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विकास सलाहकार समिति के सुझावों से जिले के सर्वांगीण विकास को मिलेगी गति : मंत्री वर्मा

पेंच परियोजना की निर्माणाधीन नहरों का कार्य शीघ्रता से किया जाये पूर्ण लंबित राजस्व प्रकरणों का करें समय-सीमा में निराकरण प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में सिवनी में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक भोपाल  राजस्व मंत्री एवं सिवनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में विकास सलाहकार समिति का गठन किया गया है जिससे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अनुभवी एवं प्रबुद्ध नागरिकों के सुझावों का लाभ लेकर जिले के सर्वांगीण विकास को गति दी जा सके।समिति से प्राप्त सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जाएगा, जिससे जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। मंत्री श्री वर्मा शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डेहरिया, विधायक श्री दिनेश राय, विधायक श्री कमल मर्सकोले, कलेक्‍टर श्रीमती शीतला पटले, एसपी श्री सुनील मेहता, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह सहित विभिन्न अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य उपस्थित थे। मंत्री श्री वर्मा ने जल संसाधन विभाग से नहरों के माध्यम से हो रही सिंचाई गतिविधियों की जानकारी लेते हुए किसानों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पेंच परियोजना अंतर्गत निर्माणाधीन नहरों के कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री वर्मा ने जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा सुधार सहित सभी प्रकरणों का तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा। मंत्री श्री वर्मा ने जिले में उद्योग स्थापना, कृषि विकास, सिंचाई विस्तार, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अधोसंरचना विकास सहित अन्य विकास संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।इन विषयों पर जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश दिए।साथ ही पिछले दो वर्षों में जिले में सड़कों, पुल-पुलियों, विद्यालयों, छात्रावासों, मेडिकल कॉलेज, पेयजल, विद्युत तथा रोजगार सृजन से जुड़ी विभिन्न विभागीय उपलब्धियों की विभागवार समीक्षा की।मंत्री श्री वर्मा ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य करने वाले विभागों की प्रशंसा भी की।  

विकास के हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार कर रही है कार्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

बीएमसी में न्यूरोसर्जरी विभाग को मंजूरी सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर प्रेसवार्ता को किया संबोधित भोपाल सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विकास के प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है। सरकार द्वारा किसी भी क्षेत्र में कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी मुक्त करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। निरोगी काया अभियान, एयर एम्बुलेंस, प्रत्येक जिला अस्पताल में शव वाहन की सुविधा, मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर में कमी, प्रत्येक घर तक नल से जल की प्राप्ति, सांदीपनि विद्यालय, पीएमश्री कॉलेज जैसी अनेक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश प्राप्त करने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया है, जिससे प्राप्त निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं अधोसंरचना का विकास हो रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल आज सागर कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विगत दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को गति प्रदान की है। केन-बेतवा लिंक परियोजना का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से शुरु किया गया है। एक लाख करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली केन-बेतबा लिंक परियोजना के पूर्ण हो जाने से बुन्देलखंड के खेतों को सिंचाई हेतु जल एवं लोगों को पेयजल की उपलब्धता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कृषि, उद्योग, व्यापार, वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। विगत दिनों खजुराहो में आयोजित कैबिनेट बैठक में अनेक हितकारी निर्णय लिए गए। सागर के मसवासी ग्रंट क्षेत्र में 1500 एकड़ क्षेत्र में एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण, सागर को विकास की दिशा में आंगे ले जाएगा। इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 25000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होने कहा कि इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 540 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके पूर्ण हो जाने से क्षेत्र के लगभग 29000 लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना बुन्देलखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली एक अभूतपूर्व सौगात है। जिला अस्पताल एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को और आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में न्यूरोसर्जरी विभाग को मंजूरी से बीएमसी में सुपर स्पेशियलिटी फैकल्टी की उपलब्धता होगी जिससे सागर को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि बीएमसी में कैंसर अस्पताल के लिए 70 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए है। साथ ही कैंसर उपचार के लिए 50 करोड़ रुपए की मशीन भी लाई जा रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पहले मध्यप्रदेश में अंग प्रत्यारोपण के लिए मरीजों को दूसरे प्रदेशों में जाना पड़ता था लेकिन वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए सीएम केयर योजना चलाई गई है। अब मध्यप्रदेश में अंग प्रत्यारोपण के लिए अंग की उपलब्धता से मरीजों को त्वरित और समय पर अंग प्राप्त हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में अंगदाता को गॉड ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही अंगदान करने वाले अंगदाता के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सागर के आसपास 20 किलोमीटर क्षेत्र में बाईपास रोड बनाने के लिए भू-अर्जन समेत अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं शुरु हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 2026 तक भोपाल-सागर फोर लाइन सड़क मार्ग का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो जाएगा एवं वर्ष 2027 तक शत प्रतिशत कार्य पूर्ण होकर सागर-भोपाल के मध्य फोरलेन सड़क मार्ग की सुविधा मिलेगी। इसी प्रकार सागर-दमोह के मध्य भी सीधी कनेक्टिविटी के लिए फोरलाइन सड़क के लिए लगभग 2069 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए संवेदनशील है, अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में सरकार द्वारा पदस्थापना अथवा उचित सहायता राशि प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण करते हुए इस दिशा में बेहतर कार्य किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर श्री संदीप जी आर द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए शुरु की गई श्रद्धांजलि योजना की सराहना की। उन्होंने जिले में अवैध शराब, नशा पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। विधायक सागर श्री शैलेन्द्र जैन, विधायक नरयावली श्री प्रदीप लारिया, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा – प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य योजनाओं का लाभ पहुंचाना

साइबर तहसील से राजस्व सेवाएं हुईं सरल और पारदर्शी सिवनी में 300 करोड़ की लागत का मेडिकल कॉलेज बड़ी उपलब्धि राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर सिवनी में हुई प्रेसवार्ता भोपाल  राजस्व मंत्री एवं सिवनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इस दिशा में शासन-प्रशासन पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। मंत्री श्री वर्मा राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सिवनी जिले में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री वर्मा ने पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार की विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डहेरिया, विधायक श्री दिनेश राय, विधायक श्री कमल मर्सकोले सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री श्री वर्मा ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना से प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। इसी क्रम में किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने साइबर तहसील व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे राजस्व संबंधी सेवाएं अब ऑनलाइन, सरल एवं पूर्णतः पारदर्शी हो गई हैं, जिससे आम जनता को समय एवं संसाधनों की बचत हो रही है। मंत्री श्री वर्मा ने सिवनी जिले की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि अतिरिक्त जिले में 8 संदीपनी विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। पेंशन वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है तथा रोजगार सृजन, उद्योग स्थापना, नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, पुल-पुलिया एवं सड़क निर्माण जैसे विभिन्न विकासात्मक कार्यों को गति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।  

दिल्ली में मध्यप्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों की धूम, ODOP और GI उत्पादों ने बनाई राष्ट्रीय पहचान

भोपाल मध्यप्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों ने राष्ट्रीय पहचान बना ली है। नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में 12 से 14 दिसंबर तक आयोजित “मध्यप्रदेश उत्सव–2025” के अंतर्गत उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा लगाई गई राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंचे। प्रदर्शनी में प्रदेश के ODOP, GI एवं विशिष्ट उद्यानिकी उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। अपर संचालक उद्यानिकी, भोपाल डॉ. के.एस. किराड़ ने कहा कि मध्य प्रदेश उद्यानिकी उत्पादों की विविधता और गुणवत्ता के लिए देशभर में अपनी पहचान बना रहा है। ODOP एवं GI उत्पादों की यह प्रदर्शनी किसानों और उद्यमियों को विपणन, ब्रांडिंग और राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्कृष्ट उत्पाद—जैसे आगर मालवा का संतरा, नरसिंहपुर का गुड़, धार की ब्लूबेरी, रियावन लहसुन, इंदौर का मालवी गराडू, खरगोन की लाल मिर्च तथा सिवनी का सीताफल—आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। उप संचालक उद्यानिकी, जिला गुना श्री के.पी.एस. किरार ने बताया कि प्रदर्शनी में गुना जिले के पॉलीहाउस गुलाब, कुंभराज धनिया (GI उत्पाद) एवं थाई पिंक अमरूद को विशेष सराहना मिल रही है। उन्होंने कहा कि इससे जिले के किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के साथ बेहतर बाजार अवसर प्राप्त होंगे। प्रदर्शनी के दौरान मध्यप्रदेश भवन की आयुक्त महोदया सहित विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों के सांसदों द्वारा भी स्टालों का अवलोकन कर प्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों की गुणवत्ता एवं प्रस्तुति की प्रशंसा की गई। यह प्रदर्शनी मध्य प्रदेश के उद्यानिकी क्षेत्र को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल-इंदौर मार्ग पर विक्रमादित्य स्वागत द्वार का किया भूमि-पूजन

पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का हुआ भूमिपूजन बड़े तालाब का किया जाएगा गहरीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्षेत्र की बालिकाओं ने माना आभार ग्राम फंदा का नाम हरिहर नगर करने भेजा जाएगा प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने शादियों में दिखावे एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची बंद करने का किया आहवान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन अद्भुत संयोग का साक्षी बन रहा है। राज्य सरकार के विकास और सेवा को समर्पित दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और भोपाल की धरती पर भी इतिहास लिखा जा रहा है। हमारा भोपाल विरासत और विकास की दिशा में एक ओर कदम आगे बढ़ा रहा है। एक तरफ भोपाल में भव्य विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन कर हम प्रदेश की विरासत संजोने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं शहर को स्वच्छ, सुलभ और प्रदूषण रहित परिवहन सेवा देने के लिए पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमिपूजन सम्पन्न हो रहा है। राज्य सरकर के इन प्रयासों से भोपाल क्षेत्र विरासत और विकास के श्रेष्ठ उदाहरण के रूप में विकसित होगा। मध्यप्रदेश के गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति को अभिव्यक्त करते राजधानी भोपाल में 9 स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। भोपाल में परमार वंश के कुलदीपक राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य, श्रीराम, श्रीकृष्ण के नाम पर भी भव्य स्वागत द्वार बनेंगे। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के विकास और सेवा के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को भोपाल-सीहोर मार्ग पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के फंदा स्थित महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर सर्वप्रथम महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और सम्राट विक्रमादित्य स्वागत द्वार एवं भोपाल में पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों एवं विभिन्न योजना के हितग्राहियों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मिट्टी निकालकर बड़े तालाब को गहरा किया जाएगा, इससे खेतों में पानी भरने की समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रीय मांग पर ग्राम फंदा का नाम बदलकर हरिहर नगर करने संबंधी प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हुजूर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तूमड़ा में शाला भवन के लिए 5 करोड़ रुपए देने और ग्राम फंदा में कॉलेज भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने का कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से देश की पहचान है। उनसे हम जीवन में रिश्तों की महत्ता को समझ सकते हैं। मध्यप्रदेश के साथ कई इतिहास जुड़े हैं। वीर विक्रमादित्य दुनिया की किसी ताकत के आगे नहीं झुके। उनकी वीरता, गंभीरता, दानशीलता, न्यायप्रियता सर्वविदित है। उनके जीवन में जनता ही भगवान थी। उनकी प्रभावशीलता के परिणामस्वरूप ही अनेक राजाओं ने विक्रमादित्य उपाधि ग्रहण की। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित सुशासन, न्यास और सुरक्षा की व्यवस्था आज भी श्रेष्ठ शासन व्यवस्था के लिए अनुकरणीय है। राज्य शासन इन श्रेष्ठ सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए विकास, सेवा और जनकल्याण के मार्ग पर अग्रसर हैं। सम्राट विक्रमादित्य के कार्यकाल में अयोध्या में सरयु नदी के किनारे भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना था, जिसे बाबर ने ध्वस्त किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान श्रीराम की जन्म स्थली पर भव्य मंदिर निर्माण कराया है। इसके लिए 550 वर्ष तक कारसेवकों ने संघर्ष किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा भोज के शासनकाल में निर्मित भोपाल का बड़ा तालाब आज भी आदर्श तकनीक का उदाहरण बना हुआ है। भगवान श्रीराम ने अपने 14 साल के वनवास के 11 साल चित्रकूट की पावन धरा पर निकाले। तुलसीदास जी ने यहीं पर रामचरित मानस की रचना की। भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करने के बाद महाभारत के युद्ध में गीता के संदेश के माध्यम से अपने आचार्य से मिला ज्ञान समाज को लौटा दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा से मित्रता के माध्यम से दुनिया को दोस्ती का मतलब समझाया है। राज्य सरकार श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी धर्मस्थलों को सर्व सुविधायुक्त बना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। माता-बहनें गंगा की तरह पवित्र हैं। राज्य सरकार ने धर्म-समाज से ऊपर उठकर सभी को लाड़ली बहन माना है। बहनों को हर माह उनके खाते में राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए नदी जोड़ो अभियान चला रही है। प्रदेश में संस्कारों के साथ बेहतर शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय और गुरुकुल की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से विवाह में दिखावा एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों पर फिजूलखर्ची बंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धन की बचत करके अपने बच्चों को पढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में सामूहिक विवाह समारोह में हुए उनके सुपुत्र के विवाह का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता के लिए सभी से प्रयास करने का आव्हान किया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की विरासत को संजोते हुए विकास के नए प्रतिमान स्थापित करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज प्रदेश में विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के आधार पर हमारी सरकार का तीसरा वर्ष शुरू हो रहा है। प्रदेश में पहली बार किसानों को 15 दिन में फसलों के मुआवजे की राशि दी गई। किसानों को फसल का उचित दाम दिलवाने के लिए भावांतर योजना की शुरुआत की गई है। हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। धीरे-धीरे यह राशि बढ़ेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। अभ्युदय मध्यप्रदेश में विकास की धारा बह रही है। सिंहस्थ के भव्य आयोजन की तैयारियां चल रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिली है। दुनिया के कई बड़े निवेशक मध्यप्रदेश आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश-दुनिया में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। विधायक … Read more

वर्षा पूर्व प्रत्येक गांव में किया जाए जल संरचनाओं का निर्माण : मंत्री चौहान

भोपाल अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं आगर मालवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से किया जाए। शासकीय कार्यालयों में आने वाले व्यक्तियों की समस्या के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए अधिकारी-कर्मचारी सकारात्मक समाधान करें। मंत्री श्री चौहान ने यह निर्देश शनिवार को आगर मालवा में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नबाई चौहान, विधायक श्री मधु गेहलोत, विधायक श्री भैरोसिंह बापू, कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार सिंह, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नंदा भलावे सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिला कृषि प्रधान है। किसानों की समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशील तरीके से समाधान शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रबी मौसम में खाद की कोई कमी न हो।साथ ही किसानों को मृदा परीक्षण के लिए प्रेरित करें। जिले में खाद वितरण की नियोजित व्यवस्था के लिए समितियों की संख्या आवश्यकतानुसार बढ़ाई जाए। जैविक खेती की गतिविधियों में वृद्धि के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। मंत्री श्री चौहान ने जिले में महिलाओं के स्वयं-सहायता समूह की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित विभाग महिलाओं की आर्थिक सक्षमता में वृद्धि हेतु सतत मॉनिटरिंग करें एवं सहायता प्रदान करें।जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जल संवर्धन की समीक्षा कर निर्देश दिए कि आगामी वर्षा मौसम के पूर्व जिले के प्रत्येक ग्राम में जन सहयोग से एक जल संरचना निर्मित करवाई जाए।मंत्री श्री चौहान ने विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। मंत्री श्री चौहान ने समिति के उद्देश्यों एवं विजन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों तथा हितधारकों की आवश्यकताओं और सुझावों के आधार पर दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करना समिति का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जिले के परंपरागत कौशलों को चिन्हित कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ सिद्धांत के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया जाए तथा जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार किया जाए। स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने, नवाचारों को मूर्त रूप देने, रोजगार सृजन तथा विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सुझाव लिए जाएंगे। उद्योग, व्यापार, जल संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज एवं पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए भी विचार-विमर्श किया जाएगा।  

मप्र में मोहन सरकार के 2 साल: अतीत की सीख, वर्तमान की मजबूती और भविष्य की दिशा

मप्र में मोहन सरकार के दो वर्ष: अतीत, वर्तमान और भविष्य को साथ लेकर चलने का संकल्प भोपाल मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार को दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में सरकार ने अतीत के सांस्कृतिक वैभव को पुनर्स्थापित करने, वर्तमान की प्रशासनिक चुनौतियों को साधने और भविष्य की विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में कई पहलें की हैं। मुख्यमंत्रीडॉ. यादव ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दौर से ही प्रदेश की पहचान को सांस्कृतिक और विकासात्मक—दोनों स्तरों पर मजबूत करने की रणनीति अपनाई। काल को तीन खंडों में विभाजित किया जाता रहा है, अतीत, वर्तमान और भविष्य। इन तीनों काल के लिए एक साथ कुछ करने की सामर्थ्य विरले ही व्यक्तित्वों में होती है। लेकिन तीनों कालों के लिए बहुत कुछ करने का चमत्कार बाबा महाकाल की नगरी के डॉ मोहन यादव ने दो साल की अवधि में कर दिखाया है। एक ओर जहां उन्होने मध्यप्रदेश के गौरवशाली अतीत को प्रभावी ढंग से संरक्षित और पुनर्स्थापित किया है, तो महाराज विक्रमादित्य के शासनकाल की झलक इन दो वर्षों के वर्तमान कार्यकाल में देखी जा सकती है। देश के इस हृदय प्रदेश को लेकर उनकी दूरगामी योजनाएं सुनहरे भविष्य के प्रति आश्वस्त करती हैं। अतीत: सांस्कृतिक धरोहर को नया आयाम सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। महाकाल कॉरिडोर के विस्तार कार्यों ने उज्जैन को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। राज्य के प्राचीन धरोहर स्थलों पर संरक्षण गतिविधियाँ तेज की गईं। ओंकारेश्वर क्षेत्र में अद्वैत दर्शन से जुड़े प्रकल्पों को गति दी जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण के चरण मध्यप्रदेश की भूमि पर जिन स्थानों पर पड़े, उन्हे श्रीकृष्ण पाथेय में समाहित कर इनको तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। वर्तमान: प्रशासनिक सुधार और बुनियादी ढांचे पर फोकस दो वर्षों में सरकार ने बुनियादी ढांचे के विस्तार को प्राथमिकता दी है। प्रमुख सड़क मार्गों, औद्योगिक कॉरिडोरों और शहरी सुविधाओं को उन्नत करने के कार्य जारी हैं। ग्रामीण सड़कों का उन्नयन भी अभियान मोड में किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुधार, रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर काम किया गया है। कृषि क्षेत्र में उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, सिंचाई क्षमता बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाओं—जैसे लाड़ली बहना और स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम—के क्रियान्वयन पर भी जोर रहा। भविष्य: निवेश, ऊर्जा और स्वास्थ्य ढांचे की तैयारियाँ राज्य सरकार ने आगामी दशक के विकास को लक्ष्य बनाते हुए कई योजनाएँ तैयार की हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत MSME और बड़े निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। पीथमपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन, जल संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहन ढांचे को बढ़ावा देकर हरित ऊर्जा क्षेत्र में कदम तेज हुए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को जिला एवं ग्रामीण स्तर तक मजबूत करने की दिशा में अस्पताल उन्नयन और टेली-मेडिसिन सेवाओं का विस्तार प्रस्तावित है। संतुलित नेतृत्व का संकेत डॉ. मोहन यादव के दो वर्ष का कार्यकाल यह संकेत देता है कि सरकार अतीत के सांस्कृतिक गौरव, वर्तमान की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और भविष्य की विकास योजनाओं—तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। आने वाले समय में इन पहलों का वास्तविक असर प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों में दिखाई देगा।                                                                                                                                                   नरेंद्र शिवाजी पटेल  

मोहन सरकार की कृषि नीति का असर: मध्य प्रदेश में 55 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार को शुक्रवार को दो वर्ष पूरे हो गए हैं। इन दो वर्षों में कृषि क्षेत्र में प्रदेश ने उत्पादन, उत्पादकता और विविधीकरण के नये रिकॉर्ड बनाए हैं। वर्ष 2023-24 से 2024-25 के बीच खाद्यान्न उत्पादन में 55 लाख टन से अधिक की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सरकार की कृषि नीति, सिंचाई विस्तार और किसान हितैषी योजनाओं की सफलता को दर्शाती है। आंकड़ों के अनुसार 2023-24 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 5.34 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 6.13 करोड़ मीट्रिक टन हो गया। वहीं, कुल कृषि उत्पादन 7.24 करोड़ टन से बढ़कर 7.79 करोड़ मीट्रिक टन हो गया। इसमें 55 लाख टन की वृद्धि हुई। यह बढ़ोतरी उन्नत बीज वितरण, फसल बीमा, सिंचाई परियोजनाओं और कृषि यंत्रीकरण का सीधा परिणाम मानी जा रही है। गेहूं, मक्का और धान ने बढ़ाया प्रदेश का मान सरकारी आंकड़ों के अनुसार गेहूं उत्पादन 2023-24 में 3.28 करोड़ टन से बढ़कर 2024-25 में 3.82 करोड़ टन हो गया। मक्का उत्पादन 48.68 लाख टन से बढ़कर 69.37 लाख टन, धान का उत्पादन 1.40 करोड़ से थोड़ा घटकर 1.36 करोड़ टन हुआ। हालांकि, धान की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 3415 किलोग्राम से बढ़कर 3551 किग्रा हो गई। दलहन-तिलहन भी बढ़ा रिपोर्ट के अनुसार सोयाबीन उत्पादन 66.24 लाख टन, मूंगफली उत्पादन 15.47 लाख टन, तिल उत्पादन 1.69 लाख टन हुआ। कुल तिलहन उत्पादन थोड़ी कमी के साथ 94.95 लाख टन पर स्थिर रहा। वहीं, दलहन उत्पादन में चना 35.83 लाख टन से घटकर 22.04 लाख टन, मूंग बढ़कर 21.28 लाख टन और उड़द बढ़कर 1.51 लाख टन रही। उत्पादकता में भी लगातार सुधार सरकार की रिपोर्ट के अनुसार कुल कुल खाद्यान्न उत्पादकता 2023-24 में 3322 किग्रा प्रति हेक्टेयर और 2024-25 में 3650 किग्रा प्रति हेक्टेयर रही। वहीं, कुल कृषि उत्पादकता 2379 से बढ़कर 2627 किग्रा प्रति हेक्टेयर रही। किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस मोहन सरकार ने दो वर्ष में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसमें एमएसपी पर खरीदी का दायरा बढ़ाया, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा, फसल विविधीकरण नीति लागू करना और ई-उपार्जन और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत किया किया गया है। क्या कहते हैं कि विशेषज्ञ कृषि विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में खेती में यह बढ़त केवल अनुकूल मौसम का परिणाम नहीं है, बल्कि नीतिगत निर्णय, समय पर खाद-बीज उपलब्धता और किसानों को त्वरित भुगतान का असर है। खाद्यान्न में नया कीर्तिमान जबलपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति पीके मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में किसानों के लिए भावांतर, सौर ऊर्जा संयंत्र और दुग्ध प्रोत्साहन जैसी योजनाओं ने खेती की लागत कम की है और आमदनी बढ़ाने का रास्ता खोला है। आने वाले समय में इन योजनाओं का प्रभाव तभी टिकाऊ होगा, जब मंडियों, सिंचाई ढांचे और तकनीकी क्षेत्र को और मजबूत किया जाए। साथ ही किसानों की भागीदारी बढ़ाई जाए।  

रेलवे ने गंदगी फैलाने वालों पर लगाया भारी जुर्माना, आठ माह में वसूली 24.82 लाख रुपये से अधिक

  जबलपुर  पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के सभी स्टेशनों पर स्टेशन परिसर एवं गाड़ियों में स्वच्छ, सुखद एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के प्रति लगातार प्रयासरत है। मण्डलों के रेलवे स्टेशनों एवं रेलगाड़ियों में नियमित साफ सफाई सुनिश्चित की जाती है, साथ ही नियमित उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को जागरुक भी किया जाता है। इसके अंतर्गत यात्रियों से स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखने, धूम्रपान नहीं करने तथा यहां वहां गंदगी नहीं करने के लिए जागरूक किया जाता है। बार-बार समझाइश के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर रेलवे अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से  नवम्बर कुल आठ माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 12,550 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 24 लाख 82 हजार 940 रूपये जुर्माना वसूला गया।         अकेले नवम्बर माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 1331 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 02 लाख 70 हजार 850 रूपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा जुर्माने के साथ साथ ऐसे लोगों को समझाईश भी दी जाती है। साथ ही गंदगी से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्टेशन परिसर स्वच्छ रखने के लिए अनुरोध भी किया जाता है।         रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है, रेल परिसर में कृपया गंदगी न फैलाएं। स्टेशन का वातावरण स्वच्छ, सुंदर रखने में रेल प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। गंदगी करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।   

प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया, मंदसौर जिले में दो साल में हुए महत्वपूर्ण विकास कार्य

मंदसौर जिले ने दो वर्षों में किए विकास के नए आयाम स्थापित : प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया पशुपतिनाथ लोक, मेडिकल कॉलेज, चीता प्रोजेक्ट, नगर वन, उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियां भावांतर भुगतान योजना में 8,803 किसानों को 10.20 करोड़ रुपए का भुगतान दो वर्षो की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का किया विमोचन प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक भोपाल महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मंदसौर जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मंदसौर जिले ने विगत दो वर्षों में विकास के हर क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर मंदसौर जिले में अब तक किए गए विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति तथा उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सुशासन भवन सभागार में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने 2 वर्ष की उपलब्धियां पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, सुवासरा विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा सहित पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल सहित सभी जिलाधिकारी, पत्रकार गण मौजूद थे। प्रभारी मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि विगत दो वर्षों में मंदसौर जिले में धार्मिक, पर्यटन, औद्योगिक, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगरीय एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में लगभग 25 करोड़ रुपए की लागत से पशुपतिनाथ लोक का निर्माण पूर्णता की ओर है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत जिले में 61.62 करोड़ रुपए की लागत से 5 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के सभी 922 ग्रामों में 2 लाख 40 हजार से अधिक ग्रामीण नल जल कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं तथा लगभग 1332 करोड़ रुपए की नल जल योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। इसके साथ ही गांधीसागर जल विद्युत गृह की 115 मेगावाट क्षमता की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए 418.91 करोड़ रुपए की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गई है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भी जिले ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। मंदसौर जिला मुख्यालय पर श्री सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अक्टूबर 2024 से 100 सीट्स के साथ प्रारंभ किया गया है, जहां वर्तमान में प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के कुल 200 छात्र अध्ययनरत हैं। इसके अलावा जिले में 13 सांदीपनि विद्यालयों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अधिकांश भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। कृषि एवं किसान कल्याण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत जिले के 2 लाख 19 हजार से अधिक किसानों को 43.96 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत 8,803 किसानों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 10.20 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में जमा कराई गई है। अतिवृष्टि एवं फसल क्षति पर जिले को 267.29 करोड़ रुपए की राहत राशि आवंटित की गई है। औद्योगिक विकास को गति देने जिले में 331.47 हेक्टेयर भूमि पर नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया गया है। कृषि उद्योग समागम 2025 का आयोजन मंदसौर में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में किया गया, जिसमें 3,600 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश हुआ तथा लगभग 12,500 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत विगत दो वर्षों में 487 हितग्राहियों को 35.39 करोड़ रुपए का ऋण प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। नगरीय एवं ग्रामीण विकास के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना में 194.82 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 10,166 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, ग्राम सड़क, प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) सहित 50,512 विकास कार्यों के लिए 810.01 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। प्रभारी मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि मंदसौर जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है तथा आने वाले समय में जिले को विकास के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।