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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय जल पुरस्कार पाने वाले जिलों के कलेक्टर्स को वाटर शेड महोत्सव में दी बधाई

  भोपाल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा विगत 18 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित छठवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार वितरण समारोह में मध्यप्रदेश के तीन जिलों को उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया था। इस विशिष्ट उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में आयोजित वाटर शेड महोत्सव में जल संचय के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले जिला कलेक्टर्स एवं संबंधित अधिकारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिला यह सम्मान सरकार के सतत प्रयासों, नवाचारों और जल संरक्षण की दिशा में समाज एवं प्रशासन के साझा संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों से अन्य जिले भी प्रेरित होंगे और जल संवर्धन, जल सुरक्षा तथा जन भागीदारी आधारित विकास का यह सफल मॉडल पूरे प्रदेश में और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने में निरंतर योगदान देने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्वारा खरगोन जिले को सर्वश्रेष्ठ जिला श्रेणी (West Zone) में प्रथम पुरस्कार, खंडवा जिले को जल संचय–जन भागीदारी पहल (Western Zone) में प्रथम पुरस्कार तथा नगर पालिका परिषद गुना, जिला गुना को Best Urban Local Body श्रेणी में प्रथम पुरस्कार दिया गया है।

SIR फॉर्म 2025: MP में भाग और क्रमांक संख्या कैसे पता करें, पढ़ें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

भोपाल  मध्य प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। बीएलओ लोगों के घर पर फॉर्म देकर आ रहे हैं। लेकिन इस फॉर्म को भरने में बड़ी भारी उलझन है। सबसे ज्यादा कंफ्यूजन लोगों को रिश्तेदारों और परिजनों के कॉलम में हो रही है। इसमें उनका इपिक नंबर के साथ-साथ भाग संख्या और क्रमांक संख्या भरना होता है। ऐसे में लोगों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि यह होता क्या है, इसके बाद बीएलओ को सूचित करते हैं, तब उन्हें जानकारी मिलती है। आइए हम आपको बताते हैं कि फॉर्म भरने के दौरान आपको भाग संख्या और क्रमाक संख्या कहां मिलेगा। यहां हो रही है परेशानी दरअसल, एसआईआर के लिए सभी मतदाताओं को फॉर्म दिया जा रहा है। फॉर्म के सबसे ऊपरी भाग में मतदाताओं को अपना विवरण देना हैं। यहां तक लोगों को कोई समस्या नहीं होती है। इसके बाद नीचे में दो कॉलम हैं। बायीं ओर वाले कॉलम को मतदाता को खुद का विवरण भरना है। अगर वह 2003 के एसआईआर के समय मतदाता रहा हो। अगर आप नहीं रहें तो दायीं ओर वाले कॉलम में आपको उनके रिश्तेदारों या परिजनों के विवरण भरने हैं, जो 2003 में मतदाता रहे हों। इसी विवरण के दौरान भाग और क्रमांक संख्या की जरूरत इसी दौरान मतदाताओं को अपने रिश्तेदारों या परिजनों को भाग और क्रमांक संख्या की जरूरत पड़ती है। रिश्तेदारों या परिजनों से जब आप इसकी जानकारी मांगते हैं तो उन्हें भी नहीं पता होता है। उनके पास सिर्फ इपिक होता है और इपिक में मतदाता के बारे में ही जानकारी होती है। यहां से सिर्फ आपको उनका इपिक नंबर और विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानकारी मिल सकती है। कहां से मिलेगा भाग और क्रमांक संख्या आइए हम आपको बताते हैं कि कहां से आपको भाग संख्या और क्रमांक संख्या मिलेगा। इसके लिए आपको सिंपल स्टेप्स को फॉलो करना है। सबसे पहले आपको मोबाइल के प्ले स्टोर में जाना है। वहां जाकर आपको वोटर हेल्पलाइन टाइप करना है। टाइप करने के बाद प्ले स्टोर के इंटरफेस पर यह एप आ जाएगा। इसके बाद इसे डाउनलोड करना है।  एप डाउनलोड करने के बाद इसको खोलना है। इसे खोलना के बाद ऊपर में आपको सर्च बार दिखेगा। सर्च बार पर आप जैसे ही क्लिक करेंगे तो नया इंटरफेस खुलेगा। यहां पर आपको चार ऑप्शन मिलेगा। इसमें पहले होगा कि आप मोबाइल नंबर के जरिए सर्च करिए। दूसरा बार कोड के जरिए, तीसरा अपना डिटेल्स डालकर सर्च करें। वहीं, चौथा ऑप्शन ज्यादा इजी है, इसमें सिर्फ आपको अपना इपिक नंबर डालना होगा। इसलिए हमें इपिक नंबर वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।  इसमें इपिक नंबर भरने के बाद सर्च टैब को दबा दीजिए। भाग संख्या और क्रमांक संख्या आपको मिल गया भाग और क्रमांक नंबर वहीं, इपिक नंबर वाले पर क्लिक करने के बाद आपके सामने नया इंटरफेस होगा। इसमें इपिक नंबर भरने का ऑप्शन आएगा। इपिक नंबर भरने के बाद सर्च ऑप्शन पर क्लिक कर दें। इस पर क्लिक करते ही आपका पूरा डिटेल आ जाएगा। इसमें में जो पार्ट नंबर होगा वह आपका भाग संख्या होगा। वहीं, सीरियल नंबर आपका क्रमांक संख्या होगा। इस तरह से आप बिना परेशानी फॉर्म भर सकते हैं।  

पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने की प्रक्रिया में लायें तेजी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में प्राकृतिक सौंदर्य, विरासत और सांस्कृतिक विविधता का है अद्भुत खजाना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पास प्राकृतिक सौंदर्य, विरासत और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत खजाना है, जिसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से पर्यटन क्षेत्र को राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों का लाभ मिल सकेगा। इससे पर्यटन निवेश को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग का दर्जा मिलने पर होटल, रिसॉर्ट, एडवेंचर टूरिज़्म, ट्रेवल सर्विसेज़ सहित पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों को विभिन्न प्रकार की सब्सिडी (अनुदान सहायता), कर रियायतें और अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध होंगे। इससे निजी निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा और पर्यटन ढाँचा और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए बीते दिनों पर्यटन विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में ठोस और त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पर्यटन विकास से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि इस क्षेत्र में इंट्रेस्ट रखने वाले निवेशकों एवं उद्यमियों को सुगमता हो और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के इस बड़े निर्णय से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निवेशकों को राज्य की पर्यटन विकास नीति एवं प्रोत्साहन नियमों का भरपूर लाभ मिले।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन और प्रयासों से म.प्र. बना आइडियल इंवेस्टमेंट स्टेट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में निवेश और औ‌द्योगिक विकास की दिशा को एक नई स्पष्टता और मजबूती दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में उद्योगों से जुड़े नवाचार अब नीतियाँ और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं, निवेशकों के बढ़ते विश्वास और जमीन पर दिखाई देने वाली औ‌द्योगिक गतिविधियों के रूप में सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरुआत से ही यह लक्ष्य तय किया कि मध्यप्रदेश को ऐसा निवेश-अनुकूल राज्य बनाया जाए, जहाँ उद्‌द्योगों को दीर्घकालिक अवसर मिले, युवाओं के लिए रोजगार का विस्तार हो और प्रदेश की अर्थव्यवस्था अधिक स्थिर, सक्षम और टिकाऊ बने। उनकी कार्यशैली की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वे प्रत्येक नवाचार को व्यावहारिक और क्रियान्वयन-केंद्रित तरीके से आगे बढ़ाते हैं। निवेशकों से संवाद, नीतियों का सरलीकरण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और औ‌द्योगिक अवसंरचना के विस्तार आदि हर स्तर पर उन्होंने समयबद्ध और परिणाम-केंद्रित कार्य शैली को प्राथमिकता दी है। इसी कारण आज प्रदेश में उ‌द्योग स्थापना की गति पहले की तुलना में तेज दिखाई देती है, बड़े निवेश वास्तविक रूप से जमीन पर उतर रहे हैं और नए रोजगार अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश की वर्तमान औ‌द्योगिक प्रगति यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नेतृत्व दूरदर्शी होने के साथ स्थिर, भरोसेमंद और परिणाम देने वाला है। प्रदेश अब केवल निवेश आकर्षित करने वाला राज्य नहीं, बल्कि उ‌द्योगों के लिए एक विश्वसनीय विकल्प और रोजगार सृजन के लिए एक मजबूत आधार के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने औ‌द्योगिक विकास और निवेश आकर्षण के नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निवेश से जुड़े प्रयास व्यापक और बहु-स्तरीय रहे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर निवेशक समुदाय के साथ संवाद को नए आयाम दिए गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, जापान, दुबई और स्पेन में आयोजित सत्र महत्वपूर्ण साबित हुए, जिनसे प्रदेश को 89 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निवेश अभिरुचि प्राप्त हुई। राष्ट्रीय स्तर पर मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे, नई दिल्ली, कोयम्बटूर, सूरत, लुधियाना और असम में आयोजित संवादों ने 2.3 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव और लगभग 2 लाख रोजगार अवसरों का आधार निर्मित किया। प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों जैसे उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में आयोजित क्षेत्रीय उ‌द्योग सम्मेलन (RIC) तथा रतलाम के राइज- रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट कॉन्क्लेवकार्यक्रम ने 2.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 3 लाख रोजगार अवसरों का सुदृढ़ आधार तैयार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्देश्य केवल संवाद बढ़ाना नहीं रहा, बल्कि निवेश को वास्तविक रूप से धरातल पर उतारना उनकी प्रमुख प्राथमिकता रही है। इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम 2025 के माध्यम से 20 अधिनियमों के 44 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जिससे निवेशकों और उ‌द्यमियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और उ‌द्योग अनुकूल बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों के प्रत्यक्ष परिणाम जीआईएस 2025 में स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, जहाँ प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रूपये की निवेश प्रस्ताव और लगभग 17 लाख रोजगार सृजित होंगे। इनमें से 6,20,325 करोड़ रुपये का निवेश वास्तविक रूप से जमीन पर उतर चुका है, जो निवेशकों के विश्वास और प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों का मजबूत प्रमाण है। औ‌द्योगिक अधोसंरचना के विस्तार में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले दो वर्षों में 4,237 एकड़ भूमि उद्‌द्योगों को आवंटित की गई, जिससे 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक निवेश और करीब 2.5 लाख रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश के 16,936 हेक्टेयर में विकसित 25 नए औ‌द्योगिक पार्क उ‌द्योगों के विस्तार के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं। विशेष औ‌द्योगिक पार्कों के विकास में भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। धार में पीएम मिही पार्क वस्त्र उ‌द्योग के लिए नई संभावनाओं का केंद्र बन रहा है। यहाँ 2,158 एकड़ क्षेत्र में विकसित पार्क प्रदेश में 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान दे रहा है। मुरैना का मेगा लेदर फुटवियर पार्क चमड़ा और फुटवियर उ‌द्योग के लिए बड़े पैमाने पर अवसर तैयार कर रहा है। मोहासा-बाबई, नर्मदापुरम में विकसित नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र में दोनों चरणों में 1050 एकड़ से अधिक भूमि अग्रणी कंपनियों को आवंटित की गई है, जो प्रदेश की ग्रीन एनर्जी क्षमता को मजबूत कर रहा है। नीति सुधारों ने भी प्रदेश में उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जीआईएस-2025 के दौरान राज्य सरकार ने 18 नई प्रगतिशील नीतियाँ जारी कीं, जिनमें औ‌द्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025, निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025 और लॉजिस्टिक्स नीति 2025 जैसी नीतियों विशेष रूप से प्रभावकारी रही हैं। प्रदेश ने 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर अवार्ड 2024 प्राप्त किया। समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 दृष्टि-पत्र का विमोचन, उ‌द्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण और इन्वेस्ट एमपीपोर्टल का शुभारंभ प्रदेश के निवेश-केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करते हैं। इन सभी प्रयासों का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि अब प्रदेश में केवल प्रस्तावों की बात नहीं रही, बल्कि निवेशक वास्तविक रूप से उ‌द्योग स्थापित कर रहे हैं। रोजगार सृजन की गति तेज हुई है, औ‌द्योगिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं और निवेशकों तथा सरकार के बीच भरोसे का वातावरण और मजबूत हुआ है। मध्यप्रदेश अपने औ‌द्योगिक सफर के उस चरण में प्रवेश कर चुका है, जहाँ नेतृत्व की स्पष्ट दिशा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और नीति-आधारित स्थिरता मिलकर एक ऐसा निवेश-अनुकूल माहौल निर्मित कर रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को देश के प्रमुख औ‌द्योगिक राज्यों की पंक्ति में मजबूती से स्थापित करता दिखाई देता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जतारा विधायक खटीक की सुपुत्री के विवाह समारोह में हुए शामिल

नवविवाहित जोड़े को दीं बधाई और शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार का टीकमगढ़ जिले में जतारा विधायक हरिशंकर खटीक की सुपुत्री के विवाह समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़े को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही नवविवाहित जोड़े के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और विवाह समारोह में शामिल होने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक टीकमगढ़ राकेश गिरि गोस्वामी, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल सिंह यादव, जनप्रतिनिधि, आईजी सागर श्रीमती हिमानी खन्ना, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय, पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को टीकमगढ़ जिले के प्रवास के दौरान स्थानीय पुलिस लाईन परिसर स्थित मां की बगिया में पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कदंब का पौधा रोपा और पर्यावरण-संरक्षण का संदेश दिया। यह कार्यक्रम "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।  

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट आज भी 4282 रुपये, किसानों की नजर बाजार पर

भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 24 नवंबर को 4282 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। रविवार 23 नवंबर को भी यही रेट जारी हुआ था। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए   प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

हिस्ट्रीशीटर कपिल यादव एनकाउंटर में ढेर नहीं, घायल; पुलिस ने दूसरा आरोपी हथियार–कैश सहित पकड़ा

 ग्वालियर ग्वालियर जिले में सोमवार सुबह पुलिस के साथ एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद हिस्ट्री-शीटर कपलि यादव ​​को पकड़ लिया गया. आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम था.  ग्वालियर के SSP धर्मवीर सिंह ने बताया कि कपिल यादव 10 हजार रुपए का इनामी वॉन्टेड क्रिमिनल था. जिला हेडक्वार्टर से करीब 25 KM दूर मोहनपुर इलाके में सुबह करीब 5 बजे हुई गोलीबारी में उसके पैर में गोली लग गई. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कपिल 21 नवंबर को मुरार इलाके में जमीन के झगड़े को लेकर कुछ लोगों पर हमला करने के बाद से फरार था. पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी और उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.  पुलिस ने बताया , सुबह करीब 6.10 बजे कपिल यादव बाइक से बंधोली के जंगली रास्ते से निकला पुलिस ने यहां घेरा डाल रखा था। पुलिस को रास्ते में देखकर कपिल ने गोली चलाकर भागने का प्रयास किया तो पुलिस टीम ने उस पर फायर किया। गोली कपिल के पैर में लगी तो वह जख्मी होकर गिर पड़ा। इन वारदातों से चुनौती मुरार के कपड़ा कारोबारी की बड़ागांव में जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडे कपिल यादव और उसके साथियों ने कपड़ा कारोबारी और उसके बेटे पर गोलियां चलाईं थीं। इसके अलावा चार दिन पहले बडागांव में रामजानकी मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के लिए पूरन सिंह भदौरिया और उनके भाई पर कातिलाना हमला किया था। धर्मवीर सिंह ने बताया कि रविवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ग्वालियर से भागने की योजना बना रहा है और टिप-ऑफ के आधार पर उन्होंने मेला ग्राउंड में एक वैन की तलाशी ली और उसके साथी अमन यादव को एक गैर-कानूनी बंदूक के साथ पकड़ लिया, जबकि कपिल भागने में कामयाब रहा. एसएसपी ने बताया कि आरोपी को सुबह-सुबह मोहनपुर में एक ईंट भट्टे पर पकड़ा गया, जहां उसने कथित तौर पर सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर गोली चला दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. उन्होंने बताया कि उसके पैर में चोट लगी है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी कपिल पर करीब 12 क्रिमिनल केस दर्ज हैं और उस पर पहले भी सख्त नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाया जा चुका है. बदमाश को एनकाउंटर में दबोचा ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि, बदमाश से सुबह बंधोली के रास्ते में एनकाउंटर में हुआ है। उसके पैर में गोली लगी है । फिलहाल उसे इलाज के लिए भर्ती कराया है। उससे अपराधों के बारे में पूछताछ की जाएगी।  

105 वर्षीय राधाकृष्ण सिंह शास्त्री नहीं रहे, पीएम मोदी भी कर चुके हैं सम्मानित

बैतूल  बैतूल में आजाद हिंद फौज के सिपाही राधाकृष्ण (राधा किशन) सिंह शास्त्री का 105 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने सोमवार सुबह अंतिम सांस ली। राधाकृष्ण सिंह का जन्म 1 जनवरी 1920 को बर्मा (म्यांमार) के पेंगु जिले में हुआ था। प्रधानमंत्री ने किया था सम्मानित स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आज़ाद हिंद फ़ौज की 75वीं वर्षगांठ पर दिल्ली में उन्हें सम्मानित किया था। जीवन के अंतिम दिनों तक वे ‘जय हिंद’ के नारे के साथ लोगों का अभिवादन करते थे और आजाद हिंद फौज की वर्दी जैसा सफेद पैंट-शर्ट पहनना उनकी आदत बन गई थी। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। नेताजी के साथ मोर्चे पर लड़ी लड़ाई 1943 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बुलावे पर राधाकृष्ण सिंह ने आज़ाद हिंद फ़ौज जॉइन की थी। सिंगापुर में भर्ती होकर उन्होंने “चनमारी” नामक सैन्य प्रशिक्षण लिया और नेताजी के नेतृत्व में इम्फाल और कोहिमा मोर्चों पर अंग्रेजी सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इस दौरान वे तीन महीने अंग्रेजों की जेल में भी रहे, जहाँ से क्रांतिकारी भोला भाई देसाई के प्रयासों से रिहा हुए। जापान के आत्मसमर्पण के बाद आज़ाद हिंद फ़ौज को पीछे हटना पड़ा और बर्मा छोड़ने से पहले नेताजी ने अपने सैनिकों से अंतिम मुलाकात की—उसी समूह में राधाकृष्ण भी शामिल थे। भारत लौटकर संघर्षपूर्ण जीवन बिताया आज़ादी के बाद उन्होंने करीब 20 साल बर्मा में संघर्षपूर्ण जीवन बिताया और अंततः लालबहादुर शास्त्री की प्रेरणा से भारत लौटे। भारत में शरणार्थी के रूप में उन्हें बैतूल जिले के पहाड़पुर गांव में 5 एकड़ भूमि दी गई। जीविका चलाने के लिए वे पाथाखेड़ा की कोयला खदान में मजदूर बने और वहीं से रिटायर हुए। उनके निधन के बाद जिले में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।  राधाकृष्ण सिंह ने बताए आजादी की लड़ाई के अनछुए संस्मरण  आजाद हिंद फौज के सिपाही राधा कृष्ण सिंह शास्त्री ने भारत को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई ,जो आज बैतूल जिले के पहाड़पुर गांव में निवास कर रहे हैं। 105 साल की उम्र में आज भी वे सात्विक जीवन बीता रहे हैं। अधिक उम्र होने के कारण थोडा अस्वस्थ रहते हैं लेकिन आज भी अंग्रेजी हुकुमत के साथ हुए युद्ध काल की घटना पर उन्होंने कहा कि भारत देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाने की इस लड़ाई में भारत मां के अनगिनत सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। इसके बाद भारत स्वतंत्र हुआ है। क्रांतिकारियों के अदम्य साहस के कारण अंग्रेजो ने भारत को स्वतंत्र करने का निर्णय लिया। रामप्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक उल्ला खां, भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव और सुभाषचंद्र बोस जैसे अनेक देश भक्त हुए है। जिन्होंने अपना जीवन समर्पित किया। उल्लेखनीय है कि शास्त्री जी का जन्म 01जनवरी 1920 को बर्मा ब्रम्हदेश के चौतगा में हुआ था। राधाकृष्ण सिंह शास्त्री के सहयोगी और उनके साथ अनेक कार्यक्रमों के साक्षी रहे अंबादास सूने ने बताया कि शास्त्री जी ने सन 1943 में आजादी के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आव्हान पर आजाद हिंद फौज में भर्ती होकर भारत को स्वतंत्र कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश के अधिकांश भारत वासी दक्षिण पूर्व एशियाई देशो में थे। स्वतंत्रता आंदोलन में उनका महत्वपूर्ण अविस्मरणीय योगदान रहा है। आजाद हिंद फौज की स्थापना रासबिहारी बोस ने की और नेताजी सुभाषचंद्र बोस को कमान सौंपी। सुभाषचंद्र बोस ने देश की स्वतंत्रता के लिए भारत वासियो का आव्हान किया , फलस्वरूप राधाकृष्ण सिंह और बडे भाई सीताराम, डीपी वर्मा के साथ अनेक भारतीय समुदाय के लोग आजाद हिंद फौज में भर्ती हुए। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने नारा देते हुए कहा कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा। देश के बाहर रहते हुए नेताजी ने स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में अतुलनीय योगदान दिया। लेकिन देश स्वतंत्र होने के बाद अनेक क्रांतिकारी और भारत मां के सपूतों को षडयंत्र पूर्वक भुलाने का प्रयास तत्कालीन सरकार ने किया।श्री शास्त्री ने बताया कि पोपा हिल की लड़ाई 11 दिन और 11 रात चली जिसमें सीताराम बड़े भाई मारे गए। आज देश स्वतंत्र है लेकिन जो सम्मान आजादी के बाद देश के महान सपूतों और नेताजी सुभाषचंद्र बोस को मिलना चाहिए था , वह सम्मान तत्कालीन सरकारों ने नहीं दिया। वर्तमान समय में केंद्र और राज्य शासन दोनों की तरफ से उन्हें पेंशन मिल रही है जिससे वह अपना गुजर बसर कर रहे है।

लाभार्थियों के लिए खुशखबरी, लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त दिसंबर में जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य में लाडली बहना योजना अग्रिम सफलता प्राप्त कर चुकी है। बताते चलें कि इस योजना के प्रति महिलाओं की रुचि शुरू से ही देखने को मिली है जिसके चलते राज्य की करोड़ों महिलाएं योजना में पंजीकृत है और मासिक लाभ प्राप्त कर पा रही है। लाडली बहना योजना को अधिक आकर्षक बनाने के लिए और महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने हेतु सरकार के द्वारा निरंतर ही प्रयास किए जा रहे हैं तथा इस योजना में संशोधन भी करवाए गए है। संशोधित आधार पर 12 नवंबर 2025 को लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी हो चुकी है। योजना की 30वीं किस्त जारी होने के बाद सभी पंजीकृत महिलाओं ने सफलतापूर्वक लाभ प्राप्त किया है अब इसी क्रम में राज्य सरकार के द्वारा दिसंबर महीने की अगली यानी 31वीं किस्त हेतु प्रयोजना तैयार की जा रही है जिसके लिए जल्द ही निर्णय सामने आ सकते हैं। 2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया । इसके बाद नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।     घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें     लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।     राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।     बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।     दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” … Read more

रायसेन में मासूम से अत्याचार पर जनआक्रोश, गिरफ्तारी न होने से मंडीदीप-जाम और बाड़ी बंद; शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा बयान दिया

रायसेन  रायसेन जिले में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। आरोपी ने चॉकलेट का बहाना बनाकर बच्ची को जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद गंभीर हालत में नाबालिग को एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर चक्काजाम किया और गौहरगंज का बाजार शनिवार को पूरे दिन बंद रहा। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह पीड़िता और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपराधी को कड़ी सजा दिलाने में कोई कोताही नहीं होगी। दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी न होने से आक्रोश बढ़ा, मंडीदीप में जाम, बाड़ी शहर बंद मासूम से दुष्कर्म मामले में आरोपित अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, हिन्दू संगठनों सहित जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आक्रोशित भीड़ ने मंडीदीप में जाम लगा दिया है। यहां पूर्व मंत्री क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र पटवा भी पहुंचे हैं और धरने पर साथ में बैठे हैं। पूर्व सांसद बुदनी विधायक रमाकांत भार्गव भी जाम में फंस गए हैं। आरोपी फरार, जिले कई जगह बंद आरोपित सलमान की गिरफ्तार करने की मांग जिले भर में उठी। रायसेन जिला मुख्यालय, बाड़ी बंद, ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप बंद। रायसेन शहर में भोपाल सागर तिराहे पर हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। शहर में दुकानें पूरी तरह से बंद हैं। कल उदयपुरा बंद की घोषणा की गई है। पुलिस आरोपित सलमान को लगातार तलाश रही है लेकिन अभी तक कोई बड़ा सुराग हाथ नहीं लगा है। जिले में विभिन्न जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: मेरे संसदीय क्षेत्र में मासूम बेटी के साथ हुई दुष्कर्म की घटना से मन व्यथित और अत्यंत आक्रोशित है। इस मामले में आज मैंने केंद्रीय चिकित्सालय,भोपाल पहुंचकर पीड़िता के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिवारजनों को दिलासा दी कि हम मजबूती से साथ खड़े हैं और न्याय जरूर दिलाएंगे। बेटी के उपचार में कोई कमी न रहे और समुचित इलाज की व्यवस्था हो, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है। साथ ही प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि जो आरोपी है, उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। मैंने यह भी निर्देश दिया है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाया जाए। जिससे पीड़िता के साथ जल्द से जल्द न्याय हो सके। जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगा।