samacharsecretary.com

अक्टूबर से छात्रों के लिए आधार अभियान का दूसरा चरण शुरू, फाइनल मुकाबले के दिन से होगा आगाज़

दूसरे चरण में 26 लाख विद्यार्थियों के किये जायेंगे आधार अपडेट भोपाल  प्रदेश में 26 लाख विद्यार्थी अब तक अपने आधार में आवश्यक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं करा पाए हैं। अपडेट विद्यार्थियों के 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर अनिवार्य होता है। आधार में नवीनतम बायोमेट्रिक दर्ज होने के बाद ही विद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को सहज रूप से मिल सकेगा। विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईएडीएआई) और स्कूल शिक्षा विभाग ने 18 अगस्त 2025 को ‘विद्यार्थी के लिए "आधार, अब विद्यालय के द्वार" अभियान प्रारंभ किया था। अभियान के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधार नामांकन एवं अपडेट शिविर लगाए गए थे। अब प्रदेश के सभी जिलों में एक अक्टूबर से इस अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ किया जा रहा है। दूसरे चरण में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ सबसे अधिक विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट लंबित हैं। साथ ही, ऐसे बड़े विद्यालयों का भी चयन किया गया है, जिनके आसपास अन्य विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। यूआईएडीएआई और शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के आधार का बायोमेट्रिक स्टेटस देखने के लिये यू-डाइस+ पोर्टल पर विशेष सुविधा विकसित की है। इसके माध्यम से विद्यालय आसानी से उन विद्यार्थियों की पहचान कर सकेंगे जिनका अपडेट लंबित है। अभियान के सफल संचालन के लिए 26 सितम्बर को जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोग्रामर, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशिक्षित किया गया। इससे पूर्व यूआईएडीएआई आधार ऑपरेटरों को भी प्रशिक्षित कर चुका है। विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यू-डाइस+ पोर्टल से लंबित विद्यार्थियों की सूची प्राप्त करें। सूची में शामिल विद्यार्थियों को पूर्व सूचना दें और शिविर के लिए रोस्टर तैयार करें। साथ ही, विद्यार्थियों को नजदीकी आधार सेवा केंद्रों में भी बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए प्रेरित करें।  

एनएसई कार्यशाला : आईपीओ अवसरों का उद्घाटन (RAMP पहल के अंतर्गत)

भोपाल विश्व बैंक समर्थित रेज़िंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) पहल के अंतर्गत आज भोपाल में “आईपीओ अवसरों का उद्घाटन” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य नोडल अधिकारी (RAMP) श्री अनिल थागले के स्वागत व उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और उद्यमियों को पूंजी बाज़ार से जोड़ने में RAMP पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। तथा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के एमएसएमई के लिए आईपीओ और पूंजी बाज़ार से जुड़ने के अवसरों पर विशेष मार्गदर्शन दिया। ईवाई एसपीआईयू टीम ने RAMP योजना की मुख्य विशेषताओं एवं उद्देश्यों की प्रस्तुति दी। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री कृष्णन अय्यर ने एमएसएमई एक्सचेंज लिस्टिंग की प्रक्रिया और लाभों पर जागरूकता सत्र लिया। मर्चेंट बैंकर ने एमएसएमई के लिए आईपीओ यात्रा की चरणबद्ध जानकारी दी। साथ ही, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) विशेषज्ञों ने आईपीआर के पंजीकरण और सुरक्षा पर विस्तृत सत्र आयोजित किया तथा बताया कि यह व्यवसाय के मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धात्मकता में कैसे सहायक है। कार्यक्रम का समापन मध्यप्रदेश की सूचीबद्ध एमएसएमई इकाइयों को चेक वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें उनकी पूंजी बाज़ार में सफल भागीदारी का उत्सव मनाया गया। अंत में संयुक्त संचालक श्री अम्ब्रीश अधिकारी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

खूबसूरत भाभी को लेकर फरार हुई ननद, राज खुला मोबाइल चैटिंग से

जबलपुर आमतौर पर ननद-भाभी के रिश्ते में खटपट की कहानियां सुनने को मिलती हैं, लेकिन जबलपुर में सामने आए एक मामले ने सबको चौंका दिया है. यहां एक ननद अपनी ही भाभी की खूबसूरती पर फिदा हो गई और दोनों के बीच इश्क परवान चढ़ गया. हालात ऐसे बने कि ननद और भाभी अपने घर-परिवार को छोड़कर रफूचक्कर हो गईं है.  मामला अमरपाटन इलाके का है, जहां आशुतोष नाम के युवक ने करीब 7 साल पहले संध्या से लव मैरिज की थी. दोनों की शादीशुदा जिंदगी सामान्य चल रही थी और दोनों का 5 साल का बेटा भी है. इस दौरान आशुतोष अपने बच्चे की पढ़ाई के सिलसिले में पत्नी समेत जबलपुर शिफ्ट हो गया.  जबलपुर में घर पर आशुतोष की ममेरी बहन यानी पत्नी की ननद मानसी का आना-जाना लगा रहता था और ननद-भाभी में काफी बातचीत भी होती थी. कई बार दोनों साथ में बाज़ार भी जाती थीं. लेकिन ननद-भाभी का पारिवारिक रिश्ते के चलते किसी को कोई शक भी नहीं था. सब कुछ सामान्य था.  इसी बीच, अचानक 12 अगस्त को आशुतोष की पत्नी संध्या अचानक घर से लापता हो गई और अगले दिन वह जबलपुर रेलवे स्टेशन पर मिली और फिर कुछ समय तक पति और बेटे के साथ रही. लेकिन 22 अगस्त को वह अपना मोबाइल घर पर छोड़कर बाहर गई तो वापस नहीं लौटी और अब तक लापता है.  पति अपनी लापता पत्नी के लिए परेशान था लेकिन उसे कभी शक भी नहीं हुआ कि उसकी पत्नी और बहन के बीच रिश्ता महज पारिवारिक नहीं है. पत्नी के लापता होने के कुछ दिन बाद जब पति ने घर पर रखा पत्नी का फोन खंगाला तो उसमें ननद के साथ पत्नी की रोमांटिक चैटिंग मिली जिसे देखकर पति के पैरों तले जमीन खिसक गई.  एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि पीड़ित पति की ओर से जबलपुर ग्रामीण के घमापुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. क्योंकि पत्नी अपने साथ फोन नहीं ले गई है इसलिए इसकी लोकेशन ट्रेस करने में समस्या आ रही है हालांकि, कुछ तकनीकी साक्ष्य पुलिस को मिले हैं जिसके आधार पर लापता पत्नी की तलाश की जा रही है. 

मध्य प्रदेश के दमोह में 520 एकड़ में तैयार हो रहा गोवंश वन्य विहार, हजारों निराश्रित गायें रहेंगी सुरक्षित

दमोह   सड़कों पर घूमते निराश्रित मवेशियों को आश्रय (cows shelter) देने के उद्देश्य से दमोह में गोवंश वन्य विहार बनाने की तैयारी शुरु हो गई है। इसे प्रदेश का सबसे बड़ा गोवंश वन्य विहार बताया जा रहा है, क्योंकि यह 520 एकड़ में बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए विभाग ने जमीन चिन्हांकन से लेकर तमाम दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई हैं। शासन स्तर पर सभी स्वीकृतियां मिलने के बाद अब इसका टेंडर भी जारी हो चुका है। ऐसे में नए साल तक गोवंश वन्य बिहार काम शुरु हो सकता है।  520 एकड़ में बन रहा वन्य विहार दमोह में बनने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए लगातार एक साल से काम चल रहा है। जिसमें सीतानगर, कल्याणपुरा, रानगिर सहित चार गांवों से लगी करीब ५२० एकड़ जमीन चयनित हो चुकी है। पहले करीब 700 एकड़ जमीन पर इसे बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन सभी सर्वे आदि होने के बाद 520 एकड़ को ही फाइनल किया गया है। जमीन चयनित होने, अधिकारियों के सर्वेक्षण और सभी दस्तावेजों के सही होने पर शासन ने भी इसे मंजूरी दे दी थी। पशु पालन मंत्रालय, सीएम भी इस काम को हरी झंडी दे चुके हैं।  भूमि की गई चिंहित सीतानगर क्षेत्र की जिस भूमि को इसके लिए चिन्हित किया गया है। वहां सुनार नदी है। उक्त जमीन का अधिकांश हिस्सा सुनार नदी के किनारे ही होगा। इसके अलावा चरनोई के लिए आसपास बहुत जमीन है। यहां तक पहुंचने के लिए मार्ग भी है। यहां गोवंश वन्य विहार बनने पर आसपास के ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध होगा।  यह रहेगी प्रक्रिया व उम्मीद     टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी से एग्रीमेंट आदि में एक महीने का समय लग सकता है।     इसके बाद सीतानगर में प्रोजेक्ट शुरु होगा, जिसमें सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से किया जाएगा।     प्राथमिक चरणों में बाड़ा और गोवंश को रहने, खाने, पीने, विचरण आदि के स्थानों के शेड आदि बनाए जाएंगे।     क्षेत्र से पशु पालन मंत्री होने के कारण इस प्रोजेक्ट के जल्दी पूरे होने की उम्मीद है। 8 हजार से अधिक गोवंश की रहेगी क्षमता पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार गोवंश वन्य विहार में 8 हजार से अधिक गोवंश को रखने की क्षमता रहेगी। पशु पालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 8 हजार गौवंश निराश्रित है। जो सड़कों पर दिखाई देते हैं। इसे ही ध्यान में रखते हुए गोवंश वन्य विहार की जमीन का चिन्हांकन किया गया है। दावा है कि इसके बनने के बाद जिले में एक भी निराश्रित गोवंश सड़क पर नजर नहीं आएगा। (mp news) टेंडर हो चुका जारी- मंत्री गोवंश वन्य विहार की सभी कागजी कार्रवाई हो चुकी है। इसका टेंडर भी जारी हो चुका है। जल्द ही सीतानगर में गौवंश वन्य बिहार बनेगा। निराश्रित गोवंश के सड़कों पर होने के सवाल सामने आ रहे थे। इसमें 7 से 8 हजार निराश्रित गोवंश को रखा जा सकेगा।– लखन पटेल, मंत्री पशु पालन विभाग

विजयादशमी पर उज्जैन में बाबा महाकाल का शमी वृक्ष पूजन, शाम 4 बजे होगी सवारी की शुरुआत

 उज्जैन  भगवान महाकाल को त्रिलोकीनाथ अर्थात तीनों लोकों का स्वामी माना जाता है। लेकिन लौकिक जगत में उनकी ख्याति उज्जैन के राजा के रूप में भी है। इसीलिए प्रतिवर्ष विजय दशमी पर वे एक राजा के रूप में शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाते हैं। साल में यह एक मात्र अवसर होता है जब अवंतिकानाथ नए शहर फ्रीगंज पधारते हैं। इस बार 2 अक्टूबर को राजसी वैभव के साथ भगवान महाकाल की सवारी निकलेगी। पं.महेश पुजारी ने बताया दशहरा विजय उत्सव है। इस दिन राजा महाराजा सर्वत्र विजय की कामना से शमी वृक्ष का पूजन कर नगर सीमा का उल्लंघन करते हैं। यह परंपरा आदि अनादिकाल से चली आ रही है। भगवान महाकाल उज्जैन के राजा हैं, इसलिए वे भी लोकमंगल की कामना से शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाते हैं। हर साल दशहरे के दिन शाम चार बजे ठाठ बाट के साथ भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाती है। भगवान पुराने शहर से होते हुए फ्रीगंज ओवरब्रिज के रास्ते नए शहर फ्रीगंज में प्रवेश करते हैं तथा दशहरा मैदान पहुंचते हैं। इस बार 2 अक्टूबर को दशहरा मैदान पर विजय उत्सव मनाया जाएगा। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह तथा एसपी प्रदीप शर्मा भगवान महाकाल व शमी वृक्ष की पूजा अर्चना करेंगे। यह रहेगा सवारी मार्ग महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे राजसी वैभव के साथ सवारी की शुरु होकर कोटमोहल्ला, गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सतीगेट, कंठाल, नईसड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, टावर चौक, शहीदपार्क, पुराना कलेक्टर बंगले के सामने से दशहरा मैदान पहुंचेगी। यहां भगवान महाकाल व शमी वृक्ष का पूजन किया जाएगा। पूजन पश्चात सवारी निर्धारित मार्गों से होते हुए रात करीब 8 बजे महाकाल मंदिर पहुंचेगी।

25 साल का हुआ BSNL, अब करेगा 4G में धमाकेदार एंट्री – पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के साथ

बीएसएनएल @ 25: देश का अपना नेटवर्क स्वदेशी 4G युग में प्रवेश कर रहा  25 साल का हुआ BSNL, अब करेगा 4G में धमाकेदार एंट्री – पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के साथ BSNL का नया अध्याय: 25वें साल में देशी 4G नेटवर्क के साथ भविष्य की ओर कदम भोपाल माननीय प्रधानमंत्री कल दिनांक 27/09/2025 को झारसुगड़ा, (ओडिशा) में बीएसएनएल की स्वदेशी 4G सेवा को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। माननीय प्रधानमंत्री जी कल लगभग 37000 करोड़ कि लागत से निर्मित 4G के 97500 मोबाइल टावर का उद्घाटन करेंगे। अपने रजत जयंती वर्ष में, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) टीसीएम/तेजस/के साथ संयुक्त कार्य योजना के अंतर्गत स्वदेशी सी-डॉट कोर पर आधारित, अखिल भारतीय स्तर पर 4G सेवा शुरू कर रहा है. जो कि भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें बीएनएनएल द्वारा स्थापित 92600 से अधिक स्वदेशी 4G मोबाइल टावर शामिल है। 97500 मोबाइल टावर में से 18900 टावर डिजिटल भारत निधि के वित्तीय सहयोग से संस्थापित किये गए हैं इनमें बीएसएनएल के 14180 टावर भी शामिल हैं, जो दूरस्थ सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित गावों सहित लगभग 26700 संचार विहीन गाँवों को मोबाइल कवरेज में जोड़ेगी और 20 नाख से अधिक नागरिकों को संचार सेवा प्रदान करेगी | यह सभी टावर सौर उर्जा से संचालित है जो इन्हें भारत में हरित दूरसंचार साईट और टिकाऊ बुनियादी ढांचे को निर्मित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा | माननीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप बीएसएनएल द्वारा स्वदेशी 4G तकनीक की शुरुआत सी-डॉट कोर तेजस नेटवर्क, (रेडियो एक्सेस नेटवर्क), सिस्टम इंट्रीग्रेटर टीसीएस के द्वारा स्वदेश में ही विकसित की गयी है, जो पूरी तरह से आत्मनिर्भर तकनीक द्वारा संचालित है और सॉफ्टवेयर द्वारा 5G में अपग्रेड करने के क्षमता रखता है। 25 साल का सफरः गठन से लेकर 4G आत्मनिर्भरता तक 2000: 1 अक्टूबर 2000 को बीएसएनएल का निगमीकरण किया गया जिसके बाद दुरसंचार विभाग (DoT) द्वारा बीएसएनएल को पूरे देश में समस्त दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने का दायित्व प्रदान किया गया। 2000 का दशकः सबसे बड़ा लैंडलाइन नेटवर्क विस्तारः राष्ट्रीय कनेक्टिविटी कार्यक्रमों के लिए संचार के आधार के रूप में कार्य किया। 2010 का दशकः अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, तेज़ी से बदलती तकनीक (3G/4G) और विभिन्न तरह के टैरिफ की चुनौतियों का सामना करते हुए बीएसएनएल ने देश के ग्रामीण/नागरिकों तक संचार सेवाएँ प्रदान करने के दायित्वों को जारी रखा।  वीवीएनएल के विलय ने स्वदेशी 4G/5G के लिए आधार तैयार किया मध्यप्रदेश में विस्तार  माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा कल स्वदेशी 4G मोबाइल नेटवर्क के लिए 97,500 से अधिक नए मोबाइल टावर का उद्घाटन किया जा रहा है उसमें मध्यप्रदेश की 4679 टावर शामिल हैं जो की प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थापित किए गए हैं। इसमें डिजिटल भारत निधि के वित्तीय सहयोग से 1223 नए टावर लगाए गए हैं, जिससे प्रदेश के लगभग 1656 ऐसे गाँव में मोबाइल सुविधा उपलब्ध कराइ गयी है जहाँ अब तक किसी भी ऑपरेटर का कवरेज नहीं था। इसके अतिरिक्त 247 टावर के संस्थापन का कार्य प्रगति पर है तथा सम्भावना है कि यह कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण हो जायेगा | साथ ही भारत सरकार के वृहद अमेंडेड भारतनेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश दूरस्थ ग्रामों तक 65509 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बीएसएनएल द्वारा बिछाई जा रही है जिससे प्रदेश की 22858 ग्राम पंचायतों में हाई स्पीड इन्टरनेट की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी | वर्तमान में मध्यप्रदेश में बीएसएनएल के लगभग 29.3 लाख मोबाइल उपभोक्ता, 1.26 लाख एफटीटीएच उपभोक्ताओं के साथ साथ विभिन्न संस्थानों एवं कार्यालयों में 13571 लीज्ड लाइन कार्यरत हैं। बीएसएनएल के ऐसे उपभोक्ता जिन्होनें अपनी पुरानी 2G/3G सिम को अभी तक 4G सिम में नहीं बदलवाया है, वह किसी भी बीएसएनएल उपभोक्ता सेवा केंद्र अथवा अधिकृत फ्रेंचाइजी/रिटेलर से मुफ्त में 4G सिम प्राप्त कर सकते हैं।

अब देपालपुर की सूरत बदलेगा इंदौर, नगर निगम ने 100 दिन में सफाई का लिया संकल्प

इंदौर  देश में स्वच्छता में सिरमौर इंदौर शहर अब दूसरे शहरों को भी स्वच्छता का पाठ पठाकर उनकी मदद करेगा। इसी सिलसिले में शनिवार को इंदौर नगर निगम और देपालपुर नगर परिषद के बीच एमओयू हुआ है। स्वच्छता से 100 दिन में ही दोपालपुर नगर की सूरत बदल जाएगी। अभी स्वच्छता सर्वे में देपालपुर 1710 नंबर पर रहा था। इसकी रैंकिंग को बेहतर बनाना है। देशभर को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाला इंदौर अब अधिकृत रूप से महागुरू की भूमिका में आ गया है। शासन ने इंदौर को देपालपुर को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इंदौर ने देपालपुर को अधिकृत रूप से स्वच्छता में नंबर वन लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसको लेकर नगर निगम इंदौर और नगर परिषद देपालपुर के अधिकारियों के बीच एमओयू हुआ है। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव और देपालपुर नगर परिषद के जनप्रतिनिधि और विधायक उपस्थित रहे।  

CM मोहन यादव का बड़ा फैसला: RTE छात्रों की फीस भुगतान के लिए 489 करोड़ रुपये जारी

भोपाल  शासकीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दे रही मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों की भी फ़ीस जमा करती है, हर साल की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ये फ़ीस प्राइवेट स्कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययन करने वाले बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। ये  कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा। 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस दी जायेगी राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। 19 लाख बच्चे अब तक हो चुके लाभान्वित उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं।

1 अक्टूबर से आधार से जुड़ी सेवाओं पर ज्यादा फीस देनी होगी, जरूरी अपडेट जरूर पढ़ें

भोपाल  भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट के लिए नई दरें लागू करने की तैयारी कर ली है। 1 अक्टूबर से ये नई दरें आपकी जेब को थोड़ा और खाली करा सकती हैं। 1 अक्टूबर से चुकानी होगी ज्यादा फीस अब तक आधार कार्ड (Aadhaar Card Update)बनवाने या अपडेट करवाने के लिए आप घर बैठे ही एप्लाई कर रहे थे। जिसके लिए आपको 100 या 50 रुपए ही चुकानें होते थे। लेकिन, नये नियम के मुताबिक अब 1 अक्टूबर से डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट कराना महंगा पड़ेगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने डेमोग्राफी और बायोमेट्रिक अपडेट की नई दरें तय कर दी हैं। 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेंगी नई दरें ये नई फीसमध्यप्रदेश समेत पूरे भारत के लिए प्रभावी की गई हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित की गई ये नई दरें 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेंगी। जबकि नया आधार कार्ड बनवाना, 5-7 साल व 15-17 साल की उम्र में मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट फ्री रहेगा। 7 से 15 साल और 17+ को यह सेवा 125 रुपए में मिलेगी। पहले 100 रुपए लगते थे। नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग, मोबाइल नंबर, ईमेल के लिए 50 रुपए नहीं, 75 रुपए चुकाने होंगे।

महिला वर्ल्ड कप के लिए होलकर स्टेडियम तैयार, टिकट की कीमत 500 रुपये तक, रविवार से टीमें आएंगी

इंदौर  इंदौर के होलकर स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप के छह मैच होंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। कुछ ब्लाॅकों में नई कुर्सियां लगाई गई। डे-नाइड मैच होने के कारण स्टेडियम की लाइट भी बदली गई है। सभी टाॅवरों में एलईडी लाइड लगाई गई है। रविवार से इंदौर में मैच के लिए टीमों का आना शुरू हो जाएगा। वर्ष 1997 के बाद दूसरी बार इंदौर में महिला वर्ल्ड कप के मैच होने जा रहे है। इंदौर में पांच मैच होंगे। पहला मैच 1 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। दूसरा मैच छह अक्टूबर को न्यूजीलैंड व साउथ अफ्रीका के बीच होगा। 19 अक्टूबर को भारतीय टीम इंग्लैड के साथ मैच खेलगी। इस मैच के लिए टिकट ज्यादा बुक हो रहे है। इसके अलावा 22 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व इंग्लैड के बीच मैच होगा। 25 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व साउथ अफ्रीका के बीच मैच खेले जाएंगे। वर्ल्ड कप की शुरुआत गुवाहाटी में होगी और फायनल मैच 20 नवंबर को होगा। स्टेडियम में मैच का लुत्फ उठाने खेलप्रेमी आ सके। इसके लिए मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने टिकट की दरें भी रियायती रखी है। इस मैच के लिए 100, 200 व पांच सौ रुपये के टिकट होंगे। टिकट आईसीसी की वेबसाइट से बुक होंगे। ई टिकट दिखाकर भी स्टेडियम मेें एंट्री हो जाएगी। मैच की तैैयारियों को लेकर स्टेडियम के आसपास सफाई प्रशासन ने शुरू करा दी है। स्टेडियम के आसपास के हिस्सों में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। एमपीसीए की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा पुलिस विभाग ने भी स्टेडियम के बाहर व भीतर बल तैनात करने की तैयारी की है।