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राजनीति की तैयारी: MP कांग्रेस जिला अध्यक्षों की बैठक कल से, PCC मुख्यालय में होगी अहम चर्चा

भोपाल  कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की पहली बैठक राजधानी भोपाल कांग्रेस मुख्यालय में रविवार 21 सितंबर से मंगलवार 23 सितम्बर तक आयोजित की जाएगी। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा करेंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की पहली बैठक राजधानी भोपाल कांग्रेस मुख्यालय में रविवार 21 सितंबर से मंगलवार 23 सितम्बर तक आयोजित की जाएगी। शुरुआती दौर में  6 संभागों की अलग-अलग समय में बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पिछले 1 महीने में अध्यक्षों द्वारा किए गए काम का हिसाब मांगा जाएगा। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा करेंगे। नियुक्ति के बाद पहली बार हो रही बैठक  जानकारी के लिए बता दें कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पहली बार भोपाल में बैठक बुलाई गई है। ब्लॉक अध्यक्ष और जिला कार्यकारिणी को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी। कार्यकारिणी और ब्लॉक अध्यक्ष को लेकर एक महीने की जिला अध्यक्षों को डेडलाइन दी गई थी। कामकाज को मजबूत करना उद्देश्य बतादें के एमपी कांग्रेस 2028 में होने वाले चुनाव की अभी से तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच संगठ को मजबूत करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य जिला अध्यक्षों को संगठन सृजन अभियान के तहत अपने कामकाज को मजबूत करने और आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।   बैठक की तारीखें और समय – 21 सितंबर: भोपाल संभाग (सुबह 10 बजे), नर्मदापुरम संभाग (दोपहर 3 बजे) और सागर संभाग (दोपहर 12 बजे) – 22 सितंबर: ग्वालियर चंबल संभाग (सुबह 10 बजे) और इंदौर संभाग (दोपहर 3 बजे) – 23 सितंबर: उज्जैन संभाग (सुबह 10 बजे) 

डॉ. यादव ने जताई सरकार की प्रतिबद्धता: जनता के लिए विकास और सुरक्षा सर्वोपरि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की उपस्थिति में सेवा पखवाड़ा के संबंध में हुई बैठक में कहा कि  राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में अब सेवा पखवाड़ा की गतिविधियो ंको सत्ता और संगठन मिलकर तेज गति देंगे। इसको लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में बैठक हुई।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा आरंभ किया गया है। साथ ही आमजन को जीएसटी  रिफॉर्म्स के लाभ दिलाने तथा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत जन-जन को स्वदेशी अभियान में शामिल करने के उद्देश्य से भी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान में आमजन की सक्रिय भागीदारी से सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास तथा वोकल फॉर लोकल की भावना के अनुरूप गतिविधियां जारी हैं।  मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक वार्ड और ग्राम स्तर तक गतिविधियों का प्रभावी व्यवस्थित और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा अभियान', 'एक बगिया मां के नाम' और 'एक पेड़ मां के नाम' के अंतर्गत पौधरोपण, नमो पार्क तथा नमो उपवन विकसित करने, विद्यालय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, जनसामान्य को स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प सामग्री खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने जैसी गतिविधियां जनभागीदारी से संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में 'विकसित भारत' थीम पर निबंध, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा संगोष्ठियां भी हो रही हैं। बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल सहित शिवप्रकाश और हितानंद शर्मा उपस्थित थे।  

कान्हा टाइगर रिजर्व में हुआ इंग्लिश स्पीकिंग प्रशिक्षण

भोपाल कान्हा टाइगर रिजर्व मण्डला में खटिया परिक्षेत्र अंतर्गत ईको सेंटर में कान्हा टाइगर रिजर्व के गाइड्स के लिये 14 दिवसीय इंग्लिश स्पीकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। प्रशिक्षण में टाइगर रिजर्व के जी-1 श्रेणी के 58 गाइड शामिल हुए। प्रशिक्षण मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड भोपाल द्वारा कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य गाइड्स को अंग्रेजी भाषा में दक्ष बनाना, जिससे आवश्यकता अनुसार गाइड बेहतर प्रकार से पर्यटकों के अनुरूप अंग्रेजी भाषा को समझकर उसी भाषा में जानकारी दे सकें। इससे गाइड्स में आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और पर्यटकों से कुशलतापूर्वक संवाद से वन एवं वन्य-जीव सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य को भी बेहतर किया जा सकेगा। प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों द्वारा गाइड्स को अंग्रेजी भाषा में संवाद करने के तरीके, शारीरिक भाषा, वन, वन्य-जीव एवं पर्यावरण से संबंधित शब्दों के अंग्रेजी अर्थ एवं संवाद के लिये आवश्यक व्याकरण तथा शब्द कोष के विषय में प्रस्तुतिकरण एवं प्रेक्टिकल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में क्षेत्र संचालक, उप संचालक कोर, बफर, सहायक संचालक बंजर और परिक्षेत्र अधिकारी खटिया भी उपस्थित रहे।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा- देश की ताकत और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में फार्मेसी के विद्यार्थी दें योगदान

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि फार्मेसी के सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा काम करते हुए अपनी स्वदेशी औषधियों के व्यापार को बढाने और इसके उत्पादन पर ध्यान देने लिए और अधिक मेहनत और परिश्रम करने की जरूरत है। आज दुनिया के कई देश हमारे देश में उत्पादित स्वदेशी दवाओें का उपयोग करते हैं। हमारा लक्ष्य है कि दुनिया के ज्यादा से ज्यादा देश हमारे देश की उत्पादित औषधियों का उपयोग करें। मंत्री श्री परमार शनिवार को इंदौर के ऑक्सफोर्ड इन्टरनेशनल कॉलेज में “इंडियन फार्मासिस्ट इनावेशन टू इम्पेक्ट फॉर विकसित भारत-2047” की थीम पर आयोजित दो दिवसीय 12वें विजन फार्मा राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ कर सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी डॉ. छगनभाई पटेल, फार्मा विजन के राष्ट्रीय संयोजक श्री अनिकेत सेल्के, श्री वीरेन्द्र सोलंकी, ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज के चेयरमेन श्री अक्षांशु तिवारी, कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रिया जैन, फार्मा विजन की स्टेट कॉन्वेनर सुश्री कामाक्षा गौड़ विशेष रूप से मौजूद थे। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करते हुए कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से अपील की है कि विकसित भारत के संकल्प को अपना संकल्प मानते हुए कार्य करें। देश की ताकत और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में फार्मेंसी के विद्यार्थी निश्चित रूप से बड़ा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश 2047 तक ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होगा और दुनिया के कई देशों में भी ऊर्जा की पूर्ति करने वाला देश बनेगा। उन्होंने कहा कि किसानों ने अन्न और खाद्यान्न के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बना दिया है। किसानों ने अन्न के भण्डार भरे हैं। भारत 2047 तक अन्य देशों के भरण-पोषण करने की सामर्थ्य रखने वाला देश बनेगा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि शीघ्र ही फार्मेंसी के सिलेबस में आयुर्वेद के सिलेबस को भी जोड़ने का काम किया जायेगा। इस पर एक्सपर्ट द्वारा विचार-विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार फार्मेंसी के साथ एलोपैथिक , होम्योपेथिक और आयुर्वेदिक के लिये एक कॉमन सिलेबस तैयार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 11 नये आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने का संकल्प लिया गया था, जिसमें से 8 कॉलेजों की भारत सरकार द्वारा मान्यता दे दी गई है। अगले वर्ष से ही नये कॉलेज प्रारंभ किये जाएंगे। मंत्री श्री परमार ने बताया कि आने वाले समय में परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिये सभी परीक्षाओं का डिजिटल वेल्यूवेशन किया जायेगा , जिससे परीक्षार्थी ऑनलाईन अपनी कापी देख सकेंगे। श्री परमार ने कहा कि भारत फिर से विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है। ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रिया जैन ने बताया कि दो दिवसीय 12वें विजन फार्मा राष्ट्रीय अधिवेशन में फार्मा से संबंधित कई सत्र होंगे। सुश्री कामाक्षा गौड़ ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में देश के विभिन्न कॉलेजों के फार्मेसी विद्यार्थी उपस्थित थे।

कृषि मंत्री की बड़ी घोषणा: राज्य सरकार मंजूरी दे तो सोयाबीन खरीदी जाएगी समर्थन मूल्य पर

हरदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को हरदा पहुंचे। उन्होंने खिरकिया ब्लाक के बावड़िया गांव में एक शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त कर पौधारोपण किया। मीडिया के सोयाबीन को समर्थन मूल्य पर खरीदने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार का है। इस संबंध में राज्य सरकार से प्रस्ताव मिलने पर समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदने की अनुमति दी जाएगी। इससे पहले जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों पर दरें कम हो रही हैं। 22 सितंबर से कृषि यंत्रों की दरों में पांच प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे किसानों को इन्हें खरीदने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान 35 एचपी का ट्रैक्टर खरीदता है तो उसे सीधे 63 हजार रुपये की बचत होगी। इसी तरह बागवानी के लिए जो किसान ट्रैक्टर खरीदता है उस पर उसे 23 हजार रुपये तक की बचत होगी। कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि एक दिन पहले शुक्रवार को उन्होंने कृषि यंत्र बनाने वाली विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रतिनिधियों से कहा कि जीएसटी की दरों का सीधा लाभ किसानों को मिलना चाहिए ताकि उन्हें खेती के कार्यों में मदद मिले और उनका आर्थिक विकास हो सके। कई जगह हुआ स्वागत, महिलाओं ने बताई समस्या कृषि मंत्री कार के माध्यम से जिले में पहुंचे। जिले में प्रवेश करते ही छीपानेर में उन्होंने कुछ महिलाओं से मिलाकात की। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि उन्हें लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं तो महिलाओं ने कहा कि उन्हें हर माह राशि प्राप्त हो रही है। कुछ महिलाओं ने कहा कि उन्हें राशि नहीं मिल रही है, जिस पर उन्होंने मामले की जांच कराकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। अबगांवखुर्द में कृषि मंत्री का किसानों और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया- मुरैना ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना ने ग्रीन ऊर्जा और स्टोरेज को दी नई दिशा

पीक-ऑवर्स में 440 मेगावॉट की सप्लाई होगी सुनिश्चित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी। परियोजना की संरचना और क्षमता मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।         पहला चरण: वास्तविक समय पर सौर ऊर्जा (220 मेगावॉट तक)         दूसरा चरण: शाम के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (बैटरी में संचित सौर ऊर्जा से)         तीसरा चरण: सुबह के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (रात्रि में ग्रिड से चार्ज बैटरी से) इस नवाचार से बैटरी का उपयोग दिन में दो बार संभव होगा, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में 440 मेगावॉट सप्लाई सुनिश्चित होगी। मुरैना परियोजना दो परियोजनाओं का मिश्रण है, जिसमें पहलाएक सामान्य सिंगल-चार्ज कम्पोजिट सोलर प्रोजेक्ट,जिसमें बैटरी को सोलर एनर्जी से चार्ज जाता है।दूसरा स्टोरेज एज ए सर्विस प्रोजेक्ट है, जिसमें अतिरिक्त ग्रिड पॉवर से रात के समय बैटरी दोबारा चार्ज की जाएगी। इससे सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बैटरी, दिन में दो बार उपयोग की जाएगी। यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि राज्य ग्रिड में उपलब्ध रात के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग सुबह की पीक ऑवर्समें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। मुरैना परियोजना पीक ऑवर्सऔर दिन के समय में समान स्तर की आपूर्ति (प्रत्येक इकाई से 220 मेगावाट) के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वारा नियोजित भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है जो दिन और रात के समय एक फ्लेटप्रोफाईलकी बिजली की आपूर्ति करते हुए एक ऐसीपरियोजना की आधारशिला रखेगी जो पूरे 24 घंटों के लिए समान स्तर की बिजली की आपूर्ति करे। यह नवकरणीय ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा के समान निश्चितता प्रदान करेगा और इसे तकनीकी और व्यावसायिक रूप से समतुल्य बना देगी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए निर्धारित2.70 रूपये प्रति यूनिटके ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई, नीलामी प्रक्रिया लगभग 12 घंटे चली। यह पूरे भारत में एफडीआरईनिविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है,परियोजना के ई-रिवर्स ऑक्शन में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यह क्षमता की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन था। ऑक्शन में अडानी रिन्यूएबल्स, एनटीपीसी रिन्यूएबल्स, रिन्यू सोलर, एसीएमई, एंजी एनर्जी, दिलीप बिल्डकॉन, एमबी पॉवर जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।     यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रूपये प्रति यूनिट।     यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रूपये प्रति यूनिट की दर पर यह निविदा हासिल की।इस ऑक्शनमें प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेजेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। निवेशकों के लिए भरोसेमंद मॉडल परियोजना का विकास रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने रीवा और आगर जैसी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया है। RUMSL द्वारा  परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। International Finance Corporation द्वारा Transaction Advisor के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर साबित किया है कि बैंकेएबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्तपोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। पार्क डेवलपर के रूप में RUMSL भूमि और आंतरिक बिजली निकासी का बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि MP Transco परियोजना के लिए आवश्यक बाहरी विद्युत निकासी हेतु बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इस परियोजना में एक मजबूत 3-स्तरीय payment security mechanism है, जिसमें बेहतर bankability के लिए राज्य गारंटी शामिल है तथा procurer default और assured procurement of excess energy के लिए उचित termination compensation और reduced offtake तथा ग्रिड अनुपलब्धता के लिए compensation दिया गया है। परियोजना, चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एनर्जी ट्रांजिशन में मील का पत्थर मुरैना भारत की एनर्जी ट्रांजिशनमें एक नया मोड़ है; उम्मीद है कि इस तरह के उत्साहजनक परिणाम देश को कोयला आधारित बिजली की तुलना … Read more

नौकरी में अनुचित शर्त असंवैधानिक, ग्वालियर कोर्ट ने विधवा को न्याय दिलाया

ग्वालियर हाई कोर्ट की ग्वालियर पीठ ने एक शासकीय सेवक की विधवा को पारिवारिक पेंशन दिए जाने का आदेश सुनाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि नियमित सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर विधवा को पारिवारिक पेंशन मिलनी चाहिए। दस वर्ष से कम सेवा अवधि की शर्त नहीं लगाई जा सकती है। याचिकाकर्ता कमलीबाई के पति की 1998 में सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। उनकी कुल शासकीय सेवा अवधि सात साल छह माह आठ दिन थी। विभाग ने 10 साल की सेवा पूरी नहीं होने का हवाला देकर पेंशन देने से मना कर दिया था। कोर्ट ने पेंशन नियम 1976 की धारा 47 का हवाला दिया। इसके अनुसार सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर परिवार को पेंशन का अधिकार है।   नियम सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है- कोर्ट कोर्ट ने कहा कि नियम 43(2) सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है। सेवा में मृत्यु की स्थिति में नियम 47 लागू होगा। कोर्ट ने विभाग के दो जुलाई 2012 के आदेश को रद कर दिया है। कोर्ट ने दो माह के भीतर याचिकाकर्ता की पेंशन तय करने और भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही बकाया पेंशन पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।  

ऑडियो वायरल: डांसिंग कॉप रंजीत सिंह पर अब पैसे की मांग का आरोप

इंदौर  इंदौर के प्रसिद्ध 'डांसिंग कॉप' रंजीत सिंह से जुड़ा विवाद और गहरा गया है, क्योंकि आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने शनिवार को एक नया ऑडियो क्लिप जारी किया है जिसमें रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का आरोप है।  इंदौर के ट्रैफिक हवलदार और 'डांसिंग कॉप' के नाम से मशहूर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे रंजीत की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। राधिका ने शनिवार तड़के लगभग 5:30 बजे इंस्टाग्राम पर दो नई पोस्ट साझा कीं, जिनमें एक ऑडियो क्लिप भी शामिल है। इन पोस्ट के जरिए राधिका ने रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी बीच, शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने के बाद रंजीत सिंह को शहर के शेल्बी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। युवती ने ऑडियो पोस्ट कर लगाए नए आरोप राधिका ने शनिवार सुबह एक वीडियो के साथ ऑडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा, "ये तुम्हारा फेमस सेलेब्रिटी… हाथ जोड़कर पैसे मांग रहा है, किसी और औरत से… उसने शेयर किया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है इसकी… ऐसी भीख मांग कर चला रहा था यह अपनी जिंदगी। ऑडियो सुनकर और मजा आया। मुझे यह किसी अन्य महिला ने भेजा है।" राधिका ने यह भी दावा किया है कि जिस महिला से पैसे मांगे गए, वह भी जल्द ही रंजीत के खिलाफ सामने आएगी।   अस्पताल में भर्ती रंजीत सिंह, हालत स्थिर शेल्बी अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक जोशी ने रंजीत सिंह के स्वास्थ्य पर जानकारी देते हुए बताया, "रंजीत सिंह को गुरुवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था। अब उनकी हालत ठीक है और बीपी भी सामान्य है। आज (शनिवार) उन्हें आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो कल (रविवार) उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।" कई और लड़कियों को धमकी देने का दावा अपनी दूसरी पोस्ट में राधिका ने दावा किया कि रंजीत सिंह से पीड़ित और भी कई लड़कियां हैं। उसने लिखा, "और कई लड़कियां हैं। कुछ तो मैरिड हैं, इसलिए सामने नहीं आना चाहतीं। कुछ को इसने (रंजीत) पुलिस की धमकी दी है। अब सब खुश हैं कि सीखो इससे सबक।" 

आयुष विभाग को ई-मॉनिटरिंग सिस्टम एवं नागरिक सेवाओं के सशक्तिकरण के लिए मिला स्कॉच अवार्ड

भोपाल  नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में शनिवार को आयोजित एक गरिमामयी समारोह में स्कॉच फाउंडेशन द्वारा आयुष विभाग के अपर सचिव श्री संजय मिश्रा को, विभाग की उत्कृष्ट पहलों के लिए प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विशेष रूप से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के विकास और नागरिक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में किए गए विभागीय प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। डिजिटल नवाचार की पहल अपर सचिव आयुष श्री संजय मिश्रा ने बताया कि विभाग में सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम की परिकल्पना एवं कार्यान्वयन की पहल की। इस प्रणाली के माध्यम से प्रदेशभर के अस्पतालों की गतिविधियों की नियमित निगरानी, आंकड़ों का वास्तविक समय पर संकलन एवं विश्लेषण तथा सेवा प्रदायगी की स्थिति पर सतत नियंत्रण संभव हो पाया। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ी, बल्कि अस्पतालों में नागरिकों को समय पर और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकीं। ओपीडी संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि अपर सचिव आयुष श्री मिश्रा के नेतृत्व में आरंभ की गई इस डिजिटल निगरानी व्यवस्था और नागरिक-केंद्रित सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश के आयुष अस्पतालों में ओपीडी संख्या मात्र एक वर्ष में 8 लाख प्रतिमाह से बढ़कर 22 लाख प्रतिमाह तक पहुँच गई। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि सुदृढ़ प्रबंधन और तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ भी आधुनिक समय में अत्यंत प्रासंगिक और प्रभावी हो सकती हैं। अधोसंरचना और सेवाओं का विस्तार विभागीय प्रयासों से प्रदेश के 2 हजार 250 आयुष संस्थानों में आधारभूत संरचना को सशक्त किया गया। अस्पतालों में आवश्यक उपकरणों, औषधियों और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। साथ ही, ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता को निरंतर उन्नत किया गया, जिससे नागरिकों का विश्वास और संतोष दोनों बढ़े। सामूहिक प्रयासों का परिणाम श्री मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान केवल मेरा व्यक्तिगत गौरव नहीं है, बल्कि पूरे आयुष विभाग, मध्यप्रदेश की टीम भावना और समर्पण का परिणाम है। मैं इस पुरस्कार को प्रदेश के सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों और समस्त आयुष कार्मिकों को समर्पित करता हूँ, जिनके अथक परिश्रम से यह सफलता संभव हुई। यह उपलब्धि, हमें माननीय आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार जी, प्रमुख सचिव, आयुक्त आयुष तथा विभागीय टीम के सक्रिय मार्गदर्शन और सहयोग से प्राप्त हुई है, जिनकी प्रेरणा और नेतृत्व ने इस नवाचार को गति प्रदान की। भविष्य की राह श्री मिश्रा ने कहा कि इस सम्मान ने मुझे और मेरी टीम को नई ऊर्जा और संकल्प दिया है। भविष्य में हमारा लक्ष्य है कि आयुष स्वास्थ्य सेवाएँ प्रत्येक नागरिक तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण रूप से पहुँचें तथा मध्यप्रदेश को एक राष्ट्रीय वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सके।  

सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने अधिकारियों को दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल “संपदा 2.0” को शनिवार नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रतिष्ठित SKOCH गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संपदा 2.0 से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि "संपदा 2.0" ने सुशासन और पारदर्शिता के नये आयाम स्थापित किये हैं। यह सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में हो रहे निरंतर नवाचारी प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तकनीक को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया गया है। भविष्य में इस पहल को और व्यापक बनाकर लोगों तक अधिक सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। यह पुरस्कार राज्य सरकार की पारदर्शिता, सुशासन एवं तकनीकी नवाचार की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना के रूप में प्रदान किया गया। राजधानी नई दिल्ली में एक गरिमामय कार्यक्रम में प्रोफेसर महेंद्र एस देव चेयरमैन, प्रधानमंत्री इकोनॉमिक एडवाइजरी कॉउंसिल एवं प्रोफेसर आर. कविता राव, संचालक नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी तथा स्कॉच ग्रुप द्वारा "संपदा 2.0" के क्रियान्वयन के लिए महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, वाणिज्यिक कर विभाग मध्यप्रदेश शासन को राष्ट्रीय स्कॉच स्वर्ण पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। परियोजना प्रभारी अधिकारी वरिष्ठ जिला पंजीयक श्री स्वप्नेश शर्मा ने पुरस्कार प्राप्त किया। "संपदा 2.0" के माध्यम से सेवाओं को तेज़, सरल और पारदर्शी बनाने में सफलता मिली है। इस प्लेटफ़ॉर्म ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ाई है, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित एवं सुविधाजनक सेवाएँ उपलब्ध कराने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। भविष्य की दृष्टि से "संपदा 2.0" को और व्यापक बनाने तथा अधिक सेवाएँ इससे जोड़ने की योजना है। इससे प्रदेश में डिजिटल सुशासन को नई गति मिलेगी और नागरिकों को और अधिक सरलता से सेवाएँ मिल सकेंगी। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है और यह दर्शाती है कि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश को ई-पंजीयन एवं ई- स्टैंपिंग की परिष्कृत प्रणाली को उत्कृष्टता के आधार पर राष्ट्रीय ई – गवर्नेंस पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है जहाँ 75 दस्तावेज़ बिना उप पंजीयक कार्यालय आए वीडियो केवाईसी के माध्यम से पंजीकृत किए जा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति कहीं से भी कभी भी स्वयं के उपयोग हेतु ई-स्टाम्प सृजित कर सकता है। यह प्रक्रिया स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है। प्रदेश में ई-पंजीयन के माध्यम से दस्तावेज के पंजीयन की पेपरलेस व्यवस्था संचालित है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा सराहा गया है। इस कार्य के लिए प्रदेश सरकार को कैपिटल इंसेंटिव स्कीम में 200 करोड़ रूपये प्राप्त हुए हैं। "संपदा 2.0" साफटवेयर को 2025 का राष्ट्रीय ई गवर्नेन्स पुरस्कार भी 22 एवं 23 सितंबर को आन्ध्रप्रदेश, विशाखापट्टनम में राष्ट्रीय ई-गवर्नेन्स कॉन्फ़्रेंस में प्रदाय किया जाना है। संपदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं।