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अमृतसर से आई IT टीम ने भोपाल में मारा छापा, MP के धनकुबेर के ठिकानों पर कार्रवाई जारी

भोपाल करीब 3,800 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक, देश के साथ विदेशों में करीब 17 राज्यों में काम कर रही कंपनी ' दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड' पर आयकर का छापा पड़ा है। मध्यप्रदेश के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति दिलीप सूर्यवंशी के यहां छापा पड़ने से सनसनी मच गई है। कंपनी के चेयरमैन और एमडी दिलीप सूर्यवंशी ने वर्ष 1987 में कंपनी की शुरुआत की थी, जो कि अब मध्यप्रदेश के साथ ही देश की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है। सोमवार सुबह से शुरु हुई कार्रवाई आयकर विभाग द्वारा छापामार कार्रवाई सोमवार सुबह से ही शुरू हो गई थी, लेकिन आयकर विभाग ने रात में अधिकृत जानकारी दी। विभाग ने सोमवार सुबह दिलीप बिल्डकॉन (DBL) और उससे जुड़े सहयोगियों के ठिकानों पर रेड मारी है। खास बात यह है कि आयकर विभाग की यह टीम पंजाब के अमृतसर से आई और भोपाल में दो जगहों पर दस्तावेज खंगाले। अमृतसर से आई टीम ने इस छापेमारी में भोपाल के विभागीय अफसरों को साथ नहीं लिया है। दिलीप बिल्डकॉन को भी आईटी ने कार्रवाई का कारण नहीं बताया अमृतसर इनकम टैक्स की ओर से भोपाल में दिलीप बिल्डकॉन पर की जा रही छापे की कार्रवाई को लेकर कंपनी को कोई जानकारी नहीं दी गई है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि आयकर विभाग ने अभी तक ये नहीं बताया कि वे कंपनी के कैम्पस में क्यों आए हैं। हम भी इस बात की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं कि इस कार्रवाई से हमारा कोई संबंध है या नहीं। बीते कुछ समय से कुछ कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर आयकर की कार्रवाई हुई है। इसलिए हो सकता है कि भोपाल में दिलीप बिल्डकॉन पर आईटी की कार्रवाई उन्हीं से संबंधित हो। हालांकि इनकम टैक्स की ओर से अब तक कोई बयान भी इस कार्रवाई के संबंध में अब तक जारी नहीं किया गया है। यहां भी पड़े छापे दिलीप सूर्यवंशी के चूनाभट्‌टी स्थित दफ्तर और अरेरा कॉलोनी के दफ्तर सहित अन्य जगहों पर छापे की खबर भी सूत्रों ने दी है। पंजाब के चंडीगढ़ रीजन के आयकर विभाग के अनुसार देर रात तक सर्चिंग जारी थी। टीम ने एमपी एसएएफ की मदद ली है। लोकल पुलिस या केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नहीं बुलाया। यह कार्रवाई मंगलवार तक जारी रह सकती है। फिलहाल कंपनी ने कितना टैक्स चोरी की है, इसकी जानकारी सामने नहीं आ पाई है। टीम ने धार जिले के पीथमपुर में आर्निल टेक्नोक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर भी छापा मारा है। यह कंपनी दिलीप बिल्डकॉन ग्रुप से जुड़ी हुई बताई जा रही है। कंपनी फिलहाल भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट समेत देशभर में हजारों करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर, हाइवे, रेलवे और सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। हाल ही में कंपनी को केरल और गुरुग्राम में भी बड़े निर्माण कार्यों के ठेके मिले हैं। दिलीप सूर्यवंशी ने 1988 में दिलीप बिल्डकॉन की स्थापना की थी। शुरुआती दौर में कंपनी ने छोटे सरकारी भवनों और पेट्रोल पंपों के निर्माण का कार्य किया। बाद में 1995 में इंजीनियर देवेंद्र जैन कंपनी से जुड़े, जो वर्तमान में इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। कंपनी को 1993-94 में पहला बड़ा प्रोजेक्ट मिला जिसकी लागत मात्र चार करोड़ रुपये थी, लेकिन 2007 से 2010 के बीच अहमदाबाद–गोधरा हाईवे के लगभग 1000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट ने दिलीप बिल्डकॉन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। आज कंपनी का नेटवर्क 17 राज्यों तक फैला है और इसकी अनुमानित संपत्ति करीब 3,800 करोड़ रुपये आंकी गई है। आयकर विभाग की टीम अब सभी वित्तीय रिकॉर्ड्स और ट्रांजैक्शंस की विस्तृत जांच कर रही है। बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही कंपनी आपको बता दें कि दिलीप बिल्डकॉन के पास भोपाल मेट्रो रेल का ठेका है। गुरुग्राम मेट्रो का काम दिलीप बिल्डकॉन और रंजीत बिल्डकॉन को 1,503.63 करोड़ में मिला है, जिसमें मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 26.65 किमी के कॉरिडोर में वायडक्ट और 14 एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण शामिल है। कंपनी को हाल ही में केरल में बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। पहले भी पड़ चुके छापे बता दें कि दिलीप बिल्डकॉन का कंस्ट्रक्शन का काम है। कंपनी देशभर में हाईवे और रेल प्रोजेक्ट से जुड़े ठेके लेती है। दिलीप सूर्यवंशी ने वर्ष 1988 में कंपनी बनाई जो कि पहले छोटे रिहायशी प्रोजेक्ट, सरकारी इमारतों और पेट्रोल पंपों का निर्माण करती थी। वर्ष 1995 में 21 वर्षीय इंजीनियर देवेंद्र जैन को काम पर रखा जो कि अब कंपनी में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। सीबीआई की दिल्ली की टीम ने करीब चार साल पहले दिलीप बिल्डकॉन के साउथ इंडिया में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को रिश्वत देते हुए पकड़ा था। तब भी दिलीप बिल्डकॉन के ऑफिस और घर पर छापा मारा था।

पेंशनरों के खाते में बढ़ेगा लाभ, डॉ मोहन यादव ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाने का ऐलान किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में कोई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के पेंशनरों की महंगाई राहत में दो प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए भावांतर योजना का अनुसमर्थन किया गया। इसमें यह प्रविधान किया गया है कि यदि मंडी में कृषक की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर बिकती है तो फिर सरकार उसे अंतर की राशि का भुगतान करेगी। मोटे अनाज को प्रोत्साहित करने के लिए श्रीअन्न फेडरेशन बनाने का निर्णय लिया गया। यह किसानों को न केवल मोटा अनाज की खेती के लिए प्रेरित करेगा बल्कि उपज की बिक्री, ब्रांडिंग के लिए भी काम करेगा।  मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर     रेशम समृद्धि योजना अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ लागत मूल्य में वृद्धि की गई है। साथ ही किसानों की अंश राशि को कम कर दिया गया है, ताकि आम किसान भी इससे जुड़ सकें।     प्रदेश में कोदो और कुटकी की खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसका उचित मूल्य किसानों को मिले इसके लिए कोदो का मूल्य ₹3500 प्रति क्विंटल और कुटकी का मूल्य ₹2500 प्रति क्विंटल तय किया गया है।     रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत कोदो, कुटकी उत्पादक जिले जबलपुर कटनी मंडला डिंडौरी छिंदवाड़ा शहडोल अनूपपुर उमरिया रीवा सीधी और सिंगरौली के किसानों से कोदो कुटकी का उपार्जन किया जाएगा।     7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले पेंशनरों की महंगाई राहत में दो प्रतिशत की वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है,जिसके बाद डीआर दर 53 फीसदी से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गई है। इसके लिए 170 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे साढ़े चार लाख से अधिक पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।छठे वेतन आयोग के तहत आने वाले पेंशनर्स के डीए में भी वृद्धि की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति मिलने के बाद वित्त विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया था।     सोयाबीन उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए कैबिनेट द्वारा भावान्तर योजना को मंजूरी दी गई है। सोयाबीन का एमएसपी 5328 रुपए है।यह राशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी।     सूक्ष्म-लघु उद्योग के लिए 105 करोड़ स्वीकृत किए है। यह राशि उत्पादकों की क्वालिटी सुधारने, देश में मार्केट की स्थिति, एक्सपोर्ट पर खर्च करेंगे।  प्रदेश में लागू करने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। राज्य सरकार अपनी ओर से 30 करोड़ रुपये लगाएगी।     सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना अंतर्गत पात्र छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उनके आवास का किराया प्रतिमाह ₹1000 सरकार देगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आज के कार्यक्रम     सीएम डॉ मोहन यादव सुबह 11 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे, जहां कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे।     दोपहर 1 बजे बीजेपी कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होंगे।     2 बजे रविंद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह कार्यक्रम     3 बजे समन्वय भवन में आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान कार्यक्रम में शामिल होंगे।     3:30 बजे देवास के लिए रवाना । संदीपनी उच्चतम माध्यमिक विद्यालय का लोकार्पण, नेमवार में सामूह जलप्रदाय योजना का शुभारंभ समेत विकास कार्यों का लोकार्पण भूमिपूजन।     शाम 6:05 बजे देवास से भोपाल लौटेंगे।     रात 8:30 सीएम हाउस में वीसी माध्यम से खंडवा में आयोजित राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अलंकरण समारोह में शामिल होंगे। कोदो-कुटकी के लिए समर्थन मूल्य तय राज्य सरकार ने कोदो-कुटकी की खरीद के लिए दाम तय किए हैं। कुटकी 3500 प्रति क्विंटल और कोदो का दाम 2500 प्रति क्विंटल तय किया गया है। ये दोनों ही फसलें मिलेट्स की श्रेणी में आती हैं और प्रदेश के 11 जिलों में इनकी बड़े पैमाने पर खेती होती है। सरकार ने निर्णय लिया है कि श्री अन्न फेडरेशन कोदो-कुटकी की मार्केटिंग का कार्य करेगा, ताकि उत्पादक किसानों को उचित मूल्य मिल सके। इसके लिए फेडरेशन को वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। विद्यार्थियों को 1000 रुपए की सहायता कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदाय के वे विद्यार्थी जो कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत हैं, उन्हें 1000 रुपए तक की सहायता राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है। रेशम समृद्धि योजना को मंजूरी बैठक में रेशम समृद्धि योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत राज्य में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने और बुनकरों को आर्थिक सशक्तिकरण का मौका मिलेगा। MSME को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन कैबिनेट ने MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) को प्रोत्साहन देने के लिए ₹105 करोड़ की मंजूरी दी है। इसमें 30% राशि राज्य सरकार की ओर से और शेष राशि केंद्र सरकार से प्राप्त होगी। यह राशि उद्योगों के विस्तार, तकनीकी उन्नयन और रोजगार सृजन में मदद करेगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को लाभ, युवाओं को अवसर और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिले।    

ट्रेन में बिना टिकट पकड़े गए यात्री को कोर्ट ने भेजा जेल, सफर बना सबक

खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा में पहली बार दो से ज्यादा बार बिना टिकट ट्रेन में सफर करते हुए पकड़ाए तीन आरोपियों को कोर्ट ने 52 दिन की जेल की सजा सुनाई है। दरअसल कोर्ट ने माना कि दो या तीन से ज्यादा अपराध करने वालों का सिर्फ जुर्माना देकर छोड़ना उचित नहीं जेल भेजना उचित होगा। अधिवक्ता वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने फैसला सुनाया है जिसमें बुरहानपुर के शेख जाकिर नासिर व मीनाक्षी को रेलवे अधिनियम की धारा 147, 145, 146 में दोष सिद्ध पाया है। तीनों को कोर्ट ने अर्थ दंड के अलावा 52 दिन तक जेल में रहने की सजा भी सुनाई है। आरोपी पूर्व में भी बार-बार बिना टिकट प्लेटफार्म और ट्रेन में घूमते हुए पकड़ाए थे। वह हर बार अर्थ दंड चुका कर अपराध कर रहे थे। कोर्ट ने माना कि हर बार की तरह इस बार भी आरोपी अर्थदंड चुका कर छूट न जाए। इसलिए उन्होंने जेल में कठोर कारावास की सजा भी देना उचित होगा। ऐसी स्थिति में मात्र अर्थ दंड लगाकर छोड़ देना उचित नहीं होगा।  

त्योहारों से पहले बयान विवादित: रामेश्वर शर्मा ने तंज रोकने को कहा, अन्यथा कदम उठाने की धमकी

भोपाल  मध्य प्रदेश में दीपावली से पहले पटाखें चलाने और दीए जलाने को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। जहां बढ़ते प्रदूषण को लेकर मुस्लिम समाज ने पटाखों की बिक्री और पटाखे चलाने को लेकर बयान दिया है, वहीं दूसरी ओर बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री ने भी दो टूक कह दिया है कि- हम तो पटाखे फोड़ेंगे.. कृपया इस पर हमें ज्ञान ना पेलें। इसी क्रम में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने भी बाबा बागेश्वर के बयान पर सहमति जताई है और कहा है कि दीए भी जलेंगे और पटाखें भी फूटेंगे। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हिंदू धर्म के त्योहार आते हैं तो कोई होली पर पानी की बचाने की बात और दिवाली पर प्रदूषण की बात होने लगती है। लेकिन पेड़ भी तो हिंदू वादी संगठन ही लगाते हैं। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जब 31 दिसंबर की रात को पटाखें चलते हैं तब कोई नहीं बोलता और अब तो मुस्लिम समाज के शादी समारोह में भी पटाखें और आतिशबाजी चलती है। लेकिन तब कोई नहीं बोलता, लेकिन जब होली, दशहरा दीपावली आते हैं तो सनातन और हिंदू धर्म पर चोट करने के लिए तब कहा जाता है कि पटाखें न चलाओं। लेकिन हम तो पटाखें चलाएंगे। दीए भी जलाएंगे। क्योंकि कानून सबके लिए समान है और व्यवहार भी सबके लिए समान है। इसलिए तंज कसना बंद करें, क्योंकि जब हिंदू तुमपे क्या कसेगा और जब हिंदू कसना शुरु करेगा तो ध्यान रखना कोई बचाने वाला भी नहीं आएगा।

PM मोदी को भेंट किए गए 108 नदियों के जल कलश, प्रहलाद पटेल की बेटी ने खुद बनाए बॉक्स

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी में उस वक्त राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब राज्य के एक वरिष्ठ मंत्री अचानक दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह खबर फैलते ही कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, मंत्री के एक ट्वीट ने कुछ ही देर में सभी अटकलों पर विराम लगा दिया और मुलाकात की असली वजह साफ हो गई। पीएम को भेंट की परिक्रमा-कृपा सार मध्य प्रदेश के पंचायत, ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास जाकर पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उनकी यह मुलाकात कोई राजनीतिक चर्चा या मंत्रिमंडल से संबंधित नहीं थी। बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भेंट थी। मंत्री प्रहलाद पटेल ने पीएम मोदी को अपनी पुस्तक परिक्रमा-कृपा सार भेंट की, जो उनके मां नर्मदा परिक्रमा के अनुभवों और अनुभूतियों पर आधारित है। यह पुस्तक उनके दो वर्षों के गहन श्रम और साधना का परिणाम है। 108 नदियों के जल कलश किए भेंट  पुस्तक के साथ-साथ, मंत्री पटेल ने 108 नदियों के उद्गम स्थलों से संकलित पवित्र जल का एक संग्रह भी एक विशेष अखरोट के डिब्बे में प्रधानमंत्री को भेंट किया। उन्होंने एक्स पर बताया कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण की भावनाओं से ओतप्रोत एक आध्यात्मिक संगम बन गई। 108 नदियों का पवित्र जल पटेल ने प्रधानमंत्री को 108 नदियों के उद्गम स्थानों से भरा पवित्र जल भी एक विशेष अखरोट के डिब्बे में अर्पित किया. इसे उन्होंने अपनी 'उद्गम मानस यात्रा' के दौरान एकत्रित किया था. यह भेंट भारतीय जल संस्कृति और नदियों के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाती है. प्रधानमंत्री मोदी ने श्री पटेल के इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रयास की सराहना की और उनके समर्पण को प्रेरणादायक बताया. प्रधानमंत्री को भेंट करने से पहले, इस पुस्तक का विमोचन 14 सितंबर, 2025 को 'हिंदी दिवस' के अवसर पर इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने किया था. प्रधानमंत्री को यह ग्रंथ भेंट किया जाना इसे अब राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दे रहा है. भेंट के बाद, श्री पटेल ने अपने 'एक्स' हैंडल पर लिखा कि यह मुलाकात मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि "श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण की भावनाओं से ओतप्रोत एक आध्यात्मिक संगम बन गई." मंत्री की बेटी ने बनाया अखरोट की लड़की का बॉक्स मंत्री प्रहलाद पटेल ने 2024 और 2025 में एमपी से निकलने वाली 108 नदियों के उद्गम स्थलों की यात्रा की। इस दौरान नदियों के उद्गम स्थलों से भरे गए जल कलशों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करने के लिए मंत्री पटेल की आर्किटेक्ट बेटी फलित सिंह पटेल ने खुद एक बॉक्स तैयार कराया। इस बॉक्स में कांच की शीशियों में 108 नदियों के उद्गमों का जल भरा गया। इस बॉक्स के कवर पर नदियों के उद्गम स्थलों का मैप और अंदर नदियों के उद्गमों के नाम लिखे गए हैं। मंत्री बोले- दो साल में 108 नदियों के उद्गम की यात्रा की मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि यह पुस्तक उनके दो सालों की मेहनत और साधना का परिणाम है। उन्होंने दो बार नर्मदा परिक्रमा की है। उसी अनुभव, आस्था व तपस्या को इस पुस्तक में समर्पित भाव से संजोया है।यह पुस्तक न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय संस्कृति में नदियों और परिक्रमा की परंपरा का भी जीवंत दस्तावेज है। पीएम ने पटेल के आध्यात्मिक प्रयास की तारीफ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्री प्रहलाद पटेल के इस आध्यात्मिक प्रयास की तारीफ की और उनके समर्पण को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि 'परिक्रमा कृपा सार' केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि मातृ नर्मदा और भारत की जल संस्कृति के प्रति श्रद्धा का साकार रूप है। मोहन भागवत ने किया था किताब का विमोचन प्रहलाद पटेल की पुस्तक का विमोचन पिछले महीने 14 सितंबर को 'हिंदी दिवस' पर इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया था।

अपना त्योहार, अपनों से व्यवहार—भोपाल में विश्व हिंदू परिषद के पोस्टर से भड़की राजनीति

भोपाल  देश में त्योहार अब उत्सव से ज्यादा कथित 'जिहाद' से निपटने की जंग बनते जा रहे हैं. नवरात्रों में 'गरबा जिहाद' के नारे लगे, करवाचौथ पर मेहंदी हिंदुओं से ही लगाने की अपील हुई, तो अब दीपावली से पहले विश्व हिंदू परिषद के होर्डिंग्स ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भोपाल में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए हैं, जिन पर मुख्य रूप से यह नारा लिखा है- 'अपना त्योहार, अपनों से व्यवहार', और 'दीपावली की खरीदी उनसे करें, जो आपकी खरीदी से दीपावली मना सकें.' राजनीतिक गलियारों में यह नारे अब 'अपनों से व्यवहार या दूसरों से बहिष्कार' के तौर पर देखे जा रहे हैं, जिसने एक नई सियासी तकरार को जन्म दिया है.  इससे पहले नवरात्रि के दौरान देशभर में 'गरबा जिहाद' के नाम से मुसलमान की प्रवेश को रोकने की मुहिम चली तो करवाचौथ के मौके पर हिंदू संगठनों ने आह्वान किया कि मेहंदी हिंदुओं से ही लगवाई जाए. दीपावली पास आई तो विश्व हिंदू परिषद ने हिंदुओं के लिए होर्डिंग लगवा दिए. विहिप का बयान विश्व हिंदू परिषद के प्रचार प्रमुख जितेंद्र चौहान ने इस विवाद पर सफाई दी है. उनका कहना है कि संगठन की ओर से लगवाए इन पोस्टर्स का एकमात्र उद्देश्य हिंदू दुकानदारों, व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों का समर्थन करना है ताकि साल में एक बार आने वाले इस त्योहार से वो कुछ कमाई कर सकें और उनकी भी दीपावली अच्छी मना सके. 

छिंदवाड़ा में मानवीय चेहरा: छात्रा की मदद को आगे आए थाना इंचार्ज, एक्सीडेंट में टूटी साइकिल की जगह दिलाई नई

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा में एक पुलिस अधिकारी का मानवीय चेहरा सामने आया है. 12वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा की साइकिल को एक स्कार्पियो वाहन ने टक्कर मार दी. इस हादसे में साइकिल बुरी तरह तहस नहस हो गई. इससे दुखी छात्रा शिकायत करने सिटी कोतवाली पहुंची और उसने पुलिस को पूरी घटना बताई.  दरअसल, छात्रा बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है और वह साइकिल से ही रोज स्कूल आना-जाना करती है. उसने कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे को बताया कि कार की टक्कर से साइकिल टूट गई है, अब वह सुधरेगी भी नहीं, ऐसे में स्कूल कैसे जाऊंगी?  छात्रा स्कूल जाने से वंचित न रह जाए, यह देखते हुए टीआई आशीष धुर्वे ने अविभावक बनकर एक नई साइकिल छात्रा को दिला दी. बच्ची नई साइकिल मिलने से खुश हो गई.  सिटी कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे ने बताया, ''ये छोटी बच्ची स्कूल आती है. इसकी साइकिल को एक वाहन ने टक्कर मार दी थी. साइकिल पीछे से टूट गई थी. मेरे पास आई. बोली कि साइकिल टूट गई है, अब कैसे स्कूल आना जाना करूंगी? मेरा परिवार बहुत गरीब है.यह सुनकर मैंने एक साइकिल खरीदकर दे दी ताकि उसका स्कूल न छूट जाए. नई साइकिल पाकर बच्ची बेहद खुश है और अब वह अपनी पढ़ाई जारी रख पाएगी.''

भोपाल-इंदौर में बढ़ी ठंड, मानसून गया पर बारिश अभी बाकी; दक्षिण MP में अलर्ट जारी

भोपाल मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के साथ ही रात और सुबह के समय मौसम में ठंडक का एहसास हो रहा है. मौसम साफ बने रहने के साथ ही यहां कई जगहों पर तापमान 15 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है. इसमें राजगढ़, इंदौर, छतरपुर, भोपाल और खंडवा जैसे जिले शामिल है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों के बाद मौसम में बदलाव के साथ ही कुछ जगहों पर बारिश का दौर देखा जाएगा. मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस बार कड़ाके की ठंड का दौर कब से देखा जाएगा. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन ने मानसून की विदाई से पहले ही कई शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट के सवाल पर कहा कि अक्टूबर की शुरुआत में भी भारी बारिश का दौर प्रदेश के कई जिलों में देखा गया. हालांकि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के सभी जिलों खासतौर पर पश्चिम मध्य प्रदेश से मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है. ऐसे में प्रदेश के सभी जिलों का न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है. इसके पीछे का मुख्य कारण मौसम साफ होना रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के सभी संभागों से बदल छटने के साथ ही न्यूनतम तापमान में सामान्य से 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है. हालांकि यह कहना अभी मुश्किल है कि प्रदेश में ठंड का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि धीरे-धीरे हम ठंड के मौसम की ओर रुख कर रहे हैं. मगर प्रदेश में ठंड का दौर सामान्य रूप से नवंबर के दूसरे पखवाड़े में ही शुरू होता है. प्रदेश में अभी जो ठंड का एहसास हो रहा है, उसके पीछे की मुख्य वजह लोकल सिस्टम और उत्तरी हवाओं का रुख भी है. एक बार फिर बदलेगा प्रदेश का मौसम मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्र ने बताया कि आने वाले दिनों में एक बार फिर प्रदेश का मौसम बदलेगा ऐसे में कई जगहों पर बादल जाने के साथ ही बारिश का दौर भी देखा जाएगा, जिसके चलते तापमान में इजाफा होने की संभावना है. खास तौर पर रात के तापमान में सामान्य से हल्की उछाल देखी जा सकती है. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में मानसून प्रदेश से विदाई ले चुका है. वही सिस्टम की बात करें तो उत्तर प्रदेश के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है. हालांकि इसका असर प्रदेश में दिखाई देने की संभावना कम है, लेकिन लोकल सिस्टम के चलते अगले 24 घंटे के बाद प्रदेश के कुछ शहरों में बारिश का दौर देखा जाएगा. हवा का रुख बदला, रातें हुई ठंडी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, दक्षिणी हिस्से के जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। मंगलवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन इसके बाद कई जिलों में बूंदाबांदी होने के आसार है। इस बीच प्रदेश में रातें ठंडी हो गई है। हवा का रुख बदलने से ऐसा हो रहा है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। इस वजह से उत्तरी हवा चल रही है और मध्यप्रदेश में ठंडक बढ़ा रही है। रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के नीचे आ गया। इंदौर-राजगढ़ में 14.6 डिग्री, भोपाल में 15.8 डिग्री, उज्जैन में 17.3 डिग्री, ग्वालियर में 21.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह बैतूल में 17.2 डिग्री, धार में 16.9 डिग्री, गुना में 18.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 18.9 डिग्री, खंडवा में 16.4 डिग्री, खरगोन में 17 डिग्री, पचमढ़ी में 17.8 डिग्री, रतलाम में 17.2 डिग्री, शिवपुरी में 18 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.8 डिग्री, नौगांव में 15.3 डिग्री, टीकमगढ़, रीवा-सागर में 18 डिग्री रहा। तापlमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: खजुराहो (छतरपुर) – 34.2°C (सबसे ज्यादा), ग्वालियर – 32.7°C, नर्मदापुरम – 32.6°C, धार/गुना – 32.5°C, टीकमगढ़ – 32.2°C न्यूनतम तापमान: इंदौर/राजगढ़ – 14.6°C (सबसे कम), नौगांव (छतरपुर) – 15.3°C, भोपाल – 15.8°C, नरसिंहगढ़ (राजगढ़) – 16.3°C, खंडवा – 16.4°C, कैसा रहा बड़े शहरों का पारा ग्वालियर – 32.7°C उज्जैन – 32°C इंदौर – 31°C जबलपुर – 30.4°C भोपाल – 29.6°C

टैरिफ विवाद की पृष्ठभूमि में भारत-अमेरिका की वायुसेनाएं आमने-सामने, ग्वालियर एयरबेस बना रणक्षेत्र

 ग्वालियर  टैरिफ वॉर के चलते भार और अमेरिका के बीच जारी तनाव के हालातों में एक बार फिर दोनों देशों की वायुसेनाएं के साथ युद्धाभ्यास करने जा रहे हैं। देश के महत्वपूर्ण एयरबेस में शामिल मध्य प्रदेश के ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरबेस पर अमेरिकी और भारतीय वायुसेना के विमान अपने-अपने युद्ध कौशल दिखाएंगे। अमेरिकी वायुसेना की टीम इस युद्धाभ्यास के लिए ग्वालियर पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि, मंगलवार यानी आज से ये युद्धाभ्यास शुरू होगा। इसमें पर्यवेक्षक के रूप में जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल होंगे। 2004 में भी ग्वालियर एयरबेस पर अमेरिकी वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास किया गया था। वहीं कुछ दिनों पहले ही अलास्का में भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास हो चुका है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है युद्धाभ्यास! आपको बताते चलें कि, हालही में दुनियाभर में भारत और अमेरिका के संबंध चर्चा में रहे हैं। इसको देखते हुए दोनों देशों के बीच लगातार युद्धाभ्यास सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाएं अधिक से अधिक रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय कोर्सेस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्वस्तरीय बनें उच्च शिक्षा के सभी संस्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाएं अधिक से अधिक रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय कोर्सेस अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से प्रारंभ करें कृषि संकाय विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक विषय प्रारंभ करने संबंधी बैठक में दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उच्च शिक्षा गतिविधियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी कैंपस एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय बनाए जाएं। यह सभी संस्थान आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर विकसित किए जाएं। सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय विषय एवं कोर्सेस प्रारंभ किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग और प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोजगारपरक नवीन विषय प्रारंभ करने के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन, प्रमुख सचिव पशुपालन  उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, प्रमुख सचिव खेल एवं युवक कल्याण  मनीष सिंह सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, उच्च शिक्षाविद् एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से कृषि संकाय और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में बीटेक में डेयरी टेक्नॉलाजी का पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। विद्यार्थियों में इन कोर्सेस का प्रचार करें जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस विषय की पढ़ाई के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विमानन क्षेत्र में बड़ा स्कोप है, इसलिए विश्वविद्यालयों में इसके पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का भी समग्र अध्ययन कराया जाए। इसके लिए इस विश्वविद्यालय को आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय बनाने पर भी गंभीरता से विचार कर निर्णय के लिए रखा जाए। उन्होंने कहा कि पाणिनी विश्वविद्यालय को आयुर्वेद विश्वविद्यालय बनाने से इस विश्वविद्यालय का परिधि क्षेत्र बढ़ेगा और प्रदेश के करीब 50 से अधिक आयुर्वेदिक महाविद्यालय इसके दायरे में आ जाएंगे। यह एक बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की भर्तियों को टाईम-फ्रेम में लाएं और जल्द से जल्द सभी प्रकार की भर्तियां एवं नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएं। इस पर अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं। वर्तमान में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 364 पद भरे हुए हैं और इन्हीं श्रेणी के 1585 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्सिंग एवं पैरामेडिकल महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी ली। अपर मख्य सचिव  राजन ने बताया कि सत्र 2025-26 में नर्सिंग कॉउंसिल द्वारा प्रवेश प्रकिया आरम्भ कर दी गई है। पैरामेडिकल कॉउंसिल द्वारा सत्र 2025-26 की मान्यता संबंधी प्रक्रिया एक माह में प्रारम्भ करने की बात कही गई है। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को एनओसी उच्च शिक्षा विभाग के संचालनालय स्तर पर एवं मान्यता क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि झाबुआ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए ग्राम कल्याणपुरा में 70 एकड़ भूमि उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवंटित की जा चुकी है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा जिला अस्पताल झाबुआ में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के टीचिंग हास्पिटल के रूप में अनुमति देने के लिए आवेदन कर दिया गया है। सभी विश्वविद्यालय अगले पांच साल का रोड-मैप तैयार करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरूओं को निर्देशित किया कि वे सभी अपने विश्वविद्यालयों का अगले पांच साल का रोड-मैप तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कुलगुरू अपने विश्वविद्यालयों में कृषि, उद्यानिकी, फ्लोरीकल्चर, टूरिज्म, माइनिंग, विमानन, दुग्ध उत्पादन के प्रोत्साहन के लिए पशुपालन (एनिमल हस्बेंड्री) जैसे रोजगारपरक विषय एवं डिग्री पाठ्यक्रम प्रारंभ करें। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को ज्ञान देने के अलावा उनकी उद्यमशीलता को भी प्रोत्साहित करें। कृषि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रवृत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय यह बताएं कि उन्होंने कितने रोजगारपरक विषय खोले हैं, उनमें कितने विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया और विश्वविद्यालयों ने अपने स्तर पर कितने विद्यार्थियों को रोजगार/प्लेसमेंट उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक प्रक्षेत्रों की जरूरतों को समझें और उनकी जरूरत के अनुसार अपने यहां नए-नए एडवांस कोर्सेस प्रारंभ करें। इससे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही अध्ययन के साथ-साथ रोजगार भी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी कैंपस एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय बनाए जाएं। यह सभी संस्थान आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर विकसित किए जाएं। सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय विषय एवं कोर्सेस प्रारंभ किए जाएं। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने बताया कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में बीबीए एविएशन का तीन वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें करीब 30 बच्चों ने प्रवेश लिया है। इसके अतिरिक्त बीएसी एविएशन पाठ्यक्रम बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन और चित्रकूट विश्वविद्यालय, चित्रकूट में प्रारंभ किया गया है। अपर मुख्य सचिव  राजन ने बताया कि प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में 384 शोध केंद्र संचालित हैं। सौ नए शोध केंद्रो की स्थापना की जानी है। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की स्थापना कर दी गई है। शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों का भ्रमण कराने की योजना को महाविद्यालयों के वार्षिक कैलेण्डर में नियमित गतिविधि के रूप में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि नैक की तर्ज पर राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (सैक) का गठन हो गया है। वर्तमान वित्त वर्ष से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन का कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। विश्वविद्यालयों में सभी रिक्त पदों पर भर्ती एवं … Read more