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सैकड़ों अनाथ बेटियों की उम्मीद बनीं, समाज सेवा में उदाहरण पेश कर रहीं ये महिला

कटनी  डॉ. स्नेह चौधरी ने पति डॉ. समीर चौधरी के साथ 2005 से समाज सेवा का ऐसा काम शुरू किया है जो हर किसी के दिल को छू जाता है। जिन बेटियों का कोई नहीं होता, उनके लिए डॉ. स्नेह ने मां का काम करना शुरू किया। उनकी देखरेख में बेटियां पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट, नौकरी, शादी और पूरी देखभाल पा रही हैं। इस कार्य में उनके पति डॉ. समीर चौधरी का भी विशेष सहयोग है। हिरवारा स्थित लिटिल स्टार फाउंडेशन में वर्तमान में 26 बेटियों को आश्रय मिला हुआ है। यहां उन्हें माता-पिता के स्नेह जैसी देखभाल, शिक्षा और जीवन के हर अवसर की सुविधा दी जा रही है। डॉ. स्नेह और डॉ. समीर चौधरी का यह प्रयास अनाथ बेटियों की जिंदगी में आशा की किरण बन गया है। उनके प्रयास ने कटनी में समाज सेवा का एक मार्मिक और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है, जो हर किसी के लिए सीख और प्रेरणा बन सकता है। अनाथ बेटियों की सुरक्षा का बीड़ा उठाया डॉ. स्नेह चौधरी ने बताया कि उनकी समाज सेवा की शुरुआत एक ऐसे मामले से हुई, जब एमजीएम अस्पताल में एक गंभीर हालत में बेटी आई थी, जिसका परिवार उसे रखने को तैयार नहीं था। नाना-नानी रख पाने में असमर्थ थे। बेटी को जबलपुर के अनाथालय में भेजा गया, लेकिन वहां रखने से मना कर दिया गया। समाजसेवियों की मदद से वह कटनी वापस आई और इसी बेटी की देखभाल ने डॉ. स्नेह और डॉ. समीर को लिटिल स्टार फाउंडेशन शुरू करने की प्रेरणा दी।   शुरुआत में एक परिवार की मदद से बेटी की देखभाल शुरू की गई। गायत्री नगर में किराये का मकान लेकर डॉक्टर दंपत्ति ने वहां बेटी की देखभाल सुनिश्चित की। धीरे-धीरे इस प्रयास में और बेटियां जुड़ती गईं और संख्या 30 तक पहुंच गई। कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने मदद का आश्वासन दिया और बाद में फाउंडेशन की नींव पड़ी। बेटियों के लिए साढ़े 3 एकड़ जमीन कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने दिलवाई। इसके बाद कलेक्टर अशोक सिंह, विकास नरवाल और समाजसेवकों की मदद से सेंटर का निर्माण कराया गया। अब तक 600 बेटियों को आश्रय और शिक्षा दी जा चुकी है।   बेटियों को मिल रही नई जिंदगी सेंटर में बेटियों को पढ़ाई के साथ कढ़ाई, बुनाई, हॉर्स राइडिंग और स्किल डेवलपमेंट कोर्स भी करवाए जाते हैं। हॉर्स राइडिंग में 7 बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन कर नौकरी भी हासिल की है। अब तक सेंटर में 7 बेटियों की शादी, 22 बेटियों को गोद दिलाया जा चुका है। देश-विदेश से लोग बेटियों को गोद ले चुके हैं। सेंटर में बेटियों को सभी सुविधाएं दी जाती हैं और डॉक्टर दंपत्ति उन्हें माता-पिता की तरह स्नेह व सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने पार्श्व गायक सोनू निगम को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से किया अलंकृत

भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपने स्वरों से भारतीय संगीत को दी नई ऊंचाइयां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने पार्श्व गायक सोनू निगम को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से किया अलंकृत अंकित तिवारी एवं दल ने दी सुरमयी प्रस्तुतियां इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की सांस्कृतिक धरती पर आज गीत-संगीत के आयोजित अद्भुत, भव्य एवं गरिमामय समारोह में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से विभूषित किया। यह आयोजन संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन इंदौर के सहयोग से हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपने स्वर से भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। उनके नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान अद्वितीय है। यह उन कलाकारों के योगदान को नमन है, जिन्होंने गीत-संगीत के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आज हम विश्व प्रसिद्ध गायक सोनू निगम को सम्मानित कर गौरांवित हो रहे हैं। सोनू निगम के आने से ऐसा लग रहा है जैसे अमावस की रात में पूनम का चांद आया है। उन्होंने कहा कि आज हम गर्वित है कि संगीत की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इंदौर की संगीत परंपरा अद्वितीय है। पार्श्व गायक सोनू निगम ने भावुक स्वर में कहा कि लता जी हमारे लिए केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि संगीत की जीती-जागती परंपरा रही हैं। इस सम्मान को पाकर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूँ। यह पल मेरे जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। उन्होंने कहा कि जिस लता मंगेशकर अलंकरण समारोह में प्रस्तुति देने के लिए मैं 30 वर्ष पूर्व इंदौर आया था, उसी सम्मान समारोह में मुझे आज यह सम्मान मिलना बेहद गौरव का विषय है। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए अत्यंत गौरव का है, क्योंकि संगीत जगत की महान हस्ती भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म दिवस है और उसी दिन हम यह कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान संगीत जगत में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लता जी के नाम पर सम्मान प्रदान करना मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। लता जी ने भारतीय संस्कृति और संगीत को विश्व स्तर पर स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा समारोह में वर्ष 2025 का राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान सुप्रतिष्ठित पार्श्व गायक सोनू निगम (मुंबई) को प्रदान किया गया। अलंकरण के पश्चात संगीत संध्या का आयोजन हुआ जिसमें लोकप्रिय पार्श्व गायक अंकित तिवारी एवं उनके दल ने एक से बढ़कर एक मधुर प्रस्तुतियां दीं और श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संचालक संस्कृति  एस.पी. नामदेव ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। साथ ही लता मंगेशकर के जीवन पर केन्द्रित चित्र लतिका का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, विधायक  महेन्द्र हार्डिया, सु उषा ठाकुर, मती मालिनी गौड़,  मधु वर्मा,  गोलू शुक्ला, पूर्व विधायक  जीतू जिराती,  सुमित मिश्रा सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।  

उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुनिया देखेगी सिंहस्थ-2028 का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ आयोजन से संबंधित निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण किए जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर उज्जैन को दी विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 370 करोड़ रुपए की राशि के 11 कार्यों का किया भूमिपूजन उज्जैन जिले के नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन का किया भूमिपूजन  उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान महाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे। इस अवसर पर विधायक  सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक  अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है। इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद  बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर  मुकेश टटवाल, सभापती मती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष मती शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक  राजेन्द्र भारती,  संजय अग्रवाल,  रुप पमनानी,  विशाल राजौरिया,  जगदीश पांचाल,  ओम जैन,  आनंद खिची, कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक  प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त  अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।  

स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वदेशी अभियान ही भारत की मजबूती की नींव है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल का संदेश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देकर ही भारत को सशक्त बनाया जा सकता है। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से जहां एक ओर हमारा पैसा हमारे देश में रहेगा वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को उनके उत्पाद का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि रीवा में गत 5 वर्षों से आयोजित हो रहे कला उत्सव में स्थानीय हस्तशिल्प, लोककला और परंपराओं को बढ़ावा मिल रहा है जिससे यह आयोजन न सिर्फ शॉपिंग फेस्टिवल है बल्कि एक सामाजिक आंदोलन भी है जो शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और लोक संस्कृति को प्रोत्साहित करता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का भी आह्वान है कि स्वदेशी अपनाओ राष्ट्र भक्त कहलाओ। रीवा लक्ष्मी एजुकेशन एवं ट्रेनिंग समिति द्वारा कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में कला उत्सव मेले में ड्रेस, ज्वेलरी, होमडेकोर, गिफ्टस एवं हस्तशिल्प आदि वस्तुएँ प्रदर्शित की गयी। इस आयोजन के माध्यम से 100 से अधिक महिला उद्यमियों, कलाकारों और कारीगारों को आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक पहचान मिली। संस्था के अध्यक्ष  राजेन्द्र वास्तव ने बताया कि गत 5 वर्षों में इस आयोजन ने रीवा सहित पूरे विन्ध्य में अपनी पहचान बनाई है। सचिव सोनाली वास्तव ने बताया कि इस चैरिटेवल एग्जिविशन से प्राप्त आय अंकुर पाठशाला के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा पर खर्च की जायेगी। सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वच्छ भारत, स्वच्छ रीवा अभियान के तहत कला उत्सव का आयोजन का लक्ष्य महिला सशक्तीकरण व स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देना है। अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित रहे। चुनरी यात्रा में हुए शामिल नवरात्रि के पावन पर्व पर रीवा में आयोजित चुनरी यात्रा में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल शामिल हुए। अखिल भारतीय ब्राम्हण महासभा द्वारा जनकल्याण एवं धार्मिक सदभाव के उद्देश्य से 51 मीटर की भव्य चुनरी यात्रा कोठी कम्पाउंड के शंकर जी के मंदिर से प्रारंभ होकर रानी तालाब में माँ कालिका के मंदिर में समाप्त हुई। यात्रा में शामिल भक्तों ने माँ जगत जननी के चरणों में सामूहिक रूप से चुनरी अर्पित की। उप मुख्यमंत्री ने मनकामेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की तथा कन्या पूजन किया।  

नवरात्र: आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का प्रतीक पर्व – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन में 121 स्थलों पर हुआ 25 हजार से अधिक कन्याओं का पूजन ‘गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में हुआ दर्ज उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नवरात्र आस्था और परंपरा के उत्सव के साथ नारी शक्ति के सम्मान एवं सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण है। उज्जैन में रविवार को 121 स्थानों पर 25 हजार से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया, जो एक रिकॉर्ड है। इसे ‘गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। उज्जैन की पावन धरा पर अर्जित हुई यह उपलब्धि भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं। कन्या पूजन का आयोजन लोकमान्य तिलक समिति द्वारा किया गया। समिति के संयोजक विधायक  अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि इस आयोजन की सफलता में नागरिकों का अहम योगदान है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज, विधायक  सतीश मालवीय, महापौर  मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव,  संजय अग्रवाल,  राजेंद्र भारती,  शांतिलाल जैन,  दिनेश जाटवा उपस्थित रहे।  

सुपर अपडेट: मध्य प्रदेश में प्राइवेट स्कूल फीस अब सरकार भर देगी, जानिए कैसे मिलेगा 20 हजार का लाभ

भोपाल प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस चुकाना हर किसी के वश की बात नहीं है। कई नामी स्कूलों का सालाना अध्ययन शुल्क 1 लाख के पार जा चुका है। मामूली आमदनी वाले अभिभावक निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की सोच भी नहीं सकते। हालांकि ऐसे बच्चों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए राज्य सरकार आगे आई है। प्रदेश में निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस सरकार चुकाती है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। ऐसे 20 हजार से ज्यादा स्कूलों के बैंक खातों में राज्य सरकार बच्चों की फीस की राशि डालेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन विद्यालयों के खातों में फीस की राशि अंतरित करेंगे। हरदा जिले के खिरकिया में 29 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में स्कूलों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 489 करोड़ रुपए डाले जाएंगे। बच्चों की वर्ष 2023-24 की फीस शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कुल 20 हजार 652 निजी स्कूलों को फीस की राशि अंतरित की जाएगी। प्रदेशभर के 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खिरकिया के कार्यक्रम में नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2023-24 की फीस डालेंगे। यहां अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण भी करेंगे। बता दें कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक कुल 3 हजार करोड़ रुपए की फीस प्रतिपूर्ति की जा चुकी है। प्राइवेट स्कूलों में वर्तमान में प्रदेशभर में करीब 8 लाख 50 हजार बच्चे नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

रेलवे ने बढ़ाया सुविधा का तोहफा, त्योहारों में 3 राज्यों के लिए 8 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

रतलाम  पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारी सीज़न के दौरान स्पेशल ट्रेने चलाई जाएंगी। यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट, बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना और उधना-जयनगर के बीच विशेष किराए पर त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी। ये रहेगी टाइमिंग ट्रेन नंबर 09095 बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक बुधवार को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 11 बजे चलेगी अगले दिन शाम 5:30 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। यह ट्रेन 1 अक्टूबर से 19 नवंबर तक चलेगी। इस ट्रेन का रतलाम 8.30/8.40 आगमन/प्रस्थान होगा। इसी प्रकार, ट्रेन नंबर 09096 अयोध्या कैंट-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को अयोध्या कैंट से रात 9 बजे चलेगी और शनिवार सुबह 6 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी, रतलाम शाम 6 बजे ट्रेन आएगी। ट्रेन 2 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, वडोदरा, दाहोद, मेघनगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ और बाराबंकी स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन में एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना स्पेशल ट्रेन नंबर 09097 बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक रविवार को बांद्रा टर्मिनस से रात 9:50 बजे चलेगी और मंगलवार रात 12:30 बजे लुधियाना पहुंचेगी। सोमवार सुबह 7.25 ट्रेन रतलाम आएगी। यह 5 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी। ट्रेन नंबर 09098 लुधियाना-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक मंगलवार को लुधियाना से सुबह 4 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 10:20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। मंगलवार को रात 10.10 ट्रेन रतलाम आएगी। ट्रेन 7 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक चलेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, मथुरा, नई दिल्ली, पानीपत और अंबाला स्टेशनों पर रुकेगी। उधना-जयनगर स्पेशल ट्रेन नंबर 09151 उधना-जयनगर स्पेशल 30 सितंबर को उधना से सुबह 6:45 बजे चलेगी और अगले दिन रात 9:30 बजे जयनगर पहुंचेगी। रतलाम यह ट्रेन दोपहर 1 बजे आएगी। ट्रेन संया 09152 जयनगर-उधना स्पेशल 1 अक्टूबर को जयनगर से रात 11 बजे चलेगी और शुक्रवार शाम 5:45 बजे उधना पहुंचेगी। रतलाम सुबह 9.35 बजे ट्रेन आएगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में सूरत, भरूच, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, बीना, कटनी मुरवारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी स्टेशनों पर रुकेगी। बांद्रा टर्मिनस -सांगानेर सुपरफास्ट बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को बांद्रा टर्मिनस से शाम 4:45 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 12:30 बजे सांगानेर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम रात 3.40/3.50 आगमन-प्रस्थान होगा। ट्रेन 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगी। इसी प्रकार ट्रेन संया 09024 सांगानेर-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार को सांगानेर से शाम 4:50 बजे चलेगी और अगले दिन 11:15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन का रतलाम रात 12.55/1.05 बजे आगमन-प्रस्थान होगा। ट्रेन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, नागदा, चौमहला, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा और सवाई माधोपुर स्टेशनों पर रुकेगी।

मंदिर की अनोखी परंपरा: आरती के दौरान माता का झूला अपने आप झूलता है, सीएम मोहन यादव ने बताई कहानी

उज्जैन  एमपी में नवरात्र का उल्लास चरम पर है। जगह जगह कन्या पूजन और भोज आयोजित किए जा रहे हैं। उज्जैन में ऐसे ही एक कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट में कन्या पूजन किया। उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने 369 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस मौके पर उन्होंने प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर में नित्य होनेवाले एक चमत्कार का भी जिक्र किया। सीएम मोहन यादव ने बताया कि कैसे आरती के समय माता का झूला अपने आप झूलने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन पहुंचे और अनेक कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवरात्रि पर्व के अवसर पर कन्या पूजन भी किया। उज्जैन में 121 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर 25 हजार कन्याओं का पूजन किया गया।   सायंकाल की आरती शुरु होते ही अपने आप झूलने लगता झूला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर उज्जैन के प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2 हजार साल पुराने अतीत को याद करें तो हरसिद्धि माता का एक रूप यह भी है कि रात में उज्जैन में रहना और दिन में गुजरात में रहना। सीएम मोहन यादव ने मंदिर में होनेवाली अनूठी घटना भी बताई। उन्होंने कहा कि अद्भुत तो तब होता है जब सायंकाल की आरती शुरु होते ही झूला अपने आप झूलने लगता है। माता के यहां से निकल जाने का अहसास होता है। सुबह की आरती होते ही माता अपने आप आ जाती है, झूला फिर प्रारंभ हो जाता है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में कदम-कदम पर ऐसे ऐसे कई रहस्यों के साथ वास्ता आता है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पुलिस की नाकामियों के बीच MP के रक्षक बन गए डरावने भक्षक, आम लोग शिकायत करने से भी डरते हैं

भोपाल पीड़ित पक्ष हो या आरोपित, उन्हें डर दिखाकर पुलिसकर्मी रुपये ऐंठ ले रहे हैं। इसी माह भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच के चार आरक्षकों को अधिकारियों के संज्ञान में बिना लाए आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई करने के संदिग्ध आचरण के चलते निलंबित किया गया है। प्रदेश भर में ऐसे कई मामले इस वर्ष सामने आ चुके हैं, जिनमें लोकायुक्त पुलिस और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की ट्रेप कार्रवाई पुलिसवालों पर न के बराबर ही हो पा रही है। ज्यादा आ रहे रिश्वतखोरी के मामले सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपित पक्ष तो दूर पीड़ित पक्ष भी पुलिस के डर से जांच एजेंसियों को शिकायत करने से बचता है। ऐसे में पुलिस को खुद अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत कर कार्रवाई करनी चाहिए। दोनों जांच एजेंसियों द्वारा किसी न किसी विभाग का औसतन एक कर्मचारी हर दिन रिश्वत लेते पकड़ा जा रहा है, लेकिन पुलिस के नाम मात्र के ही हैं। इंदौर में जरूर इसी माह एक उप निरीक्षक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा था। गौरतलब यह है कि पुलिस आयुक्त व्यवस्था वाले इंदौर और भोपाल शहर में घूसखोरी के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें रिश्वत की राशि भी एक लाख से अधिक रही। इसी तरह भोपाल में फर्जी काल सेंटर चलाने वाले से पांच लाख रुपये घूस लेने का मामला सामने आ चुका है। ये हैं दो मामले केस 1- भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में फर्जी काल सेंटर चल रहा था। सेंटर की कई शिकायतें आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इसके बाद मामले को दबाने के लिए 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। पहली किस्त में पांच लाख रुपये रिश्वत लेने-देने का सौदा तय हुआ। काल सेंटर संचालकों के साथ नरमी बरतने के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसके बाद टीआइ जितेंद्र गढ़वाल सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। केस 2- जनवरी 2025 में उमरिया जिले के चंदिया थाने के प्रधान आरक्षक द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पीड़ित ने एसपी से शिकायत की थी। पुलिस ने पीड़ित का ट्रैक्टर पकड़ा था, जिसे छोड़ने के लिए रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि वह पहले 15 हजार रुपये घूस दे चुका था। इसके बाद पुलिसकर्मी ने 50 हजार रुपये और मांगे थे।   पुलिसवालों की शिकायतें करने से डरते हैं लोग लोकायुक्त पुलिस के पूर्व डीजी अरुण गुर्टू ने कहा कि पुलिसवालों की शिकायतें करने से लोग डरते हैं। उन्हें लगता है कि किसी अधिकारी से शिकायत की तो पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं होगी, उल्टा उसे परेशान किया जाएगा। इसी कारण जांच एजेंसियों के पास शिकायतें नहीं पहुंचतीं और पुलिसकर्मी बचे रह जाते हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार खत्म करना है तो बहुत जरूरी है कि पुलिस सबसे पहले अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करें, जिससे रिश्वतखोरों को पकड़ा जा सके। सरकार का पहला काम प्रबंधन है, जिसमें कानून-व्यवस्था का पालन और भ्रष्टाचार रोकना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

डिजिटल लेन-देन में सुरक्षा का नया नियम: आज से धोखाधड़ी पर लगेगी कड़ी लगाम

ग्वालियर आज से डिजिटल भुगतान करना और अधिक सुरक्षित होगा। क्योंकि आरबीआई ने डिजिटल भुगतान को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है और बैक व वित्तीय संस्थानों को आरबीआई के इन निर्देशों का पालन एक अप्रैल तक करना है, क्योंकि एक अप्रैल को फिर से नई गाइडलाइन आएगी। नई गाइडलाइन से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और एप आदि भुगतान करने में अधिक सुरक्षा मिलेगी। साथ ही बैंक खाते से आटोमेटिग पैमेंट भी बिना खाता धारक से पूछे नहीं होगा। इनका सीधा असर उन ग्राहकों और व्यवसायों पर पड़ेगा जो सब्सक्रिप्शन-आधारित सेवाओं का उपयोग करते हैं जैसे ओटीअी प्लेटफार्म , म्यूजिक स्ट्रीमिंग या न्यूज ऐप्स। इसका मतलब है कि कोई भी ऐप या कंपनी आपकी अनुमति के बिना पैसे नहीं काट सकेगी।   ऐसे काम करेगा नया सिस्टम बैंकों और पेमेंट गेटवे को अब हर रिकरिंग पेमेंट से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को नोटिफिकेशन भेजना होगा। इस नोटिफिकेशन में भुगतान की राशि, तारीख और जिस कंपनी को भुगतान किया जा रहा है उसकी जानकारी होगी। ग्राहक को इस नोटिफिकेशन पर अपनी मंजूरी देनी होगी। यदि ग्राहक मंजूरी नहीं देता है, तो भुगतान अपने आप नहीं होगा। ग्राहकों के लिए फायदे यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। पहले कई ऐप्स एक बार की अनुमति के बाद हर महीने पैसे काट लेते थे और कई बार ग्राहक को इसका पता भी नहीं चलता था। अब हर ट्रांजैक्शन से पहले मंजूरी अनिवार्य होगी, जिससे धोखाधड़ी की संभावना घटेगी और ग्राहक अपने खर्चों पर बेहतर नियंत्रण रख पाएंगे। व्यापारियों और बैंकों की चुनौती हालांकि यह कदम ग्राहकों के लिए फायदेमंद है, लेकिन बैंकों और व्यापारियों के लिए इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा। उन्हें अपने सिस्टम को इस तरह अपडेट करना होगा कि वे समय पर नोटिफिकेशन भेज सकें और मंजूरी मिलने के बाद ही भुगतान प्रक्रिया पूरी कर सकें। यदि कोई बैंक या कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उन पर आरबीआई की ओर से जुर्माना लगाया जा सकता है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ हर डिजिटल भुगतान पर ओटीपी तो अभी भी मांगा जाता है। तभी भुगतान होता है। लेकिन नई गाइड लाइन से यह होगा कि आटोमेटिक पैमेंट भी बिना अनुमति के नहीं होंगे। क्योंकि अभी तक सबस्क्रप्सन आदि का भुगतान आटोमेटिक खाते से हो जाता है। कई बार तो उपभोक्ता को पता भी नहीं चलता। ऐसे में अब कोई भी भुगतान होगा तो उपभोक्ता के पास पहले नोटीफिकेशन आएगा। उसी पर हा या ना का आप्सन होगा। यानि बिना अनुमति के भुगतान नहीं होगा। – आशीष पारेख, सीए