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राजस्थान विधानसभा में उठा सीमावर्ती जर्जर सड़कों का ‘मुद्दा’

जयपुर. राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सरहदी जिले बाड़मेर की सड़कों की खस्ताहाली का मुद्दा छाया रहा। निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बाड़मेर जिले, विशेषकर अपने विधानसभा क्षेत्र शिव की सड़कों की मरम्मत और निर्माण को लेकर राज्य सरकार को घेरा। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य करवा रही है और बाड़मेर की सड़कों का विशेष परीक्षण करवाया जाएगा। वर्तमान स्थिति पर माँगा जवाब विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बाड़मेर की ग्रामीण सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि आखिर कब तक सीमावर्ती क्षेत्र के लोग गड्ढों भरी सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे? भाटी ने बाड़मेर जिले में सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्तावित कार्यों और उनकी वर्तमान स्थिति पर जवाब माँगा। '17 में से 7 कार्य पूरे, बाकी प्रगति पर' विधायक भाटी के सवाल का लिखित और मौखिक जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बाड़मेर की सड़कों का पूरा कच्चा चिट्ठा सदन के सामने रखा। उन्होंने बताया कि पिछले साल प्रति विधानसभा क्षेत्र 15 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के कार्य स्वीकृत किए गए थे। बाड़मेर में कुल 17 सड़कों के कार्य प्रस्तावित किए गए थे, जिनमें से 7 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं और उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बाड़मेर की सड़कों का होगा नया 'परीक्षण' रविंद्र सिंह भाटी ने जब अधूरी सड़कों और खराब गुणवत्ता का मुद्दा उठाया, तो उपमुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि भाटी द्वारा उठाए गए मुद्दों का विभाग द्वारा परीक्षण (Verification) करवाया जाएगा। दिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि जहाँ भी सड़क निर्माण की तकनीकी आवश्यकता होगी और जहाँ परीक्षण में सड़कें बदहाल पाई जाएंगी, वहां सरकार प्राथमिकता से बजट आवंटित कर नई सड़कें बनाएगी। सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष विजन सदन में दिया कुमारी ने यह भी संकेत दिया कि पश्चिमी राजस्थान और सीमावर्ती जिले जैसे बाड़मेर और जैसलमेर, सरकार की 'विकसित राजस्थान' रणनीति का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से सड़कों का मजबूत होना अनिवार्य है। जहाँ सड़कें टूटी हैं, उन्हें सुधारने के लिए भी विभाग कार्ययोजना बना रहा है। 'युवा जोश' और 'अनुभव' की जुगलबंदी ! सदन में रविंद्र सिंह भाटी के सवाल पूछने के अंदाज और दिया कुमारी के धैर्यपूर्ण जवाब ने सभी का ध्यान खींचा। जहाँ एक ओर युवा विधायक अपने क्षेत्र की जनता की आवाज बन रहे थे, वहीं उपमुख्यमंत्री सरकार की ओर से विकास का रोडमैप रख रही थीं। दिया कुमारी ने आश्वस्त किया कि विकास कार्यों में किसी भी विधायक के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और बाड़मेर की सड़कों की सूरत जल्द बदली जाएगी।

बाघों की नस्ल सुधारकर कुनबा बढ़ाने एमपी और महाराष्ट्र से आएंगे बाघ-बाघिन

जयपुर. राजस्थान में बाघों की आबादी बढ़ाने और जीन पूल को बेहतर बनाने के लिए महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश से पांच बाघों को राज्य के रामगढ़ विषधारी एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में लाने का फैसला किया गया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के दिशा-निर्देश, राष्ट्रीय टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी की मंजूरी और तीनों राज्यों की आपसी सहमति के बाद यह फैसला लिया गया। पिछले दिनों मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से तीन वर्ष की बाधिन रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया था। आगामी कुछ दिनों में एक और बाघिन मध्य प्रदेश से लाई जाएगी। इस बाघिन को सड़क मार्ग से लाया जाएगा। इन बाघों को रेडियो कालर लगाकर कुछ दिन वनकर्मियों की निगरानी में रखा जाएगा और फिर खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के पेंच, बांधवगढ़ एवं कान्हा टाइगर रिजर्व से राजस्थान में बाघ लाए जाएंगे। मकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय निदेशक सुगनाराम जाट ने बताया कि अंतरराज्यीय स्थानांतरण के तहत 15 फरवरी से पहले एक बाघिन को मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लेकर आने की योजना है। करीब सात सौ किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से 12 घंटे में तय किया जाएगा। इस संबंध में राजस्थान और मध्य प्रदेश के वन विभाग के अधिकारियों के बीच लगातार बात जारी है। पिछले साल दिसंबर में एक बाघिन को स्थानांतरित किया गया था। इस कारण आवश्यक है बाघों का अंतरराज्यीय स्थानांतरणबाघों या किसी भी प्रजाति में इनब्रीडिंग का मतलब होता है करीबी रिश्तेदारों का आपस में प्रजनन। जब बाघों की आबादी कम हो जाती है तो शेष बचे हुए बाघ-बाघिन करीबी रिश्तेदार होते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इनब्रीडिंग से बच्चों में जन्मजात समस्याएं हो सकती हैं। जैसे दिल की बीमारी, पैरों की कमजोरी, आकार छोटा होना अथवा शिकार करने की क्षमता कम होना। बाघों में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। बाघिन में गर्भधारण की समस्याएं होती है, कई बार शावकों की जन्म के समय ही मौत हो जाती है।

फलस्तीन समर्थक दो ब्रिटिश नागरिकों को भारत छोड़ने का निर्देश

जयपुर/अजमेर. राजस्थान के अजमेर जिले के तीर्थ नगरी पुष्कर में वीजा नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां आए दो विदेशी नागरिकों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के कारण प्रशासन द्वारा 'लीव इंडिया' नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई खुफिया विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 21 जनवरी को पुष्कर के विभिन्न सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल के विरोध में छोटे-छोटे स्टिकर लगाए गए थे। खुफिया विभाग (CID/IB) को यह जानकारी मिली कि इन स्टिकर को लगाने में एक विदेशी नागरिक और उसकी महिला मित्र की भूमिका संदिग्ध है। इसके बाद विभाग ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों के माध्यम से जांच शुरू की। पहचान के दौरान सामने आया कि ब्रिटिश नागरिक लुईस गैब्रिएल डी अपनी गर्लफ्रेंड अनुशी एमा क्रिस्टीन के साथ टूरिस्ट वीजा पर भारत भ्रमण के लिए आया था और पुष्कर में रुका हुआ था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (CID) राजेश मीणा के नेतृत्व में विशेष टीम ने दोनों से पूछताछ की। पूछताछ में यह पाया गया कि उन्होंने टूरिस्ट वीजा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक प्रकृति की गतिविधियों में हिस्सा लिया। जिला पुलिस की सहायता से सभी विवादित स्टिकर हटवाए गए और खुफिया एजेंसियों ने उनके मूवमेंट, ठहरने की जानकारी और सोशल मीडिया गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों का वीजा निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन ने उन्हें तत्काल भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भारत में पर्यटक बनकर आने वाले किसी भी विदेशी द्वारा नियमों का उल्लंघन कर राजनीतिक या वैचारिक विरोध प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में भविष्य के लिए ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

सबका सशक्तिकरण, समग्र विकास: केंद्रीय बजट 2026 पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का दृष्टिकोण

जयपुर,  प्रदेश के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सोमवार को सवाई माधोपुर जिला कलक्ट्रेट सभागार में केंद्रीय बजट 2026 के संबंध में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, मध्यम वर्ग और उद्यमी के लिए स्पष्ट दिशा एवं मजबूत आधार प्रस्तुत करता है। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के सिद्धांत पर आधारित है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल सामाजिक न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की भूमिका को मजबूत करने वाला बजट है। डॉ. मीणा ने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि भारत की ‘ग्रोथ इंजन’ हैं। महिला शिक्षा और सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी 41 जिलों में महिला छात्रावास की स्थापना की जाएगी। बजट में महिलाओं की भूमिका को सामाजिक योजनाओं से आगे बढ़ाकर आर्थिक निर्णय, उद्यमिता, तकनीकी क्षेत्र और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक विस्तारित किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि बजट में भारत स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र में आई.आई.एम. के सहयोग से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव लाने की योजना से युवाओं को नई दिशा मिलेगी। इससे देश का युवा वर्ग भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार होगा और भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए डॉ. मीणा ने बताया कि आमजन पर चिकित्सा व्यय का बोझ कम करने के उद्देश्य से दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की गई। वहीं कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क शून्य किया गया है। मध्यम वर्ग के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा एवं आयुष केन्द्रों की स्थापना हेतु 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। एलआरएस के अंतर्गत अब इस वर्ग के परिवारों के बच्चों की विदेश शिक्षा सुलभ बनाने हेतु विदेश यात्रा के टूर पैकेज पर टीसीएस की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। डॉ. मीणा ने कहा कि बजट में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, भंडारण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया गया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। किसानों की आय में वृद्धि हेतु भारत-विस्तार नाम बहुभाषीय ए.आई. टूल के माध्यम से कृषि प्रणालियों की तकनीकी जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से राजस्थान के टेक्सटाइल तथा हथकरघा क्षेत्र को विशेष लाभ मिलेगा, जिसके तहत भीलवाड़ा के टेक्सटाइल हब, जयपुर हैंडलूम तथा बाड़मेर-जोधपुर में रोजगार और निर्यात बढ़ेगा। महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना के तहत खादी-हथकरघा को प्रशिक्षण, मार्केट लिंकेज तथा ब्रांडिंग के माध्यम से सशक्त किया जाएगा, जिससे बुनकरों एवं कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में 10 हजार करोड़ रुपये के समर्पित एमएसएमई विकास कोष से जयपुर, अलवर, भीलवाड़ा, कोटा तथा उदयपुर जैसे शहरों के छोटे उद्योगों को बड़ा बूस्ट मिलेगा। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर तथा कनेक्टिविटी के तहत 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 एवं टियर-3 शहरों और तीर्थ-पर्यटन स्थलों का विकास होगा। साथ ही 11 फरवरी को राज्य बजट में सवाई माधोपुर के पर्यटन को गति देने हेतु रणथम्भौर के विकास, 150 करोड़ से अधिक की अमरूद प्रसंस्करण इकाई, हवाई अड्डा विकास, लघु उद्योग, आपदा प्रबंधन परियोजनाएं, लटिया नाला सौंदर्यीकरण तथा धार्मिक-पर्यटन सर्किट की संभावनाएं शामिल होंगी। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प को साकार करने वाला बजट है और इसके सकारात्मक प्रभाव शीघ्र ही प्रदेश एवं जिले के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनकर वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है।  

प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत पर SIT सक्रिय, पिता को तलब कर पूछताछ

जोधपुर जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेज कर दी गई है। सोमवार को डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसीपी कार्यालय पहुंचे, जहां साध्वी के पिता को बुलाकर पूछताछ की गई। मीडिया से बातचीत करते हुए डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पूरी टीम गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतका के बैकग्राउंड, उनके पिता के बैकग्राउंड, किसी से रंजिश या दुश्मनी, मेडिकल लापरवाही सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। डीसीपी ने बताया कि रविवार को एफएसएल टीम द्वारा दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया है और वहां से मिले अहम तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही साध्वी के पिता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है, ताकि मामले से जुड़े हर संभावित सुराग की पड़ताल की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में फिलहाल कोई भी व्यक्ति शक के दायरे से बाहर नहीं है और किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। पूछताछ के लिए किसी व्यक्ति को दोबारा बुलाया जाना जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। डीसीपी विनीत बंसल ने भरोसा दिलाया कि गठित एसआईटी द्वारा किसी के साथ अनावश्यक दबाव या दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी प्रकार की बाहरी या आंतरिक चोट के स्पष्ट निशान सामने नहीं आए हैं, हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं पूछताछ के बाद साध्वी के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें केवल बातचीत के लिए बुलाया गया था और उन पर किसी तरह का पुलिस दबाव नहीं बनाया गया। मोबाइल फोन का पासवर्ड मांगे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनसे अब तक कोई पासवर्ड नहीं मांगा गया है। उन्होंने बताया कि वे साध्वी के समाधि स्थल जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस ने उनसे एक बार कार्यालय आने को कहा था। बातचीत के बाद वे समाधि स्थल के लिए रवाना हो गए।

अंतिम छोर तक राहत हमारी नीति— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसुनवाई से आमजन को मिला न्याय

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता से निस्तारण करने, फॉलोअप सुनिश्चित करने तथा समाधान में कोताही नहीं बरतने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन कर रही है, ताकि अंतिम छोर के व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण राहत दी जा सके। हमारी नीतियों और नीयत के केन्द्र में लोककल्याण ही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा की भावना के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। जनसुनवाई के दौरान महिलाएं, युवा, दिव्यांगजन, वृद्धजन सहित सभी परिवादी अपनी समस्याओं के मौके पर ही समाधान से संतुष्ट नजर आए।   इस दौरान शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में संबंधित जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।  

भारी वाहनों की पार्किंग से सर्विस लेन जाम, आम लोगों को हो रही परेशानी

धौलपुर  शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या44 पर दोनों तरफ सर्विस लेन की हालत खराब है। ग्वालियर और आगरा रोड की सर्विस लेन पर सुबह से ही भारी वाहन आकर खड़े हो जाते हैं। यह वाहन दिनभर यहां सर्विस लेन पर खड़े रहते हैं जिससे यातायात बाधित रहता है और हादसे का खतरा बना रहता है। यहां गुलाब बाग चौराहे से वाटरवक्र्स की तरफ की जा रही सर्विस लेन पर इन दिनों खासा ट्रेफिक है। वाटरवक्र्स चौराहे पर हाइवे क्रॉसिंग को बंद करने से सामने की तरफ से लांग साइड से वाहन आने से और समस्या खड़ी हो गई है। रही सही कसर यहां सर्विस लेन पर खड़े हो रहे भारी वाहनों ने कर रखी है। जिससे यहां पर जाम की स्थिति बन रही है। शुरुआत में इन वाहनों को हटाया गया लेकिन फिर से जस की तस स्थिति बनी हुई है। ग्वालियर रोड की सर्विस लेन की स्थिति अधिक खराब है। गुलाब बाग चौराहे से वाटरवक्र्स चौराहे के बीच भारी वाहन खड़े रहते हैं। यहां पर मिस्त्रियों की दुकानें हैं और वाहन यहां दिनभर खड़े रहते हैं। जिससे सर्विस लेन पर जगह कम पड़ जाती है। मिस्त्रियों की दुकानें हाइवे की सर्विस लेन किनारे बनी हुई हैं। यहां दुकानों होने से साइड से गुजर रहे नाली की भी सफाई नहीं हो पाती है। इसी तरह आगे वाटरवक्र्स चौराहे से सागरपाडा तक अनाधिकृत रूप से कब्जा बना हुआ है। आगे की तरफ तो सर्विस लेन पर गड्ढे हो रहे हैं। जिससे निकलना भी दूभर हो रहा है। शहर में कृषि उपज मंडी, चोपड़ा मंदिर कट और आगे राजाखेड़ा बाइपास की तरफ हालात खराब है। यहां पर वाहन रेंग रेंग कर आगे निकल पा रहे हैं। वहीं, केन्द्रीय बस स्टैंड की तरफ भी अव्यवस्था है। यहां आरएसी लाइन से बस स्टैंड तक दुपहिया वाहन चालक मुश्किल से २० किमी प्रति किलोमीटर से भी कम रफ्तार में चल पा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त चौराहा गुलाब बाग का भी हाल बेहाल है। यहां जगदीश तिराहे से चौराहे की तरफ आने वाले ट्रेफिक रेंगता हुआ बढ़ता है। चौराहे के पास अनाधिकृत रूप से पार्किंग हो रही है। गत दिनों सफाई के लिए नगर परिषद ने दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया और सफाई की। जिसके बाद फिर से नाले पर ही कब्जा कर लिया। दुकानों की पार्किंग भी सडक़ पर हो रही है। जिससे जाम की स्थिति बन रही है।  

एयू मैराथन को CM ने दिखाई हरी झंडी

जयपुर. गुलाबी नगरी में रविवार सुबह आयोजित एयू जयपुर मैराथन 2026 में फिटनेस, उत्साह और ऊर्जा का अनोखा संगम देखने को मिला। शहर की सड़कों पर हजारों धावकों की कदमताल ने जयपुर को एक बार फिर देश की प्रमुख रनिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर दिया। आयोजन स्थल पर युवाओं और फिटनेस समूहों की सक्रिय भागीदारी से उत्सव जैसा माहौल रहा। रामनिवास बाग से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मैराथन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बॉलीवुड अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने भी रन में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रातः जल्दी उठकर दौड़ने और व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है तथा पूरे दिन शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को धरातल पर उतारने के लिए स्वस्थ जीवनशैली एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से व्यायाम को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाकर देश-प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की। इस दौरान अभिनेता मिलिंद सोमन ने मुख्य दौड़ में भाग लेते हुए न केवल तेज गति से रन किया, बल्कि रास्ते में रुककर पुश-अप्स कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान उनके चारों ओर मौजूद युवा और बच्चे भी उन्हीं की तरह फिटनेस एक्टिविटी करने के लिए प्रेरित दिखे। संस्कृति युवा संस्था और वर्ल्ड ट्रेड पार्क के संयोजन में आयोजित इस मैराथन को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का सहयोग मिला। संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने इस मैराथन को केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए मैराथन को जनआंदोलन बनाने की पहल बताया। उन्होंने कहा कि जयपुर ने एक बार फिर साबित किया है कि यहां खेल और सामाजिक सरोकार साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। दौड़ के विभिन्न वर्गों में प्रोफेशनल धावकों से लेकर स्कूली बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भ्ज्ञी हिस्सा लिया। रास्ते में जगह-जगह पानी, ऊर्जा पेय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था रही। जबकि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लाइव म्यूजिक ने प्रतिभागियों का उत्साह बनाए रखा।

आम बजट से भीलवाड़ा की टेक्सटाइल सिटी को लगेंगे पंख

जयपुर/भीलवाड़ा. सहमे बाजार और महंगाई की मार झेल रही जनता के बीच आज पेश हुए केंद्रीय बजट में चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा से राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कपड़ा उद्यमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। राजस्थान का भीलवाड़ा जिला कपड़ा उद्योग में सिरमौर है और बजट घोषणा में प्रस्तावित मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना होने से वस्त्रनगरी के कपड़ा उद्योग को पंख लगने तय हैं। सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर, 8 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर और 8 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात होता है। इस वित्त मंत्री की बजट घोषणा से इस औद्योगिक हब को मानों 'बूस्टर डोज' मिल गई है। उद्यमियों ने कहा कि बजट में 'मेगा टेक्सटाइल पार्क' की घोषणा हुई है जिससे अब यह शहर वैश्विक पटल पर चीन और वियतनाम जैसे देशों को सीधी टक्कर देने वाला है। वित्तमंत्री ने बजट में ये की घोषणाएं बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि पुराने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मॉर्डन किया जाएगा और टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम पर नया प्लान लॉन्च किया जाएगा। SME सेक्टर को मजबूत करने के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा की गई है, इसके साथ ही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल (Mahatma Gandhi Gram Swaraj Initiative) को भी लॉन्च किया जाएगा। बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 5 प्वाइंट प्लान लॉन्च किया जाएगा और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन किया गया है. खादी और हैंडीक्राफ्ट टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा गया है। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा- वित्त मंत्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 'चैलेंज मोड' में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या? रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे। प्रमुख घोषणाएं… वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल। वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा। रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव

राजस्थान में ₹2,585 प्रति क्विंटल है समर्थन मूल्य पर शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद

जयपुर. राजस्थान के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया आज 1 फरवरी से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। भारत सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर और सुनिश्चित मूल्य मिल सकेगा। राज्य सरकार ने खरीद व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाते हुए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली लागू की है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार किसान 1 फरवरी से 25 जून 2026 तक गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके लिए “गेहूं खरीद के लिए किसान रजिस्ट्रेशन पोर्टल” शुरू किया गया है। किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं या फिर नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए अद्यतन जन आधार कार्ड अनिवार्य रखा गया है। सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं का पैसा सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और भुगतान में देरी की समस्या भी नहीं आएगी। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपने बैंक खाते को जन आधार से लिंक करा लें। राज्य में गेहूं की खरीद 10 मार्च से 30 जून 2026 तक की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में 383 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर भारतीय खाद्य निगम (FCI), राजफेड, तिलम संघ, नाफेड, एनसीसीएफ तथा इस वर्ष से राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से खरीद की जाएगी। सभी केंद्रों पर सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को पंजीकरण, खरीद तिथि और अन्य सूचनाएं एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाएंगी। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14435 जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी उपज का सही मूल्य समय पर मिले और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।