samacharsecretary.com

CM नायब सैनी ने होला मोहल्ला में की शिरकत, कहा- वीरता और आध्यात्मिकता से मिलती है जीवन की दिशा

सिरसा सीएम नायब सैनी ने नामधारी समाज के इतिहास की सराहना करते हुए कहा, "नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान की ऐसी गाथा है, जिस पर न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश को गर्व है। उन नामधारी वीर शहीदों को नमन, जिन्होंने तोप के गोलों के सामने हंसते-हंसते कुर्बानी दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज सिरसा जिले में आयोजित होला मोहल्ला के समापन समारोह में शिरकत की। मुख्य रूप से मस्तानगढ़ या जीवन नगर क्षेत्र में नामधारी समाज द्वारा आयोजित इस गौरवशाली पर्व में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह कार्यक्रम हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, वीरता और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। होला मोहल्ला केवल रंगों का त्यौहार नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संकल्प और पुरुषार्थ का प्रतीक है। जीवन में आध्यात्मिकता और वीरता का संतुलन आवश्यक है, और ऐसा होला मोहल्ला हमें सीख देता है।"  उन्होंने नामधारी समाज के इतिहास की सराहना करते हुए कहा, "नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान की ऐसी गाथा है, जिस पर न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश को गर्व है। उन नामधारी वीर शहीदों को नमन, जिन्होंने तोप के गोलों के सामने हंसते-हंसते कुर्बानी दी।"मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हरियाणा सरकार हर सामाजिक और धार्मिक प्रयास में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।" इस अवसर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की भी प्रदेशवासियों को बधाई दी और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।होला मोहल्ला सिख परंपरा में गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा शुरू किया गया पर्व है, जिसमें निशानेबाजी, घुड़सवारी, मार्शल आर्ट्स और धार्मिक उत्साह दिखाया जाता है। नामधारी समुदाय द्वारा मस्तानगढ़ जैसे स्थानों पर बड़े स्तर पर मनाया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। 

Women’s Day 2026: हरियाणा की महिलाओं को बड़ा मौका, इस विभाग में बढ़ेगी हिस्सेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य पुलिस बल में महिलाओं के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यह व्यवस्था जल्द होने वाली नई भर्तियों में लागू की जाएगी। महिलाओं के सशक्तिकरण में हरियाणा देश में एक मिसाल के तौर पर बनने जा रहा है। हरियाणा ने अपने विजन डॉक्यूमेंट 2047 में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक स्थिति में सुधार के लिए कई लक्ष्य तय किए हैं ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य सरकार ने महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को 19 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में यह भागीदारी केवल 19 फीसदी है, जो एक बहुत ही कम आंकड़ा है। इस लक्ष्य के जरिए सरकार न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने का इरादा रखती है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम बढ़ा रही है।  समृद्ध हरियाणा के लिए महिलाओं का साक्षर होना सबसे जरूरी है। इस दिशा में भी हरियाणा सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है। हरियाणा सरकार ने महिलाओं की साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए भी एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य की वर्तमान महिला साक्षरता दर 65.94 फीसदी है, जिसे बढ़ाकर 90 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल महिलाओं के ज्ञान का स्तर बढ़ेगा, बल्कि उनकी समाज में स्थिति भी बेहतर होगी। शिक्षा के माध्यम से महिलाएं अपने जीवन को सशक्त बना सकेंगी और समाज में अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकेंगी। हर विभाग महिलाओं के लिए अलग से तैयार करेगा बजट यह देश में पहली बार होगा कि कोई प्रदेश महिलाओं के लिए हर विभाग में अलग से बजट से तैयार करें। हरियाणा सरकार ने अगली वित्तीय वर्ष से अपने बजट को जेंडर-बेस्ड बनाने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि सभी विभागों को अपने बजट का एक निश्चित हिस्सा महिलाओं के कल्याण के लिए आरक्षित करना होगा। यह कदम महिलाओं के लिए बेहतर योजनाएं और संसाधन उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त करेगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी सरकारी योजनाएं और कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं। इसके साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य का लक्ष्य है कि महिलाओं की औसत आयु को 75 साल से बढ़ाकर 80 साल किया जाए। इसके लिए सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेगी। महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने से न केवल उनकी जीवनशैली में सुधार होगा, बल्कि समाज में उनके योगदान को भी बेहतर तरीके से सराहा जाएगा। महिलाओं के स्टार्टअप से बदली तस्वीर हरियाणा में बीते चार वर्षों के दौरान महिला उद्यमिता ने नई रफ्तार पकड़ी है। राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और अब आधे से अधिक स्टार्टअप महिला नेतृत्व में संचालित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को आने वाले समय में 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। प्रदेश में इस समय 9,100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी कंपनियों की है, जिन्हें महिलाओं ने शुरू किया है या जिनका संचालन महिलाओं के हाथ में है। कृषि-टेक, सूचना प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में महिला उद्यमियों की सक्रियता ने रोजगार और नवाचार को नई दिशा दी है। महिला उद्यमी के लिए ये योजनाएं चल रही हैं महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा स्टार्टअप इन्क्यूबेटर और आईटी पार्कों में महिला संस्थापकों को किराए पर 45 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे शुरुआती लागत का बोझ कम हो सके। सरकार की ओर से मेंटॉरशिप, तकनीकी सहायता और फंडिंग सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि नए उद्यम तेजी से विकसित हो सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से महिला उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे निकलकर टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार में भी कदम रख रही हैं। पुलिस में महिलाओं की बढ़ेगी हिस्सेदारी हरियाणा सरकार ने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य पुलिस बल में महिलाओं के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यह व्यवस्था जल्द होने वाली नई भर्तियों में लागू की जाएगी, जिसके लिए सरकार शीघ्र ही आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है। सरकार पुलिस विभाग में करीब 6,000 पदों पर भर्ती करने जा रही है। इन भर्तियों में कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल होंगे। नए नियम के तहत लगभग 1,250 पद विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे, जिससे पुलिस बल में उनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ने से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों के निपटारे में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी। महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य में ढांचे का विस्तार भी किया जा रहा है। प्रदेश में 7 नए महिला पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में हरियाणा में 33 महिला पुलिस थाने कार्यरत हैं, जहां महिलाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाती है।  

हरियाणा सरकार सख्त: शिकायतें लंबित रखने पर रोक, PPP मामलों पर स्टेट स्तर से नजर

रेवाड़ी अधिकारी अब परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) की शिकायतों को अधिक समय तक पेडिंग नहीं रख सकेंगे। सरकार ने पेंडेंसी खत्म करने के लिए कॉर्डिनेटर सतीश खोला को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी हैं। जिसकी रिपोर्ट सीधे मुख्यमत्री को होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री के चीफ सेक्रेटरी अरूण गुप्ता ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को आदेश जारी किया है। जिसमें पेडिंग शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में समाधान करने के लिए एडीसी और सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश देने के लिए कहा गया है। सभी की जिम्मेदारी होगी फिक्स नई व्यवस्था में सरकार ने शिकायतकर्ता से चंडीगढ़ सचिवालय में बैठे सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी फिक्स की है। अब अधिकारियों को न केवल पेंडिंग शिकायतों का समय पर समाधान करना होगा, बल्कि स्टेट कॉर्डिनेटर के साथ तालमेल भी बनाकर रखना होगा। जिसकी समय-समय पर कॉर्डिनेटर सतीश खोला द्वारा भेजी जानी वाली रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा भी की जाएगी। अब यदि कोई शिकायतकर्ता आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाता है तो उससे भी जवाब तलबी की जाएगी। जन्म तिथि की पेंडिंग शिकायतें अधिक परिवार पहचान पत्र की शिकायतों के समाधान के लिए फिलहाल सात दिन का समय निर्धारित है। जवाबदेही तय नहीं होने के कारण समय पर शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता था। सबसे अधिक पेडेंसी जन्म तिथि की शिकायतों में है। जिनमें मुख्यमंत्री का जिला कुरुक्षेत्र भी प्रदेश के टॉप पांच जिलो में शुमार है। इसके अलावा वाहनों, शिक्षा की शिकायतों में भी पेडिंग देखी जा सकती है। सूत्रों की माने तो प्रदेश में जन्मतिथि की 42 हजार, व्हीकल की 6 हजार, शिक्षा की तीन हजार, शादी की 900 और विभिन्न मटरियल की 7 हजार से अधिक शिकायतें पेडिंग हैं। हिसार, करनाल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, नूंह और भिवानी में शिकायतों की पेडिंग सबसे अधिक है। यह भी पेंडेंसी का बड़ा कारण अभी तक एक व्यक्ति अपनी शिकायत अलग अलग जगह दर्ज करवा देता था। मॉनटरिंग की नई व्यवस्था से मल्टीपल शिकायतों के कारण होने वाली पेडेंसी कम होगी। नई व्यवस्था में क्रिड विभाग, एडीसी कार्यालय (नोडल अधिकारी), तकनीकी विभाग का आपसी तालमेल मजबूत होगा। अब तक जिला स्तर व चंडीगढ़ में बैठे क्रिड अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल के अभाव में शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था में हर स्तर पर मॉनटरिंग की व्यवस्था की गई है। सतीश खोला ने की पत्र की पुष्टि PPP के स्टेट कॉडिनेटर सतीश खोला ने कहा कि मुख्यमंत्री के चीफ सेक्रेटरी ने 5 मार्च को सभी जिला उपायुक्तों को आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रयास है कि परिवार पहचान पत्र को लेकर आने वाली शिकायतों का निर्धारित समय में समाधान हो। इसके लिए अब हर स्तर पर मॉनटरिंग सिस्टम को मजबूत बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने नई व्यवस्था में अधिकारियों के साथ शिकायतकर्ता की भी जवाबदेही तय की है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से शिकायतों की पेंडेंसी में कमी आएगी।

महिला आयोग की चेतावनी के बाद बादशाह के ‘टटीरी’ गाने पर बढ़ा विवाद

हरियाणा हरियाणा की राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने रैपर-सिंगर बादशाह और उनके नए गाने को लेकर हुए विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सिंगर का काम माफी के लायक नहीं है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला। माफी के लायक नहीं काम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया उर्फ बादशाह हाल ही में गाना 'टटीरी' को लेकर विवादों में आ गए। लोगों ने इसके लिरिक्स पर आपत्ति जताई। इस पर बादशाह ने माफी मांगी है। इस बीच मीडिया से बात करते हुए भाटिया ने कहा 'बादशाह ने जो किया है वह माफ करने लायक नहीं है। हरियाणा की बेटियों का इस तरह अपमान करना और उनके खिलाफ ऐसी गंदी भाषा का इस्तेमाल करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमने उन्हें 13 मार्च को बुलाया है। उन्हें पेश होना चाहिए। अगर वह इससे बचते रहे, तो हम उन्हें काम नहीं करने देंगे।' बादशाह ने मांगी माफी शनिवार को बादशाह ने एक वीडियो में अपने काम को लेकर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था 'मैं खुद हरियाणा से हूं। जो लोग मुझे जानते हैं, वो जानते हैं कि मेरी बोली, मेरा खान-पान, मेरा रहना-सहना, मेरी पहचान हरियाणा से है। मैं एक हरियाणवी हूं। मेरा कभी ऐसा कोई इरादा नहीं था कि मैं हरियाणा के किसी बच्चे, किसी महिला के बारे में ऐसी बात कहूं। मुझे उम्मीद है कि आप मुझे हरियाणा का बेटा, अपना बेटा समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे।' गिरफ्तार के लिए हो रही छापेमारी इस बीच, बादशाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें सिंगर-रैपर को पुलिस के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। टीमें उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने एक ट्वीट में इसकी पुष्टि की। गाने पर आपत्ति इससे पहले बादशाह के गाने के कुछ बोल और वीडियो में दिखाई गई कुछ तस्वीरों को लेकर आपत्ति जताई गई थी। शिकायत करने वाले लोगों का कहना है कि गाने में इस्तेमाल की गई शब्दावली आपत्तिजनक है। उनका मानना है कि इससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। उन्होंने महिला आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग की।

राज्यसभा उम्मीदवारों की संपत्ति का खुलासा: नांदल ₹73.74 करोड़ के मालिक, कांग्रेस के बौद्ध ₹2 करोड़

हरियाणा  हरियाणा में इन दिनों राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरी सियासत गरमाई है। 2 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनावों में तीन उम्मीदवारों की प्रॉपर्टी को लेकर चर्चा हो रही है। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (BJP समर्थित) सबसे अमीर हैं।  सबसे अहम बात यह है कि पूर्व लोकसभा सांसद बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया के नाम कुछ भी नहीं है। हां उन्होंने चुनाव में अपनी चल संपत्ति 78 लाख रुपए के करीब दर्शाई है। सतीश नांदल कांग्रेस विधायकों के क्रॉस-वोटिंग पर भरोसा कर रहे 63 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पास 45.19 करोड़ रुपए की चल संपत्ति है, जिसमें एक रिवॉल्वर और 950 ग्राम सोना शामिल है। नांदल के पास आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियों सहित 28.54 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उनकी कुल संपत्ति 73.74 करोड़ रुपए की है। ये संपत्तियां पंजाब, दिल्ली और रोहतक में स्थित हैं। परिवार के पास रोहतक में 5 करोड़ रुपए की एक आवासीय संपत्ति, रोहतक में ही 2.17 करोड़ रुपए की दो व्यावसायिक संपत्तियां और दिल्ली में 5 करोड़ रुपए की एक अन्य व्यावसायिक संपत्ति है। उन पर 9.70 करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्हें शिवालया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड में परियोजना प्रभारी के रूप में पारिश्रमिक और किराए से आय प्राप्त होती है। उन्होंने रोहतक के एक संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा किया है। करमवीर सिंह बौद्ध कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध की कुल संपत्ति 1.98 करोड़ रुपए है, जिसमें 65 लाख रुपए की चल संपत्ति, एक कोरोला अल्टिस, एक बोलेरो, 200 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम चांदी शामिल है, जबकि उनकी निजी संपत्ति का मूल्य 1.33 करोड़ रुपए है। वे सिविल सचिवालय से अधीक्षक पद से रिटायर हुए हैं और उनकी पत्नी हरियाणा श्रम विभाग में उप अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। पेंशन और मकान किराया उनकी आय के स्रोत हैं। उन्होंने इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है। संजय भाटिया भाजपा उम्मीदवार और पूर्व सांसद संजय भाटिया के नाम पर न तो कोई संपत्ति है और न ही उनकी पत्नी के नाम पर। उनकी चल संपत्ति 84.73 लाख रुपए है, जिसमें 48 लाख रुपए के आभूषण शामिल हैं। वे दो निजी कंपनियों में निदेशक हैं और कृषि से आय तथा पेंशन भी प्राप्त करते हैं। उन्होंने पानीपत के एक कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की है। भाटिया की जीत पक्की, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर राज्यसभा में दो सीटें हैं और सदन में 90 विधायक हैं, इसलिए किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होगी। भाजपा के संजय भाटिया आसानी से जीत जाएंगे, क्योंकि पार्टी के पास 48 सीटें हैं। दूसरी सीट के लिए कड़ी टक्कर होगी। विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं। बौध की जीत के लिए कांग्रेस को 31 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता थी। हालांकि, नांदल कांग्रेस के क्रॉस वोट पर निर्भर हैं। उन्हें भाजपा का भी समर्थन प्राप्त है। राज्यसभा चुनाव में ओपन वोटिंग होती है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने पर किसी विधायक को विधानसभा से अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता।

हरियाणा के जींद में दर्दनाक हादसा: रंग-गुलाल फैक्ट्री में आग से 5 महिला मजदूरों की मौत

चंडीगढ़ हरियाणा के जींद के सफीदों में शनिवार दोपहर होली के रंग और गुलाल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में अब तक पांच महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें गंभीर हालत में कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर किया गया है। ऐसे में मरने वालों की तादाद बढ़ भी सकती है। अभी तक शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि हादसे की जांच अभी चल रही है। जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला सफीदों की भाट कॉलोनी में होली के रंग और गुलाल बनाने की फैक्ट्री है। यहां रोजाना की तरह लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे। तभी अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई। चारों ओर धुएं और आग की लपटें उठने के कारण मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोगों ने धुआं उठता देख बचाव कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के मेन गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। इस वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और आग में फंस गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा, जिसके बाद कुछ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गई। दो महिला मजदूरों की झुलसने से मौके पर ही मौत हो चुकी थी। फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों को सफीदों और नागरिक अस्पताल जींद लाया गया। कई लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां तीन और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। इनकी गई जान जिन पांच महिलाओं की मौत हुई है, उनमें सफीदों के वार्ड नंबर 13 की रहने वाली पूजा, आदर्श कालोनी सफीदों की उषा, सिंघपुरा वासी पिंकी और सफीदों वासी गुडडी शामिल हैं। फिलहाल एक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। 20 से ज्यादा मजदूर सफीदों, पानीपत और जींद के अस्पतालों में भर्ती हैं, जिन में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने सफीदों में सड़क जाम करने की धमकी दी थी। इसके बाद डीसी और एसपी ने मृतक के परिजनों को उचित कार्रवाई व मुआवजे का आश्वासन देकर शांत किया। हरियाणा के जींद के सफीदों में शनिवार दोपहर होली के रंग और गुलाल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में अब तक पांच महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें गंभीर हालत में कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर किया गया है। ऐसे में मरने वालों की तादाद बढ़ भी सकती है। अभी तक शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि हादसे की जांच अभी चल रही है। जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला सफीदों की भाट कॉलोनी में होली के रंग और गुलाल बनाने की फैक्ट्री है। यहां रोजाना की तरह लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे। तभी अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई। चारों ओर धुएं और आग की लपटें उठने के कारण मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोगों ने धुआं उठता देख बचाव कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के मेन गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। इस वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और आग में फंस गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा, जिसके बाद कुछ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गई। दो महिला मजदूरों की झुलसने से मौके पर ही मौत हो चुकी थी। फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों को सफीदों और नागरिक अस्पताल जींद लाया गया। कई लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां तीन और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। इनकी गई जान जिन पांच महिलाओं की मौत हुई है, उनमें सफीदों के वार्ड नंबर 13 की रहने वाली पूजा, आदर्श कालोनी सफीदों की उषा, सिंघपुरा वासी पिंकी और सफीदों वासी गुडडी शामिल हैं। फिलहाल एक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। 20 से ज्यादा मजदूर सफीदों, पानीपत और जींद के अस्पतालों में भर्ती हैं, जिन में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने सफीदों में सड़क जाम करने की धमकी दी थी। इसके बाद डीसी और एसपी ने मृतक के परिजनों को उचित कार्रवाई व मुआवजे का आश्वासन देकर शांत किया।

रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस में गुरमीत राम रहीम को राहत, हाईकोर्ट ने दी बरी

चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी कर दिया। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की पीठ ने शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा 2019 में दी गई आजीवन कारावास की सजा के फैसले को पलट दिया। दरअसल, रामचंद्र छत्रपति मामले में 11 जनवरी 2019 को डेरा प्रमुख को दोषी करार दिया था और 17 जनवरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। डेरा प्रमुख और अन्य सह आरोपियों ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट का यह निर्णय प्रस्तुत साक्ष्यों की विस्तृत जांच के कुछ सप्ताह बाद आया है। हालांकि, बेंच ने मामले में दो अन्य आरोपियों द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया और उनके खिलाफ दिए गए फैसले को बरकरार रखा। इस मामले की जांच उन गोलियों को लेकर उठे विवाद के कारण शुरू हुई, जिनका कथित तौर पर अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया था। अदालत द्वारा रिकॉर्ड में दर्ज सामग्री की समीक्षा के दौरान ये गोलियां एक अहम मुद्दा बन गईं। हालांकि हत्या के मामले में बरी होने के बावजूद राम रहीम जेल में ही रहेंगे क्योंकि वे वर्तमान में बलात्कार मामले में सजा काट रहे हैं। 2019 में विशेष अदालत ने पत्रकार छत्रपति की हत्या के मामले में राम रहीम और तीन अन्य को दोषी ठहराया था। फैसला सुनाए जाने से 16 साल से भी अधिक समय पहले यह हत्या घटी थी। अपराध और दोषसिद्धि के बीच लंबे अंतराल के कारण इसने व्यापक ध्यान आकर्षित किया था। राम रहीम 2017 में बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से भी सुर्खियों में रहे हैं। इस दौरान वह कई बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आया, जिस पर काफी हो हल्ला भी हुआ। अधिकांश रिहाई के दौरान वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित डेरा सच्चा सौदा के आश्रम में रहा। सिरसा में मुख्यालय वाले डेरा सच्चा सौदा संगठन के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य क्षेत्रों सहित कई उत्तरी राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं।

हरियाणा में फिर शुरू होगी रोडवेज बसों की ऑनलाइन बुकिंग

करनाल. प्रदेश में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा रोडवेज की बसों में एक बार फिर ऑनलाइन सीट बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। करीब पांच साल पहले बंद हुई यह व्यवस्था अब दोबारा लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके लागू होने के बाद यात्री घर बैठे ही अपनी मनपसंद सीट का चयन कर सकेंगे और बसों में सफर करना पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा। यह सुविधा मुख्य रूप से लंबे रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों के लिए शुरू की जाएगी। यात्री विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी यात्रा की तारीख, रूट और सीट नंबर का चयन कर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे बस अड्डों पर लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी और यात्रियों को पहले से यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी। यह सुविधा कोरोना से पहले रोडवेज बसों में ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से इसे बंद कर दिया था। अब विभाग द्वारा इसे फिर से शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अगर करनाल डिपो की बात करें तो यहां वर्तमान में करीब 139 रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं, जिनमें से 50 के करीब बसें प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के विभिन्न रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने से इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यदि किसी कारणवश बुक की बस अपने निर्धारित रूट पर नहीं जा पाती है तो रोडवेज विभाग यात्रियों को करीब पांच घंटे पहले ही इसकी सूचना संबंधित वेबसाइट पर दे देगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यहां चलाई थी डेमो के लिए बुकिंग प्रक्रिया हरियाणा रोडवेज की ओर से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदेशभर में चलाने के लिए चंडीगढ़ व यमुनानगर डिपो पर डेमो के लिए चलाई गई थी, जोकि यहां पर सफल रही है, अब यह प्रदेशभर में चलने की तैयारी है। लंबे रूट पर चलने वाली बसों का समय स्थान- पहली बार चलने का समय जम्मू के लिए 7 बजे सुबह बैजनाथ के लिए 5 बजे शाम को शिमला के लिए 5 बजकर 40 पर सुबह को चंडीगढ़ के लिए 5 बजकर 20 मिनट सुबह, 10 बजकर 20 मिनट सुबह, 6 बजकर 40 मिनट शाम, सिरसा के लिए 5 बजकर 10 मिनट पर सुबह हरिद्वार के लिए 6 बजकर 20 मिनट पर सुबह दिल्ली के लिए 5 बजकर 20 मिनट पर सुबह। यमुनानगर के लिए 6 बजे सुबह हिसार के लिए 5 बजकर 20 मिनट सुबह। ऑनलाइन प्रक्रिया नियमानुसार होगी शुरू रोडवेज करनाल के जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि कोरोना से पहले ऑनलाइन बस बुकिंग की सुविधा थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यह बंद हो गई थी। अब जब भी पुन: ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी तो पूरी तैयारियां करके नियमानुसार ही शुरू होंगी।

बादशाह के ‘टटिहरी’ सॉन्ग पर विवाद, हरियाणा महिला आयोग ने तलब कर मांगा स्पष्टीकरण

पंचकुला "गेंदा फूल' और 'वेलवेट फ्लो' के बाद पंजाबी सिंगर बादशाह का नया गाना ‘टटिहरी’ विवादों में घिर चुका है। हरियाणा महिला आयोग ने गायक बादशाह को समन जारी किया है। गाने में लड़कियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। इस मामले में हरियाणा महिला आयोग ने गायक बादशाह को समन जारी किया है और विवादित गाने पर स्पष्टीकरण मांगा है। ‘टटिहरी’ सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था, जिसमें लड़कियों को हरियाणा के लोक संगीत पर सरकारी स्कूल की ड्रेस पहनकर डांस करते हुए देखा गया। गाने में लड़कियां किताबों से भरे बैग को फेंकती दिखती हैं। इसके अलावा, गाने में लड़कियों के लिए कुछ ऐसे अमर्यादित बोल का इस्तेमाल किया गया है, जिनका रिलीज के साथ ही कड़ा विरोध हो रहा है। बादशाह को भेजे नोटिस में हवाला दिया गया है कि हरियाणा की बेटियों को लेकर कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। महिला आयोग ने स्पष्टीकरण देने के लिए सिंगर व रैपर बादशाह को तलब किया है। इससे पहले अखिल भारतीय सहारण खाप ने भी गाने के रिलीज पर आपत्ति जताई थी। खाप की तरफ से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को गाने के विरोध में पत्र लिखकर अवगत कराया गया था। पत्र में जिक्र किया गया कि गाने में बहुत अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जो समाज के लिए घातक है। गाने में लड़कियों के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल हुआ है, वो भी निंदनीय हैं। यह गाना हरियाणा की सांस्कृतिक छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। अखिल भारतीय सहारण खाप के अलावा, रोहतक के वकील राजनारायण पंघाल ने भी गाने को लेकर बाल विकास मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल इस पूरे विवाद पर सिंगर और सिंगर की टीम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे पहले भी बादशाह के कई गाने विवादों में रहे हैं। उनके गेंदा फूल गाने पर भी लिरिक्स कॉपी और क्रेडिट न देने को लेकर विवाद हुआ था, क्योंकि गाने में तो बंगाली लाइनों का इस्तेमाल हुआ थ और वे बंगाली सिंगर के गाने से ली गई थीं।

हरियाणा: बीजेपी नेता के बेटे एकांश ढुल बने यूपीएससी के थर्ड टॉपर, पिछली बार मिला था 295वां रैंक

चंडीगढ़  यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएसई) की तरफ से सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है. हरियाणा के भाजपा नेता के बेटे एकांश ढुल का देश भर में तीसरा रैंक हासिल किया है।जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ढुल पहले भी दो बार यूपीएससी में चयनित हो चुके हैं और लगातार उन्होंने तीसरी बार चयन हुआ है। पंचकूला के सेक्टर-12 के रहने वाले भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ने पिछली बार 2025 में यूपीएएसपी एग्जाम में 295वीं रैंक हासिल की है. वहीं, 2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है।  2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है। गौर रहे कि एकांश ढुल ने चंडीगढ़ के भवन विद्यालय सेक्टर-27 से 10वीं और सेंट कबीर स्कूल सेक्टर-26 से 12वीं की पढ़ाई की थी और फिर इसके बाद श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दिल्ली से बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की है और दिल्ली में कोचिंग भी ली थी. वह लगातार यूपीएएसी का एग्जाम दे रहे थे और थर्ड टॉपर बने हैं. उधऱ, सीएम नायब सिंह सैनी ने एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल को फोन पर बधाई दी. इस दौरान सीएम ने एकांश ढुल की मां से भी फोन पर बात की और कहा कि वह घर आकर बेटे को बधाई दें. एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल ने सीएम से कहा कि आपके भतीजे ने हरियाणा का नाम रौशन किया है. आपकी सरकार ने बिना खर्ची और पर्ची के बिना नौकरियां मिल रही हैं। कौन हैं एकांश के पिता कृष्ण ढुल गौरतलब है कि कांश के पिता कृष्ण ढुल भाजपा के वरिष्ठ नेता है और माता निर्मल ढुल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सेक्टर-19 पंचकूला में बतौर प्रिंसिपल हैं. कृष्ण ढुल हरियाणा राज्य चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पूर्व जनरल सेक्रेटरी भी रहे हैं और अभी भाजपा प्रवक्ता हैं. इसके अलावा, हरियाणा आर्चरी एसोशिएसन के अध्यक्ष भी हैं।