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पथ विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वितरित किए जायेंगे ऋण : मंत्री विजयवर्गीय

पीएम स्वनिधि योजना में पहला स्थान रहने पर मिली बधाई केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने की योजना की समीक्षा भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि मध्यप्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना में शहरी क्षेत्र के अधिक से अधिक जरूरतमंद पथ विक्रेताओं को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इस संबंध में प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय को आवश्यक निर्देश दिये जा चुके हैं। मंत्री श्री विजयवर्गीय शुक्रवार को वीसी के माध्यम से केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय की बैठक में शामिल हुए। बैठक में केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने पीएम स्वनिधि पुनर्गठन के संबंध में विभिन्न राज्यों के मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने पीएम स्वनिधि योजना में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। पीएम स्वनिधि में देश में पहले स्थान पर बैठक में बताया गया कि पीएम स्वनिधि योजना का पुनर्गठन कर इसकी अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी गयी है। पथ विक्रेताओं को योजना का लाभ देने के मामले में मध्यप्रदेश पहले स्थान पर है। प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में शहरी पथ विक्रेताओं को अपना व्यवसाय शुरू करने और आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिये योजना में करीब 9 लाख हितग्राहियों को 2 हजार 78 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। हितग्राहियों को ब्याज सब्सिडी के रूप में 80 करोड़ रुपये की राशि दी गयी है। हितग्राहियों को प्रशिक्षण आयुक्त नगरीय विकास श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि प्रदेश में पथ विक्रेता अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक करने के लिये नगरीय निकायों के माध्यम से क्षमता निर्माण प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गयी है। हितग्राहियों को वित्तीय और डिजिटल साक्षरता, ई-कॉमर्स, पैकेजिंग, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का भी प्रशिक्षण दिलाये जाने की व्यवस्था की गयी है। पथ विक्रेताओं और उनके परिवार को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिये जन-धन, पीएम सुरक्षा बीमा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति और पीएम श्रम योगी मानधन योजना, वन नेशन-वन राशन कार्ड, जननी सुरक्षा, श्रमिक कल्याण और पीएम मातृत्व वंदना योजना से भी जोड़ा गया है। पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को समय पर ऋण राशि किस्त जमा कराने के लिये भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

पदभार ग्रहण न करने वाले चिकित्सकों के विरूद्ध करें कार्रवाई : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

टेलीमेडिसिन सुविधा का हो बेहतर उपयोग भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि जिला अस्पताल सहित प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टॉफ नियमित रूप से उपस्थित रहें। आम जनता को बेहतर तरीके से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर मिले। टेलीमेडिसिन सुविधा का भी विकल्प के तौर पर व्यापक और बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पन्ना प्रवास के दौरान कलेक्टर कार्यालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि संचालनालय स्तर से नियुक्त बांड चिकित्सकों को अनिवार्य रूप से पदभार ग्रहण करने के संबंध में निर्देशित किया जाए। इसके बावजूद भी अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करें। उन्होंने विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों से स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वीकृत और रिक्त पदों के संबंध में जानकारी ली। सार्थक एप के जरिए उपस्थिति दर्ज कराई जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आशा कार्यकर्ता और एएनएम से स्वास्थ्य योजनाओं का घर-घर संपर्क कर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं। हितग्राहीमूलक योजनाओं की राशि का भी समय पर भुगतान हो। समस्त बीएमओ भ्रमण कर मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों के कार्यों की मॉनिटरिंग कर संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करें। इसके अलावा बीपी, शुगर और फैटी लीवर का शत प्रतिशत परीक्षण हो। मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए भी सार्थक प्रयास किया जाए। सभी गर्भवती माताओं का हो पंजीयन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सभी गर्भवती माताओं का शत प्रतिशत पंजीयन एवं सभी आवश्यक जांच भी समय पर सुनिश्चित हो जिससे हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समस्या से भी निजात मिलेगी। बैठक में पूर्व मंत्री एवं विधायक पन्ना बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं विधायक पवई प्रहलाद लोधी सहित जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र मिश्रा, नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष यादव और अधिकारीगण उपस्थित रहे। जिला चिकित्सालय पन्ना का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का किया अवलोकन उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय पन्ना का भम्रण किया और मरीजों को प्रदत्त सुविधाओं का जायजा लिया। इस मौके पर जिला अस्पताल में मरीज और परिजनों को सभी सेवाएं समुचित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मूलभूत सुविधाओं और प्रबंध का अवलोकन भी किया। उप मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर व्यवस्थाएं देखीं। मरीज और आगंतुकों से चर्चा कर स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को अस्पताल की व्यवस्थाओं तथा प्रस्तावित कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।  

सीवर सफाई और कचरा संग्रहण के कार्य में लापरवाही न बरतें – ऊर्जा मंत्री तोमर

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने ई-स्कूटी से पाताली हनुमान, स्टेट बैंक पर किया सीवर सफाई का निरीक्षण भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार को उप नगर ग्वालियर के पाताली हनुमान मंदिर से स्टेट बैंक चौराहा (तानसेन नगर गेट) तक ई-स्कूटी से भ्रमण करते हुए विभिन्न गली-मोहल्लों में सीवर सफाई तथा कचरा संग्रहण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कई स्थानों पर सीवर सफाई व्यवस्था में खामियां देखकर नाराजगी व्यक्त की। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने जनसंपर्क के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और क्षेत्र में स्वच्छता एवं व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उन्होंने आम नागरिकों को भरोसा दिलाया कि जनसेवा ही मेरा संकल्प है और स्वच्छ, सुरक्षित और सशक्त ग्वालियर के निर्माण की दिशा उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर के साथ जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन, विद्युत वितरण कंपनी सहित अन्य विभागों के अधिकारी तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इससे पहले ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कांच मील, न्यू कॉलोनी स्थित अपने निज निवास पर आमजन की समस्याओं को सुना और यथा संभव निराकरण करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया।  

पश्चिम क्षेत्र विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं के लिए वाट्सएप चेटबोट सुविधा प्रारंभ की

भोपाल  पश्चिम क्षेत्र विद्युदत वितरण कंपनी की सूचना प्रौद्योगिकी टीम द्वारा उपभोक्ता सुविधा के लिये वाट्सएप चैटबोट व्यवस्था प्रारंभ की है। प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह के समक्ष इस नई व अत्याधुनिक व्यवस्था का प्रस्तुतिकरण व अनौपचारिक शुभारंभ हुआ। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उपभोक्ताओं को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से वाट्सएप से 7312426395 पर Hi लिखना होगा। इसके बाद हिंदी अंग्रेजी भाषा के विकल्प का चयन कर प्रीपेड बिल, पोस्टपेड बिल, पास बुक, बिलों के पीडीएफ, सोलर संबंधी जानकारी, दैनिक खपत, संक्षिप्त विवरण, दैनिक बिजली खर्च की जानकारी, मासिक खपत, जमा राशि की जानकारी, बकाया राशि की जानकारी, प्रीपेड कनेक्शन होने पर वालेट में उपलब्ध बैलेंस इत्यादि विवरण एक दो सेकंड में ही प्राप्त हो जाएगा। व्हाट्सअप पर विद्युत संबंधी जानकारी प्रश्नोत्तरी के माध्यम से भी प्राप्त की जा सकेगी। सूचना प्रौद्योगिकी शाखा के अधीक्षण यंत्री श्री सुनील पाटौदी ने बताया कि वर्तमान में शासकीय कनेक्शनों को प्रीपेड किया गया है। प्रीपेड कनेक्शनों के लिए चेटबोट सुविधाएं प्रारंभ करने वाली पश्चिम क्षेत्र कंपनी राज्य की पहली कंपनी है। यह सुविधा पूरी तरह आत्मनिर्भर भारत की अवधारण के साथ पश्चिम क्षेत्र के कार्मिकों द्वारा ही तैयार की गई है। वाट्सएप चैटबोट सुविधा का लाभ पश्चिम क्षेत्र के पचास लाख से ज्यादा उपभोक्ता ले सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों से प्रदेश में निवेश का नया कीर्तिमान

हर जिले में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं भोपाल  मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के हर जिले में निवेश को सक्रिय रूप से लाने का काम किया है। उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदापुरम, शहडोल, सागर और रीवा में आयोजित क्षेत्रीय रीजनरल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) उद्योग सम्मेलन ने स्थानीय उद्यमियों और उद्योगपतियों को सीधे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के साथ जोड़ा। मुख्यमंत्री ने जर्मनी, स्पेन और जापान सहित प्रमुख देशों के दौरे किए, जहाँ उन्होंने मध्यप्रदेश के औद्योगिक अवसरों और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक मंच पर पेश किया। देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में रोड शो के माध्यम से निवेशकों को प्रदेश की सरल सुगम औद्योगिक नीतियों, योजनाओं और अवसरों से सीधे परिचित किया। इन पहलों से न केवल निवेश बढ़ा बल्कि उद्यमियों के लिए औद्योगिक अवसर और युवाओं के लिए रोजगार भी सृजित हुए। औद्योगिक अधोसंरचना और प्रमुख परियोजनाएँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में औद्योगिक अधोसंरचना का विस्तार तेजी से हुआ है। राज्य के लगभग 85 प्रतिशत जिलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं, जो प्रत्येक जिले की विशेषताओं और क्षमताओं के अनुरूप हैं। सितंबर 2025 तक 33 हजार 450 हेक्टेयर में 139 औद्योगिक पार्क तैयार हो चुके हैं जो 2023 की तुलना में दोगुने से अधिक हैं। नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 4 हजार 861 हेक्टेयर में 5,700 करोड़ रुपए, मौजूदा क्षेत्रों के उन्नयन के लिए 761.77 करोड़ रुपए, और विशेष सहायता योजना के तहत 5 हजार 165.36 करोड़ रुपए मूल्य की 43 परियोजनाएँ स्वीकृत हुई हैं। उज्जैन में विक्रम उद्योगपुरी एक स्मार्ट औद्योगिक टाउनशिप के रूप में विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा हाल में शिलान्यास किए गए धार में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क टेक्सटाइल मूल्य श्रृंखला का आधार बन रहा है। सितापुर-मुरैना में मेगा लेदर और फुटवियर पार्क 162.70 हेक्टेयर में फैला निर्यातोन्मुख केंद्र बन गया है। नर्मदापुरम के मोहासा-बाबई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र में 17 हजार 750 करोड़ रु. का निवेश हुआ है, 21,777 रोजगार सृजित हुए और 514.50 एकड़ भूमि 22 इकाइयों को आवंटित की गई। Phase-II में नौ अतिरिक्त इकाइयों के लिए 551 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिससे 39,210 करोड़ रुपए का प्रस्तावित निवेश और 14 हजार 700 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क, सीहोर में आष्टा क्लस्टर, जमोदी में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन राज्य में औद्योगिक विविधता और आधुनिक उत्पादन को मजबूत कर रहे हैं। इंदौर आर्थिक कॉरिडोर के माध्यम से भूमि पूलिंग और औद्योगिक विस्तार सुगम हुआ है। तकनीक, नवाचार और क्षेत्रीय कौशल भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में स्थापित आईटी और डिजिटल उद्योग केंद्र राज्य को बहु-क्षेत्रीय औद्योगिक शक्ति केंद्र बना रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि तकनीक और नवाचार को स्थानीय प्रतिभा के साथ जोड़कर ही औद्योगिक विकास की सार्थकता है। क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन और प्रशिक्षण पहलों के माध्यम से स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को उद्योग की मांग के अनुसार कौशल प्रदान किया जा रहा है। क्षेत्रीय औद्योगिक विकास के स्पष्ट परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से जिलों में औद्योगिक विकास स्पष्ट रूप से दिख रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव ने निवेशकों को हर जिले की विशेष क्षमताओं और निवेश अवसरों जिससे निवेश सीधे धरातल पर आया। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से यह सुनिश्चित हुआ कि विकास सिर्फ शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि जिले और स्थानीय स्तर पर हर कोने में निवेश और उद्योगों का विस्तार हो। निवेश से साकार हुई प्रगति प्रदेश में निवेश परियोजनाएँ तेजी से धरातल पर उतर रही हैं। विक्रम उद्योगपुरी, पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क और नर्मदापुरम के नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र जैसी परियोजनाओं ने औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती दी है। निवेश बढ़ने के साथ ही रोजगार, स्थानीय व्यवसाय और नए उद्योग स्थापित हुए हैं। यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवेश प्रयास वास्तविक परिणाम में बदल रहे हैं और प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को मजबूती दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि औद्योगिकीकरण केवल निवेश तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्थानीय रोजगार, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना चाहिए। प्रदेश में निवेश आने से जिले और क्षेत्रों में उद्योग स्थापित हो रहे हैं, स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं और मध्यप्रदेश अब निवेशकों के लिए भरोसेमंद और सक्रिय औद्योगिक केंद्र बन गया है।  

मध्यप्रदेश में ग्रोथ हब’ पहल शुरू, इंदौर और भोपाल के लिए बनेगा समग्र आर्थिक मास्टर प्लान

भोपाल मुख्य सचिव  अनुराग जैन की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में ‘ग्रोथ हब (G-Hub)’ पहल का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह महत्वाकांक्षी पहल नीति आयोग और मध्य प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से इंदौर एवं भोपाल क्षेत्रों के लिए व्यापक और दीर्घकालिक आर्थिक विकास रणनीति तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस अवसर पर नीति आयोग के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर सु एना रॉय ने किया। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि सुविचारित आर्थिक योजना से न केवल इन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी बल्कि अनियंत्रित शहरी विकास पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। सु एना रॉय ने बताया कि इंदौर और भोपाल आर्थिक क्षेत्रों के लिए समग्र आर्थिक मास्टर प्लान अगले वित्त वर्ष के प्रारंभ तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है और नीति आयोग इस दिशा में राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग देगा। ‘ग्रोथ हब’ पहल के प्रथम चरण में इंदौर आर्थिक क्षेत्र (इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, खरगोन, रतलाम, शाजापुर, खंडवा) और भोपाल आर्थिक क्षेत्र (भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम्) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन क्षेत्रों के लिए आर्थिक प्रोफाइल, प्राथमिक परियोजना सूची और क्रियान्वयन रोडमैप तैयार किया जाएगा। दूसरे चरण में जबलपुर, सतना-रीवा, सागर और ग्वालियर क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा। बैठक के दौरान नीति आयोग ने G-Hub पहल का संक्षिप्त प्रस्तुतिकरण किया। संबंधित जिलों ने अपनी आर्थिक प्रोफाइल, प्रमुख अवसर, बाधाएँ और 90-दिवसीय कार्ययोजना साझा की। बैठक में स्टियरिंग कमेटी व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा में त्वरित कार्यों पर सहमति बनी जिनमें कॉमन फैसिलिटी सेंटर्स (CFC), प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना, एंटरप्राइज सपोर्ट सेंटर्स, लॉजिस्टिक्स-वेयरहाउसिंग, कौशल एवं अप्रेंटिसशिप, निवेश-प्रोत्साहन और एकीकृत मास्टर प्लानिंग जैसे बिंदु शामिल हैं। यह पहल ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के दृष्टिकोण से पूर्णतः संरेखित है जो नागरिकों को सुखद जीवन, संपन्न रोजगार अवसर और सांस्कृतिक गौरव प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है। G-Hub कार्यक्रम के माध्यम से परियोजना-आधारित क्रियान्वयन, नीति सरलीकरण, भूमि आपूर्ति, एकीकृत अवसंरचना और निवेश प्रोत्साहन के जरिये राज्य में उच्च वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण आजीविका और बेहतर ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी  संजय कुमार शुक्ल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग  ऋषि गर्ग और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। संबंधित जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।  

MP पुलिस बल में कमी, हर 873 नागरिकों पर एक जवान; 22 हजार भर्ती का रोडमैप तैयार

भोपाल  मध्य प्रदेश में औसतन 873 लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक पुलिसकर्मी पर है। मुख्यमंत्री ने तीन वर्ष के भीतर 22,500 पुलिस आरक्षकों की भर्ती की घोषणा की है। इसे सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन सच्चाई है कि प्रतिवर्ष दो से ढाई हजार पुलिस आरक्षक सेवानिवृत हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2024 में 60 हजार पुलिस आरक्षकों की भर्ती की। इस वर्ष भी वहां पुलिस आरक्षक और उप निरीक्षकों के लगभग 30 हजार पदों पर भर्ती होने वाली है। मध्य प्रदेश में पुलिस बल की कमी के चलते बड़ी चुनौती वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ में सुरक्षा को लेकर रहेगी। इसमें 60 हजार पुलिसकर्मियों की आवश्यकता होगी। थाने नहीं बढ़ाने से पुलिस बल भी नहीं बढ़ा प्रदेश में पुलिस आरक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तक के एक लाख 25 हजार 489 पद हैं। इनमें अभी एक लाख 600 ही पदस्थ हैं। जब कोई थाना स्वीकृत होता है, तभी उसके लिए बल स्वीकृत किया जाता है। जरूरत के अनुसार थाने नहीं बढ़ने के कारण पुलिस बल भी नहीं बढ़ा। सरकार का ही मापदंड मान लें, तो पचास हजार की आबादी पर जिला पुलिस बल का एक थाना होना चाहिए, इस हिसाब से प्रदेश की अनुमानित आठ करोड़ 90 लाख की जनसंख्या के हिसाब से 1700 से अधिक थाने होने चाहिए, पर अभी 968 ही हैं। एक साथ भर्ती में यह हैं चुनौतियां     प्रदेश में आठ पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में 7850 पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की सुविधा है। उन्हें नौ माह का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे अधिक पदों पर भर्ती होने पर प्रशिक्षण के लिए प्रतीक्षा करनी होगी।     पुलिस आरक्षक के पदों पर आनलाइन परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों की कमी रहती है। इस कारण कर्मचारी चयन मंडल को परीक्षा कराने में दो से तीन माह लग जाते हैं। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा में दो से तीन माह लग जाते हैं। छह से सात हजार पद भरने में ही लगभग डेढ़ वर्ष लग जा रहे हैं।     तीसरा, बजट के अभाव के कारण भी सरकार एक साथ बड़ी भर्ती करने से बच रही है। खुफिया तंत्र को मजबूत करने की जरूरत     जिस तरह से अपराध बढे हैं, उस तरह से पुलिसबल की संख्या बढ़ाने के साथ उसे ताकतवर बनाना होगा। विशेष रूप से खुफिया तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है। सरकार आंकड़े कुछ भी दिखाए, पर स्थिति ठीक नहीं है। जैसे-जैसे बेरोजगारी बढ़ रही है, युवा अपराध की ओर जा रहे हैं। औसतन देखा जाए तो जितने पुलिसकर्मी रिटायर हो रहे हैं, सरकार उतने भी भर्ती नहीं कर पा रही है। – अरुण गुर्टू, पूर्व, डीजी, विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हमीदिया अस्पताल में कार्बाइड गन प्रभावित बच्चों और युवाओं का हाल जाना

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने हमीदिया अस्पताल में कार्बाइड गन से प्रभावित युवाओं एवं बच्चों का हाल जाना दोषियों पर होगी कठोर वैधानिक कार्रवाई भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने हमीदिया चिकित्सालय भोपाल पहुँचकर कार्बाइड गन से दुर्घटनाग्रस्त युवाओं और बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और उनके उपचार की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। चिकित्सकों ने जानकारी दी कि दुर्घटना में घायल कुल 37 मरीजों में से 32 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 5 मरीजों का उपचार अभी जारी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सभी मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और निरंतर निगरानी रखी जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अवैध रूप से पटाखा निर्माण या विस्फोटक सामग्री रखने वालों की सघन जांच की जा रही है। दोषियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल की डीन डॉ. कविता सिंह, अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन सहित वरिष्ठ चिकित्सकगण उपस्थित रहे।  

मोहन यादव का बयान: राहुल गांधी को डूब मरना चाहिए, बोले- PM मोदी ने बढ़ाया देश का मान

भोपाल /चंपारण शेरा बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को पश्चिम चंपारण शेरा बाजार खेल मैदान में जनसभा को संबोधित किया।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'राहुल गांधी और कांग्रेस को डूब मरना चाहिए। विदेश में जाकर देश का अपमान करते हैं और सेना के पराक्रम पर सबूत मांगते हैं। प्रधानमंत्री के जरिए भाजपा ने राष्ट्रपति मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचाया। महादलित आयोग भाजपा ने बनाया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा पीएम मोदी ने दिया।' कांग्रेस-राजद वादे करने वाली पार्टियां ऐसे नेता को जिताइए जो देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए हमेशा खड़ा रहता है। कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां सिर्फ वादे करती हैं, जबकि भाजपा जनता के विश्वास और राष्ट्रहित के लिए काम करती है। 'नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी सरकार' इधर, केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से सरकार बनेगी। 2005 से पहले बच्चे-बच्चियां स्कूल नहीं जाते थे। नीतीश कुमार के आने के बाद शिक्षा- व्यस्था में सुधार हुआ। आज मुख्यमंत्री साइकिल योजना से बच्चे ट्रिन-ट्रिन करते पढ़ने जाते हैं। लोगों को सड़क और बिजली मिली। सेना की बहादुरी पर सवाल क्यों उठाते हैं? मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी पर तीखा तंज करते हुए कहा कि जब नेता सेना की बहादुरी पर सवाल उठाते हैं, तो ऐसे नेताओं को "डूब मरना चाहिए।" उनका कहना था कि देश की सुरक्षा में हमारी सेना का अहम योगदान है, और इसे सवालों के घेरे में लाना गलत है। खुर्शीद फिरोज पर संजय जायसवाल ने कसा तंज इस दौरान भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने जदयू के पूर्व मंत्री खुर्शीद फिरोज अहमद पर तंज कसते हुए कहा कि 2020 में भाजपा ने चुनाव प्रचार हर जगह बड़े जोश और मजबूती से किया, लेकिन सिकटा विधानसभा क्षेत्र में प्रचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि उस समय सिकटा से “नकामा लूटेरा” प्रत्याशी चुनाव में खड़ा था, जो सड़क तक को डकार जाता था। सांसद ने आगे कहा कि जनता अब ऐसे नेताओं की वास्तविक छवि को भली-भांति समझ चुकी है और विकास, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर ध्यान दे रही है। महात्मा गांधी की कांग्रेस और आज की कांग्रेस में अंतर मोहन यादव ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महात्मा गांधी की कांग्रेस और आज की कांग्रेस में बहुत अंतर है। उनका कहना था कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस का नेतृत्व किया, लेकिन आज के नेताओं की न तो भाषा की समझ है, न ही शालीनता। बिहार का विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योगदान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2005 के बिहार और आज के बिहार में भारी अंतर है। आज बिहार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है, जो कि एनडीए और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हो सका है। विकास की नई ऊंचाइयों पर बिहार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बिहार में पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव आए हैं। आज के बिहार में लोग बेहतर जीवन स्तर का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि पहले गया से पटना पहुंचने में चार घंटे लगते थे, अब डेढ़ घंटे में सफर पूरा हो जाता है। एनडीए का योगदान बिहार चुनाव 2025 में चुनावी सभा में एनडीए सरकार के योगदान को भी प्रमुखता से बताया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस बदलाव को विकासशील बिहार की पहचान बताया। उनका कहना था कि बिहार में हो रहे बदलाव प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के कारण ही संभव हो पाए हैं।

CM डॉ. मोहन यादव बोले—बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए पोलियो की खुराक बेहद जरूरी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पोलियो दिवस पर 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक दिलवाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोलियो मुक्त भारत का संकल्प जन-जन ने अपनी एकजुटता से सिद्ध किया है। विश्व पोलियो दिवस इस प्रतिबद्धता को निरंतर बनाए रखने के लिए हम सबको प्रेरित करता है। बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें पोलियो की नियमित खुराक दिलाना जरूरी है।