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हिसार में महिला आयोग अध्यक्ष का ऐलान,सोशल मीडिया कंटेंट पर लगेगी सख्त रोक

हिसार  हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने समाज में बढ़ती अश्लीलता और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पर कड़ा रुख अपनाया है। हिसार के कबीर छात्रावास में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा, बल्कि गलत काम करने वालों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेणु भाटिया ने सिंगर बादशाह प्रकरण का उदाहरण देते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लोग महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हैं या आपत्तिजनक गाने गाते हैं और फिर माफी मांगकर बच निकलते हैं। बार-बार माफी मांगने वाला सिस्टम खत्म हो उन्होंने जोर देकर कहा कि हम प्रयास करेंगे कि यह बार-बार माफी मांगने वाला सिस्टम खत्म हो। जो गलती करे, उसके खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए। इसको लेकर महिला आयोग ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर एक विशेष महकमा बनाने या एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का अनुरोध किया है। इस कदम का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, रील्स और गानों पर नजर रखना है। मनोरंजन के नाम पर परोसी जा रही अश्लीलता अध्यक्ष रेणु भाटिया ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई गाने और रील्स वायरल होते हैं जो न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि समाज को भी भारी हानि पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसे तंत्र की आवश्यकता है जिससे जैसे ही कोई समाज को हानि पहुंचाने वाला कंटेंट सामने आए, हम उस पर तुरंत संज्ञान लेकर एक्शन ले सकें। रेणु भाटिया का मानना है कि इस तरह के विभाग के गठन से हरियाणा में मनोरंजन के नाम पर परोसी जा रही अश्लीलता और भ्रामक जानकारी पर नकेल कसी जा सकेगी। महिला आयोग अब समाज में सुधार के लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा। पानीपत के एक गांव में सर्वे करवाया महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि पानीपत के एक गांव में उन्होंने सर्वे करवाया है। इसमें सर्वे में बच्चों ने अच्छे और बुरे अनुभव बताए हैं। भाटिया ने बताया कि बच्चों ने बताया कि गांव के कौने में बैठकर बूढ़े-बुजुर्ग जुआ खेलते हैं। गांव के बूड़े बुजुर्ग और पिता शराब पीने ठेकों पर जाते हैं तो बच्चों को बताने की जरूरत नहीं। बच्चों ने जो देखा वो कर रहे हैं। इसलिए कहते हैं कि संगत का असर होता है। इसलिए परिवार में बच्चों को जो शिक्षा देंगे वो सामने आएगी। परिवारों को चाहिए कि बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़कर रखें।  

अंगदान में हरियाणा की नई मिसाल: 7940 लोगों ने किया रजिस्ट्रेशन, जींद जिला सबसे आगे

रोहतक. हरियाणा में अंगदान को लेकर लोगों की सोच में तेजी से बदलाव आ रहा है। प्रदेश में कुल 7940 लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया है। जबकि हमारे पड़ोसी पंजाब का आंकड़ा हमसे काफी अच्छा है। पंजाब में पंजीकरण 11274 तक पहुंच चुका है। अभी दोनों राज्यों के बीच में पंजीकरण का अंतर 3334 का है। इसलिए इस अभियान को तेजी से गति देने की जरूरत है। हालांकि जिलों के बीच आंकड़ों में बड़ा अंतर भी सामने आया है, जो जागरूकता के असमान स्तर को दर्शाता है। प्रदेश में जींद जिला 1076 पंजीकरण के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद गुरुग्राम के 973 पंजीकरण और फरीदाबाद के 791 पंजीकरण का नंबर आता है। सबसे निचले पायदान पर नूंह के 48, चरखी दादरी के 21 और पलवल के 21 पंजीकरण हैं, जहां जागरूकता अभियान की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निचले पायदान पर खड़े जिलों में जागरूकता बढ़ाई जाए तो हरियाणा इस क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। फिलहाल आंकड़े यह जरूर संकेत दे रहे हैं कि प्रदेश में अंगदान को लेकर डर से संकल्प की ओर यात्रा शुरू हो चुकी है, लेकिन इसे जनआंदोलन बनाने के लिए अभी और प्रयास जरूरी हैं। नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश में केवल 2 नए पंजीकरण हुए, जिनमें गुरुग्राम और अंबाला से एक-एक व्यक्ति शामिल है। यह संख्या बताती है कि शुरुआती उत्साह के बाद अब अभियान को और गति देने की जरूरत है। उम्र के आधार पर देखें तो युवा वर्ग इस अभियान में सबसे ज्यादा सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में जागरूकता और सोशल मीडिया की पहुंच इस बढ़ोतरी का प्रमुख कारण है। खासकर युवा वर्ग और पुलिस-सेना जैसे अनुशासित बलों के परिवार सबसे आगे आ रहे हैं। प्रदेश में सोटो के अनुसार ब्रेन डेड की स्थिति में व्यक्ति की वापसी संभव नहीं होती, ऐसे में अंगदान जीवनदान का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है। यही कारण है कि अब पुलिस और सेना से जुड़े परिवारों के साथ-साथ युवा वर्ग भी बढ़-चढ़कर इस अभियान में भाग ले रहा है। राज्य में अंगदान के मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। वर्ष 2024 में जहां केवल 2 अंगदान हुए थे, वहीं 2026 में यह आंकड़ा 4 से अधिक हो चुका है। साथ ही अब तक करीब 35 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। इस बदलाव के पीछे स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (सोटो) की अहम भूमिका रही है। सोटो ने पिछले दो वर्षों में गांव-गांव तक पहुंच बनाते हुए नुक्कड़ नाटक, स्कूल-कालेज सेमिनार और पंचायत बैठकों के जरिए लोगों को जागरूक किया है। जिला     कुल पंजीकरण     स्थिति जींद     1076     प्रथम (अग्रणी) गुरुग्राम     973     द्वितीय फरीदाबाद     791     तृतीय भिवानी     516     – रोहतक     506     – महेंद्रगढ़     481     – पंचकूला     437     – हिसार     419     – झज्जर     402     – सोनीपत     375     – रेवाड़ी     350     – सिरसा     287     – अंबाला     268     – पानीपत     182     – फतेहाबाद     174     – कैथल     171     – यमुनानगर     159     – करनाल     150     – कुरुक्षेत्र     133     – नूंह     48     सबसे कम चरखी दादरी     21     सबसे कम पलवल     21     सबसे कम कुल योग     7940       डॉ. एचके अग्रवाल पीजीआइएमएस से मात्र 4 दिन के अंतराल में दो बार ग्रीन कोरिडोर बनाने और आपके समाचारों के सहयोग से लोगों में अंगदान की जागरुकता को लेकर डर कम हो रहा है। पहले जहां लोग भ्रांतियों के कारण इससे दूर रहते थे, वहीं अब वे खुद सोटो कार्यालय में संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ले रहे हैं। अंगदान एक ऐसा फैसला है, जिससे एक व्यक्ति 8 लोगों की जान बचा सकता है। मौत अटल है, लेकिन अंगदान के जरिए हम किसी के जीवन का आधार बन सकते हैं।

चुनाव प्रक्रिया विवादों में: हरियाणा में जनगणना की जगह FIDR डेटा पर उठा सवाल, हाई कोर्ट पहुंचा मुद्दा

चंडीगढ़. हरियाणा के नगर निगम चुनावों को लेकर बड़ा संवैधानिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व पार्षद उषा रानी समेत कई याचिकाकर्ताओं ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार की उस प्रक्रिया को चुनौती दी है, जिसमें जनगणना आंकड़ों की बजाय फैमिली इंफॉर्मेशन डेटा रिपॉजिटरी (एफआईडीआर) के आधार पर सीटों का निर्धारण और आरक्षण किया गया है। याचिका में स्पष्ट किया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 243-पी के अनुसार “जनसंख्या” का अर्थ अंतिम प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों से है, लेकिन राज्य सरकार ने 2023 और 2024 के संशोधनों के जरिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 में बदलाव कर एफआईडीआर डेटा को आधार बना लिया। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह कदम न केवल संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी प्रभावित करता है। याचिका में पंचकूला नगर निगम के वार्ड परिसीमन को भी कठघरे में खड़ा किया गया है। आरोप है कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान प्राप्त आपत्तियों पर विचार किए बिना ही अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई, जो 1994 के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा वार्डों के निर्धारण में भौगोलिक एकरूपता, संतुलन और जनसंख्या अनुपात जैसे मूल सिद्धांतों की भी अनदेखी की गई।याचिकाकर्ताओं ने 10 अप्रैल 2026 की उस अधिसूचना को भी चुनौती दी है, जिसमें केवल अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित सीटों की घोषणा की गई थी, जबकि अन्य वर्गों, सामान्य, पिछड़ा वर्ग (बीसी-ए और बीसी-बी) के लिए आरक्षण एक साथ घोषित नहीं किया गया। इसे मनमाना, भेदभावपूर्ण और चुनावी प्रक्रिया के मूल ढांचे के विपरीत बताया गया है।याचिका के अनुसार, राज्य सरकार ने पहले 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का निर्धारण किया था, लेकिन अब बिना किसी नई जनगणना के एफआईडीआर डेटा लागू कर दिया गया, जिससे आरक्षित सीटों की संख्या और स्वरूप में बदलाव आया है। इससे चुनावी प्रक्रिया की वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। इसके अलावा मेयर पद और वार्डों के आरक्षण के लिए चिट्ठी प्रक्रिया (ड्रॉ ऑफ लॉट्स) भी केवल कुछ नगर निगमों में लागू की गई, जबकि नियमों के अनुसार इसे पूरे राज्य में एक साथ किया जाना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट से मांग की है कि पंचकूला नगर निगम की सभी सीटों का निर्धारण 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाए और जब तक मामले का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। याचिका पर हाई कोर्ट की अवकाशकालीन बेंच आज सुनवाई करेगी।  

जेट फ्यूल महंगा होने से जयपुर, अयोध्या, चंडीगढ़ और दिल्ली की फ्लाइट्स के किराए बढ़ेंगे

हिसार जेट फ्यूल की कीमतों में भारी इजाफे के चलते हिसार एयरपोर्ट से जयपुर, अयोध्या, चंडीगढ़ और दिल्ली के हवाई किराए बढ़ने जा रहे हैं। नया किराया 1 मई 2026 से लागू होगा। साथ ही, विंटर सीजन में बंद की गई हिसार-दिल्ली हवाई सेवा 16 अप्रैल 2026 से दोबारा शुरू हो रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 16 दिसंबर 2025 को इस सेवा को बंद किया था। 16 अप्रैल से सप्ताह में शनिवार को छोड़कर छह दिन फ्लाइट्स उपलब्ध रहेंगी। चारों शहरों जयपुर, अयोध्या, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए दो-दो दिन उड़ानें संचालित की जाएंगी किराया बढ़ने का कारण वित्त मंत्रालय ने जेट फ्यूल की कीमत 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी है। इसके चलते एलायंस एयर ने अपने किराए में वृद्धि कर दी है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर नया किराया अपडेट कर दिया है, जो 1 मई और उसके बाद की यात्राओं पर लागू होगा। नाइट लैंडिंग की राह हिसार एयरपोर्ट को 24 फरवरी 2026 को नाइट लैंडिंग का लाइसेंस मिल चुका है। हालांकि, अभी केवल एक शिफ्ट में काम चल रहा है, जिसके कारण शाम 6 बजे के बाद कोई फ्लाइट नहीं है। दूसरी शिफ्ट शुरू होते ही रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सकेगा। यात्री अब हिसार से आस-पास के प्रमुख शहरों के लिए हवाई यात्रा की सुविधा का फिर से लाभ उठा सकेंगे।  

खेल नर्सरियों की संख्या में बढ़ोतरी, युवाओं का रुझान नए खेलों की ओर

 चंडीगढ़ हरियाणा लंबे समय से कुश्ती और कबड्डी खेल के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब प्रदेश में खेलों का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है और खिलाड़ियों की एक नई पौध तैयार हो रही है। नए सत्र 2026-27 के लिए खेल विभाग की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि पारंपरिक खेलों के साथ-साथ फुटबॉल और वॉलीबाॅल का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में इन खेलों की नर्सरियों की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है और युवा खिलाड़ियों का रुझान इनकी ओर साफ दिखाई दे रहा है। प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ी खेलते हैं। प्रदेशभर में इस बार 1063 खेल नर्सरियां अलॉट की गई हैं, जो पिछले साल की 976 नर्सरियों से 87 ज्यादा हैं। लेकिन सरकार की ओर से कुल 2 हजार नर्सरियों के संचालित करवाने का लक्ष्य है। इन नर्सरियों के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही ट्रेनिंग दी जाएगी। अब भी कबड्डी 148 नर्सरियों के साथ टॉप पर है, लेकिन फुटबॉल (69) और वॉलीबाॅल (64) तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। कुश्ती की 74 नर्सरियां हैं। अन्य खेलों की बढ़ती संख्या बताती है कि युवाओं की पसंद और नजरिया अब बदल रहा है। फुटबॉल-वॉलीबाॅल के क्रेज बढ़ने के मुख्य वजह हरियाणा में फुटबॉल कोच हरविंदर सिंह के मुताबिक इस बदलाव के पीछे सबसे पहली वजह प्रदेश के स्कूल और कॉलेज स्तर पर इन खेलों को ज्यादा बढ़ावा मिलना है। गांवों में भी अब फुटबॉल और वॉलीबाॅल के मैदान आसानी से तैयार हो जाते हैं। इससे बच्चों की भागीदारी बढ़ी है। इसी तरह दूसरी वजह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों के लिए तेजी से बढ़ते मौके भी है। फुटबॉल और वॉलीबाॅल में करियर के विकल्प बढ़ने से युवा इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया और टीवी पर बड़े टूर्नामेंट देखने से भी बच्चों में इन खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है। वहीं, तीसरी अहम वजह इन खेलों में कम खर्च और आसान संसाधन है, जहां कुश्ती के लिए अखाड़ा और विशेष व्यवस्था चाहिए, इसी तरह दूसरे खेलों में संसाधनों की व्यवस्था पर भारी खर्च है। वहीं फुटबॉल और वॉलीबाॅल कम संसाधनों में भी खेले जा सकते हैं। जिलों में भी दिखा नया ट्रेंड खेल नर्सरियों के आंकड़ों में भी यह बदलाव साफ नजर आता है। हिसार 119 नर्सरियों के साथ सबसे बड़ा स्पोर्ट्स हब बनकर उभरा है, जबकि जींद 108 के साथ दूसरे स्थान पर है। कैथल, भिवानी, करनाल और रोहतक जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में नर्सरियां अलॉट की गई हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला अभी पीछे हैं, जबकि सबसे पीछे नूंह है। इन जिलों में इतनी नर्सरियां अलॉट हिसार –     119 जीद –        108 कैथल –        82 भिवानी –      67 करनाल –     75 रोहतक –     65 सोनीपत –     65 झज्जर –        28 यमुनानगर –   28 दादरी –         25 अंबाला –        22 पंचकूला –      18 नूंह –             12  

शिक्षा व्यवस्था में सुधार: हरियाणा के 14 हजार स्कूलों को मिले 200 करोड़, अब ड्यूल डेस्क पर बैठेंगे छात्र

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सिंह की ओर से बजट भाषण में बताई गई योजनाओं पर क्रियान्वयन आरंभ हो गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को टाटपट्टी की जगह बैठने के ड्यूल डेस्क उपलब्ध कराई जाएगी। योजना को सिरे चढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग के लिए 200 करोड़ की रकम स्वीकृत कर दी है। अक्टूबर माह में टेंडर प्रकिया पूरी कर एक नवंबर से प्रदेश के सभी जिलों के स्कूलों में ड्यूल डेस्क पहुंचनी आरंभ हो जाएंगी। सरकार ने तय कर दिया है कि दिसंबर माह में स्कूलों में कोई भी बच्चा टाटपट्टी पर नहीं बैठेगा यह शिक्षा विभाग जिम्मेदारी होगी। तीन लाख ड्यूल डेस्क खरीदने की तैयारी बता दें कि अभी प्रदेश के कई जिलों में ऐसे स्कूल काफी संख्या में हैं जिनमें बच्चे जमीन पर टाटपट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। हालांकि पहले भी कई जिलों ड्यूल डेस्क भेजी गई थी। लेकिन उनको खरीदने में घोटाला हुआ था। जिसे देखते हुए खरीद बंद कर दी गई थी। अब विभिन्न जिला के 14 हजार स्कूलों के लिए करीब तीन लाख ड्यूल डेस्क खरीदने की तैयारी है। सरकार खरीद प्रकिया को पूरी पारदर्शिता के साथ अपनाएगी। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि अक्टूबर माह में टेंडर प्रकिया आरंभ कर तय एजेंसी नवंबर में स्कूलों में ड्यूल डेस्क भेजने का काम करेगी। ड्यूल डेस्क लोहे की बनी होंगी और ऐसी डिजाइन की ली जाएगी कि बच्चों को बैठकर पढ़ाई करने में कियी तरह की परेशानी नही हो।

महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी तेज, हर तीसरी सीट पर होंगी महिला प्रतिनिधि

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई यानी 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए एक साथ तीन विधेयक लाए जा रहे हैं। इसमें एक विधेयक परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा है। जिसका उद्देश्य सीटों व चुनावी क्षेत्र की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण करना है। परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण को लागू किया जा सकेगा। नए परिसीमन के तहत राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 850 हो जाएगी। इनमें से 815 सीटें राज्यों में और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों में होंगी। अभी लोकसभा में 543 सीटें हैं। हरियाणा की भी लोकसभा की सीटें 10 से बढ़कर 15 हो जाएंगी।   अभी लोकसभा की हैं 10 सीटें सीटों के मौजूदा बंटवारे को देखें तो हरियाणा के पास लोकसभा की कुल 543 में से 1.89 फीसदी यानी 10 सीटें हैं। अगर 815 सदस्यों वाली लोकसभा में भी यह अनुपात बरकरार रखा जाता है, तो हरियाणा के पास 15 सीटें होंगी, जिनमें से 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं, विधानसभा में अभी 90 सीटें हैं, नए परिसीमन के हिसाब से बढ़कर 119 या 120 सीटें हो जाएंगी। इनमें से 40 सीटें सिर्फ महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी लोकसभा हो या विधानसभा में हर तीसरी सीट महिला प्रतिनिधि की होगी। नए परिसीमन व लोकसभा व विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण लागू होने की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की बात से पूरे हरियाणा में हलचल तेज हो गई है। हरियाणा को विधानसभा का नया भवन जरूरी होगा विधानसभा की सीटें बढ़ने से 2029 से पहले हरियाणा को नए विधानसभा की भी आवश्यकता पड़ेगी। वर्तमान विधानसभा भवन नए परिसीमन के हिसाब से छोटा पड़ेगा। इसमें विधायकों, अधिकारियों और मीडिया के लिए पर्याप्त स्थान और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे कार्य संचालन में कई बार कठिनाई आती है। पिछले कई वर्षों से हरियाणा सरकार इस दिशा में नए भवन के निर्माण या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रयासरत रहे हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के कार्यकाल के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के साथ नई जमीन के लिए भूमि आदान-प्रदान को लेकर बातचीत लगभग अंतिम चरण तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाई। फरीदाबाद, गुरुग्राम व सोनीपत में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेगी नए परिसीमन के हिसाब से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व करनाल जिले में विधानसभा की सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेंगी। 2011 के जनसंख्या के अनुसार फरीदाबाद जिले की आबादी 18 लाख से ज्यादा है। वहीं, गुरुग्राम की 15 लाख, करनाल की 15 लाख और सोनीपत की साढ़े 14 लाख आबादी है। ये सारे शहर शहरी इलाके हैं। ऐसे में अब हरियाणा में शहरी विधानसभा क्षेत्र ज्यादा होंगे। यानी हरियाणा में राजनीति जो अभी ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है, अब वह शहरी केंद्रित हो सकती है। इससे खासकर क्षेत्रीय दलों के सामने नया संकट आ सकता है। क्षेत्रीय दलों की राजनीति मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों पर ही केंद्रित रहती है।  

बैंक खाता अनफ्रीज कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाला गिरोह गिरफ्तार

सतनाली साइबर क्राइम के नाम पर ठगी और रिश्वतखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बैंक खाता अनफ्रीज कराने के बदले पैसे मांगने वाले दो आरोपियों को मंगलवार देर शाम एंटी करप्शन ब्यूरो ने महावीर चौक से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद की गई है। सतनाली क्षेत्र के जवाहर नगर निवासी नीरज ने बताया कि उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया था। इसी दौरान उसे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित साइबर क्राइम शाखा से कॉल आई जिसमें खाता अनफ्रीज कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की गई। नीरज ने इसकी शिकायत एसीबी को दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया। योजना के तहत नीरज ने आरोपियों को पैसे देने के लिए महावीर चौक बुलाया। जैसे ही उसने 10 हजार रुपये दिए टीम ने मौके पर पहुंचकर गौरव नामक युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके पास से 500-500 रुपये के 20 नोट बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान गौरव की निशानदेही पर एसीबी ने जितेंद्र नाम के दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि जितेंद्र, सुल्तानपुर साइबर ब्रांच के आईओ सत्येंद्र का भाई है। तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। उनकी मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की गई । इस दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।  

UPSC की मंजूरी के बाद DPC बैठक जल्द, HPS अफसरों को मिलेगा IPS काडर

 पंचकूला  हरियाणा पुलिस सेवा (एचपीएस) के 22 अधिकारी जल्द ही भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) में शामिल होंगे। एचपीएस अधिकारियों को आइपीएस बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगले सप्ताह विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक होगी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के अनुरोध पर यह बैठक चंडीगढ़ में किए जाने स्वीकृति दे दी है। प्रदेश में लंबे समय से एचपीएस अफसरों को आइपीएस काडर में पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित चल रही है। करीब दो महीने पहले मुख्य सचिव ने 22 एचपीएस अफसरों को इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी किया था। हालांकि, मुख्य सचिव रस्तोगी का स्वास्थ्य खराब होने से डीपीसी की बैठक नहीं हो पाई। अब खुद मुख्य सचिव ने यूपीएससी से जल्द बैठक का आग्रह किया है। हालांकि उन्होंने बैठक दिल्ली के बजाए चंडीगढ़ में करने का अनुरोध किया है। सचिव सहित कुछ नामित व्यक्ति चुने जाते हैं मुख्य सचिव की ओर से कहा गया है कि अभी वह स्वास्थ्य कारणों से यात्रा करने में सक्षम नहीं है ऐसे में यदि डीपीसी चंडीगढ़ में हो तो बेहतर रहेगा। इस पर यूपीएससी ने अपनी सहमति जता दी है। बैठक में आयोग की ओर से सचिव सहित कुछ नामित सदस्य आते हैं, जिसमें मुख्य सचिव और गृह सचिव सुधीर राजपाल मौजूद रहेंगे। दो साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में 13 एचपीएस के प्रमोशन की फाइल की मंजूरी मिली थी। तब गृह विभाग की ओर से तैयार की गई फाइल को तत्कालीन मुख्य सचिव संजीव कौशल ने आपत्ति जताते हुए वापस भेज दिया था। उस समय कई एचपीएस अफसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट ही पूरी नहीं थी। इस कारण उनके इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी नहीं हो सके। अब यह प्रक्रिया दोबारा शुरू होने जा रही है।

Haryana Police Recruitment: PMT 20 अप्रैल से शुरू, एडमिट कार्ड 17 अप्रैल को डाउनलोड करें

चंडीगढ़. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने 5500 कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) की घोषणा कर दी है। यह प्रक्रिया 20 अप्रैल से पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में शुरू हो रही है। एडमिट कार्ड 17 अप्रैल को जारी किए जाएंगे। शुरुआत में, पहले हफ्ते तक हर रोज लगभग एक हजार कैंडिडेट्स को बुलाया जाएगा, और उसके बाद प्रतिदिन 3 हजार तक कैंडिडेट्स बुलाए जाएंगे। सुबह 6:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। भर्ती प्रक्रिया के लिए कमीशन ने कंपनियों के साथ समझौता किया है। युवाओं की हाइट और चेस्ट मापने के लिए कमीशन ने जर्मनी से 25 मशीनें मंगवाई हैं। बताया जा रहा है कि मशीनों में सेंसर लगे हुए हैं। अगर किसी ने एड़ी उठाई, तो स्क्रीन पर जीरो आ जाएगा। ऐसे में कोई भी कैंडिडेट चालाकी नहीं कर पाएगा। इस भर्ती के लिए 2.70 लाख कैंडिडेट्स ने फॉर्म भरे हैं। रोडवेज बसें करेंगी पिक एंड ड्रॉप पंचकूला पहुंचने वाले कैंडिडेट्स के पिक एंड ड्रॉप सुविधा के लिए चंडीगढ़ व पंचकूला रोडवेज डिपो से 5-5 बसें मांगी गई हैं। जो जीरकपुर व पंचकूला-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से स्टेडियम के बीच चलेंगी। वहीं प्रदेशभर के डिपो से भी इन दिनों चंडीगढ़ के लिए चलने वाली बसों को वाया पंचकूला करने का आग्रह किया गया है। स्टेडियम पर मैनेजमेंट के लिए पंचकूला डिपो से 4 इंस्पेक्टर/सब-इंस्पेक्टर तथा चंडीगढ़ डिपो से 2 इंस्पेक्टर/सब-इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई जाएगी। खाना उलपब्ध करवाने की तैयारी पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में बॉस्केटबॉल और वॉलीबॉल हॉल के साथ-साथ लंबे टेस्ट शेड्यूल के लिए खेल विभाग से कोच भी मांगे गए हैं ताकि ड्यूटी दी जा सके। इसके अलावा, दूसरे विभागों से भी कोच मांगे गए हैं, जिनकी ड्यूटी टेस्ट प्रक्रिया के दौरान स्टेडियम में रहेगी।कमीशन की ओर से सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है, ताकि प्रदेशभर से आने वाले कैंडिडेट्स को स्टेडियम के बाहर ही खाना-नाश्ता उपलब्ध करवाया जा सके। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि युवाओं के लिए बाहर कितनी संस्थाएं कैंप लगाएंगी। फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट की प्रक्रिया के दौरान कमीशन का एक सदस्य हर समय मौके पर मौजूद रहेगा। यदि किसी उम्मीदवार को कोई दिक्कत होती है या कोई समस्या बताई जाती है, तो उसका तुरंत समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।