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उप मुख्यमंत्री ने सांसद कप खेल प्रतियोगिता का किया शुभारंभ

खेलों से तन मन स्वस्थ्य रहने के साथ मिलती है अनुशासन की सीख: उप मुख्यमंत्री भोपाल  रीवा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 29 अगस्त से सांसद कप खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में रीवा विधानसभा क्षेत्र की सांसद कप खेल प्रतियोगिता का मार्तण्ड उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से तन मन स्वस्थ्य रहने के साथ हमें जीवन में अनुशासन की सीख मिलती है। खेलों से प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास होता है। सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सांसद कप प्रतियोगिता आयोजित कराके खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। सांसद कप खेल प्रतियोगिता में फुटबाल, कबड्डी, बालीवाल, क्रिकेट, कराटे, खो खो जैसे खेलों के साथ-साथ परंपरागत ग्रामीण खेलों जैसे गेंद गिप्पी की भी प्रतियोगिताएं हो रही हैं। सांसद कप खेल प्रतियोगिताओं का भव्य समापन 25 दिसंबर को स्पोटर्स काम्पलेक्स रीवा में किया जायेगा। स्पोटर्स काम्पलेक्स में राष्ट्रीय और विश्व स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए फुटबाल मैदान, एथलेटिक्स तथा इंडोर खेलों की सुविधा है। यह विन्ध्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात है। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। समारोह में अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय,श्रीमती हेमलता सिंह, संभागीय खेल अधिकारी एम.के. धौलपुरी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।  

भारत जल्द ही बनेगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : केंद्रीय संचार मंत्री श्री सिंधिया

हम सैकड़ों हाथों से कमाएं और हजारों हाथ से बांटे हमारे डीएनए में है उद्यमशीलता देश का सबसे तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला राज्य बना मध्यप्रदेश भारत ने अच्छाई, सच्चाई और संपन्नता को बांटा है विश्व से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति ही सदैव नया इतिहास लिखती है। युवाओं की असीम ऊर्जा, नवाचार और उद्यमशील सोच से ही हमारा मध्यप्रदेश लगातार प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश युवा ऊर्जा से भरपूर है और सामूहिक प्रयासों से हम विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमशीलता हम भारतीयों के डीएनए में है। उद्यमिता हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है, जिसे आज के नव उद्यमी आधुनिक तकनीक, नवाचार और अपने हुनर से नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट–2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के नव उद्यमियों ने अपनी मेधा, कौशल और आधुनिक तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया है। अपनी लगन, मेहनत और आत्मविश्वास से उन्होंने स्वयं का नया मुकाम बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय उद्यमिता की विशेषता यही है कि हम केवल लाभार्जन तक ही सीमित नहीं रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के हित से भी सदैव जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा उद्यमियों ने जोखिम उठाने की क्षमता तथा अपने साहस से समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सब जो भी करना चाहते हैं, पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ करें। शुरुआत कर ली है तो विस्तार की ओर बढ़ें तथा अगर विस्तार कर रहे हैं तो पूरी समाज को साथ में लेने का प्रयास करें। सरकार सहयोगी बनकर हमेशा आप सबके साथ खड़ी है। नव उद्यमियों को उनका व्यापार-व्यवसाय, बिजनेस यूनिट, औद्योगिक इकाई की स्थापना सहित इसमें उत्पादन प्रारंभ करने तक सभी जरूरी मदद मुहैया कराई जायेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को साकार करने की ओर पूरी ताकत और मेहनत से आगे बढ़ें तथा अपने नवाचारों और उद्यमशीलता से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मा से लेकर एग्रीकल्चर तक, फिशरीज से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक, टेक्नोलॉजी से लेकर टूरिज्म तक ऑटोमोबाइल से लेकर मैनुफैक्चरिंग, हर क्षेत्र में निवेश आ रहा है और रोजगार के नये-नये अवसर सृजित हो रहे हैं। उद्यमिता तभी सफल है जब वह राष्ट्र-कल्याण से भी जुड़ी हो। नये भारत के निर्माण का सुनहरा अवसर युवा उद्यमियों को मिला है तो देश के विकास में अमिट योगदान दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का उज्जवल भविष्य आज हमारे साथ है। युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में विचार, आस्था, उद्यम और निवेश के माध्यम से समाज को दिशा दी है। किसी ने राष्ट्र और मूल्यों को वैचारिक दिशा दी, किसी ने युवाओं को उद्देश्य और अनुशासन से जोड़ा, किसी ने उद्यमिता का आत्मविश्वास जगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत उपभोक्ता नहीं, उत्पादक राष्ट्र बने, यही आज की आवश्यकता है और यह काम युवाओं के संकल्प से ही पूरा होगा। युवा ही भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी वाली अर्थव्यवस्था बनाएंगे। भारत में लोक-कल्याण का संस्कार रही है उद्यमिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में उद्यमिता लोक कल्याण के संस्कार के रूप में हमारे रक्त में बहती है। देश सिर्फ रोजगार से नहीं, उद्यमिता से आगे बढ़ता है। उद्यम से कई लोगों को रोजगार मिलता है, अर्थव्यस्था का पहिया घूमता है। मध्यप्रदेश तेजी से विकसित होते राज्यों में अग्रणी है। पिछले दो वर्ष में हमने उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में निर्णायक और दूरगामी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने नया इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल प्रारंभ किया है। ह नया पोर्टल निवेशकों को नीति, अनुमति, प्रोत्साहन तथा एआई आधारित फिजिबिलिटी जैसी कई सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के पास एक लाख एकड़ का विशाल लैंड बैंक है, मध्यप्रदेश में जीपीएस प्रणाली द्वारा औद्योगिक भूमि बैंक का सुदृढ़ीकरण किया गया है, ताकि निवेशकों को समय पर और उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो सके। हमारा उद्देश्य प्रदेश में न केवल निवेश-अनुकूल नीतियां तैयार करना है, बल्कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। नये स्टार्टअप्स के लिए राज्य सरकार ने लागू की है समग्र और दूरदर्शी नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी साल फरवरी में हुई जीआईएस से मध्यदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें से रुपये 8.57 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। प्रदेश में आज 6 हजार 400 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिनमें से 3 हजार से अधिक स्टार्टअप यानी लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नये स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक समग्र और दूरदर्शी नीति लागू की है। इसके अंतर्गत सीड फंड के रूप में प्रति स्टार्टअप 30 लाख तक सहायता, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता वाले स्टार्टअप्स के लिए 100 करोड़ का निवेश कोष, निवेश अथवा ऋण पर 18 प्रतिशत तक सहायता और 72 लाख तक सब्सिडी दी जा रही है। घरेलू पेटेंट के लिए रुपये 5 लाख तक की और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए रुपये 20 लाख की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे रुपये 43 लाख 20 लाख 4 वर्षों में 3 हजार अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। पिछले हजार से अधिक नई 26 विनिर्माण इकाइयां स्थापित हुईं। इनमें 66 हजार करोड़ से अधिक निवेश और 1 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में हुई यह नई पहल अब देश-विदेश में भी नव उद्यम का नया अलख जगायेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प से विश्व के लिए इकोनॉमिक पावर हाउस बनेगा नया भारत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय स्थल मध्यप्रदेश को अपनी क्षमता और संकल्प से राष्ट्रपटल पर … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा नव उद्यमी नवाचार, स्पष्ट सोच और सामाजिक दायित्व के साथ बढ़े आगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव उद्यमियों से आह्वान किया कि वे नवाचार, स्पष्ट सोच और सामाजिक दायित्व के साथ आगे बढ़ें। प्रदेश में अधिकाधिक निवेश करें। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये अनुकूल वातावरण संसाधन और सविधाएं है। राज्य शासन द्वारा निवेशकों को सभी संभव सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग न केवल संपन्नता, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना के साथ भारत और मध्यप्रदेश उद्यमिता के नए शिखर छुएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर में यंग एंटरप्रेन्योर्स फाउंडेशन (YEF)  द्वारा आयोजित नव उद्यमियों के भारत समिट 2025 को सम्बोधित कर रहे थे। इस प्रतिष्ठित आयोजन में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, श्री दीपक विस्पुते, श्री राज सोमानी, श्री सिद्धार्थ सिंह, श्री विकास खेमानी, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, डॉ. निशांत खरे, श्री सावन सोनकर, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पुलिस कमिश्नर श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। यह समिट नेतृत्व, उद्यमिता, आध्यात्मिकता और अगली पीढ़ी के लिए दूरदर्शी सोच को एक सशक्त मंच पर एक साथ लाने वाला ऐतिहासिक आयोजन रहा। देशभर से आए प्रभावशाली वक्ताओं, युवा उद्यमियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विचारशील व्यक्तित्वों ने अपने अनुभव साझा किए। उद्योग से जीवन संवारने की स्पष्ट नीति के साथ मध्यप्रदेश में उद्योग का नया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति ही भारत के भविष्य की आधारशिला है। उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव उद्यमी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाला राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पहली बार उद्योग विभाग को सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर प्राथमिकता दी है, ताकि निर्णय तेज़ी से हों और निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो। मुख्यमंत्री  डॉ. यादव ने कहा कि “उद्योग से जीवन संवारने” की स्पष्ट नीति के साथ मध्यप्रदेश में उद्योग का नया संकल्प लिया गया है। यह नीति न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी। जल संसाधन और सौहार्द का नया अध्याय डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पीकेसी (PKC) योजना और नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से राज्य को जल-संपन्न बनाने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के बीच जल-साझेदारी ने एक नया मोड़ लिया है। पड़ोसी राज्यों को पानी देने का निर्णय केवल परियोजना नहीं, बल्कि सौहार्द और सहयोग का नया अध्याय है। ग्रीन एनर्जी में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीनको प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कुछ राज्यों और देशों में यह परियोजना 4 से दस वर्षों में पूरी हुई, वहीं मध्यप्रदेश में यह दुनिया का बड़ा प्रोजेक्ट दो साल से भी कम समय में तय होकर आज लोकार्पण की स्थिति तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मजबूत संबंधों, भरोसे और तेज़ निर्णय प्रक्रिया का परिणाम है। निवेश के नए कीर्तिमान डॉ. मोहन यादव ने बताया कि भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में में  32 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं, जिनमें से 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का भूमिपूजन पहले ही हो चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि 25 दिसम्बर को 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का भूमिपूजन/लोकार्पण एक ही स्थान पर संपन्न होगा, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मतिथि के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कई  सेक्टर्स में भी अपार संभावनाएं है। इन संभावनाओं के मद्देनजर इन्हें विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार  पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सही दिशा देने वाले मंच ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्यमी की सफलता का रहस्य X-Factor नहीं बल्कि D-Factor है। यह D-Factor है—Dreamers (सपने देखने वाले), Doers (उन्हें जमीन पर उतारने वाले) और Disrupters (नवाचार से व्यवस्था बदलने वाले), जो भारत की प्रगति की असली शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा भारत नई सोच, साहस और जोखिम लेने की क्षमता से लैस है। यह वही युवा है जो नींद से ज्यादा रणनीति को महत्व देता है और असली विकास और असली प्रगति  में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि बड़े और साहसिक विचार ही वास्तविक बदलाव की नींव रखते हैं। श्री सिंधिया ने अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि न्यूयॉर्क में नौकरी के बाद भारत लौटकर शून्य से शुरुआत करना आसान नहीं था, लेकिन धैर्य, परिश्रम और निरंतर प्रयास ने सफलता का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि resilience दिखावा नहीं, बल्कि शांत और निरंतर संघर्ष है। 

आजादी के 100 साल को ध्यान में रखते हुए तैयार करें शहरों के विकास की योजना : केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल

भोपाल में हुई शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिये समन्वय से करें योजना का क्रियान्वयन अधोसंरचना विकास के कार्यों में बजट का हो सही उपयोग भोपाल  केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि शहरों के विकास के लिये केन्द्र सरकार से मिलने वाली बजट राशि का पूरा उपयोग समय पर किया जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की जो कल्पना की है, उसे तभी पूरा किया जा सकेगा, जब केन्द्र और राज्य सरकार पूरे समन्वय के साथ कार्य करेंगी। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर मे शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्य) को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के शहरी विकास मंत्री, राज्य मंत्री, भारत सरकार एवं राज्यों के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिये तैयार की गई कार्य दिशा पुस्तिका का विमोचन किया। केन्द्रीय शहरी मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत की शहरी आबादी अनुमान के मुताबिक कुल आबादी की 50 प्रतिशत तक हो जाएगी। जब हम इसे ध्यान में रखते हुए शहरी योजनाओं का क्रियान्वयन करेंगे, तभी विकसित और आत्मनिर्भर भारत बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि शहरी कार्य मंत्रालय ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिये देश में क्षेत्रवार राज्यों की बैठक करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हर राज्य की भौगोलिक स्थिति और परेशानियां अलग है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों के विकास के लिये केन्द्र सरकार सपोर्टिंग सिस्टम के रूप में काम करती है, ठोस प्रयास तो राज्य सरकारों को ही करना होगा। ठोस कार्य योजना करें तैयार केन्द्रीय शहरी मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि क्षेत्रीय बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शहरी परिवहन व्यवस्था पर मुख्य रूप से चर्चा की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में तैयार मकानों के आवंटन न होने पर चिंता प्रकट की। राज्य सरकारों को यह प्रयास करना होगा कि जनता की वित्तीय हिस्सेदारी में प्रभावी रूप से किया जाये। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सबको आवास केन्द्र सरकार की फ्लेगशिप योजना है। इस योजना को पूरा करने के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ प्राइवेट रियल्टी सेक्टर के उद्यमियों को प्रोत्साहित करना होगा। मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों को बनाया जा रहा है आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में नगरीय निकायों को आर्थिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे बसे शहरों में सीवरेज कार्य को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि नर्मदा नदी में गंदा पानी न मिलाया जाये। उन्होंने बताया कि प्रदेश की नगरीय क्षेत्रों में सम्पत्तियों की जीआई मेपिंग की गई है। इस कार्य से सम्पत्ति कर में 150 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने अमृत योजना में अधूरे कामों को पूरा करने के लिये केन्द्र से मदद दिये जाने का आग्रह किया। कार्यक्रम को केन्द्रीय सचिव आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय नई दिल्ली श्री श्रीनिवास कटिकिथला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक के आयोजन के बारे में जानकारी दी। वीडियो फिल्म का प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नागरिकों को दी जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं पर केन्द्रित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म में पानी के सदुपयोग, अर्बन लॉकर, व्हीकल फ्यूल निगरानी सिस्टम और अन्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की जानकारी दी गई। बैठक के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे और आयुक्त नगरीय विकास श्री संकेत भोंडवे ने उल्लेखनीय उपलब्धियों की जानकारी दी। सत्र में चर्चा उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न राज्यों और केन्द्र सरकार के अधिकारियों के बीच योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बिन्दुवार चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 9 लाख 46 हजार आवासों में 8 लाख 79 हजार आवास निर्माण किये जा चुके है। पूर्ण आवासों के आधार पर मध्यप्रदेश प्रथम सर्वेश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में 60 हजार आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने कहा कि जिन हितग्राहियों के प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनाए जा चुके हैं, उनकी सुरक्षा की गारंटी राज्य सरकार को देना चाहिए। अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की आवास समस्या के हल के लिये उद्योगपतियों की मदद से किफायती आवास तैयार करने का कार्य राज्य सरकार कर रही है। सत्र में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की प्रगति पर भी चर्चा की गई। सत्र में बताया गया कि प्रदेश में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के अधिकारियों का कहना था कि प्रदेश में बनाई जा रही मेट्रोपॉलिटन सिटी में मेट्रो नेटवर्क के लिये राज्य सरकार को डीपीआर बनाने का कार्य प्राथमिकता से करना चाहिए। सत्र में अमृत योजना के बारे में जानकारी दी गई कि विभाग ने 6 हजार 500 प्रकरणों में स्वीकृति जारी की है। प्रदेश में ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जा रही है। हाल ही में 40 ठेकेदारों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। सत्र में अमृत 3.0 पर भी चर्चा की गई।  

शीतलहर से आज भी नहीं मिलेगी पूरी राहत, इंदौर में ठंड रहेगी कायम

इंदौर शुक्रवार को प्रदेश में रात का सबसे कम चार डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में दर्ज किया गया। शाजापुर, शिवपुरी में शीतलहर एवं इंदौर में तीव्र शीत लहर का प्रभाव रहा। 20 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। दिन का सबसे अधिक 30.8 डिग्री सेल्सियस तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया। सुबह के समय कोहरे के कारण सागर में दृश्यता 200 मीटर, नौगांव एवं जबलपुर में न्यूनतम दृश्यता 500 मीटर दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर बने दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से न्यूनतम तापमान में कुछ गिरावट होने से ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। शनिवार-रविवार को इंदौर, शाजापुर, राजगढ़ में शीतलहर का प्रभाव रह सकता है। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, जबलपुर एवं शहडोल संभाग में कहीं-कहीं कोहरा छा सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू एवं उसके आसपास के क्षेत्र में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण-पश्चिम ईरान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में सक्रिय है। उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 185 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। इस वजह से ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के मुताबिक मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता कम है। इस वजह से अधिकतर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री या उससे कम पर ही बना रहने की संभावना है।

विधानसभा में बड़ा फैसला: लाड़ली बहनों को अब हर माह मिलेंगे 5000 रुपये

भोपाल मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए राहत और उम्मीद की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि सरकार भविष्य में योजना की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 5000 रुपये तक ले जाने को तैयार है। यह बात उन्होंने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कही। आइए जानते हैं कि सीएम मोहन यादव ने और क्या कुछ कहा है। विपक्ष पर पलटवार, योजना जारी रहने का भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष बार-बार तीन हजार रुपये की मांग उठा रहा है और योजना बंद होने की आशंका जता रहा है, जबकि हकीकत यह है कि सरकार ने शुरुआत से ही राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया है। उन्होंने याद दिलाया कि जून 2023 में लागू हुई योजना को लेकर चुनाव के समय भी शंकाएं जताई गई थीं, लेकिन सरकार ने लगातार भुगतान जारी रखा।   2028 तक 5000 रुपये का लक्ष्य सीएम ने बताया कि पहले बहनों को 1000 रुपये दिए गए, फिर 1250 और अब 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा इसे यहीं रोकने का नहीं है 2028 तक 5000 रुपये प्रतिमाह देने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर विपक्ष से रचनात्मक सुझाव भी मांगे, ताकि कामकाजी महिलाओं की आय 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंचाने के प्रयास किए जा सकें।    मुख्यमंत्री ने अपने विचारों का वीडियो X पर साझा करते हुए लिखा कि लाड़ली बहनों को सहायता राशि लगातार मिल रही है और आगे भी इसमें बढ़ोतरी जारी रहेगी। उसमें उन्होंने लिखा है, कि विपक्ष कहता है कि लाड़ली बहना योजना बंद हो जाएगी, लेकिन हमारी बहनों को लगातार रुपए दिए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को सबसे पहले 1000 रुपए दिए, फिर 1250 रुपए, इसके बाद बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिए हैं। अब और आगे बढ़ाते रहेंगे।   अगली किस्त का इंतजार जानकारी के मुताबिक, दिसंबर में योजना की 31वीं किस्त 9 तारीख को जारी की गई थी। ऐसे में अब 32वीं किस्त को लेकर महिलाओं में उत्सुकता बनी हुई है। अनुमान है कि यह नए साल में 10 जनवरी तक आ सकती है, हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

दतिया में टीकाकरण के बाद बड़ा हादसा: एक बच्चे की मौत, तीन अस्पताल में भर्ती

दतिया दुरसड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ककरऊआ में शुक्रवार को हुए टीकाकरण के दौरान वैक्सीन लगाए जाने के बाद डेढ़ माह के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव में हड़कंप और आक्रोश का माहौल है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में वैक्सीन लगाई गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार को गांव में आशा कार्यकर्ता द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बच्चों को वैक्सीन लगाई गई थी। टीकाकरण के कुछ समय बाद एक डेढ़ माह के बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। वहीं तीन अन्य बच्चों में भी अस्वस्थता के लक्षण सामने आए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल दतिया रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। शिकायत लेकर कलेक्टर के बंगले पर पहुंचे लोग घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में शिकायत लेकर दतिया कलेक्टर के बंगले पहुंचे। ग्रामीणों ने टीकाकरण में लापरवाही और स्वास्थ्य अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जांच के आदेश ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मामले में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर जानकारी जुटा रही है और टीकाकरण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की जांच कर रही है। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट’ से बदलेगा ग्वालियर का भविष्य: 25 दिसंबर को अमित शाह का आगमन, 2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

 भोपाल मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए ग्वालियर में बड़ा आयोजन होने जा रहा है। 25 दिसंबर को ‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025’ का आयोजन होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समिट में निवेश और रोजगार सृजन पर गहन मंथन होगा। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत ग्वालियर के मेला मैदान में 25 दिसंबर को ‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025’ आयोजित की जा रही है। इस समिट का फोकस औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजन करना है। समिट में करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का भूमिपूजन किया जाएगा, जबकि 10 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण होगा। इन परियोजनाओं से राज्य में हजारों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे और वे इन निवेश परियोजनाओं की औपचारिक शुरुआत करेंगे। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर हो रहा है, इसलिए समिट में अटल जी के जीवन और योगदान पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समिट में विभिन्न विभागों की सफल योजनाओं और उपलब्धियों की प्रदर्शनियां भी होंगी, जिससे आम जनता को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी और वे इसका लाभ उठा सकें।  मध्य प्रदेश सरकार का यह प्रयास राज्य को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने और आर्थिक विकास को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

मध्य प्रदेश में शीत लहर का असर: 20 जिलों में घना कोहरा, ट्रेन और फ्लाइट सेवाएं बाधित

भोपाल मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर संभाग सहित करीब 20 जिलों में कोहरा छाया हुआ है, जहां कई जगहों पर विजिबिलिटी मात्र 50 मीटर तक रह गई है। ठंड भी बढ़ गई है और कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि जबलपुर, कटनी, शहडोल में येलो अलर्ट है। सुबह 10 बजे तक कोहरे के छाए रहने की संभावना जताई गई है। कोहरे का असर सुबह और देर रात सबसे ज्यादा रहता है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रभावित जिले और अलर्ट     ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर आदि।     येलो अलर्ट: जबलपुर, कटनी, शहडोल, सिंगरौली आदि। कुल 20 जिलों में कोहरा और ठंड का असर ज्यादा है। ट्रेन सेवाओं पर असर घने कोहरे के कारण उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। शताब्दी एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनें प्रभावित हैं। देरी 30 मिनट से लेकर 8 घंटे तक दर्ज की गई है। दिल्ली से भोपाल, ग्वालियर और इंदौर आने वाली ट्रेनें सबसे ज्यादा लेट हैं। फ्लाइट्स प्रभावित इंदौर से दिल्ली और मुंबई की उड़ानें कोहरे के कारण प्रभावित हो रही हैं। कई फ्लाइट्स देरी से उड़ान भर रही हैं या रद्द हो रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइंस से संपर्क कर लेटेस्ट अपडेट लें।

हाईवे पर मौत से जंग: रीवा-प्रयागराज मार्ग पर ट्रक और ट्रेलर की टक्कर, केबिन में 5 घंटे फंसा रहा ड्राइवर

रीवा  रीवा-प्रयागराज नेशनल हाईवे-30 पर गढ़ बाईपास के पास बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। घने कोहरे के कारण सड़क किनारे खड़े एक खराब ट्रक में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर का चालक, जिसकी पहचान दिनेश रावत (39 वर्ष) के रूप में हुई है, ट्रक के केबिन और स्टीयरिंग के बीच बुरी तरह फंस गया। कोहरे के कारण हादसा जानकारी के अनुसार एक ट्रक बीती शाम करीब 6 बजे खराब हो गया था, जिसे चालक ने सड़क के किनारे ही खड़ा कर दिया था। रात करीब 2 बजे जब ट्रेलर वहां से गुजरा, तो घने कोहरे के कारण चालक को सामने खड़ा ट्रक दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उससे जा टकराया। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे पर खराब वाहनों को समय पर न हटाए जाने के कारण यहां आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। सूचना के बाद पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही गढ़ थाना प्रभारी अनीश पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एमपीआरडीसी की टीम और गैस कटर की मदद से चालक को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। लगभग 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, सुबह करीब 7 बजे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका और उपचार के लिए तुरंत अस्पताल भेजा गया। लोगों ने उठाए सवाल घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने हाईवे अथॉरिटी और पेट्रोलिंग टीम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब ट्रक शाम 6 बजे से सड़क पर खड़ा था, लेकिन पेट्रोलिंग टीम ने उसे वहां से हटाने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जहमत नहीं उठाई। यदि समय रहते ट्रक हटा लिया जाता, तो शायद यह हादसा नहीं होता। फिलहाल, घायल चालक का इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। यातायात को सुचारू रखने के लिए वाहनों को सर्विस रोड से निकाला गया।