मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों को दी सरकार की दो साल की उपलब्धियों की जानकारी
मध्यप्रदेश हुआ नक्सल मुक्त 42 दिन में 42 नक्सलवादियों ने किया सरेंडर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वेच्छा से सेवाएं देने वाले बहादुर पुलिस अधिकारियों को दी बधाई नदी जोड़ो अभियान का क्रियान्वयन तेज अगले पांच साल में 100 लाख हेक्टेयर रकबे को सिंचित करने का लक्ष्य प्रदेश का बदला औद्योगिक परिदृश्य हम वेस्ट को वैल्यू में बदल रहे हैं, मध्यप्रदेश में कचरे और पराली से हो रहा है ऊर्जा उत्पादन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हुए विकास कार्यां की जनता साक्षी है। मात्र दो वर्ष के अल्प कार्यकाल में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास का परिदृश्य बदल दिया है। इन दो सालों में प्रदेश में हुआ विकास अद्भुत है, अकल्पनीय है। दो साल में ही मध्यप्रदेश दशकों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से पूरी तरह मुक्त हो गया है। इससे प्रदेश के विकास की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। नक्सलवादियों के एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) 42 दिन में 42 नक्सलवादियों ने समर्पण कर विकास की धारा से जुड़कर जीवन को चुना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल सलाम के खात्मे के लिए हमारे बहादुर पुलिस अधिकारियों ने जो प्रतिबद्धता दिखाई है, वह नि:संदेह अद्भुत है। उन्होंने स्वयं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी मांगी और अपना टारगेट तय कर उसे अचीव भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने सभी क्षेत्रों में कार्य करने का प्रयास किया। सभी विभागों के दो साल के कार्यों की समीक्षा और आगामी 3 साल के टारगेट पर चर्चा की गई है। सभी मंत्रियों ने अपने विभाग के प्रेजेंटेशन दिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास और सेवा का संकल्प लिए हम आगे बढ़ रहे हैं। दुनिया में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां और अवसर भी हमारे लिए अनुकूल होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विकास और सेवा के दो साल (सरकार की उपलब्धियां) पर केन्द्रित प्रेस वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। केन-बेतवा, पीकेसी के बाद ताप्ती मेगा ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज परियोजना की ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना के अंतर्गत ही मंदाकिनी-चित्रकूट के नाम पर उप परियोजना का नया प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इससे चित्रकूट धाम के आसपास भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, साथ ही बिजली उत्पादन भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत सरकार अगले पांच साल में 100 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि रकबे को सिंचित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 1988-90 से नक्सलियों की गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। कभी ऐसी भी स्थिति रही कि राज्य में पुलिस की बसों को आग के हवाले कर दिया गया। उन्हीं के एक मंत्री की नक्सलियों ने हत्या कर दी। जबकि केंद्र और राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। आज हमें गर्व है कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में तय की गई डेडलाइन के अंदर ही राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश की भूमि से नक्सलियों को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। मध्यप्रदेश 35 साल बाद नक्सल मुक्त हुआ। इस अभियान में कुछ जवानों को शहादत भी हुई। पिछले साल प्रमोशन मिलने के बाद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा शहीद हुए। कल दो नक्सलियों के सरेंडर के साथ मध्य प्रदेश में नक्सलियों की संख्या शून्य हो गई है। राज्य सरकार ने नक्सलियों के पुनर्वास के लिए योजना बनाई। पिछले 42 दिन में 42 सरेंडर हुए और 10 नक्सलियों को ढेर किया गया है। हम ऐसा तंत्र विकसित करेंगे, जिससे दोबारा नक्सलवादी मूवमेंट स्थापित न हो पाए। राज्य सरकार ने सभी पड़ोसी राज्यों के साथ आवश्यक समन्वय किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के माध्यम से प्रदेश में जल संरक्षण का बड़ा अभियान शुरू हुआ है। पार्वती-कालीसिंध और चंबल परियोजना के समझौते के बाद अब मध्यप्रदेश और राजस्थान को पर्याप्त जल मिल रहा है। महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती वॉटर रीचार्ज परियोजना पर भी कार्य हो रहा है। एक लाख करोड़ की पीकेसी परियोजना में 90 हजार करोड़ भारत सरकार दे रही है। इसी प्रकार ताप्ती परियोजना के लिए भी 70 हजार करोड़ केंद्र सरकार दे रही है। उज्जैन में पहले सिंहस्थ हुए, लेकिन श्रद्धालुओं को गंभीर नदी के जल से स्नान कराया गया। वर्ष 2016 में नर्मदा के जल से स्नान का प्रबंध कराया, लेकिन आगामी 2028 के सिंहस्थ के लिए हमने 800 करोड़ लागत से नई योजना बनाई है। अब श्रद्धालु क्षिप्रा के जल से स्नान करेंगे। राज्य के अंदर पहली बार दो नदियों- गंभीर और कान्ह को अंडर डक्ट के माध्यम से लिंक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले भोपाल में जीआईएस नहीं होती थी। भूतो न भविष्यति इसी साल फरवरी में भोपाल में पहली बार ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) हुई। रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के माध्यम से भी निवेश आया है। इसी का परिणाम है कि निवाड़ी जैसे छोटे जिले में इस्पात कारखाना खुल रहा है। झाबुआ में खाद बनाया जा रहा है। नीमच में भारत ही नहीं दुनिया का पंप स्टोरेज बना है, जिसका कार्य दो साल में पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में स्वीकृत 7 पीएम मित्र पार्क में से पहला पार्क का अपने जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश के धार में भूमिपूजन किया है। राज्य सरकार ने इसमें भूमि आवंटन भी कर दिया है। विक्रम उद्योगपुरी में दवा कंपनियों ने इंडस्ट्री लगाकर उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खोले गए हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या निरंतर बढ़ाई जा रही है। अब प्रदेश में सरकारी-निजी कुल मिलाकर 52 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं। राज्य सरकार पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने के लिए 1 रुपए लीज पर जमीन दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन दो सालों में ही हमने हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाये का विवाद खत्म कराया। भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को न्याय दिलाते हुए जहरीले कचरे का निष्पादन कराया। … Read more