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Delhi-Mumbai Expressway पर सुरक्षा का नया प्लान, पुलिस सहायता केंद्र के साथ ड्रोन से रखी जाएगी नजर

झाबुआ देश के सबसे महत्वाकांक्षी और आधुनिक सड़क प्रोजेक्ट्स में से एक 'दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे' पर सफर को सुरक्षित बनाने के लिए मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले की पुलिस ने कमर कस ली है। जिले से होकर गुजरने वाले इस हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे पर हाल ही में असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी और अनाधिकृत वाहनों के प्रवेश के कारण दुर्घटनाओं की खबरें सामने आई थीं। घटनाओं को बेहद गंभीरता से लेते हुए झाबुआ पुलिस ने एक व्यापक 'एक्शन प्लान' तैयार कर उसे धरातल पर लागू कर दिया है। पुलिस का यह प्लान न केवल तकनीकी निगरानी पर आधारित है। बल्कि इसमें स्थानीय ग्रामीणों की जनसहभागिता को भी प्रमुखता दी गई है। नया पुलिस सहायता केंद्र यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उपद्रवियों में खौफ पैदा करने के लिए कुकड़ीपाड़ा-तलावड़ा रेस्ट एरिया (विश्राम क्षेत्र) में एक नया पुलिस सहायता केन्द्र शुरू कर दिया है। इस केंद्र पर सुरक्षा की कमान उप निरीक्षक गोविंद भामदरे को सौंपी है। इनके साथ 2 पुलिस आरक्षक और विशेष सशस्त्र बल के 4 हथियारबंद जवानों को 24 घंटे तैनात किया है। ड्रोन से हाई-टेक निगरानी अंधेरे का फायदा उठाकर पत्थरबाजी करने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस अब हाई-टेक संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। सभी 22 गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में अब ड्रोन से आसमान से निगरानी की जा रही है। साथ ही, पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अतिरिक्त चार पहिया वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जो रात भर एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं। 50 किमी के दायरे में 22 संवेदनशील गांव दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे झाबुआ जिले में गुजरात सीमा से लेकर माही नदी तक लगभग 50 किलोमीटर की लंबाई में फैला है। यह महत्वपूर्ण मार्ग जिले के दो प्रमुख थाना क्षेत्रों थाना थांदला और थाना काकनवानी के अंतर्गत आने वाले लगभग 22 गांवों से होकर गुजरता है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि एक्सप्रेस-वे पर असामाजिक तत्वों द्वारा विशेष रूप से शाम 06 बजे से लेकर मध्य रात्रि 12 बजे के बीच पत्थरबाजी की घटनाएं को अंजाम दिया जाता है। इसके अलावा, एक्सप्रेस-वे पर स्थानीय लोगों द्वारा दोपहिया वाहनों, तिपहिया वाहनों और मवेशियों के अनधिकृत प्रवेश के कारण भी कई गंभीर दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है।

CM की बड़ी घोषणाओं से मंडला में विकास को रफ्तार, टाइगर सफारी-जू से कॉलेज तक कई सौगातों का ऐलान

 मंडला को मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात… टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर की घोषणा, घुघरी-मोहगांव में खुलेगा कॉलेज  मंडला मंडला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मंडला में अब टाइगर सफारी-जू के साथ वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही घुघरी और मोहगांव में महाविद्यालय शुरू करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 अक्टूबर को मंडला में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क और प्रशासनिक अधोसंरचना से जुड़ी कई बड़ी सौगातें दीं। मंडला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन हुआ। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने मंडला की पहचान और विरासत का उल्लेख किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडला केवल एक जिला नहीं, बल्कि वीरता, जनजातीय गौरव और नर्मदा सभ्यता का संगम है। गोंडवाना साम्राज्य की गौरवशाली विरासत, वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य, गोंड और बैगा जनजातियों की समृद्ध संस्कृति तथा मां नर्मदा मंडला की पहचान को विशेष बनाते हैं।  टाइगर सफारी-जू की बड़ी घोषणा कार्यक्रम के दौरान मंडला के लिए सबसे बड़ी घोषणा टाइगर सफारी-जू और वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर को लेकर रही। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके की मांग पर मुख्यमंत्री ने मंडला में टाइगर सफारी-जू स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडला आने वाले पर्यटकों को कई बार सफारी के दौरान बाघ या अन्य वन्यजीव देखने का अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे में टाइगर सफारी-जू के माध्यम से पर्यटकों को बाघ सहित अन्य वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यहां वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जहां घायल और बीमार वन्यप्राणियों के उपचार की व्यवस्था होगी। सरकार की इस घोषणा से मंडला में पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। घुघरी और मोहगांव को कॉलेज की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घुघरी और मोहगांव में महाविद्यालय शुरू करने की घोषणा भी की।इस घोषणा से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर कॉलेज की सुविधा मिलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एमएसएमई के माध्यम से चार और चिरौंजी जैसी लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य स्थानीय वनोपज को बाजार से जोड़ना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। 21 लाख से ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के पर्व को प्रदेशवासी उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसी उद्देश्य से तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि वितरित की जा रही है।प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को करीब 149 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की गई।वहीं मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, सिवनी और बालाघाट जिले के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 की बोनस राशि के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये का वितरण किया गया। इसके साथ ही मंडला के पूर्व सामान्य और पश्चिम सामान्य वनमंडल की 84 वन समितियों के 39 हजार 399 सदस्यों को वर्ष 2025-26 की 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 रुपये की काष्ठ लाभांश राशि भी वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन आधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है। 460 करोड़ से अधिक के विकास कार्य मंडला जिले के लिए विकास के लिहाज से भी कार्यक्रम महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले में 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कुल 74 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।इनमें 260 करोड़ 62 लाख 38 हजार रुपये की लागत वाले 47 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 200 करोड़ 2 लाख 38 हजार रुपये की लागत वाले 27 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।लोकार्पित कार्यों में बिछिया एनएच-30 से सरई गेट मार्ग, सांदीपनि शासकीय मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल बिछिया का भवन, संयुक्त तहसील कार्यालय भवन निवास, सांदीपनि विद्यालय घुटास और सांदीपनि विद्यालय सागर सहित शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कई कार्य शामिल हैं। कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय की भी सौगात मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में नवीन एकीकृत कलेक्ट्रेट कार्यालय भवन मंडला भी शामिल है, जिसकी लागत करीब 33 करोड़ 92 लाख रुपये बताई गई है।इसके साथ ही नवीन नर्सिंग कॉलेज मंडला, शासकीय महाविद्यालय नारायणगंज, पुलिस लाइन में आवास गृह और नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन का निर्माण भी शामिल है।पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन की लागत करीब 4 करोड़ 11 लाख रुपये है।वहीं पुलिस लाइन मंडला में 12 एनजीओ और 48 आरक्षक आवास गृह के निर्माण के लिए करीब 12 करोड़ 54 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है।  स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार मुख्यमंत्री ने मंडला में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।मंडला में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक के लिए 16 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति का भी उल्लेख मुख्यमंत्री ने किया।इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में गंभीर मरीजों के उपचार सहित स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।  किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर मुख्यमंत्री ने मंडला में पान की खेती को विकसित करने की बात कही। इसके साथ ही पशुधन संवर्धन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गांव-गांव में दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने की बात कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादक किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य मिलना चाहिए और इसके लिए सहकारी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।वहीं सरकार की सुगम बस परिवहन सेवा का विस्तार गांव-गांव तक करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के 163 मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत स्कूटी की चाबी सौंपी।इसके साथ ही विद्यार्थियों को यातायात सुरक्षा का … Read more

CM यूथ कॉन्क्लेव-2026 में दिखेगी युवाओं के भविष्य की राह, 20 हजार युवाओं से सीधा संवाद करेंगे डॉ. मोहन यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश की युवा शक्ति को रोजगार, कौशल, स्टार्टअप और नई तकनीकों से जोड़ने के लिए सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान में किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं को कॅरियर और रोजगार के नए विकल्पों के साथ ही नवाचार और उभरती तकनीकों की संभावनाओं से भी रूबरू कराया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रविवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने लाल परेड मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, प्रदर्शनी कक्षों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां तय समय-सीमा में पूरी करने और युवाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। रोजगार से स्टार्टअप तक, युवाओं के लिए क्या-क्या होगा? कॉन्क्लेव में रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार, अनुसंधान और नई तकनीकों पर विशेष सत्र और गतिविधियां होंगी। विशेषज्ञों के साथ शैक्षणिक संस्थान, उद्योग और स्टार्टअप भी इसमें शामिल होंगे। युवाओं को बदलते जॉब मार्केट, नए कौशल की जरूरत, स्वरोजगार की संभावनाओं और अपने आइडिया को बिजनेस में बदलने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। 17 विभाग बताएंगे रोजगार और योजनाओं की राह कॉन्क्लेव में 17 शासकीय विभागों और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी रहेगी। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उद्योग, एमएसएमई, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष, पुलिस और साइबर सुरक्षा समेत कई विभाग युवाओं के लिए संचालित योजनाओं और अवसरों की जानकारी देंगे। मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर और सेडमैप की ओर से भी स्वरोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी। 80 से ज्यादा प्रदर्शनी कक्षों में दिखेगा भविष्य कार्यक्रम में 80 से अधिक प्रदर्शनी कक्ष लगाए जाएंगे। इनमें विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों, संस्थाओं और स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार, कॅरियर, प्रशिक्षण, अनुसंधान, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। विश्वविद्यालयों की ओर से ड्रोन तकनीक, नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और कॅरियर से जुड़े प्रोजेक्ट और प्रस्तुतियां भी होंगी। AI से ड्रोन और रोबोटिक्स तक नई तकनीक पर फोकस युवा कॉन्क्लेव में भविष्य की तकनीकों को खास जगह दी गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) जैसे क्षेत्रों में शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और रिसर्च की संभावनाओं से युवाओं को परिचित कराया जाएगा। इसका मकसद युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नई तकनीकों और इनोवेशन के क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करना है। आइडिया से बिजनेस तक का सफर समझेंगे युवा मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर के माध्यम से नवोदित उद्यम अपने उत्पाद और नए प्रयोग प्रदर्शित करेंगे। युवा इन स्टार्टअप के जरिए यह समझ सकेंगे कि किसी विचार को उत्पाद, सेवा और सफल उद्यम में कैसे बदला जा सकता है। कॉन्क्लेव में कॅरियर मार्गदर्शन और कौशल विकास के साथ मानसिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य, आयुष, उद्योग, रोजगार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ जानकारी देंगे। पुलिस विभाग की ओर से महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, यातायात जागरूकता, सामुदायिक पुलिसिंग और जन-सुरक्षा से जुड़े विषयों पर युवाओं के साथ संवाद किया जाएगा। जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे बढ़ाएंगे कार्यक्रम की रौनक युवा कॉन्क्लेव में ज्ञान और मार्गदर्शन के साथ मनोरंजन का भी इंतजाम रहेगा। कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल और मुंबई के कबीर कैफे की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां युवाओं का उत्साह बढ़ाएंगी। युवाओं को अवसर और नई दिशा देने की पहल सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को संवाद, कौशल, कॅरियर, रोजगार और नवाचार के अवसरों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ 20 हजार से अधिक युवाओं का संवाद और 80 से ज्यादा प्रदर्शनी कक्ष इस आयोजन को प्रदेश के युवा केंद्रित बड़े आयोजनों में शामिल करेगा। सरकार का जोर युवा प्रतिभा और ऊर्जा को सही अवसर देकर विकसित मध्य प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ाने पर है।  

मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम, 7-8 अक्टूबर को सतना-रीवा समेत 14 शहरों में बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद दिन में गर्मी और रात में ठंडक बढ़ गई है। पिछली 3 रातों में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है। यह अनूपपुर के अमरकंटक में 16° और इंदौर में 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं, भोपाल, उज्जैन-पचमढ़ी में भी पारा लुढ़का है। हालांकि, दिन में तीखी धूप खिली है। इससे उमस और गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने कहा- पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही होने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में सर्दी बढ़ी है। मौसम विभाग ने 7 और 8 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में गरज-चमक, आंधी के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान जारी किया है। छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बारिश का अलर्ट है। दो दिन कहीं नहीं होगी बारिश मौसम विभाग की मानें तो अगले 2 दिन यानी 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है। दिन में धूप खिली रहेगी। 100 दिन सक्रिय रहा मानसून इस बार मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। 24 जून को यह एंटर हुआ था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से विदाई ले ली। मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में यह आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 25 जिलों में कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इस बार 30 जिलों में कम बारिश हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

MP में चीता प्रोजेक्ट को मिलेगी नई रफ्तार, 7 अक्टूबर को कूनो से नौरादेही पहुंचेंगे दो चीते

सागर  रानी दुर्गावती बाघ अभयारण्य नौरादेही अब प्रदेश में वन्यजीवों की नई पहचान बनने जा रहा है। यह दुनिया की अनोखी बसाहट होगी, जहां बड़ी बिल्लियों के परिवार (बिग कैट फैमिली) के तीन प्रमुख शिकारी बाघ, तेंदुआ और चीता एक साथ रहेंगे। सात अक्टूबर को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से दो चीते, नर थोलो और मादा सीसीबी-तीन नौरादेही लाए जाएंगे। इसके साथ ही नौरादेही, कूनो और गांधीसागर के बाद मध्य प्रदेश में चीतों का 'तीसरा घर' बन जाएगा। चीतों के स्वागत की तैयारियां पूरी चीतों की सुरक्षित बसाहट के लिए मुहाली रेंज में आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। यहां दो प्रकार के बोमा (डोम) बनाए गए हैं। पहले चरण में चीतों को क्वारेंटाइन बोमा में रखा जाएगा। यह अपेक्षाकृत आकार में छोटे हैं, ताकि चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार, संभावित बीमारियों और नए स्थान में सर्वाइवल का आंकलन किया जा सके। 12 से 15 दिन तक क्वारेंटाइन में रखने के बाद चीतों को सॉफ्ट रिलीज बोमा में शिफ्ट किया जाएगा, जिसका क्षेत्रफल लगभग 80 से 100 हेक्टेयर होगा। चीतों की निगरानी और प्रबंधन के लिए करीब 100 वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। यहां एशिया की सबसे छोटी बिल्ली भी नौरादेही की विशेषता केवल बाघ, तेंदुए और आने वाले चीतों तक सीमित नहीं है। यहां रस्टी-स्पॉटेड कैट, जिसे एशिया की सबसे छोटी बिल्ली माना जाता है, की भी मौजूदगी दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के सालाना बाघ निगरानी अभियान के तहत किए गए कैमरा ट्रैप सर्वे में इस बिल्ली की तस्वीर रिकॉर्ड हुई थी। एक नजर में नौरादेही की कैट फैमिली बाघ : जंगल का सबसे बड़ा शिकारी – संख्या 30 से अधिक तेंदुआ : घने जंगल और जंगल के पथरीले क्षेत्र में मौजूद – संख्या 15 से अधिक चीता : सात अक्टूबर को कूनो से आएंगे – संख्या दो रस्टी-स्पॉटेड कैट: एशिया की सबसे छोटी बिल्ली – संख्या एक (कैमरा ट्रैप में दर्ज)     रानी दुर्गावती बाघ अभयारण्य में चीतों के आगमन के बाद बाघ, तेंदुए और रस्टी-स्पाटेड कैट जैसी प्रजातियां एक ही परिदृश्य में मौजूद होंगी। इससे नौरादेही की जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ेगा।     -रजनीश सिंह, उप संचालक, रानी दुर्गावती बाघ अभयारण्य  

चंबल में रेत उत्खनन पर रोक के दावे खोखले? कलेक्टर कार्यालय के पीछे निर्माण में रेत इस्तेमाल का आरोप

चंबल से रेत उत्खनन पर रोक के दावे खोखले, कलेक्टर कार्यालय के पीछे निर्माण में रेत के इस्तेमाल का आरोप रात में गश्त के दावों के बीच नदी से नहीं थम रहा अवैध उत्खनन, जलीय जीवों पर भी मंडरा रहा खतरा मुरैना  चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के प्रशासन के दावे एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। प्रशासन द्वारा अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई किए जाने और कलेक्टर-एसपी के रात में गश्त करने के दावों के बावजूद चंबल नदी से रेत का अवैध उत्खनन जारी होने के आरोप सामने आ रहे हैं। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि कलेक्टर कार्यालय के पीछे चल रहे निर्माण कार्य में चंबल नदी की रेत के इस्तेमाल की बात सामने आई है। यदि निर्माण स्थल पर इस्तेमाल हो रही रेत चंबल नदी से लाई गई है, तो सवाल यह है कि प्रतिबंधित क्षेत्र से रेत निकालकर उसे शहर तक पहुंचाने वाला नेटवर्क आखिर प्रशासन की नजर से कैसे बच रहा है। कलेक्टर की नाक के नीचे पहुंच रही चंबल की रेत चंबल नदी से अवैध उत्खनन रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की बात कही जाती है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय में कलेक्टर कार्यालय के पीछे चल रहे निर्माण कार्य तक चंबल की रेत पहुंचने के आरोप ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि जब जिला मुख्यालय में ही ऐसी स्थिति है तो नदी के दूरस्थ घाटों और बीहड़ क्षेत्र में अवैध उत्खनन की निगरानी किस तरह हो रही है। कार्रवाई के दावों के बीच जारी है रेत का खेल चंबल नदी से रेत उत्खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद रेत माफिया द्वारा नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों से रेत निकालने के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं। प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और अन्य वाहन जब्त करने का दावा करता है, लेकिन कार्रवाई के बाद भी अवैध उत्खनन पूरी तरह रुकता नजर नहीं आ रहा है। जलीय जीवों के अस्तित्व पर भी खतरा चंबल नदी राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नदी से अवैध तरीके से रेत निकालने से नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित होने के साथ ही जलीय जीवों के जीवन पर भी खतरा पैदा होता है। खासकर घड़ियाल और अन्य जलीय जीवों के प्रजनन स्थलों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन की सख्ती और रात में गश्त के दावों के बावजूद चंबल की रेत निर्माण स्थलों तक कैसे पहुंच रही है? क्या जिम्मेदार विभाग निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही रेत के स्रोत की जांच कराएंगे और अवैध रेत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे?

50 से ज्यादा महिलाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग का खुलासा, स्क्रीन रिकॉर्डर ऐप से बनाता था अश्लील वीडियो

ग्वालियर शहर के सिटी सेंटर इलाके के न्यू सारिका नगर में पानी का प्लांट चलाने वाले एक युवक के मोबाइल की जांच में 40 से ज्यादा महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आरोप है कि वह महिलाओं से दोस्ती करता था और संपर्क बढ़ने के बाद उनके निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन वीडियो का इस्तेमाल महिलाओं को ब्लैकमेल करने या किसी अन्य तरीके से परेशान करने के लिए किया गया था या नहीं। मोबाइल में मिले नंबरों के आधार पर संबंधित महिलाओं से भी संपर्क किया जा रहा है। आरोपी की पहचान योगेश गुप्ता के रूप में आरोपी सिटी सेंटर के सारिका नगर निवासी 40 वर्षीय योगेश गुप्ता है। वह पानी का प्लांट चलाता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से संपर्क बनाता था। सनातन सेना की सूचना पर पकड़ा गया सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला और सदस्य मुकेश शर्मा को एक महिला कार्यकर्ता ने योगेश की गतिविधियों की जानकारी दी थी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उसे मुलाकात के बहाने बुलाकर पकड़ लिया। मोबाइल की जांच के दौरान वीडियो मिलने पर उसे विश्वविद्यालय पुलिस को सौंपा गया। रिकॉर्डिंग के लिए स्क्रीन रिकॉर्डर और स्पाई कैमरा वीडियो कॉल के दौरान आरोपी स्क्रीन रिकॉर्डर ऐप का इस्तेमाल करता था। पुलिस को स्पाई कैमरे से रिकॉर्डिंग किए जाने की जानकारी भी मिली है। वह इन रिकॉर्डिंग को अपने पास सुरक्षित रखता था। पुलिस को उसके मोबाइल में एक वीडियो मिला है, जिसमें वह अपनी एक महिला मित्र के साथ वीडियो शूट करता नजर आ रहा है। पुलिस मोबाइल में मिले रिकॉर्ड की जांच कर रही है। संपर्क नंबरों से महिलाओं तक पहुंचेगी पुलिस पुलिस मोबाइल से मिले संपर्क नंबरों के आधार पर संबंधित महिलाओं से संपर्क कर रही है। आरोपी के लैपटॉप में मिले डेटा को भी खंगाला जा रहा है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि रिकॉर्डिंग के बाद महिलाओं पर दबाव बनाया गया या उनसे पैसे मांगे गए। झांसी की महिला देगी शिकायत झांसी की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराने की सहमति दी है। उसके रविवार रात ग्वालियर पहुंचने के बाद पुलिस एफआईआर दर्ज कर सकती है। सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया- सनातन सेना की सूचना पर युवक को पकड़ा गया है। मामले में पूछताछ की जा रही है। संपर्क नंबरों के आधार पर महिलाओं से बात कर ब्लैकमेलिंग और दबाव के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।  पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया पुलिस के अनुसार, योगेश गुप्ता के खिलाफ सनातन सेना संगठन के कार्यकर्ताओं ने ग्वालियर विश्वविद्यालय थाना पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत में एक महिला के हवाले से आरोप लगाया गया था कि युवक महिलाओं से दोस्ती करने के बाद उनके अश्लील वीडियो बनाता है और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करता है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर शाम योगेश गुप्ता को हिरासत में लिया। मोबाइल की जांच के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं से जुड़े अश्लील वीडियो मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई। 40 से 50 वर्ष की महिलाओं के वीडियो मिलने की बात पुलिस के मुताबिक, मोबाइल में मिले वीडियो करीब 40 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं से संबंधित बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में इनमें अधिकांश महिलाओं के तलाकशुदा होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी यह स्पष्ट करने में जुटी है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाए गए। नगर पुलिस अधीक्षक रवि भदौरिया के अनुसार युवक के मोबाइल में मिले नंबरों के आधार पर संबंधित महिलाओं से संपर्क किया जा रहा है। उनसे बातचीत के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।  

एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे, खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से बढ़ा देश का गौरव

एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे विश्‍वास कैलाश सारंग भोपाल  जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा की चमक को पूरी दुनिया ने देखा है। भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और जज्बे का शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरी दुनिया को भारत की बढ़ती खेल शक्ति का परिचय कराया। तिरंगे की आन, बान और शान के लिए मैदान में उतरे हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में भारत को गौरवपूर्ण चौथा स्थान दिलाया। यह उपलब्धि केवल पदकों की संख्या नहीं बल्कि भारत की युवा खेल प्रतिभा के निरंतर निखरते सामर्थ्य और वैश्विक खेल मंच पर बढ़ते प्रभाव की स्वर्णिम चमक है। वहीं इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 10 मेडल जिनमें 5 स्वर्ण, 4 रजत 1 कांस्य पदक अर्जित कर अपनी सर्वोच्च प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विशेष योगदान दिया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज खेल भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में एक महत्वपूर्ण स्थान बना चुका है। मोदी जी के मार्गदर्शन में एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया जी के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसी योजना के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने, प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। छोटे शहरों, गांवों और सामान्य परिवारों से आने वाले युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पास अब केवल प्रतिभा नहीं बल्कि उसे निखारने के लिए अवसर, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी वातावरण भी उपलब्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह विजन कि भारत का युवा केवल खेलों में भाग लेने वाला नहीं बल्कि दुनिया में भारत का नेतृत्व करने वाला बने, आज मैदानों में दिखाई दे रहा है। मिट्टी के मैदानों से लेकर आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक, स्कूलों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक, भारत की नई पीढ़ी खेलों को अपना भविष्य बनाने के लिए निरंतर आगे बढ़ रही है। वहीं मध्यप्रदेश में भी हम प्रधानमंत्री जी के विजन को दृष्टिगत रखते हुए एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान के उन्नयन व विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमी संचालित हैं। इन अकादमियों में विश्व स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। नवीन सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत प्रदेश की सभी 230 विधानसभा में खेल परिसर का निर्माण किया जा रहा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान, टैलेंट सर्च, समर कैंप सहित अन्य आयोजनों के माध्यम से नई प्रतिभाओं की तलाश और उन्हें नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस प्रतियोगिता में भारत के खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर विश्व पटल पर राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। भारत के कुल पदकों में एथलेटिक्स का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिसमें कुल 24 पदक जीते गए। इसके बाद शूटिंग का नंबर रहा, जिसमें 15 पदक मिले। इनमें तीन बार खिलाड़ी टॉप पोडियम पर रहे। बॉक्सिंग में भी तीन स्वर्ण पदक मिले, जिनमें लवलीना बोरगोहेन भी शामिल थीं। आर्चरी में सबसे ज्यादा पांच बार खिलाड़ी शीर्ष पोडियम पर रहे। अमन सहरावत और सुजीत कलकल ने रेसलिंग में एशियन गेम्स चैंपियन का खिताब जीता। भारत की महिला और पुरुष क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल हासिल किए। नीरू ढांडा, कुमकुम मोहोद, गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज जापान में भारत के प्रमुख प्रदर्शन करने वाले एथलीट में शामिल रहे, जिन्होंने कई पदक जीतने में योगदान दिया। सुचिका तरियाल ने महिला ट्रेडिशनल -60 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक हासिल किया। सेमी-फाइनल में पहुंचने के बाद जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में भी वही कारनामा दोहराया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फ़ाइनल में श्रीलंका को हराकर अपना ख़िताब बरकरार रखा और इस टूर्नामेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। बाद में पुरुष टीम ने भी पाकिस्तान को फ़ाइनल में करारी शिकस्त देकर अपना ख़िताब सफलतापूर्वक बचाया। वहीं, शूटर नीरू ढांडा ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में जीत हासिल करके एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 1998 के बैंकॉक गेम्स के बाद वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए पहला एशियाई गेम्स मेडल हासिल किया। रोशिबिना देवी ने भी वुशू में लगातार अपना तीसरा कॉन्टिनेंटल मेडल जीता। सीमा कुमारी ने भी एशियाई गेम्स में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में मेडल जीतकर भारत के 16 साल बाद पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीतने के दौरान एशियन रिकॉर्ड की बराबरी की। बरानिका इलांगोवन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता और एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय पोल वॉल्टर बन गईं। सावन बरवाल ने नया नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए 1982 के बाद मैराथन में भारत का पहला मेडल जीता। स्क्वैश में, अनाहत सिंह एशियन गेम्स में वूमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। विथ्या रामराज ने वूमेंस 400 मीटर हर्डल रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। जैवलिन थ्रो इवेंट में यश वीर सिंह और रोहित यादव ने भारत के लिए दो मेडल पक्के किए। उन्होंने क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते। चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर एलए 2028 ओलंपिक कोटा हासिल किया। अंकिता भकत, कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर एशियन गेम्स में भारत के लिए वूमेंस टीम रिकर्व इंवेट का पहला गोल्ड मेडल जीता। महान मुक्केबाज मैरी कॉम (इंचियोन 2014) के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का खिताब भी जीता। 17 साल की कुमकुम मोहोद इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी उर्स गोल्फ में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। वहीं मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी इस गौरवमयी उपलब्धि में अहम योगदान दिया। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी … Read more

बरेला में सड़क किनारे चाय की दुकान पर रुके CM डॉ. यादव, सास-बहू के ढाबे पर भी पहुंचे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरेला में सड़क किनारे लगी दुकान पर पी चाय सास-बहु द्वारा संचालित ढाबे पर भी रुके मुख्यमंत्री बच्चों को फ्री कोचिंग दे रहे युवा का किया सम्मान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज जबलपुर प्रवास के दौरान अनोखा अंदाज देखने मिला। मंडला में तेंदुपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कार से डुमना विमानतल आ रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव बरेला में शारदा माता मंदिर के सामने सड़क किनारे लगी चाय की दुकान अग्रवाल होटल पर रुके और यहाँ बैठकर चाय पी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाय दुकान के संचालक से बात की। उन्होंने चाय के पैसे भी खुद चुकाये। मंडला से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सड़क मार्ग से जबलपुर आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय जन उनके स्वागत के लिए बरेला में शारदा माता मंदिर मंदिर के सामने एकत्र हो गए थे। मुख्यमंत्री ने लोगों को देख अपना काफिला रोका और चाय की दुकान पहुँच गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का काफिला बरेला में सन राइज फेमिली ढाबे पर भी रुका। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सास-बहु द्वारा संचालित इस ढाबे पर भी चाय पी। उन्होंने ढाबा संचालक श्रीमती आरती दुबे और उनकी बहु श्रीमती सुरभि दुबे से परिवार के सदस्यों के हालचाल जाने। डॉ. यादव ने यहाँ बरेला के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग दे रहे युवा मयंक साहू का शाल ओढ़ाकर सम्मान भी किया उसके इस नेक कार्य की तारीफ की।  

युवाओं को साथ लेकर आगे बढ़ेगा मध्य प्रदेश, CM डॉ. यादव ने बुंदेली समागम का किया शुभारंभ

युवाओं को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुंदेली बोली में है माधुर्य और मिठास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुंदेली समागम का किया शुभारंभ बुंदेलखंडी मूवी बिन्नू की बारात के टीज़र और मोशन पोस्टर का किया विमोचन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत युवाओं का देश है। हम युवाओं को साथ लेकर ही विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पाने के लिए आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड अपने शौर्य के लिए जगज़ाहिर है। बुंदेली बोली भी आजकल बहुत लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि उसमें एक माधुर्य है, अपनत्व की मिठास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखण्ड के विकास के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र की संस्कृति, साहित्य ओर लोककला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी हम सभी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को रविन्द्र भवन में तीन दिवसीय बुंदेली समागम का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। यह बुंदेली समागम 6 अक्टूबर तक चलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बिन्नू की बारात' नामक पूर्णत: बुंदेली बोली में निर्मित फीचर फिल्म के टीज़र और मोशन पोस्टर का विमोचन किया, साथ ही बुंदेलखंडी कलाकारों का सम्मान कर क्षेत्रीय समाजसेवियों को बुंदेली सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता श्री मुकेश तिवारी, अभिनेत्री सुश्री चाहत पांडे, श्री रोहित पंडित, कार्यक्रम के संयोजक श्री सचिन चौधरी, श्री विपुल तिवारी सहित बुंदेलखण्ड क्षेत्र के करीब 300 से अधिक अनेक जेन जी कंटेट क्रियेटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंटेट क्रियेटर्स के साथ संवाद में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम में पौधा बुंदेलखंडी वाद्ययंत्र 'तमूरा' भेंटकर अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम में बुंदेली कलाकारों द्वारा आकर्षक लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुंदेली बोली के प्रेमी एवं सुधिजन उपस्थित थे।