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मौसम विभाग ने जारी किया चेतावनी, हरियाणा के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार. हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते पिछले 15-20 दिनों से मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। बादलों की आवाजाही, हल्की वर्षा, अंधड़ और ओलावृष्टि की गतिविधियों से पूरे क्षेत्र में दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। इससे किसानों को बार-बार मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। शनिवार रात से लेकर रविवार को 11 जिलों में वर्षा और तीन जिलों में ओलावृष्टि हुई। शनिवार रात को हिसार के उकलाना व बरवाला और फतेहाबाद के टोहाना में वर्षा हुई। वहीं जींद के नरवाना, कैथल और गुरुग्राम के पटौदी क्षेत्र में हल्की वर्षा के साथ ओले गिरे। रविवार को भी हिसार, कुरुक्षेत्र, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक और यमुनानगर सहित कई जिलों में हल्की वर्ष दर्ज की गई। यह मौजूदा मौसम प्रणाली रविवार शाम तक आगे निकल जाएगी। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के बीच जिसके बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आएगी। रविवार को प्रदेश में सोनीपत का न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस सबसे कम रहा। वहीं गुरुग्राम का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस सबसे अधिक रहा। सभी जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले दो दिनों में तेज हवाओं के साथ हल्की वर्षा, बूंदाबांदी और कई स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। छह अप्रैल की रात से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके चलते दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान के आसपास चक्रवाती परिसंचरण तंत्र विकसित होगा, जिससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण 7-8 अप्रैल को फिर से मौसम बिगड़ने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं, आंधी-अंधड़, हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। नौ अप्रैल को इसका असर केवल उत्तरी जिलों तक सीमित रहेगा, जबकि 10 अप्रैल से तापमान में गिरावट के साथ हल्की ठंड का अहसास होगा। 11 जिलों में आरेंज अलर्ट जारी भारतीय मौसम विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, कैथल, रोहतक, झज्जर, सोनीपत और पानीपत में आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। इस मौसम प्रणाली का असर हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के 70 से 90 प्रतिशत क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए। मंडियों में अनाज को तिरपाल या वेयरहाउस में ढककर सुरक्षित करें और कृषि कार्य मौसम के अनुसार ही करें। तापमान (डिग्री सेल्सियस में) जिला – न्यूनतम – अधिकतम     अंबाला 19.8 – 31.7     हिसार 16.6 – 32.4     करनाल 16.3 – 32.2     सोनीपत 14.7 – 33.1     जींद 15.9 – 32.2     यमुनानगर 17.3 – 30.6     मेवात 18.7 – 31.6     पानीपत 16.8 – 31.5     गुरुग्राम 19.2 – 33.3

नाराज कर्मचारियों की हड़ताल, कुरुक्षेत्र अस्पताल में कर्चमारी के चलते इलाज प्रभावित

कुरुक्षेत्र. लोक नायक जय प्रकाश जिला नागरिक अस्पताल (एलएनजेपी) के पुरुष वार्ड में बीती रात बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अलसुबह करीब 3 बजे कौशल रोजगार निगम के माध्यम से तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामेश्वर पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया। घटना के बाद अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में रोष फैल गया और उन्होंने सुबह हड़ताल का एलान कर दिया। हड़ताल के कारण अस्पताल की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हैं। सुबह 10 बजे तक ओपीडी शुरू नहीं हो सकी और न ही मरीजों की पर्ची काटी गई। स्थिति यह है कि सुबह 8 बजे से लाइन में खड़े मरीज परेशान हो रहे हैं। पर्ची काउंटर बंद रहने के कारण इलाज ठप है। इस दौरान एक महिला कर्मचारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पीएमओ ने तीन बार लिखकर भेजा कि यहां चौकी बनाओ, तो क्यों नहीं बनाते। सिक्योरिटी के लिए दो-तीन बार पुलिस को लिखा गया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारा अग्रवाल मौके पर पहुंचीं और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। वहीं, केयूके थाना प्रभारी विशाल कुमार भी अस्पताल पहुंचे और आरोपितों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल कर्मचारी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री को मिली बम से उड़ाने की धमकी, थ्रेट मेल में धमाके और हमले की चेतावनी

चंडीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सैनी को फिर से धमकी मिली है। चंडीगड़ के स्कूलों को सोमवार सुबह मिले मेल में ये थ्रेट दिया गया। मेल में लिखा- सीएम सैनी चंडीगढ़ में रहिंदे ने, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। इसी के साथ कहा गया कि हम चंडीगढ़ और पंजाब के कई स्कूलों को सोमवार को निशाना बनाएंगे। 1 अप्रैल को चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला हुआ था। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। हाई अलर्ट जारी किया गया।  सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। धमकी वाली ईमेल में लिखा है- चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया। धमकी भरी ईमेल में ये बातें लिखीं धमकी वाली ईमेल में लिखा है- ‘चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। चंडीगढ़ में सीएम सैनी रहिंदे, जदों तक नहीं ठोकदे, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। स्कूलों में 1.11 बजे और 2.11 बजे मेयर ऑफिस में भी बम फटेगा।’ ईमेल में आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं। हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। ईमेल पर भेजने वाले ने खालिस्तान नेशनल आर्मी का पता लिखा है। इसके नीचे इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकनशाह वाला, डॉ. गुरनिरबैर सिंह और खान राजादा का नाम लिखा है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी।  

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, हरियाणा में मकान और वाहन खरीदने पर मिलेगा सरकारी लोन

चंडीगढ़. हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को अब मकान, वाहन, कंप्यूटर और विवाह के लिए ऋण लेने की खातिर बैंकों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने साढ़े नौ साल पुराने आदेश को बदलते हुए फिर से पुराना सिस्टम लागू कर दिया है। सरकारी कर्मचारियों को ऋण दिलाने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। चार नवंबर 2016 को जारी आदेशों को वापस लिया गया है, जिसके तहत हरियाणा सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले गृह ऋण, वाहन ऋण, कंप्यूटर ऋण और विवाह ऋण के संबंध में ऋण पोर्टफोलियो को पंजाब नेशनल बैंक में स्थानांतरित कर दिया गया था। अब हरियाणा सरकार की पूर्व की नीति और समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार ऋण प्रदान किए जाएंगे। डायरेक्ट लोन व्यवस्था को फिर से लागू करने से कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को मेजर हेड-7610 के अंतर्गत वार्षिक बजट प्रविधान के माध्यम से सीधे ऋण या अग्रिम राशि प्रदान करेगी। लास्ट पे सर्टिफिकेट का प्रारूप भी बदलेगा प्रदेश सरकार हरियाणा ट्रेजरी नियम के अंतर्गत निर्धारित लास्ट पे सर्टिफिकेट (एलपीएसी) के प्रारूप में भी संशोधन करने जा रही है। सरकारी कर्मचारियों से संबंधित वित्तीय अभिलेखों की प्रणाली को आधुनिक एवं अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसका उपयोग विशेष रूप से किसी सरकारी कर्मचारी का एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरण के समय होता है। लास्ट पे सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसमें कर्मचारी के वेतन, भत्तों, कटौतियों, ऋणों एवं अग्रिमों से संबंधित विस्तृत जानकारी होती है। इससे विभागों के बीच वित्तीय प्रक्रिया का सुचारू संचालन सुनिश्चित होता है। लास्ट पे सर्टिफिकेट के संशोधित प्रारूप में हालिया प्रशासनिक एवं वित्तीय सुधारों के अनुरूप कई नए प्रविधान शामिल किए गए हैं। नए प्रारूप में विशेष रूप से यूनिक कोड पेयी तथा स्थायी सेवानिवृत्ति खाता नंबर को शामिल करने का प्रविधान किया गया है, जो हाल के वर्षों में कर्मचारी के वित्तीय अभिलेखों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इसके अतिरिक्त सेवा की पूरी अवधि के सत्यापन से संबंधित एक नया कालम भी जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। संशोधित प्रारूप में कर्मचारियों से संबंधित विस्तृत जानकारी शामिल करने का भी प्रविधान किया गया है। इसके अंतर्गत कर्मचारी का पैन, मोबाइल नंबर, पे-लेवल, बेसिक पे, अलाउंस विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही इनकम टैक्स, जीपीएफ, सब्सक्रिप्शन, एडवांस और रिकवरी सहित पूरी कटौती लेने का भी प्रविधान शामिल किया गया है।

हथीन के पावसर गांव में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी, 2017 के ‘कश्मीरी’ कनेक्शन से जुड़े जासूसी के तार

पलवल पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के तार मेवात से फिर जुड़ गए हैं। नूंह, हथीन, तावड़ु और पलवल से कई बार ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। ताजा मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस और आईबी ने पाक के लिए जासूसी के शक में पलवल और मेवात से आठ युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों एजेंसियों का स्टाफ पाक जासूसी के कथित स्लीपर सेल की तलाश में जुटा है. युवकों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। गुरुवार को भी हथीन के गांव पावसर में पहुंचकर टीम ने हिरासत में लिए गए युवकों के घरों में जाकर जांच की। जांच गोपनीय ढंग से कई गई। बहीन थाना प्रभारी सुरेश कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक टीम में शामिल स्टाफ ने संबंधित युवकों की गतिविधियों की जानकारी ली। टीम के अन्य केंद्रीय एजेंसी के लोग भी शामिल रहे। 2017 से जुड़े हैं तार     सूत्रों के अनुसार, साल 2017 में एक संदिग्ध कश्मीर युवक हथीन के गांव पावसर आया था। उसने एक धर्मस्थल में शरण ली थी।     इस दौरान उसके संपर्क में स्थानीय युवक आए और धीरे-धीरे नूंह जिले के कुछ युवक भी उसके नेटवर्स में जुए गए।     बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति खुद को कश्मीरी बताता था और पावसर के अलावा मेवात के तावड़ू सहित अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रहा।     आरोप है कि वह पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था और क्षेत्र में अपना नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था। कुछ समय बाद वहां से चला गया सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध युवक कुछ समय बाद यहां से चला गया, लेकिन अपने बनाए संपर्कों के जरिए सक्रिय बना रहा। हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली सूचना के बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पावसर के चार युवकों को हिरासत में लिया, जिन्हें आगे पूछताछ के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया। अबतक कुल आठ युवकों से पूछताछ की जा चुकी है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर संदिग्धों को एजेंसियों के हवाले किया है और आगे की जानकारी संबंधित एजेंसियां ही देगी। पहले भी सामने आ चुके हैं जासूसी के मामले पिछले वर्ष 28 सितंबर को क्राइम ब्रांच ने आलीमेव निवासी तौफीक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय सूचनाएं पाकिस्तान दूतावास के एक अधिकारी तक पहुंचाने का आरोप था। उसने पाकिस्तानी की यात्रा भी की थी। इसके अलावा यूट्यूबर वसीम अकरम को भी कोट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर पाक दूतावास के कर्मचारी दानिश के संपर्क में था।  

नक्शा पास कराने में नहीं चलेगी अफसरों की मनमानी, एआई तकनीक से गुरुग्राम में आएगी पारदर्शिता

गुरुग्राम गुरुग्राम में मकान का नक्शा पास करने के लिए नगर निगम अब अपना खुद का पोर्टल बनाएगा। यह पोर्टल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस होगा। नए पोर्टल की खासियत होगी कि इसमें नक्शे और दस्तावेजों की जांच के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सभी नक्शे सख्ती के साथ हरियाणा बिल्डिंग कोड के निर्धारित नियमों के तहत ही पास किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि एआई आधारित पोर्टल के शुरू होने से पूरी प्रक्रिया आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएगी। बिल्डिंग कोड की अनदेखी पड़ेगी भारी आवेदन आते ही एआई अपने आप सिस्टम में अपलोड किए गए सभी कागजातों की छंटनी करेगा और सबमिट किए गए नक्शे की बारीकी से जांच करेगा। यदि नक्शे में हरियाणा बिल्डिंग कोड के नियमों की कोई अनदेखी की गई होगी या कोई खामी होगी, तो एआई तुरंत उसकी पहचान कर लेगा और एक रिपोर्ट बनाकर संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे देगा। फिर अधिकारी इस पर ऐक्शन लेंगे। नहीं रहेगी अधिकारियों की दखलंदाजी इस पूरी प्रक्रिया में अधिकारियों का मानवीय हस्तक्षेप न के बराबर रहेगा। एआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अधिकारी अंतिम रूप से नक्शा पास करने या उसे रद्द करने का फैसला लेंगे। गुरुग्राम के निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि निगम की तरफ से भवनों के नक्शे पास करने के लिए खुद का पोर्टल तैयार कर रहा है, जो एआई आधारित होगा। इसको लेकर टीम काम कर रही है। भारी परेशानी का करना पड़ रहा सामना गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के होब पास पोर्टल के माध्यम से ही भवनों के नक्शे पास किए जाते थे। पिछले करीब छह महीने से यह पोर्टल तकनीकी खामियों के चलते पूरी तरह से ठप पड़ा है। इस कारण अपना घर या भवन बनाने की चाह रखने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि फिलहाल मजबूरी में नगर निगम को अस्थायी तौर पर सरल पोर्टल के जरिए लोगों से नक्शा पास करने के आवेदन लेने पड़ रहे हैं। धड़ल्ले से बन रहे अवैध भवन नगर निगम के पास पूरे एक साल में नक्शा पास कराने के लिए बमुश्किल 500 के करीब ही आवेदन आते हैं। इसके विपरीत, नियमों की खुलेआम अनदेखी करके शहर में हर साल पांच हजार से ज्यादा अवैध भवनों का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है। लंबी और जटिल प्रक्रिया से बचने के लिए लोग बिना नक्शा पास कराए ही अवैध निर्माण का रास्ता चुन लेते हैं। निगम को उम्मीद है कि नए एआई आधारित पोर्टल के शुरू होने से यह पूरी प्रक्रिया इतनी आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएगी कि लोग खुद आगे नक्शा पास करवाएंगे।

हरियाणा में कर्मचारियों का दबाव बढ़ा, OPS और भत्तों को लेकर सरकार से करेंगे मांग

लुधियाना. कर्मचारियों की वित्तीय मांगों को हल करने से मना कर रही पंजाब सरकार के खिलाफ संघर्ष के अगले पड़ाव की प्लानिंग के लिए पुराने स्केल, पेंशन एंड भत्ते बहाली मोर्चे लुधियाना की एक मीटिंग सुरिंदरपाल सिंह की चेयरमैनशिप में हुई। इस मौके पर 15 फरवरी 2026 को संगरूर में स्टेट रैली के बाद 5 मार्च को चीफ मिनिस्टर के जॉइंट सेक्रेटरी और फाइनेंस डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ मीटिंग में किए गए वादों और बाकी संघर्षों का रिव्यू किया और तय किया कि कर्मचारियों की वित्तीय मांगों के प्रति पंजाब की AAP सरकार की बेरुखी का बड़े संघर्षों के जरिए मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मीटिंग में 8 मार्च को चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहे कर्मचारियों और 12 मार्च को चंडीगढ़ में टीचरों पर पुलिस टॉर्चर की भी कड़ी निंदा की गई। फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल चीमा ने विधानसभा में 'पुरानी पेंशन बहाल करने में जल्दबाजी न दिखाने' के अपने बयान के ज़रिए अपनी ही सरकार के 4 साल पहले के कागजी नोटिफिकेशन को लागू करने से साफ इनकार करने की कड़ी निंदा की और पंजाब सरकार को कर्मचारियों के संघर्ष का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी भी दी। फ्रंट के नेताओं रमनजीत सिंह संधू, अरमिंदर सिंह, वीरपाल कौर, जसविंदर सिंह ऐतियाना, कुलदीप सिंह ने कहा कि नए केंद्रीय स्केल पर आधारित 17-7-2020 का नोटिफिकेशन शुरू से रद्द किया जाए और वेतन छठे पंजाब वेतन आयोग के अनुसार +15% बढ़ोतरी तय की जाए, डॉ. सौरव शर्मा और ऐसे ही अन्य अदालती मामलों में, सेवा नियमों के अनुसार सही मायने में पंजाब वेतनमान लागू करने, समग्र शिक्षा अभियान से शिक्षा विभाग में वेतन कटौती करते हुए वर्ष 2018 से नए स्केल में रेगुलर हुए नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को पंजाब वेतनमान के सभी लाभ बहाल करने, 1-1-2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों पर लागू कॉरपोरेट नई पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को रद्द करके पुरानी पेंशन प्रणाली (ओपीएस) को बहाल करने और कर्मचारियों से काटे गए 37 प्रकार के भत्ते लागू करने की मांगों को लेकर संघर्षों को गति देने के लिए राज्य कमेटी के फैसले अनुसार 21 अप्रैल 2026 को पेंशनर भवन लुधियाना में कन्वेंशन की जाएगी। जिसमें रूरल एरिया अलाउंस, बॉर्डर एरिया अलाउंस, ACP बेनिफिट और पेंडिंग 16% महंगाई भत्ता शामिल है। कन्वेंशन के बाद पेंशनर भवन लुधियाना में एक कन्वेंशन होगा और कन्वेंशन के बाद सैकड़ों कर्मचारियों के साथ कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर की तरफ मार्च निकाला जाएगा और वित्तीय मांगें न पूरी होने पर 'चेतावनी' पत्र दिया जाएगा। लेबर डे के मौके पर 1 मई को मुख्यमंत्री निवास चंडीगढ़ में बड़ा डेप्युटेशन के रूप में पहुंच कर 17 मई को राज्य रैली और विरोध मार्च का नोटिस देने और मांग पत्र देने और 17 मई को चंडीगढ़ रैली में लुधियाना जिले से सैकड़ों कर्मचारी शामिल होंगे। इस मौके पर रूपिंदर पाल सिंह गिल, हरप्रीत सिंह, राजवंत कौर, सुखविंदर सिंह लील, अवतार सिंह खालसा, कुलदीप सिंह, लखवीर सिंह, रोहित कंबोज, सुखचैन सिंह वालिया आदि भी मौजूद थे।

जाम और धूल से मिलेगी निजात,स्मार्ट सिग्नल और मल्टी-यूटिलिटी कॉरिडोर से लैस होंगी फरीदाबाद की सड़कें

फरीदाबाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की तरफ से एनआईटी की साढे़ सात किलोमीटर लंबी सड़कों को मॉडल सड़कों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन, पैदल यात्रियों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, जिससे लोगों को जाम से निजात मिलने के साथ जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है। इस योजना पर लगभग 67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये सड़कें बनाई जाएंगी मॉडल रोड एनआईटी क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें फिलहाल जर्जर हालत में हैं। कई जगह गड्ढे, टूटी परत और उखड़ी सतह के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। धूल उड़ने से प्रदूषण भी बढ़ रहा है। अव्यवस्थित पार्किंग और फुटपाथों की कमी से जाम की स्थिति बनी रहती है। बारिश के दौरान पानी भरने से हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। इसे देखते हुए एफएमडीए ने व्यापार मंडल से टिकाना पार्क, टिकाना पार्क से ईएसआई चौक, ईएसआई से चिमनी बाई चौक, चिमनी बाई से मुल्ला होटल, चिमनी बाई से एसबीएस चौक, एसीपी ऑफिस से बीके चौक और बीके से हार्डवेयर चौक तक की सड़कों को मॉडल सड़क बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत इन सड़कों को न केवल चौड़ा किया जाएगा, बल्कि इन्हें पूरी तरह स्मार्ट सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पैदल राहगीरों को तरजीह अक्सर देखा जाता है कि मुख्य सड़कों पर पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए कोई जगह नहीं बचती, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा हमेशा बना रहता है। इस मॉडल रोड के डिजाइन में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। स्मार्ट सिग्नलिंग होगी व्यस्त चौराहों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए आधुनिक सिग्नल को शामिल किया गया है। यह स्मार्ट सिस्टम ट्रैफिक के दबाव को भांपकर सिग्नल की टाइमिंग को खुद समायोजित करेगा। ये सुविधाएं मिलेंगी योजना के तहत इन सड़कों पर मल्टी-यूटिलिटी जोन बनाए जाएंगे, जहां बिजली, पानी, गैस, टेलीकॉम और अन्य सेवाओं की लाइनें सुव्यवस्थित तरीके से एक ही कॉरिडोर में डाली जाएंगी। इससे बार-बार सड़क खोदने की समस्या खत्म होगी और रखरखाव आसान होगा। पैदल यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए चौड़े और सुरक्षित फुटपाथ बनाए जाएंगे। आठ महीने का लक्ष्य एफएमडीए ने योजना पूरी करने के लिए 18 महीने की डेडलाइन तय की है। पहले चरण में सड़कों के बुनियादी ढांचे, मजबूतीकरण और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने पर जोर रहेगा, ताकि जलभराव की समस्या जड़ से खत्म हो।

हांसी जिला मुख्यालय में नया बस अड्डा, सुविधा और ट्रैफिक सुधार पर फोकस

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार द्वारा हांसी को नया जिला बनाए जाने के बाद अब क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और यातायात सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए गए हैं। इसी कड़ी में हांसी में एक आधुनिक बस अड्डा बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। वर्तमान में हांसी में लगभग 6 एकड़ भूमि पर सब-डिपो संचालित हो रहा है, जहां से सीमित बस सेवाएं चलाई जाती हैं। लेकिन जिला बनने के बाद यात्रियों की संख्या और परिवहन की मांग में संभावित वृद्धि को देखते हुए बड़े बस अड्डे की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नए बस अड्डे के लिए 8 से 10 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इस बस अड्डे से भविष्य में 100 से अधिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों और अन्य जिलों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा। परिवहन विभाग के निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को हांसी बाईपास के आसपास उपयुक्त भूमि की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों द्वारा जमीन की तलाश का काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही स्थान को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। नए बस अड्डे के निर्माण से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि शहर में ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। साथ ही, यह परियोजना हांसी के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मौत का बुलाव,नौकरी के लालच में रूसी सेना में जबरन भर्ती हुआ था हरियाणा का लाल, आखिरी कॉल में मांगी थी जान की भीख

फतेहाबाद हरियाणा के फतेहाबाद जिले के कुम्हारिया गांव में मातम छाया हुआ है। 23 साल के अंकित जांगड़ा की अस्थियां और अवशेष शनिवार को जब उसके गांव पहुंचे, तो न केवल एक परिवार का सपना टूटा, बल्कि उन सैकड़ों भारतीय युवाओं की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान लग गया जो बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाकर युद्ध की आग में फंस गए हैं। अंकित ने आखिरी बार कहा था, "हमें बचा लीजिए… हमारी जान किसी भी पल खतरे में पड़ सकती है।" 'द ट्रिब्यून' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 सितंबर 2025 को अंकित जांगड़ा ने अपनी जान की भीख मांगी थी। वह रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी इलाके में फंसा हुआ था। उस कॉल के 24 घंटे के भीतर उससे संपर्क टूट गया। महीनों के इंतजार और प्रार्थनाओं के बाद, शुक्रवार को उसके परिवार को वह खबर मिली जिससे वे सबसे ज्यादा डरते थे। अंकित अब इस दुनिया में नहीं रहा। कैसे शुरू हुआ यह 'मौत का सफर'? अंकित जांगड़ा फरवरी 2025 में स्टडी वीजा पर मॉस्को गया था। वहां उसने एक कॉलेज में लैंग्वेज कोर्स में दाखिला लिया और अपना खर्च चलाने के लिए एक रेस्टोरेंट में पार्ट-टाइम काम करना शुरू किया। अंकित और उसके दोस्त विजय पूनिया को एक महिला एजेंट ने ऊंचे वेतन वाली नौकरियों का लालच दिया। पढ़ाई और छोटी नौकरियों के बहाने गए इन युवाओं को धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया। अंकित के साथ हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लगभग 15 अन्य युवक भी थे। वापसी का रास्ता सिर्फ मौत अंकित ने अपनी आखिरी बातचीत में जो खुलासे किए, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। उसने बताया कि उन्हें रूस से करीब 200-300 किमी दूर कब्जे वाले क्षेत्र सेलिडोव में रखा गया था। उन्हें 15 दिन की ट्रेनिंग के बाद 20 लाख रुपये और 1.5-2 लाख रुपये मासिक वेतन का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें कभी वहां से जाने नहीं दिया गया। ये युवा ब्रेड और जैम पर जिंदा थे। अंकित ने बताया था कि उनके समूह के 5 साथियों की पहले ही मौत हो चुकी थी। बंदूक की नोक पर भर्ती जब इन युवाओं ने वापस घर जाने की जिद की, तो रूसी अधिकारियों ने उन पर बंदूकें तान दीं। अधिकारियों का कहना था, "या तो यहां मरोगे या दुश्मन को मारोगे, वापस जाने का कोई रास्ता नहीं है।" परिवार की अंतहीन गुहार अंकित के बड़े भाई रघुवीर जांगड़ा और पूरे परिवार ने अपने बेटे को बचाने के लिए हर दरवाजा खटखटाया। परिवार ने दिल्ली और चंडीगढ़ के अधिकारियों, रूसी दूतावास, विदेश मंत्रालय (MEA) और रक्षा मंत्रालय से बार-बार गुहार लगाई। सिरसा सांसद कुमारी शैलजा और रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी विदेश मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद, अंकित को जिंदा वापस नहीं लाया जा सका। अब परिवार की सबसे बड़ी चिंता अंकित के दोस्त विजय पूनिया को लेकर है, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। रूस में जबरन भर्ती का पैटर्न अंकित की कहानी कोई इकलौती घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां भारतीय युवाओं को हेल्पर या मल्टी-टास्किंग स्टाफ के नाम पर रूस बुलाया गया और फिर उन्हें अग्रिम मोर्चे पर लड़ने के लिए मजबूर किया गया। भारत में सक्रिय कई संदिग्ध एजेंट सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे हैं। भारत सरकार ने रूस से कई बार अनुरोध किया है कि धोखे से भर्ती किए गए भारतीयों को कार्यमुक्त किया जाए, लेकिन युद्ध की भीषणता के बीच यह प्रक्रिया बेहद जटिल और धीमी साबित हो रही है। गांव में पसरा सन्नाटा शनिवार को जब अंकित का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचा और फिर उसके गांव कुम्हारिया ले जाया गया, तो वहां का माहौल हृदयविदारक था। गांव वाले आक्रोशित हैं और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनके कई सवाल हैं। उस महिला एजेंट पर कार्रवाई कब होगी जिसने इन युवाओं को मौत के मुंह में धकेला? विजय पूनिया कहां है? क्या सरकार अन्य लापता युवाओं को सुरक्षित वापस लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी?