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भारतीय कला-संस्कृति को विश्व पटल पर दें नई ऊँचाई : राज्यपाल पटेल

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया है कि वे भारत की गौरवशाली कला, संस्कृति और संगीत को विश्व पटल पर नई ऊँचाईयों तक ले जाने के लिए संकल्पित हों। दीक्षांत समारोह, भावी जीवन के लिए गौरव, सम्मान और आत्म-विश्वास के साथ राष्ट्र-समाज के प्रति कर्तव्यों के लिए प्रतिबद्धता का संकल्प लेने का समय होता है। उन्होंने कहा कि समारोह में प्रदान की गई कला एवं संगीत की उपाधि, उनकी प्रतिभा का प्रमाण है। कला और संगीत से समाज एवं राष्ट्र की सेवा का संकल्प पत्र भी है। राज्यपाल  पटेल शुक्रवार को ग्वालियर में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं उपाधियां प्रदान की। सभी को बधाई एवं शुभकामनायें भी दीं। दीक्षांत समारोह का आयोजन, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में हुआ। राष्ट्र-समाज की नींव का आधार कला एवं संस्कृति राज्यपाल  पटेल ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत, केवल मनोरंजन का साधन मात्र नहीं है, बल्कि यह धर्म और अध्यात्म से जुड़कर व्यक्ति के तन-मन और आत्मा को निर्मल भी करता है। कला, संस्कृति समाज एवं राष्ट्र की नींव का आधार है। इनकी मजबूती के बिना किसी भी राष्ट्र का विकास अधूरा होता है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति की कला साधना, सतत प्रयास और योगदान से ही भारत का वास्तविक सांस्कृतिक उत्थान होगा। उन्होंने नई पीढ़ी से आह्वान किया कि संगीत और कला के क्षेत्र में शोध, नवाचार और अनुसंधान के लिये आगे आए। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र और विश्व गुरू बनाने में योगदान दें। संस्कृति की संवेदना से होती शिक्षा शोभायमान राज्यपाल  पटेल ने कहा कि शिक्षा तभी शोभायमान होती है, जब उसमें संस्कृति की संवेदना शामिल हो। विद्यार्थी अपने ज्ञान और गुणों से दूरस्थ, ग्रामीण, गरीब, वंचित और प्रतिभावान बच्चों के उत्थान में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ विलुप्त हो रहे लोक संगीत और कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये चिंतन करना अत्यंत जरूरी है। राज्यपाल  पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की दीक्षांत स्मारिका का लोकार्पण भी किया। संस्कृति, पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि संकल्पबद्ध होकर देश के सुखद भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दें। आधुनिक बनें पर अपनी जड़ों से जुड़े रहें। मनुष्य को मनुष्य से जोड़ने वाले मानवीय मूल्यों को हमेशा आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भारतीय कला, संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री  लोधी ने कहा भारत की संस्कृति सदैव कला, संगीत की पोषक रही है। हमारी संस्कृति में नाद को ब्रह्म की संज्ञा दी गई है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव  अतुल कोठारी ने कहा कि विद्यार्थी अपने भीतर हमेशा सीखने की भावना जागृत रखें। अपने चरित्र को मजबूत रखें, क्योंकि चरित्र ही व्यक्ति की वास्तविक पहचान होता है। विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने दीक्षांत उपदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को संकल्प दिलाया कि ज्ञान का उपयोग “सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय” के लिये करें। आभार कुलसचिव डॉ. आशुतोष खरे ने माना। समारोह में प्रख्यात शास्त्रीय संगीत गायक पं. अजय पोहनकर ने भजन एवं ठुमरी की मनमोहक प्रस्तुति दी। उन्होंने ''गोविंद जय जय-गोपाल जय जय'' भजन और “कैसी ये भलाई कन्हाई – पनिया भरन मोरि गगरि गिराई” गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में विश्वविद्यालय की छात्राओं ने भरतनाट्यम, विश्वविद्यालय का कुलगीत और शक्ति आराधना की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला, जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरू प्रो. साहित्य कुमार नाहर सहित विश्वविद्यालय के समस्त अचार्यगण, संगीतकार, छात्र-छात्राएं एवं उनके परिजन उपस्थित थे।  

उत्कृष्ट विद्यालय में विद्यार्थियों से किया संवाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनविश्वास अभियान अंतर्गत मुरैना जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में दिव्यांगजनों के उपचार, पुनर्वास एवं समग्र विकास के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र में संचालित न्यूरोलॉजिकल पुनर्वास कक्ष, बाल पुनर्वास कक्ष, शिशु एवं बाल चिकित्सा उपचार कक्ष तथा विद्युत चिकित्सा कक्ष सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं, पुनर्वास की व्यवस्थाओं तथा उनकी प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। दिव्यांग बच्चों से आत्मीय संवाद कर बढ़ाया उत्साह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र में उपस्थित दिव्यांग बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके अनुभवों एवं गतिविधियों के बारे में चर्चा की। मुख्यमंत्री को दिव्यांग बच्चों ने अपने हाथों से बनाई गई गौशाला की पेंटिंग भेंट की। एक बच्चे ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतीकों को सांकेतिक चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए उनके बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों की रचनात्मकता, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीयता से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण भी वितरित किए। इनमें ट्राइसाइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, छड़ी, घुटने के सहायक पट्टे, दृष्टिबाधितजनों के लिए विशेष छड़ी, कॉलर बेल्ट एवं श्रवण यंत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्कृष्ट विद्यालय मुरैना का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत मुरैना के उत्कृष्ट विद्यालय क्र.-1 में पहुँचकर विद्यालय का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण के संबंध में संवाद किया। इसके साथ ही विद्यालय में स्थापित प्रयोगशाला का निरीक्षण कर प्रयोगशाला के बारे में भी विद्यार्थियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों की कक्षा में पहुँचकर बच्चों से विज्ञान विषय के संबंध में संवाद किया। उन्होंने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्कूल पहुँचने पर विद्यार्थियों और अध्यापकों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. सुदाम खाड़े, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर मुरैना श्री लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक मुरैना श्री धर्मराज मीणा सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

‘गृहलक्ष्मी’ से ‘गृहस्वामिनी’ बनीं बेबी, सीएम आवास योजना से साकार हुआ पक्के आशियाने का सपना

नवरात्र विशेष-7: मालिकाना शक्ति यह मेरा घर है, इसे कोई नहीं उजाड़ सकता 10 साल कच्चे मकान में गुजारने के बाद अब अपनी छत की मालकिन, शक्ति का मर्म अब साक्षात अलीगढ़ मान्यता है कि जहां शक्ति का सम्मान होता है, वहीं घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। अकराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत टुआमई की बेबी के लिए यह शक्ति उस पक्की छत में है, जिसकी मालकिन आज वह स्वयं हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना ने उन्हें वह सुरक्षा दी है, जिसे वह कभी केवल सपने में देखती थीं। जब हर बरसात होती थी अग्निपरीक्षा दस साल तक कच्चे मकान में रह चुकी बेबी बताती हैं कि उनका अपना घर किसी सपने की तरह लगता है। इसकी मालिक होने का अहसास गौरव की अनुभूति कराता है। पहले कच्चे मकान में बरसात में छत टपकती थी और दीवारों में सीलन भर जाती थी। कई बार पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ती थी। मन में हमेशा डर और असुरक्षा बनी रहती थी। आर्थिक हालात ऐसे नहीं थे कि वह पक्का मकान बनवा पातीं। वह बरसों से एक सुरक्षित ठिकाने की आस लगाए बैठी थीं। वित्तीय वर्ष 2023-24: बदल गई तकदीर वित्तीय वर्ष 2023-24 में बेबी को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ। किस्तों में धनराशि सीधे उनके खाते में आई और उसी से उन्होंने अपना पक्का मकान खड़ा किया। पंचायत राज विभाग की ओर से शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये भी मिले। अब उनके सिर पर सुरक्षित छत है। बेबी अकेली नहीं हैं। 12 ब्लॉकों की सैकड़ों महिलाएं आज अपने घर की मालकिन होने पर गर्व महसूस कर रही हैं। पक्का मकान मिलने से परिवारों को सुरक्षा मिली है और समाज में सम्मान भी बढ़ा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है। मालिकाना हक, यानी आत्मसम्मान की नींव अपने नाम का घर केवल ईंट-गारे की दीवारें नहीं होता। यह स्त्री के आत्मविश्वास, सुरक्षा और स्वाभिमान की नींव है। बेबी कहती हैं कि अब उन्हें किसी बात का डर नहीं है। यह घर उनका अपना है और इसे कोई नहीं उजाड़ सकता। वह बताती हैं कि पहले हमारा कच्चा मकान था। बहुत परेशानी होती थी। आवास मिलने से बहुत लाभ हुआ है। अब पक्की छत हो गई है और बरसात में कोई परेशानी नहीं होती। जीवन खुशहाल हो गया है। 1,510 परिवारों के आंगन में पहुंची खुशहाली अलीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत वर्ष 2022-23 में हुई थी। इस पर सरकार ने 18.12 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। प्रत्येक लाभार्थी को पक्का मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि योजना के तहत अब तक करीब 1,510 परिवारों को छत उपलब्ध कराई गई है। वह कहते हैं कि यह योजना निर्धन परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,178 और परिवारों को योजना का लाभ दिया जाएगा।

नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में कराई जाए उपलब्ध : परिवहन सचिव

परिवहन सचिव ने किया सीहोर जिला परिवहन कार्यालय का निरीक्षण, नागरिकों को त्वरित और बेहतर सेवाएं देने के दिये निर्देश नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में कराई जाए उपलब्ध : परिवहन सचिव परिवहन कार्यालय की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, ऑनलाइन सेवाओं की देखी कार्य प्रणाली भोपाल सचिव मध्यप्रदेश सड़क परिवहन मनीष सिंह ने सीहोर जिला परिवहन कार्यालय का मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान कार्यक्रम अन्तर्गत निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं, अभिलेख संधारण तथा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न कक्षों और पूरे परिसर का निरीक्षण करते हुए परिवहन सेवाओं के संचालन की स्थिति देखी तथा संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। सिंह ने कार्यालयीन स्टॉफ से चर्चा कर कामकाज के दौरान आने वाली समस्याओं और कार्य प्रणाली से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी रितेश तिवारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों के कार्यों को प्राथमिकता और गंभीरता से करें और सेवाओं की प्रदायगी में अनावश्यक विलंब न हो। साथ ही कार्यालय की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने और कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये कहा। सचिव सड़क परिवहन सिंह ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय में संधारित किए जा रहे अभिलेखों का अवलोकन किया और दस्तावेजों के व्यवस्थित संधारण के निर्देश दिये। उन्होंने नागरिकों को प्रदान की जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान सिंह ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन कार्यालय पहुंचे नागरिकों से चर्चा करते हुए परिवहन सेवाओं की प्रक्रिया, ऑनलाइन सुविधाओं तथा कार्यालय में मिलने वाली सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य प्रणाली को प्रभावी तथा नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए।  

मध्यप्रदेश पुलिस की वाहन चोरों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

विगत 10 दिनों में विभिन्न जिलों में वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश  127 मोटरसाइकिलें एवं 1 ट्रैक्टर ट्रॉली वाहन जब्त भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा चोरी गए वाहनों की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 10 दिनों में विभिन्न जिलों में पुलिस ने सक्रिय वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए 127 चोरी की गई मोटरसाइकिलें एवं 01 ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त की हैं। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना एवं संदिग्धों की सतत निगरानी के आधार पर की गई इन कार्रवाइयों में वाहन चोरी की अनेक वारदातों का खुलासा कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। खंडवा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा, 68 मोटरसाइकिलें जब्त खंडवा पुलिस ने मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर 61 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। तकनीकी साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मिले सुरागों के आधार पर की गई कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी चोरी के वाहनों को जंगल एवं सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे तथा बाद में उन्हें मोटरसाइकिल, स्क्रैप अथवा पार्ट्स के रूप में बेच देते थे। एक अन्य कार्यवाही में थाना मांधाता पुलिस ने एक वाहन चोर को गिरफ्तार कर 7 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख 10 हजार रुपये है। इस प्रकार खंडवा जिले में दोनों कार्रवाइयों में कुल 68 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। गुना- तीन आरोपी गिरफ्तार, 20 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त जिले के राघौगढ़ थाना पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये है। शिवपुरी- 10 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त शिवपुरी के कोतवाली थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। इन वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये है।  रतलाम- 6 मोटरसाइकिलें जब्त जिले के ताल थाना पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल का उपयोग कर अवैध जहरीली शराब की तस्करी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चोर गिरोह से 6 मोटरसाइकिलें जब्त की है। अन्य जिलों में भी वाहन चोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई वाहन चोरी के विरुद्ध कार्यवाही कर उज्जैन में 5 मोटरसाइकिलें एवं 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, छतरपुर में 5 मोटरसाइकिले, भोपाल में 4 मोटरसाइकिले, सिवनी में 4 मोटरसाइकिले, ग्वालियर में 2 मोटरसाइकिले तथा अशोकनगर, दतिया एवं खरगोन में 1-1 मोटरसाइकिल जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज एवं मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग करते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में की गई इन कार्रवाइयों से वाहन चोरी में संलिप्त आरोपियों की पहचान करने, गिरोहों की गतिविधियों का पता लगाने तथा चोरी गए वाहनों की बरामदगी में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी एवं अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम तथा इनमें संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी है।  

जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों से किया संवाद

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर हुई चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य शासन प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार के लिए शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि दीपावली से पहले चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इससे क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को विस्तार देने और नए उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल तथा सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्यम संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से संवाद कर क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार सृजन, निर्यात तथा उद्योगों के विस्तार से जुड़े विषयों पर चर्चा की। संवाद में लगभग 20 उद्यमियों ने सहभागिता की और शासन से प्राप्त सहयोग, उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, औद्योगिक क्लस्टर की स्थापना तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी उद्यमियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैसर्स एजीआई ग्रीन पैक की ग्लास विनिर्माण इकाई की सराहना करते हुए कहा कि ग्लास उद्योग को प्रोत्साहित कर प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की दिशा में प्रभावी पहल की जा सकती है। मध्यप्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने तथा उद्योगों में इनके उपयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा। कंपनी को लगभग 27 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है, जहां ग्लास विनिर्माण इकाई स्थापित की जा रही है। वर्तमान में इकाई का निर्माण कार्य जारी है। इस परियोजना में लगभग 1,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा करीब 2,000 व्यक्तियों को रोजगार मिलने की संभावना है। कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है। मुख्यमंत्री ने मैसर्स बायोरा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की पहल की भी सराहना की। यह कंपनी बायोमास पैलेट्स का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की औद्योगिक इकाइयां फसल अवशेषों के बेहतर उपयोग और पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कृषि अपशिष्ट से बायोमास पैलेट्स एवं बायोचार का निर्माण कर अपशिष्ट का उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा औद्योगिक विकास को एक साथ प्रोत्साहन मिलेगा। उद्यम संवाद में सिनोरिया फार्मा के उद्यमी कपिल सत्यवानी ने बताया कि उनकी इकाई का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वर्ष 2024 में वर्चुअली किया गया था। इकाई में चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा संबंधी उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दीपावली तक उत्पादन प्रारंभ करने की तैयारी है। इस इकाई में लगभग 6 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इकाई की स्थापना एवं उत्पादन प्रारंभ करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए उद्यमी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उद्यम संवाद में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन से प्राप्त सहयोग और विभागीय समन्वय से उनकी औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी इकाइयों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा कुछ इकाइयों के उत्पादों का निर्यात भी किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पोरसा और सबलगढ़ सहित क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना है। उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें और समग्र क्षेत्रीय विकास को गति मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोहराया कि राज्य शासन उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।  

आगर मालवा में पुलिसकर्मी ने मौके पर दिया सीपीआर

डायल-112 की तत्परता से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर मिली मदद भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता के साथ जरूरतमंदों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आगर मालवा जिले में सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी तत्काल मौके पर पहुंची, जहां एएसआई श्री विजय बड़गोत्या ने दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने घायल को डायल-112 वाहन से ही शासकीय चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार प्रारंभ किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नलखेड़ा निवासी सुनील स्कूटी से नलखेड़ा से आगर की ओर जा रहे थे। चामड़दा फंटे के पास अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। दुर्घटना में वे स्कूटी सहित सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे और घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही डायल-112 की एफआरवी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। घायल की स्थिति को देखते हुए एएसआई श्री विजय बड़गोत्या ने तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार प्रदान किया। इसके बाद चालक श्री जीवन यादव की सहायता से घायल को डायल-112 वाहन से ही शासकीय चिकित्सालय पहुंचाया। पुलिस टीम द्वारा घायल के परिजनों को भी दुर्घटना की सूचना दी गई। सीपीआर प्रशिक्षण से आपात स्थिति में त्वरित सहायता देने में सक्षम हो रहे पुलिसकर्मी मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों को आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगर मालवा में हुई इस दुर्घटना में एएसआई श्री विजय बड़गोत्या द्वारा प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए घायल को तत्काल सीपीआर देना और डायल-112 के माध्यम से अस्पताल पहुंचाना इसी प्रशिक्षण और तत्परता का प्रत्यक्ष उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सड़क दुर्घटना, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति अथवा किसी अन्य संकट की स्थिति में नागरिक तत्काल डायल-112 पर सूचना दें।  

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम

भोपाल भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार मध्यप्रदेश में 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की समय-सारणी निर्धारित की गई है। मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने आयोग के निर्देश अनुसार प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को तदानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख तिथियाँ ▪ 2 नवंबर 2026 तक: मतदान केंद्रों का युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन ▪ 12 नवंबर 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन ▪ 12 नवंबर – 11 दिसंबर 2026: दावे एवं आपत्तियाँ प्रस्तुत करने की अवधि ▪ 28 दिसंबर 2026 तक: दावे एवं आपत्तियों का निराकरण ▪ 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन इस प्रक्रिया के अंतर्गत मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित समय-सारणी के अनुसार किया जाएगा।  

1.74 लाख से अधिक विद्यालयों को मिली तीन स्टार या उससे अधिक की रेटिंग, 31 अक्टूबर तक होगा भौतिक सत्यापन

प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता को अधिकतम 15 से 25 विद्यालयों की जिम्मेदारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विद्यालयों को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल शिक्षण परिवेश के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2026-27 के अंतर्गत प्रदेश के 1,88,301 विद्यालयों ने स्व-मूल्यांकन सर्वेक्षण पूरा कर पोर्टल पर जमा किया है। इनमें 1,74,754 विद्यालयों ने तीन स्टार या उससे अधिक की रेटिंग प्राप्त की है। अब दूसरे चरण में विद्यालयों की व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसे 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विद्यालयों में स्वच्छता, स्वास्थ्यकर वातावरण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित एसएचवीआर (SHVR) के अंतर्गत मूल्यांकन की प्रक्रिया दो चरणों में निर्धारित है। पहले चरण में विद्यालयों ने निर्धारित प्रश्नावली के आधार पर अपनी व्यवस्थाओं का स्व-मूल्यांकन किया। अब दूसरे चरण में इस विवरण का जमीनी स्तर पर सत्यापन किया जाएगा, जिससे पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं और विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का मिलान हो सके। ज्ञात हो कि प्रदेश के 1,88,301 विद्यालयों का स्वमूल्यांकन पूरा होना इस अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब 31 अक्टूबर तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्यालयों में स्वच्छता और हरित परिवेश से संबंधित व्यवस्थाओं का अधिक विश्वसनीय आकलन सामने आएगा। राज्य सरकार की विद्यालयी परिवेश को बेहतर बनाने की प्राथमिकताओं के अनुरूप यह पहल स्वच्छता, पर्यावरणीय चेतना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण को प्रोत्साहित करने में सहायक होगी। जिलास्तरीय समितियों की निगरानी में होगा सत्यापन दूसरे चरण की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार जिलास्तर पर मूल्यांकन समितियों के माध्यम से सत्यापन कार्य की निगरानी की जाएगी। समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी अथवा उनके नामित अधिकारी द्वारा की जाएगी। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ जलापूर्ति, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप विशेषज्ञों एवं नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सहभागिता का प्रावधान है। इस व्यवस्था के माध्यम से विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और स्व-मूल्यांकन में दर्ज विवरण की जांच की जाएगी। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में सहायता मिलेगी। विभिन्न विभागों के पात्र कार्मिक बनेंगे मूल्यांकनकर्ता सत्यापन कार्य के लिए डायट (DIET) प्रशिक्षुओं, अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP), स्टेट रिसोर्स ग्रुप (SRG), शिक्षक संकुल और संबंधित विभागों के पात्र मैदानी कार्मिकों की सेवाएं ली जा सकती हैं। निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पंचायती राज, राजस्व, मनरेगा, बाल विकास एवं पुष्टाहार और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े पात्र कार्मिकों तथा स्वयंसेवकों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है। मूल्यांकनकर्ताओं को एसएचवीआर प्रश्नावली की जानकारी होना आवश्यक है। इसके साथ एंड्रॉयड मोबाइल फोन, सक्रिय मोबाइल नंबर और ई-मेल जैसी आवश्यक शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता को अधिकतम 15 से 25 विद्यालय आवंटित किए जाने का प्रावधान है। विद्यालयों की भौगोलिक निकटता और क्लस्टर को प्राथमिकता देकर सत्यापन प्रक्रिया को सुचारु बनाने पर जोर दिया गया है। बेहतर विद्यालयी परिवेश के आकलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग का उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छता, स्वास्थ्यकर वातावरण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को प्रोत्साहित करना है। दूसरे चरण का भौतिक सत्यापन इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इससे विद्यालयों की व्यवस्थाओं का आकलन वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर किया जा सकेगा। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के माध्यम से प्रदेश के विद्यालयों में स्वच्छता, स्वास्थ्यकर वातावरण और पर्यावरणीय चेतना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दूसरे चरण में भौतिक सत्यापन से विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का आकलन होगा और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनेगी। — मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

इंदौर में 28 अक्टूबर को आयोजित होगा राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव

नगरीय विकास के साथ जल संरक्षण एवं उपचारित जल के पुनः उपयोग पर होगा वृहद मंथन उपचारित प्रयुक्त जल पुनर्चक्रण पर होगी चर्चा भोपाल मध्यप्रदेश में सुनियोजित नगरीय विकास की नवीन संभावनाओं, निवेश प्रोत्साहन तथा आधुनिक शहरी अधोसंरचना को गति देने के उद्देश्य से आगामी 28 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय 'अर्बन कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया जाएगा। कॉनक्लेव में प्रदेश के भावी शहरों की प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं, डिजिटल गवर्नेंस, ग्रीन सिटी अवधारणा तथा पर्यावरण-अनुकूल सतत् विकास जैसे विषयों पर विषय-विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में जल राशि के सुदृढ़ एवं वैज्ञानिक प्रबंधन तथा प्रयुक्त जल के पुनः चक्रण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉन्क्लेव में उपचारित प्रयुक्त जल पुनर्चक्रण विजन पर भी चर्चा होगी ।इसका मुख्य ध्येय उपचारित जल का सुरक्षित एवं व्यापक उपयोग सुनिश्चित कर प्राकृतिक व ताजे जल स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता को कम करना तथा जल संरक्षण को नगरीय विकास की मुख्यधारा का अनिवार्य अंग बनाना है। इसके अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों, निर्माण कार्यों, कृषि एवं उद्यानों की सिंचाई सहित विभिन्न गैर-पेयजल आवश्यकताओं में उपचारित जल के उपयोग को प्राथमिकता देने और प्रोत्साहित करने के सुदृढ़ प्रावधान जैसे विषयों पर भी मंथन होगा। अर्बन कॉन्क्लेव-2026 में सहभागिता हेतु इच्छुक प्रतिभागी, निवेशक, विषय-विशेषज्ञ, उद्यमी एवं युवा आधिकारिक पोर्टल https://ugconclave.mp.gov.in/ पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन (Registration) करा सकते हैं।