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CBI का बड़ा एक्शन: MP के दो पुलिसकर्मियों पर कस रहा शिकंजा, इनाम घोषित

गुना  सीबीआई ने मध्य प्रदेश के गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में देव पारधी की हिरासत में मौत के मामले में दो फरार पुलिसकर्मियों संजीत सिंह मावई और उत्तम सिंह कुशवाहा की घेरेबंदी तेज कर दी है। सीबीआई ने इन दोनों की जानकारी देने वालों को दो-दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। सीबीआई का यह कदम इस केस में सुप्रीम कोर्ट की कठोर टिप्पणियों के बाद सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि मावई घटना के समय नगर निरीक्षक और कुशवाहा सहायक उप निरीक्षक के पद पर थे। दोनों को देव पारधी की हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी बनाया गया है। बता दें कि देव पारधी को चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया था। सीबीआई पहले ही इस मामले में उप निरीक्षक देवराज सिंह परिहार, नगर निरीक्षक जुबैर खान और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार कर चुकी है। इन आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। मावई और कुशवाहा अब भी फरार हैं। सीबीआई की प्रवक्ता ने कहा कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। इन दोनों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा चुका है। देव पारधी को चोरी के आरोप में उसके चाचा गंगाराम के साथ हिरासत में लिया गया था। देव पारधी की मां का आरोप है कि उसके बेटे को आरोपियों ने टॉर्चर कर के मार डाला। वहीं पुलिस का दावा है कि आरोपी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में फरार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं करने पर CBI को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने एजेंसी से पूछा कि अप्रैल से फरार चल रहे संजीव सिंह मावई और उत्तम सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार करने में क्या दिक्कत आ रही है। अदालत ने CBI को चेतावनी दी थी कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं की गई तो अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।

गीता भवन निर्माण को बढ़ावा, नगरीय निकायों में जमीन सिर्फ 1 रुपये में उपलब्ध कराएगी सरकार

भोपाल  कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब नगरीय प्रशासन ने प्रदेशके नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले चरण में उन निकायों में इनका निर्माण होगा जहां जमीन उपलब्ध है। विभाग ने सभी निकायों से जमीन की जानकारी मांगी है। जिनके पास जमीन उपलब्ध नहीं है उन्हें सरकार एक रुपए में जमीन देगी। इनका निर्माण पीपीपी मोड पर होगा। इन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए यहां बड़े हॉल के साथ लायब्रेरी भी होगी। इससे वहां छात्र भी बैठकर अध्ययन कर सकेंगे। यहां ई-लायब्रेरी की भी व्यवस्था की जाएगी। फैक्ट फाइल     413 निकायों में बनाए जाएंगे गीता भवन     सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र के साथ ही युवाओं की शिक्षण गतिविधियों के लिए लायब्रेरी भी होंगी पांच साल में सारे भवन बनाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनवाने की घोषणा की थी। इसके बाद इन पर काम शुरू हुआ है। नगरीय विकास विभाग ने सभी 413 निकायों में पांच साल में गीता भवन बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए जिन निकायों में जमीन उपलब्ध है वहां निर्माण के लिए जल्द एजेंसी तय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि निर्माण कार्य जल्दी शुरू हो सके। आबादी से तय होगा भवन का आकार योजना के अनुसार 5 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले नगर निगमों में 1500 बैठक क्षमता के भवन बनाए जाएंगे। 5 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर निगमों में 1 हजार की बैठक क्षमता वाला गीता भवन तैयार किया जाएगा। कुछ छोटी नगर पालिकाओं में 500 की बैठक क्षमता के गीता भवन भी तैयार किए जाएंगे। इन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुसार भी तैयार किया जाएगा तो आबादी बढ़ने पर भी यह उपयोगी रहें। कमर्शियल स्पेस भी होगा गीता भवन का जो निजी डेवलपर विकास करेगा उसे उसके बदले कुछ कमर्शियल स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा। नगरीय निकाय की भी कुछ दुकानें होंगी। इनके किराए से मेंटेनेंस का प्रबंध होगा। यहां साहित्य सामग्री बिक्री केन्द्र भी रहेगा। गीता भवन में कैफेटेरिया-स्वल्पाहार गृह की सुविधा भी होगी। यहां लायब्रेरी में पढ़ने वालों के लिए एसी, पंखे और ठंडे पानी की व्यवस्था रहेगी। ऑडीटोरियम में प्रवचन, सामाजिक, सांस्कृतिक आयोजन हो सकेंगे।

मैहर धाम में नवरात्र की धूम, मां शारदा के दर्शन कर चुके 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु

मैहर  मां शारदा धाम मैहर में चल रहे शारदेय नवरात्र महोत्सव में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब लगातार उमड़ रहा है। पहले दिन मां शारदा के दर्शन हेतु लगभग 1 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। दूसरे दिन यह संख्या बढ़कर 95 हजार तक जा पहुंची। तीसरे दिन श्रद्धालुओं का जोश और बढ़ा और करीब 1 लाख 25 हजार भक्तों ने माता के दरबार में मत्था टेका। इसी कड़ी में आज चतुर्थी तिथि (गुरुवार, 25 सितंबर 2025) को भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। प्रातः 12 बजे तक 72,639 श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं और अनुमान है कि दिनभर में यह संख्या 1 लाख से अधिक तक पहुंच सकती है। मेला क्षेत्र में जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को सुचारू दर्शन के लिए बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। नवरात्र के प्रत्येक दिन की तरह आज भी माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा हो रही है     प्रथम दिवस (प्रतिपदा) पर माता शैलपुत्री की आराधना हुई।     द्वितीय दिवस (द्वितीया) पर ब्रह्मचारिणी माता की पूजा-अर्चना की गई।     तृतीय दिवस (तृतीया) पर मां चंद्रघंटा का शृंगार और दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हुए।     चतुर्थ दिवस (चतुर्थी) पर आज भक्त माँ कूष्मांडा की उपासना कर रहे हैं। नवरात्र के इन पावन दिनों में मां शारदा की नगरी पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से सराबोर है। मंदिर प्रांगण से लेकर पूरे मैहर नगर तक 'जय मां शारदा' के जयकारों से गूंज रहा है। मैहर की मां शारदा माता के दर्शन करने पहुंची एक लड़की की अचानक तबियत बिगड़ गई, तभी मौके पर मौजूद सीएसपी महेंद्र सिंह ने तत्काल स्वास्थ सेवा उपलब्ध कराई है। प्राथमिक उपचार के बाद लड़की स्वस्थ हो गई।  

संजय दत्त ने किए महाकाल के दर्शन, भावुक होकर बोले – सालों से आने की कोशिश कर रहा था

उज्जैन  उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरूवार तड़के बॉलीवुड स्टार संजय दत्त (संजू बाबा) पहुंचे. उन्होंने नंदी हाल में बैठकर शिव आराधना कर बाबा की पूजा की. इसके बाद कहा कि मेरा सौभाग्य है कि बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया है. इस अनुभूति को बयां नहीं कर सकता.  बाबा की आराधना 12 ज्योर्तिलिंग में से एक महाकाल मंदिर में देश -विदेश की ख्यात हस्तियां आती रहती हैं. इसी कड़ी में गुरूवार तड़के बॉलीवुड के प्रसिद्ध एक्टर संजय दत्त महाकाल मंदिर पहुंचे. दत्त धोती कुर्ता पहन कर मंदिर पहुंचे और नंदी हाल में बैठकर करीब एक घंटे बाबा महाकाल की आराधना की. भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार से बाबा के दर्शन कर पूजा की. इस दौरान मंदिर समिति ने दत्त को बाबा का प्रसाद देकर ओर दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया. अनुभूति के लिए शब्द नहीं पहली बार बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आए दत्त ने पूजा अर्चना करने के पश्चात कहा मेरा सौभाग्य की बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया. भस्म आरती का एहसास बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है, लेकिन लगता है यहां की कोई शक्ति है. किसी को आने के लिए अपील की जरूरत नहीं है बाबा जिसे बुलाएंगे वह स्वयं आ जाएगा मैं कितने सालों से कोशिश कर रहा था और अब आ पाया. यह कह संजय हर-हर महादेव का जयकार लगाकर रवाना हो गए. बॉलीवुड के स्टार भी बाबा के भक्त पिछले कुछ वर्षों से बॉलीवुड टॉलीवुड में बाबा महाकाल के प्रति आस्था बढ़ती जा रही है। लगातार फिल्मी हस्तियां बाबा का आशीर्वाद लेने आ रही हैं. हाल ही में एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा, आशुतोष राणा, जयाप्रदा,जाह्नवी कपूर बाबा की शरण में पहुंचे थे. वहीं अक्षय कुमार,सारा अली खान, गोविंदा, सोनू सूद, रविकिशन, साउथ स्टार यश, मनोज वाजपेई, राजपाल यादव, मनोज जोशी, शिल्पा शेट्टी,हेमा मालिनी,जया प्रदा, अनुपम खेर,रेखा, अनुराधा पौडवाल, मधुर भंडारकर, टीनू आनंद, दलजीत दोसांझ,मनोज मुंतशिर अभिनेता,उत्कर्ष शर्मा, सिंगर सुनंदा शर्मा, रंजीत, पॉप सिंगर हनी सिंह, कोरियोग्राफर रैमो डिसूजा, बिंदु दारा सिंह व साउथ के भी कई एक्टर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने आ चुके हैं. ऐसे होती है भस्म आरती विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरूवार तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही पुजारियों ने सबसे पहले वीरभद्र जी का स्वस्तिवाचन कर और उनकी आज्ञा से चांदी द्वार खोला. इसके बाद गर्भगृह के पट खोल भगवान का श्रृंगार उतार कर पंचामृत पूजन कर कर्पूर आरती की गई. इसके बाद भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया. फ़िर बाबा को भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से दिव्य स्वरूप में श्रृंगारित कर ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित कर भगवान को भस्म चढ़ाई गई. इस दौरान नंदी बाबा की भी पूजा की गई.

शिक्षा को बढ़ावा देने पर वक्फ समितियों को मिलेगा इनाम, वक्फ बोर्ड का बड़ा अभियान

भोपाल  वक्फ से होने वाली आय को समाज में तालीम को बढ़ावा देने पर खर्च करों और इनाम पाओ। प्रदेश में 15 हजार वक्फ समितियों को वक्फ बोर्ड (Waqf Board)ने टारगेट दिया है। इसके तहत पढ़ाई में अधिक से अधिक स्टूडेंट की मदद करनी होगी। इसके लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसकी मॉनीटरिंग वक्फ बोर्ड करेगा। प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की देखरेख के लिए प्रदेश में वक्फ समितियां हैं। जो बोर्ड के अधीन काम कर रही है। वक्फ प्रापर्टी की देखरेख से लेकर उसके रिकॉर्ड की जिम्मेदारी इनके पास है। वक्फ संशोधन एक्ट के बाद वक्फ आय को ये समितियां शिक्षा पर ज्यादा खर्च करेगी। हर समिति को अपने जिले में रिकॉर्ड रखना होगा। आय के मुताबिक स्कॉलरशिप देने से लेकर जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करना होगा। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग होना है। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग तय होना है। जिला स्तर पर वक्फ समितियों की तैयार होगी रिपोर्ट वक्फ सम्पत्तियों से होने वाली आय तालीम पर खर्च होगी। वक्फ समितियों को इसकी जिम्मेदारी है। इसके आधार पर इनकी समीक्षा होगी। बेहतर काम करने वालों को बोर्ड की ओर से इनाम भी दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन के लिए होगा।- डॉ सन्नवर पटेल, अध्यक्ष मप्र वक्फ बोर्ड दुकान और मकानों से आय वक्फ बोर्ड के मुताबिक वक्फ में कब्रिस्तान, मस्जिद, मकबरे सहित अन्य प्रापर्टी शामिल हैं। आय केवल दुकान और मकानों से है। ऐसे में कई जिले ऐसे हैं जहां कोई आय नहीं है। वहीं वक्फ संपत्तियों से कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान वक्फ बोर्ड ने 34 करोड़ की रिकवरी नोटिस जारी किए है। इनमें 27 करोड की रिकवरी भोपाल से ही होना है। इसके अलावा एक अन्य समिति को सात करोड़ का नोटिस बोर्ड ने भेजा है।

CMRS टीम भोपाल मेट्रो के निरीक्षण पर, OK रिपोर्ट के बाद आम जनता कर सकेगी सफर

भोपाल  कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंच गई है। गुरुवार और शुक्रवार को टीम निरीक्षण करेगी। कमिश्नर जनक कुमार गर्ग भी साथ हैं। इसके बाद एक और टीम भोपाल पहुंचेंगी। मेट्रो के लिए सीएमआरएस का दौरा सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि 'ओके' रिपोर्ट का फाइनल होना।  मेट्रो अफसरों की माने तो ये टीमें ट्रैक के नट-बोल्ट से लेकर सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो तक देखेगी। निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम 'ओके' रिपोर्ट देगी। इसके बाद कमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी। मुंबई से आई है टीम सीएमआरएस की टीम मुंबई से आई है। इस टीम के जिम्मे डिपो और गाड़ी है। डिपो में मेट्रो की सभी जरूरतें जानी जाएगी। वहीं, मेट्रो के अंदर फंक्शन, सॉफ्टवेयर के बारे में जानेगी। यदि कहीं कोई खामी मिलती है तो उसे तुरंत सुधरवाएगी। यह टीम डिपो के अंदर ही रहेगी।इसके बाद दूसरी टीम ट्रैक का निरीक्षण करेगी। हर वो बात जानेगी, जो मेट्रो के संचालन के लिए जरूरी है। टीम ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है। अक्टूबर में कमर्शियल रन प्रस्तावित बता दें कि अक्टूबर में मेट्रो का कमर्शियल रन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। 31 मई को इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से भोपाल मेट्रो को लेकर तेजी से काम शुरू हो गया। मेट्रो के जिन 3 स्टेशन के काम बचे हैं, उन पर फोकस किया जा रहा है। आरडीएसओ से मिल चुकी ओके रिपोर्ट भोपाल मेट्रो के लिए सबसे पहले रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम आ चुकी है। इस टीम की रिपोर्ट ओके आई। इसके निरीक्षण के बाद सीएमआरएस को डॉक्युमेंट्स सबमिट किए गए। फिर निरीक्षण की तारीख 25-26 सितंबर फाइनल हुई। साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो चुका है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के कुछ काम बाकी है, जो पूरे किए जा रहे हैं। रेल ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं। दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

तांत्रिक क्रिया के लिए कब्रों से छेड़छाड़ करने वाला बदमाश गिरफ्तार

खंडवा  खंडवा से निकलकर प्रदेशभर में सनसनी फैलाने वाला कब्रिस्तान छेड़छाड़ कांड आखिरकार सुलझ गया है। पुलिस ने इस घिनौने कृत्य के आरोपी तांत्रिक प्रवृत्ति के अपराधी अयूब खान (50) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूलतः जावर थाने के अंतर्गत आने वाले मुंडवाड़ा गांव का रहने वाला है और पहले से ही निगरानी शुदा बदमाश है। पुलिस पूछताछ में अयूब ने स्वीकार किया कि वह कब्रों को खोदकर तंत्र क्रिया करता था। जानकारी मिली है कि इंदौर सेंट्रल जेल में सजा काटते समय उसने कुछ अपराधियों से तांत्रिक मंत्र-क्रियाएं सीखीं। इसी झूठी धारणा के चलते वह कब्रों पर छेड़छाड़ कर अपनी "शक्ति" बढ़ाने की कोशिश करता था। इसी साल 15 मई 2025 को वह जेल से बाहर आया था, जहां वह अपनी दोनों पत्नियों की हत्या के मामले में सजा काट रहा था। जेल से छूटने के महज चार दिन बाद यानी 19 मई की रात उसने खंडवा के बड़ा कब्रिस्तान और सिहाड़ा गांव में कब्रें खोदी थीं। हाल ही में 21 सितंबर को फिर से बड़ा कब्रिस्तान में कब्रों को नुकसान पहुंचाया गया। जब मुस्लिम समुदाय ने शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उसी में आरोपी की पहचान हुई। अयूब खान के खिलाफ पहले से ही हत्या, चोरी और दहेज प्रताड़ना समेत करीब 13 गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। दो पत्नियों की हत्या के मामलों में उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी थी और इसी दौरान वह जेल में तांत्रिक क्रियाओं से प्रभावित हुआ। खंडवा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने जानकारी दी कि आरोपी को हरसूद इलाके से गिरफ्तार किया गया। आरोपी का जुर्म स्वीकार करने के बाद अब उसके खिलाफ न केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास और कब्रिस्तान में की गई वारदातें समाज में भय और असुरक्षा का कारण हैं, इसलिए उस पर कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई जरूरी है।

निवास में राज्य आनंद संस्थान अल्पविराम परिचय कार्यशाला संपन्न

मण्डला  निवास- शासकीय सेवकों के लिए विकासखंड स्तरीय अल्पविराम परिचय कार्यशाला   राज्य आनंदम संस्थान आनंद विभाग मध्य प्रदेश शासन एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद भोपाल का संयुक्त आयोजन मंडला जिले के विकासखंड निवास के कार्यालय जनपद पंचायत सभागार में आयोजित किया गया।  सर्वप्रथम मां भारती के चित्र में तिलक वंदन पुष्पहारअर्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला शुभारंभ किया गया, इसके पश्चात मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमति मंजूरानी कुलस्ते, उपाध्यक्ष श्री घनश्याम सूर्यवंशी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती श्रद्धा सोनी, मास्टर ट्रेनर राज्य आनंदम संस्थान से श्रीमति अर्चना शर्मा, श्रीमती रश्मि पाठक, श्रीमती संजुलता सिंगोर, श्रीमति वंदना तेकाम  का पुष्पहार भेंट कर स्वागत किया गया।  तत्पश्चात जन अभियान परिषद विकासखंड समन्वयक श्री सूरज  बर्मन द्वारा अल्पविराम परिचय कार्यशाला के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई। कार्यशाला में उपस्थित  जनपद पंचायत अध्यक्ष ने अपने  उद्बोधन में जीवन में आनंदित रहने हेतु अल्पविराम जैसे कार्यशाला में जुड़कर अपने जीवन  आनंदित करने  को कहा , उन्होंने  कहा कि ऐसे प्रशिक्षण बार बार होना चाहिए जिसमें नीचे से लेकर ऊपर तक के कर्मचारी संलित रहे, उपाध्यक्ष सूर्यवंशी जी द्वारा समस्त विभागों के शासकीय सेवकों को यह बतलाया  कि अपने से छोटे स्तर के सेवकों को भाईचारे के साथ व्यवहार कर उन्हें भी आनंदित रखें जिससे उत्साहपूर्वक सभी विभागीय कार्य संपादित हो सके तत्पश्चत मास्टर ट्रेनर अर्चना शर्मा के द्वारा अल्पविराम परिचय कार्यशाला हेतु सभी शासकीय सेवकों को प्रशिक्षित किया गया जिसमे अल्पविराम से जुड़े कुछ जीवन के प्रश्नों को सभी के सामने रखा गया।  जैसे 1.जीवन में आज तक मैं कितने लोगों की मदद किया?2. जीवन में आज तक कितने लोगों ने मेरी मदद कि?3. मैंने अपने जीवन में कितने लोगों को दुःख पहुंचाया?4. मेरे जीवन में कितने लोगों ने मुझे दुःख पहुंचाया? इन विषयों के साथ प्रशिक्षण दिया गया ,इसतरह सभी प्रशिक्षुओं के द्वारा बताया गया कि अल्पविराम परिचय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति अपने अस्त व्यस्थ जीवन में खुद को आनंदित नहीं कर पाते जिससे विभाग ने जन अभियान परिषद के सहयोग से म.प्र.के प्रत्येक विकास खण्ड में यह कार्यशाला आयोजित कर शासकीय सेवकों को आनंदित रहने हेतु अल्पविराम परिचय कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है।  भोजना  उपरांत मास्टर ट्रेनरों के द्वारा अनेकों आनंदित हास्य गतिविधि कराई गई  जिसका सभी प्रशिक्षार्थियों द्वारा आनंद लिया गया, अल्पविराम परिचय कार्यशाला में परामर्शदाता श्रीमति अभिलाषा दुबे, श्री मनोज कुमार तिवारी, जय प्रकाश झारिया, उत्तम सिंह परस्ते, देवेन्द्र सिंह वरकड़े, नवांकुर संस्था प्रतिनिधि संजय चौधरी, लोकेश्वर गोसाई, छात्र छात्राओं वा समस्त विभागीय अधिकारी/ कर्मचारी की उपस्थिति में कार्यशाला का समापन किया गया।

VVIP चेकअप में बड़ी चूक: गवर्नर का बीपी नहीं नाप पाई मशीन, ड्यूटी डॉक्टर पर गिरी गाज

ग्वालियर  मध्य प्रदेश गजब है। कभी आई के हाथों से चोर फोन लूट लेते हैं तो कभी डॉक्टर गवर्नर का ब्लड प्रेशर चेक नहीं कर पाते हैं। राजधानी भोपाल में पुलिस अधिकारी के साथ चोरी की वारदात के बाद अब राज्यपाल मंगूभाई पटेल का ब्लड प्रेशर चेक करने में लापरवाही का मामले में विभाग एक्शन लेने की तैयारी में है। लापरवाही करने वाले डॉक्टर और चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ नोटिस भेजे जाने की तैयारी है। दरअसल, 22 सितंबर को ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी शामिल हुए थे। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ग्वालियर के मुरार गेस्ट हाउस में ठहरे थे। सुबह उनका नियमित चेकअप किया जाना था। जांच करने के लिए डॉक्टरों की एक टीम पहुंची। जैसे ही बीपी चेक किया गया तो मशीन एरर बताने लगी। कई बार की गई कोशिश जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बार-बार कोशिश की लेकिन राज्यपाल का बीपी कितना था। यह जानकारी नहीं मिल सकी। इस मामले में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सचिन श्रीवास्तव ने कहा था कि बीपी मशीन की बैटरी खराब हो गई थी। डॉक्टरों ने मौके पर ही बैटरी बदली लेकिन उसके बाद भी जांच नहीं हो सकी। अब इस मामले में सिविल सर्जन को नोटिस जारी किया गया है। सिविल सर्जन पर हो सकती है कार्रवाई जिसके बाद सिविल सर्जन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। CMHO ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब मांगा गया है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। भोपाल में आईजी की फोन हुआ था चोरी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चोरी की वारदात सामने आई थी। अपराधियों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया है। आईजी इंटेलिजेंस डॉ आशीष से अपराधियों ने मोबाइल छीन लिया। आईजी वीवीआईपी इलाके चार इमली में खाना खाने के बाद रात को टहल रहे थे इस दौरान बाइक से आए अपराधी फोन छीनकर भाग गए। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराधियों की तलाश शुरू कर दी।  

आरक्षण सीमा पार: किन राज्यों ने किया लागू और एमपी में OBC कोटा 27% करने की तैयारी

भोपाल भारत में आरक्षण की अधिकतम सीमा को लेकर लगातार बहस चलती रहती है। मौजूदा दौर में मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण को 27% किए जाने का मामला चल रहा है। इस मामले में आज से सुप्रीम कोर्ट में रोजना सुनवाई की जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि संविधान के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से ज्यादा नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद कई राज्य 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं। ऐसे में आज बात करेंगे कि ये राज्य आखिर क्यों 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं। दरहअसल सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार (1992) केस में साफ कहा था, कि सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद कई राज्यों ने इस सीमा को पार कर दिया है और अपने सामाजिक ढांचे व राजनीतिक समीकरणों के आधार पर 50% से ऊपर का कोटा लागू कर रखा है। इन राज्यों में 50% से ज्यााद आरक्षण… तमिलनाडु – 69%     1990-94 में कानून बना और इसे संविधान की नौंवीं अनुसूची में शामिल किया गया। तेलंगाना – 67%  शिक्षा और सरकारी नौकरियों में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण। बिहार – 75%     हाल ही में राज्य ने आरक्षण को 65% तक बढ़ाया और EWS मिलाकर कुल लगभग 75% हो गया। गुजरात – 58-60%     EWS को शामिल करने के बाद कुल आरक्षण दर 50% से ऊपर चली गई। केरल – लगभग 60%     राज्य में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण दर 60 %। 50% से ज्यादा आरक्षण देने पर क्या कहता है कानून .. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि 50% से ज्यादा आरक्षण असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर मान्य नहीं होगा। लेकिन कई राज्यों ने सामाजिक न्याय और जातिगत समीकरणों का हवाला देकर इसे बढ़ाया। खासतौर पर तमिलनाडु का 69% आरक्षण इसलिए बचा हुआ है क्योंकि इसे नौंवीं अनुसूची में डाल दिया गया, जिससे अदालत में इसकी वैधता चुनौती देना मुश्किल हो जाता है। भारतीय संविधान और सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि सामान्य स्थिति में जाति-आधारित आरक्षण 50% से ज़्यादा नहीं हो सकता। लेकिन कुछ राज्यों ने इस सीमा को पार करते हुए 50% से अधिक आरक्षण की नीति लागू कर रखी है। MP में OBC आरक्षण बढ़ने पर क्या होगा समीकरण? आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में मौजूदा दौर में आरक्षण कि स्थिति कुछ इस प्रकार है…     SC (अनुसूचित जाति) – 16%     ST (अनुसूचित जनजाति) – 20%     OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) – पहले 14%, जिसे बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव है​​​ क्या 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देना संवैधानिक है? ऐसे में अगर 27% आरक्षण लागू होता है तो मध्यप्रदेश में कुल आरक्षण बढ़कर 63% पहुंच जाएगा। लेकिन संवैधानिक रूप से यह तभी टिक पाएगा जब सरकार विशेष परिस्थितियों का ठोस तर्क कोर्ट में साबित करे। वरना इसकी वैधता सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।