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आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त ने धार में सोसायटी प्रबंधक के ठिकानों पर की छापेमारी

धार   धार जिले में लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी। आदिम जाति सहकारी सोसायटी प्रबंधक के घर और फार्म हाउस पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि, आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल, दस्तावेजों की जांच पड़ताल की जा रही है। बताया जा रहा है कि, बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे इंदौर लोकायुक्त की टीम धार जिले पहुंची। आदिम जाति सहकारी सोसायटी प्रबंधक गोवर्धनलाल मारू के घर, दफ्तर और फार्म हाउस पर एक साथ दबिश दी गई हैं। एक साथ 18 चार पहिया वाहनों में सवार होकर छागोवर्धनलाल मारू के अलग-अलग ठिकानों पर पहुंची। मौके पर 65 से अधिक कर्मचारियों के साथ भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत पर छापेमार कार्रवाई की गई है। अबतक हुई ये कार्रवाई इस कार्रवाई के दौरान इंदौर लोकायुक्त के डीएसपी सुनील तालान समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद है। लोकायुक्त की टीम दस्तावेजों की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। अब तक की सर्चिंग में 2 लाख 11 हजार रूपए नकद, 15 लाख का सोना और 1 लाख की चांदी बरामद हुई है। अबतक हुई दस्तावेज़ों की जांच में 4 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है, जबकि अनुमानित वैध आय करीब 1 करोड़ 20 लाख के आसपास ही हुई है। फिलहाल, तलाशी अभियान जारी है।

प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: CM डॉ. यादव

प्रदेश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रोइंग चैंपियनशिप की मेजबानी करना राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स और 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं के चहुँमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल विभाग प्रदेश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहा है। भारत की प्राचीन संस्कृति में खेल केवल मनोरंजन नहीं बल्कि अनुशासन, संतुलन और मानसिक दृढ़ता का माध्यम माने गए हैं। पुराने समय में नौकायन, तैराकी और जल प्रशिक्षण को सामरिक और शारीरिक दक्षता का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था। वही परंपरा आज वॉटर स्पोर्ट्स के रूप में हमारे सामने है। इसमें तकनीक, सहन शक्ति और फोकस का वास्तविक परीक्षण होता है। राज्य सरकार के लिए रोइंग चैंपियनशिप की मेजबानी करना गर्व और आनंद का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल के बड़े तालाब स्थित बोट क्लब पर 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स और 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चैंपियनशिप के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने चैंपियनशिप में शामिल 23 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ियों द्वारा देशभक्ति गीतों की धुनों पर प्रस्तुत मार्च पास्ट का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आयोजन स्थल पहुंचने पर उन्हें कैप लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मती मालती राय सहित अधिकारी एवं खेल प्रेमी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के लिए बेहतर माहौल बना है। भारत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहा है। मध्यप्रदेश ने वॉटर स्पोर्ट्स में एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इसी वर्ष हुए 38वें नेशनल गेम्स, खेलो इंडिया, वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टीवल में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में आयोजित चेंपियनशिप में शामिल होने आए विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को मध्यप्रदेश की कला-संस्कृति और स्वाद से रू-ब-रू होते हुए भोपाल के आसपास स्थित पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए भी प्रेरित किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग ने कहा कि यह 4 दिवसीय रोइंग चैंपियनशिप, वॉटर स्पोर्ट्स के कुंभ के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल-खिलाड़ी और खेल मैदान को प्रोत्साहित करने के लिए संपूर्ण प्रदेश में प्रयास कर रही है। खेलों और खिलाड़ियों को आवश्यक प्रशिक्षण के संबंध में राष्ट्रीय के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नॉलेज एक्सचेंज के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के कोच तथा खिलाड़ी उपस्थित थे।  

नाम पढ़ते ही चौंक गए अधिकारी: वोटर लिस्ट में टीवी, ऐंटीना, काजू-बादाम जैसे अनोखे नाम

अगर मालवा  काजू सिंह, बादाम, पिस्ता, शेरनी बाई, टीवी, ऐंटेना, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, दिलीप कुमार, हेमामालिनी… चौंकिए मत। ये मतदाताओं के नाम हैं। मामला मध्य प्रदेश के अगर मालवा जिले का है। SIR के तहत अपडेट हो रहे मतदाता सूची में इस तरह के अनोखे नाम पढ़कर हर कोई हैरान है। अधिकारियों ने बताया जिले के दो मतदान केंद्रों- 93 और 94 में मतदाताओं के नाम फिल्मी पोस्टर, हीरो-हीरोइन, ड्राई-फ्रूट या टूरिज्म के ब्रोशर जैसे हैं। मगर इस तरह के अनोखे नाम रखने की वजह क्या है, जानिए पूरी बात। यह अनोखी वोटर लिस्ट दरअसल पढ़ी समुदाय (Pardhi Community) की जीवनशैली से जुड़ी है, जो पीढ़ियों से घुमंतू जीवन जी रहे हैं। ये समुदाय चलते-फिरते जीवन में अपने बच्चों के नाम उसी चीज़ पर रख देते थे, जो जन्म के समय आसपास दिखाई देता था। कभी तंबू सिनेमा में चल रही फिल्म, कभी गुजरते शहर का नाम, तो कभी वह स्नैक जो परिवार खा रहा होता था या ऐसे ही कुछ और। हंसते हुए BLO ने क्या बताया? एनडीटीवी रिपोर्ट के मुताबिक, 2006 से BLO के रूप में तैनात संतोष जैसवाल बताते हैं- “माधुरी दीक्षित, जीतेंद्र दीक्षित, प्याज बाई, सरांगपुर बाई, हेमामालिनी… शुरुआत में ये नाम अजीब लगे, लेकिन अब तो याद हो गए। उन्होंने मुस्कुराते हुए मजाकिया अंदाज में कहा- इतने फॉर्म भरे हैं कि बॉलीवुड मुझे कास्टिंग डायरेक्टर रख ले!” उनके अन्य साथी BLO हंसते हुए कहते हैं- “काजू सिंह, सनी देओल, शेरनी बाई, शेर खान… शुरुआत में लगा कि कोई मजाक कर रहा है। मगर आज ये नाम रोज़मर्रा जैसे लगते हैं।” मतदाता ने गर्व से सुनाई अपने नाम की कहानी जिन नामों को आमजन अनोखा समझ रहे हैं, वो नाम इन लोगों के लिए रोजमर्रा का हिस्सा बन गए हैं। देश प्रेमी नाम वाले मतदाता ने अपने नाम पर गर्व करते हुए इसके रखने की कहानी साझा की। देश प्रेमी ने बताया- “मेरे जन्म के दिन पिताजी फिल्म देखने गए थे। हीरो का नाम अच्छा लगा, कहानी पसंद आई, तो बस मेरा नाम देश प्रेमी रख दिया। हमारे यहां सोल्जर, परदेसी, राजकुमार जैसे नाम बहुत आम हैं।”

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, सिंगरौली में नायब तहसीलदार रिश्वत लेते दबोचा गया

 सिंगरौली  लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोल को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में राजस्व निरीक्षक हरी प्रसाद वैश की भूमिका भी संदिग्ध मिली है, जिस पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। करौली (सीधी) निवासी प्रवीण चतुर्वेदी ने वर्ष 2016 में चितरंगी क्षेत्र के बालाखण्ड गांव में जमीन खरीदी थी। कब्जे को लेकर हुए विवाद में उन्होंने 2017 में बेदखली के लिए आवेदन दिया। 2021 में आदेश जारी होने के बाद भी चार वर्षों तक कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध पर नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक ने मिलकर 15,000 रुपये की रिश्वत मांग ली। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की तो 22 नवंबर को नायब तहसीलदार द्वारा 4,000 रुपये तथा 23 नवंबर को राजस्व निरीक्षक द्वारा 8,000 रुपये मांगने की पुष्टि हुई। दोनों अधिकारियों की रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और पूरी तैयारी के साथ निगरानी की। 25 नवंबर को लोकायुक्त दल ने बैरीटोला खुर्द स्थित सरकारी आवास में छापा मारकर नायब तहसीलदार महेंद्र कोल को 4,000 रुपये लेते हुए मौके पर गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, जबकि राजस्व निरीक्षक के खिलाफ भी आगे की कार्रवाई जारी है।

भोपाल में खेल को बढ़ावा: CM मोहन यादव ने रोइंग चैंपियनशिप का उद्घाटन किया, कहा सरकार दे रही प्रोत्साहन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी, बड़े तालाब, भोपाल में आयोजित ‘8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप’ का उद्घाटन किया। समारोह के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि खेलों को नई ऊर्जा और प्रोत्साहन देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने लगातार प्रदेश का नाम रोशन किया है और इस राष्ट्रीय स्तरीय चैंपियनशिप में भी एमपी टीम अपना बेहतरीन प्रदर्शन करे प्रदेश को गौरवान्वित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब राष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने बड़े तालाब की विशालता, स्वच्छ जल क्षेत्र और अनुकूल जल-परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि यह स्थल देश के प्रमुख वॉटर स्पोर्ट्स स्थलों में धीरे-धीरे स्थापित हो रहा है। राजधानी भोपाल के बड़े तालाब स्थित मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी के बोट क्लब में आज ‘8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप’ का विधिवत शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चैंपियनशिप का शुभारंभ करते हुए कहा आशा जताई कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से राज्य में वॉटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा और युवा प्रतिभाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। विश्वास सारंग ने कहा ‘सभी विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे खेल स्टेडियम’ इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन करना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘हम हर विधानसभा क्षेत्र में जल्द ही खेल स्टेडियम की योजना ला रहे हैं। खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान..इसका उन्नयन हमारी विशेष प्राथमिकता है।’ उन्होंने कहा कि बड़ा तालाब वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के लिए एक खूबसूरत और उपयोगी गंतव्य है और वर्तमान में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय रोइंग में नेशनल चैंपियन है, जो खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदेश की मजबूत खेल नीतियों का परिणाम है। पाँच सौ से अधिक खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 26 से 30 नवंबर तक आयोजित की जा रही है। इसमें 23 राज्यों की टीम के लगभग 500 जूनियर खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। बड़े तालाब के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य और शांत जल-माहौल के बीच हो रहे इस रोइंग चैंपियनशिप से खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों को भी एक अनूठा अनुभव प्राप्त होगा। इस आयोजन के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, जल-पोत व्यवस्था, टेक्निकल टीम, रेस ट्रैक मार्किंग समेत अन्य सभी व्यवस्थाएं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की गई हैं।

शिक्षकों की समस्याओं का समाधान आसान होगा: MP के हर जिले में ‘एकेडमिक ट्रिब्यूनल’ बनेगा, हाईकोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी

ग्वालियर  हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने  एक अहम मामले में सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला लिया है। सुनवाई के दौरान प्रदेश के हर जिले में प्राइवेट एकेडमिक और शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों की शिकायत व समस्याओं के समाधान के लिए एकेडमिक ट्रिब्यूनल।  हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से इस संबंध में चार सप्ताह में प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है। एकेडमिक ट्रिब्यूनल बनने के बाद शिक्षकों की समस्याओं पर सुनवाई और निराकरण यहीं हो सकेगा। इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी 2026 को रखी गई है। निजी शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक जनहित याचिका हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में दायर की गई थी। यह जनहित याचिका इस उद्देश्य से दायर की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध फैसले "टीएमए पे फाउंडेशन' बनाम स्टेट ऑफ कर्नाटक (2002) के निर्देशों का पालन किया जाए। इस केस में भी फैसले में स्पष्ट कहा गया था कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक एकेडमिक ट्रिब्यूनल होना ही चाहिए, जहां प्राइवेट एकेडमिक इंस्टीट्यूट के शिक्षक अपनी शिकायत लेकर आ सकें और उनका निराकरण किया जा सके। इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में हरियाणा सरकार का उदाहरण पेश किया गया है। बताया गया है कि हरियाणा गर्वमेंट ने 8 सितंबर 2025 को एक अधिसूचना जारी कर दी है। जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को टेक्निकल एजुकेशन से जुड़े सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों की अपील सुनने के लिए अधिकृत किया गया है। यह मॉडल मध्यप्रदेश में भी लागू किया जा सकता है। ट्रिब्यूनल के गठन तक अंतरिम व्यवस्था की जा सकती है हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 12 नवंबर 2025 को विधि विभाग द्वारा एक एसओपी/मैकेनिज्म तैयार कर रजिस्ट्रार जनरल को भेजा है। इसके आधार पर आगे कार्रवाई की जानी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जब तक प्रदेश स्तर पर एकेडमिक ट्रिब्यूनल तैयार नहीं होता है। तब तक जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को अंतरिम व्यवस्था के तहत अपीलें सुनने के लिए अधिसूचित किया जा सकता है। प्रदेश सरकार को चार सप्ताह में देना है रिपोर्ट याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह चार सप्ताह में एकेडमिक ट्रिब्यूनल लागू करने की तैयारी पर एक कम्पलीट प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करे। जिससे स्पष्ट हो सके कि आदेशों के पालन में अभी तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। यही कारण है कि इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी को रखी गई है।  

MP में फिर सर्दी की दस्तक, बादलों से रात का तापमान बढ़ा, दिन में ठंडक बनी रहेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अगले दो दिनों बाद प्रदेश में ठंड का असर दोबारा तेज़ होगा। फिलहाल भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बादलों की मौजूदगी के चलते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक आसमान में बादल छाए जरूर हैं, लेकिन बरसात की संभावना नहीं है। पहाड़ों पर बर्फबारी, लेकिन उत्तरी हवा रुकी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी लगातार जारी है, लेकिन हवा की दिशा बदलने से उत्तर की ओर से आने वाली सर्द हवाएं प्रदेश में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण हल्के बादलों की मौजूदगी बनी हुई है। इससे दिन में हल्की ठंडक महसूस हो रही है, जबकि रात का तापमान 5-6 डिग्री तक ऊपर चढ़ गया है। भोपाल में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री भोपाल में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री, इंदौर में 16.8 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 16.7 डिग्री और जबलपुर में 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।वहीं, नौगांव, रीवा, मुरैना, खजुराहो, चित्रकूट और दतिया सबसे ठंडे रहे। नौगांव 8 डिग्री, रीवा 8.9 डिग्री, मुरैना 9.4 डिग्री, खजुराहो 9.6 डिग्री, चित्रकूट 9.7 डिग्री और दतिया 9.9 डिग्री रहा। मंगलवार को दिन में भी मौसम ठंडा रहा और भोपाल सहित कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहा। नवंबर में टूटा ठंड का पुराना रिकॉर्ड इस बार नवंबर में ही ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे ज्यादा ठंड दर्ज हुई, जबकि इंदौर में 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। लगातार 15 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर चली। हालांकि नवंबर के आखिरी सप्ताह में ठंडक में थोड़ी कमी आई है। आमतौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े में तेज ठंड की शुरुआत होती है, लेकिन इस साल हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इसका सीधा असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ा और प्रदेश 6 नवंबर से ही ठिठुरने लगा। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली-1931 के बाद यह सबसे लंबा सिलसिला रहा। रात का पारा गिरकर 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो नया रिकॉर्ड बना। फिलहाल हवाओं का रुख बदल गया है, जिससे पिछले चार दिनों से शीतलहर थमी हुई है। यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है। हालांकि रात के तापमान में 2-3 डिग्री की कमी हो सकती है। दिसंबर के पहले सप्ताह में फिर से कड़ाके की ठंड लौटने के आसार हैं।  

इंदौर मेट्रो: एयरपोर्ट सर्वे और ट्रायल रन अलग-अलग स्पीड पर, 80 किमी/घंटा से होगा संचालन

इंदौर  इंदौर में छह किलोमीटर का मेट्रो रूट बनकर पूरी तरह तैयार है। अब अलग-अलग टीमें आकर सेफ्टी ऑडिट कर रही हैं। मंगलवार को मेट्रो ट्रैक पर कोच का स्पीड ट्रायल हुआ। मेट्रो ट्रेन 80 किलोमीटर की गति से ट्रैक पर चली। इस दौरान कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी जनक कुमार गर्ग भी मौजूद थे। इसके पहले उन्होंने छह किलोमीटर हिस्से के ट्रैक का ट्राॅली पर बैठकर निरीक्षण किया था। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम सोमवार को ही इंदौर आ गई थी। टीम  गांधी नगर डिपो भी गई थी। उन्होंने वहां पर सुरक्षा मानकों के हिसाब से मेट्रो कोच को परखा। टीम ने डिपो में संचालन से जुड़ी गतिविधियों को देखा। मेट्रो के लिए बनाए सेंटर की भी जांच की गई। पहले भी मेट्रो कोच का अलग-अलग स्पीड के हिसाब से ट्रायल हो चुका है। सिविल वर्क का ऑडिट भी होने वाला है। इस ऑडिट की रिपोर्ट के बाद मेट्रो के कामर्शियल रन की रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके बाद मेट्रो का कामर्शियल रन संभव हो सकेगा।  छह किलोमीटर के अंतर्गत आने वाले मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण भी टीम ने किया। यहां लगी लिफ्ट, टिकट खिड़की, प्लेटफार्म सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा सहित अन्य मापदंडों पर स्टेशनों को परखा गया। इसके बाद टीम रवाना हो गई। सर्टिफिकेट जारी होने के बाद इंदौर में छह किलोमीटर हिस्से में मेट्रो के संचालन की राह आसान हो जाएगी। डेढ़ माह पहले जब मेट्रो ट्रेन रेडिसन चौराहे तक आई थी तो उसकी गति दस किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम थी। अब उसकी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। मंगलवार को ट्रेन का आठ बार से ज्यादा ट्रायल रन हुआ है। छह माह बाद इस ट्रेन का संचालन गांधी नगर डिपो से 17 किलोमीटर लंबाई तक रेडिसन चौराहे तक हो सकेगा। अभी मेट्रो ट्रेन छह किलोमीटर के हिस्से में चल रही है, लेकिन यहां मेट्रो को यात्री नहीं मिल पा रहे है,क्योकि उस हिस्से न तो बसाहट है और न ही बड़े संस्थान। इस कारण लोगों की आवाजाही इस हिस्से में नहीं है। यात्री नहीं मिलने के कारण मेट्रो का संचालन भी शाम के समय हो रहा है, लेकिन उसमें भी ठीक से यात्री नहीं मिल पा रहे है।   मेट्रो ट्रेन-फैक्ट फाइल     इंदौर मेट्रो एयरपोर्ट, दो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को कवर करेगी। शहर के मध्य हिस्से के ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी।     हर 30 मिनट के अंतर से मेट्रो ट्रेन चलेगी।शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। फिलहाल 15 जगह स्टेशनों का काम चल रहा है। 20 से लेकर 80 रुपये तक मेट्रो ट्रेन का किराया होगा। मेट्रो ट्रेन कार्पोेरेशन ने किराए के लिहाज से मेट्रो रुट को पांच जोन में बांटा है।     अभी अंडरग्राउंड हिस्से का काम शुरू नहीं हो पाया है। मेट्रो ट्रेन के इस हिस्से में बदलाव के लिए इंदौर के जनप्रतिनिधियों ने फैसला लिया है। अभी इस पर प्रदेश सरकार की मंजूरी नहीं मिली है।     20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री सवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई है। जिसे यात्री पकड़ कर सफर कर सकते है। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आतंरिक रुप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी।   एयरपोर्ट के लिए भी हुआ सर्वे इंदौर में एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भी मंगलवार को सर्वे हुआ। एयरपोर्ट, नगर निगम और प्रशासन की टीम ने आसपास के हिस्से में दौरा किया। कुछ दिनों में मेट्रो का काम भी एयरपोर्ट परिसर के समीप शुरू हो जाएगा। मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा। 31 किलोमीटर का रहेगा मेट्रो का रूट इंदौर में मेट्रो का रूट 31 किलोमीटर रहेगा। फिलहाल 18 किलोमीटर लंबे हिस्से में काम चल रहा है। मेट्रो एयरपोर्ट से सुपर काॅरिडोर, विजय नगर, खजराना रिंग रोड, तिलक नगर, पलासिया, गांधी प्रतिमा, राजवाड़ा, सदर बाजार, बड़ा गणपति, एरोड्रम रोड होते हुए एयरपोर्ट तक जाएगी। नाथ मंदिर रोड से एरोड्रम रोड तक मेट्रो भूमिगत रहेगी। फिलहाल इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। पहले 17 किलोमीटर हिस्से में ट्रायल रन का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण अभी छह किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का संचालन शुरू करने की तैयारी की गई है, हालांकि इस हिस्से में मेट्रो के लिए यात्री काफी कम मिलेंगे।

Tatkal टिकट बुकिंग में नई सुविधा, एक OTP से तुरंत कंफर्म सीट

भोपाल  भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई OTP-बेस्ड बुकिंग सिस्टम शुरू कर दी है। अब आरक्षण काउंटर से Tatkal Ticket लेने पर भी यात्री के मोबाइल पर OTP आएगा, और वही OTP बताने पर टिकट जारी होगा। इसकी प्रायोगिक शुरुआत रानी कमलापति–दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से हो चुकी है। नया बदलाव क्यों है फायदेमंद? भोपल के सीनियर DCM सौरभ कटारिया के अनुसार नई व्यवस्था से— टिकट खिड़की खुलते ही टिकट उड़ाने वाले एजेंटों पर लगाम लगेगी। एक मोबाइल नंबर से एक समय में सिर्फ एक Tatkal Ticket ही बन सकेगा। यात्री की असली पहचान सुनिश्चित होगी। बुकिंग सिस्टम ज़्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनेगा। फर्जीवाड़ा और गलत तरीके से टिकटों की बुकिंग पर रोक लगेगी। शताब्दी में 30% सीटें OTP-आधारित Tatkal शताब्दी एक्सप्रेस की 1500 सीटों में से 450 सीटें अब OTP-बेस्ड Tatkal कोटे में शामिल। रानी कमलापति और भोपाल स्टेशन से रोज़ाना 550–600 Tatkal टिकट बनते हैं। यहां से कुल लगभग 130 ट्रेनें संचालित होती हैं और 10–30% यात्री Tatkal टिकट पर यात्रा करते हैं। जल्द ही देशभर की ट्रेनों में लागू होगा यह सिस्टम रेलवे अधिकारियों के अनुसार यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो देश की सभी ट्रेनों में Tatkal Booking के लिए OTP प्रणाली लागू की जाएगी। इससे पूरे देश में Tatkal टिकट व्यवस्था और अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बन जाएगी।

महाघोटाले की आंच: MP में जल जीवन मिशन की 280 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट, 141 अफसरों पर गिरी गाज

भोपाल  जल जीवन मिशन में गड़बड़ी के मामलों को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने अब कड़ा रूख अपना लिया है। मंगलवार को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मिशन की समीक्षा बैठक में बड़े स्तर पर लापरवाही उजागर की। पीएचई के प्रमुख सचिव पी. नरहरि से मुख्य सचिव ने सीधे सवाल-जवाब किए और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तलब की। क्या पाया गया? बैठक में खुलासा हुआ कि अफसर–ठेकेदार–एजेंसी के गठजोड़ ने घटिया सामग्री सप्लाई की, टेंडर नियमों का उल्लंघन किया और कई प्रोजेक्ट में फर्जी बैंक गारंटी तक लगाई गई। मुख्य सचिव ने साफ कहा—“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, जीरो टॉलरेंस पर कड़ी कार्रवाई होगी। बड़ी कार्रवाई  280 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट अब दूसरे विभागों में काम नहीं मिलेगा।  22 ठेकेदार ब्लैकलिस्ट + अनुबंध निरस्त फर्जी बैंक गारंटी वाले ठेकेदारों पर CBI केस भी दर्ज।  141 अधिकारी नोटिस पर त्रुटिपूर्ण DPR बनाने पर उपयंत्री से लेकर कार्यपालन यंत्री स्तर तक नोटिस जारी।  10 अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई गुणवत्ताहीन सामग्री व टेंडर नियमों के उल्लंघन में दोषी पाए गए।  30 करोड़ की पेनल्टी विभाग ने एजेंसियों पर अब तक लगभग ₹30 करोड़ का आर्थिक दंड लगाया। केंद्र ने बजट रोका – क्यों बढ़ी चिंता? पिछले एक साल से केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के फंड जारी नहीं किए हैं। अक्टूबर 2024 में 600 करोड़ आए थे, पर उसके बाद दूसरी दीपावली भी निकल गई लेकिन राशि नहीं मिली। मुख्य सचिव की यह सख्त समीक्षा केंद्र के फंड रिलीज से जोड़कर देखी जा रही है। विधानसभा में तीन बार हंगामा विपक्ष ने आरोप लगाया कि “योजना को चौपट कर दिया गया।” विधायक समितियों से जांच कराने की मांग… सत्ता पक्ष के विधायक गोपाल भार्गव ने भी समर्थन किया। समग्र संदेश मुख्य सचिव का साफ संकेत है कि जल जीवन मिशन में अब कोई समझौता नहीं होगा। गुणवत्ता, वित्तीय शुचिता और पारदर्शिता पर बड़ा फोकस—और गड़बड़ी पकड़ी गई तो सीधी कार्रवाई।