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राज्य की प्रगति की मिसाल: मध्यप्रदेश का नाम अद्वितीय कार्यों से हो रहा विश्व स्तर पर चर्चित

अद्वितीय और अतुलनीय कार्य से मध्यप्रदेश की बन रही नई पहचान • अशोक मनवानी भोपाल मध्यप्रदेश में अनेक ऐसे कार्य हुए हैं जो असंभव माने जाते थे। अद्वितीय और अतुलनीय कार्यों से प्रदेश की नई पहचान बन रही है। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर एक विशेष उपहार राज्य के नागरिकों को मिला है। प्रदेश के धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन से जुड़े स्थानों के लिए हेलीकाप्टर सेवा प्रारंभ करने की ठोस पहल की गई। नया दृष्टिकोण और नए फैसले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यभार संभालते ही नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी तकलीफों को देखा और उनके समाधान के निर्देश दिए। सरकारी फाइल पर उनके प्रथम हस्ताक्षर तेज आवाज में बजाए जाने वाले डीजे और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण से संबंधित हुए थे। इसके साथ ही खुले रूप में मांस की बिक्री को भी उन्होंने प्रतिबंधित किया। सभी नगरों और ग्रामों में मध्य प्रदेश के नागरिक समरसता के साथ आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ रहते हैं। इसलिए ऐसा कोई भी कारण मौजूद नहीं होना चाहिए जिससे कटुता और मतभेद को कोई स्थान मिले। सद्भाव, भाईचारा आपसी मेलजोल और परस्पर सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। एक आदर्श समाज की रचना के लिए इन कारकों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। गीता भवनों में होंगे वैचारिक आयोजन सामाजिक स्तर पर होने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए शहरों में गीता भवन बनाने का सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस दिशा में कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ी है। अनेक भवन चिन्हित हो गए हैं और बहुत जल्द गीता भवनों में वैचारिक आयोजन, बौद्धिक वर्ग की विचार गोष्ठियां, पुस्तकालयों , वाचनालयों का संचालन और लोक रंजन के कार्यक्रम होते हम देखेंगे। समाज और सरकार मिलकर मना रहे हैं पर्व और त्योहार मध्यप्रदेश में अलग-अलग संस्कृतियों, भाषाओं और बोलियों के रहवासी रहते हैं। इन सभी की अपनी परंपराएं हैं। सभी पर्व त्यौहार मिलकर बनाए जाते हैं और समाज के साथ अब सरकार भी पर्व त्योहारों में हिस्सेदारी कर रही है। जहां दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा वापस लौटती दिखाई दी वहीं अन्य त्योहारों पर भी मेलजोल देखने लायक रहा है। चाहे प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र में मालवा और निमाड़ अंचल में भगोरिया की धूम हो या शहरी क्षेत्र की बात करें तो इंदौर में होली के अवसर पर गेर का आयोजन हो, चाहे प्रदेश के अन्य जिलों में होली और रंग पंचमी का अवसर। सभी पर्व उल्लास के साथ बनाए गए। विभूतियों की गौरव गाथा आई मंच पर प्रदेश के आदर्श प्रतीक पुरुष जो महापुरुष होते हैं उनके नाटक मंचन की पहल हुई है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर प्रदेश के अने स्थानों पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित नाटकों का मंचन करवाया गया। इस क्रम में सम्राट विक्रमादित्य के नाटक मंचन दक्षिण भारत से लेकर नई दिल्ली तक और राजधानी भोपाल में भी करने की पहल एक अनूठा प्रयास है। इसी तरह राजा भोज, सम्राट अशोक और प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों पर केंद्रित नाटकों के मंचन भी आने वाले समय में होंगे। सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रदेश में अनेक रिकार्ड बने।चाहे तबला वादन हो अथवा गीता पाठ के आयोजन हो, प्रदेश के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की है। प्रदेश में निरंतर खुल रहे मेडिकल कॉलेज प्रगति के प्रयासों का सेक्टर वार उल्लेख करें तो पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला प्रांत है। इस समय प्रदेश में 32 मेडिकल कॉलेज हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सिंचाई, विद्युत, नवकरणीय ऊर्जा, सड़क निर्माण के क्षेत्र में आगे है निरंतर। इसके साथ अब शहरों में फ्लाय ओवर के निर्माण की श्रृंखला शुरू हुई है। इंदौर हो या भोपाल जबलपुर हो या ग्वालियर अथवा बीना और बासौदा जैसे छोटे कस्बे हो फ्लाय ओवर के निर्माण से जुड़े सभी प्रकल्प तेजी से क्रियान्वित हो रहे हैं। इससे शहरों में आंतरिक व्यवस्था सुधरी है। यातायात की बेहतर सुविधा नागरिकों को मिल रही है। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो रहा है। महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा का उपयोग प्रदेश की बहनों की उन्नति के लिए जहां बहुत सी योजनाएं लागू हैं वहीं टोल टैक्स वसूल करने और रेस्टोरेंट के संचालन के लिए उनकी क्षमताओं का उपयोग किया जा रहा है। यह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक पहल है। मध्यप्रदेश में पुलिस बैंड का उपयोग सीमित आयोजनों तक होता था। अब महाकाल की सवारी से लेकर अन्य पर्व त्यौहार पुलिस बैंड के साथ नई गरिमा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में नाके चेक पॉइंट में बदले गए हैं। थानों की सीमाओं में बदलाव किया गया। इसी तरह जिलों और तहसीलों की सीमाओं और नए जिलों के गठन के लिए पुनर्गठन आयोग कार्य कर रहा है। सुशासन के क्षेत्र में बहुत सा कार्य हुआ है। कई ई- सेवाएं प्रारंभ हुई हैं। ड्रोन की उपयोगिता बढ़ी राजस्व के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग क्रांतिकारी है। हरदा जिला ड्रोन के उपयोग में सबसे आगे था और अब पूरे प्रदेश में ड्रोन के माध्यम से राजस्व संबंधी कार्य हो रहे हैं। यही नहीं कृषि और रक्षा के क्षेत्र में भी ड्रोन के उपयोग के लिए पहल हुई है। राज्य स्थापना समारोह "अभ्युदय मध्यप्रदेश" में विशेष ड्रोन शो के माध्यम से मैपकास्ट संस्था पहली बार सक्रिय भूमिका में सामने आई। अंतर्राज्यीय परियोजनाओं को साकार करने की पहल मध्यप्रदेश में तीन बड़ी अंतर्राज्यीय परियोजनाओं के कारण आधे से अधिक जिले तेजी से उन्नति की ओर अग्रसर हैं। जहां राजस्थान के साथ बरसों पुराने विवाद का निपटारा किया गया वहीं केन बेतवा सिंचाई परियोजना और तापी मेगा प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। राजस्थान ,उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र प्रांतों के सहयोग से यह तीनों परियोजनाएं जब सरकार होंगी तब प्रदेश की तस्वीर एकदम परिवर्तित हो जाएगी। रेल सुविधाओं की दृष्टि से प्रदेश में अनेक सुविधाएं विकसित हुई हैं। निकट भविष्य में इंदौर- मनमाड रेल लाइन बन जाने से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का व्यापारिक और नागरिक संपर्क सघन हो जाएगा। तेजी से बढ़ रहे उद्योग और कारोबार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग के क्षेत्र में जो कार्य किया है वह प्रदेश की स्थापना से लेकर अब तक 70 वर्ष का सबसे अनूठा प्रयोग और सफल प्रकल्प है। … Read more

भावांतर योजना: सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर 4184 रुपए

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4184 रुपए किसानों को गुरूवार को मिली 233 करोड़ रूपए भावातंर राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रदेश के किसानों के खाते में भावांतर राशि के 233 करोड़ रूपए अंतरित किए। आज भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 14 नवंबर को 4184 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। यह मॉडल रेट बढ़कर 13 नवंबर को 4130 रुपए और आज 4184 रूपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।  

व्यापार मेले के दौरान प्रशासन की चेतावनी, नियम तोड़ा तो आवंटन रद्द और भारी जुर्माना

ग्वालियर  100 साल से भी ज्यादा पुराना रियासतकालीन ग्वालियर व्यापार मेला जल्दी ही शुरू होने वाला है, प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू हो गई है, दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है, मेला प्राधिकरण दुकानों को व्यवस्थित करने में लगा है, इस बीच प्रशासन ने मेले की शेष बची दुकानों के आवंटन के लिए एक बार फिर पोर्टल खोलने का निर्णय लिया हैं वहीं दुकान ब्लैक करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया है। श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेले में वर्ष 2025-26 में दुकानों के आवंटन के लिये दुकान आवंटन का कार्य एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 14 अक्टूबर से शुरू किया गया था। निर्धारित तिथि 10 नवम्बर 2025 तक मेले में केवल 60 प्रतिशत दुकानों का आवंटन ऑनलाइन हुआ है। इसलिए प्रशासन ने एक बार फिर पोर्टल ओपन करने के निर्णय लिया है। 14 से 21 नवम्बर तक खुलेगा एमपी ऑनलाइन पोर्टल  मेला प्रशासन ने तय किया है कि मेले की शेष 40 प्रतिशत दुकानों के आवंटन के लिये 14 नवम्बर से 21 नवम्बर 2025 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल खोला जायेगा। इस अवधि मेले में दुकान लगाने के इच्छुक दुकानदार एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवंटन के लिये आवेदन कर सकते हैं। स्वच्छता में लापरवाही: 5 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, 5 निलंबित, 4 आउटसोर्स सफाई श्रमिकों की सेवा समाप्त दुकान ब्लैक की तो लगेगा 1 लाख रुपये जुर्माना  ग्वालियर संभाग आयुक्त/मेला प्राधिकरण अध्यक्ष  मनोज खत्री ने गुरुवार को ग्वालियर व्यापार मेला के संचालन के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि मेले की दुकानों के लिये अंतिम बार 21 नवम्बर तक की अवधि निर्धारित की गई है। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी। संभाग आयुक्त ने बैठक में यह भी निर्देश दिए हैं कि मेले की दुकानों को ब्लैक करने की शिकायत भी प्राप्त होती है। किसी भी दुकानदार द्वारा अगर दुकान अन्य किसी को ब्लैक में या किराए पर दी जाती है तो आवंटित दुकानदार पर एक लाख रुपए की पैनल्टी लगाई जायेगी। साथ ही 5 वर्ष के लिये दुकान आवंटन ब्लैक लिस्ट में दर्ज किया जायेगा। इन व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश  संभाग आयुक्त ने मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने मेले की साफ-सफाई के संबंध में नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तत्परता के साथ साफ-सफाई का कार्य किया जाए। इसके साथ ही प्रचार-प्रसार, विद्युत व्यवस्था, ऑटोमोबाइल सेक्टर, झूला सेक्टर की व्यवस्थाओं के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का किया औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों का लिया जायजा गोपाल मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह बनेगा गीता भवन एक दिसम्बर को गीता जयंती पर नवनिर्मित सभागृह किया जाएगा लोकार्पित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह को “गीता भवन” के रूप में विकसित किया गया है। गीता जयंती के अवसर पर इसे एक दिसंबर को जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सभागृह 500 सीट का रहेगा। इसमें सभी अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी। यह सभागृह धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर में बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलार किया और आसपास के दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूरे मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों और जीर्णोद्धार के कार्यों को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर को अपने प्राचीन तथा गौरवशाली स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि गीता जयंती पर पूरे मध्यप्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर जिले में गीता भवन विकसित किए जाएंगे ताकि धार्मिक, सांस्कृतिक और अध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक मती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अर्थ जैन एवं  सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने जताया आभार  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार को इंदौर में लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने पुष्प-गुच्छ और पुष्प-मालाओं से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों ने उन्हें हर माह 1500 रुपये दिए जाने और स्वच्छता दीदियों के लिए नगर निगम के माध्यम से अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक मती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर  अमित सिंह,  सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम  रोहित सिसोनिया एवं  सुमित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इंदौर के प्रसिद्ध पोहे का लिया आनंद  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के राजवाड़ा के एक रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों से चर्चा की। उन्होंने इंदौर के प्रसिद्ध पोहे का आनंद भी लिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने जताया आभार

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार को इंदौर में लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने पुष्प-गुच्छ और पुष्प-मालाओं से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों ने उन्हें हर माह 1500 रुपये दिए जाने और स्वच्छता दीदियों के लिए नगर निगम के माध्यम से अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित सिंह, श्री सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम श्री रोहित सिसोनिया एवं श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

फर्जी मार्कशीट से सरकारी नौकरी पाने का खेल उजागर, MP STF ने किया शिकंजा कसने का काम

ग्वालियर मध्य प्रदेश एसटीएफ ने शिक्षक भर्ती में हुए बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। बीएड की फर्जी अंकसूचियों के जरिए सरकारी स्कूलों में नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कस दिया गया है। एसटीएफ ने इस मामले में 34 शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें से 8 आरोपी नामजद किए गए हैं। ग्वालियर के सात शिक्षक शामिल जानकारी के अनुसार, ये सभी शिक्षक ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी और इंदौर जिलों में पदस्थ हैं। इनमें से ग्वालियर जिले के सात शिक्षक शामिल हैं। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि इन शिक्षकों ने फर्जी बीएड अंकसूचियों के आधार पर दस्तावेज जमा कर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के बाद नियुक्ति हासिल की थी। कई टीचर की एक जैसी मार्कशीट जांच में पाया गया कि कई शिक्षकों की अंकसूचियां हूबहू एक जैसी थीं। अंकों, विषयों और यहां तक कि क्रम संख्या तक में समानता थी। प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि एक संगठित गिरोह ने बीएड की हूबहू अंकसूचियाँ तैयार कर बेचने का काम किया, जिससे कई अभ्यर्थियों को अवैध रूप से सरकारी नौकरी मिल गई। मुख्य सरगना की हो रही पहचान एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरोह के मुख्य सरगना और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इनसे जुड़े शैक्षणिक संस्थानों और प्रमाणपत्र जारी करने वाले बोर्डों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस रैकेट का नेटवर्क राज्य के कई जिलों में फैला हुआ है। कई सर्टिफिकेट निकले फर्जी जांच के दौरान एसटीएफ ने शिक्षकों के दस्तावेजों को संबंधित विश्वविद्यालयों से सत्यापित कराया, जहां से यह साबित हुआ कि कई प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी हैं। इसके बाद सभी संदिग्ध शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और शासकीय सेवा में फर्जी दस्तावेजों से प्रवेश लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। फिलहाल एसटीएफ ने संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को भी पत्र लिखकर इन शिक्षकों की सेवाओं की जांच और निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है, आगे जांच में और भी नाम सामने आने की संभावना है।  

CM मोहन यादव का एमजी रोड थाने और गोपाल मंदिर दौरा, सुरक्षा और प्रशासनिक हालात पर निगरानी

उज्जैन  मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन से इंदौर आए। वे पहले गोपाल मंदिर पहुंचे। यहां बने नवनिर्मित आडियोरियम का अवलोकन किया। अफसरों ने उन्हें बतया कि छोटे आयोजन इस हाॅल में हो सकते। मुख्यमंत्री मंदिर की पहली मंजिल पर गए और वहां झरोके से सबका अभिवादन किया। इस बीच बिहार चुनाव के रुझान आना भी शुरू हो गए थे। उन्होंने साथ चल रहे भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से इसकी जानकारी ली। वे मंदिर में करीब 20 मिनट तक रुके। उन्होंने मंदिर में दर्शन भी किए। इसके बाद उनका काफिला एयरपोर्ट जाने से पहले एमजी रोड थाने पर रुका। यहां उन्होंने थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से दर्ज प्रकरणों की जानकारी ली और उनसे भी पूछा कि नए थाने में उन्हें कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। इसके बाद वे भाजपा कार्यालय भी गए और बिहार चुनाव में एनडीए को मिली सफलता के जश्न में भी शामिल हुए। इसके बाद वे बड़वानी में जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। यहां वे बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।  चुनाव के समय राजकुमार मध्य प्रदेश में छुट्टी मना रहे थे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार चुनाव में एनडीए को मिले बहुमत के बारे में कहा कि जब बिहार में चुनाव थे, तब राजकुमार मध्य प्रदेश में छुट्टियां मना रहे थे। कांग्रेस खिसयानी बिल्ली की तरह खंबा नोचती है। यह हार राहुल गांधी को पहले ही दिखाई दे रही थी। हमने कहा था कि दुल्हा भाग गया, बैंड-बाजा घोड़ी तैयार है। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और सफलता पाई है।  

राजधानी में बढ़ती मधुमेह की चिंता: हर दिन बढ़ रहे बच्चों के केस, AIIMS हुआ ALERT

भोपाल   मधुमेह अब बच्चों को भी अपने गिरफ्त में ले रहा है। छोटे बच्चों में भी टाइप-1 व टाइप-2 डायबिटीज के मामले आ रहे हैं। हर रोज जीएमसी, एम्स भोपाल और जेपी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले बच्चों का आंकड़ा बढ़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार करीब दो प्रतिशत बच्चे टाइप-2 डायबिटीज के मरीज हैं। बच्चों में मधुमेह का अटैक पिछले पिछले चार-पांच वर्षों में तेजी से बढ़ा है। इस गंभीरता को समझते हुए एम्स,भोपाल में पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कोर्स शुरू करना पड़ा है। टाइप-1, टाइप-2 के जोखिम कारक टाइप-1 डायबिटीज एक ऑटोइयून बीमारी है, जिसमें शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है, जबकि टाइप-2 डायबिटीज जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है, जो मोटापा, निष्क्रियता, असंतुलित आहार और पारिवारिक इतिहास से बढ़ रही है। बीमारी उन बच्चों में ज्यादा देखी जा रही जो मैदान की जगह मोबाइल पर खेलते हैं। खेल उनकी दिनचर्या से नदारद है। स्क्रीन टाइम सीमित करने और स्कूलों में शुगर बोर्ड जागरुकता अभियान चलाकर इसे कम कर सकते हैं। बदलती जीवनशैली बनी खतरा चिकित्सकों के अनुसार, बच्चों और युवाओं में जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड फूड और निष्क्रिय जीवनशैली डायबिटीज का प्रमुख कारण है। मोटापा और अधिक चीनी का सेवन इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ाता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। राजधानी में सीमित जांच सुविधाएं भोपाल के सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाएं सीमित हैं। सरकारी लैब में एचबीएएलसी जांच के लिए सप्ताह भर इंतजार करना पड़ता है। ऊपर से जागरुकता की भी कमी है।

रोज़गार की कमी ने किया हैरान कर देने वाला मामला: जबलपुर में नकली किन्नर बनाकर वसूली, RPF ने पकड़ाई

जबलपुर  रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) ने कटनी–जबलपुर रूट पर चल रही ट्रेनों में अवैध वसूली करने वाले दो फर्जी किन्नरों को पकड़कर बड़ा खुलासा किया है। ओंकार चौधरी और धर्मेंद्र कोल नाम के ये दोनों आरोपी किन्नरों की वेशभूषा में ट्रेन में चढ़कर यात्रियों से जबरन पैसे वसूलते थे। पैसे न देने पर वे अभद्रता, गाली-गलौज और डराने-धमकाने जैसी हरकतें करते थे, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल बना रहता था। सूत्रों के मुताबिक, दोनों में आरोपी साड़ी, मेकअप और किन्नरों जैसी बोलचाल का इस्तेमाल कर वसूली करते थे। स्टेशन पहुंचते ही ये अपनी वेशभूषा बदलकर आम यात्री बन जाते थे, जिससे पहचान मुश्किल हो जाती थी। सिहोरा स्टेशन से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद RPF की विशेष टीम ने निगरानी शुरू की और छापेमारी के दौरान दोनों को ट्रेन में ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। RPF की कार्रवाई ने उन गिरोहों पर भी सख्त संदेश भेजा है जो किन्नरों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर यात्रियों को परेशान करते हैं। आरोपियों पर रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 

तनाव, दबाव और अवसाद से खुद को रखें मुक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्व मधुमेह दिवस है आज भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज विश्व मधुमेह दिवस है, जो हमें जागरूक करता है कि योग, ध्यान और संयमित व्यवहार से हम स्वस्थ रह सकते हैं। साथ ही जीवन में सर्वोच्च लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि आइए, हम सभी यह संकल्प लें कि अपनी जीवन शैली को उत्तम स्वास्थ्य के अनुकूल बनाए रखेंगे। साथ ही तनाव, अवसाद और अत्यधिक दबाव से खुद को हमेशा मुक्त रखेंगे।