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विद्यार्थियों के लिए जरूरी अपडेट: आधार अभियान का दूसरा चरण अब अक्टूबर से

दूसरे चरण में 26 लाख विद्यार्थियों के किये जायेंगे आधार अपडेट भोपाल  प्रदेश में 26 लाख विद्यार्थी अब तक अपने आधार में आवश्यक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं करा पाए हैं। अपडेट विद्यार्थियों के 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर अनिवार्य होता है। आधार में नवीनतम बायोमेट्रिक दर्ज होने के बाद ही विद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को सहज रूप से मिल सकेगा। विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईएडीएआई) और स्कूल शिक्षा विभाग ने 18 अगस्त 2025 को ‘विद्यार्थी के लिए "आधार, अब विद्यालय के द्वार" अभियान प्रारंभ किया था। अभियान के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधार नामांकन एवं अपडेट शिविर लगाए गए थे। अब प्रदेश के सभी जिलों में एक अक्टूबर से इस अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ किया जा रहा है। दूसरे चरण में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ सबसे अधिक विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट लंबित हैं। साथ ही, ऐसे बड़े विद्यालयों का भी चयन किया गया है, जिनके आसपास अन्य विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। यूआईएडीएआई और शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के आधार का बायोमेट्रिक स्टेटस देखने के लिये यू-डाइस+ पोर्टल पर विशेष सुविधा विकसित की है। इसके माध्यम से विद्यालय आसानी से उन विद्यार्थियों की पहचान कर सकेंगे जिनका अपडेट लंबित है। अभियान के सफल संचालन के लिए 26 सितम्बर को जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोग्रामर, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशिक्षित किया गया। इससे पूर्व यूआईएडीएआई आधार ऑपरेटरों को भी प्रशिक्षित कर चुका है। विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यू-डाइस+ पोर्टल से लंबित विद्यार्थियों की सूची प्राप्त करें। सूची में शामिल विद्यार्थियों को पूर्व सूचना दें और शिविर के लिए रोस्टर तैयार करें। साथ ही, विद्यार्थियों को नजदीकी आधार सेवा केंद्रों में भी बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए प्रेरित करें।  

बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापकों की पदोन्नति पर शिक्षा विभाग को दी समय सीमा

ग्वालियर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा विभाग को उनकी पदोन्नति पर तीन माह में विचार करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ किया कि याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता उनकी वास्तविक नियुक्ति तिथि (पांच और सात सितंबर 1998) से मानी जाएगी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विभाग को 18 रिक्त अध्यापक पदों पर तीन माह के भीतर उनके प्रमोशन पर निर्णय लेना होगा। साथ ही सभी लक्षित लाभ दिए जाएंगे, हालांकि बकाया वेतन नहीं मिलेगा।   यह था पूरा मामला     याचिकाकर्ताओं ने 25 अगस्त 2014 में जारी विभागीय आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी पदोन्नति की मांग खारिज कर दी गई थी।     उनका कहना था कि वे 1998 में शिक्षा कर्मी ग्रेड-3 के रूप में नियुक्त हुए और 2007 से सहायक अध्यापक कैडर में शामिल हुए, लेकिन विभाग ने उनकी वरिष्ठता 2001 से गिनकर पदोन्नति से वंचित कर दिया।     विभाग ने तर्क दिया था कि वरिष्ठता 2001 से मानी जाएगी, जब उनका समायोजन हुआ था, लेकिन हाई कोर्ट ने साफ किया कि 2008 के नियमों के लागू होने के बाद शिक्षा कर्मियों की सेवाओं को ही वरिष्ठता का आधार माना जाएगा।   इसके साथ ही, कोर्ट ने 25 अगस्त 2014 का विभागीय आदेश रद कर दिया। इस फैसले से सहायक अध्यापकों को न केवल वरिष्ठता का लाभ मिलेगा, बल्कि पदोन्नति की राह भी खुल गई है।

मोबाइल से करें महाकाल के दर्शन, भक्तों के लिए लॉन्च हुई सुविधा

उज्जैन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महादेव के भक्तों के लिए अब नई प्रोटोकॉल दर्शन की प्रक्रिया बदली जा रही है। पहले यहां प्रवेश के लिए टोकन जारी किए जाते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के अनुसार भक्तों को मोबाइल लिंक के जरिए बुकिंग करनी होगी। इस बदलाव के तहत अब कोई भी व्यक्ति या अधिकारी सीधे टोकन लेकर दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर समिति की ओर से मोबाइल पर लिंक भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से बुकिंग पूरी होगी और तभी प्रोटोकॉल दर्शन का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था इसलिए लागू की जा रही है ताकि महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भीड़ नियंत्रण रही और वह दर्शन का पूरा लाभ उठा सके। इस कदम से न केवल प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि इससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी और भक्तों का समय बचेगी। 

फाइनल से पहले भोपाल में सुरक्षा कड़ी, 1500 जवान तैनात – हर गली पर रखी जा रही नजर

 भोपाल  भोपाल में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप फाइनल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. यह हाई वोल्टेज क्रिकेट मैच रविवार, 28 सितंबर 2025 को खेला जाएगा. 41 साल बाद पहली बार एशिया कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी. इस बड़े मुकाबले के दौरान फेस्टिव सीजन होने के कारण भोपाल पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. 41 साल बाद पहली बारभारत और पाकिस्तान पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि भोपाल में करीब 1500 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे, जिनमें 500 अतिरिक्त जवान शामिल होंगे. सभी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) को संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी. मोबाइल टीमें लगातार गश्त करेंगी और शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा. इसके अलावा, पुलिस कंट्रोल रूम में बैठा स्टाफ सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखेगा. मैच के दौरान किसी भी तरह की अशांति से बचने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि किसी भी जगह पर भीड़ को इकट्ठा होने नहीं दिया जाएगा. जहां-जहां बड़ी स्क्रीन पर मैच दिखाने की व्यवस्था होगी, वहां अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मैच का आनंद ले सकें. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी. यह मैच न केवल खेल का एक बड़ा आयोजन है, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने के कारण यह भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है. भोपाल में लोग इस मैच को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है. शहर के सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस की इस सतर्कता से यह उम्मीद है कि भोपाल में लोग शांतिपूर्ण ढंग से इस ऐतिहासिक मैच का आनंद ले सकेंगे.

पैकेट में कम निकला नमकीन, उपभोक्ता फोरम ने हल्दीराम को 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका

उमरिया जागो ग्राहक जागो नारा आपने कई बार सुना होगा, आज हम आपको एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो जागरूकता और आपके जेब की सेहत से जुड़ी है, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में उपभोक्ता न्यायालय ने देश की नामचीन पैकेजिंग फूड कंपनी हल्दीराम के ऊपर एक लाख की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। दरअसल पूरा मामला नगर के एक उपभोक्ता कैंप निवासी राकेश दर्दवंशी से जुड़ा है जिसने उमरिया के एक दुकानदार से हल्दीराम नमकीन की 400 ग्राम का पैकेट खरीदा जिसमे मात्रा में कमी का अंदेशा हुआ और उसने उसका वजन कराया तो पैकेट में दर्ज 400 ग्राम की अपेक्षा नमकीन की मात्रा महज 333 ग्राम मिली। नमकीन कम निकलने पर ग्राहक ने दुकानदार, हल्दीराम कंपनी के डीलर और कंपनी को मेल कर जानकारी दी और कार्यवाही की मांग की लेकिन सबने चुप्पी साध ली,लेकिन ग्राहक ने हार नहीं मानी और खरीदी के बिल सहित शिकायतों के सभी दस्तावेज लेकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपभोक्ता कोर्ट पहुंच गया। उपभोक्ता फोरम में महीनों सुनवाई के बाद न्यायालय ने कंपनी के ऊपर जो फैसला दिया वह हर नजीर बन गया है और हर ग्राहक को जागरूक करने वाला है, उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष ने फैसले में हल्दीराम कंपनी नागपुर को अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी माना और पैकेट में दर्ज बैच नंबर के आधार पर देश भर के 24230 उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का करना माना,और एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का फैसला दिया है। शिकायतकर्ता ने पूरी राशि को कर दिया दान  इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि ग्राहक ने क्षतिपूर्ति की रकम जो उसे हासिल होनी थी उसे लेने से इनकार करते हुए किसी सामाजिक संस्था को दान देने का लिखित आवेदन किया जिसके बाद न्यायालय ने अपने आदेश में क्षतिपूर्ति की राशि वृद्धाश्रम को को दान करने का आदेश पारित किया गया। फैसला आम नागरिक के लिए एक संदेश उमरिया में उपभोक्ता की जागरूकता ने एक बड़ी कंपनी की चोरी को पकड़ा और उसे उचित सजा दिलवाने तक लड़ाई लड़ी इस देश के हरेक आम नागरिक के लिए एक संदेश है कि कंपनियों द्वारा बाजार में बेचे जाने जाने वाले किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता को जांच परख कर ले ताकि किसी प्रकार की चोरी का शिकार होने से बचे रहें।

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! अक्टूबर से मिलेगी ज्यादा राशि, सीएम मोहन यादव का ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त अक्टूबर में जारी की जाएगी। इस बार लाभार्थियों को ₹1,250 के बजाय ₹1,500 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में घोषणा की थी कि दिवाली के अगले दिन यानी भाई दूज से योजना की राशि बढ़ाई जाएगी। राशि में बढ़ोतरी लाड़ली बहना योजना के तहत अब लाभार्थियों को प्रति माह ₹1,500 मिलेंगे। अगस्त में भी कुछ लाड़ली बहनों के खाते में ₹1,500 आए थे, जिसमें ₹1,250 की मूल राशि और ₹250 अतिरिक्त राखी के शगुन के रूप में शामिल थे। भविष्य में और बढ़ोतरी सरकार ने यह भी कहा है कि 2028 तक राशि बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह कर दी जाएगी। योजना की शुरुआत ₹1,000 मासिक भुगतान के साथ हुई थी, जिसे बाद में ₹1,250 किया गया था। यह योजना राज्य की बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त और संबल प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके माध्यम से 12.7 मिलियन से अधिक महिलाओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता दी जा रही है।  भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए का एलान  मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने कहा कि "लाड़ली बहनों हाथ खड़े करो, जिन जिनको पैसे मिल रहा है. आप बताओ बहन को भी मिल रहा है और भाई को भी मिल रहा है. हमारे पास कोई पैसे की कमी नहीं है, किसानों की जिंदगी जितनी बेहतर कर सकते हैं, हम लगातार उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और बहनों चिंता मत करो. ये कांग्रेसी कुछ भी कहें, लेकिन इसी दिवाली के बाद भाईदूज से आपको भी 1500 रुपए महीने मिलना चालू हो जाएगा. मोहन यादव बोले- हमारे पास पैसे की कमी नहीं हम अपने किसान भाईयों और लाड़ली बहनों को किसी तरह की कमी नहीं आने देंगे. किसान भाईयों को केंद्र और राज्य सरकार की किसान सम्मान निधि मिलेगी, तो लाड़ली बहनों के लिए दीपावली के बाद भाईदूज को 1500 रुपए मिलेंगे.

खजुराहो में अगले दशक में विकसित होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, 2000 करोड़ होंगे खर्च

खजुराहो  भारत सरकार अब यूनेस्को की मान्यता प्राप्त खजुराहो को अगले दस सालों में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना तैयार कर रही है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने दो माह पहले ही इसका खाका तैयार कर लिया है। मप्र पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक बिदिशा मुखर्जी के अनुसार, सरकार चुनिंदा पर्यटन केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी में है। इसके लिए केवल खजुराहो में अगले 10 वर्षों में 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस राशि से वहां रोड़ कनेक्टिविटी, पर्यटक गाइडिंग, सिटी ऐप व 'वन टूरिज्म कार्ड' जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। खजुराहो को क्यों चुना खजुराहो पहले से ही दुनियाभर में अपने मंदिरों की विशिष्ट वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। केंद्र सरकार की योजना यूनेस्को की सूची में शामिल चुनिंदा स्थलों को विश्वस्तरीय बेंचमार्क पर विकसित करने की है. जिसके लिए खजुराहो का चयन किया गया है। खजुराहो हवाई अड्डे श्रेष्ठ एयरपोर्ट में भी शामिल है। टिकाऊ विकास पर होगा फोकस     प्रोत्साहन लैंड, व अनुदानः सब्सिडी, राज्यग ग्रांट और इंसेंटिव्स उपलब्ध कराएगी, ताकि निजी निवेश आकर्षित हो सके।     स्वच्छता और पर्यावरणः सफाई और सफाई सेवाओं पर 2 सफाई विशेष जोर, पर्यावरणीय दृष्टिकोण से हरित मानकों का पालन होगा। ये होगा खास     आधुनिक सुविधाएं: सड़क मार्ग, रेल-हवाई संपर्क बेहतर होगा. पाथवेज, एकोमोडेशन, पर्यटक सुविधा केंद्र, सिविक एमेनिटीज आदि पिक सीजन को ध्यान में रखते हुए बनेंगे।     सांस्कृतिक और कलात्मक केंद्रः मध्य प्रदेश और भारत की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए एक ऐतिहासिक, पुरातात्विक और भव्य कला केंद्र बनाया जाएगा।     वन टूरिज्म कार्डः सभी प्रकार की बुकिंग के लिए एक वन टूरिज्म कार्ड बनेगा, जिससे बुकिंग आसान होगी। इसी कार्ड से होटल, म्यूजियम, मंदिर, बस, ट्रेन, एयरपोर्ट आदि पर भी पेमेंट कर सकेंगे।     आधुनिक होटलः दुनिया के 20 से अधिक चर्चित होटलों को बनाया जाएगा, जिसका पूरा इंफास्ट्रक्चर आधुनिक, कला और तकनीक से परिपूर्ण होगा। यह हमारे लिए ऐतिहासिक अवसर है कि खजुराहो को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में एक उत्कृष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए। इस निवेश योजना से न केवल ठोस बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि स्थानीय संस्कृति और कलाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाएंगे। – शिव शेखर शुक्ला, एसीएस, पर्यटन विभाग

भाजपा ने बढ़ाया दबाव, हितानंद शर्मा बिहार में सक्रिय, मोहन यादव की सरकार पर परिवारवाद का आरोप

भोपाल कुछ दिनों बाद होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में मैदानी तैयारी को अंतिम रूप देने में सहयोग के लिए मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सहित कई अन्य नेता बिहार पहुंच गए हैं। इन्हें अलग-अलग अंचलों में संगठन के कामकाज की जिम्मेदारी मिली है। हितानंद के अलावा कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, सांसद अनिल फिरोजिया, विष्णु दत्त शर्मा, गजेंद्र पटेल और पूर्व सांसद केपी यादव को बिहार चुनाव में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार नहीं पहुंचे हैं प्रहलाद पटेल ये सभी नेता बिहार में संगठनात्मक मोर्चों पर तैनात रहेंगे। माता जी के स्वास्थ्य कारणों से प्रहलाद पटेल बिहार नहीं पहुंचे हैं लेकिन बाकी नेताओं ने वहां मोर्चा संभाल लिया है। आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक रहे हितानंद को इससे पहले भी महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में चुनाव के दौरान भाजपा ने अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उधर, ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं का कार्यक्रम भी संगठन जल्द तैयार कर रहा है। बिहार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हाल ही में हुई प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में मध्य प्रदेश के नेता भी शामिल हुए थे। मध्य प्रदेश के नेताओं में से विशेष रूप से ओबीसी, एससी-एसटी वर्ग के नेताओं पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। परिवारवाद का जवाब डॉ. मोहन यादव के चेहरे से देगी भाजपा भाजपा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और दिल्ली के विधानसभा चुनावों के बाद बिहार विधानसभा चुनाव में यादव चेहरे के रूप में प्रस्तुत करेगी। आरजेडी के लालू यादव के परिवारवाद के विरुद्ध भाजपा डॉ. मोहन यादव को एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत करेगी। डॉ. मोहन यादव की अलग शैली उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के लिए चुनौती बनी तो अब बिहार में लालू यादव के परिवार की राह मुश्किल कर सकती है। ओबीसी वर्ग को साधने की चुनौती संभालेंगे शिवराज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों बिहार में अच्छी पहचान बना रहे हैं। मखाने की खेती को प्राथमिकता देते हुए इसके किसानों के लिए बेहतरीन प्रयास कर उन्होंने अपनी अच्छी छवि बना ली है। शिवराज सिंह चौहान की किसान और गरीबों के लिए संवेदनशील छवि का लाभ बिहार में भाजपा उठा सकती है। ओबीसी वर्ग में वोटों को ध्रुवीकरण न हो, इसकी जिम्मेदारी शिवराज सिंह संभालेंगे।

बहनों के लिए धन की कमी नहीं, जल्द ही देंगे 1500 रुपए प्रतिमाह

धीरे-धीरे राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे 185 करोड़ रुपए से अधिक के 65 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमिपूजन   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी भारतीय संस्कृति का वैशिष्ट्य ही हमारी पहचान है। हम मातृ सत्तात्मक समाज व्यवस्था के संवाहक हैं। यह सिर्फ भारत देश ही है, जहां बच्चा-बच्चा देश को माता के रूप में पूजकर 'भारत माता की जय' कहता है। यह नारियों के प्रति हमारी आस्था, हमारे सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए हमारे खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह देंगे और हमारा संकल्प है कि धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवपुरी जिले में किसानों को बाढ़ आपदा की राहत राशि के रूप में 10 करोड़ रुपए बांटे गए हैं। प्रदेश के हर अंचल में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। विकास की बात पर हमारी सरकार हर कदम पर नागरिकों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को शिवपुरी जिले के नरवर में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 185 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 65 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 48.90 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 136.67 करोड़ लागत के 52 से अधिक विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। राजा नल-दमयंती की प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर में राजा नल-दमयंती की प्रतिमा का अनावरण भी किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर के पुराने किले में रोप-वे निर्माण करने एवं नरवर में नया आईटीआई खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने नरवर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करने, नगर परिषद नरवर में गौशाला निर्माण एवं पुलिस चौकी बनाने और आवागमन की बेहतरी के लिए सिंध नदी पर एक नया सेतु बनाने की भी घोषणा भी की। भावांतर योजना का लाभ लें किसान  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के किसानों को सोयाबीन उपार्जन के लिए शुक्रवार को ही भावांतर योजना की सौगात दी गई है। किसान भाई 10 से 25 अक्टूबर के बीच इस योजना में सोयाबीन बेचने के लिए अपना पंजीयन कराएं। किसानों को सोयाबीन का 5328 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिलाएंगे। हमारी सरकार अपने सभी वादों और संकल्पों को पूरा करते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रही है। ग्वालियर सांसद श्री भारत सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर आकर शिवपुरी जिले को अनेकों सौगात दी है। करेरा विधायक श्री रमेश खटीक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राजा नल की नगरी नरवर में आत्मीय स्वागत है। कार्यक्रम में विधायक श्री महेंद्र सिंह यादव, विधायक श्री प्रीतम लोधी, विधायक श्री भवानी सिंह राठौरजनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। 

विवादों में फंसे मंत्री! कांग्रेस ने विजयवर्गीय को लेकर खड़ी की नई रणनीति

भोपाल नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर दिए बयान के बाद कांग्रेस ने तय किया है कि अब प्रदेश के ऐसे मंत्रियों की घेराबंदी की जाएगी, जो विवादित बयान देते रहे हैं। आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह जैसे मंत्रियों को जगह-जगह काले झंडे दिखाकर राजधानी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध किया जाएगा। साथ ही भाजपा सरकार की घेराबंदी के लिए कांग्रेस नर्सिंग फर्जीवाड़ा, बीएड और डीएड कॉलेजों में फर्जीवाड़ा, संकल्प पत्र के अधूरे वादों को भी मुद्दा बनाने जा रही है।   विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस भड़की हुई है और जगह-जगह प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शैलेंद्र पटेल ने शुक्रवार को बताया कि शनिवार और रविवार को महिला मोर्चा प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन करेगा। कैसे-कैसे बिगड़े बोल     कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल-प्रियंका के संदर्भ में पहले कहा कि आज के नेता प्रतिपक्ष अपनी जवान बहन का चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं।     अगले दिन बोले कि मैं भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता पर प्रश्न नहीं उठा रहा।     प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू में सार्वजनिक मंच पर कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसकी देशभर में आलोचना हुई थी।