। इन्हीं अनुभवों, भावनाओं, प्रेरणाओं और जीवन-मूल्यों को मैंने अपनी पुस्तक 'अपनापन' में संजोने का विनम्र प्रयास किया है। 26 मई को किताब का लोकार्पण शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरी इस कृति 'अपनापन' का लोकार्पण 26 मई 2026 को सुबह साढ़े दस बजे, एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा, नई दिल्ली में होगा। मेरा विश्वास है कि यह पुस्तक सभी पाठकों को, विशेषकर हमारे युवा मित्रों को, सेवा, संवेदना, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण के विचारों के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देगी। पुस्तक का लोकार्पण पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा करेंगे। प्रधानमंत्री के साथ करीब से जिया है उन्होंने कहा कि मेरे लिए 'अपनापन' केवल एक पुस्तक नहीं है, यह उन तैंतीस वर्षों को शब्दों में उतारने का प्रयास है, जिनको मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत करीब से जिया है। लोगों ने मंचों से उन्हें भाषण करते हुए देखा है, लेकिन मैंने उनमें उस व्यक्ति को देखा है, जो दिन भर देर रात तक काम करने के बाद भी अगली सुबह उसी ऊर्जा के साथ देश के लिए खड़ा होता है। लोग उनके निर्णय को देखते हैं, लेकिन मैंने देखा है कि कैसे उनका दिल हर गरीब, हर किसान, मां, बहन-बेटी और हर कार्यकर्ता के लिए धड़कता है। 1991 की एकता यात्रा का जिक्र शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे आज भी 1991 की एकता यात्रा याद है। तब कई लोग उसे राजनीतिक यात्रा के रूप में देखते थे, लेकिन मोदी जी ने उसे राष्ट्रीय चेतना का अभियान बना दिया। उनकी सोच स्पष्ट थी कि तिरंगा श्रीनगर के लाल चौक तक ही नहीं, देश के हर युवा के दिल तक पहुंचना चाहिए। और तब मैंने पहली बार महसूस किया कि नेतृत्व सिर्फ भाषण से नहीं आता, नेतृत्व तपस्या से आता है, नेतृत्व अनुशासन से आता है, नेतृत्व समर्पण से आता है और सबसे ज़्यादा नेतृत्व अपनेपन से आता है। क्यों लिखा 'अपनापन' उन्होंने कहा कि उन अनुभवों को यादों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि एक पुस्तक के रूप में जनता तक पहुंचाना चाहिए और इसी सोच ने मुझे लेखक बना दिया। 'अपनापन' यह पुस्तक आपके सामने है। इस पुस्तक में संगठन और सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले लोग यह देखेंगे कि बड़े लक्ष्य केवल भाषण से पूरे नहीं होते। बड़े लक्ष्य अनुशासन, समर्पण, तपस्या और सामूहिक प्रयासों से पूरे किए जा सकते हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस पुस्तक में युवा देखेंगे कि कैसे जनता से जुड़कर, उनकी समस्या जानकर और उनको साथ लेकर मेहनत करके बदलाव लाया जा सकता है। वे लोग, जो भारत में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव को देख रहे हैं, इस पुस्तक में एक ऐसी झलक देखेंगे कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े राष्ट्रीय परिवर्तन का वातावरण बनाया जा सकता है। और दुनिया में वे लोग, जो नरेंद्र भाई के नेतृत्व को देख रहे हैं, उनको इस पुस्तक में उनके व्यक्तित्व को ज़्यादा निकटता से समझने का अवसर मिलेगा। पुस्तक से देश बदलने का साहस मिलेगा इस पुस्तक 'अपनापन' में आपको सिर्फ घटनाएं नहीं, वह सोच मिलेगी जिसने देश को बदलने का साहस किया। वह अनुशासन मिलेगा, जिसने सपनों को सिद्धि में बदल दिया और वह अनुभव मिलेंगे, जो नेतृत्व को देखने के आपके नजरिये को बदल देंगे। इस पुस्तक को पढ़ते समय अगर आपने यह महसूस किया कि देश बदलने के लिए बड़े पद नहीं, बड़े संकल्प की जरूरत होती है, तो मैं मानूँगा कि मेरा प्रयास सार्थक हुआ।  

आम आदमी को झटका: सांची ने फिर बढ़ाए दूध के दाम, आज से लागू हुई नई दरें

भोपाल  लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है. दरअसल रसोई गैस, सब्जियों और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के बाद अब दूध भी महंगा हो गया है. देशभर में अमूल और मदर डेयरी द्वारा दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के ऐलान के बाद अब मध्य प्रदेश के प्रमुख सहकारी दुग्ध ब्रांड सांची ने भी दूध के दाम बढ़ाने की घोषणा कर दी है. सांची की नई दरें आज  15 मई 2026 से लागू होंगी, जबकि अमूल और मदर डेयरी की नई कीमतें 14 मई से प्रभावी हो जाएंगी. कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को प्रति लीटर दूध पर 2 रुपये अधिक चुकाने होंगे।  2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा सांची दूध का दाम जानकारी के अनुसार सांची ने दूध के सभी प्रमुख पैकेटों की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. इसके तहत अब तक 34 रुपये में मिलने वाला आधा लीटर दूध पैकेट 35 रुपये में मिलेगा, जबकि 68 रुपये वाला एक लीटर पैकेट अब 70 रुपये में मिलेगा. डेयरी प्रबंधन का कहना है कि दुग्ध उत्पादन लागत, पशु आहार, पैकेजिंग और परिवहन खर्च में लगातार वृद्धि होने के कारण यह फैसला लिया गया है।  अमूल ने भी पूरे देश में बढ़ाया दाम अमूल ने भी पूरे देश में दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान किया है. कंपनी ने अलग-अलग दूध उत्पादों की कीमतों में 1 से 3 रुपये तक की बढ़ोतरी की है. अमूल के अनुसार यह वृद्धि पशुओं के चारे, ईंधन और पैकेजिंग सामग्री की बढ़ती लागत के कारण की गई है. गुजरात कोआपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने बयान जारी कर कहा है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी किसानों और डेयरी संचालन पर बढ़ते आर्थिक दबाव को संतुलित करने के लिए जरूरी थी. नई दरें 14 मई 2026 से लागू होंगी।  मदर डेयरी ने 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी मदर डेयरी ने भी अपने टोकन, फुल क्रीम और टोंड दूध समेत सभी प्रमुख वेरिएंट्स के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है. कंपनी ने बढ़ती उत्पादन लागत और परिवहन खर्च को इसकी मुख्य वजह बताया है. दूध की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है।