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गरीब-मजदूरों के मामले में मांगी थी घूस, ESIC मैनेजर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सोनीपत हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम भ्रष्टाचार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत अब रोहतक और सोनीपत एसीबी की संयुक्त टीम ने सोनीपत में तैनात ESIC मैनेजर विनोद को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार 3 माह पहले ही ट्रांसफर होकर सोनीपत पहुंचे मैनेजर विनोद ने गरीब-मजदूरों की मुआवजा राशि निपटाने के बदले शिकायतकर्ता सागर से 16 हजार रुपये की मांग की थी। शुरूआत में आरोपी ने 5 हजार रुपये ले लिए और बाकि राशि बाद में देने का दबाव बनाया। परेशान होकर युवक ने एसीबी से शिकायत की। योजना बनाकर जब शिकायतकर्ता ने 11 हजार रुपये दिए तो एसीबी टीम ने मौके पर छापा मारकर विनोद को गिरफ्तार कर लिया। ACB अधिकारी सचिव कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई कानून के मुताबिक की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि मजदूरों के हक पर डाका डालने वाले भ्रष्ट अधिकारी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। 

पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा पर अभय चौटाला का निशाना, कहा वोट काटने में सहयोगी

फतेहाबाद  फतेहाबाद की जाट धर्मशाला में बुधवार को इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 23 सितंबर को होने वाली ताऊ देवीलाल जयंती समारोह को लेकर कार्यकर्ताओं को निमंत्रण दिया। इसके बाद वह मीडिया से भी रूबरू हुए। अभय चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा पर साधा निशाना  अभय सिंह चौटाला ने कहा कि विधानसभा के सत्र में विपक्ष पूरी तरह से नाकाम रहा है और सरकार को घेर नहीं पाया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी के 37 विधायक होते तब हम बताते कि विपक्ष क्या होता है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा वोट काटु है और इन्होंने ही बीजेपी की सरकार बनाने में मदद की है। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मुझे हरवाने में भी बीजेपी और कांग्रेस एक हो गई थी और यह जानती थी कि अगर अभय सिंह चौटाला जीत गया तो वह विधानसभा में किसी को बोलते नहीं देगा। वही आयुष्मान योजना को लेकर रुकी डॉक्टरों की पेमेंट को लेकर भी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कुछ डॉक्टर आयुष्मान योजना का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहे है।

महिलाओं के लिए खुशखबरी: हरियाणा सरकार 25 सितंबर से देगी 2100 रुपए

हिसार  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मिटिंग के बाद प्रेस कॉन्फेंस की। प्रेस कॉन्फेंस में सीएम सैनी ने बड़ी घोषणा की कि महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ 25 सितंबर से मिलेगा। आज कैबिनेट मीटिंग में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के लिए "लाडो लक्ष्मी योजना" को लागू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का शुभारम्भ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर 25 सितंबर 2025 से होगा।  23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगा इस योजना का लाभ  इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 25 सितंबर 2025 को हरियाणा की 23 वर्ष आयु या उससे अधिक आयु की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों ही तरह की महिलाओं को लाभ मिलेगा। पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होगा। इस योजना में आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य आय समूह को भी शामिल किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में पिछले 15 साल से मूल निवासी होने चाहिए।  परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं इस योजना के तहत एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यदि एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो उन तीनों महिलाओं को लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही ऐसी 9 योजनाओं, जिनमें आवेदिका को पहले से ही अधिक राशि की पेंशन का लाभ मिल रहा है, उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। स्टेज 3 और 4 कैंसर पीड़ित मरीजों (महिलाओं), सूचीबद्ध 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसिलमिया और सिकल सेल से पीड़ित मरीज़ों पहले से पेंशन मिल रही है। पहले चरण में लगभग 20 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ- सीएम सैनी इन महिलाओं को इस योजना का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। जिस दिन कोई अविवाहित लाभार्थी 45 वर्ष की आयु पूरा करेगी उस दिन वे ऑटोमैटिक विधवा और निराश्रित महिला को वित्तीय सहायता योजना के लिए पात्र हो जाएंगी। जिस दिन लाभार्थी महिला 60 वर्ष की आयु की होगी, उस दिन वे ऑटोमैटिक वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन योजना के लिए पात्र हो जाएगी। पहले चरण में इस योजना का लाभ लगभग 19-20 लाख महिलाओं को मिलेगा। आज की कैबिनेट के बाद आने वाले 6 या 7 दिनों में हम न केवल योजना की गजट नोटिफिकेशन कर देंगे, वरन एक ऐप भी लॉन्च करेंगे।  सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ पाने के लिए महिला या उसके पति का प्रदेश में कम से कम 15 साल निवास होना अनिवार्य है. प्रशासन का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी. कैबिनेट मीटिंग के बाद रमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज प्रेस वार्ता कर बताया कि विधानसभा सत्र खत्म होने के अगले ही दिन केवल एक एजेंडा के लिए मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई. बैठक में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी दी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों और जरूरतमंदों के हित में लगातार कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के चार स्तंभों में महिलाओं की अहम भूमिका को रेखांकित किया है. केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार नई योजनाएँ लागू कर रही है और हरियाणा सरकार भी उसी दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान जारी संकल्प पत्र को उनकी सरकार गीता के समान मानती है और उसमें किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. 25 सितंबर 2025 से इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर, यानी 25 सितंबर 2025 से इस योजना का शुभारंभ होगा. योजना के तहत 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को हर माह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों प्रकार की महिलाएं शामिल होंगी.   योजना की प्रमुख विशेषताएँ:     पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है.     आने वाले समय में अन्य आय समूहों को भी चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा.     लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला का या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में 15 साल का मूल निवासी होना जरूरी है.     एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा. अगर एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो तीनों को लाभ मिलेगा.     सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही 9 ऐसी योजनाओं में, जिनमें आवेदिका को अधिक पेंशन मिल रही है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.     कैंसर स्टेज-3 और 4 मरीजों, 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल से पीड़ित महिलाओं को पहले से मिल रही पेंशन के अतिरिक्त इस योजना का भी लाभ मिलेगा.     45 वर्ष की आयु पूरी करने पर अविवाहित महिला ऑटोमैटिक विधवा/निराश्रित महिला पेंशन योजना की पात्र बन जाएगी.     60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी महिला वृद्धावस्था पेंशन योजना की पात्र हो जाएगी. पहले चरण में 19-20 लाख महिलाओं को लाभ मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में लगभग 19 से 20 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगले 6-7 दिनों में इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा और एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा. इस ऐप के जरिए पात्र महिलाएं घर बैठे आवेदन कर सकेंगी. सरकार सभी संभावित लाभार्थियों को एसएमएस भेजकर आवेदन करने के लिए प्रेरित करेगी. साथ ही पंचायतों और वार्डों में लाभार्थियों की सूची प्रकाशित की जाएगी और ग्राम सभाओं व वार्ड सभाओं को सूची पर आपत्ति दर्ज करने का अधिकार होगा. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने … Read more

हरियाणा में अपराध पर सैलजा का हमला, बोलीं- आंकड़ों की बाजीगरी से नहीं मिलेगा समाधान

चंडीगढ़ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिच, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि कहा कि केंद्र सरकार ने 130वां संविधान संशोधन बिल लाकर एक प्रकार से देश में अघोषित इमरजेंसी लागू की है, और इसके सहारे सरकार लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। दूसरी ओर हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा 1984 के दंगा पीडितों के परिजनों को 11 साल बाद नौकरी देने की घोषणा केवल पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर की गई है यह एक राजनीतिक चाल है इसके सिवाय कुछ नहीं। मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि 130वां संविधान संशोधन बिल के बाद अब 30 दिन की हिरासत किसी भी एजेंसी के दुरुपयोग से हासिल की जा सकती है। यह बिल लोकतंत्र के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है। सत्ता पक्ष इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। ये सरकार ताकत का इस्तेमाल करके जन विरोधी कानून लाने की कोशिश कर रही है, मनमानी तरीके से कानून ला रही है। ये भारतीय संविधान का काला अध्याय है। विपक्ष को बोलने ना देना अधिकारों का हनन है। ये विधेयक न्यायपालिका की स्वतंत्रता खत्म कर देगा। यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे को रौंदता है।  विधेयक देश के कानूनों के मौलिक सिद्धांतों के खिलाफ है। यह  विधेयक न्याय के खिलाफ है। हरियाण सरकार द्वारा 1984 के दंगा पीडितों के परिजनों को नौकरी दिए जाने को कुमारी सैलजा ने एक राजनीतिक षणयंत्र करार देते हुए कहा कि पिछले 11 सालों में भाजपा सरकार को सिख दंगा पीड़ितों की याद नहीं आई पर पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखकर उसे सब कुछ याद आने लगा। भाजपा पंजाब में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है, जो उसके लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। भाजपा पंजाब में लोकसभा चुनावों में कोई सीट नहीं जीत पाई, जबकि 2022 के विधानसभा चुनावों में केवल दो सीटें जीतने में सफल रही। पंजाब में सैनी समुदाय के सदस्य हरियाणा की तुलना में अधिक संख्या में हैं। उनका होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), जालंधर, रोपड़ (रूपनगर) और गुरदासपुर में 10 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में प्रभाव है। ऐसे में भाजपा सरकार का यह फैसला पंजाब में बीजेपी की पैठ बढ़ाने की कोशिश है। पंजाब में सैनी समुदाय की अच्छी खासी आबादी है। बीजेपी उन्हें लुभाने की कोशिश कर रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले का पंजाब के चुनावों पर क्या असर पड़ता है।    सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा में नशा और अपराध तेजी से बढ़ रहे है, जनता दहशत में जी रही है और सरकार इसे बात को मानने के लिए कतई तैयार नहीं है। प्रदेश में हत्या, लूट, रंगदारी, बलात्कार का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देकर सरेआम घूम रहे है और शासन और पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ रखे हुए बैठे है, लोग न्याय के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे है चीख रहे है पर सरकार बहरी बुनी हुई है। हरियाणा में नशा लगातार बढ़ रहा है और युवा पीढ़ी इसके जाल में फंस रही है। सिरसा जिला में हर दूसरे तीसरे दिन नश में गिरफ्त युवा दम तोड़ रहा है।  सरकार इस पर ठोस कदम उठाने की बजाय जनता को गुमराह करने के लिए यात्राओं और दिखावटी कार्यक्रमों में लगी हुई है। नशा खत्म करने के लिए धरातल पर आकर गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि आंकडों की बाजीगरी से अपराध कम होने वाले नहीं है, अपराधियों में जब तक पुलिस का भय पैदा नहीं होगा तब तक अपराध पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता।  

शादी में माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने की मांग, हरियाणा भाजपा विधायक का सुझाव

चंडीगढ़ हरियाणा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राम कुमार गौतम ने एक ऐसे कानून की मांग की है जिसमें शादी से पहले माता-पिता की अनुमति अनिवार्य हो। सफीदों के विधायक ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह आवश्यक है। गौतम ने कहा, ‘‘लड़के-लड़कियां भाग जाते हैं…ऐसे मामले सामने आए हैं जहां माता-पिता बाद में आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाते हैं। मेरा सरकार से अनुरोध है कि ऐसा कानून बनाया जाए जिसमें शादी से पहले लड़के-लड़कियों के लिए माता-पिता की अनुमति अनिवार्य हो।’’ गौतम 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे पहले वह जननायक जनता पार्टी (जजपा) के सदस्य थे। गौतम ने जमीन की कीमत की दरों (लैंड कलेक्टर रेट) का भी मुद्दा भी उठाया और कहा कि कुछ जगहों पर इन दरों और बाजार दरों में काफी अंतर है। उन्होंने कहा, ‘‘जहां भी बड़ा अंतर है, उसे दूर किया जाना चाहिए। इससे भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।’’ शून्यकाल में बोलने का समय समाप्त होने पर विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने उन्हें उनकी सीट पर बैठने के लिए कहा। हालांकि, गौतम अपनी बात जारी रखने पर अड़े रहे और अध्यक्ष ने उन्हें रोक दिया। कल्याण ने कहा, ‘‘अगर आप इसके अलावा कुछ और कहना चाहते हैं, तो आप नोटिस दें , मैं उसके अनुसार फैसला करूंगा।’’  

कृषि मंत्री ने हरियाणा विधानसभा को बताया धान फसल में वायरस की स्थिति

चंडीगढ़ हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने विधानसभा में बताया कि राज्य सरकार ‘सदर्न राइस ब्लैक-स्ट्रीक्ड ड्वार्फ वायरस’ (एसआरबीएसडीवी) को लेकर सतर्क है और कृषि वैज्ञानिक स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राणा ने यह भी बताया कि किसानों को इस वायरस के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए राणा ने मंगलवार को सदन को बताया कि प्रदेश में लगभग 40 लाख एकड़ में धान की बुआई हुई है, जिनमें से करीब 92,000 एकड़ में यह वायरस पाया गया है। उन्होंने बताया कि एसआरबीएसडीवी वायरस के संक्रमण से होने वाला रोग है जो धान की फसल को प्रभावित करता है और यह देश के कई धान उत्पादक क्षेत्रों में चिंता का विषय बना हुआ है। मंत्री ने कहा कि यह बीमारी ‘व्हाइट-बैक्ड प्लांट हॉपर’ (डब्ल्यूबीपीएच) नामक कीट के माध्यम से फैलती है, जो धान के पौधों का रस चूसकर वायरस को संक्रमित पौधों से स्वस्थ पौधों तक पहुंचाता है। राणा ने कहा कि जैविक खेती और ‘डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस’ (डीएसआर) के मामलों में इस वायरस से क्षति की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसान कृषि वैज्ञानिकों की सलाह और सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार धान की बुआई करें तो ऐसी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस वायरस के कारण संक्रमित पौधों की सामान्य वृद्धि रुक जाती है, उनकी ऊंचाई सामान्य से काफी कम रह जाती है, पत्तियां गहरा हरा रंग धारण कर लेती हैं, नई कोंपलों का विकास धीमा हो जाता है या रुक जाता है और जड़ें भूरी होकर अविकसित रह जाती हैं, जिससे पौधों की पानी और पोषक तत्व सोखने की क्षमता घट जाती है। मंत्री ने कहा कि राज्य में इस वायरस का पहला मामला खरीफ 2022 सीजन में सामने आया था। उस वर्ष कुछ ही मामले मिले थे, लेकिन चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू), हिसार और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से चलाए गए जागरूकता अभियानों और त्वरित कार्रवाई के चलते फसलों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। राणा ने बताया कि खरीफ 2023 और 2024 में इस वायरस का कोई प्रकोप सामने नहीं आया, जिसका श्रेय प्रभावी रोकथाम उपायों और किसानों में बढ़ी हुई जागरूकता को दिया गया। उनके अनुसार, खरीफ 2025 से पहले भी किसानों को सतर्क किया गया और एहतियात दोहराए गए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में यह बीमारी दोबारा उभरी और इसके पहले मामले कैथल जिले से सामने आए और बाद में अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, जींद और पंचकूला जिलों से भी मामलों का पता चला। राणा ने कहा कि इन क्षेत्रों के किसानों ने अपने खेतों में पौधों की असामान्य रूप से छोटी ऊंचाई की शिकायत की। इसके बाद एचएयू हिसार के वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया, जिसमें सामने आया कि यह बीमारी सबसे अधिक हाइब्रिड धान की किस्मों में पाई गई, उसके बाद परमल (गैर-बासमती) और फिर बासमती किस्मों में भी इसका पता चला। मंत्री ने बताया कि यह समस्या मुख्य रूप से उन खेतों में देखी गई, जहां 25 जून से पहले धान की रोपाई की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वायरस की पुष्टि के लिए एचएयू के वैज्ञानिकों ने संक्रमित पौधों के नमूने एकत्र किए और जांच की जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि पौधे ‘सदर्न राइस ब्लैक-स्ट्रिक्ड ड्वार्फ वायरस’ से संक्रमित थे। बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि इस वायरस से सुरक्षा के लिए एचएयू ने किसानों के लिए परामर्श जारी किया है।  

पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम, जनता तक पहुंचेगी हरियाणा विधानसभा की हर जानकारी

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सदन की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की प्रथा जारी रखकर संसदीय प्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से जनता अपने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली और उठाए गए जनहित के मुद्दों के बारे में सीधे और पारदर्शी जानकारी प्राप्त कर सकेगी। उन्होंने मंगलवार को सदन में स्पष्ट किया कि प्रतिबंध लगाने की चर्चा अधूरी जानकारी पर आधारित है  कुछ रोकथाम का प्रावधान संविधान के अनुछेद 361-ए में है, जिसे ध्यान में रखते हुए और कार्यवाही से हटाए गए नकारात्मक शब्दों से बचाव के लिए नियम बनाए गए हैं। हरियाणा विधानसभा सचिवालय ने मीडिया संस्थानों को लाइव कवरेज हेतु नई गाइड लाइन भेजी हैं। इन गाइड लाइन के अनुसार, केवल सैटेलाइट टीवी चैनल ही लाइव प्रसारण कर सकते हैं, जिनकी अनुमति विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दी जाएगी। प्रसारण के दौरान हरियाणा विधानसभा का लोगो और चैनल का वॉटरमार्क अनिवार्य होगा। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स (ट्विटर) पर इसे साझा नहीं किया जा सकेगा। सचिवालय ने कहा कि कार्यवाही से हटाए गए अंश या शब्द किसी भी मीडिया या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रयोग नहीं किए जा सकते। उल्लंघन करने वाले चैनलों को लाइव कवरेज से प्रतिबंधित किया जा सकता है। हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि सीधा प्रसारण हरियाणा विधानसभा की 15वीं सत्र का ऐतिहासिक कदम है, जो पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने की संसदीय प्रथा को मजबूत करता है।

‘शैतान’ शब्द को लेकर कांग्रेस का बवाल, CM बोले- मैंने किया था कर्नल शैतान सिंह का जिक्र

हरियाणा हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। लेकिन जैसे-जैसे कार्यवाही आगे बढ़ी, सत्ता पक्ष और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले सदन में 'शैतान' शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने यह शब्द किसके लिए कहा था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब में कहा कि उन्होंने 'कर्नल शैतान सिंह' का जिक्र किया था, जो देश की रक्षा करते हुए सीमा पर शहीद हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है और देश के वीरों का अपमान कर रहा है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री जी, आप मेरे लिए बाप समान हैं, लेकिन अगर 'शैतान' मेरी औलाद होगी तो मैं क्या करूंगा?" मुख्यमंत्री सैनी ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष झूठे आरोप लगा रहा है और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा, "मैंने कोई अभद्र भाषा नहीं बोली, बल्कि विपक्ष ने ही मर्यादाएं तोड़ी हैं।" हुड्डा ने भी नाराजगी जताते हुए कहा, "आप पांच-छह और गाली दे दीजिए।" कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि मुख्यमंत्री अपने शब्दों को वापस लें। हालांकि, स्पीकर ने कहा कि यह विषय यहीं समाप्त माना जाए।

CM सैनी का बयान: क्यों हटाए गए लाखों परिवार BPL लिस्ट से

हरियाणा  हरियाणा विधानसभा में बीपीएल कार्ड के मुद्दे पर भी काफी बहस हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान गरीब परिवारों को लुभाने के लिए बड़े पैमाने पर बीपीएल लिस्ट में नाम डाले और चुनाव के तुरंत बाद लाखों परिवारों को बाहर कर दिया। कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला ने सरकार से पूछा कि पहली जनवरी, 2024 से 31 जुलाई, 2025 के बीच कितने नए बीपीएल कार्ड बने और कितने काटे गए। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि बीपीएल कार्ड बंद करने का आधार क्या रखा गया। सरकार की ओर से सदन में जवाब देते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि इस अवधि में लाखों परिवार बाहर हुए हैं तो करीब उतने ही बीपीएल कैटेगरी में शामिल भी हुए हैं। पंवार ने सदन में आंकड़े रखते हुए कहा कि इस अवधि में 8,73,507 परिवार जोड़े गए। वहीं 9,68,506 परिवार बाहर किए गए। 31 मार्च, 2025 को बीपीएल परिवारों की संख्या 52 लाख 37 हजार 671 थी जो अब छंटनी के बाद घटकर 41 लाख 93 हजार 669 रह गई है। यह आंकड़ा 22 अगस्त तक का है। केहरवाला ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों में फायदा लेने के लिए भाजपा ने बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़ाई। नतीजों के बाद फिर से कम कर दिए।   विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने गुपचुप सर्वे करवाकर गरीब परिवारों को योजनाओं से वंचित कर दिया। विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि विपक्ष ने चुनाव के दौरान बीपीएल के नाम पर जनता को गुमराह किया। सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई, पोर्टल पर लोगों ने खुद अपनी आय घोषित की। उन्होंने कहा कि जो परिवार सालाना 1.80 लाख रुपये से ज्यादा कमाते थे, वे स्वेच्छा से बीपीएल लिस्ट से बाहर हो गए।

ट्रंप के टैरिफ से पानीपत की टेक्सटाइल पर संकट, हरियाणा को भारी नुकसान

पानीपत ट्रंप के पचास प्रतिशत टैरिफ का असर  अंबाला की साइंस इंडस्ट्री और पानीपत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर पड़ने लगा है। पानीपत से अमेरिका में 12 हजार करोड़ का निर्यात होता है। क्रिसमिस सीजन पर 1,500 करोड़ का निर्यात होता है। ऐसे में अमेरिकी ग्राहक उद्यमियों से छूट मांग रहे हैं। लगभग 30 प्रतिशत आर्डर अटक गए हैं।  उद्यमी बोले- अब बड़ा नुकसान होना तय है, नई मंडी तलाशनी होगी। वहीं, अंबाला में करीब चार मिलियन डालर का साइंस उपरकणों का एक्सपोर्ट अमेरिका के कई हिस्सों में होता है, इससे कई ऑर्डर रद हो गए हैं। 1500 करोड़ के आर्डर तैयार, आनाकानी कर रहे पानीपत के उद्यमी लगभग 1500 करोड़ के क्रिसमिस के आर्डर तैयार करके बैठे हैं। अब अमेरिकन इनको लेने में आनाकानी कर रहे हैं। इस सीजन में अमेरिका में सबसे अधिक कुशन कवर, बाथमैट, तौलिये, सोफे कवर, परदे व दरियां जाती है। अब अमेरिका से आर्डर मिलने की संभावना न के बराबर है। अमेरिकन इन आर्डर को बांग्लादेश, पाकिस्तान व वियतनाम में शिफ्ट कर सकते हैं।