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MP-MLA कोर्ट का अहम फैसला: कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा

दतिया   मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देकर दतिया सीट से विधायक चुने गए राजेंद्र भारती को एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष बेंच ने आज 3 साल की सजा सुना दी है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 25 साल पुराने भूमि विकास सहकारी बैंक घोटाले मामले में राजेंद्र भारती को दोषी करार दिया है। साथ ही, इसपर फैसला देते हुए 3सालर्ष की जेल की सजा और जुर्माना लगाया है। आपको बता दें कि, एक दिन पहले बुधवार को कोर्ट ने उन्हें धोखाधड़ी केस में दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद फैसला आज के लिए सुरक्षित रखा गया था और आज इसपर विधायक को सजा सुनाई है। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 बी के तहत आपराधिक साजिश, 420 धोखाधड़ी, 467, 468 जालसाजी और 471 जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के तहत दोषी ठहराया है। इसी मामले में सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी माना गया है। क्या है मामला ? आपको बता दें कि, विधायक को हुई सजा से जुड़ा ये मामला दतिया जिले में स्थित भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़ा है। मामला उस समय का है, जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। आरोप है कि, उन्होंने बैंक लिपिक के साथ मिलकर 10 लाख रुपए की एफडी में हेरफेर किया था। एफडी की अवधि और दस्तावेजों में बदलाव कर वो तय समय से अधिक समय तक ऊंची ब्याज दर पर पैसा निकालते रहे थे। सजा के बाद भी राहत खास बात ये है कि, इस मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने जहां दोषी करार देते हुए उन्हें 3 साल की सजा सुनाई तो वहीं दूसरी तरफ साथ में जमानत भी दे दी है। कोर्ट की इस राहत से उन्हें तुरंत ही जेल नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, कानूनी तौर पर 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता रद्द करने का नियम है। ऐसे में अब कोर्ट से सजा का फैसला आने के बाद उनकी विधायकी पर खतरा मंडराने लगा है। हालांकिस अब भी राजेंद्र भारती के पास कुछ विकल्प मौजूद हैं, जिसके आदार पर वो अपनी सजा को चुनौती दे सकते हैं। कांग्रेस का हमला एमपी एमएलए कोर्ट के फैसला आने के बाद कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने राजेन्द्र भारती केस को भाजपा का षणयंत्र बताया है। साथ ही, उम्मीद जताते हुए कहा कि, जल्द ही उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिल जाएगी। खास बातें -कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा और जुर्माना भी लगाया। -25 साल पुराने केस में एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला। -सजा सुनाने के साथ ही कोर्ट ने राजेन्द्र भारती को जमानत भी दी। -60 दिन के भीतर अपर कोर्ट में अपील करने का मौका भी मिला। -पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देकर चुने गए विधायक।

होमगार्ड के प्लाटून कमांडर चयन की प्रक्रिया निरस्त, अब नए विज्ञापन के साथ शुरू होगा चयन

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट ने होमगार्ड में प्लाटून कमांडर की चयन प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने नए सिरे से चयन प्रक्रिया के लिए दोबारा विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए। आरोप था कि लिखित व शारीरिक परीक्षा के पहले ही नियमविरुद्ध तरीके से स्क्रीनिंग कमेटी ने अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था।  जबलपुर निवासी सविनय कुमार गर्ग की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मप्र नगर सेना वर्ग-3 भर्ती नियम 2000 के तहत प्लाटून कमांडर के कुल 199 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 6 प्रतिशत पद इन-सर्विस उम्मीदवारों से भरे जाते हैं। होमगार्ड डीजी ने 27 जनवरी 2026 को 4 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस पद के लिए कुल 24 लोगों ने आवेदन किया था। इनको अपात्र बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया नियमानुसार शारीरिक व लिखित परीक्षा के बाद स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवारों का एसीआर देखने के बाद चयन सूची जारी करती है। दलील दी गई कि नियम विरुद्ध तरीके से परीक्षा के पहले ही स्क्रीनिंग कमेटी ने याचिकाकर्ता सहित 6 उम्मीदवारों को अपात्र बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया। इस वजह से हुई निरस्त जबलपुर हाई कोर्ट को बताया गया कि भोपाल में 16 मार्च शारीरिक परीक्षण और 17 को लिखित परीक्षा आयोजित थी, लेकिन विभाग ने 13 मार्च को ही 18 पात्र उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। दलील दी गई कि पूरी प्रक्रिया विधि सम्मत नहीं है। हाई कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। 

भोपाल में हनुमान जन्मोत्सव की धूम, भक्ति का सैलाब और शोभायात्राओं का आयोजन, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

भोपाल   आज पूरे प्रदेश सहित राजधानी भोपाल में हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। शहर के सभी प्रमुख हनुमान मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और रामधुन में लीन दिखाई दे रहे हैं, जिससे पूरे शहर का माहौल भक्तिमय हो गया है। हनुमान जयंती के अवसर पर आज गुरुवार काे विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद् भोपाल द्वारा आज शाम 4:30 बजे पुराने शहर स्थित कार्यालय से भव्य गदा यात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विभिन्न हनुमान मंदिरों तक पहुंचेगी। इसके अलावा, जय मां भवानी हिंदू संगठन द्वारा कालीघाट मंदिर से बैरसिया रोड तक हिंदू एकता शोभायात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा में 15 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा, आकर्षक झांकियां, ढोल-नगाड़े और आतिशबाजी मुख्य आकर्षण हैं। वहीं बजरंग दल की वीर बजरंगी गदा यात्रा भी शाम 4:30 बजे छोला रोड से प्रारंभ होगी। प्रदेशभर में भी उमड़ा आस्था का जनसैलाब भोपाल के खेड़ापति हनुमान मंदिर के साथ-साथ इंदौर के पितरेश्वर और रणजीत हनुमान, उज्जैन के गेबी हनुमान, जबलपुर के अर्जी वाले हनुमान और ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। जगह-जगह भंडारे, शोभायात्राएं और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। दुर्लभ संयोग में मनाया जा रहा प्राकट्य उत्सव पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार, इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर गुरुवार, हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग के दुर्लभ संयोग में मनाया जा रहा है। कन्या राशि में स्थित चंद्रमा इस शुभ अवसर का साक्षी है। यह विशेष योग साधना और उपासना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है, जिससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है। ट्रैफिक प्लान लागू, कई मार्गों पर डायवर्जन हनुमान जन्मोत्सव के जुलूसों को देखते हुए भोपाल में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। आज शाम 4 बजे से पुराने शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। दो प्रमुख जुलूस मार्ग तय पहला जुलूस – तलैया क्षेत्र से शुरू होकर बुधवारा चौराहा, इतवारा, आजाद मार्केट, छोटेभैया, घोड़ा नक्कास, बस स्टैंड, भोपाल टॉकीज होते हुए सिंधी कॉलोनी तक जाएगा। दूसरा जुलूस – ओम अग्रवाल धर्मशाला स्थित विश्व हिंदू परिषद कार्यालय से शुरू होकर छोला रोड, गणेश मंदिर, जेपी नगर तिराहा, डीआईजी बंगला चौराहा, काजी कैंप होते हुए सिंधी कॉलोनी चौराहा तक पहुंचेगा। बसों के रूट में बड़ा बदलाव हलालपुर बस स्टैंड से चलने वाली बसें नादरा नहीं जाएंगी, वहीं से संचालित होंगी नादरा से विदिशा-बैरासिया रूट की बसें बेस्ट प्राइस तक सीमित रहेंगी सभी प्रकार के व्यावसायिक, लोक परिवहन और भारी वाहन जुलूस मार्गों पर प्रतिबंधित रहेंगे . 200 साल पुराना खटलापुरा हनुमान मंदिर राजधानी स्थित खटलापुरा श्री हनुमान मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारी मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर की महिमा दूर-दूर तक फैली हुई है, जहां हर दिन भक्तों की भीड़ रहती है।  मंदिर की खासियत क्या है? इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां विराजित हनुमान जी की अर्ध शिला रूप में स्थापित प्रतिमा है, जो बेहद दुर्लभ मानी जाती है। मान्यता है कि यह प्रतिमा बड़ा तालाब (लोअर लेक) से प्राप्त हुई थी, जिससे इस स्थान की पवित्रता और भी बढ़ जाती है। भक्त इसे सिद्ध और चमत्कारी स्थल मानते हैं। बताया जाता है कि नवाबों के जमाने में केवल भोपाल में चार मंदिर हुआ करते थे उन चार मंदिरों में यह मंदिर भी शामिल था जहां भक्त पहुंचते थे।   मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। संकटों से मुक्ति, साहस और सफलता की कामना लेकर लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। यही आस्था इस मंदिर को खास पहचान दिलाती है।  हनुमान जयंती पर उमड़ती है भीड़ हनुमान जयंती के अवसर पर इस मंदिर का महत्व और बढ़ जाता है। हर साल इस दिन यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सुबह से ही मंदिर में लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरा परिसर भक्ति के माहौल में डूब जाता है। नियमित दिनों में भी रहता है आकर्षण वैसे तो हर मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है, लेकिन हनुमान जयंती पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है और मंदिर आस्था के बड़े केंद्र के रूप में नजर आता है। पिछले कई वर्षों से हर मंगलवार यहां पर भंडारे का आयोजन किया जाता है खास बात है कि भंडारे में मिलने वाला प्रसाद बनाने का काम भक्त मंडल ही करता है।    

मध्यप्रदेश में ओले और आंधी-बारिश का दौर, 30 जिलों में बारिश और निमाड़ में ओले गिरने का अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम ने करवट लेकर राहत और आफत दोनों का माहौल बना दिया है। प्रदेश में सक्रिय मजबूत वेदर सिस्टम के चलते आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है, जो 5 अप्रैल तक थमने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को राजधानी भोपाल, इंदौर समेत करीब 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। पिछले 72 घंटों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश ने मौसम को अस्थिर बनाए रखा है। बुधवार को भी आधे प्रदेश में बादल, बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश हो सकती है, उनमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, शाजापुर शामिल हैं। 50Km/प्रतिघंटा से चलेगी आंधी मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। इसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। बाकी जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। इससे पहले बुधवार को भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। सीहोर में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे। इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। तेज हवाओं का भी खतरा मौसम विभाग के अनुसार छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में आंधी की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। अन्य जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे फसलों और कमजोर ढांचों को नुकसान की आशंका है। बारिश के साथ गर्मी भी बरकरार अजीब मौसम के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रतलाम, मंडला, खजुराहो, रायसेन, दमोह और सागर में भी पारा 38-39 डिग्री के बीच रहा। बड़े शहरों में जबलपुर 38.4°C, भोपाल 37.4°C, इंदौर 36.5°C, ग्वालियर 36.1°C और उज्जैन 35.6°C दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी दो सिस्टम काम कर रहे हैं। 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव होगा, जिससे 10 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। अप्रैल के दूसरे हफ्ते से सिस्टम कमजोर पड़ते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। महीने के आखिरी तक ग्वालियर, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच सकता है। 

आसिफ उर्फ बम का शॉर्ट एनकाउंटर, पुलिस ने किया दावा – आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हत्या के आरोपी आसिफ उर्फ बम का शॉर्ट एनकाउंटर होने का मामला सामने आया है. यह घटना उस समय हुई, जब पुलिस उसे पकड़कर शहर ला रही थी और उसने रास्ते में भागने की कोशिश की. इसी दौरान पुलिस की गोली लगने से वह घायल हो गया।  आरोपी आसिफ उर्फ बम को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस टीम उसे भोपाल ला रही थी. इसी दौरान रातीबड़ इलाके के पास उसने अचानक पुलिस को चकमा देकर फरार होने की कोशिश की. पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी।  पुलिस की गोली आसिफ के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया और मौके पर ही गिर पड़ा. इसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत पकड़ लिया और घायल हालत में इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है।  गौरतलब है कि आसिफ उर्फ बम पर हाल ही में एक सनसनीखेज हत्या का आरोप है. बीते रविवार की रात अशोका गार्डन इलाके में मामूली विवाद के बाद उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर 35 साल के चाय कारोबारी पर चाकू से हमला कर दिया था. इस हमले में कारोबारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।  घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की थी. इसी क्रम में आसिफ को पकड़ा गया था. पुलिस उसे आगे की पूछताछ के लिए भोपाल ला रही थी, लेकिन रास्ते में उसने भागने की कोशिश की।  पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है. वहीं, इस शॉर्ट एनकाउंटर के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. फिलहाल, मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है। 

इंदौर से खाटू श्याम की सीधी यात्रा, 2 अप्रैल से चलेगी स्पेशल ट्रेन

इंदौर  इंदौर से खाटू श्याम जाने के लिए 2 अप्रैल से रेल विभाग ने स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू किया है। इसके लिए आरक्षण भी शुरू हो चुके हैं। यह ट्रेन लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से संचालित होगी। इंदौर और आसपास के शहरों से बड़ी संख्या में भक्त खाटूश्याम जाते हैं और इस रूट पर ट्रेन चलाने की लंबे समय से मांग भी थी। रेलवे ने समर स्पेशल के रूप में इस ट्रेन को चलाने का फैसला लिया है, लेकिन यदि अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो इसका संचालन नियमित भी किया जा सकता है। इंदौर से श्रीगंगानगर तक जाने के लिए पहली बार सीधी रेल सेवा शुरू होने जा रही है। श्रीगंगानगर से यह ट्रेन 2 अप्रैल से चलेगी और 3 अप्रैल को इंदौर पहुंचेगी। इस ट्रेन का अंतिम स्टॉप लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन होगा। रेलवे विशेषज्ञ नागेश नामजोशी ने बताया कि यह समर स्पेशल ट्रेन है। अभी तक यात्रियों को अलग-अलग ट्रेन बदलकर खाटूश्याम जाना पड़ता था, लेकिन इस रूट पर यह पहली सीधी रेल सेवा है, जिससे मालवा से राजस्थान तक यात्रा आसान हो जाएगी। रेल से खाटूश्याम तक जाने के लिए यात्रियों को भोपाल या कोटा से ट्रेन बदलनी पड़ती थी। लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से यह ट्रेन दोपहर 1:55 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 9:55 बजे श्रीगंगानगर पहुंचेगी। वहीं वापसी में श्रीगंगानगर से ट्रेन दोपहर 12:50 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 1:55 बजे इंदौर पहुंचेगी।   यह ट्रेन इंदौर से निकलकर फतेहाबाद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, चंदेरिया, भीलवाड़ा, अजमेर, मदनगंज किशनगढ़, किशनगढ़, फुलेरा, रिंगस, सीकर, लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर शेखावाटी, चूरू, सादुलपुर, तारानगर रोड, नूरसर, एलनाबाद, हनुमानगढ़, सूरतगढ़ होते हुए श्रीगंगानगर तक जाएगी। यह ट्रेन 2 अप्रैल से 10 जुलाई तक चलेगी।

रतलाम मंडल से होकर चलेंगी तीन नई स्पेशल ट्रेनें, रेलयात्रियों को मिलेगी राहत

 रतलाम  यात्रियों की सुविधाओं तथा विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान बढ़ती यात्रा मांग को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल से होकर तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें बांद्रा टर्मिनस से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, सूबेदारगंज और आगरा कैंट के बीच विशेष किराये पर संचालित होंगी।  रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि ये ट्रेनें रतलाम मंडल के विभिन्न स्टेशनों के साथ ही आसपास के अनेक रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इससे यात्रियों को ग्रीष्मकालीन अवधि में यात्रा के दौरान आवागमन में सुविधा मिलेगी। बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी सुपरफास्ट साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 02200 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्पेशल ट्रेन प्रत्येक शनिवार को 4 अप्रैल से 11 जुलाई 2026 तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से सुबह 5:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 5:00 बजे झांसी पहुंचेगी। यह ट्रेन रतलाम मंडल के दाहोद (12:43/12:45), रतलाम (14:30/14:40), नागदा (15:43/15:45), उज्जैन (16:55/17:10) और मक्सी (18:00/18:02) स्टेशनों पर रुकेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 02199 झांसी-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल 2 अप्रैल से 9 जुलाई 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को झांसी से शाम 16:50 बजे प्रस्थान कर अगले दिन शाम 16:10 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन बोरीवली, वापी, सूरत, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, ब्यावरा, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया आदि स्टेशनों पर ठहरेगी। इसमें एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, एसी 3-टियर (इकोनॉमी), स्लीपर और जनरल कोच होंगे। बांद्रा टर्मिनस-सूबेदारगंज सुपरफास्ट साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 04126 बांद्रा टर्मिनस-सूबेदारगंज स्पेशल 7 अप्रैल से 14 जुलाई 2026 तक प्रत्येक मंगलवार को चलाई जाएगी। यह ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से सुबह 11:15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन शाम 17:00 बजे सूबेदारगंज पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04125 सूबेदारगंज-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल 04 अप्रैल से 13 जुलाई 2026 तक प्रत्येक सोमवार को चलाई जाएगी। यह ट्रेन सूबेदारगंज से सुबह 5:20 बजे प्रस्थान कर रतलाम (21:45/21:55) होते हुए अगले दिन सुबह 9:30 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन बोरीवली, वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, आगरा क्षेत्र सहित कई स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें एसी 3-टियर, एसी 3-टियर (इकोनॉमी), स्लीपर और जनरल कोच होंगे। उधना-आगरा कैंट स्पेशल ट्रेन ट्रेन संख्या 01908 उधना-आगरा कैंट स्पेशल 8 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक प्रत्येक बुधवार को चलाई जाएगी। यह ट्रेन उधना से दोपहर 15:25 बजे प्रस्थान कर रतलाम (22:25/22:30) होते हुए अगले दिन सुबह 8:30 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 01907 आगरा कैंट-उधना स्पेशल 7 अप्रैल से 14 जुलाई 2026 तक प्रत्येक मंगलवार को चलाई जाएगी। यह ट्रेन आगरा कैंट से शाम 18:45 बजे प्रस्थान कर रतलाम (06:15/06:20) होते हुए अगले दिन दोपहर 13:25 बजे उधना पहुंचेगी। यह ट्रेन सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बयाना, फतेहपुर सीकरी आदि स्टेशनों पर ठहरेगी। इसमें एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर और जनरल कोच उपलब्ध रहेंगे। 

एम्स भोपाल और ग्वालियर आयुर्वेद संस्थान मिलकर खोजेंगे घुटनों के दर्द का परमानेंट इलाज

ग्वालियर  घुटनों के दर्द (आस्टियोआर्थराइटिस) से जूझ रहे मरीजों के लिए अच्छी खबर है। एम्स भोपाल और क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान ग्वालियर मिलकर इस बीमारी का समाधान खोज रहे हैं। जल्द ही दोनों संस्थानों के बीच आधिकारिक समझौता होने वाला है, जो जोड़ों के दर्द के इलाज की दिशा बदल सकता है। केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) आयुष मंत्रालय से इस रिसर्च प्रोजेक्ट की अनुमति मिल गई है। शोध का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि घुटने के आस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधियां, आधुनिक एलोपैथी की तुलना में कितनी सुरक्षित और असरदार हैं। शोध का मुख्य कार्यक्षेत्र एम्स भोपाल रहेगा, जहां की आधुनिक लैब और डाक्टरों की देखरेख में मरीजों पर आयुर्वेदिक उपचार के प्रभावों का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। यह रिसर्च आधुनिक मानकों पर आधारित होगी, ताकि इसके परिणामों पर भरोसा किया जा सके। एम्स भोपाल के अस्थिरोग विभाग के प्रोफेसर डा. रेहान उल हक प्रोजेक्ट का नेतृत्व करेंगे। वहीं क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान ग्वालियर के विशेषज्ञ डा. अनिल मंगल इसके सह-अन्वेषक और कोआर्डिनेटर होंगे। मरीजों को क्या होगा फायदा?     इस शोध से मरीजों को पता चलेगा कि आयुर्वेद की कौन-सी दवाएं विज्ञानी रूप से सुरक्षित हैं।     अगर आयुर्वेदिक औषधियां प्रभावी साबित होती हैं, तो मरीजों को पेन-किलर (दर्द निवारक दवाओं) के दुष्प्रभावों से मुक्ति मिल सकती है।     यह रिसर्च गठिया और जोड़ों के दर्द के उपचार का तरीका बदल सकती है।

मध्यप्रदेश में 2 हजार से ज्यादा सैंपल फेल, 60% डेयरी प्रोडक्ट मिलावटी

भोपाल  मध्य प्रदेश में दूध, मावा, पनीर, घी, मिर्च, धनिया पाउडर समेत कई चीजों में मिलावट हो रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में यह खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि करीब 2000 से ज्यादा फूड सैंपल फेल पाए गए है। करीब 30 जिलों में दो हजार सैंपल फेल हुए। इनमें ग्वालियर नंबर वन पर है। आइए जानते है कहां कौन से सैंपल फेल हुए है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। मोबाइल वैन के जरिए लिए गए सैंपल की तीन साल की रिपोर्ट सामने आई है। मोबाइल वैन के संचालन से लेकर अब तक करीब एक लाख सैंपल लेने का दावा किया गया है। जिसमें रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले दूध, मावा, पनीर और घी जैसे डेयरी प्रोडक्ट ही सबसे ज्यादा मिलावटी पाए गए है। मिठाइयों के साथ मसाले और तेल भी सुरक्षित नहीं है। जलेबी, लड्डू, बर्फी गजक और नमकीन में मिलावट मिली। लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी और सोयाबीन तेल के कई सैंपल फेल हो गए। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की हाल में एक रिपोर्ट सामने आई। जिसमें 2000 से ज्यादा फूड सैंपल फेल पाए गए। सबसे ज्यादा मामले करीब 420 ग्वालियर से सामने आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले दूध, मावा, पनीर और घी जैसे डेयरी प्रोडक्ट ही सबसे ज्यादा मिलावटी पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिलावट केवल फूड पॉइजनिंग ही नहीं, बल्कि डायबिटीज, हार्ट डिजीज और हार्मोनल बीमारियों तक का कारण बन रही है। FDA की यह रिपोर्ट मोबाइल वैन के जरिए लिए गए सैंपल और उनकी टेस्ट रिजल्ट के आधार पर तैयार की गई है। जिसमें बीते तीन साल के आंकड़े शामिल हैं। यह पहली बार है जब मोबाइल वैन के संचालन से लेकर अब कर लिए गए एक लाख सैंपल की कंपाइल रिपोर्ट सामने आई है। ग्वालियर सबसे आगे, कई जिलों में फैला मिलावट का जाल राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ग्वालियर जिले में सबसे ज्यादा मिलावट के मामले सामने आए हैं, जहां करीब 420 सैंपल फेल पाए गए। इसके बाद गुना (110), उज्जैन (95), भिंड (90) और बुरहानपुर (75) जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा शाजापुर, इंदौर, धार, रीवा, सागर, सीहोर और नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में मिलावट का जाल फैला हुआ है। जांच में दूध, पनीर, मावा, मिठाइयों और मसालों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। मिलावट से शरीर को कैसे हो रहा नुकसान गांधी मेडिकल कॉलेज के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. मनुज शर्मा बताते हैं कि मिलावटी भोजन में मौजूद एंडोक्राइन डिसरप्टिंग केमिकल्स (जैसे माइक्रोप्लास्टिक, हेवी मेटल) शरीर में जाकर हार्मोन सिस्टम को प्रभावित करते हैं। इससे गट हेल्थ खराब होती है। बॉडी में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया नष्ट होते हैं। शरीर में पोषण की कमी होती है। इसके साथ ही मोटापा, डायबिटीज और पीसीओडी जैसी बीमारियां बढ़ती हैं। मसाले और तेल भी नहीं सुरक्षित सिर्फ डेयरी ही नहीं, मसाले और खाद्य तेल भी मिलावट से अछूते नहीं हैं। लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी और सोयाबीन तेल के कई सैंपल फेल पाए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इनका लगातार सेवन लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है और लंबे समय में कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकता है। जलेबी, लड्डू, बर्फी, गजक और नमकीन जैसे खाद्य पदार्थों में भी बड़े पैमाने पर मिलावट सामने आई है। त्योहारों के दौरान यह खतरा और बढ़ जाता है। दमोह, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में मिठाइयों के सैंपल बड़ी संख्या में फेल पाए गए हैं। लगातार चल रही मॉनिटरिंग FDA आयुक्त दिनेश श्रीवास्तव ने कहा कि फेल सैंपलों के आधार पर संबंधित दुकानदारों और निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की लगातार की जा रही है। निगरानी सख्त की गई है। मिलावट का यह नेटवर्क खत्म करने के लिए नई योजना के तहत प्रदेश में काम किया जा रहा है। मोबाइल वैन प्रदेशभर में घूमकर सैंपल एकत्र कर उनकी टेस्टिंग कर रही हैं। मिलावट में ग्वालियर नंबर वन     ग्वालियर जिला मिलावट में पहले स्थान पर है। यहां दो हजार में से लगभग 420 सैंपल फेल हुए है।     गुना – 110     उज्जैन – 95     भिंड – 90,     बुरहानपुर – 75,     जबलपुर – 75     शाजापुर – 70     खरगोन – 65     सीहोर – 55     धार – 40     राजगढ़ – 35     नीमच – 30     नरसिंहपुर – 28     रीवा – 25     दमोह – 20     हरदा – 20     अलीराजपुर – 20     विदिशा – 18     झाबुआ – 18     सागर – 15     मंडला – 15     दतिया – 15     शिवपुरी – 12     छिंदवाड़ा – 12     बालाघाट – 10     डिंडोरी – 08     पन्ना – 08     कटनी – 06     शहडोल – 06 कहां कौन से सैंपल फेल     ग्वालियर- दूध, दही, पनीर, घी, मिक्स्ड मिल्क, गजक, मावा बर्फी, मालाई बर्फी, चावल, आटा     इंदौर- लस्सी, मिल्क केक, मावा कतली, पनीर, इडली, सांभर     शाजापुर- दूध, घी, पनीर, मावा, बेसन, लाल मिर्च पाउडर, कुकिंग ऑयल     दमोह- जलेबी, बेसन लड्डू, आलू मटर, चाउमीन, घी, पनीर, दही     भिंड- मालाई बर्फी, मावा पेड़ा, सौंफ और काली मिर्च     मुरैना- मावा, घी, पनीर, बेसन लड्डू, बूंदी लड्डू     धार- मावा, पनीर, धनिया पाउडर, पताशे     सागर- मोतीचूर लड्डू में मिलावट     रीवा- तुअर दाल और मिठाई     सिवनी- गुजिया, सेव और पनीर     नरसिंहपुर- दूध में मिलावट     खंडवा- गुड़ चिक्की का सैंपल फेल     बैतूल- दही और काली मिर्च में मिलावट     सीहोर- खाने का तेल  

सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा, सृजन अभियान के तहत शुरू हुई पहल

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित सृजन अभियान के अंतर्गत सामुदायिक पुलिस सुरक्षा योजना के तहत कमजोर वर्ग की बस्तियों के किशोरों एवं युवाओं को पुलिस की कार्यप्रणाली एवं जन सुरक्षा व्यवस्थाओं से परिचित कराने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इसी क्रम में दिनांक 31 मार्च 2026 को निवसीद बचपन संस्था द्वारा पुलिस विभाग के सहयोग से बाबा नगर भोपाल स्थित बचपन संस्था के बच्चों एवं युवाओं के लिए डायल-112 का भ्रमणकराया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को एकीकृत आपातकालीन सेवा प्रणाली की जानकारी देना एवं विभिन्न आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने बच्चों को सरल एवं सहज भाषा में बताया कि अब अलग-अलग परिस्थितियों के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों—108 (स्वास्थ्य), 101 (अग्निशमन), 1930 (साइबर क्राइम), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) एवं 139 (रेलवे सहायता)पर कॉल करने के स्थान पर केवल डायल-112 के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल दर्ज कराई जा सकती है। इस एकीकृत प्रणाली की उपयोगिता एवं प्रभावशीलता को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, जिससे बच्चों में जागरूकता एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 112 पर प्राप्त प्रत्येक कॉल के आधार पर तत्काल एक इवेंट तैयार किया जाता है, जिसमें घटना का प्रकार, स्थान एवं आवश्यक सहायता का विवरण दर्ज किया जाता है। इसके पश्चात संबंधित पुलिस वाहन, एम्बुलेंस या फायर यूनिट को तुरंत मौके से जोड़ा जाता है, जिससे समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता सुनिश्चित होती है। बच्चों ने इस प्रक्रिया को बड़े उत्साह एवं रुचि के साथ समझा। बच्चों को कंट्रोल रूम का भ्रमण भी कराया गया, जहाँ उन्हें लाइव कॉल हैंडलिंग, तकनीकी उपकरणों का संचालन, लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम, इवेंट मैनेजमेंट एवं वाहन ट्रैकिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए तथा उन्हें यह भी बताया गया कि आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग एवं झूठी सूचना देने के गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने एवं समाज के कमजोर वर्गों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।