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बीजामंडल में रोजाना पूजा की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

 विदिशा  विदिशा शहर के किलेअंदर स्थित बीजामंडल (विजय मंदिर) को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। कोर्ट ने विदिशा निवासी शुभम वर्मा सहित पांच याचिकाकर्ताओं की याचिका को स्वीकार कर लिया है। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से इस संबंध में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं में शामिल विदिशा निवासी शुभम वर्मा ने रविवार को यह जानकारी दी है। बीजामंडल को लेकर की जा रही मांगों के संबंध में शुभम ने बताया कि बीजामंडल के आगे मंदिर लिखे जाने और पूजा-अर्चना के लिए हर रोज गेट खोले जाने की मांग की जा रही है।  20 अगस्त को याचिका की थी दायर, कोर्ट ने किया मंजूर इसको लेकर 20 अगस्त को हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। पैरवी कर रहे अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के अनुसार कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है। आठ सितंबर को याचिका स्वीकृत किए जाने संबंधित पत्र भी प्राप्त हुआ है। शुभम के अनुसार इस मामले में प्रथम याचिकाकर्ता हरिशंकर जैन है। जबकि स्वयं शुभम द्वितीय याचिकाकर्ता हैं। इसके अलावा राकेश, मनी व राहुल का नाम भी संयुक्त रूप से दायर की गई याचिका में शामिल है। हरिशंकर जैन अधिवक्ता है और अयोध्या राममंदिर के पक्ष में याचिकाकर्ता भी रहे है। काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर दायर की गई याचिका में भी उनका नाम याचिकाकर्ताओं में शामिल है। पिछले कई वर्षों से गेट खोलने की मांग शुभम ने बताया कि बीजामंडल को लेकर उनके द्वारा कई बार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। हर रोज पूजा के लिए गेट खोलने की मांग की गई है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसलिए उन्होंने न्यायालय की शरण ली। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से वह बीजामंडल को लेकर अध्ययन करते हुए कई साक्ष्य जुटाए हैं। साक्ष्यों के साथ ही न्यायालय में 118 पेज की याचिका लगाई गई है। दावा है कि 1962 में बीजामंडल मंदिर को तोड़ दिया गया। कई वर्षों तक मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियां थी, जिसे संग्रहालय में रखवा दिया गया है। बीजामंडल मंदिर के रूप में प्रतिष्ठित हो, इसके लिए न्यायालय की शरण ली गई है।

SC के फैसले पर BJP की प्रतिक्रिया: मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, वक्फ संपत्तियों से हटेगा अवैध कब्जा

भोपाल  भारत की सर्वोच्च अदालत ने यानि सुप्रीम कोर्ट ने आज वक्फ़ बोर्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर अपना निर्णय सुना दिया, कोर्ट ने वक्फ़ कानून से जुडी कुछ धाराओं पर रोक लगा दी है लेकिन पूरे कानून पर रोक नहीं लगाई, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा अब वक्फ संपत्तियों पर हुए कब्जे हटेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा फैसले में  CJI बीआर गवई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर कलेक्टर के अधिकारों पर सुप्रीम  कलेक्टर का फैसला अंतिम फैसला नहीं होगा, इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने वक्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 की उस प्रावधान पर रोक लगा दी है, जिसमें वक्फ़ बनाने के लिए किसी व्यक्ति का 5 वर्षों तक इस्लाम का अनुयायी होना आवश्यक बताया गया था। अदालत ने कहा कि यह रोक तब तक लागू रहेगी जब तक राज्य सरकारें यह निर्धारित करने के लिए नियम नहीं बना लेतीं कि कोई व्यक्ति इस्लाम का अनुयायी है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सकारात्मक परिणाम देगा  सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ये फैसला निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम देगा,  उन्होंने कहा वक्फ संपत्तियों पर चंद लोगों ने बेजा कब्जा कर रखा था l वक्फ संपत्ति का उपयोग उन लोगों के लिए होना चाहिए जिन्हें इन संपत्तियों के माध्यम से सहायता की जरूरत है। कुछ मुस्लिम नेताओं ने मारा गरीबों का हक़  उन्होंने कहा गरीब लावारिस बच्चों को पनाह देना, शिक्षा देना इसके लिएय वक्फ़ संपत्तियों का इस्तेमाल होना चाहिए लेकिन चंद मुस्लिम नेताओं ने अपने बच्चों के ऐशो आराम के लिए इन संपत्तियों का इस्तेमाल किया था, अब जब कानून वक्फ कानून तो उनके पेट में दर्द हुआ था। वक्फ़ संपत्तियों से हटेगा बेजा कब्ज़ा  आज सुप्रीम कोर्ट ने गलत मंतव्य से लगाई गई याचिकाओं को आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है उसने कहा जो कानून बना है उस पर रोक नहीं  सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद वक्फ संपत्तियों पर लोगों ने अपने वुँक्तिगत हित साधने के लिए बेजा कब्ज़ा किया था अब वो हटेगा।  

MP में भारी बारिश की संभावना, 13 जिलों में जारी किया अलर्ट

भोपाल   मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी की वजह से बारिश का दौर चल रहा है। सोमवार को इंदौर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ग्वालियर-चंबल संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।अगले 2 दिन भी तेज बारिश हो सकती है। भोपाल में हुई घंटा तेज बारिश  रविवार को दोपहर में भोपाल में करीब एक घंटा तेज बारिश हुई। जबलपुर, बैतूल, पचमढ़ी, राजगढ़ में भी बारिश का दौर चला। नर्मदापुरम के इटारसी में भी तेज पानी गिरा।खरगोन, खंडवा, डिंडौरी, मंडला, शहडोल, अनूपपुर, नर्मदापुरम, सागर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, बुरहानपुर, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, जबलपुर, कटनी, दमोह समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई। प्रदेश में अब तक औसतन 42 इंच बारिश दर्ज मध्यप्रदेश में अब तक औसत 42 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि अब तक 34.9 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.1 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। इस सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। जबकि जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई।ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 

सलकनपुर धाम में आस्था का सैलाब! 22 सितंबर से मेला, प्रशासन ने की सुरक्षा व सुविधा की पूरी तैयारी

सलकनपुर  सीहोर जिले में स्थित विजयासन देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सलकनपुर धाम में शारदीय नवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। आगामी 22 सितंबर से शुरू हो रहे नौ दिन के मेले में लाखों श्रद्धालुओं की उम्मीद है। इस वर्ष भी मेला स्थल पर व्यवस्था को पूर्णत: चाक-चौबंद किया गया है। कलेक्टर बालागुरू के. और एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने सलकनपुर मंदिर परिसर एवं नर्मदा आंवलीघाट का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर में बैठक आयोजित कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर बालागुरू के. ने निर्देश दिए कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। मंदिर परिसर में आगमन और निर्गमन की सुगम व्यवस्था के लिए पर्याप्त अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए जाएं। फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी सेवाओं की भी पूर्ण तैयारी रहे। मेला स्थल पर दुकानों को व्यवस्थित ढंग से लगवाने और बेहतर प्रबंध के निर्देश कलेक्टर ने दिए। प्रत्येक दुकानदार और स्टॉल का स्थान सुनिश्चित किया जाएगा ताकि भीड़ नियंत्रण और सुविधाओं में कोई बाधा न आए। 200 से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों को सभी मुख्य स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात करने के निर्देश दिए। ड्यूटी दौरान किसी भी स्थान पर यातायात बाधित होने पर तुरंत उसे सुचारु करने का निर्देश दिया गया। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निगरानी के लिए 200 से अधिक पुलिस बल तैनात रहेगा। मंदिर प्रांगण में रोपवे का निरंतर संचालन निश्चित किया जाएगा। कलेक्टर बालागुरु के. ने निर्देश दिए कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ कैंप लगाए जाएं। आवश्यकतानुसार एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया जाएगा। ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। अस्थायी बस स्टैंड और बाहरी वाहनों की पार्किंग बाहर से आने वाली बसों और वाहनों के लिए अस्थायी बस स्टैंड बनाए जाएंगे। इससे सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात सुचारु रहेगा। कलेक्टर ने कहा कि बाहरी वाहनों के खड़े होने के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित किया जाए। मुख्य स्थानों पर हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे। मंदिर परिसर में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा ताकि अधिकारी-कर्मचारी सतत संपर्क में रहें और किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। मुख्य स्थानों पर अस्थाई शौचालय और चेंजिंग रूम भी स्थापित किए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा और आराम दोनों सुनिश्चित होंगे। आंवलीघाट का विशेष निरीक्षण कलेक्टर और एसपी ने नर्मदा आंवलीघाट का निरीक्षण किया। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान और पूजा कार्यक्रम व्यवस्थित ढंग से संचालित किए जाएंगे। पर्याप्त पार्किंग, बैरिकेडिंग, प्रकाश और बिजली आपूर्ति, अस्थाई शौचालय और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए गए। कलेक्टर ने कहा कि श्रद्धालु स्नान के दौरान गहरे पानी में न जाएं। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। घाट और मंदिर परिसर में सभी आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित कर हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सहज दर्शन-अर्चना का अवसर मिलेगा। इस वर्ष भी प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि मेले का संचालन सुचारू और व्यवस्थित हो। पार्किंग, यातायात, सुरक्षा, हेल्थ, पेयजल और साफ-सफाई सहित सभी व्यवस्थाओं का विस्तृत नियोजन किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैम्पियनशिप 2025 का आग़ाज़ 16 सितंबर से, लहरों पर दिखेगा जज़्बा

बड़ी झील(खानूगाँव) बनेगी जलक्रीड़ा उत्सव का केंद्र, देशभर से आएंगे राष्ट्रीय स्तर के नाविक भोपाल भोपाल की जीवनदायिनी बड़ी झील (खानूगाँव) 16 से 21 सितंबर तक रोमांचक जलक्रीड़ा प्रतियोगिता का गवाह बनेगी। इस दौरान आयोजित राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैम्पियनशिप 2025 में देशभर से राष्ट्रीय स्तर के नाविक भाग लेंगे और अपने उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन करेंगे। नियम क्लिनिक संपन्न प्रतियोगिता की तैयारियों के अंतर्गत 12 एवं 13 सितंबर को रूल्स क्लिनिक का आयोजन हुआ। इसमें 85 से अधिक नाविकों ने सक्रिय भागीदारी की। अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सेलिंग जजों ने प्रतिभागियों को रेसिंग नियमों, तकनीकी प्रक्रियाओं और खेल की बारीकियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। युवाओं में बढ़ेगा साहस और खेल भावना तेज़ हवाओं और ऊँचे उत्साह के बीच यह चैम्पियनशिप जलक्रीड़ा प्रेमियों के लिए रोमांच और प्रतिस्पर्धा का अनूठा संगम साबित होगी। आयोजन समिति का मानना है कि यह न केवल जलक्रीड़ा को नई पहचान देगा बल्कि युवाओं में साहस, रणनीति और खेल भावना को भी प्रोत्साहित करेगा।

संघर्ष से सफलता तक: मुस्कान सोनी ने पाई MPPSC में बड़ी कामयाबी, बनीं राज्य पुलिस सेवा की अधिकारी

भोपाल   भोपाल के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) निवासी मुस्कान सोनी ने साबित कर दिया है कि संकल्प को परिवार का प्रोत्साहन मिले तो सफलता मिलकर रहती है। पिता मोटर मैकेनिक थे तो बेटी ने इंजीनियरिंग की राह चुनी। इंजीनियर बनी तो समझ में आया कि उसे कुछ ऐसा करना है जिसका असर समाज पर भी पड़े। उसने राज्य सेवा परीक्षा की राह चुनी। अब मुस्कान का चयन उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर हुआ है। मुस्कान ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा में 23 वां स्थान हासिल किया है। हासिल किया 10वां स्थान राज्य पुलिस सेवा की रैंकिंग में उसका स्थान 10वां है। कस्बे के एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार की मुस्कान शुरू से ही मेधावी रही है। मुस्कान के पिता मोहन सोनी मैकेनिक हैं। मां ज्योति सोनी गृहिणी है। मध्यम वर्गीय परिवार के बावजूद माता, पिता ने मुस्कान की प्रतिभा को हमेशा प्रोत्साहित किया। उसकी प्रारंभिक शिक्षा साधु वासवानी स्कूल में हुई। वहां उसने 12वीं की प्रावीण्य सूची में अपना नाम दर्ज कराया था। बाद में उसने एमएसीटी से इंजीनियरिंग की। कुछ समय गुजरात की एक कंपनी में टीसीजी इंजीनियर के रूप में काम किया लेकिन उसकी इच्छा लोक सेवा की थी। उसने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा की राह चुनी। इस साल उसकी मेहनत सफल रही और उसे मुकाम मिल गया। मुस्कान के डीएसपी बनने की खबर से मां ज्योति, पिता मोहन सोनी, बहन महक, राधिका एवं भाई कमलेश सोनी बहुत खुश हैं। उनके परिवार का वह सपना पूरा हुआ है जो कभी मुस्कान की आंखों में उतरा था। 12 से 14 घंटे पढ़ाई, मोबाइल से दूरी मुस्कान सोनी ने कहा कि लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ा जाए तो सफलता निश्चित है। मैंने 12 से 14 घंटे पढ़ाई की। मोबाइल से सुरक्षित दूरी रखी। पहले मुझे इंजीनियर बनने की इच्छा थी वह पूरी हुई लेकिन मन में सिविल सेवा में बड़ा पद पाने की ठान ली थी। अब यह इच्छा पूरी हो गई।  

कलेक्टर का नंबर हैक! शहडोल में अफसरों को मिले फर्जी मैसेज, साइबर टीम एक्टिव

शहडोल  शहडोल जिले के कलेक्टर डॉ. केदार सिंह का आधिकारिक वॉट्सएप मोबाइल नंबर हैक हो गया है। सोमवार को इस नंबर से जिले के कई अधिकारियों व लोगों को संदिग्ध मै मैसेज भी भेजे गए हैं। जानकारी लगते ही कलेक्टर ने पुलिस अधिक्षक रामजी श्रीवास्वत को शिकायत की और जनसंपर्क विभाग के माध्यम से यह सूचना भी प्रसारित कराई गई कि कलेक्टर का नंबर हैक को गया है। सभी अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक इस नंबर से आने वाले मैसेज का जबाव न दें। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर एक्सपर्ट को अलर्ट कर दिया है। टीम हैकिंग के तरीके और हैकर के लोकेशन की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने भी सचेत किया है कि कलेक्टर के नंबर से कोई लिंक, मैसेज या कॉल आए तो उस पर भरोसा न करें। किसी को भी अपनी निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। प्रशासन का कहना है कि जब तक नंबर पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब कोई भी व्यक्ति उस पर जवाब न दें। शहडोल जिले में यह पहला ऐसा साइबर मामल है, जिसकी साइबर टीम गंभीरता से जांच कर रही है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह भी अधिकारी-कर्मचारियों एवं जिले के नागरिकों से कहा है कि जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती है, किसी भी मैसेज का जबाव न दें।  

सफर होगा आसान: भोपाल-इंदौर हाईस्पीड एक्सप्रेसवे का रूट तय, दूरी घटेगी, रफ्तार बढ़ेगी

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर से राजधानी भोपाल की सड़क यात्रा की दूरी तय करने में फिलहाल साढ़े 3 से 4 घंटे का समय लगता है। इसे कम करने की कवायद शुरू हो चुकी है। दोनों शहरों के बीच हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर बनने जा रहा है। जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर 50 किलोमीटर तक कम होगा और दो घंटे में भोपाल से इंदौर का सफर पूरा किया जा सकेगा। इसका मार्ग फाइनल हो चुका है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) इसे भारत माला हाईवे की तर्ज पर विकसित करेगी। जिसके लिए मध्य प्रदेश सरकार की जरूरी सैद्धांतिक सहमति के बाद एनएचएआई ने इसकी अलाइनमेंट डीपीआर की मंजूरी के लिए सड़क परिवहन विभाग को भेज दी है। सिंहस्थ 2028 से पहले इस हाइस्पीड एक्सप्रेस-वे को शुरू करने की योजना है।  नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इसे भारत माला हाईवे की तर्ज पर डेवलप करेगी। राज्य सरकार की सैद्धांतिक सहमति के बाद NHAI ने इसकी अलाइनमेंट डीपीआर मंजूरी के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय को भेज दी है। मंजूरी मिलने के बाद एक्सप्रेस वे का मैदानी काम शुरू होगा। बता दे इस समय भोपाल इंदौर के बीच मौजूदा एक्सप्रेसवे में कई गाड़ियों की आवाजाही होती है। जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। एनएचएआई ने ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण किया तो पता चला कि यहां से रोज़ाना 30 हज़ार से ज्यादा गाड़ियां गुजरती हैं। जिसमें मेहतवाड़ा से लेकर डोडी तक जाम लगता है यहां कई वाहन खड़े होते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की जरूरत क्यों, 4 कारण 1. मौजूदा हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव इंदौर-भोपाल के बीच जो मौजूदा सड़क है, उस पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है। NHAI ने ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण किया तो पाया कि यहां से रोजाना 30 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। आने वाले समय में जैसे- जैसे आबादी बढ़ेगी, ट्रैफिक का दबाव बढ़ता जाएगा। ऐसे में दोनों शहरों के बीच नया कॉरिडोर बनाने की जरूरत है। 2. कई हिस्सों में जाम के हालात मौजूद हाईवे पर कई स्पॉट पर जाम के हालात बनते हैं। मेहतवाड़ा से लेकर डोडी तक जाम लगता है। यहां कई वाहन खड़े रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती है। जावर जोड़ से होकर निकलने वाली बसें यहां रुकती है। यात्रियों को यहीं से बैठाया जाता है। सीहोर के पास कुबेरेश्वर धाम की वजह से भी आए दिन जाम के हालात बनते हैं। इसी साल सावन के महीने में कुबेरेश्वर धाम की कांवड़ यात्रा में 5 लाख श्रद्धालु जुटे थे। हाईवे पर 72 घंटे तक जाम लगा रहा। 3. हाईवे से सटे कस्बे ट्रैफिक में रुकावट भोपाल-इंदौर हाईवे सीहोर, आष्टा और सोनकच्छ कस्बों के लिए बायपास रोड है। इन कस्बों में रहने वाले लोग इंदौर या भोपाल जाने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। किसान भी अपने खेतों पर जाने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। इस वजह से यहां टू व्हीलर, ट्रैक्टर की आवाजाही भी रहती है। 4. ढाबा-रेस्टोरेंट और टोल नाके हाईवे के दोनों तरफ की जमीनों का व्यवसायिक इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है। इस समय इंदौर- भोपाल रोड पर 50 से ज्यादा ढाबे और रेस्टोरेंट हैं। कमर्शियल एक्टिविटी बढ़ने से वाहनों की आवाजाही बढ़ती जा रही है। एमपीआरडीसी के यहां 4 और एनएचएआई का एक टोल है। भोपाल वेस्टर्न बायपास से इंदौर के एमआर-10 तक बनेगा प्रस्तावित एक्सप्रेस वे भोपाल के वेस्टर्न रिंग रोड से शुरू होगा और इंदौर के एमआर 10 से जुड़ेगा। इसके बीच में तीन जिले भोपाल, सीहोर, देवास की 7 तहसीलें आएंगी। ये पूरी तरह से नया रोड बनेगा। भोपाल से सीहोर इछावर होते हुए आष्टा के इलाही और देवास जिले के हाटपिपल्या और बागली तहसील को जोड़ेगा। एनएचएआई की डीपीआर के मुताबिक, भोपाल वेस्टर्न बाइपास से इंदौर एमआर 10 तक की दूरी 148–150 किमी है। वर्तमान हाईवे से देवास होकर इंदौर तक की दूसरी 195 किमी है। भोपाल-इंदौर के बीच एक्सप्रेस-वे का सफर करीब 50 किमी कम हो जाएगा और यह 2 घंटे में पूरा हो जाएगा। प्रस्तावित कॉरिडोर देवास शहर से होकर नहीं गुजरेगा। 7 तहसील के 59 गांव जुड़ेंगे     भोपाल, हुजूर तहसील: अमरपुरा, समसपुरा, आमला।     सीहोर तहसील: डेहरिया खुर्द, गडिया, रत्नखेरी, पाटनी, गेरूखान, इमलीखेड़ा।     इछावर तहसील: मुबादा, सेमली जादीद, मोहनपुर नौबाद, बावड़िया, सेंधोखेड़ी, लसुड़िया कांगड़, पोंगराखाती, कस्बा इछावर, सेवनियां, निपानिया, नयापुरा, जुझारपुरा, दिवारिया, हिम्मतपुर, मुंडला, बिजोरी, चैनपुरा।     आष्टा तहसील: भऊनरा, भटोनी, अरनिया जोहरी, मगरखेड़ी, दल्लूपुरा, लाखापुरा, झारखेड़ी, कामखेड़ाजबा, कन्नौदमिर्जा, गंगलखोटरी, झानपुरा, पगरियाहट, इलाही।     जावर तहसील: देहमत, उमरदाद, जहांजनपुरा, धुराड़ाकलां।     हाटपिपल्या तहसील: साप्ती, भवरड़ा, कनेरिया, बारोली, दोकरखेड़ा, कंझार, कावड़ी, हमीरखेड़ी, बरहानपुर, पिटावली, रेहली।     बागली तहसील: बिलावली, देवपिपल्या, बावड़ीखेड़ा, गाराखेड़ी, बिजूखेड़ा। डिजाइन से तय होती है गाड़ियों की स्पीड इंडियन रोड कांग्रेस-2013 की गाइडलाइन के मुताबिक, एक्सप्रेस वे की डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रतिघंटा तय की गई है। इस स्पीड से गाड़ी चलने पर 180 किलोमीटर की दूरी दो से ढाई घंटे में पूरी होती है। ऐसे ही सिक्स लेन की डिजाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। इस स्पीड में 180 किमी की दूरी तीन घंटे में तय होती है। 1100 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण एनएचएआई अफसरों के मुताबिक, अलाइनमेंट को इस तरह से तैयार किया है कि हाईवे ज्यादातर सरकारी और वन भूमि से होकर गुजर रहा है। हालांकि, इसके दायरे में करीब 1100 हेक्टेयर निजी जमीन भी आ रही है। ये पूरे प्रोजेक्ट का करीब 30 से 40 फीसदी हिस्सा है। अफसरों के मुताबिक जैसे ही अलाइनमेंट डीपीआर को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलेगी, उसके बाद जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि निजी जमीन का एरिया ज्यादा नहीं है इसलिए भूमि अधिग्रहण में ज्यादा समय नहीं लगेगा। ये प्रक्रिया 6 से 8 महीने के बीच पूरी कर ली जाएगी। भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रक्रिया करेगी। इसके बाद जो भी नियम के अनुसार मुआवजा बनेगा, वो निजी भूमि मालिक को दिया जाएगा। मुआवजा की राशि केंद्र सरकार देगी।

‘भारत बंटेगा नहीं, और मज़बूत हुआ है’ – मोहन भागवत ने ब्रिटेन को दिया इतिहास का जवाब

इंदौर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख ने मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए. यहां उन्होंने कहा कि भारत विकास की राह पर तेजी से चल रहा है. जो लोग इसे नहीं मानते थे, वह अब ग़लत साबित हुए हैं. उन्होंने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का ज़िक्र करते हुए तंज कसा है.  मोहन भागवत ने कहा कि भारत का अस्तित्व और उसकी शक्ति हमारे पूर्वजों द्वारा दिए गए उस भाव में है, जो सबमें अपनापन और भक्ति का संदेश देता है. भारत का जीवनदर्शन हमेशा से यही रहा है कि हम सब एक हैं – पेड़ और इंसान, नदी और इंसान, पहाड़ और इंसान – सबमें एक ही चैतन्य है. इसी भाव से भारत ने हजारों वर्षों तक पूरी दुनिया का नेतृत्व किया है.  भागवत ने कहा कि भारत में यह शिक्षा बचपन से दी जाती है कि हर वस्तु में पवित्रता है. चाहे किताब हो या कागज, उसमें मां सरस्वती का वास माना जाता है. यही विद्या और संस्कार भारत की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी भाव के कारण भारत 3000 सालों तक विश्वगुरु रहा. उस समय दुनिया में कोई कलह नहीं था, पर्यावरण संतुलित था और तकनीकी प्रगति भी ऊंची थी. मानव जीवन सुखी और सुसंस्कारित था. विश्व के लिए भारत का योगदान भागवत ने कहा कि भारत ने कभी किसी देश को जीता नहीं, न ही किसी पर अपने धर्म या व्यापार को थोपने का प्रयास किया. जहां भी भारत गया, वहां सभ्यता और शास्त्रों के ज्ञान से जीवन को उन्नत किया. प्रत्येक राष्ट्र अपनी पहचान के साथ सम्मानित रहा, लेकिन आपसी संवाद बना रहा. उन्होंने बताया कि विदेशी विद्वान विलियम डेली ने अपनी किताब द गोल्डन वे में भारत की इसी वैश्विक भूमिका और प्रभाव का उल्लेख विस्तार से किया है. ब्रिटेन पर तंज मोहन भागवत ने ब्रिटेन के मौजूदा हालात पर तंज कसा. उन्होंने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का जिक्र करते हुए कहा कि चर्चिल कहते थे कि भारत आजादी के बाद बंटेगा और स्थिर नहीं रह पाएगा. लेकिन भारत एकजुट है और बंटा नहीं है. जबकि ब्रिटेन बंटवारे जैसी स्थिति में आ रही है. आधुनिक समय की चुनौतियां भागवत ने कहा कि आज भले ही विज्ञान और तकनीक में प्रगति हुई है, लेकिन पर्यावरण बिगड़ा है, परिवार टूट रहे हैं और माता-पिता को सड़क पर छोड़ने जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं. नई पीढ़ी में संस्कारों की कमी और विकृत प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया में हर प्रकार के प्रयोग हुए, लेकिन असली बात, यानी भक्ति और अपनापन, गायब हो गया है. यही कारण है कि आज समस्याएं बढ़ी हैं.

परिधि चौहान को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने बनाया जिला अध्यक्ष

भोपाल, देश के सबसे बड़े एकीकृत राजपूत संगठन राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना महिला इकाई द्वारा भोपाल जिले के लिए नई जिला अध्यक्ष की घोषणा की गई है। संगठन ने परिधि चौहान को जिला अध्यक्ष, भोपाल (महिला इकाई) पद पर नियुक्त किया है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष बिंदु दिलीप सिंह राठौड़ ने कहा कि परिधि चौहान संगठन की सक्रिय, ऊर्जावान और समाज सेवा के प्रति समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्हें यह जिम्मेदारी इसलिए सौंपी गई है ताकि संगठन की गतिविधियों को जिले में और सशक्त तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि “माँ करणी के चरणों में आस्था रखने वाली परिधि चौहान संगठन की रीति-नीति और मर्यादाओं को सर्वोपरि मानकर समाज में महिलाओं को संगठित करने, उनके अधिकारों की रक्षा और राजपूत समाज की गौरवशाली परंपराओं को संरक्षित रखने के कार्य में अहम योगदान देंगी।” परिधि चौहान ने संगठन द्वारा जताए गए विश्वास के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे पूर्ण निष्ठा और समर्पण भाव से संगठन को मजबूत बनाने और समाज के हित में कार्य करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी।