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PM के जन्मदिन पर सेवा सप्ताह की शुरुआत, हरियाणा के CM ने की तैयारी बैठक

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को पूरे देश में अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। इसी कड़ी में हरियाणा में भी 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा शुरू होगा, जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसको लेकर आज चंडीगढ़ में अहम बैठक बुलाई है। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारी को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन सेवा भाव के साथ मनाना गर्व की बात है। मुख्यमंत्री नायब सैनी पहले ही साफ कर चुके हैं कि इस सेवा पखवाड़े को लेकर प्रदेश में पूरी तैयारी चल रही है। शहरों और सरकारी अस्पतालों की सफाई व्यवस्था को लेकर कई बैठकों का आयोजन हो चुका है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं और RWA से भी अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेश के अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत की जाएगी, जिससे सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों के बराबर बनाया जा सके। हरियाणा में PM के जन्मदिन पर सेवा पखवाड़े की शुरुआत सेवा पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य न सिर्फ सफाई व्यवस्था को मजबूत करना है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई ऊंचाई देना है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस दौरान MRI, डिजिटल एक्स-रे, डायलिसिस जैसी सुविधाएं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएंगी। 17 सितंबर को आधुनिक अस्पतालों के पहले चरण का उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा, हरियाणा सरकार इस सेवा पखवाड़े के दौरान राज्य के शहरों की स्वच्छता रैंकिंग भी तय करेगी, जैसे कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर करती है। इससे नगर निकायों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा बैठक में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं ने विपक्ष की राजनीति को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गरीबों और देश के विकास के लिए ठोस योजनाएं बनी हैं। विपक्ष केवल झूठ की राजनीति कर रहा है।

कुरुक्षेत्र दौरे पर CM नायब सैनी, मारकंडा नदी के पानी से बने हालात की करेंगे समीक्षा

कुरुक्षेत्र हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज कुरुक्षेत्र जिले में बाढ़ और जलभराव से प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। हाल की भारी बारिश और नदियों के उफान के बाद यह उनका पहला दौरा है। सीएम सबसे पहले शाहाबाद पहुंचेंगे, जहां मारकंडा नदी के ओवरफ्लो से हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीएम प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। शाहाबाद के बाद वे झांसा और पिहोवा क्षेत्र का भी जायजा लेंगे। पिहोवा के पंजाब बॉर्डर से लगे गांवों में जलभराव ने फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान सीएम प्रशासन के कामकाज का आकलन भी करेंगे। झांसा और पिहोवा का जायजा शाहाबाद के बाद मुख्यमंत्री झांसा और पिहोवा जाएंगे। पिहोवा क्षेत्र खासकर पंजाब बॉर्डर से लगे गांवों में जलभराव की स्थिति गंभीर है। खेतों में खड़ी फसलों को पानी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री यहां जाकर किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेगे। वे राहत सामग्री, भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन करेंगे। प्रशासनिक कामकाज की जांच मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि उनका दौरा केवल औपचारिकता नहीं है बल्कि वे प्रशासनिक कामकाज का भी गहराई से आकलन करेंगे। वे बचाव और राहत कार्यों की गति की समीक्षा करेंगे। साथ ही नदियों के तटबंधों की मजबूती और मरम्मत कार्यों पर विशेष ध्यान देंगे, ताकि भविष्य में ऐसी आपदा से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। लाडवा में होगा समापन दौरे का अंत सीएम अपनी विधानसभा सीट लाडवा से करेंगे। यहां भी वे नदियों की स्थिति और बाढ़ प्रबंधन कार्यों की जांच करेंगे। प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और सभी विभागों को मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस दौरे का उद्देश्य न केवल वर्तमान स्थिति का जायजा लेना है बल्कि आगामी समय में बेहतर प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाना भी है।

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में हरियाणा में आयुष कॉलेजों की जांच शुरू

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने प्रदेश में आयुष (आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी) से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों की जांच और निरीक्षण के लिए नई कमेटी गठित की गई है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार के अनुसार, कोई भी नया आयुष शैक्षणिक संस्थान शुरू करने से पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) या एसेंशियल सर्टिफिकेट (ईसी) लेना जरूरी होगा। इसके लिए गठित कमेटी स्थल का निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट सौंपेगी। जिलों के लिए बनने वाली यह कमेटी एडीसी की अगुवाई में बनेगी। संबंधित जिले के आयुर्वेदिक अधिकारी इस कमेटी के मेंबर सेक्रेटरी व कंवीनर होंगे।   इसी तरह से संबंधित एरिया के तहसीलदार, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग, शहरी निकाय/टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के प्रतिनिधि तथा पीडब्ल्यूडी या पंचायत विभाग के एक्सईएन/एसडीओ तथा आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी, सोवा-रिग्पा, होम्योपैथिक और योग एवं नेचुरोपैथी के विषय विशेषज्ञ को बतौर सदस्य कमेटी में शामिल किया जाएगा। कॉलेज की श्रेणी के अनुसार 3-3 विषय विशेषज्ञ समिति में शामिल होंगे। नये कोर्स के साथ सीटें भी बढ़ेंगी अगर किसी मौजूदा आयुष संस्थान में सीटें बढ़ानी हों या नए कोर्स शुरू करने हों और भवन व भूमि का विस्तार न किया गया हो, तो केवल तकनीकी विशेषज्ञ ही निरीक्षण करेंगे। लेकिन यदि भूमि और भवन का विस्तार किया गया है, तो पूरी समिति निरीक्षण करेगी। अगर किसी आयुष संस्थान के खिलाफ शिकायत आती है तो मामले की जांच आयुष महानिदेशक द्वारा गठित कमेटी करेगी। जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी इसमें शामिल किया जा सकेगा। सुधीर राजपाल ने कहा कि इस कदम का मकसद प्रदेश में चल रहे आयुष शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। साथ ही, केंद्रीय नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुसार सीट वृद्धि और कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया को लागू करना है।

सिस्टम बंद, अधिकारी खुश: हरियाणा में अब बड़े बदलाव आने वाले हैं

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं में तैनात खजाना एवं लेखा विभाग तथा स्थानीय लेखा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल प्रक्रिया को बंद करें और बिल प्रक्रिया और अनुमोदन से सम्बन्धित सभी कार्य केवल हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स (एचईडब्ल्यूपी पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, ने इस सम्बन्ध में एक पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार, सरकार ने पाया है कि फाइलों का भौतिक रूप से आदान-प्रदान न केवल विलंब का कारण बनता है बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य को भी बाधित करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं में तैनात खजाना एवं लेखा विभाग तथा स्थानीय लेखा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अब किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल प्रक्रिया को बंद करें और सभी बिल संबंधी कार्यवाही, अनुमोदन तथा कार्यों की निगरानी केवल एचईडब्ल्यूपी पोर्टल के माध्यम से ही की जाए। पत्र में कहा गया है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।  

धन संपन्न मंत्रियों की झलक: हरियाणा के 12 मंत्री करोड़पति, 3 नाम देश के शीर्ष अरबपतियों में

पानीपत देश की 27 राज्य विधानसभाओं, 3 केंद्रशासित प्रदेशों व केंद्रीय मंत्रिपरिषद से विश्लेषण किए गए 643 मंत्रियों में से 36 अरबपति हैं। इनमें हरियाणा से 3 मंत्री शामिल हैं। चुनावी शपथपत्र के अनुसार, हरियाणा से सबसे अमीर तोशाम से विधायक व महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी हैं। उनकी संपत्ति 134.56 करोड़ है। गुरुग्राम से सांसद व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत (121.54 करोड़) दूसरे, फरीदाबाद से विधायक व राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल (101.81 करोड़) तीसरे स्थान पर हैं। प्रदेश के 14 में से 12. मंत्री करोड़पति हैं। किसी मंत्री पर केस नहीं है। यह खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) की रिपोर्ट में हुआ है। देखें आकड़े मंत्री संपत्ति देनवरी श्रुति चौधरी 134.56 करोड़ 13.37 करोड़ राव इंदीत  121.54 करोड़ 13 करोड़ आरती राव 101.81 करोड़ 5.28 करोड़ विपुल गोयल 68.27 करोड़ 2.55करोड़ कृष्णपाल गुर्जर  62.58 करोड़ 3.98 करोड़ राय नरबीर  58.79 करोड़ शून्य महीपाल ढांडा 14.29 करोड़ 1.60 करोड़ राजेश नागर 12.11करोड़ 34.82 लाख रणबीर मंगवा 11.62 करोड़ 52.53 लाख अरविंद शर्मा 6.90 करोड़ 3.56 करोड़ नायाब सिंह 5.80 करोड़  74 लाख कृष्णलाल 5.30 करोड़ 22 लाख कृष्णबेदी 4.80 करोड़ 2.28 लाख गौरव गौतम 4.50 करोड़ शून्य अनिल विज 1.49 करोड़ शून्य श्याम सिंह राणा 1.16 करोड़ शून्य  

विधानसभा से बाहर किए जाने का जिक्र, अनिल विज ने ममता पर साधा निशाना

हरियाणा  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। विज ने कहा कि ममता बनर्जी का हाल भी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जैसा होने वाला है, क्योंकि दोनों का रवैया तानाशाही रहा है। हुड्डा ने भी मुझे विधानसभा से बाहर फिंकवाया मीडिया से बातचीत में विज ने कहा,“जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने मुझे कई बार विधानसभा से बाहर उठवाकर फिंकवाया था। अब ममता बनर्जी भी भाजपा विधायकों के साथ वही कर रही हैं, लेकिन यह प्रजातंत्र के खिलाफ है।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि आज हुड्डा ‘‘खुड्डे लाइन’’ लगे हुए हैं और ममता का भी यही हाल होने वाला है। प्रजातंत्र में विधायकों को बोलने का अधिकार विज ने कहा कि भारत की शासन प्रणाली प्रजातंत्र पर आधारित है और इसमें चुने हुए प्रतिनिधियों को विधानसभा में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन कुछ दल और नेता प्रजातंत्र को बर्दाश्त नहीं कर पाते और अपनी तानाशाही प्रवृत्ति दिखाते हैं। चुने हुए विधायकों की आवाज दबाना लोकतंत्र का अपमान है। ममता बैनर्जी का रवैया इसी दिशा को दिखाता है। भाजपा विधायकों को बाहर फिंकवाना गलत कोलकाता में विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायकों को मार्शलों से घसीटकर बाहर निकाले जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा, “यह कृत्य प्रजातंत्र की आत्मा को ठेस पहुंचाने वाला है। विपक्ष की बात सुनना और सहन करना लोकतंत्र की मूल भावना है। लेकिन ममता बैनर्जी इसको स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।”

खुशखबरी: हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं को तीन दिन में मिलेगा नया कनेक्शन

चंडीगढ़ हरियाणा में बिजली का कनैक्शन हासिल करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। चाहे अस्थाई कनेक्शन हासिल करना हो या फिर स्थाई कनैक्शन के लिए अप्लाई किया हो हरेक सेवा के लिए समय सीमा को कर दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है उसके अनुसार अब महानगरीय क्षेत्रों में एल.टी. आपूर्ति के लिए बिजली का स्थाई कनेक्शन निगमों द्वारा तीन दिन के अंदर जारी किया जाएगा। जबकि नगरपालिका क्षेत्रों में यह समयसीमा सात दिन तय की गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में अगर कोई नया बिजली का कनेक्शन हासिल करना चाहता है तो 15 दिन के भीतर प्रोसेस पूरा हो जाएगा। अतिरिक्त भार जारी करने के लिए भी यही समय सीमा तय की गई है। हालांकि नोटिफिकेशन में यह भी बताया गया है कि जहां प्रणाली का विस्तार कार्य चल रहा है वहां समय सीमा 34 दिन तक हो सकती है। अगर किसी उपभोक्ता को अस्थाई कनेक्शन चाहिए तो उसके लिए भी वही समय सीमा होगी जो कि स्थाई कनेक्शन के लिए तय की गई है। नोटिफिकेशन में इस कार्य के लिए अधिकारियों की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है। स्थाई और अस्थाई कनेक्शन जारी करने के लिए उपमंडल अधिकारी (ऑपरेशंस), कार्यकारी अभियंता और अधीक्षण अभियंता को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।   इससे पहले राज्य सरकार की तरफ से नवम्बर 2023 में उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की सेवांए देने के लिए समयसीमा जारी की गई थी। जिसमें स्थाई कनैक्शन हासिल करने या फिर अतिरिक्त लोड के लिए निगमों को 37 दिन का समय दिया जाता था जिस कारण कई दिनों तक उपभोक्ताओं को बिना बिजली के रहना पड़ता था। जबकि 11 के.वी. आपूर्ति के नए कनैक्शन के लिए 78 दिन तक लगते थे। इसी तरह एल. टी. आपूर्ति का अस्थाई कनेक्शन जारी करने में भी 19 दिन का समय लिया जाता था। इस वजह से सबसे बड़ी परेशानी बड़े-बड़े उद्योग भी झेल रहे थे जिन्हें नए कनैक्शन के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता था। 

राज्य में बदलेगा सिस्टम, हरियाणा के अफसरों के लिए नई व्यवस्था फायदे का सौदा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं में तैनात खजाना एवं लेखा विभाग तथा स्थानीय लेखा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल प्रक्रिया को बंद करें और बिल प्रक्रिया और अनुमोदन से सम्बन्धित सभी कार्य केवल हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स (एचईडब्ल्यूपी पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, ने इस सम्बन्ध में एक पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार, सरकार ने पाया है कि फाइलों का भौतिक रूप से आदान-प्रदान न केवल विलंब का कारण बनता है बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य को भी बाधित करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं में तैनात खजाना एवं लेखा विभाग तथा स्थानीय लेखा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अब किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल प्रक्रिया को बंद करें और सभी बिल संबंधी कार्यवाही, अनुमोदन तथा कार्यों की निगरानी केवल एचईडब्ल्यूपी पोर्टल के माध्यम से ही की जाए। पत्र में कहा गया है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

कॉलेजों को चेतावनी: हरियाणा में वेबसाइट अपडेट नहीं रखने पर मिला नोटिस

हिसार  हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से अपनी वेबसाइट अपडेट नहीं रखने वाले कॉलेजों के खिलाफ सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। ऐसा नहीं करने वाले कॉलेजों के खिलाफ अब विभाग की ओर से एक्शन लिया जाएगा। सभी कॉलेजों को अपनी वेबसाइट 8 सितंबर तक अपडेट करनी होगी। शिक्षा विभाग हर कॉलेज की अपनी वेबसाइट बनवा चुका है। प्रदेश के कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण करने वाले स्टूडेंट को हर प्रकार की जानकारी के लिए कोई दिक्कत न आए, इसके चलते ऐसा किया गया है। लेकिन 9 कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक अपना डोमेन भी नहीं खरीदा है। इन्हें विभाग की ओर से नोटिस भेजा गया है। 7 दिन में खरीदना होगा डोमेन वेबसाइट डोमेन नहीं खरीदने वालों में भिवानी के 3, सोनीपत के 2, यमुनानगर, पलवल, कैथल और चरखी दादरी के 1-1 सरकारी कॉलेज शामिल हैं। विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस में इन्हें कहा गया है कि ये सभी 7 दिन में ERNET से अपना डोमेन खरीद कर निदेशालय को सूचित करें। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित कालेज की होगी। किसी भी समय हो सकता है निरीक्षण हरियाणा के जो कॉलेज अपनी वेबसाइट को अपडेट नहीं रखते हैं, उन्हें चेतावनी जारी करते हुए कहा गया है कि वेबसाइट को रैंडमली किसी भी समय चेक किया जा सकता है। अगर उस समय वेबसाइट अपडेट नहीं मिली तो कार्रवाई के लिए कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी रहेगी। वेबसाइट पर क्या होना चाहिए अपडेट वेबसाइट पर कॉलेज में संचालित किए जा रहे कोर्स से लेकर एडमिशन प्रोसेस, फीस स्ट्रेक्चर, नैक स्टेटस, लाइब्रेरी डिटेल, स्पोर्टस फैसिलिटी, कॉलेज स्टाफ की पूरी सूचना, टाइम टेबल, अकेडमिक कैलेंडर और परीक्षा की स्थिति को अपडेट रखना है। वहीं छात्रों के लिए निकलने वाले दैनिक नोटिस भी वेबसाइट पर होने चाहिए।  

मकान ढहने से भिवानी में तीन मासूमों की जान गई, प्रशासन ने दिए मुआवज़े के 12 लाख

भिवानी भिवानी के गांव कलिंगा में 2 सितंबर की रात को मकान की छत ढहने से तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान की है। शुक्रवार को डीसी साहिल गुप्ता के निर्देश पर एसडीएम महेश कुमार मृतकों के परिजनों के घर पहुंचे। इस दौरान बवानीखेड़ा के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि के प्रतिनिधि के रूप में उनके भाई राजेश कुमार भी मौजूद रहे। एसडीएम ने परिवार को हरियाणा सरकार की ओर से 12 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। हादसे में परिवार के मुखिया ओमपाल, उनकी पत्नी अनिता और पांच साल के बेटे ध्रुव गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि उनकी तीन बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। ओमपाल ने चार साल पहले अपने जर्जर मकान को छोड़कर परिवार की सुरक्षा के लिए किराए का मकान लिया था, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन भी किया था। हालांकि, बारिश के कारण किराए के मकान की छत भी ढह गई, जिससे परिवार पर भारी विपत्ति आ पड़ी। प्रशासन ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।