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‘किस्मत की चाबी’ ने मचाया सुरों का जादू, उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया राहु केतु के नए गाने का भव्य लॉन्च

उज्जैन राहु केतु के मेकर्स ने अपना नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ रिलीज़ कर दिया है और ये अब सभी प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा रहा है। पॉप स्टार राजा कुमारी और अभिनव शेखर की आवाज़ में, और संगीत व बोल भी अभिनव शेखर के है, ये ट्रैक जबरदस्त एनर्जी, जोश और दमदार सोशल मैसेज का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है, जहां संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सोच बदलने का जरिया बनता है। ये गाना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में लॉन्च किया गया, और सीधे जुड़ता है राज्य के नशा मुक्ति अभियान से, जो समाज, परिवार और युवाओं पर नशे के असर से लड़ने का मिशन है।  ‘किस्मत की चाबी’ इस सोच को ताकत देता है कि जागरूकता, सही समय पर कदम और मिलकर जिम्मेदारी निभाने से सच में बदलाव आ सकता है। पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे पर फिल्माया गया ये गाना राहु केतु की कहानी से एकदम घुलमिल जाता है, और एडिक्शन जैसे गंभीर मुद्दे को भावुक, समझने लायक और रिलेट करने जैसा बनाता है। ये गाना याद दिलाता है कि बदलाव की शुरुआत सोच से होती है और सही सपोर्ट, समझ और हौसला सब कुछ बदल सकता है। विपुल गर्ग द्वारा निर्देशित और ज़ी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत ‘राहु केतु’ ज़ी स्टूडियोज और बीलाइव प्रोडक्शंस की फिल्म है, जो किस्मतों की टक्कर, ग्रहों की गड़बड़ी और मस्तीभरे हाहाकार के बीच जबरदस्त एंटरटेनमेंट का वादा करती है। राहु केतु 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

राहुल गांधी की टिप्पणियों के पीछे विदेशी ताकतें, देशहित से खिलवाड़ : विश्वास सारंग

जबलपुर  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बर्लिन दौरे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब कभी विदेश दौरे पर जाते हैं, तो वो भारत विरोधी बयानबाजी जरूर करते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं राहुल गांधी को इसके लिए विदेशी फंडिंग तो नहीं मिलती है। इसकी बाकायदा जांच होनी चाहिए, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो सके। उन्होंने मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी भारत की गरिमा को नीचा करने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए विदेश जाते हैं, जिसे अब बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है।  अब स्थिति राहुल गांधी की अपरिपक्वता का हिस्सा नहीं, बल्कि विदेशी साजिश का हिस्सा है। जिसकी जांच जरूरी है। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री ने कहा कि अगर बर्लिन में राहुल गांधी को बोलने के लिए मंच दिया जा रहा है, तो इसकी मूल वजह यह है कि वो दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के नेता प्रतिपक्ष हैं। राहुल गांधी को इसलिए नहीं बर्लिन में बोलने दिया जा रहा है कि उनके कोई पर लगे हुए हैं। अफसोस की बात है कि जिन लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की वजह से राहुल गांधी को वहां पर मौका मिल रहा है, वो उसी पर कुठाराघात कर उसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है। सारंग ने कहा कि एक तरफ जहां पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को स्वीकारा जा रहा है। पूरी दुनिया इस बात को मान रही है कि आज की तारीख में भारत दोहरी गति से विकास पथ पर अग्रसर है। ऐसी स्थिति में राहुल गांधी विदेशी मंच पर जाकर भारत विरोधी टिप्पणी कर रहे हैं। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि वो ऐसा करके किसी विदेशी साजिश को सफल करने में अपनी तरफ से अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारत के विरोध में झंडा बुलंद करने वाले देशों से मिले पैसों के दम पर राष्ट्र विरोधी अभियान चला रहे हैं। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता। राहुल गांधी को यह समझना होगा कि यह राष्ट्र विरोधी कृत्य है, जो बिल्कुल गलत है।

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारी सोच के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है : केन्द्रीय मंत्री नड्डा

धार में पीपीपी मोड पर आकार लेगा देश का पहला मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारी सोच के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है : केन्द्रीय मंत्री नड्डा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने किया धार मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन के साथ अनुबंध के तहत 25 एकड़ भूमि पर 260 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होगा धार का मेडिकल कॉलेज पीपीपी मोड में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, हर व्यक्ति को मिलेगा बेहतर इलाज शीघ्र ही कटनी और पन्ना मेडिकल कॉलेज का भी होगा शिलान्यास भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी मेडिकल कॉलेज आरंभ करने की तैयारी धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर रहा है। प्रदेश के दो जनजातीय बाहुल्य जिलों में आज मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन हो रहा है। प्रदेश के अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगतप्रकाश नड्डा का प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आभार है। यह पीपीपी मोड (जन-निजी भागीदारी) पर बनने वाला देश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। इस पहल की शुरुआत मध्यप्रदेश की धरती से हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि धार में मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन देश के लिए ऐतिहासिक अवसर है। मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को एक नेतृत्व दिया है। राज्य में नवाचारी सोच और जन सहभागिता के साथ देश में पीपीपी मोड के आधार पर पहला मेडिकल कॉलेज शुरू किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने इस मामले में देश का नेतृत्व किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण कर, हर व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे। सेवा और विकास हमारी सरकार का मूल मंत्र है, विगत दो वर्ष जनकल्याण और विकास की दृष्टि से अद्वितीय रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसके दो बड़े शहरों- भोपाल और इंदौर में सालभर के अंदर मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही प्रदेश में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। अब रीवा से इंदौर और नई दिल्ली के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के लिए पीजी कॉलेज मैदान धार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने रिमोट का बटन दबाकर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास और धार जिले के विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त माह में पीपीपी मॉडल पर बैतूल, कटनी, धार और पन्ना में चार नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए थे। आज धार और बैतूल का शिलान्यास हो रहा है। शीघ्र ही कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया जाएगा। इन जिलों के बाद भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी इसी तरह मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी है। धार जिले में 260 करोड़ रूपए की लागत से 25 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन ने सरकार के साथ हाथ मिलाया है। फाउंडेशन को 25 एकड़ जमीन 1 रूपए की लीज पर देकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोला है। अब धार के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय जनजातीय बच्चों को डॉक्टर बनने का अवसर भी मिलेगा। यहां नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में वर्ष 2002-03 तक मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 33 हो चुकी है। राज्य में पिछले दो सालों में 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। इनमें आदिवासी अंचल सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों के 354 पदों को स्वीकृति दी है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। धार में 15 लाख से अधिक लोगों की सिकल सेल कार्यक्रम के तहत जांच की गई। प्रदेश के टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, डिंडौरी के अस्पतालों में 800 बेड का उन्नयन और डॉक्टरों के 810 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार को ऋषि दाधीच और मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त है। यह जनसंघ के आदिपुरुष एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मस्थली भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में धार जिले को पिछले 4 महीने में अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। टेक्सटाइल आधारित इस इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और 3 लाख के अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान बनी है। अब आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को नि:शुल्क इलाज और एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है। परिजन के मृत्यु के बाद परिवारों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की है। यह राज्य सरकार का मानवीय संवेदनाओं वाला पक्ष है। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को राज्य सरकार प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार की राशि प्रदान कर रही है। साथ ही प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए … Read more

चिकित्सा शिक्षा और आयुष क्षेत्र में मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक सुधार, CM मोहन यादव के प्रयासों की गाथा

संकल्प से सिद्धि: स्वास्थ्य हब बनता मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में  चिकित्सा शिक्षा और आयुष क्षेत्र में ऐतिहासिक कायाकल्प की गाथा भोपाल  मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ अब केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह दीर्घकालिक सेवा और सुदृढ़ नीति का प्रमाण बन चुकी हैं। 2003 से पहले जहाँ प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की स्थिति स्थिर थी, वहीं आज डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने इसे 'जन-आंदोलन' का रूप दे दिया है। एलोपैथी के आक्रामक विस्तार से लेकर आयुष के पुनरुत्थान तक—मध्य प्रदेश अब "बेसिक मेडिकल शिक्षा" से आगे बढ़कर "एडवांस्ड हेल्थ केयर" की ओर कदम बढ़ा चुका है।  चिकित्सा शिक्षा – विस्तार, गुणवत्ता और भविष्य (2003-2028) 1. ठहराव से रफ़्तार तक का सफ़र (ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य) आंकड़े गवाह हैं कि प्रदेश ने पिछले दो दशकों में कैसे लंबी छलांग लगाई है: सीमित अतीत (1946-2003): 1970 के पूर्व और उसके बाद कई दशकों तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग स्थिर रही। 1946 से 2003 के बीच ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और रीवा जैसे चुनिंदा शहरों तक ही चिकित्सा शिक्षा सीमित थी। 2003 तक प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेज मात्र 5 थे और कुल कॉलेज केवल 6 थे । बदलाव का दौर (2004-2023): सागर (2009) जैसे नए शासकीय कॉलेज खुले और निजी क्षेत्र को भी अवसर मिला। 2018-19 के बाद विदिशा, दतिया, शहडोल, खंडवा, शिवपुरी और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हुए, जिससे चिकित्सा शिक्षा संभाग से निकलकर जिले की दहलीज़ तक पहुँची । 2. डॉ. मोहन यादव सरकार का 'आक्रामक विस्तार' (2023 के बाद) वर्तमान सरकार ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार को नई दिशा दी है: रिकॉर्ड उपलब्धि: 2003 से पहले जितने मेडिकल कॉलेज खुले थे, डॉ. मोहन यादव की सरकार ने लगभग उतने ही कॉलेज केवल दो वर्षों में खोल दिए हैं । हर लोकसभा तक पहुँच: सिवनी, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली जैसे सुदूर जिलों में नए मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं। आज प्रदेश का हर लोकसभा क्षेत्र मेडिकल कॉलेज से जुड़ने की दहलीज़ पर खड़ा है । वर्तमान स्थिति (2025): आज शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 19 और निजी कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर 14 हो चुकी है। यानी कुल 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं । 3. सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि (MBBS, PG और सुपर स्पेशलिटी) डॉक्टरों की कमी के पुराने तर्क को ध्वस्त करते हुए सीटों में भारी इजाफा किया गया है: MBBS सीटें: 2003 में मात्र 1,250 सीटें थीं। 2023-24 में यह 4,875 हुईं और 2025-26 के सत्र में यह बढ़कर 5,550 (शासकीय: 2850, निजी: 2700) हो गई हैं। यह वृद्धि जनसंख्या वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक है । PG और सुपर स्पेशलिटी (एडवांस्ड केयर): सरकार का फोकस केवल MBBS तक सीमित नहीं है। PG सीटें: कुल PG (MD/MS) सीटें बढ़कर 2,862 हो गई हैं । सुपर स्पेशलिटी: शासकीय क्षेत्र में सीटें 47 से बढ़कर 64 हो गई हैं और कुल सीटें 93 हैं। यह संकेत है कि मप्र अब एडवांस्ड हेल्थ केयर की ओर बढ़ रहा है । 4. अभिनव पहल: पीपीपी (PPP) मॉडल और भविष्य का रोडमैप (2026-28) सरकार निजी निवेश और सार्वजनिक लक्ष्यों के समन्वय से बड़े लक्ष्य साध रही है: PPP मॉडल पर प्रगति : 4 मेडिकल कॉलेजों—कटनी, धार, पन्ना, और बैतूल—के लिए MoU हस्ताक्षरित हो चुके हैं । निविदा प्रक्रिया जारी : 9 जिलों—अशोकनगर, मुरैना, सीधी, गुना, बालाघाट, भिंड, टीकमगढ़, खरगोन और शाजापुर—में पीपीपी मोड पर कॉलेज खोलने की प्रक्रिया प्रगतिरत है । 2026-28 का विजन : दमोह, बुधनी, छतरपुर, राजगढ़, मंडला और उज्जैन में कुल 6 नवीन कॉलेज प्रस्तावित हैं । महायोग (Grand Total) : योजनानुसार, 2028 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या 52 हो जाएगी और MBBS सीटें 7,450 तक पहुँचने का अनुमान है । 5. सुधरते सामाजिक मानक (Impact Metrics) डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात : प्रति 10 लाख जनसंख्या पर MBBS सीटों की उपलब्धता 2003 में 20.8 थी, जो 2025 में 63 तक पहुँच चुकी है। 2028 तक यह राष्ट्रीय औसत के करीब होगी । विधानसभा स्तर पर सुधार : प्रति विधानसभा सीट MBBS औसत 2003 में 5 था, जो अब बढ़कर 24 हो गया है। आयुष विभाग – गौरवशाली परंपरा, आधुनिक उपलब्धियाँ एलोपैथी के साथ-साथ 'निरोगी काया' के संकल्प को पूरा करने के लिए आयुष विभाग ने भी महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं: 1. अधोसंरचना और मानव संसाधन का सुदृढ़ीकरण नए पदों का सृजन : 05 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों के लिए 1570 पद, 50/30 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों हेतु 1179 पद और 58 जिला आयुष विंगों में 213 पद सृजित किए गए हैं। फैकल्टी की कमी दूर: शासकीय महाविद्यालयों में सीनियर फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए 543 आयुर्वेद, 35 होम्योपैथी, 14 यूनानी चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति और 74 को उच्च पद का प्रभार दिया गया है। 8 नवीन महाविद्यालय: नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट, सागर, झाबुआ, शुजालपुर और डिंडोरी में 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्वीकृति प्रदान की गई है। 2. चिकित्सालयों का विस्तार और उन्नयन वेलनेस टूरिज्म: प्रदेश में 12 'वेलनेस टूरिज्म केंद्र' स्थापित किए गए हैं, जो स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर: 238 औषधालयों को अपग्रेड कर 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' (Health & Wellness Centres) में परिवर्तित किया गया है और 108 नए औषधालयों का निर्माण किया गया है। नए 50-बिस्तरीय और 30-बिस्तरीय चिकित्सालयों का निर्माण एवं संचालन निरंतर जारी है। 3. आगामी 3 वर्षों की कार्य-योजना (भविष्य की झलक) आयुष विभाग ने अगले तीन वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया है: नए संस्थान: 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालय, 1 होम्योपैथी महाविद्यालय और 13 नए आयुष चिकित्सालयों (12 पचास-बिस्तरीय, 1 तीस-बिस्तरीय) का संचालन शुरू होगा। छात्र सुविधाएँ: सभी आयुष महाविद्यालयों में 100-सीटर छात्रावास और स्वयं की फार्मेसी स्थापित की जाएगी। एकीकृत स्वास्थ्य (Integrated Health): सभी जिला एलोपैथी चिकित्सालयों में 'आयुष विंग' और 'पंचकर्म यूनिट' स्थापित की जाएगी। सिकल सेल और जनजातीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार होगा। डिजिटल क्रांति : 'E-औषधि' और 'E-Hospital' प्रणाली लागू कर ऑनलाइन औषधि आपूर्ति और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। अनुसंधान : प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयुष वेलनेस सेंटर और अत्याधुनिक अनुसंधान लैब का आधुनिकीकरण किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से 52 तक ले जाने का लक्ष्य और आयुष को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प। यह केवल … Read more

25 दिसंबर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट 25 दिसंबर को ग्वालियर में, केंद्रीय गृह मंत्री शाह होंगे शामिल निवेश से रोजगार का अटल संकल्प, विकास की नई दिशा ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सहभागिता और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उनके विकासवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को समर्पित रहेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की दूरदर्शी विकास दृष्टि से प्रेरित यह समिट ‘निवेश से रोजगार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश’ की थीम पर आधारित है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में बीते दो वर्षों के दौरान हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोजगार सृजन के ठोस एवं धरातलीय परिणामों से नागरिकों को अवगत कराना तथा भविष्य की औद्योगिक प्राथमिकताओं और विकास के स्पष्ट रोडमैप को साझा करना है। इस राज्य स्तरीय आयोजन में लगभग एक लाख लाभार्थियों की सहभागिता अपेक्षित है। समिट के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट एवं विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेश आयोजनों के माध्यम से प्राप्त दो लाख करोड़ रु. से अधिक के निवेश प्रस्तावों से जुड़ी परियोजनाओं का भूमि-पूजन, दस हजार करोड़ रु. से अधिक की पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन तथा आशय-पत्रों का वितरण किया जाएगा। साथ ही निवेश प्रस्तावों से जुड़े लाभार्थियों का सम्मान तथा रोजगार-केंद्रित पहलों का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से रोजगार प्राप्त युवाओं, सफल लाभार्थियों और महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश सामने आए। औद्योगिक सुधार और नवाचार के अंतर्गत विशेष औद्योगिक क्षेत्र का शुभारंभ, एक क्लिक प्रोत्साहन वितरण प्रणाली की शुरुआत, नए औद्योगिक क्लस्टरों तथा प्लग-एंड-प्ले इकाइयों का उद्घाटन किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा। प्रदेश सरकार की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक विस्तृत प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें औद्योगिक सुधारों, नीतिगत नवाचारों, निवेश प्रोत्साहन, अधोसंरचना विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को प्रभावी एवं दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जिला स्तर पर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की उपलब्धियों को भी इस मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर एक विशेष स्मृति प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आधारभूत संरचना विकास, औद्योगिक दृष्टि और सुशासन से जुड़े ऐतिहासिक योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी अटल जी के विचारों से प्रेरित वर्तमान मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को रेखांकित करेगी। समिट में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश-अनुकूल नीतियाँ, सिंगल विंडो प्रणाली, भूमि एवं अधोसंरचना उपलब्धता तथा MSME, स्टार्ट-अप, महिला उद्यमिता, युवा कौशल विकास और क्षेत्रीय औद्योगिक संभावनाओं से जुड़े अवसरों को दर्शाने वाली थीमेटिक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में उद्योग जगत के प्रमुख निवेशक, औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि, महिला एवं युवा उद्यमी, लाभार्थी समूह तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सहभागिता करेंगे। अटल जयंती के अवसर पर आयोजित यह राज्य स्तरीय आयोजन आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोजगार-समृद्ध मध्यप्रदेश की दिशा में प्रदेश के विकास संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।  

हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड की राख पर अस्थाई रोक हटाई, समीक्षा आवेदन के बाद निर्णय

जबलपुर  हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण से निकली राख की लैंडफिलिंग पर लगी रोक को अस्थाई रूप से वापस ले लिया है. लैंडफिलिंग पर लगाई गई रोक के आदेश पर समीक्षा करने सरकार की ओर से आवेदन दायर किया था. हाईकोर्ट जस्टिस विवेक कुमार सिंह व जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ ने आवेदन की सुनवाई करते हुए पूर्व में पारित आदेश के अनुसार आगे कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं. हाईकोर्ट ने लगाई थी लैंडफिलिंग पर रोक इस याचिका की सुनवाई 2004 में आलोक प्रताप सिंह द्वारा लगाई गई याचिका के साथ संयुक्त रूप से हो रही थी. 2004 में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रहा था. वहीं, सोमवार से पहले हुई कई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से कचरे की विनष्टीकरण की रिपोर्ट पेश करने को कहा था. इसके बाद रिपोर्ट देखकर हाईकोर्ट ने राख को घनी आबादी के पास लैंडफिल किए जाने पर रोक लगा दी थी. यूनियन कार्बाइड की राख पर हाईकोर्ट ने जताई थी चिंता 8 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट ने कहा था कि जहरीले राख की लैंडफिलिंग के आदेश के बावजूद सरकार ने दूसरे स्थान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी. सरकार द्वारा इंसानों की आबादी से सिर्फ 500 मीटर दूर लैंड फिलिंग का स्थान निर्धारित किया गया है. राख अभी भी जहरीली है और अगर इसे ठीक से नहीं रोका गया तो भूकंप जैसी किसी प्राकृतिक आपदा के कारण उसे रोकने वाला स्ट्रक्चर गिरने पर एक और आपदा हो सकती है. ऐसे में राज्य सरकार को राख ऐसी जगहों पर ले जाने की संभावना पर विचार करना चाहिए जो इंसानी बस्तियों, पेड़-पौधों और पानी के सोर्स से बहुत दूर हों. कंटेनमेंट सिस्टम टूट भी जाए, तो भी इसके बुरे असर बहुत कम हों. हालांकि, अगली सुनवाई में इसे लेकर सरकार ने अपनी ओर से तर्क रखे. दो महीने के अंदर पूरी करें विनष्टीकरण की प्रक्रिया : हाईकोर्ट सरकार की ओर से इस मामले में फिर दलील दी गई कि जहरीली राख को रोकने के लिए जो स्ट्रक्चर बनाया है, उसे सबसे मॉडर्न सुरक्षा तकनीक से बनाया गया है. शुरुआत में कोर्ट राज्य सरकार की ओर से दिए गए इस तर्क से सहमत नहीं था. हालांकि, सोमवार को राज्य सरकार द्वारा आदेश पर समीक्षा करने के आवेदन पर युगलपीठ ने राहत दे दी. हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि पूर्व में पारित आदेश को देखने व मामले के तथ्यातक पहलुओं पर विचार करने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे है कि 8 अक्टूबर 2025 के आदेश को अस्थाई रूप से स्थगित रखा जाए. राज्य सरकार को न्यायालय के द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की राय के अधीन दो माह की अवधि के अंदर पूर्व में पारित आदेशानुसार विनष्टीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी.

शिवराज चौहान के काफिले में सुरक्षा लापरवाही, केंद्रीय मंत्री के आगे सड़क पर युवक बैठा

 खातेगांव  मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। उनके काफिले में एक युवक के घुसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। किसानों की समस्या को लेकर मंत्री से बात दरअसल सोमवार को शिवराज सिंह चौहान खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता रोहित बंडावाला अचानक शिवराज सिंह के काफिले के सामने आ गए और कार से उतरकर उनकी गाड़ी के सामने सड़क पर बैठ गए। ब्लैक शर्ट पहने और चश्मा लगाए रोहित बंडावाला किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज से बात करना चाहते थे। घटना के बाद युवक ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि पिछले दिनों ही शिवराज चौहान के भोपाल और दिल्ली स्थित बंगले की सुरक्षा बढ़ाई गई थी, इसके बाद इस तरह काफिले तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।अब इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में चूक हुई है? घटना के बाद रोहित बंडावाला ने सोशल मीडिया पर अपनी बात लिखी है। 

राहत राशि वितरण में घोटाले पर कार्रवाई, खरगोन के कलेक्टर ने सख्ती दिखाई

खरगोन  जिले में सरकारी राहत राशि को निजी लाभ और रिश्तेदारों में बांटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। राहत राशि वितरण में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर कलेक्टर भव्या मित्तल ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने चार सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को शासकीय सेवा से टर्मिनेट कर दिया है। वहीं, इस पूरे मामले में शामिल निजी ऑपरेटर के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर भव्या मित्तल की गई कार्रवाई के तहत भीकनगांव तहसील में पदस्थ संतोष मंडलोई, भगवानपुरा तहसील के मनीष चौहान- प्रवीण मंडलोई और खरगोन तहसील ग्रामीण के मनोज कदम को सेवा से बर्खास्त किया है। इसके साथ ही निजी ऑपरेटर श्याम सोलंकी के खिलाफ गोगांवा तहसीलदार को कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवार और रिश्तेदार के नाम राशि डिपॉजिट महालेखाकार मध्य प्रदेश, ग्वालियर के ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इन कर्मचारियों ने आरबीसी के तहत राहत राशि वितरण में लाखों रुपये की गंभीर अनियमितताएं की हैं। जांच में सामने आया कि भीकनगांव तहसील के संतोष मंडलोई ने अपने बेटे, पत्नी, एक ठेकेदार और ठेकेदार के बेटे के खातों में राहत राशि ट्रांसफर कर दी। इसी तरह भगवानपुरा तहसील के मनीष चौहान ने खुद, पत्नी, पिता और बहन के खातों में सरकारी राशि डलवाई। प्राइवेट ऑपरेटर की मदद से किया घोटाला ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार प्रवीण मंडलोई और मनोज कदम ने निजी ऑपरेटर श्याम सोलंकी के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की राहत राशि अपात्र व्यक्तियों के खातों में डलवाई। यह पूरा खेल सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर किया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 14 के तहत अनुशासनात्मक जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चारों कर्मचारियों पर नियम 10 के अंतर्गत नियम 9 के तहत दीर्घ शास्ति अधिरोपित की गई और उन्हें शासकीय सेवा से टर्मिनेट कर दिया गया।

कलेक्टर IAS गौरव बैनल ने अचानक दौरा किया माता सबरी कन्या विद्यालय का, प्राचार्य पर कार्रवाई

सिंगरौली  सिंगरौली जिले के कलेक्टर IAS गौरव बैनल सोमवार को अचानक गड़ेरिया स्थित माता सबरी आवासीय कन्या विद्यालय पहुंचे.निरीक्षण के दौरान प्राचार्य और शिक्षक विद्यालय से गायब मिले.कलेक्टर ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्राचार्य की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए.हालांकि कलेक्टर के आने के कुछ समय बाद ही स्कूल से गायब प्राचार्य स्कूल में पहुंच गए. निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने माता सबरी आवासीय कन्या विद्यालय के छात्राओं से संवाद किया.कलेक्टर गौरव बैनल ने छात्राओं को अपनी रुचि के अनुसार कैरियर चुनने की सलाह दी. कुछ छात्राओं ने कलेक्टर गौरव बैनल से IAS बनने का मार्गदर्शन भी लिया. कलेक्टर ने विद्यालय के पुस्तकालय व लैब का भी जायजा लिया. और साफ सफाई व लैब संचालित करने के लिए निर्देशित किया. इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य ने कलेक्टर से बताया कि विद्यालय परिसर के पास स्टोन क्रेशर होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती है.इस समस्या पर भी कलेक्टर ने तत्काल जिला खनिज अधिकारी को जांच के प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया। 

यात्रियों की बढ़ती संख्या, इंडिगो की सभी उड़ानों के बहाल होने से भोपाल हवाई अड्डा हुआ व्यस्त

भोपाल  इस माह इंडिगो की उड़ानें अचानक निरस्त होने से हवाई यातायात गड़बड़ा गया था। यात्रियों ने इसको लेकर जमकर हंगामा भी किया था, लेकिन अब हवाई यातायात सामान्य हो चुका है। इंडिगो की सभी उड़ानें बहाल हो चुकी हैं। इसका असर यात्रियों की संख्या पर नजर आ रहा है। रविवार को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर यात्री संख्या का पुराना रिकॉर्ड टूट गया। केवल एक दिन में ही छह हजार से अधिक यात्रियों ने देश के विभिन्न शहरों तक सफर किया। भोपाल में अब मध्यम वर्ग भी विमान से यात्रा करने लगा है माना जा रहा था कि इंडिगो संकट के कारण अब यात्री हवाई यात्रा के बजाय ट्रेन से जाना पसंद करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हवाई यात्री तेजी से बढ़ रहे हैं। भोपाल में अब मध्यम वर्ग भी विमान से यात्रा करने लगा है। इसी कारण संख्या लगातार बढ़ रही है। तीन से चार साल पहले तक यात्रियों की संख्या बहुत कम थी। एयरलाइंस कंपनियां साल में दो से तीन बार लो फेयर स्कीम जारी करती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। किराया बढ़ने के बाद भी यात्री बुकिंग करा रहे हैं। ट्रेन से आसानी फिर भी विमान पसंद भोपाल से दिल्ली तक ट्रेन कनेक्टिविटी सबसे सरल और आसान है। किसी न किसी ट्रेन में टिकट मिल ही जाते हैं। इसके बावजूद विमान से दिल्ली जाने वालों की संख्या बढ़ रही है। भोपाल से दिल्ली तक पांच नियमित एवं एक साप्ताहिक उड़ान हैं। सभी उड़ानों में 90 प्रतिशत तक पैसेंजर लोड हैं। यही कारण है कि यात्री संख्या का आंकड़ा बढ़ रहा है। इस माह पांच एवं छह दिसंबर को जब इंडिगो की उड़ानें निरस्त हो रहीं थीं, तब दैनिक यात्री संख्या तीन हजार तक रह गई थी। अब यह संख्या दोगुना हो चुकी है। यह भी पढ़ें- 'मैंने भी डेढ़ घंटे किया फ्लाइट का इंतजार', ग्वालियर एयरपोर्ट पर इंडिगो सेवा प्रभावित, ज्योतिरादित्य सिंधिया भी फंसे एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि यात्री सुविधाएं बढ़ने एवं आसान कनेक्टिविटी के कारण यात्री बढ़े हैं।