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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों को दी सरकार की दो साल की उपलब्धियों की जानकारी

मध्यप्रदेश हुआ नक्सल मुक्त 42 दिन में 42 नक्सलवादियों ने किया सरेंडर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वेच्छा से सेवाएं देने वाले बहादुर पुलिस अधिकारियों को दी बधाई नदी जोड़ो अभियान का क्रियान्वयन तेज अगले पांच साल में 100 लाख हेक्टेयर रकबे को सिंचित करने का लक्ष्य प्रदेश का बदला औद्योगिक परिदृश्य हम वेस्ट को वैल्यू में बदल रहे हैं, मध्यप्रदेश में कचरे और पराली से हो रहा है ऊर्जा उत्पादन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हुए विकास कार्यां की जनता साक्षी है। मात्र दो वर्ष के अल्प कार्यकाल में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास का परिदृश्य बदल दिया है। इन दो सालों में प्रदेश में हुआ विकास अद्भुत है, अकल्पनीय है। दो साल में ही मध्यप्रदेश दशकों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से पूरी तरह मुक्त हो गया है। इससे प्रदेश के विकास की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। नक्सलवादियों के एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) 42 दिन में 42 नक्सलवादियों ने समर्पण कर विकास की धारा से जुड़कर जीवन को चुना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल सलाम के खात्मे के लिए हमारे बहादुर पुलिस अधिकारियों ने जो प्रतिबद्धता दिखाई है, वह नि:संदेह अद्भुत है। उन्होंने स्वयं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी मांगी और अपना टारगेट तय कर उसे अचीव भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने सभी क्षेत्रों में कार्य करने का प्रयास किया। सभी विभागों के दो साल के कार्यों की समीक्षा और आगामी 3 साल के टारगेट पर चर्चा की गई है। सभी मंत्रियों ने अपने विभाग के प्रेजेंटेशन दिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास और सेवा का संकल्प लिए हम आगे बढ़ रहे हैं। दुनिया में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां और अवसर भी हमारे लिए अनुकूल होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विकास और सेवा के दो साल (सरकार की उपलब्धियां) पर केन्द्रित प्रेस वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। केन-बेतवा, पीकेसी के बाद ताप्ती मेगा ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज परियोजना की ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना के अंतर्गत ही मंदाकिनी-चित्रकूट के नाम पर उप परियोजना का नया प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इससे चित्रकूट धाम के आसपास भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, साथ ही बिजली उत्पादन भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत सरकार अगले पांच साल में 100 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि रकबे को सिंचित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 1988-90 से नक्सलियों की गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। कभी ऐसी भी स्थिति रही कि राज्य में पुलिस की बसों को आग के हवाले कर दिया गया। उन्हीं के एक मंत्री की नक्सलियों ने हत्या कर दी। जबकि केंद्र और राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। आज हमें गर्व है कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में तय की गई डेडलाइन के अंदर ही राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश की भूमि से नक्सलियों को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। मध्यप्रदेश 35 साल बाद नक्सल मुक्त हुआ। इस अभियान में कुछ जवानों को शहादत भी हुई। पिछले साल प्रमोशन मिलने के बाद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा शहीद हुए। कल दो नक्सलियों के सरेंडर के साथ मध्य प्रदेश में नक्सलियों की संख्या शून्य हो गई है। राज्य सरकार ने नक्सलियों के पुनर्वास के लिए योजना बनाई। पिछले 42 दिन में 42 सरेंडर हुए और 10 नक्सलियों को ढेर किया गया है। हम ऐसा तंत्र विकसित करेंगे, जिससे दोबारा नक्सलवादी मूवमेंट स्थापित न हो पाए। राज्य सरकार ने सभी पड़ोसी राज्यों के साथ आवश्यक समन्वय किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के माध्यम से प्रदेश में जल संरक्षण का बड़ा अभियान शुरू हुआ है। पार्वती-कालीसिंध और चंबल परियोजना के समझौते के बाद अब मध्यप्रदेश और राजस्थान को पर्याप्त जल मिल रहा है। महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती वॉटर रीचार्ज परियोजना पर भी कार्य हो रहा है। एक लाख करोड़ की पीकेसी परियोजना में 90 हजार करोड़ भारत सरकार दे रही है। इसी प्रकार ताप्ती परियोजना के लिए भी 70 हजार करोड़ केंद्र सरकार दे रही है। उज्जैन में पहले सिंहस्थ हुए, लेकिन श्रद्धालुओं को गंभीर नदी के जल से स्नान कराया गया। वर्ष 2016 में नर्मदा के जल से स्नान का प्रबंध कराया, लेकिन आगामी 2028 के सिंहस्थ के लिए हमने 800 करोड़ लागत से नई योजना बनाई है। अब श्रद्धालु क्षिप्रा के जल से स्नान करेंगे। राज्य के अंदर पहली बार दो नदियों- गंभीर और कान्ह को अंडर डक्ट के माध्यम से लिंक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले भोपाल में जीआईएस नहीं होती थी। भूतो न भविष्यति इसी साल फरवरी में भोपाल में पहली बार ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) हुई। रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के माध्यम से भी निवेश आया है। इसी का परिणाम है कि निवाड़ी जैसे छोटे जिले में इस्पात कारखाना खुल रहा है। झाबुआ में खाद बनाया जा रहा है। नीमच में भारत ही नहीं दुनिया का पंप स्टोरेज बना है, जिसका कार्य दो साल में पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में स्वीकृत 7 पीएम मित्र पार्क में से पहला पार्क का अपने जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश के धार में भूमिपूजन किया है। राज्य सरकार ने इसमें भूमि आवंटन भी कर दिया है। विक्रम उद्योगपुरी में दवा कंपनियों ने इंडस्ट्री लगाकर उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खोले गए हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या निरंतर बढ़ाई जा रही है। अब प्रदेश में सरकारी-निजी कुल मिलाकर 52 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं। राज्य सरकार पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने के लिए 1 रुपए लीज पर जमीन दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन दो सालों में ही हमने हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाये का विवाद खत्म कराया। भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को न्याय दिलाते हुए जहरीले कचरे का निष्पादन कराया। … Read more

बीएड योग्यताधारी नवनियुक्त शिक्षकों के लिये सूचना

बीएड योग्यताधारी नवनियुक्त शिक्षकों के लिये सूचना भोपाल  लोक शिक्षण संचालनालय ने जानकारी दी है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील और उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पारित आदेशों के क्रम में प्राथमिक शिक्षक पात्र परीक्षा वर्ष 2020 के परिणाम के आधार पर नियुक्त बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों के लिये नेशनल ओपन स्कूल (एनआईओएस) द्वारा ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। संबंधित शिक्षक 25 दिसम्बर 2025 तक एनआईओएस के पोर्टल पर https://bridge.nios.ac.in समय-सीमा में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले अथवा निर्धारित समय-सीमा में ब्रिज कोर्स उत्तीर्ण न करने वाले प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुसार जारी नहीं रखी जा सकेंगी।  

झाबुआ-निमाड़ में आज बरस रहा है आनंद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

झाबुआ-निमाड़ में आज बरस रहा है आनंद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण पाथेय में जोड़ेंगे धार-झाबुआ में मौजूद भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को समोई (झाबुआ) के श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव में भोपाल से वर्चुअली हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार और झाबुआ में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से संबद्ध स्थानों को श्रीकृष्ण पाथेय में शामिल कर तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने झाबुआ के ग्राम समोई में आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव में उपस्थित श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज झाबुआ-निमाड़ में आनंद बरस रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव में भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। समोई में कार्यक्रम स्थल पर संतों के साथ अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, धार-झाबुआ सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अद्भुत रहा है। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले प्रणामी सम्प्रदाय के द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी महोत्सव सर्वधर्म संभाव और सनातन मूल्यों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि 400 वर्ष पूर्व सद्गुरू श्री देवचन्द्र जी महाराज के द्वारा प्रारंभ किये गये प्रणामी संप्रदाय के लिये वे आज अखण्ड सनातन परंपरा का प्रकाश स्तंभ है। प्रणामी सम्प्रदाय का व्यापक प्रचार-प्रसार प्राणानाथ स्वामी और उनके शिष्य महाराज छत्रसाल ने किया था। प्रणामी संप्रदाय के प्रमुख 3 धामों में से एक धाम पद्मावती पुरी है, जो कि हमारे प्रदेश के पन्ना शहर में है। श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म एक ऐसा मार्ग है, जो कृष्ण भक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान और सार्वभौमिक भाईचारे के सिद्धांतों पर आधारित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह महोत्सव परंपरा, भक्ति, समाज सुधार और आध्यात्मिक एकता का अद्भुत संगम है। उन्होंने प्रणामी सम्प्रदाय के अनुयायियों औरसमाज के लोगों को धर्म महोत्सव की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण, श्यामाजी महारानी, सद्गुरू देवचन्द्र, स्वामी प्राणनाथ, वृंदावन दास महाराज और नटवरदास महाराज की सदैव सभी पर कृपा बनी रहे। प्रमुख बिन्दु              धार और झाबुआ में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से संबद्ध स्थानों को श्रीकृष्ण पाथेय में शामिल कर तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जायेगा।              समोई में कार्यक्रम स्थल पर संतों के साथ अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, धार-झाबुआ सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान मौजूद रही।              भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले प्रणामी सम्प्रदाय के द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी महोत्सव सर्वधर्म संभाव और सनातन मूल्यों को आगे बढ़ा रहा है।              400 वर्ष पूर्व सद्गुरू श्री देवचन्द्र जी महाराज के द्वारा प्रारंभ किये गये प्रणामी संप्रदाय के लिये सद्गुरू महाराज जी अखण्ड सनातन परंपरा का प्रकाश स्तंभ है।              प्रणामी सम्प्रदाय का व्यापक प्रचार-प्रसार प्राणानाथ स्वामी और उनके शिष्य महाराज छत्रसाल ने किया था।              प्रणामी संप्रदाय के प्रमुख 3 धामों में से एक धाम पद्मावती पुरी है, जो कि हमारे प्रदेश के पन्ना शहर में है।              यह महोत्सव परंपरा, भक्ति, समाज सुधार और आध्यात्मिक एकता का अद्भुत संगम है।  

प्रधानमंत्री आवास में विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित हो: राज्यपाल

मोबाइल यूनिट रूट चार्ट के अनुसार दवा वितरित करें : राज्यपाल  पटेल प्रधानमंत्री आवास में विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित हो: राज्यपाल राज्यपाल  पटेल ने की जनमन अभियान की समीक्षा भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा वितरित किए जाने वाली दवा की मात्रा मोबाइल यूनिट रूट चार्ट के अनुसार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोगी को दवा की आवश्यकता और मेडिकल यूनिट के पुन: आगमन की अवधि की गणना के अनुसार दवा का वितरण होना चाहिए, जिससे यूनिट के दोबारा आने तक रोगी के पास दवा की उपलब्धता बनी रहे। राज्यपाल  पटेल शुक्रवार को लोक भवन में जनजातीय प्रकोष्ठ की पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष  दीपक खांडेकर एवं अन्य सदस्य भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनमन योजना के तहत हितग्राहियों को मिले आवास में विद्युत कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। आवास वार विद्युत कनेक्शनों की उपलब्धता की जानकारी संकलित कर, जिन घरों में विद्युत कनेक्शन नहीं है, उनको चिह्नित किया जाए। विद्युत कनेक्शन कराने की व्यवस्था की जाए। राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जनमन योजना अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 9 लाख 52 हजार से अधिक रोगियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें 4 लाख 75 हजार 375 पी.व्ही.टी.जी. हितग्राही और 4 लाख 76 हजार 647 अन्य हितग्राही शामिल हैं। यूनिट द्वारा 95 हजार 360 सिकल सेल और 15 हजार 811 की टी.बी. स्क्रीनिंग की गई। 7 लाख से अधिक रोगियों की डायग्नोस्टिक जाँच भी की है। बैठक में बताया गया है कि पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक प्रदेश के 24 जिलों में संचालित है। योजना के तहत पी.व्ही.टी.जी. की 6 हजार से अधिक बसाहटों के 13 लाख 43 हजार से अधिक पी.व्ही.टी.जी. आबादी को लाभान्वित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत हितग्राही मूलक सात योजनाओं आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड में सैचुरेशन की स्थिति है। कुल 1 लाख 30 हजार 521 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो गए है। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा वर्तमान में 147 समूह जल प्रदाय योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। पीएम जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत 48 समूह जल प्रदाय योजनाओं में से अनूपपुर एवं बालाघाट जिले की योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। संचालन एवं संधारण के शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कर लिया जायेगा। दतिया, कटनी, सिवनी एवं उमरिया जिले की 6 योजनाओं के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके है। शेष कार्य समय सीमा में पूर्ण किये जाने के कार्य प्रगतिरत है। बैठक में हर घर नल से जल, बहुउद्देशीय केन्द्र, आंगनवाड़ी निर्माण, छात्रावास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, हर घर बिजली, हर घर बिजली-ऑफ ग्रिड, वनधन विकास केन्द्र और मोबाइल नेटवर्क कार्यों की प्रगति की जानकारी दी है। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग  गुलशन बामरा, आयुक्त एवं संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना  सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

21 दिसंबर से भोपाल मेट्रो में मुफ्त सफर, पीएम और केंद्रीय मंत्री खट्टर वर्चुअली करेंगे उद्घाटन

भोपाल  भोपाल में मेट्रो का कमर्शियल रन 21 दिसंबर को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इवेंट में वर्चुअली जुड़ेंगे। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। वे फूलों से सजी 3 कोच की मेट्रो से भोपाल को देखेंगे।  कमर्शियल रन की तारीख में बदलाव भी हो सकता है। 21 की जगह 20 दिसंबर को ही मेट्रो की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, सीएम डॉ. मोहन यादव खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में 21 दिसंबर को मेट्रो की शुरुआत करने की बात कह चुके हैं। इससे पहले कमर्शियल रन के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी संगठन, सरकार और अफसरों के बीच मंथन का दौर जारी है। कौन-कौन से स्टेशन में होगा स्टॉपेज अधिकारियों ने बताया कि सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। हालांकि स्टेशनों पर फिनिशिंग का कुछ काम शेष है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि इससे मेट्रो के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भोपाल अब उस क्लब में शामिल होने जा रहा है जहां आधुनिक यातायात प्रणाली न केवल समय बचाएगी, बल्कि शहर के प्रदूषण और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगी। कितना होगा किराया मेट्रो का किराया पहले से ही तय कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो संचालन के पहले 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। उसके बाद लोग अगले तीन महीने तक कम छूट पर मेट्रो का सपर कर सकते हैं। CMRS दे चुकी ग्रीन सिग्नल, अब सिर्फ हरी झंडी का इंतजार बता दें कि कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर के लिए ग्रीन सिग्नल दे दिया है। सीएमआरएस टीम 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी। 13, 14 और 15 नवंबर को टीम ने डिपो से लेकर ट्रैक और ट्रेन तक निरीक्षण किया था। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के साथ टीम ने मेट्रो के नट-बोल्ट भी देखे थे। अफसर बोले- काम बचा, लेकिन कमर्शियल रन पर असर नहीं भोपाल मेट्रो से जुड़े अफसरों का कहना है कि ऑरेंज लाइन के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी है। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, स्टेशन के बाहर जरूरी काम निपटाए जा रहे हैं। बुधवार को सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन के बाहर सड़क निर्माण किया गया। ऐसा ही रानी कमलापति, एमपी नगर, केंद्रीय स्कूल, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स में भी बाकी बचे कामों पर फोकस रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, प्राइवेट गार्ड तैनात मेट्रो के कमर्शियल रन और पीएम मोदी के आने की खबरों के चलते सभी मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मेट्रो ने स्टेशनों पर प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए हैं। किराया तय, 7 दिन फ्री सफर मेट्रो में सफर के लिए किराया भी लगभग तय किया जा चुका है। एमपी नगर स्टेशन पर तो किराया सूची भी चस्पा कर दी गई है। हालांकि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने आधिकारिक रूप से किराए का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इंदौर जैसा मॉडल ही अपनाए जाने की बात कही जा रही है। अफसरों की मानें तो 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। वहीं, 3 महीने तक टिकट पर 75%, 50% और 25% की छूट दी जाएगी। छूट खत्म होने के बाद सिर्फ 20 रुपए में मेट्रो का सफर किया जा सकेगा। अधिकतम किराया 80 रुपए होगा। 31 मई को इंदौर में चलाई गई मेट्रो के लिए भी यही मॉडल रहा था। अधिकतम 80 रुपए किराया तब होगा, जब ऑरेंज लाइन के रूट का काम पूरा हो जाएगा। 30 से 80 किमी प्रति घंटा रहेगी मेट्रो की स्पीड भोपाल के सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो कोच को ट्रैक पर दौड़ाकर ट्रायल रन किया जा रहा है। ट्रायल रन में न्यूनतम 30 और अधिकतम 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार रखी जा रही है। बीच-बीच में 100 से 120 किमी की रफ्तार से भी मेट्रो दौड़ाई जा रही है। ट्रेन की तर्ज पर मेट्रो में भी मैनुअल टिकट लेनी पड़ेगी मेट्रो का टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होकर मैनुअल ही रहेगा। जैसे आप ट्रेन में टिकट लेकर सफर करते हैं, वैसे ही मेट्रो में भी कर सकेंगे। इंदौर में अभी यही सिस्टम है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने वाली तुर्किए की कंपनी 'असिस गार्ड’ से काम छिनने और नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने से यह स्थिति बनेगी। बता दें कि असिस गार्ड का मामला पिछले 4 महीने से सुर्खियों में था। आखिरकार अगस्त में असिस गार्ड का टेंडर कैंसिल कर दिया गया। नई कंपनी के लिए टेंडर भी कॉल किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है।

राजा रघुवंशी की याद में परिजनों ने खोला ढाबा, भाई का बयान- शिलांग मूवी के लिए जुटाएंगे पैसे

 इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद उनके परिवार ने राजा की याद में और उनके अधूरे सपने को पूरा करने के लिए ‘राजा भोज ढाबा’ की शुरुआत कर दी है। केट रोड पर खोला गया यह ढाबा राजा के उस सपने का प्रतीक है, जिसमें वह खुद का एक ढाबा शुरू करना चाहते थे। परिवार ने बताया कि राजा की मौत के बाद घरवाले पूरी तरह टूट चुके थे, लेकिन अब उसी सपने को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि राजा पर बनने वाली फिल्म ‘शिलांग’ का काम फिल्म बनने के लिए कहा यह उसे रोक दिया गया है। विपिन ने कहा कि अब वे नए डायरेक्टर के साथ दोबारा मूवी बनाने की शुरुआत करेंगे। इसके लिए ‘राजा भोज ढाबा’ की इनकम से पैसा इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि जल्द ही ‘शिलांग’ मूवी के काम को फिर से शुरू किया जा सके। सोनम को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास राजा रघुवंशी का शिलांग में चल रहे केस (प्रकरण) को लेकर कहा कि फिलहाल गवाह पलट रहे हैं जिसके कारण हो सकता है कि केस कमजोर हो जाए और आने वाले समय में सोनम रघुवंशी को जमानत मिल जाए। हम पूरी ताकत के साथ इस केस को लड़ रहे हैं और सोनम रघुवंशी को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास करने में लगे हुए हैं।

खजराना गणेश मंदिर की 40 दान पेटियाँ खोली गईं, तीन महीने बाद निकला डेढ़ करोड़ रुपये, डॉलर और गहने

इंदौर इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर की दानपेटियाँ तीन माह बाद खोली गईं। मंदिर परिसर में रखी गई चालीस पेटियों में नोट, सोने-चांदी के ज़ेवरों के अलावा डॉलर व अन्य विदेशी मुद्रा भी निकली है। दो दिन पहले शुरू हुई गिनती शुक्रवार को भी जारी है। नोटों की गिनती पच्चीस कर्मचारियों की टीम कर रही है और जिस कक्ष में नोट गिने जा रहे हैं, वहाँ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। अब तक दान पेटियों में डेढ़ करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि निकली है। दान पेटियों में बंद हो चुके पाँच सौ और दो हज़ार रुपये के नोट भी मिले हैं।  खजराना मंदिर में हर दिन हज़ारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। जगह-जगह दान पेटियों में वे चढ़ावा भी डालते हैं। इन पेटियों की गिनती हर तीन माह में होती है। इस बार हुई गिनती में डेढ़ करोड़ रुपये की राशि निकली है, जो पिछली गिनती की तुलना में कम है। मंदिर में ऑनलाइन दान के लिए क्यूआर कोड भी लगाए गए हैं। भक्त उसका भी आजकल उपयोग कर रहे हैं। दान से मिली राशि से ही मंदिर प्रबंध समिति मंदिर में होने वाले सेवा कार्य, अन्न क्षेत्र व धार्मिक आयोजनों को संचालित करती है। बप्पा मुझे पास करा देना दान पेटियों में कई भक्त दान के साथ मन्नत की पर्चियाँ भी डालते हैं। दान पेटियों से वह भी निकलीं। किसी ने गणपति बप्पा से जल्दी शादी कराने की मुराद माँगी तो किसी ने अच्छे नंबरों से पास होने की अर्जी लगाई। अपनी प्रार्थना पूरी होने के बाद कई भक्तों ने चढ़ावा भी चढ़ाया। उसकी भी पर्चियाँ दान पेटियों से निकलीं।  

रेलवे ने दी बड़ी सौगात: डॉ अंबेडकर नगर से तोकुर के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, बुकिंग की तारीख आई सामने

रतलाम  पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने विंटर वेकेशन और क्रिसमस त्योहार के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ बढ़ जाती है। यात्रियों की भीड़ को एडजस्ट करने और ट्रेन में दबाव कम करने के लिए रेलवे विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे डॉ अंबेडकर नगर से तोकुर के बीच एक विशेष ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन विशेष किराए के साथ संचालित होगी। दोनों तरफ लगाएगी दो फेरे गाड़ी संख्या 09304/09303 डॉ अंबेडकर नगर – तोकुर – डॉ अंबेडकर नगर स्पेशल ट्रेन संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में दो-दो फेरे लगाएगी। कब से शुरू होगा संचालन गाड़ी संख्या 09304 डॉ अंबेडकर नगर-तोकुर स्पेशल 21 और 28 दिसंबर 2025 को रविवार को 16:30 बजे डॉ अंबेडकर नगर से रवाना होगी। वहीं, मंगलवार को 03:00 बजे तोकुर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसके ठहराव इंदौर (16:55/17:00 बजे), देवास (17:38/17:40 बजे), उज्जैन (18:20/18:25 बजे), नागदा (19:10/19:12 बजे) और रतलाम (19:35/19:45 बजे) होंगे। 23 और 30 को होगी वापसी इसी प्रकार, वापसी में गाड़ी संख्या 09303 तोकुर-डॉ अंबेडकर नगर स्पेशल 23 और 30 दिसंबर 2025 को मंगलवार को तोकुर से 05:00 बजे चलेगी और बुधवार को 15:30 बजे डॉ. अंबेडकर नगर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसके ठहराव रतलाम (बुधवार को 10:20/10:30 बजे), नागदा (10:58/11:00 बजे), उज्जैन (12:15/12:20 बजे), देवास (13:35/13:40 बजे) और इंदौर (14:40/14:45 बजे) होंगे। रतलाम मंडल के इन स्टेशन पर होगा स्टॉपेज यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम, वडोदरा, भरूच, सूरत, वापी, वसई रोड, भिवंडी रोड, पनवेल, रोहा, मानगांव, खेड, चिपलून, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, राजापूर रोड, वैभववाडी रोड, कणकवली, सिंधुदुर्ग, कुडाल, सावंतवाडी रोड, थिविम, करमली, मडगांव, काणकोण, कारवार, अंकोला, गोकर्ण रोड, कुमटा, मुर्डेश्वर, भटकल, मूकाम्बिका रोड बैंदूर, कुंदापुरा, उडुपि, मुल्की और सुरतकल स्टेशनों पर रुकेगी। 13 दिसंबर से मिलेंगे टिकट यह पूरी तरह से आरक्षित ट्रेन है। इसमें थर्ड एसी और थर्ड एसी इकोनॉमी श्रेणी के कोच उपलब्ध होंगे। गाड़ी संख्या 09304 डॉ अंबेडकर नगर-तोकुर स्पेशल के लिए टिकटों की बुकिंग 13 दिसंबर 2025 से यात्री आरक्षण केंद्रों और आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से शुरू होगी। यात्री ट्रेन संचालन से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट enquiry.indianrail.gov.in पर जा सकते हैं।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने दो साल में किए गए कार्यों का विवरण दिया, नक्सलवाद खत्म कर सिस्टम को मजबूत किया

 भोपाल  मध्य प्रदेश में सीएम डॉ. मोहन यादव की सरकार को दो साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित पत्रकारवार्ता में सीएम, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री दो वर्ष की उपलब्धियों की पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि हमने दो साल की समीक्षा की और आगामी तीन वर्ष के कार्यों का लक्ष्य तय किया है। हमने तय किया कि मंत्री विभागवार प्रेजेंटेशन दे। लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सबसे बड़ी प्रॉब्लम थी। 35 साल पुरानी माओवाद की चुनौती से निपटने का केंद्रीय गृह मंत्री ने लक्ष्य तय किया। इसके बाद मंडला, बालाघाट, डिंडोरी लाल आतंक से मुक्त होते गए। यहां तक कि एक मंत्री को घर से निकालकर थाने के पास कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। उस समय समानांतर थाने, समानांतर कोर्ट और समानांतर सत्ता चलने लगी थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में डेडलाइन तय की, तब सभी को लगा कि यह संभव होगा भी या नहीं। लेकिन कई पुलिस अधिकारी स्वयं आगे आए और बालाघाट में ड्यूटी की मांग की, जिससे नक्सलवाद खत्म करने में बड़ी मदद मिली। हमारे जवानों और नागरिकों को सलाम मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मंडला, बालाघाट और डिंडोरी में नक्सली समस्या खत्म करना प्रदेश के लिए एक बड़ा उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि “हमारे जवानों और आम नागरिकों ने इसकी बड़ी कीमत चुकाई है, मैं उन सभी को सलाम करता हूं।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब जरूरत है कि सिस्टम को इतना मजबूत बनाया जाए कि यह समस्या दोबारा सिर न उठा सके। नदी जोड़ो अभियान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। परस्पर सौहार्द के तहत राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों में पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी का पानी पहुंचने से बड़ी राहत मिलेगी। सीएम ने कहा पार्वती कालीसिंध चंबल, केन बेतवा और ताप्ती नदी जोड़ो परियोजनाएं नए युग की शुरुआत है। 800 करोड़ की क्षिप्रा योजना से अब क्षिप्रा जल से ही स्नान होगा। गंभीर और खान नदी को जोड़कर परियोजना बनाई है। ऊपर खेती होगी और नदी का टनल बनकर सिंचाई का कार्य कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है यह दो वर्ष विकास और सेवा के रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा यह दो वर्ष विकास ओर सेवा के रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार विकसित भारत 2047 को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को डेढ़ हजार रुपए की राशि दे रहे हैं। महिला उद्यमियों के लिए 275 करोड़ का प्रविधान किया। युवा रोजगार के लिए भी सरकार ने निर्णय लिए। पीएमसी एंबुलेंस जैसे नए प्रयोग किए। हर वर्ग के हर समाज के लिए काम करने का प्रयास किया गया। शिप्रा में स्नान हो सके, इसलिए बनाई 800 करोड़ की योजना सीएम यादव ने कहा कि उज्जैन की शिप्रा नदी में दो तरह की चुनौतियां थीं। पिछले सिंहस्थ में साधु-संतों ने गंभीर नदी के पानी से स्नान किया था। स्नान तो हुआ और सिंहस्थ संपन्न हुआ, लेकिन शिप्रा नदी का पानी उपलब्ध नहीं था। इस बार जल संसाधन विभाग ने व्यवस्था कर दी है कि सिंहस्थ में शिप्रा नदी के जल से स्नान हो सके। इसके लिए लगभग 800 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। मध्यप्रदेश में एक राज्य के अंदर दो नदियों को जोड़ने का अभियान भी शुरू किया गया है। इसके तहत गंभीर और खान नदी को मिलाने के लिए टनल बनाकर नदी से नदी जोड़ने का काम किया गया है। ऊपर खेती होती है और नीचे नदी की धारा बहती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में पहले जीआईएस सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसे उनकी सरकार ने लागू किया। इसके अलावा, सागर में खाद का कारखाना चालू होने से यूरिया और अन्य खाद की आपूर्ति में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने न केवल व्यवस्थाएं चलाईं, बल्कि दूरदर्शी सोच के साथ ऐसे प्रोजेक्ट भी पूरे किए जो सामान्यतः लंबा समय लेते। 'भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन हमने किया' मुख्यमंत्री यादव ने इंदौर की हुकुम चंद मिल का जिक्र करते हुए कहा कि 300 से 400 करोड़ के बकाया में उलझी मिल का निराकरण होने के बाद अब 70 से 80 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट यहां लगने वाला है। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन करने का काम उनकी सरकार ने किया है। 'प्राइवेट से ज्यादा वेतन देंगे, ताकि एक्सपर्ट सरकारी सेवा में आएं' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती डॉक्टरों की कमी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं तो हमको उसके हिसाब से मैनपॉवर भी चाहिए। हेल्थ सेक्टर में एक्सपर्ट नहीं मिलने की चुनौती तो है, लेकिन हमने तय किया है कि हम प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा वेतन देकर एक्सपर्ट डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं में आगे लाएंगे। दो बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र सीएम यादव ने कहा कि, मध्यप्रदेश में शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को मंजूरी दी है। इसके तहत इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन सिटी घोषित किया है। पहला इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और दूसरा भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा विकसित होंगे। एकीकृत टाउनशिप नीति-2025 को भी स्वीकृति दी गई है। मई 2025 में इंदौर मेट्रो और दिसंबर 2025 में भोपाल मेट्रो का परिचालन शुरू होगा। डिप्टी सीएम बोले- विकास और विरासत दोनों पर ध्यान कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ मध्यप्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जा रहे हैं। इन दो वर्षों में विकास और विरासत दोनों पर विशेष ध्यान दिया गया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि विकास और सेवा के ये दो वर्ष अच्छे शासन, पारदर्शिता और त्वरित निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। त्वरित कार्यवाही से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने … Read more

MP को नक्सलमुक्त करने का दावा, CM मोहन यादव बोले- लाल सलाम को मिली आखिरी सलामी

 बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य को नक्सली खतरे से पूरी तरह मुक्त होने का दावा किया. यह घोषणा तब की गई जब बालाघाट जिले में दो इनामी नक्सलियों दीपक और रोहित ने सरेंडर कर दिया. उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने के पक्के इरादे की वजह से मुमकिन हुआ है. CM यादव भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बालाघाट में नक्सलियों के सरेंडर से जुड़े 'रिहैबिलिटेशन टू रिजुविनेशन' कैंपेन के तहत आयोजित एक प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे. मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्‍सलवाद मुक्‍त एमपी का ऐलान करने के साथ कहा कि यह सफलता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में तैयार रणनीति का परिणाम है. सीएम ने बताया क‍ि हमारी नीति स्पष्ट थी या तो नक्सलियों को आत्मसमर्पण करवाया जाएगा या उन्हें खत्म किया जाएगा. आज वही नीति सफल हुई.  नक्सली दीपक और रोहित ने दिन में बालाघाट जिले के बिरसा थाना इलाके के कोरका में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) कैंप में सरेंडर कर दिया. नक्सली दीपक बालाघाट व रोहित छत्तीसगढ़ का निवासी  11 द‍िसंबर 2025 को मध्‍य प्रदेश के बालाघाट पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में आईजी संजयकुमार, सीआरपीएफ आईजी नीतू भट्टाचार्य, कलेक्टर मृणाल मीना और एसपी आदित्य मिश्रा मौजूद रहे. आईजी संजय कुमार ने बताया कि नक्सली दीपक बालाघाट जिले के पालागोंदी का रहने वाला है  जबकि रोहित छत्तीसगढ़ का निवासी है. सरेंडर के समय दीपक ने कार्बाइन गन और कारतूस भी समर्पित किए हैं. बालाघाट ज‍िला कलेक्टर मृणाल मीना ने बताया कि बालाघाट जिले में नक्सल गतिविधियों के कारण लगभग सौ गांवों के आदिवासी ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने में दिक्कत आ रही थी. चूंकि अब जिला नक्सल मुक्त हो चुका है ऐसे में उपरोक्त प्रभावित गांवों में विकास की धारा बहेगी.  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक और रोहित पर क्रम से 29 लाख रुपए और 14 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था, और दोनों ने मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताते हुए सरेंडर कर दिया. बालाघाट के एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा कि जिले में अब कोई हार्डकोर नक्सली एक्टिव नहीं है. उन्होंने कहा कि दीपक बालाघाट जिले के पलागांवडी का रहने वाला है और दोनों लंबे समय से इलाके में नक्सल गतिविधियों में एक्टिव थे. उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी एजेंसियां ​​लंबे समय से उनकी तलाश में थीं और यह एक बड़ी सफलता है. पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह सरेंडर CRPF और लोकल पुलिस की जॉइंट कार्रवाई, लगातार दबाव और असरदार स्ट्रैटेजी की वजह से मुमकिन हुआ. इससे इलाके में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा." गुरुवार देर शाम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और जवानों की अदम्य हिम्मत और कुर्बानी की वजह से बालाघाट के लाल सलाम को आखिरी सलामी दी गई है. CM यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के गाइडेंस में आजादी के बाद पहली बार नक्सलियों के खिलाफ कोऑर्डिनेटेड तरीके से एक शानदार और ऐतिहासिक कैंपेन शुरू किया गया. उन्होंने एक ऑफिशियल बयान में कहा, "सेंट्रल लीडरशिप ने नक्सलवाद के खत्म होने के लिए 26 जनवरी 2026 की डेडलाइन घोषित की है." मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलियों के पास सिर्फ दो ऑप्शन हैं, नई जिंदगी का मौका या जिंदगी खत्म. उन्होंने आगे कहा, "सेंट्रल आर्म्ड फोर्सेज और मध्य प्रदेश पुलिस के बहादुर जवानों की मिली-जुली कोशिशों की वजह से 11 दिसंबर को आखिरी दो नक्सलियों के सरेंडर के साथ राज्य नक्सल-फ्री हो गया." CM यादव ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद के खत्म होने से मंडला, डिंडोरी और बालाघाट के विकास में आने वाली रुकावटें दूर हो गई हैं. उन्होंने कहा, "हम इस इलाके को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सबके साथ मिलकर काम करेंगे. हम माओवाद को पनपने नहीं देंगे." साथ ही उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान कुर्बान करने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी. 10 हार्डकोर नक्सलियों ने एक साथ डाले थे हथियार बता दें क‍ि मध्य प्रदेश के बालाघाट में 7 दिसंबर की अपराह्न साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने 10 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया था. मध्य प्रदेश में "पुनर्वास से पुनर्जीवन" के तहत नक्सलियों का यह कोई साधारण सरेंडर नहीं था, क्योंकि इनमें से कई नक्‍सली कैडर KB और MMC ज़ोन में वर्षों तक खूनी वारदातों का हिस्सा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरेंडर करने वाले कैडर को राज्य की पॉलिसी के तहत नई जिंदगी दी जाएगी और सरकार उन्हें सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार है.