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सरकारी मदद के बिना पलायन रोकने के लिए बीजेपी करेगी आदिवासी क्षेत्रों में व्यापक काम

भोपाल  2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने आदिवासी क्षेत्रों में समग्र ग्रामीण विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इस योजना के तहत आदिवासी आरक्षित 47 विधानसभा क्षेत्रों में तीन से चार गांवों के समूह बनाकर विभिन्न मानकों पर बिना सरकारी सहयोग के विकास कार्य किए जाएंगे। इस पहल को ‘संकुल विकास परियोजना’ नाम दिया गया है। क्लस्टर आधारित विकास मॉडल बीजेपी ने क्लस्टर स्तर पर विस्तृत प्रोफाइल तैयार कराई है। इसमें प्रत्येक संकुल का नाम, संबंधित जिला और ब्लॉक, शामिल ग्राम पंचायतों की सूची, तहसील मुख्यालय से दूरी, पंचायतों के अंतर्गत आने वाले गांवों की संख्या, कुल जनसंख्या और परिवारों का विवरण सम्मिलित किया गया है। एक क्लस्टर में अधिकतम आठ ग्राम पंचायतों को शामिल करने की व्यवस्था की गई है। ये है BJP का पूरा प्लान बीजेपी जनजातीय मोर्चे ने मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में गांवों के विकास के लिए संसदीय संकुल विकास परियोजना लागू की है। इस पहल के तहत प्रत्येक आदिवासी विधानसभा सीट पर तीन से चार गांवों को जोड़कर एक संकुल (क्लस्टर) बनाया जाएगा। इसमें एक-दूसरे से भौगोलिक रूप से जुड़े ग्राम पंचायतों को सम्मिलित किया जाएगा, ताकि आवागमन और समन्वय दोनों में सुगमता बनी रहे। क्लस्टर में शामिल ग्राम पंचायतों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जलसंकट, आजीविका और पलायन जैसे प्रमुख मुद्दों पर ट्राइबल सिविल सोसाइटी बिना किसी सरकारी सहयोग के स्वयं विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी। कलस्टर की प्रोफाइल तैयार कराई बीजेपी ने क्लस्टर लेवल की प्रोफाइल तैयार कराई है। इसमें संकुल के नाम के साथ जिला, ब्लॉक और संकुल में शामिल ग्राम पंचायतों के नाम, तहसील मुख्यालय से दूरी, पंचायत में शामिल गांवों की संख्या, पंचायत की जनसंख्या और कुल परिवारों की संख्या की जानकारी तैयार कराई है। एक कलस्टर में अधिकतम 8 ग्राम पंचायतें शामिल की जा सकती हैं। कलस्टर कमेटी में विधायक और पूर्व विधायक शामिल होंगे संकुल विकास परियोजना के लिए बनने वाली कमेटी में उस क्षेत्र के बीजेपी विधायक, संबंधित पंचायतों के सरपंच, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्ष शामिल किए जाएंगे। जहां बीजेपी के विधायक नहीं हैं वहां पूर्व विधायकों या हारे हुए विधानसभा प्रत्याशी समिति में लिए जाएंगे। अब आदिवासी क्षेत्रों में बीजेपी और कांग्रेस का प्रभाव समझिए एमपी में आदिवासी वर्ग के लिए 47 विधानसभा सीटें आरक्षित हैं। इनमें से 25 सीटों पर बीजेपी, 21 सीटों पर कांग्रेस और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी का कब्जा है। आदिवासी क्षेत्रों में बीजेपी गांवों के समग्र विकास का मॉडल प्रस्तुत करके कांग्रेस के विकास और बीजेपी के डेवलपमेंट मॉडल को बताना चाहती है। एमपी की मोहन सरकार में आदिवासी वर्ग के 5 मंत्री हैं। इनमें विजय शाह, नागर सिंह चौहान, निर्मला भूरिया, संपतिया उईके, राधा सिंह मंत्री हैं। विधायक और पूर्व विधायक भी होंगे शामिल संकुल विकास परियोजना के लिए प्रस्तावित समिति में संबंधित क्षेत्र के बीजेपी विधायक, शामिल ग्राम पंचायतों के सरपंच, जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अध्यक्षों को सदस्य बनाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में पार्टी का विधायक नहीं है, वहां समिति में पूर्व विधायक या पिछली विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी को शामिल किया जाएगा।

अभिनेत्री और सांसद जया प्रदा ने महाकालेश्वर मंदिर में की पूजा, नंदी के कान में रखी मुराद

उज्जैन अभिनेता धर्मेंद्र के स्वास्थ की मंगलकामना लेकर एक समय की विख्यात अभिनेत्री व सांसद जया प्रदा बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची. इसके अलावा अभिनेता सनी सिंह और अभिनेत्री युक्ति थरेजा ने भी बाबा महाकाल के दर्शन लाभ लिए. जया प्रदा ने नंदी हॉल में नंदी के कान में लगकर कुछ मुराद मांगी. इसके बाद जया प्रदा ने महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्था की तारीफ की. अभिनेता सनी सिंह, अभिनेत्री युक्ति थरेजा ने भी किए दर्शन महाकालेश्वर मंदिर धाम में रोजाना हजारों की संख्या में भक्त आते हैं. नेता, अभिनेता, अभिनेत्रियां, खिलाड़ी व अन्य VVIP भी बाबा महाकाल के दर्शन करने आते रहते हैं. रविवार को अभिनेत्री जया प्रदा और सोमवार सुबह अभिनेता सनी सिंह, अभिनेत्री युक्ति थरेजा बाबा महाकाल की शरण मे पहुंचे. तीनों लोगों ने देश में सुख-समृध्दि की मंगलकामना की. बाबा महाकाल से धर्मेंद्र के लिए प्रार्थना जया प्रदा ने कहा "बाबा महाकाल के धाम से कोई खाली हाथ नहीं जाता. बाबा हमेशा झोली भरकर भेजते हैं. बाबा जल्द ही करोड़ों लोगों के दिल पर राज करने वाले धर्मेंद्र का स्वस्थ ठीक करें, यही मंगलकामना की है." उन्होंने मंदिर में सफाई व्यवस्थाओ की भी तारीफ की. जयाप्रदा बॉलीवुड की प्रसिद्ध कलाकार रही हैं. वह लोकसभा की सदस्य भी रह चुकी हैं. फिलहाल वह भाजपा से जुड़ी हैं. जयाप्रदा ने अमिताभ, धर्मेंद्र, जितेंद्र, मिथुन जैसे बड़े कलाकारों के साथ लीड रोल निभाया है. बाबा महाकाल के दर्शन कर भावविभोर वहीं, फिल्म अभिनेता सनी सिंह एवं फिल्म अभिनेत्री युक्ति थरेजा का भी पुजारी परिवार ने सम्मान किया. सभी कलाकारों ने मंदिर के गर्भ गृह के द्वार से माथा टेक भगवान का आशीर्वाद लिया. सनी सिंह और युक्ति थरेजा ने मंदिर प्रबंधन द्वारा किए जा रहे सुचारु दर्शन व्यवस्थाओं की सराहना की. दोनों ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन को अपने लिए आध्यात्मिक एवं अविस्मरणीय अनुभव बताया. सन्नी सिंह ने इन फिल्मों में रोल किए सन्नी सिंह मॉडल भी हैं. फ़िल्म 'दिल तो बच्चा है जी' से उन्होंने फ़िल्म इंडस्ट्री में एंट्री की थी. सोनू के टीटू की स्वीटी, उजड़ा चमन व अन्य फिल्मों में वह काम कर चुके हैं. अभिनेत्री युक्ति थरेजा मॉडल और टीवी सीरियलों में काम करने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में आई हैं. उन्होंने जुनून, डेविल, मैक्रो व कुछ और फिल्मों में रोल किए हैं. 

किराए से रहने वालों के लिए भोपाल प्रशासन ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

भोपाल  :एमपी के भोपाल शहर की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के अनुसार अब शहर में किराये से रहने वाले, पेइंग गेस्ट, छात्रावासों के विद्यार्थी, घरों में काम करने वाले नौकर सहित किसी भी प्रकार से अस्थायी रूप से ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को अनिवार्य रूप से देनी होगी। ऐसा नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर की सुरक्षा के लिए खतरा पुलिस ने बताया कि भोपाल संवेदनशील शहरों में से एक है और जहां बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आते-जाते रहते हैं। कई बार इस आवागमन की आड़ में आपराधिक तत्व, कट्टरपंथी संगठन या अवैध प्रवासी भी शहर में प्रवेश कर लेते हैं जो शहर की सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं। मकान मालिक, पीजी संचालक और हॉस्टल प्रबंधन को किरायेदारों और रहवासियों का विवरण निर्धारित प्रोफार्मा में जमा करना होगा। होटल, लॉज, धर्मशाला, गेस्ट हाउस और रिसोर्ट संचालक भी अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक मुसाफिर का पूरा रेकॉर्ड रखकर पुलिस को उपलब्ध कराएंगे। पुलिस को सूचना देना जरूरी शहर में बढ़ते सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच आमजन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत नया आदेश जारी किया है। इसके अनुसार शहर में धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, जुलूस, रैली, आमसभा, पुतला दहन, पदयात्रा, रथयात्रा, घेराव या ज्ञापन जैसे किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम से पहले पुलिस को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति नहीं निकाल पाएंगे जुलूस पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने जारी इस आदेश में कहा गया है कि शहर में विभिन्न समुदायों, संगठनों, राजनीतिक दलों और समितियों द्वारा नियमित रूप से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ये आयोजन अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर होते हैं, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों का आवागमन रहता है।  ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और यातायात विभाग को पहले से तैयारी करने का अवसर मिलना बेहद आवश्यक है। आदेश में स्पष्ट है कि बिना अनुमति या पूर्व सूचना के किसी भी प्रकार का जुलूस या प्रदर्शन जन-जीवन में व्यवधान पैदा कर सकता है और कभी-कभी हिंसक स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

सर्दी में ट्रेन यात्रा सुरक्षित और समय पर, कोहरे से बचाने के लिए नई तकनीकें लगाई गईं

इटारसी  कोहरे से सुरक्षा के लिए ट्रेनों के लोको पायलट जीपीएस आधारित फॉग सेफ डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं। इससे घने कोहरे में भी मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के लोको पायलट को पता चल जाता है कि अगला सिग्नल कितनी दूरी पर है। सिग्नल ही नहीं बल्कि यह भी डिवाइस बता देता है कि अगला स्टेशन कब आने वाला है।  सभी लोको पायलटों को दिया गया डिवाइस इटारसी के चीफ लोको इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बताया कि इटारसी जंक्शन पर फॉग सेफ डिवाइस सभी लोको पायेंलेटों को दी जा रही है। वैसे तो ठंड के मौसम में कोहरे के समय उपयोग के लिए बना है, लेकिन अब लोको पायलट को इसे हमेशा साथ में रखना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रेन स्टार्ट होते ही इसे खिड़की के पास एंटीना खोलकर लगा दिया जाता है। यात्रा खत्म होने पर डिवाइस निकालकर रख लेते हैं। जिसे अन्य ट्रेन लेकर जाने वालों को दे दिया जाता है। यह प्रक्रिया रोटेशन में चलती रहती है। बताया जा रहा है कि इटारसी स्टेशन से चलने वाली 101 ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस रोटेशन के हिसाब से दी जा रही है। स्पीड को नियंत्रित करेगा 'कवच', दुर्घटना रोकेगा रेल का सफर अब और भी सुरक्षित होगा। इसके लिए रेल इंजनों में 'कवच' सिस्टम लगाया जा रहा हैं। रेलवे का कवच 4.0 पूरी तरह ऑटोमेटेड प्रोटेक्शन सिस्टम (Kavach System) है। यह नई आधुनिक तकनीक पर आधारित है। ट्रेन की निर्धारित स्पीड से 2 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा होने पर ट्रेन के इंजन में लगा कवच ओवर स्पीड अलार्म बजा देगा। अगर ट्रेन निर्धारित स्पीड से 9 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा है, तो ऑटोमैटिक ब्रेक भी लगाएगी। देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक इटारसी से चलने वाली ट्रेनों में भी यह सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे पहले इटारसी के बीटीसी केंद्र में इटारसी सहित देशभर के रेल डिवीजनों से आ रहे रेलकर्मियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। फॉग सेफ डिवाइस की उपयोगिता… यह लोको पायलट को कोहरे के चौरान भी सिग्नल की स्पष्ट जानकारी देता है. जिससे दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है। इस डिवाइस के कारण ट्रेनें सटीक गति और दिशा में चल सकती है, जिससे समय की बचत होती है। डिवाइस का उपयोग लोको पायलटों की मानवीय भूल को रोकता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़‌ता है। रेलवे ट्रैक पर बरती जा रही सावधानी रेलवे ट्रैक पर रेलकर्मी तैनात किए गए हैं, जो कोहरे के दौरान रेल लाइन पर सिग्नल को स्थिति की निगरानी करते हैं। रेल फ्रैक्चर की निगरानी व सूचना के लिए लाइनमैन एवं पेट्रोलिंग मैन को पटाखे दिए गए हैं। दिन और रात के समय रेलवे पटरियों की पेट्रोलिंग की जाती है।  सुरक्षा को लेकर लगातार चल रहा प्रयास- पीआरओ रेलवे द्वारा सुरक्षा और सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें नई तकनीकों का भी इस्तेमाल हो रहा है। सर्दी के मौसम में फॉग डिवाइस लोको में लगाए जा रहे हैं। जिससे समय पर ट्रेनें चलें और हादसों को रोका जा सके। – नवल अग्रवाल, पीआरओ रेल मंडल भोपाल

10 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद नवजात बाहर, डॉक्टर बोले—सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी

रीवा रीवा एयरपोर्ट से नियमित हवाई सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को तो लाभ मिला ही है. वहीं, एयरपोर्ट एक माह के बच्चे की जिंदगी बचाने में बहुत काम आया है. बच्चे की जान बचाने के लिए एयर एंबुलेंस को रीवा में उतारना पड़ा और उसे एयर एंबुलेंस से मुंबई भेजा गया. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) कार्यक्रम बच्चे के लिए वरदान बना है. बता दें कि पिछले दिनों प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के प्रयास के बाद रीवा एयरपोर्ट से नियमित रूप से छोटे-बड़े हवाई जहाज उतरने लगे हैं. RBSK के अंतर्गत अति गंभीर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 1 माह के बच्चे को तत्काल उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर SRCC मुंबई रवाना किया गया. बच्चे के दिल में छेद था, जिसे ले जाने के लिए रीवा हवाई अड्डे पर पहले से एयर एंबुलेंस थी. इसी से बच्चे को माता-पिता के साथ मुंबई भेजा गया. बच्चे का कम हो गया था ऑक्सीजन लेवल रायपुर कर्चुलियान तहसील के मनकहरी गांव के रहने वाले प्रियंका पाठक और शशि भूषण तिवारी अपने एक साल बेटे को लेकर रीवा जिला अस्पताल पहुंचे थे, जो हृदय रोग (दिल में छेद) की गंभीर समस्या से पीड़ित था. उसका शरीर पूरी तरीके से नीला पड़ गया था और सांस लेने में तकलीफ थी. इससे लगातार ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा था. 5 घंटे लगातार चला आपरेशन 3 नवंबर को वामिका ने अपने जुड़वा भाई दिवित के साथ जन्म लिया। भाई तो पूरी तरह से स्वस्थ था, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि वामिका के दिल में जन्मजात छेद है। 4 नवंबर को बच्ची के पिता को डाॅक्टरों ने बताया कि बच्ची के दिल में छेद है। इसका इलाज सिर्फ मुंबई के नारायणा हास्पिटल में ही होता है। इलाज के लिए पिता ने 5 नवंबर को आरबीएसके और स्वास्थ्य विभाग से मदद मांगी, जिसके बाद चंद घंटे में ही छुट्टी के दिन दस्तावेज तैयार किए और एयर एम्बुलेंस से नारायणा अस्पताल भेजा गया। 7 नवंबर को डा. प्रदीप कौशिक (सीनियर सर्जन) और डा सुप्रितिम सेन (सीनियर कंसलटेंट,पीडियाट्रिक कार्डियोलाजिस्ट) ने लगातार 5 घंटे तक एक के बाद एक दो मेजर आपरेशन किए। डे-5 लाइफ में हुआ आपरेशन: डॉ. सुप्रितिम नारायण अस्पताल में पदस्थ डाॅ. सुप्रितिम सेन ने बताया कि 3 बच्ची Transposition of the Great Arteries से जूझ रही थी। इसमें जान बचाना है, तो जितनी जल्दी हो सके आपरेशन करना अनिवार्य होता है। 6 नवंबर को मध्यप्रदेश सरकार और आरबीएसके विभाग ने मिलकर एयर लिफ्ट करते हुए इसे मुंबई लाया गया तो यह स्थिर हालत में थी। बच्ची की हालत को देखते हुए फौरन आपरेशन की तैयारी की गई, और फिर महज पांच दिन की बच्ची के दो जटिल आपरेशन किए गए। डा सुप्रितिम सेन ने बताया कि 15 दिन की उम्र में इतना जटिल और कठिन आपरेशन आमतौर नहीं किया जाता है, पर नवाजात की लाइफ को देखते हुए यह कदम उठाया गया। सामान्य हो रही है वामिका डाॅ. सुप्रितिम सेन का कहना है कि आपरेशन 100 प्रतिशत सफल हुआ है। सिर्फ पांच दिन की बच्ची का इतना कठिन आपरेशन बहुत ही कम होते है। उन्होंने बताया कि बेबी का ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, कार्डियक फन्गसन सब रिकवर हो चुका है। उसका वेंटिलेटर भी अलग कर दिया गया है, जिससे वह स्वंय ही सांस ले रही है। बहुत जल्द बेबी सामान्य बच्चों की तरह हो जाएगी। नारायणा हास्पिटल के डाॅ. का कहना है कि समय रहते मध्यप्रदेश सरकार और जिला स्वास्थ्य विभाग ने बच्ची को यहां पर भिजवाया, जिसके चलते ही उसे नई जिंदगी मिली है। पिता बोले-डाॅक्टरों को धन्यवाद वामिका के पिता सत्येंद्र दाहिया जो कि जन्म के बाद से ही उसके साथ में है। मुंबई के नारायणा अस्पताल के डाक्टर ने जब  उन्हें बताया कि बेबी अब खतरे से बाहर है, और उसका वेंटिलेटर भी अलग कर दिया है, तो उनके चेहरे में मुस्कान था। सत्येंद्र ने मध्यप्रदेश सरकार, आरबीएसके सहित स्वस्थ्य विभाग को धन्यवाद दिया है, सभी के प्रयास से बच्ची की जान बच गई है, और उसे नई जिंदगी मिली है। सत्येंद्र का कहना है, कि डाक्टरों का कहना है, कि जल्द ही उसकी छुट्टी हो जाएगी। सत्येंद्र का कहना है कि वामिका को नई जिंदगी देने वाले डाक्टर भगवान है, जिन्होंने कि इतना जटिल आपरेशन को सफलतापूर्वक किया। आरबीएसके के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला। आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला का कहना है कि यह शासन को सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है, इसके तहत 0 से 18 साल तक के जन्मजात विकृति से ग्रसित बच्चों का इलाज किया जाता है। इस योजना के तहत अगर मदद लेनी है, तो बहुत कम दस्तावेज लगते हैं। सुभाष शुक्ला ने बताया कि बेबी वामिका के इलाज में शासन ने 1 लाख 90 हजार रुपए की मदद की है, जबकि इलाज में करीब 5 लाख से अधिक का खर्च है, ऐसे में नारायणा फाउंडेशन ने बच्ची के पिता को आश्वासन दिया है, कि इलाज में जितना भी खर्च आएगा, वह पूरा हम उठाएंगे। सीएमएचओ डाॅ. संजय मिश्रा का कहना है कि बेबी वामिका जो कि मध्यप्रदेश की पहली ऐसी बच्ची है, जिसकी जान बचाने के लिए राज्य सरकार ने एयरलिफ्ट करते हुए उसे मुंबई भिजवाया था। बच्ची ठीक है, जल्द ही वह पिता के साथ पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर जबलपुर आ रही है। सिविल सर्जन डॉक्टर प्रतिभा मिश्रा ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के इंचार्ज विष्णु प्रताप सिंह को तत्काल निर्देश दिया कि वह तत्काल बच्चे को मुंबई के पेडियाट्रिक सर्जन के पास इलाज के लिए भेजें. इसके बाद एयर एंबुलेंस का इंतजाम किया गया और बच्चों को एयरलिफ्ट करके मुंबई भेज दिया.  बच्चे को मुंबई भेजने के लिए संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक राहुल मिश्रा, डॉक्टर रवि सिंह से बात की गई. यह तय किया गया बच्चे को इंटीग्रेशन हेतु आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत निशुल्क सर्जरी एसआरसीसी चिल्ड्रन मुंबई में कराई जाएगी.

वृंदावन से बागेश्वर तक पदयात्रा पूरी, पंडित धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत श्रद्धालुओं ने किया

 छतरपुर  7 से 16 नवंबर तक बागेश्वर महाराज ने 150 किलोमीटर की बागेश्वर बांके बिहारी मिलन पदयात्रा करने के बाद धाम पहुंचे। धाम की सीमा में जैसे ही उन्होंने प्रवेश किया, वहां पुष्प वर्षा और डीजे, ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया गया। सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सोमवार को सुबह जैसे ही बागेश्वर धाम के महंत बागेश्वर धाम गड़ा की सीमा में दाखिल हुए। 16 नवंबर को पदयात्रा का विराम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ बांके बिहारी जी के दर्शन कर हुआ था। इसमें कई लाख श्रद्धालु भी पहुंचे थे और मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव जी अंतिम दिवस की सनातन एकता पदयात्रा में शामिल हुए थे। यह 150 किलोमीटर की पदयात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई और लाखों की संख्या में सनातनी इस पदयात्रा में उमड़े। बागेश्वर धाम की पावन भूमि पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सर्वप्रथम दादा गुरु तथा बागेश्वर बालाजी भगवान को दंडवत प्रणाम किया। इस दौरान भक्तों ने ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ पुष्पवर्षा की। इस दौरान महाराज जी के साथ पूज्य राजू दास और माधव जी महाराज बागेश्वर धाम पहुंचे।  

ड्रग डीलिंग के आरोप में राजगढ़ से यासीन मछली का गुर्गा हिरासत में

भोपाल / राजगढ़ यासीन मछली गैंग का बड़ा गुर्गा भोपाल पुलिस के हाथ चढ़ा है. भोपाल के ऐशबाग इलाके में रहने वाला ड्रग तस्कर सनब्बर एमपी के राजगढ़ से गिरफ्तार किया गया है, 22 जुलाई 2025 को यासीन की गिरफ्तारी की बाद पेडलर के तौर पर उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद से ही वह फरार चल रहा था. सनब्बर के खिलाफ क्राइम ब्रांच में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज है. बताया जा रहा है कि आरोपी राजगढ़ में ट्रक की डिलीवरी देने गया था, जहां मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, उसके पास से 85 हजार की एमडी ड्रग्स भी बरामद हुई है.  राजगढ़ पहुंचा था सनब्बर पुलिस को इस बात की जानकारी मिल चुकी थी कि यासीन मछली गैंग का गुर्गा सनब्बर राजगढ़ पहुंचने वाला है, सनब्बर ट्रक की डिलीवरी के सिलसिले में राजगढ़ आया हुआ था. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति गोल्डन कलर की कार के साथ तारागंज रोड पर खड़ा है और उसके पास अवैध एमडी ड्रग्स मौजूद हैं. सूचना मिलते ही सारंगपुर थाना पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ लिया, पूछताछ में उसने अपना नाम सनब्बर अंसारी जो भोपाल के बोगदापुल बाग फरहद अफजा ऐशबाग का रहने वाला है. तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से करीब 85 हजार रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स मिली.  पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सनब्बर के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, हाल ही में उसका भाई शाकिर भी क्राइम ब्रांच की तरफ से पकड़ा गया था, जिस पर भी एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं. पुलिस ने सनब्बर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.  यासीन मछली गैंग पर एक्शन जारी  बता दें कि भोपाल की यासीन मछली गैंग पर लगातार जारी है, अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और उनके अड्डों को भी तोड़ा गया है. यह ड्रग्स तस्करी का बड़ा नेटवर्क था, जिसके तार विदेशों से भी जुड़े थे, ऐसे में पुलिस लगातार इस मामले में कार्रवाई कर रही है.  

गिरिराज सिंह का बयान: लोकतंत्र में परिवारवाद की समाप्ति जरूरी

 डिंडौरी भाजपा के राष्ट्रीय कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अमरकंटक से लौटते समय भाजपा के शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे के आवास पहुंचे। पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहां की अब परिवारवाद का लोकतंत्र में खत्म होने का समय आ गया है। प्रधानमंत्री ने चुनाव के पहले ही कह दिया था, कि चुनाव के बाद लालू यादव का परिवार बिखर जाएगा। अब कोई पार्टी परिवारवाद से नहीं चल सकती। इंदिरा गांधी के बाद राजीव गांधी और संजय गांधी का परिवार भी बिखर गया। एक ही परिवार चल रहा है। कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह के बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम उत्तर कोरिया, रूस और चीन में हुए चुनावों के समान थे, जहां सभी वोट एक पार्टी के पास जाते हैं के दावों पर पूछे सवाल का जबाव देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिग्विजय बाबू अपने चेले के समान दिमागी दीवालिएपन के शिकार हो रहे हैं। भारत का लोकतंत्र इतना मजबूत है कि विश्व का कोई देश इसका मुकाबला नहीं कर सकता। गिरिराज सिंह ने कहा कि अब कांग्रेस खात्मे की ओर है। पिछले 6 चुनाव में जितने एमएलए कांग्रेस के पास है, उतने एमएलए केवल बिहार में ही हमारे जीत गए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक नया इतिहास बना रही हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण में मिली गंभीर चूक, भोपाल कलेक्टर ने अधिकारियों को निलंबित किया

भोपाल  जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम किया जा रहा है। इसके तहत 2029 BLO को मतदाताओं को गणना पत्रक देने के साथ्ज्ञ ही उन्हें भरवाकर डिजिटाईज्ड भी करना है। इसी कार्य की समीक्षा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर ने रविवार देर रात की तो एक सुपरवाइजर व बीएलओ की लापरवाही सामेन आई है। इस पर कलेक्टर ने देर रात ही दोनों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए है। कलेक्टर रविवार रात SIR कार्य की समीक्षा कर रहे थे, जिसमें सामने आया कि विधानसभा क्षेत्र उत्तर के मतदान केंद्र दो के BLO अनंतलाल मिश्रा की ओर से लगातार निर्देश देने के बाद भी एक भी गणना पत्रक BLO एप पर डिजिटाईज नहीं किया गया है। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र गोविंदपुरा के BLO सुपरवाईजर शुभम प्रताप सिंह ने लक्ष्य के अनुरूप बीएलओ से कार्य नहीं करवाया और प्रत्येक बीएलओ से प्रतिदिन 100 गणना पत्रक बीएलओ एप पर डिजिटाईज नहीं करवाया गया है।इस तरह अनंत लाल मिश्रा और शुभम प्रताप सिंह द्वारा SIR कार्य में लगातार लापरवाही बरतने पर निलंबित किया जाता है। आज भी SIR को लेकर बैठक कलेक्ट्रेट में सोमवार को बैठक रखी गई है। इसमें SIR समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर ने सभी ईआरओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के सभी बीएलओ के कार्यों की निगरानी करें। प्रत्येक बीएलओ को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही काल सेंटरों को पूर्ण रूप से संचालित करते हुए, कार्य के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।

MP में कड़ाके की ठंड, पेरेंट्स बोले- बच्चे बीमार हो रहे; 1941 के बाद पहली बार पारा 5.2°C

भोपाल मध्य प्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है। रविवार–सोमवार की रात राजधानी भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो नवंबर महीने का इतिहास का सबसे कम तापमान है। इससे एक ही रात में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग ने पुष्टि की कि यह पारा 84 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ चुका है। मौसम साफ होने और पवर्तीय क्षेत्रों से आ रही उत्तरी हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में बीते एक सप्ताह से शीत लहर का दौर जारी है. प्रदेश में पड़ रही ठंड ने नवंबर के महीने में बीते कई सालों का रिकार्ड तोड़ दिया. रविवार-सोमवार की दरमियानी रात इतिहास में पहली बार नवंबर के महीने में भोपाल का न्यमनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले 30 नवंबर 1941 को भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में अभी और ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है. अगले 3 दिनों तक शीतलहर का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ''बीते 24 घंटे में मध्य प्रदेश में रेनफाल का डिस्ट्रिब्यूशन ड्राय रहा. कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई.'' शर्मा ने बताया कि, ''वर्तमान में श्रीलंका तट के उपर के एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है. इसके साथ ही एक साइक्लोन सकुर्लेशन समुद्रतल से 7.5 किलोमीटर की उंचाई पर फैला है और दक्षिण-पश्चिम की दिशा में झुका हुआ है. अगले 24 घंटे में इसके पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है. ऐसे में अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश में शीत लहर का दौर जारी रहेगा.'' कई जिलों में नहीं बदला स्कूलों का समय अगले 2 दिन तक कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। इसके बावजूद कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग नहीं बदली गई है। ऐसे में बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सर्दी में स्कूल जाने की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। पेरेंट्स को भी खासी परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन को स्कूल लगने का समय बढ़ाना चाहिए। दरअसल, भोपाल में ज्यादातर स्कूलों की शुरुआत सुबह 7.30 बजे ही हो रही है। स्कूल की दूरी ज्यादा होने पर सुबह 6.30 बजे से वैन-बसें बच्चों को लेने पहुंच जाती हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से बात करके टाइमिंग बढ़ाई जाएगी। जल्द आदेश जारी कर देंगे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक, इंदौर में अभी कोल्ड डे जैसी स्थिति नहीं है। अगर सोमवार को मौसम बहुत ज्यादा सर्दी रही या कोल्ड डे जैसे स्थिति बनी तो शिक्षा विभाग से समन्वय कर स्कूलों के टाइमिंग को लेकर निर्णय लेंगे। वहीं, उज्जैन शिक्षा विभाग के एडीपीसी गिरीश तिवारी ने बताया कि ठंड के कारण सुबह के समय लगने वाले स्कूलों में अभी समय परिवर्तन के लिए कोई निर्णय नहीं हुआ है। मौसम में पहली बार 5 डिग्री सेल्सियस पर पारा बीती रात मध्य प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस मौसम में अब तक किसी भी शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज नहीं किया गया. वहीं भोपाल का पारा भी 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा. प्रदेश में रविवार को सभी शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा. जबकि बीती रात प्रदेश के 16 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. बीते 24 घंटे में बैतूल, भोपाल, धार, खंडवा, राजगढ़ और रतलाम में माइनस एक डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई है. जबकि सागर में 21 डिग्री सेल्सियस का परिवर्तन दर्ज किया गया. इंदौर-रीवा में 10 सालों का रिकार्ड टूटा मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात इंदौर का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. वहीं रीवा का न्यूनतम तापमान 74 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बीते 10 सालों में नवंबर के महीने में दोनों ही शहरों में इससे कम न्यूनतम तापमान दर्ज नहीं किया गया था. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम साफ है, इसलिए बारिश की कोई संभावना नहीं है. लेकिन अभी अगले 3 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर का दौर जारी रहेगा. आज इन 17 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट आज सोमवार को धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, देवास, भोपाल, शिवपुरी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, मैहर, रीवा और सतना में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. मंगलवार को 11 जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी इंदौर, देवास, सीहोर, शाजापुर, भोपाल, राजगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर और जबलपुर में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में बदल गया स्कूल लगने का समय हालांकि, ग्वालियर में 1 नवंबर से कुछ स्कूलों ने सुबह 8 बजे के बाद क्लासेस शुरू होने का समय कर दिया है। छिंदवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी ने भी आदेश जारी किया है कि सुबह 8:30 बजे से पहले कोई भी स्कूल नहीं लगेगा। देवास जिले में लगातार गिरते तापमान को देखते हुए कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल सुबह 10 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। झाबुआ में कलेक्टर नेहा मीना ने आदेश जारी किया है कि नर्सरी से कक्षा तीसरी तक की क्लासेस सुबह 9 बजे और चौथी से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 8 बजे से पहले नहीं लगाई जाएंगी।