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डिप्टी कलेक्टर की पोस्टिंग का विरोध तेज, महिला-बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के आवास पर जुटे अधिकारी

बुरहानपुर मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में बुरहानपुर जिला की डिप्टी कलेक्टर लता शरणागत की अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के रूप में नियुक्ति पर सरकारी अधिकारियों के एक वर्ग ने विरोध जताया है. महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के एक ग्रुप ने भोपाल में विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया से मुलाकात की और शरणागत की अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्ति का विरोध किया.  उन्होंने शीर्ष पद पर उनकी 'जूनियर' हैसियत का हवाला दिया और शरणागत की नियुक्ति रद्द करने का अनुरोध किया. मंत्री भूरिया ने बाद में बताया कि अधिकारियों की मांग जायज है और वह इस संबंध में जरूरी कदम उठाएंगी. उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारियों में से की जाती है. मंत्री ने बताया कि शरणागत के मामले में उनकी नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा की गई थी. इससे पहले, अधिकारियों के एक समूह ने भूरिया को एक ज्ञापन सौंपा और उनसे शरणागत की नियुक्ति के संबंध में जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया. महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त निदेशक (इंदौर संभाग) डॉ. संध्या व्यास ने कहा कि शरणागत को अतिरिक्त निदेशक के पद पर नियुक्त करना नियमों के विरुद्ध है और इससे विभाग में भारी रोष है. व्यास ने कहा, "अधिकारी इस नियुक्ति से नाराज हैं क्योंकि शरणागत की नियुक्ति से विभाग के अधिकारियों की वरिष्ठता का हनन हुआ है." महिला मंत्री भूरिया को सौंपे ज्ञापन में, अधिकारियों ने बताया कि शरणागत 2008 बैच की अधिकारी हैं, जबकि विभाग में कई वरिष्ठ संयुक्त निदेशक 2009 से इसी पद पर कार्यरत हैं.  ज्ञापन में कहा गया है कि यह प्रमुख विभाग महिलाओं और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाता है, जिनके लिए विशेषज्ञता की जरूरत होती है और एक डिप्टी कलेक्टर इन विषयों का विशेषज्ञ नहीं होता.

भोपाल से गया के लिए पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने जारी किया पूरा टाइमटेबल

 भोपाल  गया में पितृपक्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए रेल प्रशासन ने रानी कमलापति-गया-रानी कमलापति के बीच विशेष स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सुगमता और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा। गाड़ियों का संचालन     गाड़ी संख्या 01661 रानी कमलापति-गया पितृपक्ष स्पेशल     यह ट्रेन 07, 12 और 17 सितंबर को रानी कमलापति स्टेशन से दोपहर 1:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 09:30 बजे गया पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01662 गया-रानी कमलापति पितृपक्ष स्पेशल     यह ट्रेन 10, 15 और 20 सितम्बर को गया स्टेशन से दोपहर 2:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 10:45 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन दोनों दिशाओं में यह ट्रेन भोपाल, विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-आन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशनों पर ठहरेगी।

साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, MP में मिलेगी केंद्र जैसी छुट्टियां

भोपाल  मध्य प्रदेश के साढ़े सात लाख शासकीय कर्मचारियों को अब केंद्र सरकार के अनुरूप अवकाश दिया जाएगा। इसके लिए मप्र सरकार ने 48 साल पुराने मप्र सिविल सेवा (अवकाश) नियम-1977 में बदलाव किया है। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। कैबिनेट ने वित्त विभाग के मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम-2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे प्रदेश के करीब साढ़े सात लाख शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों को केंद्र सरकार के अनुरूप अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके तहत चिकित्सकों को पीजी योग्यता प्राप्त करने के लिए 36 माह का अध्ययन अवकाश मिलेगा। इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। अधिसूचना जारी होने के दिन से यह नियम लागू होंगे। अब शासकीय सेवक सरोगेट या कमीशनिंग मदर को प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी। वहीं एकल (अकेले) पुरुष शासकीय सेवक को भी संतान पालन अवकाश मिलेगा। दत्तक संतान ग्रहण के लिए 15 दिन का पितृत्व अवकाश 15 मिलेगा। निलंबन काल में नहीं होगी अवकाश की पात्रता शासकीय सेवक के दिव्यांग अथवा गंभीर अस्वस्थ्य होने पर उनके परिवार के सदस्य आवेदन दे सकेंगे। निलंबन काल में अवकाश की पात्रता नहीं होगी। अवकाश दिवस पर काम करने वाले शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी। सेवा के प्रारंभिक वर्ष में आवश्यकता होने पर अर्द्धवेतन अवकाश की सुविधा होगी। सेवानिवृत्ति के पूर्व अवकाश के प्रविधान और सेवानिवृत्ति की तिथि के बाद अवकाश के प्रविधान को भी विलोपित किया गया।

43 वोटर कार्ड जले हुए हालत में मिले, टीकमगढ़ में मंत्री आवास के पास मचा हड़कंप

टीकमगढ़  सिविल लाइन रोड पर स्थित केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार के सरकारी आवास के पास मंगलवार रात 43 वोटर आईडी कार्ड मिले हैं, कछ कार्ड जली हालत में हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासन की टीम पहुंची और कार्ड को जब्त किया गया, प्रशासन ने इस मामले में वोटर आईडी कार्ड्स के दुरुपयोग होने की आशंका जताई है टीकमगढ़ कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। आईडी कार्ड्स स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी के गोल क्वार्टर के सरकारी घर के सामने मिले है। कर्मचारी के घर के पास केंद्रीय मंत्री का आवास है। आशंका है कि इन कार्ड्स का इस्तेमाल स्वास्थ्य विभाग की किसी योजना का लाभ उठाने में किया गया हो। बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी सांसद प्रतिनिधि विवेक चतुर्वेदी ने ही प्रशासन को दी है। तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर, पटवारी और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने पूरे मामले की गंभीरता देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल सभी कार्ड्स प्रशासन की कस्टडी में हैं और यह पड़ताल की जा रही है कि आखिर इतने सारे वोटर आईडी कार्ड केंद्रीय मंत्री के बंगले के पास कैसे पहुंचे।

अर्चना तिवारी ट्रेन से गायब, यूपी में लखीमपुर खीरी के पास नेपाल बॉर्डर से मिली पुलिस को

भोपाल/ ग्वालियर  मध्य प्रदेश में ट्रेन से गायब अर्चना तिवारी 12 दिनों बाद मिल गई है. भोपाल की रानी कमलापति थाना जीआरपी ने यूपी के लखीमपुर खीरी से नेपाल बॉर्डर के पास से अर्चना को बरामद किया है. अब टीम यहां से अर्चना को लेकर भोपाल जाएगी और पूछताछ करेगी. पूछताछ में ही पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी मिलेगी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगभग दो हफ़्ते पहले ट्रेन में यात्रा के दौरान लापता हुई महिला वकील और सिविल जज बनने की इच्छुक अर्चना तिवारी मंगलवार को नेपाल सीमा पर स्थित उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी शहर में मिलीं. रक्षाबंधन के त्योहार के लिए 7-8 अगस्त की रात को इंदौर से कटनी जा रही तिवारी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाईं थी और लापता हो गई थी. पूछताछ में सामने आएगा घटनाक्रम का विवरण एसपी (रेलवे) राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों ने 12 दिनों की कड़ी तलाशी के बाद आखिरकार भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लखीमपुर-खीरी शहर में अर्चना तिवारी का पता लगा लिया. उन्होंने कहा कि पुलिस अर्चना को वापस भोपाल ला रही है और बयान दर्ज करने के बाद पूरे घटनाक्रम का विवरण सामने आएगा. पुलिस के अनुसार 29 वर्षीय अर्चना की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन पर मिली थी. उसके बाद मोबाइल फोन बंद पाया गया और संपर्क नहीं हो पाया. तिवारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में प्रैक्टिसिंग वकील थीं. वह सिविल जज परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं. नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से गायब हुई थी अर्चना वह 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से कटनी के लिए रवाना हुईं, लेकिन अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचीं. बाद में तिवारी के परिवार वालों ने भोपाल के रानी कमलापति जीआरपी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने रानी कमलापति स्टेशन से लेकर इटारसी और कटनी तक के इलाकों में सुराग तलाशे और स्टेशनों व आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले. लोढ़ा ने बताया कि तिवारी की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन थी. मैंने कभी अर्चना तिवारी को सामने से नहीं देखा  ट्रेन से 12 दिन पहले मध्य प्रदेश की अर्चना तिवारी के गायब होने के मामले में नया मोड़ सामने आया है. इंदौर से कटनी के लिए निकली अर्चना तिवारी वैसे तो अब यूपी के लखीमपुर खीरी के पास से बरामद कर ली गई है लेकिन इस मामने में कई गुत्थी अब भी अनसुलझी हैं. इस केस में उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने पुलिस को ग्वालियर तक भी पहुंचा दिया. वहीं से कहानी में एक नया किरदार सामने आया. वह अर्चना से डेढ़ साल से संपर्क में था और उसने ही उसके लिए टिकट भी बुक कराए थे. पुलिस ने लिया हिरासत में जांच के दौरान युवती की कॉल डिटेल में पुलिस की नजर ग्वालियर में तैनात एक सिपाही तक पहुंची. आरोप है कि इसी सिपाही ने इंदौर से ग्वालियर का टिकट बुक कराया था. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने अर्चना को कभी सामने से नहीं देखा, केवल फोन पर ही बात हुई थी. उसका कहना है कि अर्चना की गुमशुदगी से उसका कोई लेना-देना नहीं है. सिपाही ने यह भी कबूल किया कि उसने बस का टिकट जरूर बुक कराया था, लेकिन ट्रेन की यात्रा से उसका कोई वास्ता नहीं था. जीआरपी ने इस आधार पर उससे लगातार पूछताछ की. पुलिस की पड़ताल और सवाल-जवाब झांसी रोड थाने में रखे गए इस आरक्षक से घंटों सवाल-जवाब किए गए. उसने बयान दिया कि उसकी युवती से केवल कोर्ट से जुड़े एक काम के सिलसिले में बात हुई थी, और वह भी महज़ एक मिनट की. उसने दोहराया कि वह उससे कभी व्यक्तिगत तौर पर नहीं मिला. एडिशनल एसपी ने मीडिया को जानकारी दी कि पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि सिपाही पिछले डेढ़ साल से युवती को जानता था और फोन पर कई बार बातचीत भी हुई. उसने इंदौर से कटनी तक का बस टिकट बुक कराया था, जबकि युवती ट्रेन से यात्रा कर रही थी. यही बात जांच का अहम हिस्सा बनी. रक्षाबंधन पर घर लौट रही थी इस गुमशुदगी की कहानी की शुरुआत रक्षाबंधन के मौके से होती है. युवती इंदौर के एक हॉस्टल में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी. त्यौहार पर वह कटनी लौट रही थी. उसके पास इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस की AC कोच B3 में बर्थ नंबर 3 का रिजर्वेशन था. 7 अगस्त को वह हॉस्टल से निकली और सीसीटीवी फुटेज में भी देखी गई, जिसमें वह ऑरेंज रंग की ड्रेस पहने, बैग और झोले में सामान लेकर स्टेशन जाती हुई दिख रही है. रात करीब दस बजे उसकी चाची से आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई, जब उसने बताया कि वह भोपाल के पास है. ट्रेन से गायब, मिला सिर्फ बैग 8 अगस्त की सुबह जब कटनी साउथ स्टेशन पर परिजन उसे लेने पहुंचे तो युवती वहां नहीं उतरी. उसका मोबाइल भी बंद मिला. घबराए परिजन उमरिया स्टेशन तक गए, जहां उसके मामा ने ट्रेन के कोच में तलाश की. सीट पर उसका बैग जरूर मिला, जिसमें राखी, रुमाल और बच्चों के लिए गिफ्ट रखे थे. युवती के अचानक गायब हो जाने से परिवार सकते में आ गया. जीआरपी को तुरंत सूचना दी गई. कटनी रेल पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. चूंकि आखिरी लोकेशन भोपाल की तरफ मिली थी, इसलिए डायरी भोपाल रेल पुलिस को भेज दी गई. सीसीटीवी और लोकेशन से नहीं मिला सुराग भोपाल, रानी कमलापति और नर्मदापुरम स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन युवती का स्पष्ट सुराग नहीं मिला. मोबाइल की लोकेशन नर्मदापुरम ब्रिज के पास तक मिली. इस आधार पर एनडीआरएफ ने नर्मदा नदी में सर्चिंग ऑपरेशन भी चलाया, लेकिन वहां से भी कुछ हाथ नहीं लगा. इस मामले ने छात्र राजनीति से लेकर स्थानीय समाज तक हलचल मचा दी. कांग्रेस से जुड़े एक युवा नेता ने युवती को अपनी बहन बताते हुए उसकी तलाश में मदद करने वाले को 51 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की. उनका कहना था कि हर राखी पर वह उन्हें राखी बांधती थी. आखिरकार मिला सुराग लंबे समय तक रहस्यमय तरीके से लापता रहने के बाद युवती को आखिरकार लखीमपुर खीरी से बरामद कर लिया गया. पुलिस … Read more

PM और RSS पर आपत्तिजनक कार्टून: इंदौर कार्टूनिस्ट सोशल मीडिया पर लिखेंगे माफीनामा

 इंदौर इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस से माफी मांगेंगे। विवादित कार्टून बनाने के चलते इंदौर के युवक ने हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट से मालवीय की शिकायत की थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई। मालवीय ने कोर्ट में कहा कि वह आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अशोभनीय व्यंग्य चित्र बनाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माफीनामा प्रकाशित करेंगे। मालवीय की ओर से पैरवी कर रहीं एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के समक्ष मालवीय का पक्ष रखा। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की युगल पीठ कर रही है। पीठ ने मालवीय को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा अगली सुनवाई तक बढ़ा दी। वकील ने कहा- सोशल मीडिया से हटा देंगे कार्टून एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट के समक्ष कहा, "पहले के आदेश के अनुसार माफ़ीनामा पहले ही प्रस्तुत कर दिया है। यह कार्टून सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। मालवीय अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी माफ़ीनामा प्रकाशित करेंगे।"बता दें कि एक माह पहले 15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मालवीय की जमानत पर सुनवाई करते हुए उनके द्वारा प्रकाशित कुछ कार्टूनों पर नाराजगी व्यक्त की थी। अब केस की सुनवाई अगले हफ्ते होगी। कोर्ट ने कहा- 10 दिन में माफीनामा प्रकाशित करें मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने कहा कि जांच जारी रहने के कारण पोस्ट को हटाया नहीं जाना चाहिए। नटराज ने कहा कि माफ़ीनामा सोशल मीडिया पर इस वचन के साथ प्रकाशित किया जाए कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेंगे। जांच में सहयोग कर सकते हैं। पीठ ने सहमति जताते हुए कहा कि मालवीय 10 दिनों के भीतर माफ़ीनामा प्रकाशित करें। विवादित कार्टून का ये है मामला एफआईआर के अनुसार, मालवीय के कार्टून में आरएसएस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को शॉर्ट्स उतारे हुए और प्रधानमंत्री मोदी को इंजेक्शन लगाते हुए दिखाया गया था। इस कार्टून से भावनाएं आहत होने पर इंदौर के विनय जोशी ने पुलिस से शिकायत कर दी थी। पोस्ट में कथित तौर पर भगवान शिव से जुड़ी टिप्पणियां भी थीं, जिन्हें उच्च न्यायालय ने "अपमानजनक" पाया।

मध्यप्रदेश में बारिश का कहर, 23 जिलों में अलर्ट; भोपाल में झमाझम, नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट खुले

भोपाल  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रतलाम समेत 23 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में हल्की बारिश होने के आसार हैं। भोपाल में सुबह से रुक-रुककर पानी गिर रहा है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 में से 5 गेट 5-5 फीट तक खोले गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून टर्फ, डिप्रेशन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी होने से मध्यप्रदेश में अगले चार दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होगी। आज नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। तवा डैम ओवरफ्लो, 5 गेट से छोड़ा जा रहा पानी मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर 1164.10 फीट तक पहुंच गया है। डैम के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने आज बुधवार 20 को सुबह 6:30 बजे से 13 में से 5 गेट को 5-5 फीट तक खोल दिया है। तवा परियोजना संभाग इटारसी के कार्यपालन यंत्री के अनुसार, इन गेटों से लगभग 43,010 क्यूसेक पानी तवा नदी में छोड़ा जा रहा है। यह इस सीजन में दूसरी बार है जब डैम के गेट खोलने पड़े हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर वर्षा जारी है। प्रशासन ने तवा और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें नदी के किनारे न जाने की चेतावनी भी दी गई है।तवा डैम के एसडीओ एन के सूर्यवंशी ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नर्मदापुरम जिले में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम सक्रिय हो गया है। मंगलवार शाम को अच्छी बारिश हुई और बुधवार सुबह से भी लगातार बारिश जारी है। पचमढ़ी और सारणी क्षेत्र में बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह 6 बजे जलस्तर 1164.10 फीट पहुंचा  मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस साल 18 जून को मानसून ने जिले में दस्तक दी थी। जिले का कुल कोटे का 55 प्रतिशत यानी 29 इंच बारिश जुलाई में ही हो चुकी थी। अगस्त माह में अब तक कम बारिश हुई थी। अब तक जिले में औसतन 39 इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग ने बाकी अगस्त में अच्छी बारिश का अनुमान जताया है, जिससे औसतन बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है। 20 दिन बाद खोले तवा डैम के 5 गेट तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर बारिश और जल आवक को देखते हुए बुधवार सुबह 6:30 बजे डैम के 5 गेट 5 फीट तक खोले गए। 31 जुलाई को गेट बंद कर दिए गए थे। 20 दिन बाद गेट दोबारा खोले गए हैं। प्रशासन ने लोगों को दी सलाह प्रशासन ने तवा डैम और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की सलाह दी है। जिले में 38.40 इंच औसत बारिश जिले में 18 जून को मानसून ने दस्तक थी। जून से 19 अगस्त तक जिले में 38.40 इंच औसत बारिश हो चुकी है। जुलाई माह में ही औसतन 29 इंच से ज्यादा बारिश हुई। अगस्त में उम्मीद के मुताबिक अबतक कम बारिश हुई है। मंगलवार को करीब 1 घंटे तक तेज बारिश हुई। शहर में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। जिससे शहर के जय स्तंभ चौक, गांधी प्रतिमा तिराहे के सामने सड़क पर पानी भरा गया।    

हाईकोर्ट के आदेश पर भोपाल विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ केस, फर्जी दस्तावेज से कॉलेज मान्यता का मामला

भोपाल राजधानी भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। शहर की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोहेफिजा थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर ये कार्रवाई की गई है। आरोप है कि, विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने कॉलेज को मान्यता दिलाई है। इसी को मद्देनजर रखते हुए पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने उनके कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के शेक्षणिक हित को मद्दनेजर रखते हुए हाईकोर्ट ने कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है। लेकिन, अगले सत्र के लिए नए एडमिशन पूरी तरह से प्रतिबंधित किए गए हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। मामले की गंभीरता देखते हुए अब सभी की नजरें इसपर टिकी हैं कि, आगामी दिनों में इस केस को लेकर क्या दिशा बनती है। यह कार्रवाई जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के हित को देखते हुए कोर्ट ने कॉलेज को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन नए एडमिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। कोर्ट ने कहा था- 3 दिन के अंदर एफआईआर दर्ज करें हाईकोर्ट ने सोमवार को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मान्यता प्राप्त करने के मामले में सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने भोपाल कमिश्नर को आदेश दिया कि वे तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी कोर्ट को दें। जस्टिस अतुल श्रीधरन की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कॉलेज की मान्यता ली थी। कोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज में नए दाखिलों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। एसआईटी करेगी मामले की जांच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि इस पूरे मामले की अब एसआईटी जांच करेगी। ADG संजीव शमी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि 90 दिन में एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट पेश करें। बता दें कि पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया था, लेकिन छात्र हित को देखते हुए कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई को कंटिन्यू रखा गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण इतने सालों तक कॉलेज नहीं चल सकता था। कॉलेज की संचालन समिति में सचिव हैं आरिफ मसूद इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज का संचालन अमन एजुकेशन सोसाइटी करती है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद इस सोसाइटी के सचिव हैं। इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज भोपाल के खानूगांव में स्थित है। पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने की थी शिकायत पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। जांच के बाद आयुक्त उच्च शिक्षा ने माना कि अमन एजुकेशन सोसाइटी ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एनओसी और मान्यता ली। इसके बाद कॉलेज की मान्यता रद्द की गई। जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सेल डीड तैयार करवाई और इसे पंजीयन कार्यालय में फर्जी तरीके से दर्ज भी बताया गया। ये है मामला भोपाल से विधायक आरिफ मसूद की अमन एजुकेशन द्वारा संचालित कॉलेज की पिछले दिनों मान्यता रद्द कर दी गई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके पहले कॉलेज को अंतरिम मान्यता मिली थी, लेकिन कॉलेज की ओर से जरूरी कागजात और शर्तें पूरी नहीं करने पर विभाग ने मान्यता रद्द करने की बात कही थी। विधायक पर आरोप है कि, उन्होंने संस्था के फर्जी दस्तावेज लगाकर कॉलेज की मान्यता ली थी, जिसमें संबंधित अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप है।

प्रशासन की मुहिम से पर्यावरण बचा, गणेश प्रतिमाओं में 50% कमी

खंडवा पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण रोकने के उद्देश्य से इस साल जिला प्रशासन ने प्लॉस्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं को प्रतिबंधित करते हुए मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा दिया है। प्रशासन की इस पहल से करीब 50 प्रतिशत पीओपी की प्रतिमाएं इस साल कम हो गई है। स्व सहायता समूह के माध्यम से मिट्टी की प्रतिमाएं भी प्रशासन ने तैयार कराई है। वहीं, कुछ मूर्तिकार परिवारों ने भी मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता की पहल पर नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में करीब 38 हजार पीओपी की प्रतिमाओं का निर्माण रुकवाया गया है। हालांकि जो मूर्तिकार पहले से प्रतिमा बना चुके थे, उन्हें इस साल बिक्री के लिए छूट देने पर विचार चल रहा है। वहीं, ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों के माध्यम से प्रशासन ने करीब 20 हजार मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार कराई है। ये प्रतिमाएं मिट्टी, गाय के गोबर से बनी और प्राकृतिक रंगों से सजाई गई है। इसमें गांधवा, छौगांवदेवी, जावर की महिला स्व सहायता समूह ने करीब 11 हजार मिट्टी की प्रमिताएं तैयार कर ली है। इन प्रतिमाओं की बिक्री कलेक्ट्रेट परिसर आउटलेट सहित नगर निगम चौराहा पर स्टॉल लगाकर की जाएगी। साथ ही शासकीय राशन दुकानों पर भी इसे बिक्री के लिए रखा जाएगा। होम डिलेवरी की भी दे रहे सुविधा कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित ग्रामीण आजीविका मिशन के आउटलेट से जिलेभर में ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से होम डिलेवरी की सुविधा भी दी जा रही है। आजीविका मिशन के जिला समन्वयक आनंद शर्मा ने बताया कि इसके लिए मोबाइल नंबर जारी किए गए है। इन नंबर पर कॉल कर वॉटसएप पर प्रतिमाओं की तस्वीर बुलाकर देख सकते है। पसंद आने पर उसे ऑर्डर करने के बाद जिलेभर में कहीं भी उसकी डिलेवरी ले सकते है। प्रतिमा को अनब्रेकेबल पैकिंग में पैक कर दिया जाएगा, जिससे टूट-फूट की दिक्कत नहीं होगी। आस्था, पर्यावरण सुरक्षा के साथ रोजगार मिट्टी की प्रतिमाओं के निर्माण से जहां आस्था को बल मिल रहा है, वहीं पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है। जिला प्रशासन की अपील है कि सभी लोग मिट्टी की प्रतिमाओं को खरीदकर स्थापना करें।- ऋषव गुप्ता, कलेक्टर  

96 घंटे में तैयार होगा स्ट्रांग सिस्टम, IMD ने 14 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी

भोपाल मध्य प्रदेश में नए सिस्टम एक्टिव होने से एक बार फिर बारिश का दौर जारी है। राजधानी भोपाल में रुक-रुककर तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, सिवनी, मंडला ,खरगोन, पचमढ़ी ,बैतूल, गुना, ग्वालियर समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 14 जिलों में अतिभारी से भारी बारिश का अनुमान जताया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा जिलों में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, डिंडौरी, नरसिंहपुर जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। कैसा रहेगा मौसम का हाल मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में मध्य प्रदेश में कोई भी सिस्टम एक्टिव नहीं है। प्रदेश से सटे दूसरे राज्यों में कई सिस्टम एक्टिव हैं। जिसके कारण हल्की से भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। IMD ने अनुमान जताया है कि 23 से 25 अगस्त तक अतिभारी बारिश होने की संभावना है। यानी देखा जाए तो 96 घंटे यानी तीन बाद स्ट्रांग सिस्टम की एक्टिविटी प्रदेश में देखने को मिल सकती है। अगस्त महीने के आखिरी में पूरा प्रदेश भीगने की संभावना है। इंदौर, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में कम बारिश हुई है। आने वाले 21 अगस्त से स्ट्रांग सिस्टम बनेगा। जिसके बाद 23 अगस्त से 25 अगस्त तक पूरा प्रदेश भारी बारिश की चपेट में होगा। सोमवार को 22 जिलों में हुई थी बारिश सोमवार को भोपाल, उज्जैन, दमोह, बड़वानी, धार, बैतूल, गुना, नर्मदापुरम, शाजापुर, रतलाम, खरगोन, रायसेन, सतना, उमरिया, देवास, सीहोर, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हुई।